Wednesday, July 8, 2026
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मिनिमम बैलेंस मेंटेन करने के नाम पर बैंकों ने कमाए 10 हजार करोड़ रुपए

नई दिल्ली। रेगुलर बचत खातों में मिनिमम बैलेंस मेंटेन नहीं करने के नाम पर देश के 22 शेड्यूल्ड कॉमर्शियल बैंकों ने अपने ग्राहकों पर बीते तीन साल में 10 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का जुर्माना वसूला है। इन बैंकों में पब्लिक सेक्टर के एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, पीएनबी जैसे 18 और प्राइवेट सेक्टर के ICICI, HDFC जैसे 4 बैंक शामिल हैं।

रेगुलर सेविंग बैंक अकाउंट धारक को हर महीने अपने अकाउंट में मिनिमम बैलेंस मेंटेन करना पड़ता है। एसबीआई के ग्राहकों को मेट्रो और अर्बन एरिया में 3 हजार, सेमी अर्बन एरिया में 2 हजार और रूरल एरिया में 1 हजार रुपए का बैलेंस मेंटेन करना पड़ता है।

एचडीएफसी बैंक के ग्राहकों को मेट्रो और अर्बन एरिया में 10 हजार, सेमी अर्बन में 5 हजार और रूरल एरिया में तिमाही आधार पर 2500 रुपए का बैलेंस मेंटेन करना पड़ता है। इसी प्रकार से आईसीआईसीआई बैंक के ग्राहकों को मेट्रो और अर्बन में 10 हजार, सेमी अर्बन एरिया में 5 हजार, रूरल एरिया में 2 हजार और ग्रामीण एरिया में 1 हजार रुपए का मिनिमम बैलेंस मेंटेन करना पड़ता है।

इतना चार्ज वसूलते हैं बैंक
रेगुलर सेविंग बैंक अकाउंट में मिनिमम बैलेंस मेंटेन नहीं रखने पर एसबीआई 5 से 15 रुपए तक (जीएसटी अतिरिक्त) का चार्ज वसूलता है। एचडीएफसी बैंक मेट्रो/अर्बन और सेमी अर्बन एरिया में 150 से 600 रुपए (जीएसटी अतिरिक्त) और रूरल एरिया में 270 से 450 रुपए (जीएसटी अतिरिक्त) तक का चार्ज वसूलता है। आईसीआईसीआई बैंक मेट्रो/अर्बन/सेमी अर्बन/रूरल एरिया के लिए 100 रुपए और मिनिमम एवरेज बैलेंस में गिरावट का 5 फीसदी चार्ज वसूलता है। ग्रामीण एरिया के लिए यह चार्ज मिनिमम एवरेज बैलेंस में गिरावट का पांच फीसदी होता है।

बीएसबीडी में बैलेंस मेंटेन करने की जरूरत नहीं
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की गाइडलाइंस के अनुसार, बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट (बीएसबीडी) अकाउंट में मिनिमम बैलेंस मेंटेन करने की जरूरत नहीं होती है। साथ ही प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खोले गए खातों पर भी यह बाध्यता लागू नहीं होती है। मार्च 2019 तक देश में 57.3 करोड़ बीएसबीडी खाते थे जिसमें 35.27 करोड़ जन धन खाते शामिल हैं।

2 केले की कीमत 442 रुपये, यकीन नहीं होता, तो यह बिल देखिये!

नई दिल्ली। 2 केले की कीमत कितनी होगी? आप कहेंगे करीब 10 रुपये या किसी जगह बहुत महंगे मिले तो 20 रुपये। लेकिन यदि आपसे 2 केले की कीमत 375 रुपये और इसपर जीएसटी जोड़कर करीब 450 रुपये लिए जाएं तो कैसा झटका लगेगा? यह मजाक नहीं सच है। बॉलिवुड ऐक्टर राहुल बोस को एक 5 सितारा होटल में यह बिल चुकाना पड़ा है। टैक्सफ्री आइटम पर जीएसटी वसूलने की वजह से एक्साइज और टैक्सेशन डिपार्टमेंट ने होटल को नोटिस जारी किया है।

दरअसल, ऐक्टर राहुल बोस पिछले दिनों शूटिंग के सिलसिले में चंडीगढ़ में थे। वह यहां के 5 स्टार होटल जेडब्ल्यू मेरियॉट में ठहरे थे। 22 जुलाई को उन्होंने ट्वीट करके बताया कि यहां 2 केले के लिए उनसे 442.50 रुपये लिए गए हैं। उन्होंने बिल की तस्वीर भी दिखाई। इसमें देखा जा सकता है कि ‘फ्रूट प्लैटर’ की कीमत 375 रुपये दर्ज है और इस पर 18% की दर GST वसूल किया है (CGST 33.75 रुपये और UTGST 33.75 रुपये)।

यह ट्वीट वायरल होने के बाद एक्साइज और टैक्सेशन डिपार्टमेंट ने शुक्रवार को होटल को नोटिस थमाकर पूछा है कि टैक्स फ्री आइटम पर जीएसटी क्यों वसूल किया गया? मामले की जांच के लिए एक तीन सदस्यों वाली टीम बनाई गई है, जिसने होटल से रिकॉर्ड भी जब्त किए हैं। होटल को शनिवार तक जवाब देने को कहा गया है।

असिस्टेंट एक्साइज ऐंड टैक्सेशन कमिश्नर (AETC) राजीव चौधरी ने मीडिया से कहा, ‘हमने एक कारण बताओ नोटिस जारी किया है और उनसे जवाब मांगा है। केले टैक्स फ्री कैटिगरी में आते हैं, इसलिए हमने उनसे पूछा कि उन्होंने केले पर टैक्स कैसे वसूल किया है।’ होटल की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

अधिकारी ने बताया कि इस मामले में फैसले से पहले पर्सनल हियरिंग का भी फैसला किया गया है। सुनवाई न्यायिक अधिकारी करेंगे। इस बीच कंज्यूमर प्रॉटेक्शन काउसिंल के सदस्य अजय जग्गा ने भी उपभोक्ता मामलों के निदेशक को लेटर लिखकर इस मामले में संज्ञान लेने की अपील की है।

क्या गूगल भी करता है भेदभाव, कंपनी के खिलाफ मुकदमा

नई दिल्ली। अमेरिका की पहली हिंदू सांसद तुलसी गाबार्ड ने गूगल पर भेदभाव और मुक्त भाषण के अधिकारों का गला घोटने का आरोप लगाया है। अमेरिका में अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी की दौड़ में शामिल भारतीय मूल की तुलसी ने सर्च इंजन गूगल पर 50 मिलियन डालर (करीब तीन अरब 45 करोड़ रुपए) का मुकदमा किया है।

तुलसी की पहचान इराक युद्ध में उनके कुशल अभियान के लिए रही है। हवाई से 2013 से दो बार सांसद चुनी गईं 38 वर्षीय तुलसी ने लास एंजिलिस कोर्ट में गूगल पर यह मुकदमा उनके 2020 चुनाव प्रचार के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए किया है। फेडरल कोर्ट में दाखिल मुकदमे में उन्होंने आरोप लगाया कि गूगल ने उनके अभिव्यक्ति की आजादी को बाधित किया।

बता दें कि गूगल ने जून में उनके पहले डेमोक्रेटिक डिबेट के बाद उनके अभियान से जुड़े विज्ञापन अकाउंट को कुछ देर के लिए रोक दिया था। तुलसी की अभियान समिति का कहना है कि गूगल ने 27 जून को उनके अभियान विज्ञापन अकाउंट को छह घंटे के लिए सस्पेंड कर दिया था। 28 जून को भी ऐसी घटना सामने आई। अकाउंट सस्पेंड होने के कारण आम नागरिकों तक उनकी पहुंच को और उन्हें मिलने वाले चंदे की रकम काफी प्रभावित हुई।

गूगल ने भेदभाव के आरोपों को नकारा
कंपनी को भेजे लीगल नोटिस के मुताबिक, गूगल के इस भेदभावपूर्ण रवैये तुलसी के प्रचार अभियान को प्रभावित किया। गूगल अपनी क्षमता का प्रयोग राजनीतिक मतभेद के लिए कर रही है और यह एक तरह से 2020 के राष्ट्रपति चुनाव को भी प्रभावित करने वाला है। दूसरी ओर, गूगल ने तुलसी के इन आरोपों का खंडन किया है। उसने कहा कि यह स्वचालित प्रणाली है और हम किसी पार्टी, नेता या विचारधारा के साथ भेदभाव नहीं करते हैं।

इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदना हुआ सस्ता, अब लगेगा मात्र 5% GST

नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) काउंसिल ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पर लगने वाले जीएसटी में कटौती को मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, जीएसटी काउंसिल ने इलेक्ट्रिक व्हीकल पर जीएसटी की दर को 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया है।

इसके अलावा इलेक्ट्रिक व्हीकल के चार्जर पर भी टैक्स की दर को 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया है। काउंसिल ने स्थानीय अथॉरिटी की ओर से खरीदे जाने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी से छूट दे दी है। कर की यह नई दरें 1 अगस्त 2019 से लागू हो जाएंगी।

इसे ऐसे समझें
इस समय इलेक्ट्रिक व्हीकल पर 12 फीसदी की दर से जीएसटी लगता है। 1 अगस्त के बाद यह घटकर 5 फीसदी हो जाएगा। यानी अब इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर 7 फीसदी कम जीएसटी देना होगा। यदि आप 10 लाख रुपए तक की इलेक्ट्रिक कार खरीदते हैं तो 1 अगस्त के बाद 7 फीसदी की कमी होने पर आपको 70 हजार रुपए की बचत होगी। मान लीजिए आप 1 लाख रुपए की कीमत वाली इलेक्ट्रिक बाइक खरीदते हैं तो आपको 7 हजार रुपए कम खर्च करने होंगे।

बाइक-कार खरीदना होगा महंगा, कई गुना बढ़ेगी रजिस्ट्रेशन फीस

नई दिल्ली। आने वाले दिनों में कार और बाइक खरीदना महंगा हो सकता है। इसका कारण यह है कि केंद्र सरकार ने गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण की फीस बढ़ाने की पूरी तैयारी कर ली है। इस संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने नोटिफिकेशन का मसौदा जारी कर लोगों से तीस दिनों में सुझाव मांगे हैं। नोटिफिकेशन का यह मसौदा पूरे देश में लागू होगा।

परिवहन मंत्रालय के नए मसौदे के अनुसार, ट्रांसपोर्ट में इस्तेमाल न होने वाली लाइट मोटर गाड़ियों की नई रजिस्ट्रेशन फीस 5 हजार रुपए तय की गई है। यह अभी 600 रुपए है। लाइट मोटर गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण की नई फीस 15 हजार रुपए तय की गई है।

मोटरसाइकिल के नए रजिस्ट्रेशन की फीस 1 हजार और नवीनीकरण की फीस 2 हजार रुपए तय की गई है। ट्रांसपोर्ट के लिए इस्तेमाल होने वाले लाइट मोटर व्हीकल के नए रजिस्ट्रेशन के लिए 10 हजार और नवीनीकरण के लिए 20 हजार रुपए की फीस तय की गई है।

इलेक्ट्रिक वाहनों को रजिस्ट्रेशन में मिलेगी छूट
मसौदे में बैटरी से चलने वाले या इलेक्ट्रिक व्हीकल को रजिस्ट्रेशन में छूट देने की बात कही गई है। मसौदे में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी पुरानी गाड़ी को किसी रजिस्टर्ड स्क्रैप डीलर से स्क्रैप कराकर सर्टिफिकेट लेता है तो नई इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदते समय उसे रजिस्ट्रेशन में छूट मिलेगी। साथ ही रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण में देरी पर 300 रुपए प्रतिमाह की लेट फीस लगाई गई है। नए वाहनों का स्मार्ट कार्ड रजिस्ट्रेशन के लिए 200 रुपए अतिरिक्त भुगतान करना होगा।

15 साल से पुरानी गाड़ियों की फिटनेस फीस तय
नए मसौदे में सरकार ने 15 साल से पुरानी गाड़ियों की फिटनेस फीस भी तय कर दी है। मोटर साइकिल की मैनुअल फिटनेस फीस 400 रुपए और ऑटोमेटेड के लिए 800 रुपए तय किए गए हैं। थ्रीव्हीलर के लिए मैनुअल 800 रुपए और ऑटोमेटेड के लिए 1200 रुपए की फीस तय की गई है।

15 साल से पुरानी ट्रांसपोर्ट गाड़ी के लिए हर 6 महीने में फिटनेस सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा 8 साल तक के पुराने ट्रांसपोर्ट वाहनों को दो साल में 1 बार और 8 से 15 साल पुराने वाहनों को हर साल फिटनेस सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य बनाया गया है। हालांकि, राजधानी दिल्ली में पहले से ही 15 साल पुराने वाहन चलाने पर बैन लगा हुआ है।

रिलायंस जियो बनी देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी

नयी दिल्ली। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस जियो अपने परिचालन के तीन वर्ष के भीतर ही देश की सबसे बड़ी दूरसंचार सेवा प्रदाता बन गयी है। कंपनी के उपयोक्ताओं की संख्या 33.13 करोड़ है, जबकि वोडाफोन आइडिया के ग्राहकों की संख्या घटकर 32 करोड़ रह गयी है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से पिछले सप्ताह जारी पहली तिमाही के नतीजों के मुताबिक उसकी अनुषंगी कंपनी रिलायंस जियो के ग्राहकों की संख्या जून 2019 के आखिर में 33.13 करोड़ है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के मुताबिक जियो मई में एयरटेल को पछाड़ते हुए देश की दूसरी सबसे बड़ी दूरसंचार सेवा प्रदाता बन गयी थी।

वोडाफोन आइडिया ने शुक्रवार को सूचित किया कि 30 जून को उसके ग्राहकों की संख्या घटकर 32 करोड़ रह गयी। इससे पहले 31 मार्च को कंपनी ने ग्राहकों की संख्या 33.41 करोड़ होने की सूचना दी थी। उल्लेखनीय है कि वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेल्यूलर के विलय के बाद वोडाफोन आइडिया 40 करोड़ उपयोक्ता के साथ देश की सबसे बड़ी दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी बनकर उभरी थी।

iPads और iMac डिवाइसेज के लिए नया ऐप लाएगा वॉट्सऐप

नई दिल्ली।मेसेजिंग प्लैटफॉर्म वॉट्सऐप ऐपल के iPads और iMac डिवाइसेज के लिए एक अलग ऐप पर काम कर रहा है। मौजूदा वक्त में मैक और आईपैड पर वॉट्सऐप चलाने के लिए यूजर्स को पूरी तरह आईफोन के मेन iOS ऐप को मिलने वाले कनेक्शन पर निर्भर रहना पड़ता है। फिलहाल मेसेजेस वॉट्सऐप फॉर मैक या फिर iPad पर थर्ड पार्टी वॉट्सऐप मेसेंजर पर केवल रिले होते हैं। इसका मतलब है कि इन डिवाइसेज पर वॉट्सऐप चलाने के लिए आपको अपने आईफोन को हमेशा इंटरनेट से कनेक्टेड रखना होगा।

नए स्टैंडअलोन ऐप की मदद से इस निर्भरता को खत्म किया जा सकेगा और यूजर्स सीधे डिवाइसेज पर वॉट्सऐप चला सकेंगे। WABetainfo की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वॉट्सऐप टीम एक ‘मल्टी प्लैटफॉर्म सिस्टम’ पर काम कर रही है। इसे लेकर दावा किया जा रहा है कि नए ऐप की मदद से एकसाथ कई डिवाइसेज पर एक ही अकाउंट से वॉट्सऐप चलाया जा सकेगा। इस मल्टिपल प्लैटफॉर्म की मदद से यूजर्स बिना आईफोन से अनइंस्टॉल किए अपने आईपैड पर भी उसी अकाउंट से वॉट्सऐप चला सकेंगे।

कई डिवाइसेज पर काम करेगा वॉट्सऐप
बिना फोन पर अलग इंटरनेट कनेक्शन के ही यूडबल्यूपी ऐप की मदद से वॉट्सऐप चलाया जा सकेगा। इसी तरह विंडोज फोन और वॉट्सऐप फॉर विंडोज दोनों पर एक ही अकाउंट से वॉट्सऐप चलाया जा सकेगा। फिलहाल एक अकाउंट से एक ही डिवाइस पर ऐप चलाया जा सकता है और पीसी या मैक पर केवल उसके मेसेज रिले होते हैं। ऐसे में मेन डिवाइस के इंटरनेट से कनेक्ट न होने पर पीसी या मैक पर वॉट्सऐप नहीं चलता। वॉट्सऐप यूजर्स की इस समस्या को दूर करने के लिए ही नया मल्टी प्लैटफॉर्म ऐप लेकर आ रहा है।

मिलेगा फोटो एडिट करने का ऑप्शन
इससे अलग, वॉट्सऐप बहुत जल्द फोटोज एडिट करने के लिए एक शॉर्टकट देने वाला है। इसकी मदद से यूजर्स प्लैटफॉर्म पर रिसीव किए गए फोटोज को एडिट कर सकेंगे। इसी तरह कोई फोटो भेजने से पहले उसे नए ‘क्विक एडिट मीडिया शॉर्टकट’ की मदद से उसे एडिट किया जा सकेगा। कहा जा रहा है कि इस नए फीचर के आने के बाद यूजर्स का वक्त बचेगा। वॉट्सऐप इसके अलावा एक नए फीचर पर भी काम कर रहा है, जिसकी मदद से क्यूआर कोड आसानी से ऐप पर ही स्कैन किए जा सकेंगे।

लगातार तीसरे दिन सस्ता हुआ पेट्रोल, जानिए आज की कीमत

नई दिल्ली। पिछले दो दिनों से पेट्रोल की कीमत में हो रही कटौती का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। वहीं डीजल के दामों में आम आदमी को राहत मिल रही है। आज जहां पेट्रोल के दाम 5 पैसे कम हुए हैं वहीं डीजल की कीमत पुराने स्तर पर बनी हुई है।

इसके बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 73.24 रुपए लीटर मिल रहा है वहीं डीजल 66.18 रुपए लीटर मिल रहा है। इंदौर की बात करें तो यहां पेट्रोल 78.67 रुपए लीटर मिल रहा है वहीं डीजल के दाम 69.79 रुपए लीटर है। इसी तरह रायपुर में पेट्रोल 71.73 रुपए लीटर है जबकि डीजल के दाम 69.52 रुपए लीटर हैं।

मुंबई में पेट्रोल 78.85 रुपए लीटर मिल रहा है वहीं डीजल 69.36 रुपए लीटर मिल रहा है। चेन्नई में पेट्रोल 76.06 रुपए लीटर मिल रहा है जबकि डीजल 69.90 रुपए लीटर मिल रहा है। कोलकाता में पेट्रोल 75.81 रुपए लीटर मिल रहा है जबकि डीजल 68.29 रुपए लीटर बिक रहा है।

कोटा में पेट्रोल-डीजल की नई दरें

DATE PETROL PRICECHANGEDIESEL PRICE CHANGE
27-07-2019₹ 76.812 ₹ -0.05 ₹ 70.897 ₹ 0

लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस का टेस्ट CCTV कैमरे की निगरानी में होगा

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नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने कहा है कि लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए सीसीटीवी की निगरानी में ऑनलाइन परीक्षा की व्यवस्था होगी। फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस पर रोक लगाने के लिए मोटर वाहन विधेयक 2019 नए प्रावधान किए है। इसके तहत देश में ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) को आधार नंबर से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। गडकरी के मुताबिक देश में 30 प्रतिशत ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी हैं।

मोटर वाहन विधेयक 2019 मंगलवार को लोकसभा से पास हो गया है। इसमें बार-बार नियम तोड़ने वाले चालकों का डीएल रद्द करने का भी प्रावधान है। साथ ही वाहन भी छह माह के लिए जब्त किया जा सकता है। शराब पीकर वाहन चलाना, कार र्रेंसग करना, हेलमेट न पहनने, ओवर लोडिंग, मोबाइल पर बात करना और एबुलेंस को रास्ता नहीं देने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। नाबालिग के वाहन चलाने पर वाहन मालिक या अभिभावक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विधेयक में किए गए प्रावधान

  • राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड बनेगा, जो सड़क सुरक्षा मजबूत करने के उपाय सुझाएगा।
  • वाहन खरीद के बाद मकैनिकल-इलेक्ट्रिक खराबी होने पर वाहन इंस्पेक्टर जांच करेंगे।
  • हादसे रोकने के लिए टायरों के किनारे रेसिस्टेंट प्रिंट अनिवार्य।
  • राजमार्ग की डिजाइन में गड़बड़ी पर निर्माण कंपनी को जुर्माना देना होगा।
  • वाहन में मैकेनिकल खराबी पर निर्माता कंपनी को वाहन वापस लेना होगा

अभी नहीं बढ़ेगा रेल किराया: रेल मंत्री गोयल

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नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रेल किराया बढने की संभावनाओं को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि रेलवे की तरफ से रेल किराए में बढ़ोत्तरी की योजना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा वक्त में डीजल की कीमत में बढ़ोतरी की वजह से किराए में बदलाव का कोई प्रस्ताव नहीं है।

पीयूष गोयल ने बताया कि रेलवे की ओर से डीजल की खपत में सालों से कमी आ रही है, क्योंकि यह इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन की तरफ बढ़ रहा है और 2022 तक 100 फीसदी विद्युतीकरण की योजना है।पीयूष गोयल का यह बयान कांग्रेस नेता बी.के. हरिप्रसाद की उस सवाल के जवाब में आया, जिसमें रेल मंत्री से जवाब मांगा था कि पेट्रोलियम उत्पादों की अस्थिरता का असर यात्री व माल भाड़ा पर होगा या नहीं।

रेलवे तेजी से ग्रीन एनर्जी की तरफ बढ़ रहा
रेल किराया बढ़ने के संभावनाओं को उस वक्त बल मिला था, जब इस महीने की शुरुआत में बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेट्रोल व डीजल पर प्रति लीटर एक रुपए उत्पाद शुल्क व सेस बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था।

बता दें रेलवे देश में डीजल का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है, लेकिन यह तेजी से ग्रीन एनर्जी की तरफ बढ़ रहा है। गोयल ने इससे पहले कहा था कि सार्वजनिक ट्रांसपोर्टर अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए देश के कुल बिजली खपत का करीब 1.27 फीसदी व डीजल का तीन फीसदी उपयोग करता है।