Friday, May 15, 2026
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वीकेंड पर सलमान की फिल्म ‘भारत’ 150 करोड़ के करीब

अली अब्बास जफर निर्देशित फिल्म ‘भारत’ ने बॉक्स ऑफिस पर अपने पहले वीकेंड में शानदार प्रदर्शन किया है। फिल्म में सलमान खान और कटरीना कैफ लीड रोल में हैं। फिल्म ने अपने पहले वीकेंड तक करीब 144 करोड़ का आकड़ा पार कर लिया है।

इस फिल्म में सलमान खान पांच अलग-अलग लुक्स में नजर आएंगे। सलमान की ‘भारत’ इस साल ईद पर बुधवार को रिलीज़ हुई थी और फिल्म को अपने पहले वीकेंड तक पहुंचने के लिए तीन दिन की जगह 5 दिनों का समय मिल गया।

Boxofficeindia.com की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने अपने पांचवें दिन यानी रविवार को 26 करोड़ की कमाई की और इसी के साथ पहले वीकेंड पर 144.25 करोड़ की कमाई तक पहुंच गई फिल्म। इस फिल्म में वरुण धवन का भी कैमियो रोल है।

‘भारत’ में कटरीना कैफ ने कुमुद रैना का रोल निभाया है। फिल्म में दिशा पाटनी, नोरा फतेही, तब्बू, सुनील ग्रोवर और जैकी श्रॉफ भी नजर आ रहे हैं। यह फिल्म कोरियन फिल्म ‘एन ओड टु माय फादर’ की हिन्दी रीमेक है।

एक नजर ‘भारत’ की 5 दिन की कमाई पर
बुधवार (ईद) : करीब 41,75,00,000 रुपए
गुरुवार: करीब 30,00,00,000 रुपए
शुक्रवार: करीब 21,25,00,000 रुपए
शनिवार: करीब 25,00,00,000 रुपए
रविवार: करीब 26,00,00,000 रुपए
कुल कमाई: करीब 144,25,00,000 रुपए

‘भारत’ में कटरीना कैफ ने कुमुद रैना का रोल निभाया है। फिल्म में दिशा पाटनी, नोरा फतेही, तब्बू, सुनील ग्रोवर और जैकी श्रॉफ भी नजर आ रहे हैं। यह फिल्म कोरियन फिल्म ‘एन ओड टु माय फादर’ की हिन्दी रीमेक है।

फिल्म फ्लैशबैक से शुरू होती है, जहां 70 साल का भारत (सलमान खान) अपने खुशनुमा परिवार के साथ अपना अटूट बंधन बांधे हुए है। परिवार के साथ अपने जन्मदिन को मनाने के दौरान कहानी फ्लैशबैक में जाती है। यह 1947 के विभाजन की त्रासदी का दौर है और उस आग में भारत अपने स्टेशन मास्टर पिता (जैकी श्रॉफ) और बहन से बिछड़ चुका है।

ऑटोमोबाइल सेक्टर को 28 % वाले GST स्लैब से मिल सकती है राहत

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नई दिल्ली। मांग में आई कमी से निपटने के लिए सरकार जल्द ही आपको कई राहत दे सकती है। इनमें गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के ढांचे में बदलाव समेत टैक्स की दरों में कमी शामिल है। इसके अलावा 28 फीसदी वाले उच्च टैक्स स्लैब से कई सामानों को हटाकर कम दर वाले स्लैब में रखा जा सकता है।

मांग में आई कमी के कारण राज्यों के राजस्व पर असर पड़ रहा है। ऐसे में राजस्व में बढ़ोतरी और मांग बनाए रखने के लिए कई राज्यों ने केंद्र सरकार से टैक्स रेट घटाने की सिफारिश की है। आम बजट पेश होने से पहले 20 जून को जीएसटी काउंसिल की बैठक होने जा रही है। नई मोदी सरकार में वित्त मंत्रालय संभाल रहीं निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में यह जीएसटी काउंसिल की पहली बैठक होगी।

इस बैठक में टैक्स रेट घटाने समेत उच्च दर वाले स्लैब से कई सामानों को बाहर करने पर चर्चा हो सकती है। संभावना जताई जा रही है कि यदि बैठक में इस पर सहमति बनती है तो बजट से पहले ही इसकी घोषणा हो सकती है। इसके अलावा जीएसटी काउंसिल की बैठक में इलेक्ट्रॉनिक इनवॉयसिंग और एंटी प्रॉफिटियरिंग फ्रेमवर्क के विस्तार पर भी चर्चा हो सकती है।

ऑटोमोबाइल सेक्टर को 28 फीसदी टैक्स से मिल सकती है राहत
इस समय देश में ऑटोमोबाइल सेक्टर को 28 फीसदी के उच्च दर वाले टैक्स स्लैब में रखा गया है। इसके अलावा गाड़ियों पर आकार और सेगमेंट के मुताबिक कंपनसेशन सेस भी लगता है। जानकारों का मानना है कि हाई टैक्स रेट के कारण इस साल गाड़ियों की बिक्री में कमी दर्ज की गई है।

यही कारण है कि अप्रैल में पैसेंजर व्हीकर सेल्स में 17 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। यही नहीं मई माह में देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी की सेल्स में एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 22 फीसदी की गिरावट आई है।

पेट्रोल-डीजल के दाम तीन महीने पूर्व के स्तर पर, जानिए आज के दाम

नई दिल्ली। देश में पेट्रोल और डीजल के दामों में राहत बढ़ती जा रही है और अब तक यह तीन महीने पुराने स्तर पर पहुंच चुकी है। महीने की शुरुआत से ही तेल के दामों में जारी कटौती शनिवार को भी जारी रही। राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ दिन की कटौती के बाद पेट्रोल के दाम 69 रुपए के करीब पहुंच गए हैं। तेल के दामों में यह कटौती पेट्रोल की कीमतों को जहां तीन महीने पुराने स्तर पर ले गई है वहीं वहीं डीजल की कीमत 4 महीने पुराने स्तर पर पहुंच गई है।

आज यानी सोमवार को पेट्रोल जहां 13 पैसे सस्ता हुआ है वहीं डीजल के दाम 11 पैसे कम हुए हैं। इसके बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 70.43 रुपए लीटर मिल रहा है वहीं डीजल 64.39 रुपए लीटर मिल रहा है। मुंबई में पेट्रोल 76.12 रुपए लीटर मिल रहा है वहीं डीजल 67.51 रुपए लीटर मिल रहा है। चेन्नई में पेट्रोल 73.17 रुपए लीटर मिल रहा है जबकि डीजल 68.11 रुपए लीटर मिल रहा है। कोलकाता में पेट्रोल 72.68 रुपए लीटर मिल रहा है जबकि डीजल 66.31 रुपए लीटर बिक रहा है।

बता दें कि इससे पहले 15 फरवरी को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 70.46 रुपए थी वहीं डीजल 15 जनवरी को 64.47 रुपए लीटर मिल रहा था। इससे पहले लोकसभा चुनाव के 23 मई को आए नतीजों के बाद से ही पेट्रोल और डीजल के दाम 29 मई तक बढ़े थे। इन 5 दिनों में देश में पेट्रोल जहां 61 पैसे महंगा हो गया था वहीं डीजल के दाम 49 पैसे बढ़ गए थे। 29 मई के बाद से लेकर अब तक पेट्रोल के दाम जहां 1.43 रुपए तक कम हो गए हैं वहीं डीजल की कीमत में 2.3- रुपए की कटौती हुई है।

तेजी के साथ खुला बाजार, सेंसेक्स 171 अंक उछला, निफ्टी 11,934 पर

नई दिल्ली। शेयर बाजार में नए सप्ताह की शुरुआत तेजी के साथ हुई। कारोबार की शुरुआत होने के साथ बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक 171.43 अंक (0.43%) चढ़कर 39,787.33 पर खुला। वहीं नैशनल स्टॉक एक्सचेंज के संवेदी सूचकांक निफ्टी (एनएसई) ने 64.25 अंक (0.54%) मजबूत होकर 11,934 पर कारोबार की शुरुआत की।

सेंसेक्स पर बाजार खुलने के साथ 27 कंपनियों के शेयर में लिवाली जबकि 4 कंपनियों के शेयर में बिकवाली चल रही थी। वहीं निफ्टी पर 43 कंपनियों के शेयर हरे और 7 कंपनियों के शेयर लाल रंग के निशान पर कारोबार कर रहे थे।

सेंसेक्स पर शेयरों की स्थिति
बीएसई पर यस बैंक (3.43 फीसदी), पावरग्रिड (2.01 फीसदी), वेदांता लिमिटेड (1.89 फीसदी), इंडसइंड बैंक (1.78 फीसदी) और टीसीएस (1.70 फीसदी) के शेयर तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं ओएनजीटी (0.24 फीसदी), कोटक बैंक (0.20 फीसदी) और महिंद्रा ऐंड महिंद्रा (0.18 फीसदी) के शेयरों में गिरावट देखी गई।

निफ्टी पर शेयरों की स्थिति
एनएसई पर जिन शेयरों में तेजी देखी गई उनमें यस बैंक (3.00 फीसदी), इंडिया बुल्स हाउसिंग फाइनैंस (2.87 फीसदी), इंडसइंड बैंक (1.99 फीसदी), ब्रिटानिया (1.68 फीसदी) और वेदांता लिमिटेड (1.64 फीसदी) के शेयर्स शामिल हैं। वहां इंडियन ऑइल (1.50 फीसदी), बीपीसीएल (1.41 फीसदी), ओएनजीसी (0.51 फीसदी), महिंद्रा ऐंड महिंद्रा (0.50 फीसदी) और यूपीएल (0.39 फीसदी) के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

मशहूर नाटककार और डायरेक्टर गिरीश कर्नाड का निधन

मुंबई। जानेमाने लेखक, ऐक्टर, फिल्म डायरेक्टर और रंगमंच हस्ती गिरीश कर्नाड का सोमवार को 81 साल की उम्र में निधन हो गया। वह लंबे वक्त से बीमार थे। उन्होंने बेंगलुरु में आखिरी सांस ली। पिछले महीने ही उन्होंने 81वां जन्मदिन मनाया था। उन्हें पद्म श्री और पद्म भूषण से भी नवाजा जा चुका था।

गिरीश कर्नाड ने अपना पहला नाटक कन्नड़ में लिखा था जिसका बाद में अंग्रेजी में अनुवाद हुआ। उनके चर्चित नाटकों में ‘यताति’, ‘तुगलक’, ‘हयवदना’, ‘अंजु मल्लिगे’, ‘अग्निमतु माले’, ‘नागमंडल’ और ‘अग्नि और बरखा’ शामिल हैं।

1960 के दशक में कर्नाड के यायाति 1961, ऐतिहासिक तुगलक 1964 जैसे नाटकों को समालोचकों ने सराहा था, जबकि उनकी तीन महत्वपूर्ण कृतियां हयवदना 1971, नगा मंडला 1988 और तलेडेंगा 1990 ने अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त की।

2 पद्म सम्मानों के अलावा 1972 में उन्हें संगीत नाटक अकादमी, 1994 में साहित्य अकादमी, 1998 में ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला था। कन्नड़ फिल्म ‘संस्कार’ के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था।

इलेक्ट्रिक वाहन थोपा तो बर्बाद हो जाएगा ऑटोमोबाइल उद्योग

नई दिल्ली। उद्योग जगत ने सरकार से इलेक्ट्रिक परिवहन को वाहन उद्योग तथा बाजार पर थोपने के बजाय उसकी प्रौद्योगिकी तथा ग्राहकों और बाजार के बीच स्वत: स्वीकार्यता विकसित होने देने की वकालत करते हुए कहा है कि तब तक बहु-वैकल्पिक व्यवस्था रखी जा सकती है।

वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन सियाम ने रविवार को कहा कि वह इलेक्ट्रिक परिवहन को बढ़ावा देने की नीति आयोग की मुहिम का समर्थन करती है, लेकिन सरकार को अपने रुख को व्यावहारिक रखना चाहिए और इस उद्योग को “अनावश्यक नुकसान पहुंचाने से” बचना चाहिए।

सियाम के अध्यक्ष राजन बढ़ेरा ने एक बयान जारी कर कहा कि देश में इलेक्ट्रिक परिवहन को यथाशीघ्र लाने की नीति आयोग की महत्त्वाकांक्षी आकांक्षा का वाहन उद्योग पूरा समर्थन करता है। लेकिन, यह अनावश्यक रूप से वाहन उद्योग को नुकसान पहुंचाए बिना भी संभव है और इसलिए इस महत्त्वाकांक्षा को व्यावाहारिक स्तर पर लाने की जरूरत है।

वढ़ेरा ने कहा कि आज वाहन उद्योग के समक्ष कई चुनौतियां हैं। उसे बीएस-4 के बाद सीधे बीएस-6 को अपनाना है तथा कई नए सुरक्षा मानकों का पालन करना है और यह सब इतने कम समय करना है जिसकी दुनिया में कोई मिसाल नहीं है। इन सब के लिए उद्योग 70,000 से 80,000 करोड़ रुपए का बड़ा निवेश कर रहा है।

उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस निवेश की वसूली से पहले ही सरकार पारंपरिक अंत:दहन इंजनों को प्रतिबंधित करने पर विचार कर रही है। वह 2023 तक अंत:दहन वाले तिपहिया वाहनों और 2025 तक ऐसे दुपहिया वाहनों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध की तैयारी कर रही है। यह अव्यावहारिक तथा असामयिक है।

सभी हितधारकों से विचार विमर्श के बाद हो फैसला
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अध्यक्ष विक्रम किर्लोस्कर ने कहा कि बाजार कारकों तथा सकारात्मक नीति किसी भी नवाचार के मूल में है तथा हमें उम्मीद है कि परिवहन की नई प्रौद्योगिकियों की तैयारी करते हुए भारत को भी यही रुख अख्तियार करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को सभी हितधारकों से विचार-विमर्श के बाद ही कोई फैसला करना चाहिए।

पहले पारंपरिक इंजन के साथ ही इलेक्ट्रिक इंजन वाले वाहनों की बिक्री जारी रखनी चाहिएऔर बाद में जब यह ग्राहकों की क्रय सीमा भीतर आ जाए तथा प्रौद्योगिकी पूरी तरह विकसित हो जाए तब पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाना चाहिए।

जबरन नीति थोपने से बढ़ेगी बेरोजगारी
उन्होंने कहा कि दुपहिया तथा तिपहिया वाहनें के कलपुर्जों की आपूर्ति करने वाली इकाइयों की बड़ी संख्या छोटे तथा मध्यम उद्योग की श्रेणी में है जो वाहन उद्योग की रीढ़ हैं। वाहन उद्योग, सरकार या आपूर्तिकर्त्ताओं में से किसी के पास इलेक्ट्रिक वाहनों के संबंध में इतना अनुभव नहीं है कि वे 2023/2025 तक पूरी तरह इलेक्ट्रिक दुपहिया तथा तिपहिया वाहनों के बाजार की परिकल्पना को मूर्तरूप दे सके। यदि कोई नीति जबरन थोपने की कोशिश की गई तो इससे वाहन उद्योग को नुकसान पहुंचेगा तथा सीधे-सीधे रोजगार प्रभावित होगा।

नई Renault Duster की तस्वीरें लीक, बदल गया एसयूवी का लुक

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नई दिल्ली।रेनॉ अपनी पॉप्युलर एसयूवी Duster को नए अवतार में लॉन्च करने वाली है। नई डस्टर की कुछ तस्वीरें लीक हुई हैं, जिनमें इसका नया लुक सामने आया है। ये तस्वीरें एसयूवी के फाइनल प्रॉडक्शन के बाद इसकी टेस्टिंग के दौरान की हैं। नई डस्टर की फ्रंट स्टाइलिंग में काफी अपडेट किए गए हैं, ताकि यह आने वाले पैदल यात्री सुरक्षा मानदंडों पर खरी उतर सके।

नई डस्टर के बोनट को दोबारा डिजाइन करके इसे थोड़ा ऊंचा बनाया गया है। इसके अलावा एसयूवी में नई ग्रिल और हेडलैम्प में हल्के बदलाव के साथ नया फ्रंट बंपर दिया गया है। इसकी हेडलाइट की डिजाइन पुरानी डस्टर जैसी है, लेकिन अब इसमें एलईडी डीआरएल और प्रोजेक्टर हेडलैम्प्स दिए गए हैं, जो पहले वाले मॉडल्स में नहीं हैं। नई डस्टर की ग्रिल ज्यादा बड़ी है और ग्रिल पर दी गई क्रोम फिनिश इसके लुक को अट्रैक्टिव बनाती है।

एसयूवी को फ्रेश लुक देने के लिए रेनॉ ने नई डस्टर में नए रूफ रेल्स, नए डिजाइन के अलॉय वील्ज और पीछे वाले गेट पर ब्लैक प्लास्टिक क्लैडिंग दी है। इंटीरियर की तस्वीर सामने नहीं आई है, लेकिन ऐसी संभावना है कि इसमें नया सीट फैब्रिक, अपडेटेड इन्फोटेनमेंट सिस्टम और कुछ कनेक्टेड कार फीचर्स मिलेंगे। सेफ्टी की बात करें, तो इसमें ड्यूल फ्रंट एयरबैग्स, स्पीड वॉर्निंग, पार्किंग सेंसर्स और एबीएस सभी वेरियंट्स में स्टैंडर्ड मिलेंगे।

इंजन:अपडेटेड डस्टर में बीएस6 इंजन होगा। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कंपनी डस्टर का 110hp पावर वाला 1.5-लीटर K9K डीजल इंजन ही बीएस6 में अपडेट करेगी, जबकि 85hp पावर वाला डीजल इंजन एसयूवी में बंद कर दिया जाएगा। नई डस्टर का पेट्रोल इंजन भी बीएस6 नॉर्म्स के मुताबिक होगा। बता दें कि नई डस्टर वर्तमान मॉडल का फेसलिफ्ट वर्जन है।

सालभर में 10 लाख नकद निकासी पर लगेगा टैक्स, सरकार की तैयारी

नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने की बात करते रहते हैं। अब इसे और बढ़ावा देने के लिए सरकार जल्द ही एक नया कदम उठा सकती है। मोदी सरकार एक वर्ष में 10 लाख रुपये नकद निकालने वालों पर कर लगाने की संभावना तलाश रही है। दरअसल, सरकार यह कदम कागजी मुद्रा के उपयोग को कम करने और काले धन पर नकेल कसने के लिए उठा सकती है। साथ ही उसका एक और लक्ष्य डिजिटल भुगतान के उपयोग को बढ़ावा देने का भी है।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि सभी उच्च-मूल्य नकद निकासी के लिए आधार प्रमाणीकरण को अनिवार्य करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। माना जा रहा है कि आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य करने से व्यक्तिगत और टैली टैक्स रिटर्न को ट्रैक करना आसान होगा। ऐसा करने में सरकार केवल विशिष्ट पहचान संख्या मांगने से भी आगे बढ़ जाएगी, जैसा कि 50,000 रुपये से अधिक जमा के मामले में है, जहां पैन दिया जाना अनिवार्य है। ऐसे में यूआईडी प्रमाणीकरण और ओटीपी यह सुनिश्चित करेगा कि आधार संख्या का दुरुपयोग न हो सके।

एक अधिकारी ने बताया, ‘मनरेगा लाभार्थी को आधार प्रमाणिकता की आवश्यकता होती है, लेकिन फिलहाल 5 लाख रुपये तक नकद निकालने वाले को ऐसा करने की आवश्यकता नहीं है।’ सरकार का मानना है कि अधिकांश व्यक्तियों और व्यवसायों को 10 लाख रुपये से अधिक की वार्षिक नकद निकासी की आवश्यकता नहीं है।

5 जुलाई को पेश होने वाले बजट से पहले विचार-विमर्श हुआ, हालांकि सरकारी सूत्रों ने कहा कि इस प्लान को अभी अंतिम रूप नहीं दिया है। हालांकि यह स्पष्ट है कि सरकार ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहती है, जिससे कि मध्यम वर्ग और गरीबों पर किसी प्रकार का बोझ बढ़े।

एक सूत्र ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा- जब डिजिटल भुगतान को बढ़ाला दिया जा रहा है तो क्यों किसी को 10 लाख से अधिक का नकद लेने-देन करने देना चाहिए? पिछले हफ्ते आरबीआई ने घोषणा की कि बैंक NEFT और RTGS पर शुल्क नहीं लगाएंगे।

साथ ही कहा था कि कार्ड के उपयोग पर शुल्क की भी समीक्षा की जा रही है। इस मामले पर वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने कहा- गैर-नकद लेनदेन को बढ़ावा देने और अर्थव्यवस्था में नकदी के उपयोग की जांच करने के लिए एक लंबा रास्ता तय करना होगा।

कम समय में मोबाईल चार्ज करने का सही तरीका

नई दिल्ली। आपके पास कोई पुराना स्मार्टफोन है और उसे चार्ज होने में ज्यादा वक्त लगता है तो आज हम आपको ऐसे कुछ आसान टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपके स्मार्टफोन को तेजी से चार्ज करने में मदद कर सकता है। लेकिन, अगर आपके स्मार्टफोन की बैटरी ज्यादा डैमेज है या खराब है तो ये ट्रिक्स आपकी मदद नहीं करेंगे। इसके लिए आपको सर्विस सेंटर में जाकर बैटरी रिप्लेस कराना होगा।

आपने भी कई यूजर्स को देखा होगा जो पूरी रात स्मार्टफोन को चार्ज में लगाकर रख देते हैं। उनका कहना यह है कि स्मार्टफोन को चार्ज होने में काफी समय लगता है। ऐसे यूजर्स को अपने स्मार्टफोन के चार्ज में लगाने से पहले इन दो तरीकों को अपनाना चाहिए। ये तरीके उनके स्मार्टफोन्स को तेजी से चार्ज होने में मदद कर सकता है। वैसे रात को सोते समय भूलकर भी स्मार्टफोन को चार्ज में न लगाएं। ऐसे कई मामले देखने को मिले हैं जिसमें सोते समय फोन को चार्ज में लगाने के बाद फोन ओवरचार्ज होकर ब्लास्ट हो गया है। इससे कई व्यक्ति की जान भी जा चुकी है।

पहला तरीका- एयरप्लेन मोड
अपने स्मार्टफोन को चार्ज में लगाने से पहले आप अपने स्मार्टफोन को एयरप्लेन मोड में डाल सकते हैं। अपने स्मार्टफोन को एयरप्लेन मोड में डालने के लिए आपको अपने स्मार्टफोन के सेटिंग्स में जाना होगा। इसके बाद आपको एयरप्लेन मोड का विकल्प दिखाई देगा। एंड्रॉइड 9 पाई ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को ऊपर दिए गए नोटिफिकेशन टैब में ही एयरप्लेन मोड का ऑप्शन दिखाई देगा।

आप चाहे तो वहां जाकर इसे इनेबल कर सकते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि चार्ज करने से पहले स्मार्टफोन को एयरप्लेन मोड में क्यों डालना चाहिए? तो आपको बता दें कि एयरप्लेन मोड में डालने के बाद मोबाइल नेटवर्क और अन्य कनेक्टिविटी स्मार्टफोन से खत्म हो जाती है जो बैट्री की खपत को भी कम करता है।

दूसरा तरीका- स्वीच ऑफ
स्मार्टफोन को स्वीच ऑफ करके चार्ज में लगाना ज्यादा कारगर साबित हो सकता है। स्वीच ऑफ करने के बाद आपके स्मार्टफोन में बैटरी की खपत जीरो हो जाती है जो बैटरी को तेजी से चार्ज करने में मदद करता है। इस तरह से आप स्मार्टफोन को तेजी से चार्ज कर सकते हैं।

दुनिया की सबसे अधिक कमाई करने वाला एप बना PUBG

सैन फ्रांसिस्को। ‘पबजी मोबाइल गेम’ और इसके नए वर्शन ‘गेम फॉर पीस’ के चलते चीन तगड़ी कमाई कर रहा है। बताते चलें कि, पबजी मोबाइल गेम’ और ‘गेम फॉर पीस’ के कारण चीन के इंटरनेट पॉवरहाउस टेनसेंट का राजस्व मई में एक दिन में 48 लाख डॉलर (लगभग 33 करोड़ रुपए) से अधिक दर्ज रहा। कमाई के इस आंकड़े को पार करने के बाद यह दुनिया की सबसे अधिक कमाई करने वाला एप बन गया है। यह खास जानकारी मोबाइल एप इंटेलीजेंस कंपनी सेंसर टॉवर की रिपोर्ट में दी गई है।

रिपोर्ट के अनुसार इन दोनों वर्शन को मिलकर चीनी कंपनी ने मई में कुल 14.6 करोड़ डॉलर की कमाई की है। जबकि, अप्रैल के महीने में कंपनी को लगभग 6.5 करोड़ डॉलर तक की ही कमाई हुई थी। अप्रैल की कमाई की तुलना में मई की कमाई 126 फीसदी अधिक है। मई के आंकड़े सामने आने से पहले अप्रैल महीने की कमाई को सबसे अधिक माना जा रहा था। बता दें कि, चीन में एंड्रायड से मिलने वाले राजस्व को शामिल नहीं किया गया है।

पबजी मोबाइल, गेम फॉर पीस से मई में हुए कुल राजस्व में से लगभग 10.1 करोड़ डॉलर का राजस्व एप्पल के स्टोर से मिला है। जबकि, गूगल के प्लेटफार्म से कुल 4.53 करोड़ डॉलर का राजस्व प्राप्त हुआ। सेंसर टावर के मोबाइल इनसाइट्स के प्रमुख रैंडी नेल्सन ने ब्लॉग पोस्ट में पबजी मोबाइल के दोनों वर्शन से हुई कमाई का जिक्र किया है।

रैंडी नेल्सन ने लिखा कि- ‘पबजी मोबाइल के दोनों वर्शन से होने वाली कमाई को एक साथ मिलाने से यह दूसरे स्थान पर रहने वाली गेम ऑनर ऑफ किंग्स से 17 फीसदी अधिक है। इसने करीब 12.5 करोड़ डॉलर की कमाई की। ऐप स्टोर और गूगल प्ले यूजर्स ने पिछले महीने पबजी के दोनों मोबाइल वर्शन पर औसतन 48 लाख डॉलर रोजना खर्च किए है।’