Thursday, July 9, 2026
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Gold Price: MCX पर सोना 3300 रुपये, चांदी 7200 रुपये तेज, जानिए आज के भाव

नई दिल्ली। Gold Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमत में आज सोमवार को लगातार तीसरे दिन तेजी आई है। अमेरिका और ईरान तीन महीने से भी लंबे समय से चले आ रहे युद्ध को खत्म करने के लिए सहमत हो गए हैं। इससे कच्चे तेल की कीमत में गिरावट आई है।

इसका असर सोने और चांदी पर देखने को मिल रहा है। इससे एमसीएक्स पर शुरुआती कारोबार में सोना 3,300 रुपये महंगा हो गया जबकि चांदी की कीमत में 7,200 रुपये की तेजी आई है। तीन दिन में चांदी 18,000 रुपये महंगी हुई है जबकि सोने की कीमत में 6,000 रुपये की तेजी आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 2.5% उछलकर 4,322 डॉलर प्रति औंस और स्पॉट सिल्वर 3.6% बढ़कर 70.39 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

एमसीएक्स पर 5 अगस्त की डिलीवरी वाला सोना पिछले सत्र में 1,50,528 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था और आज यह 1,53,829 रुपये पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह 3,301 रुपये की तेजी के साथ 1,53,829 रुपये तक पहुंचा। सुबह 10.10 बजे यह 2717 रुपये यानी 1.80 फीसदी तेजी के साथ 1,53,245 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।

चांदी की कीमत में भी आज तेजी आई है। एमसीएक्स पर 3 जुलाई की डिलीवरी वाली चांदी पिछले सत्र में 2,46,186 रुपये प्रति किलो के भाव पर बंद हुई थी और आज यह 2,51,563 रुपये पर खुली। शुरुआती कारोबार में यह 7,159 रुपये की तेजी के साथ 2,53,345 रुपये तक उछली। सुबह 10.10 बजे यह 6,300 रुपये की तेजी के साथ 2,52,486 रुपये पर ट्रेड कर रही थी।

पश्चिम एशिया में शांति से सेंसेक्स 1200 अंक चढ़ा, निवेशकों को 10 लाख करोड़ का लाभ

नई दिल्ली। Stock Market Update: पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद और कच्चे तेल में गिरावट से सोमवार 15 जून को दुनियाभर के बाजारों में तेजी आई है। इसका असर घरेलू शेयर बाजार पर भी दिख रहा है। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 1,200 अंक से ज्यादा उछाल आई जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी-50 इंडेक्स भी 350 अंक उछल गया। बीएसई पर निवेशकों को एक घंटे से भी कम समय में 10 करोड़ रुपये का फायदा हुआ है।

सुबह 9.17 बजे सेंसेक्स 1040.51 अंक यानी 1.38% तेजी के साथ 76,568.46 अंक पर ट्रेड कर रहा था। निफ्टी भी 343.90 अंक यानी 1.46% ऊपर 23,966.80 अंक पर पहुंच गया। इस तेजी से बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 8 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 470 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।

इस बीच रुपये भी डॉलर के मुकाबले मजबूती के साथ खुला। पिछले सत्र में यह 95.11 पर बंद हुआ था और आज 94.68 पर खुला जो 8 मई के बाद इसका उच्चतम स्तर है। सेंसेक्स के 30 में से 29 शेयर तेजी के साथ खुले।

इंडिगो के शेयरों में चार फीसदी से ज्यादा तेजी आई। इसके अलावा बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति, एशियन पेंट्स, बजाज फिनसर्व, महिंद्रा एंड महिंद्रा, ट्रेंट, एचडीएफसी बैंक और टाइटन में भी उल्लेखनीय तेजी रही। दूसरी ओर, सन फार्मा के शेयरों में गिरावट रही।

किन सेक्टरों में रही तेजी
निफ्टी में श्रीराम फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन और टाटा मोटर्स पैसेंजर वीकल्स में सबसे ज्यादा तेजी रही। ब्रॉडर मार्केट में भी तेजी आई है। निफ्टी मिडकैप 1.4 फीसदी तेजी के साथ ट्रेड कर रहा है जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 1.7 फीसदी तेजी आई है। सेक्टरवाइज देखें तो निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑटो और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में सबसे ज्यादा तेजी आई है। दूसरी ओर निफ्टी ऑटो और निफ्टी हेल्थकेयर में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली है।

क्यों उछला शेयर बाजार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान शांति समझौते के लिए सहमत हो गया है। इससे पश्चिम एशिया में तीन महीने से अधिक समय से चला आ रहा युद्ध खत्म हो जाएगा और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल दिया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों पक्षों ने एकदूसरे के खिलाफ सैन्य अभियान तुरंत बंद करने की घोषणा की है।

त्रिदिवसीय योग शिविर 19 से ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ थीम पर होंगे विशेष सत्र

कोटा। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले त्रिदिवसीय योग शिविर के पोस्टर का रविवार को विश्व पर्यावरण दिवस समारोह के दौरान विमोचन किया गया।

योग फ्रॉम हार्ट टीम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कोटा दक्षिण के विधायक संदीप शर्मा एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों ने पोस्टर का लोकार्पण कर योग को जन-जन तक पहुंचाने के अभियान की सराहना की।

इस अवसर पर विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं गौरवशाली परंपरा है, जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाती है। वर्तमान की व्यस्त जीवनशैली में स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना आवश्यक है।

कार्यक्रम में पूर्व महापौर महेश विजय, पूर्व नेता प्रतिपक्ष विवेक राजवंशी, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं समाजसेवी रविन्द्र विजय, पूर्व पार्षद संजीव विजय तथा पूर्व पार्षद अमोलक देवी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

त्रिदिवसीय योग शिविर के मुख्य संयोजक राजेश जैन ‘अरिहंत’ ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि समाज को स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली से जोड़ने वाला जनआंदोलन है। वहीं सकल जैन समाज के मुख्य संयोजक जे.के. जैन ने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

योग फ्रॉम हार्ट की निदेशक मोनिका जैन ने बताया कि संस्था पिछले छह वर्षों से योग जागरूकता और स्वास्थ्य संवर्धन के क्षेत्र में सक्रिय है। संस्था के संस्थापक एवं योगाचार्य इंजीनियर मनीष जैन ने जानकारी दी कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 की वैश्विक थीम ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ निर्धारित की गई है। इसी थीम के अनुरूप 19, 20 एवं 21 जून को प्रातः 6:30 बजे से 8 बजे तक स्वामी विवेकानंद विद्या निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, महावीर नगर तृतीय में त्रिदिवसीय योग शिविर आयोजित किया जाएगा।

शिविर में प्रतिभागियों को कॉमन योगा प्रोटोकॉल (सीवाईपी) का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही योगासन, प्राणायाम, ध्यान, रिलेक्सेशन, तनाव प्रबंधन, स्वास्थ्य जागरूकता और सकारात्मक जीवनशैली से संबंधित विशेष सत्र भी आयोजित होंगे। आयोजकों के अनुसार शिविर में सभी आयु वर्ग के नागरिकों की सहभागिता निःशुल्क रहेगी।

कार्यक्रम में ओ.पी. गुप्ता, मुकेश सक्सेना, जयेश गुप्ता, बृजेश कुमार गर्ग, प्रवीण शर्मा, भुवनेश जैन, सुनील वर्मा, आशा शर्मा, पूनम वर्मा, मनीषा लुल्ला और दर्शना जैन सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

इसके अलावा जैन सोशल ग्रुप, दिगंबर जैन सोशल ग्रुप, जीटो, भारतीय जैन संगठन, जेसीआई, रोटरी क्लब, लायंस क्लब, इंडियन बिल्डिंग्स कांग्रेस, प्रीस, ईसीके एलुमनाई कोटा चैप्टर तथा भारत विकास परिषद सहित विभिन्न सामाजिक एवं व्यावसायिक संगठनों की सहभागिता भी रहेगी।

प्रो. डॉ. अनुकृति ने प्रस्तुत किया खेल आधारित आर्थिक विकास का रोडमैप

कोटा/हल्द्वानी। Uttarakhand Sports Science Conclave-2026: उत्तराखंड राज्य खेल विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित उत्तराखंड स्पोर्ट्स साइंस कॉन्क्लेव-2026 में खेल आधारित आर्थिक विकास और युवाओं के लिए रोजगार सृजन के नए अवसरों पर व्यापक विमर्श हुआ।

गैलापार स्थित आईजी खेल विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस राष्ट्रीय आयोजन का शुभारंभ कुलपति प्रो. अमित सिंहा ने किया।कुलपति ने बताया कि राज्य के प्रत्येक जिले में खेल हब परियोजना क्रियान्वित की जा रही है तथा विश्वविद्यालय में जुलाई से प्रवेश एवं अगस्त से पाठ्यक्रम आरंभ होंगे।

कॉन्क्लेव में कोटा विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. अनुकृति शर्मा द्वारा ‘स्पोर्ट्स मैनेजमेंट फॉर स्पोर्ट्स-लेड इकोनॉमिक डेवलपमेंट एंड यूथ जॉब अपॉर्च्युनिटीज इन उत्तराखंड’ विषय पर दी गई प्रस्तुति विशेष रूप से चर्चा का केंद्र रही। उन्होंने तर्क दिया कि उत्तराखंड अपनी भौगोलिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन विशेषताओं के कारण देश का अग्रणी स्पोर्ट्स इकोनॉमी हब बनने की अपार क्षमता रखता है।

डॉ. शर्मा ने रेखांकित किया कि हिमालयी क्षेत्र साहसिक, शीतकालीन एवं पर्वतीय खेलों के लिए विश्वस्तरीय संभावनाएं प्रदान करता है। राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से राज्य की खेल अधोसंरचना सुदृढ़ हुई है, जबकि ऋषिकेश और हरिद्वार योग एवं वेलनेस पर्यटन में वैश्विक पहचान अर्जित कर चुके हैं।

स्पोर्ट्स मैनेजमेंट में हों नए पाठ्यक्रम: प्रो.अनुकृति शर्मा ने प्रस्तुति में स्पोर्ट्स मैनेजमेंट को खेल संगठनों, प्रतियोगिताओं, खिलाड़ियों एवं खेल व्यवसाय के वैज्ञानिक प्रबंधन से जुड़ा बहुआयामी अनुशासन बताया गया। डॉ. शर्मा ने स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध स्तर पर स्पोर्ट्स मैनेजमेंट पाठ्यक्रम प्रारंभ करने का सुझाव दिया, जिससे खेल आयोजन प्रबंधक, स्पोर्ट्स मार्केटिंग विशेषज्ञ, खेल विश्लेषक, स्टेडियम प्रबंधक, खेल पत्रकार एवं एडवेंचर टूरिज्म प्रबंधक जैसे व्यवसायों में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

स्पोर्ट्स इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना: उन्होंने स्पोर्ट्स इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना पर भी बल दिया, जहाँ युवाओं को स्टार्टअप, नवाचार और उद्योग जगत से जुड़ने के अवसर सुलभ हो सकें। खेलो इंडिया, राष्ट्रीय खेल विकास कोष, स्टार्टअप इंडिया तथा उत्तराखंड स्टार्टअप नीति-2023 जैसी केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं को इस दिशा में सहायक बताया गया।

PEFI MOU: विश्वविद्यालय की उपकुलपति डॉ. रशिका सिद्दीकी ने जानकारी दी कि खेल विश्वविद्यालय एवं फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया (PEFI) के मध्य एक महत्त्वपूर्ण समझौता संपन्न हुआ है, जिसके अंतर्गत दोनों संस्थानों के छात्र परस्पर खेल संसाधनों का उपयोग कर सकेंगे।

कार्यक्रम में एनएसीआईटी के सलाहकार डॉ. अरुण कुमार, राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर डॉ. नेहा सिंहा, अभिषेक इस्तार, गौतम विर्क तथा डी टाउन रोबोटिक्स के अविनाश चंद पाल ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए।

रिद्धि सिद्धि नगर में आज से गूंजेगा णमोकार महामंत्र, 5 दिवसीय जाप अनुष्ठान शुरू

कोटा। रिद्धि सिद्धि नगर, कुन्हाड़ी स्थित श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में 15 जून से 19 जून 2026 तक णमोकार महामंत्र के लाखों जाप का विशेष अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा।

भारत गौरव गणिनी आर्यिका रत्न स्वस्ति भूषण माताजी (ससंघ) के सान्निध्य में आयोजित इस धार्मिक आयोजन के माध्यम से विश्व शांति, जीव कल्याण एवं धर्म प्रभावना का संदेश दिया जाएगा।

माताजी ने प्रवचन में कहा कि सम्यक दर्शन का तीसरा अंग निर्विचिकित्सा है, अर्थात धर्मात्माओं की सेवा में किसी प्रकार की ग्लानि या घृणा का भाव नहीं होना चाहिए। सेवा तभी सार्थक होती है जब व्यक्ति दूसरों के दुख को अपना दुख समझकर अनुभव करे।

उन्होंने कहा कि जैसे चिकित्सक रोगी का उपचार करते समय किसी प्रकार की घृणा नहीं करता, उसी प्रकार धर्ममार्ग पर चलने वाले व्यक्ति को भी सेवा भाव से कार्य करना चाहिए।

मंदिर अध्यक्ष राजेन्द्र गोधा व मंत्री पंकज खटोड़ ने बताया कि अनुष्ठान के दौरान प्रतिदिन प्रातः 7 बजे अभिषेक एवं शांतिधारा, 7:30 बजे जाप अनुष्ठान तथा 8:30 बजे मंगल प्रवचन होंगे। सायं 7 बजे गुरु भक्ति एवं आनंद यात्रा का आयोजन किया जाएगा।

णमोकार महामंत्र का जाप प्रातः 5 बजे से रात्रि 10 बजे तक निरंतर चलता रहेगा। श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे शुद्ध वस्त्र धारण कर अपनी सुविधानुसार जाप में सम्मिलित हों।

इस अवसर पर सकल दिगंबर जैन समाज के महामंत्री पदम बड़ला, मंदिर अध्यक्ष राजेन्द्र गोधा, मंत्री पंकज खटोड़, कोषाध्यक्ष ताराचंद बड़ला, मनोज जैसवाल, पारस बज आदित्य, पारस कासलीवाल, संजय सांवला, पारस लुहाड़िया, राजकुमार पाटनी, नरेंद्र कासलीवाल एवं संजय लुहाड़िया सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

हाईवे के ब्लैक स्पॉट्स को तुरंत दुरुस्त करने व सड़कों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश

ऊर्जा मंत्री नागर ने ली एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक

कोटा। राजस्थान सरकार के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने रविवार को कोटा आगमन पर अपने निजी आवास पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और सार्वजनिक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

बैठक के दौरान मंत्री नागर ने क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट जानी और आमजन को राहत पहुंचाने के लिए कार्यों की गति बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए।

​बैठक में मुख्य रूप से कोटा-बारां हाईवे पर बढ़ते सड़क हादसों को रोकने और विभिन्न स्थानों पर बने खतरनाक ‘ब्लैक स्पॉट्स’ (एक्सीडेंटल पॉइंट्स) को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने हाईवे पर सुरक्षा इंतजामों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ताथेड़ ऑयल फैक्ट्री, ताथेड कट, सिमलिया के दोनों तरफ हाईवे पर चढ़ने वाले पॉइंट्स और चींसा में इस समय बेहद संवेदनशील एक्सीडेंटल ब्लैक स्पॉट बन चुके हैं।

इन जगहों पर आए दिन दुर्घटनाएं होने का अंदेशा बना रहता है। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन सभी ब्लैक स्पॉट्स का तकनीकी रूप से निरीक्षण कर इन्हें जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए, ताकि वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और जनहानि को रोका जा सके।

​डीसीएम से बालापुरा तक बनेगा एलिवेटेड रोड
​शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा मंत्री ने बैठक में एक बड़े प्रोजेक्ट पर भी चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों से डीसीएम से सीधे एलिवेटेड रोड बनाकर उसे बालापुरा तक मिलाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। मंत्री नागर ने एनएचएआई के परियोजना निदेशक को इस महत्वाकांक्षी परियोजना की ड्राइंग और विस्तृत डिजाइन (डीपीआर) जल्द से जल्द तैयार करने के निर्देश दिए। इस एलिवेटेड रोड के बनने से क्षेत्र में यातायात का दबाव बेहद कम हो जाएगा।

​इसके साथ ही, ऊर्जा मंत्री ने पीडब्ल्यूडी के कार्यों की भी गहन समीक्षा की। उन्होंने क्षेत्र में नॉन-पेचेबल सड़कों, ग्रेवल सड़कों और मिसिंग लिंक सड़कों के निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति और प्रगति की जानकारी ली। मंत्री नागर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सड़कों के निर्माण कार्य में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देश दिए कि सभी अटके हुए और प्रगतिरत सड़क निर्माण कार्यों की गति बढ़ाई जाए, ताकि आम जनता को आवागमन में तुरंत राहत मिल सके और गुणवत्तापूर्ण सड़कों का लाभ मिल सके।

बैठक में सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता जेपी गुप्ता, अधिशासी अभियंता अंकित बिंदल, दिनेश धाकड़ सहित राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक संदीप अग्रवाल मौजूद रहे।

श्रीमद भागवत कथा: सब कुछ पाकर भी भगवान को कभी भूलना नहीं चाहिए

कोटा। श्री धरणीधर जन सेवा संस्थान एवं समस्त धाकड़ समाज, कोटा के संयुक्त तत्वावधान में विनोबाभावे नगर स्थित खड़े गणेश जी रोड पर स्थित श्री धरणीधर गार्डन में भव्य ‘श्रीमद भागवत कथा महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है।

कथा के आठवें दिन रविवार को बनेठ वाले गुरुदेव परम पूज्य हरिओम महाराज ने अपनी सुमधुर वाणी से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा के दौरान महाराज श्री ने जीवन प्रबंधन और अध्यात्म से जुड़े कई महत्वपूर्ण सूत्र भक्तों के सामने रखे।

​बनेठ वाले गुरुदेव ने कथा प्रसंगों का वर्णन करते हुए कहा कि प्रत्येक मनुष्य को भगवान के सानिध्य में ही अपना जीवन जीना चाहिए। परमात्मा ही इस संसार में सबकी आत्मा के वास्तविक आधार हैं और उनके बिना जीवात्मा अधूरी है।

जो मनुष्य इस नश्वर संसार को छोड़कर भगवान का भजन किए बिना चला जाता है, परलोक में उसका कोई आदर नहीं होता और उसे यमदूतों की प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। जो मनुष्य अपने नौ द्वारों (इंद्रियों) पर नियंत्रण पाकर परमात्मा के धाम जाता है, उसी का वहां आदर और लाड होता है।

इस पूरी सृष्टि में ईश्वर के अलावा हमारा अपना कोई दूसरा नहीं है। विडंबना यह है कि जो हमारा नहीं है (संसार), उसे हम छोड़ नहीं पा रहे और जो वास्तव में हमारा है (भगवान), उससे हम जुड़ नहीं पा रहे हैं। त्रिगुणमयी माया ने मनुष्य को ऐसा उलझाया है कि वह ईश्वर की ओर कदम ही नहीं बढ़ा पाता।

​संस्कारवान जीवन ही असली सुंदरता
​गुरुदेव ने समाज पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो मनुष्य सुबह बिना मंजन के भोजन करता है वह ढोर (पशु) के समान है, और जो व्यक्ति जीवन में भगवान का भजन नहीं करता वह चोर के समान है। जीवन का असली लक्ष्य यह भौतिक संसार नहीं, बल्कि सांवरिया (श्रीकृष्ण) को पाना है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे मोबाइल कवर के साथ सुरक्षित और अच्छा लगता है, ठीक वैसे ही मानव जीवन भी सुंदर संस्कारों से ही श्रेष्ठ बनता है। असली सुंदरता सजने-संवरने में नहीं, बल्कि भगवान की भक्ति में है। माता-पिता को सीख देते हुए उन्होंने कहा कि केवल औलाद पैदा करना ही माता-पिता का कर्तव्य नहीं है, बल्कि अपनी संतान में उच्च संस्कार भरना ही उनका असली दायित्व है।

​व्यसन और धन के नशे पर प्रहार
​कथा के दौरान महाराज श्री ने धन और मदिरा के नशे की तुलना करते हुए कहा कि दोनों का नशा एक जैसा ही घातक है। मदिरा के नशे में धुत व्यक्ति को सड़क पर कुत्ता चाटता है, जबकि धन के अहंकार में डूबा व्यक्ति खुद कुत्ते की गुलामी करने को तैयार हो जाता है। उन्होंने भक्तों को जीवन का मूल मंत्र देते हुए कहा कि जीवन में चाहे सब कुछ खो जाए, लेकिन कभी रोना नहीं चाहिए, और सब कुछ पा लेने के बाद भी भगवान को कभी भूलना नहीं चाहिए।

रेलवे भर्ती में बड़ा बदलाव, अब विभागीय परीक्षाएं होंगी कंप्यूटर आधारित

नई दिल्ली।/ कोटा। भारतीय रेलवे ने भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सटीक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब रेलवे की सभी विभागीय परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) के माध्यम से आयोजित की जाएंगी।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे भर्ती बोर्ड की भर्ती प्रक्रिया को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में भर्ती प्रक्रियाओं को अधिक तेज, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

भारतीय रेलवे ने विभागीय परीक्षाओं में टैबलेट आधारित टेस्टिंग का दायरा बढ़ाने का भी निर्णय लिया है, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक सटीक, समयबद्ध और प्रभावी बन सके।

बैठक में बताया गया कि वित्त वर्ष 2025-26 में रेलवे ने भर्ती प्रक्रिया में उल्लेखनीय गति लाते हुए 6 प्रमुख श्रेणियों में 47,084 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी की तथा 43,781 अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान की।

इनमें सर्वाधिक 18,799 नियुक्तियां असिस्टेंट लोको पायलट और 14,298 नियुक्तियां टेक्नीशियन पदों पर हुईं। इसके अतिरिक्त 452 सब-इंस्पेक्टर व कॉन्स्टेबल, 4,208 जूनियर इंजीनियर तथा 1,376 पैरामेडिकल श्रेणी के पदों पर भी नियुक्तियां की गईं।

अब मोबाइल में नहीं बजेगा इमर्जेंसी अलार्म, सरकार ने बंद कर दी सेवा, जानिए क्यों

नई दिल्ली। बीते दिनों आपके मोबाइल पर तेज अलार्म के साथ ही पॉप-अप मेसेज जरूर आया होगा। अब कुछ दिनों तक किसी के मोबाइल पर इस तरह का संदेश नहीं आएगा। कारण है कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम को फिलहाल रोकने का फैसला किया है। जानकारी के मुताबिक कुछ जरूरी रिव्यू और सुधार के बाद इसे फिर से शुरू किया जाएगा।

बीते दिनों एनडीएमए ने लोगों को प्राकृतिक आपदाओं से आगाह करने के लिए एक सेवा शुरू की थी। इसके तहत लोगों के मोबाइल फोन पर एक साथ जोरदार अलार्म बजता था और साथ ही संदेश भी फ्लैश होता था। यह सामान्य संदेश से एकदम अलग होता था। किसी आपातकालीन संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए ही इसका इस्तेमाल किया जाता था।

सरकार ने मई में ही इस सेवा को शुरू किया था। इसके तहत लोगों को अलर्ट किया जाता था। सेवा शुरू होने के बाद कई बार लोगों के पास आंधी या मूसलाधार बारिश के अलर्ट आए। उत्तर भारत में तूफान से पहले भी लोगों के फोन बजने लगे। यह सेवा में तेज अलार्म इसलिए बजता है ताकि आपका ध्यान तुरंत उस संदेश की ओर चला जाए और आप सतर्क हो जाएं।

अब सवाल है कि एनडीएमए ने इस सेवा को अस्थायी तौर पर बंद क्यों की। इसकी कोई पुख्ता वजह आधिकारिक तौर पर तो नहीं बताई गई है लेकिन जानकारों का कहना है कि कुछ एजेंसियां साथ मिलकर इस तकनीक को और सटीक बनाने और इसकी समीक्षा कर रही हैं। ऐसे में कुछ समय में इसे फिर से शुरू किया जा सकता है। इस सेवा में कुछ सुधार भी हो सकते हैं।

इस सेवा की जरूरत
इस सेवा की सबसे बड़ी खासियत तो यह है कि बिना इंटरनेट के भी यह अलर्ट आपके मोबाइल पर आ जाताहै। इसके अलावा ब्रॉडकास्ट मेसेज तुरंत आपके फोन में पहुंचता है। इसमें देर नहीं लगती है। इस मेसेज का अलर्ट भी काफी जोर से बजता है जो कि तुरंत ध्यान खींचता है।

इसके अलावा यह सिर्फ उस लोकेशन पर ही संदेश भेजता है जहां खतरे का अंदेशा होता है। इस तकनीक को C-DOT यानी सेंटर फॉर डिवेलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स और गृह मंत्रालय ने मिलकर तैयार किया है।

100% एथेनॉल फ्यूल को कानूनी मंजूरी, 22 लाख करोड़ का आयात बिल कम होगा

नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि उन्होंने 100 फीसदी एथेनॉल फ्यूल के उपयोग को कानूनी मान्यता देने वाले नियमों को मंजूरी दे दी है। इस कदम का मकसद आयातित फ्यूल पर भारत की निर्भरता कम करना और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर बदलाव को तेज करना है।

NDA सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर नागपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गडकरी ने कहा, “कल रात 8 बजे मैंने फाइल पर हस्ताक्षर किए और 100 फीसदी एथेनॉल के उपयोग को कानूनी मंजूरी देने वाले नियमों को अंतिम रूप दे दिया।”

गडकरी के अनुसार, एथेनॉल पेट्रोल का एक व्यवहारिक विकल्प बन सकता है और इससे भारत का भारी-भरकम ईंधन आयात बिल कम करने में मदद मिलेगी। देश वर्तमान में ईंधन आयात पर करीब 22 लाख करोड़ रुपये खर्च करता है और सरकार घरेलू स्तर पर उत्पादित वैकल्पिक ईंधनों के जरिए इस बोझ को कम करना चाहती है।

एथेनॉल आधारित ईंधन के लंबे समय से समर्थक रहे गडकरी ने कहा कि शुरुआत में इस विचार का मजाक उड़ाया जाता था। उन्होंने कहा, “मैं इस सपने की बात करता था तो लोग हंसते थे। मेरे कुछ मित्र इसकी आलोचना भी करते थे।”

गडकरी ने हाल में लॉन्च किए गए फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों का भी जिक्र किया। उन्होंने हाल ही में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ मिलकर मारुति सुजुकी की एथेनॉल-संगत वैगनआर लॉन्च की थी।

यह कंपनी की लोकप्रिय हैचबैक का ऐसा संस्करण है, जो E20 से लेकर E100 तक एथेनॉल-पेट्रोल मिक्स पर चल सकता है। हालांकि मौजूदा भारतीय नियमों के तहत इसे E85 ईंधन के उपयोग की मंजूरी मिली हुई है।

मंत्री ने हीरो मोटोकॉर्प की पहल का भी उल्लेख किया। कंपनी ने स्प्लेंडर प्लस और HF डीलक्स के फ्लेक्स-फ्यूल संस्करण लॉन्च किए हैं, जिनमें E85-संगत इंजन लगाए गए हैं। पिछले सप्ताह हीरो मोटोकॉर्प के कार्यक्रम में गडकरी और पुरी दोनों ने परिवहन ईंधन में एथेनॉल की हिस्सेदारी बढ़ाने की वकालत की थी।

गडकरी ने कहा कि कई बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियां भी जल्द एथेनॉल-संगत वाहन लॉन्च करने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने कहा, “टोयोटा, सुजुकी, एमजी और हुंडई जैसी कंपनियां अगले डेढ़ महीने के भीतर 100 फीसदी एथेनॉल पर चलने वाले वाहन लॉन्च करेंगी।”

एथेनॉल के अलावा गडकरी ने परिवहन ईंधन के रूप में ग्रीन हाइड्रोजन के उपयोग को बढ़ाने की योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जल्द ही नागपुर में एक पायलट परियोजना शुरू की जाएगी, जिसमें हाइड्रोजन रीफ्यूलिंग स्टेशन और दो हाइड्रोजन से चलने वाली बसें शामिल होंगी। ये बसें इलेक्ट्रोलाइजर की मदद से पानी से तैयार किए गए ग्रीन हाइड्रोजन पर चलेंगी और आम जनता के लिए उपलब्ध होंगी।

नितिन गडकरी की यह घोषणा ऐसे समय आई है जब हाल ही में सरकार ने 22 से 30 फीसदी एथेनॉल मिश्रण वाले एथेनॉल-पेट्रोल ब्लेंड को केंद्रीय उत्पाद शुल्क से छूट देने का फैसला किया है। इससे इन मिश्रणों को E20 ईंधन के समान दर्जा मिल गया है, जो वर्तमान में पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध मानक मिश्रण है।

सरकार ने केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन का भी प्रस्ताव रखा है, ताकि E85 ईंधन और 100 फीसदी एथेनॉल ईंधन को औपचारिक मान्यता दी जा सके। यह कदम भारत में वैकल्पिक ईंधनों को व्यापक स्तर पर अपनाने के लिए आवश्यक नियामकीय आधार तैयार करेगा।