Friday, July 24, 2026
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क्या लाल किले के पास जैश-ए-मोहम्मद ने करवाया था धमाका, UNSC की रिपोर्ट

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र (UN) की आतंकवाद विरोधी निगरानी टीम ने लाल किले पर हुए धमाके को लेकर बड़ा खुलासा किया है। यूएन ने बताया कि एक सदस्य देश ने सूचना दी है कि जैश-ए-मोहम्मद ने दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर हुए हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की है।

इसके साथ ही, UN ने आतंकी संगठन की बदलती रणनीतियों पर चिंता जताते हुए मसूद अजहर द्वारा ‘जमात-उल-मुमिनात’ नामक एक विशेष महिला आतंकी विंग के गठन की पुष्टि की है।

दरअसल, जैश-ए-मोहम्मद का भारत को मुख्य रूप से निशाना बनाकर आतंकवादी गतिविधियों का एक लंबा इतिहास रहा है। यूएन ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में बताया है कि एक सदस्य देश ने सूचना दी है कि जैश-ए-मोहम्मद ने कई हमलों की जिम्मेदारी ली है और 9 नवंबर को नई दिल्ली के लाल किले पर हुए हमले से भी उसका संबंध है, जिसमें 15 लोग मारे गए थे।

यूएन द्वारा जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि 8 अक्टूबर को जैश-ए-मोहम्मद के नेता मसूद अजहर ने औपचारिक रूप से जमात-उल-मुमिनात नामक एक महिला-निहित शाखा की स्थापना की घोषणा की। इस नए संगठन का स्पष्ट उद्देश्य आतंकवादी हमलों को समर्थन देना था, जो समूह द्वारा भर्ती और सहायता रणनीतियों में बदलाव का संकेत देता है।

संयुक्त राष्ट्र की निगरानी दल ने चेतावनी दी है कि निरंतर आतंकवाद-विरोधी दबाव के बावजूद, जैश-ए-मोहम्मद जैसे समूह नए भर्ती मॉडल या प्रतीकात्मक, प्रभावशाली हमलों के माध्यम से अनुकूलनशीलता प्रदर्शित करना जारी रखे हुए हैं।

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, भले ही कुछ आतंकी संगठन कमजोर या खंडित हो गए हों, लेकिन उनकी खुद को नया रूप देने, पुनर्गठित करने और उच्च-स्तरीय लक्ष्यों पर हमला करने की क्षमता क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बनी हुई है।

आतंकवाद पर क्यों नहीं हो पा रही कार्रवाई
ज्ञात हो कि संयुक्त राष्ट्र की निगरानी दल ने आतंकवाद की वर्तमान स्थितियों को भी उजागर किया। यहां कुछ देश जैश-ए-मोहम्मद को सक्रिय और परिचालन की दृष्टि से खतरनाक मानती हैं, वहीं एक अन्य सदस्य देश का कहना है कि यह संगठन निष्क्रिय हो चुका है, जो खुफिया आकलन और जमीनी कार्रवाई में लगातार मौजूद कमियों को दर्शाता है।

रेल यात्रियों को अब ट्रेन में सीट पर मिलेगा गर्म-ताजा खाना, ऐसे करें बुकिंग

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने यात्रियों के खाने-पीने के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए E-Pantry (ई-पैंट्री) नाम से एक नई ऑनलाइन भोजन बुकिंग सेवा शुरू कर दी है। यह सुविधा 25 Mail और Express ट्रेनों में उपलब्ध कराई गई है, जिससे यात्री अपनी पसंद का भोजन टिकट बुकिंग के समय या बाद में ऑनलाइन ही बुक कर सकते हैं और ट्रेन में बैठे-बिठाए उनकी सीट पर भोजन मिल सकता है।

पहले यात्रियों को स्टेशन पर उतरकर खाना खरीदना पड़ता था या अनजाने वेंडरों पर निर्भर रहना होता था। लेकिन अब इस नई डिजिटल सेवा से टिकट बुक करते समय या बाद में IRCTC की वेबसाइट/ऐप पर आप भोजन और पानी को पहले से बुक कर सकते हैं और ट्रेन में बैठे-बिठाए वही खाना आपकी सीट तक डिलीवर हो जाएगा।

बुकिंग के बाद आपको एक Meal Verification Code (MVC) मिलता है, जिसे यात्रा के दिन साझा करने पर भोजन सीधे आपकी सीट पर डिलीवर किया जाता है। यह सेवा उन Mail/Express ट्रेनों के लिए खास है जिनमें टिकट में भोजन शामिल नहीं होता। जिसमें अगर भोजन नहीं मिला तो refund भी मिलता है।

ऐसे करें E-Pantry बुकिंग

  • IRCTC वेबसाइट या ऐप पर लॉग-इन करें।
  • ट्रेन टिकट बुक करते समय (या बाद में “Booked Ticket History” सेक्शन से भी) E-Pantry ऑप्शन चुनें।
  • अपनी पसंद का डिश/भोजन और Rail Neer का चयन करें।
  • ऑनलाइन पेमेंट पूरा करें।
  • आपको एक Meal Verification Code (MVC) SMS/Email के जरिए मिलेगा।
  • यात्रा के दिन उस MVC को ट्रेन में भोजन देने वाले स्टाफ को दिखाएं और भोजन अपनी सीट पर पाएं।

E-Pantry सर्विस इन ट्रेन में शामिल
E-Pantry सेवा को शुरुआत में 25 प्रमुख Mail और Express ट्रेनों में लाया गया है। इसमें ऐसे लंबे रास्तों वाली ट्रेनें शामिल हैं जिनमें यात्रियों को खाने-पीने की जरूरत अधिक होती है। Vivek Express, Swatantra Senani Express, Swarnajayanti Express, Karnataka Sampark Kranti, Mangaldweep Express, Kalinga Utkal Express, Pushpak Express, Paschim Express, Grand Trunk Express, Poorva Express में यह सर्विस शुरू हो गई है। जल्द ही अन्य ट्रेनों फीडबैक के आधार पर इसे शुरू किया जाएगा।

MCX पर सोना 1.57 लाख के नीचे, चांदी 1657 रुपये लुढ़की, जानिए आज के भाव

नई दिल्ली। Gold Silver Price on MCX: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया यानी MCX पर गुरुवार को सोने और चांदी के भाव में गिरावट के साथ कारोबार शुरू हुआ। यह गिरावट अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत डॉलर के चलते बुलियन कीमतों में आई कमजोरी की वजह से हुई।

एमसीएक्स पर अप्रैल फ्यूचर कांट्रैक्ट वाला सोना 0.47 फीसदी की गिरावट के साथ 1,58,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर खुला, जबकि इसका पिछला बंद भाव 1,58,755 रुपये था। कारोबार के दौरान सोना 1,57,701 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर तक फिसल गया।

मार्च फ्यूचर कांट्रैक्ट वाली चांदी 1,657 रुपये यानी 0.63 फीसदी की गिरावट के साथ 2,61,361 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली। इससे पहले इसका बंद भाव 2,63,018 रुपये था। चांदी ने कारोबार के दौरान 2,60,453 रुपये का निचला स्तर छुआ, जो करीब 1 फीसदी की गिरावट है। एमसीएक्स पर चांदी 1,950 रुपये यानी 0.74 फीसदी की कमजोरी के साथ 2,61,068 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी में गिरावट दर्ज की गई। जनवरी के रोजगार आंकड़े उम्मीद से बेहतर आने के बाद अमेरिकी डॉलर में मजबूती आई है, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कमजोर हुई हैं।

स्पॉट गोल्ड 0.4 फीसदी गिरकर 5,058.64 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि पिछले सत्र में इसमें 1 फीसदी से अधिक की तेजी आई थी। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स अप्रैल डिलीवरी के लिए 0.3 फीसदी फिसलकर 5,080 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। स्पॉट सिल्वर में 1.4 फीसदी की गिरावट आई और यह 82.87 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि बुधवार को इसमें 4 फीसदी की तेजी आई थी।

अन्य कीमती धातुओं की बात करें तो स्पॉट प्लैटिनम 1 फीसदी गिरकर 2,110.63 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं पैलेडियम ने गिरावट के रुझान को तोड़ा और 0.4 फीसदी की बढ़त के साथ 1,707.17 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।

जून में संभावित दर कटौती की उम्मीद
रॉयटर्स के एक सर्वे में संकेत दिया गया है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल के कार्यकाल के दौरान ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है। पॉवेल का कार्यकाल मई में समाप्त हो रहा है और उसके बाद जून में संभावित दर कटौती हो सकती है। सर्वे में शामिल अर्थशास्त्रियों ने आशंका जताई है कि पॉवेल के संभावित उत्तराधिकारी केविन वार्श के नेतृत्व में नीति अत्यधिक उदार हो सकती है।

Stock Market: सेंसेक्स 400 अंक लुढ़ककर 84000 के नीचे और निफ्टी 25850 पर

नई दिल्ली। Stock Market Opened: शेयर मार्केट आज गुरुवार 12 फरवरी को गिरावट के साथ खुला। शुरुआती कारोबार बीएसई सेंसेक्स में 400 अंक से अधिक गिरावट के साथ 83,817 अंक पर आ गया जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स भी 100 अंक से अधिक गिरावट के साथ 25,850 अंक के नीचे चला गया। सुबह 10 बजे सेंसेक्स 310.75 अंक यानी 0.37% गिरावट के साथ 83,922.89 अंक पर था जबकि निफ्टी 85.50 अंक यानी 0.33% गिरावट के साथ 25,868.35 अंक पर था।

सेंसेक्स के शेयरों में इन्फोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इटरनल और टाइटन कंपनी के शेयरों में सबसे ज्यादा 2 से 4 फीसदी तक गिरावट आई। दूसरी ओर आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी, एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड और टाटा स्टील के शेयरों में मामूली तेजी रही।

बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 265 अंक नीचे 83968 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज NSE का 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 69 अंकों की कमजोरी के साथ 25906 पर खुला।

शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 0.31 प्रतिशत की कमजोरी दर्शाता है। वहीं, एनएसई का निफ्टी 50 भी 81 अंक फिसलकर 25,873 पर आ गया, जो लगभग 0.31 प्रतिशत की गिरावट है।

बाजार के व्यापक रुख की बात करें तो मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव बना रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.46 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.68 प्रतिशत तक लुढ़क गया।

सेक्टोरल प्रदर्शन में आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2.87 प्रतिशत तक टूट गया, जिससे बाजार की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ा।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

  • एशियन मार्केट
    एशियाई बाजारों में गुरुवार को तेजी के साथ कारोबार किया गया, जिसमें जापान का निक्केई 225 इतिहास में पहली बार 58,000 के स्तर पर पहुंच गया। निक्केई 0.44 प्रतिशत ऊपर था, और टॉपिक्स 0.68 प्रतिशत प्राप्त हुआ। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.12 प्रतिशत उछला, जबकि कोस्डैक 0.22 प्रतिशत बढ़ा। हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स ने कम शुरुआत का संकेत दिया।
  • गिफ्ट निफ्टी टुडे
    गिफ्ट निफ्टी 25,995 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद होने से लगभग 1 अंक का प्रीमियम था, जो भारतीय शेयर बाजार सूचकांकों के लिए एक सपाट शुरुआत का संकेत देता है।
  • वॉल स्ट्रीट
    अमेरिकी शेयर बाजार बुधवार को उम्मीद से बेहतर नौकरियों की रिपोर्ट के बाद नीचे बंद हुआ। डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 66.74 अंक या 0.13 प्रतिशत गिरकर 50,121.40 पर बंद हुआ, जबकि एसएंडपी 500 6,941.47 पर लगभग सपाट बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट 0.16 प्रतिशत कम 23,066.47 पर बंद हुआ।

JEE Main 2026: जेईई मेन का रिजल्ट अब 16 फरवरी तक होगा जारी

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नई दिल्ली। Jee Main Result Postponed: जेईई मेन सेशन-1 रिजल्ट टाल दिया गया है। एनटीए जेईई मेन 2026 का रिजल्ट आज गुरुवार 12 फरवरी को जारी नहीं करेगा। एनटीए ने एक दिन पहले बुधवार रात को नोटिस जारी कर कहा कि जेईई मेन रिजल्ट अब 16 फरवरी तक जारी होगा।

आपको बता दें कि एनटीए ने जेईई मेन 2026 के नोटिफिकेशन में 12 फरवरी तक रिजल्ट जारी करने की बात कही थी इसलिए लाखों परीक्षार्थी नतीजों की राह देख रहे थे। अब इनके टलने से अभ्यर्थियों में थोड़ी मायूसी है। परीक्षा परिणाम जारी होने पर अभ्यर्थी इन्हें jeemain.nta.nic.in पर जाकर चेक कर सकेंगे।

आपको बता दें कि इस बार जेईई मेन 2026 सेशन 1 के लिए कुल 1350969 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इसमें से रिकॉर्ड 1300368 यानी 96.26 फीसदी ने एग्जाम दिया था। जेईई मेन सेशन 1 की परीक्षा 21, 22, 23, 24, 28 और 29 जनवरी, 2026 को हुई थी।

पहले चार दिनों में पेपर 1 की परीक्षा दो शिफ्ट में हुई थी – पहली शिफ्ट सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक। पेपर 2 की परीक्षा आखिरी तारीख को एक ही शिफ्ट में हुई थी – सुबह 9 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक।

ऐसे करें रिजल्ट चेक

  • JEE Main Results 2026 Live: आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाएं।
  • होमपेज पर लेटेस्ट न्यूज सेक्शन देखें।
  • JEE Main 2026 सेशन 1 रिजल्ट स्कोर लिंक पर क्लिक करें।
  • रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड/जन्मतिथि दर्ज कर लॉग इन करें।
  • स्क्रीन पर आपका रिजल्ट दिखाई देगा।
  • रिजल्ट को ध्यान से देखें और डाउनलोड करें।

जेईई मेन पेपर-1 अंडरग्रेजुएट इंजीनियरिंग प्रोग्राम जैसे एनआईटी, आईआईआईटी में बीई, बीटेक और अन्य केंद्रीय वित्तपोषित तकनीकी संस्थानों (सीएफटीआई) में बीटेक/बीई प्रवेश के लिए आयोजित किया जाता है। जबकि जेईई मेन का पेपर दो देश में बी आर्क और बी प्लानिंग कोर्स में प्रवेश के लिए आयोजित किया जाता है।

जेईई मेन 2026 सेशन 2 के लिए 25 फरवरी तक करें आवेदन
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने JEE Main 2026 सेशन 2 (अप्रैल सत्र) के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 फरवरी 2026 से शुरू कर दी है। जो छात्र इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर या प्लानिंग कोर्सेज में एडमिशन लेना चाहते हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

IIT में दाखिला कैसे होगा
जेईई मेन परीक्षाएं खत्म होने के बाद दोनों सत्रों के बेस्ट एनटीए स्कोर के आधार पर स्टूडेंट्स की रैंक जारी की जाएगी। जेईई मेन परिणाम में पहले 2,50,000 रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवार जेईई एडवांस टेस्ट के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे। जेईई एडवांस के जरिए आईआईटी में दाखिला मिलता है। आईआईटी एंट्रेंस जेईई एडवांस्ड भी वही दे सकेगा जिसके 12वीं में कम से कम 75 फीसदी मार्क्स होंगे। या फिर संबंधित बोर्ड एग्जाम में टॉप 20 परसेंटाइल उम्मीदवारों में से एक होंगे।

केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में बैंक कर्मियों ने प्रदर्शन किया

कोटा। विभिन्न मांगों एवं केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों को लेकर एआईबीईए एवं श्रमिक ट्रेड यूनियनके आव्हान पर राजस्थान प्रदेश बैंक एम्पलाइज यूनियन के नेतृत्व में बैंक कर्मियों ने बुधवार को बैंक ऑफ इण्डिया एरोड्राम सर्किल कोटा शाखा पर प्रदर्शन किया।

12 फरवरी 2026 को श्रमिक संगठनों के समर्थन में एआईबीईए के आव्हान पर राजस्थान प्रदेश बैंक एम्पलाइज यूनियन के नेतृत्व में सभी राष्ट्रीयकृत बैंक कर्मियों की हड़ताल रहेगी। 11.30 बजे सभी बैंक कर्मी सेंट्रल बैंक ऑफ इण्डिया क्षेत्रीय कार्यालय नयापुरा एमबीएस हॉस्पिटल के सामने एकत्रित होकर प्रदर्शन करेंगे।

प्रदर्शन उपरांत केंद्रीय श्रम संगठनों की रैली के साथ सभी बैंक कर्मी प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर को ज्ञापन देंगे। केंद्रीय श्रम संगठन के साथ 12 फरवरी की हड़ताल में बैंक कर्मी संगठन एआईबीई, एएआईबीओए तथा बेफी शामिल होंगे।

राजस्थान प्रदेश बैंक एम्पलाइज यूनियन कोटा के अध्यक्ष ललित गुप्ता, सचिव पदम पाटोदी ने बताया कि यह हड़ताल बैंक कर्मियों के सभी कैडर में पर्याप्त भर्ती करने, आउटसोर्सिंग बंद करने, बैंकों के निजीकरण के प्रयास बंद करने, श्रम कानूनों में मजदूर हितों की अनदेखी बंद करने, पुरानी पेंशन लागू करने, निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण करने, जनता के लिए प्रभारों में कटौती करने, एनपीए की वसूली हेतु कारगर कदम आदि मांगो के लेकर की जा रही है।

इस हड़ताल को बैंक कर्मचारी संगठन एआईबीओसी, एनसीबीई,इनबॉक ने भी नैतिक समर्थन दिया। प्रदर्शनकारियों को पदम पाटोदी, ललित गुप्ता, अरविन्द मीणा, डी एस साहू, हेमराज सिंह गौड़, अमित पंचोली, देवेन्द्र सिंह, करनैल सिंह, चित्रांक अग्रवाल, रमेश सिंह, मोहम्मद शाहिद, सागर अजवानी, आरके सिंह, संजीव झा, राजेश कुमार अग्रवाल, रवि कुमार शर्मा ने संबोधित किया।

सिंचाई, जैविक कृषि व डेयरी को बढ़ावा, किंतु बिजली कनेक्शन व नहरी प्रोजेक्ट पर निराशा

राजस्थान बजट 2026- 27 पर भारतीय किसान संघ की प्रतिक्रिया

कोटा। भारतीय किसान संघ ने राजस्थान सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बजट में कृषि एवं किसान हित से जुड़े कई सकारात्मक प्रावधान किए गए हैं, किंतु कुछ महत्वपूर्ण मांगों की अनदेखी से किसानों में निराशा भी है।

प्रान्त अध्यक्ष शंकरलाल नागर और महामंत्री अंबालाल शर्मा, प्रान्त प्रचार प्रमुख आशीष मेहता, सम्भाग अध्यक्ष गिरीराज चौधरी, जिला अध्यक्ष जगदीश कलमंडा, प्रदेश महिला प्रमुख रमा शर्मा एवं प्रान्त महिला प्रमुख रजनी नागर ने संयुक्त वक्तव्य में बताया कि ग्रामदानी भूमियों में किसानों को खातेदारी अधिकार देने तथा उपनिवेशन विभाग का राजस्व विभाग में विलय करने का निर्णय सराहनीय है। इससे राजस्व भूमि संबंधी समस्याओं का समाधान होगा, रिकॉर्ड का डिजिटाइजेशन होगा तथा पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

उन्होंने कहा कि बजट में सिंचाई परियोजनाओं हेतु 11,300 करोड़ रुपए, यमुना जल परियोजना हेतु 32,000 करोड़ रुपए, सूक्ष्म सिंचाई के तहत 3 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के लिए 1,340 करोड़ रुपए तथा मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना के अंतर्गत 2,500 करोड़ रुपए की लागत से 1 लाख 10 हजार जल संरचनाएं बनाने की घोषणा प्रदेश में सिंचित क्षेत्र बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है।

भारतीय किसान संघ ने कहा कि जैविक कृषि, डिजिटल खेती, डेयरी एवं पशुपालन को बढ़ावा देने वाली योजनाएं किसानों की आय वृद्धि में सहायक होंगी। झींगा पालन को औद्योगिक विद्युत दर के स्थान पर कृषि दरों में शामिल करना खारे पानी वाले क्षेत्रों के किसानों के लिए राहतकारी निर्णय है।

प्रत्येक पंचायत मुख्यालय पर 3,496 वर्मी कम्पोस्ट इकाइयों के लिए 270 रुपए करोड़ का प्रावधान तथा प्राकृतिक खेती हेतु उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना पर्यावरण अनुकूल खेती को प्रोत्साहित करेगी।

प्रदेश के डेयरी ब्रांड ‘सरस’ को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने हेतु ₹100 करोड़ का प्रावधान एवं डेयरी विकास बजट में वृद्धि पशुपालकों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। ‘गुड एग्रीकल्चर प्रैक्टिस’ अपनाने वाले किसानों को कार्बन क्रेडिट देने की घोषणा तथा सोलर परियोजनाओं में 10 प्रतिशत भूमि वृक्षारोपण हेतु आरक्षित करने का निर्णय पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

भारतीय किसान संघ पदाधिकारियों ने कहा कि फरवरी 2022 से लंबित कृषि विद्युत कनेक्शनों के निस्तारण हेतु कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया, जिससे किसानों में निराशा है। कृषि विद्युत बकाया बिलों पर पेनल्टी एवं ब्याज में राहत की घोषणा भी अपेक्षित थी।

ऋण राहत आयोग के गठन तथा फसलों के लागत व मूल्य निर्धारण हेतु स्वतंत्र आयोग की मांग भी अधूरी रही। गेहूं पर बोनस की घोषणा नहीं होने से किसानों में समर्थन मूल्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

भारतीय किसान संघ ने सरकार से मांग की है कि घोषित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा पूरक बजट में कृषि एवं किसान कल्याण से जुड़े लंबित विषयों पर आवश्यक राहत प्रावधान किए जाएं। संघ ने कहा कि सकारात्मक घोषणाओं के बावजूद किसानों की मूलभूत समस्याओं के समाधान हेतु और ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

Budget Reaction: कोटा विश्वविद्यालय में भगवान बिरसा मुंडा शोधपीठ की स्थापना

कोटा। राजस्थान बजट 2026-27 को लेकर शहर के प्रबुद्ध व्यक्तियों, शिक्षाविद, एवं उद्यमियों ने अपनी प्रतिक्रया व्यक्त की है। कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) सारस्वत ने बजट प्रावधानों का स्वागत करते हुए कहा कि बजट में उच्च शिक्षा और जनजातीय अध्ययन को नई दिशा देते हुए कोटा विश्वविद्यालय में “भगवान बिरसा मुंडा शोधपीठ” की स्थापना की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि यह शोधपीठ आदिवासी महानायक बिरसा मुंडा के जीवन, दर्शन, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और जनजातीय सांस्कृतिक विरासत के गहन अध्ययन का केंद्र बनेगी।

मानवता एवं स्वास्थ्य को समर्पित बजट: राजेश कृष्ण बिरला
कोटा नागरिक सहकारी बैंक एवं रेडक्रॉस सोसायटी के स्टेट चेयरमैन राजेश कृष्ण बिरला ने राज्य सरकार के बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे आत्मनिर्भर, सशक्त और वैश्विक नेतृत्वकर्ता राजस्थान की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने विशेष रूप से असहाय, विमंदित और लावारिस रोगियों को बिना दस्तावेज के ‘मुख्यमंत्री चिकित्सा आरोग्य योजना’ एवं ‘निरोगी राज्य योजना’ के तहत निःशुल्क उपचार की सुविधा को मानवीय दृष्टिकोण से क्रांतिकारी निर्णय बताया। साथ ही ‘राज सुरक्षा’ योजना के माध्यम से एक्सीडेंट पीड़ितों को बिना कागजी प्रक्रिया के मुफ्त इलाज उपलब्ध कराना आमजन के जीवन की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

कोटा के औद्योगिक व व्यापारिक विकास को गति देगा बजट
कोटा। करेजियस कमेटी फाउडेशन के अध्यक्ष एवं डीसीएम के पूर्व सीईओ वी के जेटली ने राज्य बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार के बजट में कोटा को औद्योगिक एवं व्यापारिक हब के रूप में विकसित करने की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि ‘सिंगल विंडो–वन स्टॉप शॉप’ के तहत ऑनलाइन अनुमतियों की संख्या 149 तक बढ़ाने से कोटा में नए उद्योगों की स्थापना आसान होगी और निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा। कोटा में प्रस्तावित टॉय पार्क की स्थापना से स्थानीय उद्यमियों और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे, वहीं डीएमआईसी के अंतर्गत विकसित होने वाले औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक ढांचे का लाभ भी कोटा को मिलेगा।

सरस उत्पादों के आउटलेट अन्य राज्यों में खोलना स्वागत योग्य
कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ एवं भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ ने राजस्थान सरकार के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट का स्वागत करते हुए इसे किसान, पशुपालक और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक एवं दूरदर्शी बजट बताया है। उन्होंने राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी डेवलपमेंट फंड की राशि ₹1,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹2,000 करोड़ किए जाने के निर्णय को दुग्ध उत्पादकों के हित में ऐतिहासिक कदम बताया। साथ ही ‘सरस’ उत्पादों के आउटलेट अन्य राज्यों में खोले जाने से विपणन के नए अवसर सृजित होंगे।

डीडीजीएम के शुल्क मुक्त आयात से सोयाबीन सप्ताह भर में 500 रुपये टूटी

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में बुधवार को लिवाली के अभाव में गेहूं 40 रुपये, धान, सोयाबीन 50 रुपए और चना 25 रुपये मंदा रहा। कारोबारी सूत्रों के अनुसार भारत और अमेरिका की ट्रेड डील के बाद डीडीजीएम के शुल्क मुक्त आयात को लेकर बने हालत के कारण सोयाबीन पिछले एक सप्ताह में 500 रुपये क्विंटल से ज्यादा गिर चुकी है। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब 70 हजार कट्टे और लहसुन की 500 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं 2371 से 2425, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 2000 से 2350, मक्का लाल 1500 से 1750, मक्का सफेद 2500 से 2800, जौ 2000 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3201, धान (1509) 3000 से 3761, धान (1847) 3200 से 3701, धान (1718-1885) 3700 से 4300, धान (पूसा-1) 3800 से 4100, धान (1401-1846) 3800 से 4200, धान दागी 1500 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 4000 से 5211, सरसो 6200 से 6600, सरसों नयी 5500 से 6700, अलसी 6000 से 6700, तिल्ली 7000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 6900, उड़द 4500 से 8400, चना देशी 4700 से 5221, चना मौसमी 4700 से 5200, चना पेप्सी 4800 से 5251, चना डंकी 3500 से 4700, चना काबुली 6000 से 7500 रुपये प्रति क्विंटल।

पुराना लहसुन 3000 से 8000, नया लहसुन 3500 से 10500, मैथी 4000 से 5100, धनिया बादामी 7500 से 8800, धनिया ईगल 9200 से 9500 रुपये प्रति क्विंटल।

Rajasthan Budget: पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र को नई ऊर्जा देगा राज्य बजट: महेश्वरी

कोटा। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान, कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक महेश्वरी ने राज्य सरकार के बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट पर्यटन, आतिथ्य और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को नई दिशा देने वाला है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर एंड कैपेसिटी बिल्डिंग फंड के गठन तथा ₹5,000 करोड़ से अधिक के पर्यटन कार्यों के लिए संसाधन उपलब्ध कराने की घोषणा से राज्य में पर्यटन सुविधाओं का व्यापक विस्तार संभव होगा।

महेश्वरी ने बताया कि पर्यटन विकास के लिए ₹975 करोड़ का प्रावधान, जयपुर में आईफा अवॉर्ड्स का आयोजन, 10 आइकॉनिक टूरिस्ट डेस्टिनेशन का विकास तथा नाइट टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ₹100 करोड़ का प्रावधान सराहनीय कदम हैं। पर्यटन सहायता बल को सशक्त करने, महिला सुरक्षा कर्मियों और महिला गाइड की नियुक्ति से पर्यटकों, विशेषकर महिला यात्रियों में विश्वास बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि कोटा सहित प्रदेश के सौंदर्यीकरण व उन्नयन कार्यों के लिए लगभग ₹3,000 करोड़ का प्रावधान आतिथ्य उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत है। कोटा एयरपोर्ट के निकट एयरो सिटी की स्थापना, अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क का विस्तार, इलेक्ट्रिक बसों का संचालन तथा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के संकेत हाड़ौती क्षेत्र के पर्यटन को नई पहचान देंगे।

बारां के रामगढ़ क्रेटर, शेरगढ़ सेंचुरी, बूंदी के धार्मिक स्थलों पर रोपवे, तथा 402 किमी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे जैसी घोषणाएं क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी। शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना, हेरिटेज वॉक, अल्बर्ट हॉल संग्रहालय के उन्नयन तथा मंदिरों के विकास के लिए प्रावधान सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।