Friday, July 24, 2026
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भजन सरकार के इस बजट में डीएलसी दरें बढ़ने से राजस्थानियों की जेब होगी खाली

जयपुर। राजस्थान सरकार ने बुधवार को राज्य का बजट पेश किया, जिसमें कुछ फैसले सीधे आम जनता की जेब और संपत्ति से जुड़े हैं। इस बार के बजट में अचल संपत्ति और गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं, जो कुछ मामलों में महंगाई और कुछ मामलों में राहत लेकर आए हैं।

स्टाम्प ड्यूटी में बदलाव
सबसे बड़ा बदलाव स्टाम्प ड्यूटी और सरचार्ज में आया है। सरकार ने स्टाम्प पेपर पर लगने वाले सरचार्ज को 3 फीसदी बढ़ा दिया है, जिसका असर सीधे तौर पर स्टाम्प पेपर खरीदने पर नजर आएगा। इस फैसले के बाद, अचल संपत्ति की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों को अब पहले से अधिक खर्च करना होगा।

सिर्फ स्टाम्प ड्यूटी ही नहीं, बल्कि सरकार ने डीएलसी (डिफरेंट लैंड कैटेगरी) दरों में भी बदलाव किया है। अब राज्य में विभिन्न प्रकार की जमीनों के लिए एक समान दर लागू की जाएगी। इससे फार्म हाउस और रिसोर्ट जैसी जमीनों की रजिस्ट्री महंगी होने वाली है।

फार्म हाउस की रजिस्ट्री महंगी
फार्म हाउस की जमीन के मामले में पहले इसे एग्रीकल्चर जमीन के 1.5 गुना मूल्य पर रजिस्ट्री किया जाता था। अब इसे 3 गुना मूल्य पर रजिस्ट्री किया जाएगा। वहीं रिसोर्ट की जमीन का बाजार मूल्य पहले कृषि भूमि के 2 गुना माना जाता था, लेकिन अब इसे कॉमर्शियल रेट का 75 फीसदी मानकर रजिस्ट्री किया जाएगा। इन बदलावों से जमीन की रजिस्ट्री कराने वालों के खर्च में स्पष्ट बढ़ोतरी होगी।

हालांकि बजट में कुछ राहत की भी घोषणा की गई है। सरकार ने लोन डॉक्यूमेंट की रजिस्ट्री फीस में कटौती की है। बैंक या वित्तीय संस्थाओं से लिए गए लोन के डॉक्यूमेंट पर लगने वाले चार्ज को आधा कर दिया गया है, यानी अब यह सिर्फ 0.5 फीसदी लगेगा। इसके साथ ही अधिकतम सीमा को 1 लाख रुपए तक सीमित कर दिया गया है। स्टाम्प ड्यूटी को भी 0.125 फीसदी कर दिया गया है, जबकि अधिकतम सीमा को घटाकर 10 लाख रुपए किया गया है।

यानी, अगर कोई व्यक्ति बैंक लोन के लिए डॉक्यूमेंट रजिस्ट्री कराता है, तो उसका खर्च पहले की तुलना में आधा हो जाएगा। यह कदम उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है, जो प्रॉपर्टी खरीदने या लोन लेने की योजना बना रहे हैं।

व्हीकल टैक्स पर राहत
बजट में वाहन मालिकों के लिए भी बड़ी घोषणा की गई है। सरकार ने दूसरे राज्य से प्राइवेट व्हीकल लाने पर टैक्स में राहत देने की घोषणा की है। पहले इस तरह की गाड़ियों पर रजिस्ट्रेशन के समय मोटर व्हीकल टैक्स अलग-अलग दरों पर लगता था, जिसमें सरकार केवल 25 फीसदी तक की छूट देती थी। अब यह छूट 50 फीसदी तक बढ़ा दी गई है, जिससे दूसरे राज्य से वाहन लाने वाले लोगों की लागत कम होगी।

बजट के इन निर्णयों से साफ है कि सरकार ने जनता की जेब पर सीधे असर डालने वाले फैसलों को संतुलित किया है। एक तरफ स्टाम्प ड्यूटी और DLC दरों में वृद्धि से संपत्ति महंगी होगी, वहीं लोन डॉक्यूमेंट की फीस और दूसरे राज्य से गाड़ियों पर टैक्स में राहत से आम आदमी को कुछ राहत मिलेगी।

क्या कहते है एक्सपर्ट
विशेषज्ञों का कहना है कि फार्म हाउस और रिसोर्ट जैसी संपत्तियों पर रजिस्ट्री महंगी होने से इन संपत्तियों की खरीद पर प्रभाव पड़ेगा। वहीं, लोन लेने वालों के लिए यह फैसला सकारात्मक है और निजी वाहन लाने वालों के लिए यह बड़ा आर्थिक लाभ साबित हो सकता है।

राजस्थान सरकार ने इस बजट में यह संदेश भी दिया है कि आर्थिक वृद्धि और वित्तीय अनुशासन दोनों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिए जा रहे हैं। जहां संपत्ति की खरीद महंगी होगी, वहीं जरूरी राहतें भी दी गई हैं, ताकि जनता पर अधिक भार न पड़े।

सिर्फ यही नहीं, इस बजट से राज्य में अचल संपत्ति और वाहनों के रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। नए नियमों के बाद अब सभी प्रकार की जमीनों पर समान DLC दरें लागू होंगी, जिससे किसी भी प्रकार की रजिस्ट्री प्रक्रिया में भ्रांतियों और अनियमितताओं की संभावना कम होगी।

CPI Inflation: जनवरी में खुदरा महंगाई की दर बढ़कर 2.75% रही

नई दिल्ली। जनवरी 2026 में खुदरा महंगाई की दर (Inflation Rate) बढ़ गई है। महंगाई की दर बढ़कर 2.75% हो गई है। यह नया आंकड़ा कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) की नई सीरीज के आधार पर तैयार पहली रिपोर्ट है। इसमें 2024 को आधार वर्ष (Base year) माना गया है। इस महीने ग्रामीण इलाकों में महंगाई 2.73% और शहरी इलाकों में 2.77% रही।

जनवरी में भले ही खुदरा महंगाई ( Retail Inflation ) की दर बढ़ गई हो, लेकिन यह अच्छी बात है कि महंगाई बढ़ने के बावजूद यह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) लक्ष्य से नीचे है। रिजर्व बैंक ने इस अवधि के लिए 4% का मध्यम-अवधि का लक्ष्य तय किया है।

RBI का लक्ष्य 2% से 6% के बीच महंगाई बनाए रखना है। नई CPI सीरीज के तहत, महंगाई लगातार 12 महीनों से RBI के लक्ष्य के अंदर बनी हुई है। पिछले साल के अंतिम महीने यानी दिसंबर 2025 में, पुरानी 2012-आधारित सीरीज के अनुसार, खुदरा महंगाई सिर्फ 1.33% थी।

कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स या CPI की गणना के लिए अब आधार वर्ष (Base Year) बदल कर साल 2012 की जगह साल 2024 कर दिया गया है। इसमें लोगों की खर्च करने की आदतों को बेहतर ढंग से समझने के लिए कंजप्शन बास्केट (Consumption Basket) को भी बदला गया है। इस बदलाव का मकसद अर्थव्यवस्था में कीमतों के रुझान को और सटीक तरीके से मापना है। यह बदलाव केंद्र सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने किया है।

जीडीपी के लिए भी बदलेंगे बेस ईयर
MoSPI ने अन्य महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतकों (Macroeconomic Indicators) के लिए भी आधार वर्ष अपडेट करने का प्रस्ताव दिया है। प्रस्ताव है कि ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) और इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) के लिए आधार वर्ष 2022-23 कर दिया जाए। ये दोनों ही संकेत RBI के लिए मौद्रिक नीति (Monetary Policy) तय करते समय बहुत महत्वपूर्ण होते हैं।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद मक्का एवं सोयाबीन के भाव गिरे

मुम्बई। India-US Trade deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील के तहत भारत सरकार द्वारा अमरीकी सोया तेल एवं प्रोटीन से समृद्ध एवं पशु आहार (डीडीजीएस) के शुल्क मुक्त आयात की स्वीकृति दिए जाने का असर घरेलू बाजार में सोयाबीन, सोयामील एवं मक्का के दाम पर पड़ने लगा है।

अमरीका से इन उत्पादों का विशाल एवं सस्ता आयात होने की आशंका से बाजार में नरमी की धारणा बढ़ रही है। किसान संगठनों एवं विपक्षी दलों द्वारा इस व्यापार समझौते का जोरदार विरोध किया जा रहा है।

गत सप्ताह भारत और अमरीका द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया था कि भारत अमरीकी सोयाबीन तेल तथा डिस्टीलर्स ड्राईड ग्रेन्स विद सोल्यूबल्स (डीडीजीएस) के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति देने पर सहमत हो गया है।

इस अंतरिम फ्रेम वर्क की घोषणा होने के बाद से घरेलू प्रभाग में सोयाबीन के दाम में 10 प्रतिशत तथा मक्का के मूल्य में 4 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। उससे लाखों छोटे-छोटे भारतीय किसानों में चिंता एवं आक्रोश बढ़ने की आशंका है। ध्यान देने की बात है कि 2020-21 के दौरान किसानों के जबरदस्त विरोध प्रदर्शन के कारण सरकार को कृषि सुधारों को वापस लेने के लिए विवश होना पड़ा था।

विपक्षी दल इस द्विपक्षीय करार को भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए हानिकारक बता रहे हैं। उसका कहना है कि यह करार अमरीकी शर्तों पर हुआ है। जो-जीएम सोयाबीन के बदले सोया तेल तथा जीएम मक्का की जगह डीडीजीएस के आयात की अनुमति देना भारत के लिए घातक साबित हो सकता है।

इसके अलावा लाल ज्वार, फल तथा सूखे मेवे सहित कई अन्य कृषि उत्पादों का सस्ता आयात तेजी से बढ़ने पर भारतीय बाजार शिथिल पड़ जाएगा और स्थानीय किसानों को अपने उत्पादों का लाभप्रद मूल्य प्राप्त करने के लिए कठिन संघर्ष करना पड़ेगा। मक्का का भाव घटकर 1820 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया है जो एमएसपी से काफी नीचे है।

Honor का नया 5G फोन 5260mAh बैटरी और बड़े डिस्प्ले के साथ लॉन्च

नई दिल्ली। Honor X6d Launched: ऑनर तेजी से अपने स्मार्टफोन लाइनअप का विस्तार कर रहा है। अब कंपनी ने यूएई में Honor X6d को चुपचाप लॉन्च करके अपनी बजट 5G लाइनअप को बढ़ाया है। यह फोन पिछले साल चीन में लॉन्च हुए Honor Play 60A की तरह ही एंट्री-लेवल स्पेसिफिकेशन्स लाता है।

Honor X6d में 6.75-इंच का एचडी प्लस डिस्प्ले, मीडियाटेक डाइमेंसिटी 6300 प्रोसेसर, 4GB रैम और 50-मेगापिक्सेल का रियर कैमरा है। इसमें 5,260mAh की बैटरी भी है। कितनी है नए फोन की कीमत, चलिए बताते हैं…

स्पेसिफिकेशन
Honor X6d में 6.75-इंच की एचडी प्लस एलसीडी स्क्रीन है। इसमें 6nm ऑक्टा-कोर मीडियाटेक डाइमेंसिटी 6300 चिपसेट के साथ 4GB रैम और 256GB का ऑनबोर्ड स्टोरेज है। कंपनी ने यह नहीं बताया कि फोन में एक्सपैंडेबल स्टोरेज का स्टोरेज है या नहीं। यह Android 15 पर चलता है जिसके ऊपर मैजिकओएस 9 है। फोटोग्राफी के लिए, फोन में f/2.0 अपर्चर वाला 50-मेगापिक्सेल का मेन रियर कैमरा है, जो 30fps पर 1080p तक वीडियो रिकॉर्डिंग सपोर्ट करता है। सेल्फी के लिए फोन में f/2.2 अपर्चर वाला 5-मेगापिक्सेल का कैमरा है।

Honor X6d में 5,260mAh की बैटरी है, लेकिन चार्जिंग स्पेसिफिकेशन्स अभी पता नहीं हैं। फोन डुअल सिम कनेक्टिविटी सपोर्ट करता है। डिजाइन की बात करें तो, Honor X6d में मोटे बेजेल्स हैं और फ्रंट में सेल्फी कैमरे के लिए बीच में वॉटर ड्रॉप-स्टाइल नॉच है। पीछे की तरफ टॉप-लेफ्ट कॉर्नर में एक चौकोर कैमरा मॉड्यूल है, जिसमें दो बड़े गोल कटआउट और एक LED फ्लैश है, जो मैट रियर पैनल के मुकाबले चमकदार कंट्रास्ट देता है। फोन के किनारे भी फ्लैट हैं, जिसमें पावर और वॉल्यूम बटन राइट एज पर लगे हैं।

कीमत
ऑनलाइन रिटेलर Jumbo.ae पर लिस्टेड Honor X6d के 4GB रैम और 256GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत यूएई में AED 509 (लगभग 12,600 रुपये) है। यह फोन मिडनाइट ब्लैक और ओशन स्यान कलर ऑप्शन में उपलब्ध है। कंपनी ने अभी तक भारत समेत दूसरे इलाकों में फोन लाने की अपने किसी प्लान के बारे में नहीं बताया है।

360º HD कैमरा के साथ MG की 7-सीटर मैजेस्टर भारत में लॉन्च, जानिए कीमत

नई दिल्ली। एमजी मोटर्स ने अपनी मैजेस्टर (Majestor) 7-सीटर SUV को ऑफिशियली लॉन्च कर दिया है। यह एक बड़ी SUV है, जो डिजाइन, फीचर्स और डाइमेंशन के मामले में D+ सेगमेंट में आती है। लॉन्च के साथ ही कंपनी ने इसकी ऑफिशियली बुकिंग भी शुरू करदी है। कंपनी ने कन्फर्म किया है कि मैजेस्टर अब पूरे भारत में 41,000 रुपए के टोकन अमाउंट के साथ बुकिंग के लिए उपलब्ध है। भारत में MG मैजेस्टर की कीमतों से अप्रैल 2026 में पर्दा उठाया जाएगा।

कीमत
कंपनी ने बताया कि इसकी डिलीवरी मई में शुरू की जाएगी। अगर रिपोर्ट्स की मानें तो टोयोटा फॉर्च्यूनर को टक्कर देने वाली इस SUV की कीमत MG ग्लॉस्टर से थोड़ी ज्यादा होगी। यानी कीमतें 40 लाख रुपए से 45 लाख रुपए के बीच हो सकती हैं। MG मैजेस्टर इस सेगमेंट की सबसे ऊंची, सबसे चौड़ी और सबसे लंबी SUV है। इसे 4 कलर ऑप्शन और 2 सीटिंग कॉन्फिगरेशन में पेश किया गया है।

एक्सटीरियर
MG मैजेस्टर में आगे की तरफ मैट्रिक्स-इंस्पायर्ड ग्रिल, खास LED DRLs और स्प्लिट हेडलैंप सेटअप है जो इसे एक मजबूत इंप्रेशन बनाने में मदद करता है। पीछे भी डुअल एग्जॉस्ट टिप्स और फॉक्स स्किड प्लेट्स के साथ ऐसा ही रफ एंड टफ डिजाइन है। मस्कुलर लुक को बड़े एलॉय व्हील्स, स्कल्प्टेड बोनट, फ्लेयर्ड व्हील आर्च और ब्लैक्ड-आउट पिलर और भी बेहतर बनाते हैं।

इंटीरियर
इंटीरियर की बात करें तो केबिन के अंदर, MG मैजेस्टर में वेंटिलेशन के साथ मल्टी-मोड मसाजिंग सीट, JBL स्टूडियो 12-स्पीकर ऑडियो सिस्टम, 64 कलर एम्बिएंट लाइटिंग, 12-वे पावर ड्राइवर सीट, बड़ा पैनोरमिक सनरूफ, एपल कारप्ले और एंड्रॉयड ऑटो के साथ 12.3-इंच का बड़ा इंफोटेनमेंट सिस्टम और पूरी तरह से डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर मिलता है।

इंजन
MG मैजेस्टर में 2-लीटर ट्विन टर्बो इंजन दिया है, जो 215 PS की पावर देता है। SUV में एडवांस्ड 4×4 सिस्टम है, जिसमें नॉर्मल, सैंड, रॉक, मड, स्नो और दूसरे 10 ऑफ-रोड मोड दिया है। इसमें ट्रिपल डिफरेंशियल लॉक और 810 mm वॉटर वेडिंग कैपेसिटी है। MG मैजेस्टर के सेफ्टी फीचर्स में ADAS लेवल 2, लेन कीप असिस्ट, अडैप्टिव क्रूज कंट्रोल, ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग, इंटेलिजेंट हेडलैंप कंट्रोल, 6-एयरबैग स्टैंडर्ड, हिल डिसेंट कंट्रोल, 360-डिग्री HD कैमरा शामिल हैं।

Stock Market: सेंसेक्स 559 अंक गिरा, निवेशकों को 3.06 लाख करोड़ रुपये डूबे

नई दिल्ली। Stock Market Closed: हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन यानी गुरुवार 12 फरवरी को शेयर बाजार लाल निशान पर बंद हुआ। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 558.72 अंक या 0.66 प्रतिशत गिरकर 83,674.92 पर और 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 146.65 अंक या 0.57 प्रतिशत गिरकर 25,807.20 पर बंद हुआ है। इस गिरावट से निवेशकों को 3.06 लाख करोड़ रुपये की चपत लगी और बीएसई का मार्केट कैप 471.93 लाख करोड़ रुपये रह गया।

इसी के साथ बाजार में पिछले तीन ट्रेडिंग सेशन से जारी बढ़त का सिलसिला टूट गया। एआई डिस्क्रप्शन से डर से भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली के चलते बाजार में गिरावट आई। इसके अलावा इंडेक्स हैवीवेट रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में गिरावट ने भी बाजार को नीचे खींचा।

आईटी शेयरों में भारी बिकवाली और अमेरिका में रोजगार के आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहने के कारण रेट कट की संभावना धूमिल होने से आज घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट आई।

कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 700 अंक से अधिक गिरावट के साथ 83,516 अंक पर आ गया था जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 इंडेक्स भी 150 अंक से अधिक फिसलकर 25,800 अंक तक गिर गया था।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) गिरावट के साथ 83,968 अंक पर खुला और कारोबार के दौरान 83,516 अंक तक फिसल गया था। अंत में 558.72 अंक या 0.66 फीसदी की गिरावट लेकर 83,674.92 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी गिरावट लेकर 25,906 पर खुला और सेशन के दौरान इसी स्तर के नीचे रहा। अंत में 146.65 अंक या 0.57 प्रतिशत गिरकर 25,807 पर बंद हुआ।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी बढ़ती चिंताओं और अमेरिका में मजबूत रोजगार आंकड़ों तथा कम बेरोजगारी दर के कारण वहां ब्याज दरों में कटौती की कम उम्मीद ने आईटी इंडेक्स में तेज गिरावट ला दी।

इससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ। वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बाजार की दिशा बदल रही है। इससे सर्विसेस आधारित सेक्टर्स में मुनाफा घट रहा है और कुछ बड़ी कंपनियों में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

टॉप लूजर्स एंड गेनर्स
सेंसेक्स की कंपनियों में टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टीसीएस और एचसीएल टेक में तेज बिकवाली का दबाव देखा गया। महिंद्रा एंड महिंद्रा भी प्रमुख रूप से नुकसान झेलने वाले शेयरों में शामिल रहा। दूसरी ओर, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और ट्रेंट बाजार की कमजोरी के बावजूद बढ़त के साथ बंद हुए और दिन के शीर्ष बढ़त वाले शेयर रहे।

सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी आईटी इंडेक्स दिन का सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स रहा। इसमें 5.51 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज हुई। निफ्टी रियल्टी 1.45 प्रतिशत और निफ्टी ऑयल एंड गैस 1.19 प्रतिशत नीचे रहे।

कमजोरी के बीच निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स 0.38 प्रतिशत की बढ़त दर्ज करने में सफल रहा। कमजोरी का असर ब्रोडर मार्केटस पर भी दिखा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.47 प्रतिशत नीचे बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील से सोयाबीन के भाव एमएसपी से नीचे फिसले

नई दिल्ली। India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के कारण भारत में सोयाबीन और इसके तेल के दाम गिरने लगे हैं। लंबे समय बाद पिछले महीने सोयाबीन के दाम बढ़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से ऊपर चले गए थे। अब ये गिरकर MSP के बेहद करीब आ गए हैं। कुछ मंडियों में तो भाव MSP से नीचे भी चले गए हैं।

सोयाबीन के दाम गिरने से किसान भी चिंतित नजर आ रहे हैं। भारत ने तेल वर्ष 2024-25 में 54.68 लाख टन सोया तेल का आयात किया था। जिसकी कुल वनस्पति तेल आयात करीब 160 लाख टन में करीब 35 फीसदी हिस्सेदारी रही।

सोयाबीन और इसके तेल के दाम घटने की वजह भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते है। इस समझौते के संदर्भ में अमेरिकी व्हाइट हाउस द्वारा जारी फैक्टशीट के मुताबिक भारत अमेरिका से आयात होने वाले सोयाबीन तेल पर टैरिफ खत्म कर देगा या कम कर देगा।

अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने बताया कि भारत में मुख्य तौर पर ब्राजील और अर्जेंटीना से कच्चे सोयाबीन तेल का आयात होता है। इन दोनों देशों से आयातित सोया तेल और अमेरिका से आयातित सोया तेल की कीमतों के बीच अंतर आमतौर पर 1.5 से 2.5 फीसदी रहता है। अगर अमेरिका से आयातित सोया तेल पर टैरिफ (अभी आयात शुल्क 16.5 फीसदी है) खत्म हुआ या कम हुआ तो अमेरिकी सस्ते सोया तेल की आपूर्ति घरेलू बाजार में बढ़ने की आशंका है। इसी कारण इस समझौते की खबर के बाद भारत में सोया तेल के थोक भाव 5 फीसदी टूटकर 1,410-1,420 रुपये प्रति 10 किलो पर आ गए हैं।

भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के कारण सोयाबीन तेल सस्ता होने का असर सोयाबीन की कीमतों पर भी पड़ा है। इस समझौते के बाद सोयाबीन के दाम 300 से 400 रुपये क्विंटल गिर चुके हैं। सोयाबीन की प्रमुख मंडी इंदौर के कारोबारी हेमंत जैन ने कहा इस समझौते से भारत में अमेरिकी सोया तेल की आपूर्ति बढ़ने की अफवाह से सोयाबीन की कीमत 400 रुपये तक गिरकर 5,400 रुपये प्रति क्विंटल तक आ गई हैं।

आईग्रेन इंडिया के मुताबिक भारत-अमेरिकी अंतरिम समझौते के तहत सोयाबीन तेल और डीडीजीएस पर आयात शुल्क में कमी या छूट की सहमति के बाद घरेलू मंडियों में सोयाबीन के दाम लगातार दबाव में है। सस्ते आयातित सोया तेल की संभावना से पेराई मार्जिन कमजोर हुआ है। जिससे प्लांट वालों की खरीद धीमी हुई, जबकि किसानों ने बिकवाली बढ़ा दी है।

लंबे समय बाद MSP से ऊपर आए थे भाव
सोयाबीन के दाम लंबे समय बाद पिछले महीने MSP (5,328 रुपये) से ऊपर चले गए थे। लेकिन अब ये इसके बेहद करीब या नीचे आ गए हैं। आईग्रेन इंडिया के मुताबिक भारत-अमेरिका समझौते के बाद सोयाबीन के दाम कुछ मंडियों में MSP से नीचे चले गए हैं। एक सप्ताह के दौरान कोटा मंडी में सोयाबीन के भाव 500 रुपये गिरकर 5,300 रुपये, लातूर में 325 रुपये घटकर 5,300 रुपये और अमरावती में 400 रुपये घटकर 5,250 रुपये प्रति क्विंटल रह गए हैं। ये भाव MSP से नीचे हैं।

मध्य प्रदेश के सोयाबीन किसान रोहित कासिव ने बताया कि लंबे समय बाद सोयाबीन के भाव MSP से 500 से 600 रुपये ऊपर चढ़कर 6,000 रुपये प्रति क्विंटल के करीब पहुंच गए थे। लेकिन भारत-अमेरिका समझौते के बाद भाव गिरकर कुछ मंडियों में MSP से नीचे और कुछ में इसके बेहद करीब 5,400 से 5,500 रुपये क्विंटल के बीच कारोबार कर रहे हैं।

इस समझौते ने किसानों को चिंता में डाल दिया है। हालांकि सरकार किसानों के हितों का आश्वासन दे रही है। लेकिन स्पष्ट कुछ नहीं बता रही है। ऐसे में सरकार को भ्रांतियां दूर करनी चाहिए।

क्या लाल किले के पास जैश-ए-मोहम्मद ने करवाया था धमाका, UNSC की रिपोर्ट

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र (UN) की आतंकवाद विरोधी निगरानी टीम ने लाल किले पर हुए धमाके को लेकर बड़ा खुलासा किया है। यूएन ने बताया कि एक सदस्य देश ने सूचना दी है कि जैश-ए-मोहम्मद ने दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर हुए हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की है।

इसके साथ ही, UN ने आतंकी संगठन की बदलती रणनीतियों पर चिंता जताते हुए मसूद अजहर द्वारा ‘जमात-उल-मुमिनात’ नामक एक विशेष महिला आतंकी विंग के गठन की पुष्टि की है।

दरअसल, जैश-ए-मोहम्मद का भारत को मुख्य रूप से निशाना बनाकर आतंकवादी गतिविधियों का एक लंबा इतिहास रहा है। यूएन ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में बताया है कि एक सदस्य देश ने सूचना दी है कि जैश-ए-मोहम्मद ने कई हमलों की जिम्मेदारी ली है और 9 नवंबर को नई दिल्ली के लाल किले पर हुए हमले से भी उसका संबंध है, जिसमें 15 लोग मारे गए थे।

यूएन द्वारा जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि 8 अक्टूबर को जैश-ए-मोहम्मद के नेता मसूद अजहर ने औपचारिक रूप से जमात-उल-मुमिनात नामक एक महिला-निहित शाखा की स्थापना की घोषणा की। इस नए संगठन का स्पष्ट उद्देश्य आतंकवादी हमलों को समर्थन देना था, जो समूह द्वारा भर्ती और सहायता रणनीतियों में बदलाव का संकेत देता है।

संयुक्त राष्ट्र की निगरानी दल ने चेतावनी दी है कि निरंतर आतंकवाद-विरोधी दबाव के बावजूद, जैश-ए-मोहम्मद जैसे समूह नए भर्ती मॉडल या प्रतीकात्मक, प्रभावशाली हमलों के माध्यम से अनुकूलनशीलता प्रदर्शित करना जारी रखे हुए हैं।

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, भले ही कुछ आतंकी संगठन कमजोर या खंडित हो गए हों, लेकिन उनकी खुद को नया रूप देने, पुनर्गठित करने और उच्च-स्तरीय लक्ष्यों पर हमला करने की क्षमता क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बनी हुई है।

आतंकवाद पर क्यों नहीं हो पा रही कार्रवाई
ज्ञात हो कि संयुक्त राष्ट्र की निगरानी दल ने आतंकवाद की वर्तमान स्थितियों को भी उजागर किया। यहां कुछ देश जैश-ए-मोहम्मद को सक्रिय और परिचालन की दृष्टि से खतरनाक मानती हैं, वहीं एक अन्य सदस्य देश का कहना है कि यह संगठन निष्क्रिय हो चुका है, जो खुफिया आकलन और जमीनी कार्रवाई में लगातार मौजूद कमियों को दर्शाता है।

रेल यात्रियों को अब ट्रेन में सीट पर मिलेगा गर्म-ताजा खाना, ऐसे करें बुकिंग

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने यात्रियों के खाने-पीने के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए E-Pantry (ई-पैंट्री) नाम से एक नई ऑनलाइन भोजन बुकिंग सेवा शुरू कर दी है। यह सुविधा 25 Mail और Express ट्रेनों में उपलब्ध कराई गई है, जिससे यात्री अपनी पसंद का भोजन टिकट बुकिंग के समय या बाद में ऑनलाइन ही बुक कर सकते हैं और ट्रेन में बैठे-बिठाए उनकी सीट पर भोजन मिल सकता है।

पहले यात्रियों को स्टेशन पर उतरकर खाना खरीदना पड़ता था या अनजाने वेंडरों पर निर्भर रहना होता था। लेकिन अब इस नई डिजिटल सेवा से टिकट बुक करते समय या बाद में IRCTC की वेबसाइट/ऐप पर आप भोजन और पानी को पहले से बुक कर सकते हैं और ट्रेन में बैठे-बिठाए वही खाना आपकी सीट तक डिलीवर हो जाएगा।

बुकिंग के बाद आपको एक Meal Verification Code (MVC) मिलता है, जिसे यात्रा के दिन साझा करने पर भोजन सीधे आपकी सीट पर डिलीवर किया जाता है। यह सेवा उन Mail/Express ट्रेनों के लिए खास है जिनमें टिकट में भोजन शामिल नहीं होता। जिसमें अगर भोजन नहीं मिला तो refund भी मिलता है।

ऐसे करें E-Pantry बुकिंग

  • IRCTC वेबसाइट या ऐप पर लॉग-इन करें।
  • ट्रेन टिकट बुक करते समय (या बाद में “Booked Ticket History” सेक्शन से भी) E-Pantry ऑप्शन चुनें।
  • अपनी पसंद का डिश/भोजन और Rail Neer का चयन करें।
  • ऑनलाइन पेमेंट पूरा करें।
  • आपको एक Meal Verification Code (MVC) SMS/Email के जरिए मिलेगा।
  • यात्रा के दिन उस MVC को ट्रेन में भोजन देने वाले स्टाफ को दिखाएं और भोजन अपनी सीट पर पाएं।

E-Pantry सर्विस इन ट्रेन में शामिल
E-Pantry सेवा को शुरुआत में 25 प्रमुख Mail और Express ट्रेनों में लाया गया है। इसमें ऐसे लंबे रास्तों वाली ट्रेनें शामिल हैं जिनमें यात्रियों को खाने-पीने की जरूरत अधिक होती है। Vivek Express, Swatantra Senani Express, Swarnajayanti Express, Karnataka Sampark Kranti, Mangaldweep Express, Kalinga Utkal Express, Pushpak Express, Paschim Express, Grand Trunk Express, Poorva Express में यह सर्विस शुरू हो गई है। जल्द ही अन्य ट्रेनों फीडबैक के आधार पर इसे शुरू किया जाएगा।

MCX पर सोना 1.57 लाख के नीचे, चांदी 1657 रुपये लुढ़की, जानिए आज के भाव

नई दिल्ली। Gold Silver Price on MCX: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया यानी MCX पर गुरुवार को सोने और चांदी के भाव में गिरावट के साथ कारोबार शुरू हुआ। यह गिरावट अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत डॉलर के चलते बुलियन कीमतों में आई कमजोरी की वजह से हुई।

एमसीएक्स पर अप्रैल फ्यूचर कांट्रैक्ट वाला सोना 0.47 फीसदी की गिरावट के साथ 1,58,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर खुला, जबकि इसका पिछला बंद भाव 1,58,755 रुपये था। कारोबार के दौरान सोना 1,57,701 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर तक फिसल गया।

मार्च फ्यूचर कांट्रैक्ट वाली चांदी 1,657 रुपये यानी 0.63 फीसदी की गिरावट के साथ 2,61,361 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली। इससे पहले इसका बंद भाव 2,63,018 रुपये था। चांदी ने कारोबार के दौरान 2,60,453 रुपये का निचला स्तर छुआ, जो करीब 1 फीसदी की गिरावट है। एमसीएक्स पर चांदी 1,950 रुपये यानी 0.74 फीसदी की कमजोरी के साथ 2,61,068 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी में गिरावट दर्ज की गई। जनवरी के रोजगार आंकड़े उम्मीद से बेहतर आने के बाद अमेरिकी डॉलर में मजबूती आई है, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कमजोर हुई हैं।

स्पॉट गोल्ड 0.4 फीसदी गिरकर 5,058.64 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि पिछले सत्र में इसमें 1 फीसदी से अधिक की तेजी आई थी। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स अप्रैल डिलीवरी के लिए 0.3 फीसदी फिसलकर 5,080 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। स्पॉट सिल्वर में 1.4 फीसदी की गिरावट आई और यह 82.87 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि बुधवार को इसमें 4 फीसदी की तेजी आई थी।

अन्य कीमती धातुओं की बात करें तो स्पॉट प्लैटिनम 1 फीसदी गिरकर 2,110.63 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं पैलेडियम ने गिरावट के रुझान को तोड़ा और 0.4 फीसदी की बढ़त के साथ 1,707.17 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।

जून में संभावित दर कटौती की उम्मीद
रॉयटर्स के एक सर्वे में संकेत दिया गया है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल के कार्यकाल के दौरान ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है। पॉवेल का कार्यकाल मई में समाप्त हो रहा है और उसके बाद जून में संभावित दर कटौती हो सकती है। सर्वे में शामिल अर्थशास्त्रियों ने आशंका जताई है कि पॉवेल के संभावित उत्तराधिकारी केविन वार्श के नेतृत्व में नीति अत्यधिक उदार हो सकती है।