Friday, July 24, 2026
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JEE Main 2026: जेईई मेन का रिजल्ट अब 16 फरवरी तक होगा जारी

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नई दिल्ली। Jee Main Result Postponed: जेईई मेन सेशन-1 रिजल्ट टाल दिया गया है। एनटीए जेईई मेन 2026 का रिजल्ट आज गुरुवार 12 फरवरी को जारी नहीं करेगा। एनटीए ने एक दिन पहले बुधवार रात को नोटिस जारी कर कहा कि जेईई मेन रिजल्ट अब 16 फरवरी तक जारी होगा।

आपको बता दें कि एनटीए ने जेईई मेन 2026 के नोटिफिकेशन में 12 फरवरी तक रिजल्ट जारी करने की बात कही थी इसलिए लाखों परीक्षार्थी नतीजों की राह देख रहे थे। अब इनके टलने से अभ्यर्थियों में थोड़ी मायूसी है। परीक्षा परिणाम जारी होने पर अभ्यर्थी इन्हें jeemain.nta.nic.in पर जाकर चेक कर सकेंगे।

आपको बता दें कि इस बार जेईई मेन 2026 सेशन 1 के लिए कुल 1350969 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इसमें से रिकॉर्ड 1300368 यानी 96.26 फीसदी ने एग्जाम दिया था। जेईई मेन सेशन 1 की परीक्षा 21, 22, 23, 24, 28 और 29 जनवरी, 2026 को हुई थी।

पहले चार दिनों में पेपर 1 की परीक्षा दो शिफ्ट में हुई थी – पहली शिफ्ट सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक। पेपर 2 की परीक्षा आखिरी तारीख को एक ही शिफ्ट में हुई थी – सुबह 9 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक।

ऐसे करें रिजल्ट चेक

  • JEE Main Results 2026 Live: आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाएं।
  • होमपेज पर लेटेस्ट न्यूज सेक्शन देखें।
  • JEE Main 2026 सेशन 1 रिजल्ट स्कोर लिंक पर क्लिक करें।
  • रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड/जन्मतिथि दर्ज कर लॉग इन करें।
  • स्क्रीन पर आपका रिजल्ट दिखाई देगा।
  • रिजल्ट को ध्यान से देखें और डाउनलोड करें।

जेईई मेन पेपर-1 अंडरग्रेजुएट इंजीनियरिंग प्रोग्राम जैसे एनआईटी, आईआईआईटी में बीई, बीटेक और अन्य केंद्रीय वित्तपोषित तकनीकी संस्थानों (सीएफटीआई) में बीटेक/बीई प्रवेश के लिए आयोजित किया जाता है। जबकि जेईई मेन का पेपर दो देश में बी आर्क और बी प्लानिंग कोर्स में प्रवेश के लिए आयोजित किया जाता है।

जेईई मेन 2026 सेशन 2 के लिए 25 फरवरी तक करें आवेदन
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने JEE Main 2026 सेशन 2 (अप्रैल सत्र) के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 फरवरी 2026 से शुरू कर दी है। जो छात्र इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर या प्लानिंग कोर्सेज में एडमिशन लेना चाहते हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

IIT में दाखिला कैसे होगा
जेईई मेन परीक्षाएं खत्म होने के बाद दोनों सत्रों के बेस्ट एनटीए स्कोर के आधार पर स्टूडेंट्स की रैंक जारी की जाएगी। जेईई मेन परिणाम में पहले 2,50,000 रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवार जेईई एडवांस टेस्ट के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे। जेईई एडवांस के जरिए आईआईटी में दाखिला मिलता है। आईआईटी एंट्रेंस जेईई एडवांस्ड भी वही दे सकेगा जिसके 12वीं में कम से कम 75 फीसदी मार्क्स होंगे। या फिर संबंधित बोर्ड एग्जाम में टॉप 20 परसेंटाइल उम्मीदवारों में से एक होंगे।

केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में बैंक कर्मियों ने प्रदर्शन किया

कोटा। विभिन्न मांगों एवं केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों को लेकर एआईबीईए एवं श्रमिक ट्रेड यूनियनके आव्हान पर राजस्थान प्रदेश बैंक एम्पलाइज यूनियन के नेतृत्व में बैंक कर्मियों ने बुधवार को बैंक ऑफ इण्डिया एरोड्राम सर्किल कोटा शाखा पर प्रदर्शन किया।

12 फरवरी 2026 को श्रमिक संगठनों के समर्थन में एआईबीईए के आव्हान पर राजस्थान प्रदेश बैंक एम्पलाइज यूनियन के नेतृत्व में सभी राष्ट्रीयकृत बैंक कर्मियों की हड़ताल रहेगी। 11.30 बजे सभी बैंक कर्मी सेंट्रल बैंक ऑफ इण्डिया क्षेत्रीय कार्यालय नयापुरा एमबीएस हॉस्पिटल के सामने एकत्रित होकर प्रदर्शन करेंगे।

प्रदर्शन उपरांत केंद्रीय श्रम संगठनों की रैली के साथ सभी बैंक कर्मी प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर को ज्ञापन देंगे। केंद्रीय श्रम संगठन के साथ 12 फरवरी की हड़ताल में बैंक कर्मी संगठन एआईबीई, एएआईबीओए तथा बेफी शामिल होंगे।

राजस्थान प्रदेश बैंक एम्पलाइज यूनियन कोटा के अध्यक्ष ललित गुप्ता, सचिव पदम पाटोदी ने बताया कि यह हड़ताल बैंक कर्मियों के सभी कैडर में पर्याप्त भर्ती करने, आउटसोर्सिंग बंद करने, बैंकों के निजीकरण के प्रयास बंद करने, श्रम कानूनों में मजदूर हितों की अनदेखी बंद करने, पुरानी पेंशन लागू करने, निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण करने, जनता के लिए प्रभारों में कटौती करने, एनपीए की वसूली हेतु कारगर कदम आदि मांगो के लेकर की जा रही है।

इस हड़ताल को बैंक कर्मचारी संगठन एआईबीओसी, एनसीबीई,इनबॉक ने भी नैतिक समर्थन दिया। प्रदर्शनकारियों को पदम पाटोदी, ललित गुप्ता, अरविन्द मीणा, डी एस साहू, हेमराज सिंह गौड़, अमित पंचोली, देवेन्द्र सिंह, करनैल सिंह, चित्रांक अग्रवाल, रमेश सिंह, मोहम्मद शाहिद, सागर अजवानी, आरके सिंह, संजीव झा, राजेश कुमार अग्रवाल, रवि कुमार शर्मा ने संबोधित किया।

सिंचाई, जैविक कृषि व डेयरी को बढ़ावा, किंतु बिजली कनेक्शन व नहरी प्रोजेक्ट पर निराशा

राजस्थान बजट 2026- 27 पर भारतीय किसान संघ की प्रतिक्रिया

कोटा। भारतीय किसान संघ ने राजस्थान सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बजट में कृषि एवं किसान हित से जुड़े कई सकारात्मक प्रावधान किए गए हैं, किंतु कुछ महत्वपूर्ण मांगों की अनदेखी से किसानों में निराशा भी है।

प्रान्त अध्यक्ष शंकरलाल नागर और महामंत्री अंबालाल शर्मा, प्रान्त प्रचार प्रमुख आशीष मेहता, सम्भाग अध्यक्ष गिरीराज चौधरी, जिला अध्यक्ष जगदीश कलमंडा, प्रदेश महिला प्रमुख रमा शर्मा एवं प्रान्त महिला प्रमुख रजनी नागर ने संयुक्त वक्तव्य में बताया कि ग्रामदानी भूमियों में किसानों को खातेदारी अधिकार देने तथा उपनिवेशन विभाग का राजस्व विभाग में विलय करने का निर्णय सराहनीय है। इससे राजस्व भूमि संबंधी समस्याओं का समाधान होगा, रिकॉर्ड का डिजिटाइजेशन होगा तथा पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

उन्होंने कहा कि बजट में सिंचाई परियोजनाओं हेतु 11,300 करोड़ रुपए, यमुना जल परियोजना हेतु 32,000 करोड़ रुपए, सूक्ष्म सिंचाई के तहत 3 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के लिए 1,340 करोड़ रुपए तथा मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना के अंतर्गत 2,500 करोड़ रुपए की लागत से 1 लाख 10 हजार जल संरचनाएं बनाने की घोषणा प्रदेश में सिंचित क्षेत्र बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है।

भारतीय किसान संघ ने कहा कि जैविक कृषि, डिजिटल खेती, डेयरी एवं पशुपालन को बढ़ावा देने वाली योजनाएं किसानों की आय वृद्धि में सहायक होंगी। झींगा पालन को औद्योगिक विद्युत दर के स्थान पर कृषि दरों में शामिल करना खारे पानी वाले क्षेत्रों के किसानों के लिए राहतकारी निर्णय है।

प्रत्येक पंचायत मुख्यालय पर 3,496 वर्मी कम्पोस्ट इकाइयों के लिए 270 रुपए करोड़ का प्रावधान तथा प्राकृतिक खेती हेतु उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना पर्यावरण अनुकूल खेती को प्रोत्साहित करेगी।

प्रदेश के डेयरी ब्रांड ‘सरस’ को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने हेतु ₹100 करोड़ का प्रावधान एवं डेयरी विकास बजट में वृद्धि पशुपालकों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। ‘गुड एग्रीकल्चर प्रैक्टिस’ अपनाने वाले किसानों को कार्बन क्रेडिट देने की घोषणा तथा सोलर परियोजनाओं में 10 प्रतिशत भूमि वृक्षारोपण हेतु आरक्षित करने का निर्णय पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

भारतीय किसान संघ पदाधिकारियों ने कहा कि फरवरी 2022 से लंबित कृषि विद्युत कनेक्शनों के निस्तारण हेतु कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया, जिससे किसानों में निराशा है। कृषि विद्युत बकाया बिलों पर पेनल्टी एवं ब्याज में राहत की घोषणा भी अपेक्षित थी।

ऋण राहत आयोग के गठन तथा फसलों के लागत व मूल्य निर्धारण हेतु स्वतंत्र आयोग की मांग भी अधूरी रही। गेहूं पर बोनस की घोषणा नहीं होने से किसानों में समर्थन मूल्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

भारतीय किसान संघ ने सरकार से मांग की है कि घोषित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा पूरक बजट में कृषि एवं किसान कल्याण से जुड़े लंबित विषयों पर आवश्यक राहत प्रावधान किए जाएं। संघ ने कहा कि सकारात्मक घोषणाओं के बावजूद किसानों की मूलभूत समस्याओं के समाधान हेतु और ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

Budget Reaction: कोटा विश्वविद्यालय में भगवान बिरसा मुंडा शोधपीठ की स्थापना

कोटा। राजस्थान बजट 2026-27 को लेकर शहर के प्रबुद्ध व्यक्तियों, शिक्षाविद, एवं उद्यमियों ने अपनी प्रतिक्रया व्यक्त की है। कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) सारस्वत ने बजट प्रावधानों का स्वागत करते हुए कहा कि बजट में उच्च शिक्षा और जनजातीय अध्ययन को नई दिशा देते हुए कोटा विश्वविद्यालय में “भगवान बिरसा मुंडा शोधपीठ” की स्थापना की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि यह शोधपीठ आदिवासी महानायक बिरसा मुंडा के जीवन, दर्शन, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और जनजातीय सांस्कृतिक विरासत के गहन अध्ययन का केंद्र बनेगी।

मानवता एवं स्वास्थ्य को समर्पित बजट: राजेश कृष्ण बिरला
कोटा नागरिक सहकारी बैंक एवं रेडक्रॉस सोसायटी के स्टेट चेयरमैन राजेश कृष्ण बिरला ने राज्य सरकार के बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे आत्मनिर्भर, सशक्त और वैश्विक नेतृत्वकर्ता राजस्थान की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने विशेष रूप से असहाय, विमंदित और लावारिस रोगियों को बिना दस्तावेज के ‘मुख्यमंत्री चिकित्सा आरोग्य योजना’ एवं ‘निरोगी राज्य योजना’ के तहत निःशुल्क उपचार की सुविधा को मानवीय दृष्टिकोण से क्रांतिकारी निर्णय बताया। साथ ही ‘राज सुरक्षा’ योजना के माध्यम से एक्सीडेंट पीड़ितों को बिना कागजी प्रक्रिया के मुफ्त इलाज उपलब्ध कराना आमजन के जीवन की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

कोटा के औद्योगिक व व्यापारिक विकास को गति देगा बजट
कोटा। करेजियस कमेटी फाउडेशन के अध्यक्ष एवं डीसीएम के पूर्व सीईओ वी के जेटली ने राज्य बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार के बजट में कोटा को औद्योगिक एवं व्यापारिक हब के रूप में विकसित करने की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि ‘सिंगल विंडो–वन स्टॉप शॉप’ के तहत ऑनलाइन अनुमतियों की संख्या 149 तक बढ़ाने से कोटा में नए उद्योगों की स्थापना आसान होगी और निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा। कोटा में प्रस्तावित टॉय पार्क की स्थापना से स्थानीय उद्यमियों और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे, वहीं डीएमआईसी के अंतर्गत विकसित होने वाले औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक ढांचे का लाभ भी कोटा को मिलेगा।

सरस उत्पादों के आउटलेट अन्य राज्यों में खोलना स्वागत योग्य
कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ एवं भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ ने राजस्थान सरकार के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट का स्वागत करते हुए इसे किसान, पशुपालक और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक एवं दूरदर्शी बजट बताया है। उन्होंने राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी डेवलपमेंट फंड की राशि ₹1,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹2,000 करोड़ किए जाने के निर्णय को दुग्ध उत्पादकों के हित में ऐतिहासिक कदम बताया। साथ ही ‘सरस’ उत्पादों के आउटलेट अन्य राज्यों में खोले जाने से विपणन के नए अवसर सृजित होंगे।

डीडीजीएम के शुल्क मुक्त आयात से सोयाबीन सप्ताह भर में 500 रुपये टूटी

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में बुधवार को लिवाली के अभाव में गेहूं 40 रुपये, धान, सोयाबीन 50 रुपए और चना 25 रुपये मंदा रहा। कारोबारी सूत्रों के अनुसार भारत और अमेरिका की ट्रेड डील के बाद डीडीजीएम के शुल्क मुक्त आयात को लेकर बने हालत के कारण सोयाबीन पिछले एक सप्ताह में 500 रुपये क्विंटल से ज्यादा गिर चुकी है। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब 70 हजार कट्टे और लहसुन की 500 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं 2371 से 2425, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 2000 से 2350, मक्का लाल 1500 से 1750, मक्का सफेद 2500 से 2800, जौ 2000 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3201, धान (1509) 3000 से 3761, धान (1847) 3200 से 3701, धान (1718-1885) 3700 से 4300, धान (पूसा-1) 3800 से 4100, धान (1401-1846) 3800 से 4200, धान दागी 1500 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 4000 से 5211, सरसो 6200 से 6600, सरसों नयी 5500 से 6700, अलसी 6000 से 6700, तिल्ली 7000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 6900, उड़द 4500 से 8400, चना देशी 4700 से 5221, चना मौसमी 4700 से 5200, चना पेप्सी 4800 से 5251, चना डंकी 3500 से 4700, चना काबुली 6000 से 7500 रुपये प्रति क्विंटल।

पुराना लहसुन 3000 से 8000, नया लहसुन 3500 से 10500, मैथी 4000 से 5100, धनिया बादामी 7500 से 8800, धनिया ईगल 9200 से 9500 रुपये प्रति क्विंटल।

Rajasthan Budget: पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र को नई ऊर्जा देगा राज्य बजट: महेश्वरी

कोटा। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान, कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक महेश्वरी ने राज्य सरकार के बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट पर्यटन, आतिथ्य और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को नई दिशा देने वाला है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर एंड कैपेसिटी बिल्डिंग फंड के गठन तथा ₹5,000 करोड़ से अधिक के पर्यटन कार्यों के लिए संसाधन उपलब्ध कराने की घोषणा से राज्य में पर्यटन सुविधाओं का व्यापक विस्तार संभव होगा।

महेश्वरी ने बताया कि पर्यटन विकास के लिए ₹975 करोड़ का प्रावधान, जयपुर में आईफा अवॉर्ड्स का आयोजन, 10 आइकॉनिक टूरिस्ट डेस्टिनेशन का विकास तथा नाइट टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ₹100 करोड़ का प्रावधान सराहनीय कदम हैं। पर्यटन सहायता बल को सशक्त करने, महिला सुरक्षा कर्मियों और महिला गाइड की नियुक्ति से पर्यटकों, विशेषकर महिला यात्रियों में विश्वास बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि कोटा सहित प्रदेश के सौंदर्यीकरण व उन्नयन कार्यों के लिए लगभग ₹3,000 करोड़ का प्रावधान आतिथ्य उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत है। कोटा एयरपोर्ट के निकट एयरो सिटी की स्थापना, अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क का विस्तार, इलेक्ट्रिक बसों का संचालन तथा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के संकेत हाड़ौती क्षेत्र के पर्यटन को नई पहचान देंगे।

बारां के रामगढ़ क्रेटर, शेरगढ़ सेंचुरी, बूंदी के धार्मिक स्थलों पर रोपवे, तथा 402 किमी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे जैसी घोषणाएं क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी। शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना, हेरिटेज वॉक, अल्बर्ट हॉल संग्रहालय के उन्नयन तथा मंदिरों के विकास के लिए प्रावधान सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।

Budget: कोटा के औद्योगिक व व्यापारिक विकास को गति देगा बजट: व्यापार संघ

कोटा। कोटा व्यापार संघ के अध्यक्ष क्रांति जैन एवं महासचिव अशोक माहेश्वरी ने राज्य बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार के बजट में कोटा को औद्योगिक एवं व्यापारिक हब के रूप में विकसित करने की स्पष्ट झलक दिखाई देती है।

उन्होंने कहा कि ‘सिंगल विंडो–वन स्टॉप शॉप’ के तहत ऑनलाइन अनुमतियों की संख्या 149 तक बढ़ाने से कोटा में नए उद्योगों की स्थापना आसान होगी और निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा। कोटा में प्रस्तावित टॉय पार्क की स्थापना से स्थानीय उद्यमियों और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे, वहीं डीएमआईसी के अंतर्गत विकसित होने वाले औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक ढांचे का लाभ भी कोटा को मिलेगा।

18 नए औद्योगिक क्षेत्रों के आधारभूत विकास के लिए ₹150 करोड़ का प्रावधान तथा निजी औद्योगिक पार्कों में सीईटीपी सहायता से कोटा के मौजूदा औद्योगिक क्षेत्रों के उन्नयन को बल मिलेगा। वेयरहाउस को उद्योग के दायरे में लाने से कोटा की लॉजिस्टिक क्षमता बढ़ेगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी।

उन्होंने कहा कि जयपुर-कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग-52 को जीरो एक्सीडेंट जोन के रूप में विकसित करने की घोषणा से परिवहन सुगमता बढ़ेगी और व्यापारिक आवागमन सुरक्षित होगा। युवाओं के लिए 1,500 स्टार्टअप और संभाग मुख्यालय पर एडवांस स्किलिंग सेंटर की स्थापना से कोटा के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर मिलेंगे।

21 महिलाओं को को मिला सुखी मातृत्व का आशीर्वाद और गर्भ संस्कार

संगिनी जेएसजी का गर्भवती महिलाओं की गोद भराई कार्यक्रम सम्पन्न

कोटा। जैन समाज संस्था संगिनी द्वारा समाज में स्वस्थ एवं संस्कारवान संतानों के निर्माण के उद्देश्य से बुधवार को अणुव्रत भवन में “एक कदम दिव्य संतान की ओर” विषय पर गर्भ संस्कार शिविर एवं गोद भराई कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जेएसजी संगिनी के अध्यक्ष कविता बाफना व सचिव रेणु जैन ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एकता धारीवाल, डॉ. निधि बरथूनिया और समाजसेवी संजय गोयल रहे। कार्यक्रम निदेशक कविता बाफना व प्रियंका जैन ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान महावीर स्वामी के समक्ष मंगलाचरण से हुआ।

इस अवसर पर जेएसजी सांगिनी की अध्यक्षा कविता बाफना ने अपने उद्बोधन में कहा कि गर्भ संस्कार एक वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक प्रक्रिया है। जो शिशु के सर्वांगीण विकास की नींव गर्भकाल से ही रखती है। उन्होंने बताया कि सांगिनी का उद्देश्य केवल सामाजिक आयोजन करना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन लाना है।

मुख्य अतिथि एकता धारीवाल ने अपने संबोधन में मातृत्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गर्भावस्था के दौरान माँ के विचार, आहार और संस्कार शिशु के भविष्य को आकार देते हैं। उन्होंने संगिनी की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी कदम बताया।

इस अवसर पर डॉ. निधि बर्थुनिया द्वारा गर्भ संस्कार एवं मातृ स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी प्रदान की गई। गर्भवती महिलाओं को गुड का दलिया और रोजाना अनार खाएं। जिससे हीमोग्लोबिन की कोई कमी नहीं होगी।

दाल आवश्यक है। जिसमें प्रोटीन होता है। रोजाना दूध अवश्य पिए, समय-समय पर हीमोग्लोबिन शुगर और बीपी की जांच करते रहे, मेडिटेशन करें, पूजा पाठ करें, हमेशा सकारात्मक करें। डिलीवरी के बाद 6 महीने तक अपना दूध पिलाएं।

प्रोजेक्ट एडवाइजर निकिता जैन ने बताया कि पौष्टिक आहार में क्लब की ओर से महिलाओं को  नारियल, मिठाई और साड़ी देकर 21 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की गई। उन्हें पोषक आहार ओर डिलिवरी में काम आने वाली चीजें घी, गुड अजवाइन, बादाम, गोला, मखाने ओर फल आदि दिए गए तथा उन्हें चुनरी उड़ाई गई।

अध्यक्ष कविता बाफना ने कहा कि महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान ध्यान रखने वाली सभी बातों से अवगत कराया गया। साफ सफाई का महत्व समझाते हुए गर्भाधान संस्कार के बारे में बताया कि किस तरह हम स्वस्थ और संस्कारित पीढ़ी को जन्म दे सकते हैं।

मां बनना हर स्त्री के लिए एक सौभाग्य की बात है। ईश्वर का दिया हुआ सबसे सुंदर वरदान है, इसलिए हमें लड़के और लड़की में भेद न करके इन्हें ईश्वर का वरदान समझकर खुली बांहों से अपनाना चाहिए। चाहे लड़का हो या लड़की उसे पढ़ा लिखा कर एक संस्कारित और शिक्षित बनाना चाहिए।

इस अवसर पर फाउंडर प्रेसिडेंट बिना बिलाला पूर्व अध्यक्ष निर्मला बडजातिया, सुनीता जैन, सह सचिव सीमा जैन, कोषाध्यक्ष अनिता जैन और हमारे प्रोजेक्ट डायरेक्टर्स कविता बापना और प्रियंका जैन और इस पुनीत कार्यक्रम में संगिनी 50 से अधिक मेंबर्स की उपस्थिति रही।

बजट सांगोद के सर्वांगीण विकास के लिए मील का पत्थर: ऊर्जा मंत्री नागर

कोटा/सांगोद। राजस्थान के ऊर्जा मंत्री एवं सांगोद विधायक हीरालाल नागर ने राजस्थान सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 को सांगोद विधानसभा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए ऐतिहासिक एवं मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री द्वारा सांगोद क्षेत्र के लिए की गई घोषणाएं शिक्षा, सिंचाई, पेयजल, बुनियादी ढांचे एवं आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान करेंगी।

मंत्री नागर ने कहा कि यह बजट आमजन की आवश्यकताओं और क्षेत्र की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। जिससे सांगोद क्षेत्र की विकास यात्रा को नई गति मिलेगी।

ऊर्जा मंत्री ने बताया कि बजट में सांगोद एवं दीगोद क्षेत्र के लिए सिंचाई और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु ऐतिहासिक प्रावधान किए गए हैं। परवन अकावद परियोजना के अंतर्गत बारां, कोटा एवं झालावाड़ जिलों के लिए 3500 करोड़ रुपए के कार्यादेश जारी किए गए हैं। जिससे व्यापक स्तर पर सिंचाई और पेयजल सुविधा का विस्तार होगा।नवनेरा परियोजना के लिए ₹1100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। जिसके माध्यम से कोटा एवं बूंदी जिले के गांवों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। आलनिया बांध परियोजना के तहत 100 करोड़ रुपए की लागत से दबावयुक्त सिंचाई प्रणाली विकसित की जाएगी। जिससे सिंचाई से वंचित 36 गांवों की 2716 हेक्टेयर भूमि को लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त दीगोद लिफ्ट नहरों की मरम्मत के लिए 9 करोड़ रुपए तथा सौर ऊर्जा आधारित चन्द्रावला माइक्रो सिंचाई परियोजना (द्वितीय चरण) के लिए 15 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। मंत्री नागर ने कहा कि इन परियोजनाओं से किसानों की आय में वृद्धि होगी और क्षेत्र में कृषि उत्पादन को नया विस्तार मिलेगा।

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि सांगोद क्षेत्र को बाढ़ की समस्या से स्थायी राहत दिलाने के उद्देश्य से भी बजट में महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। जिसमें भगदा खाल (सांगोद) फ्लड डायवर्जन हेतु 25 करोड़ रुपए, सीमलिया फ्लड डायवर्जन (चरण-II) हेतु 18 करोड़ रुपए, नीमोदा फ्लड प्रोटेक्शन कार्य हेतु 15 करोड़ रुपए, कैलाशपुरा सुरक्षा दीवार निर्माण हेतु 20 करोड़ रुपए की घोषणा की गई है।

इसके अलावा क्षेत्रीय संपर्क एवं शहरी विकास को सुदृढ़ करने के लिए भी बजट में प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि भाण्डाहेडा से सुहाना संपर्क सड़क निर्माण हेतु 5 करोड़ रुपए, सांगोद नगर पालिका में नाला निर्माण एवं सड़कों के सुदृढ़ीकरण हेतु 5 करोड़ रुपए की घोषणा की गई है।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सांगोद में अन्नपूर्णा नदी के समीप 4 करोड़ की लागत से ‘अटल वन’ विकसित किया जाएगा। जिससे हरित क्षेत्र में वृद्धि होगी और पर्यावरण संतुलन को मजबूती मिलेगी। आमजन को सुलभ एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सांगोद में सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय खोलने की घोषणा की गई है। इससे स्थानीय नागरिकों को न्यायिक कार्यों के लिए अन्य स्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

जनता की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब
यह बजट सांगोद की जनता की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। पेयजल, सिंचाई और बाढ़ सुरक्षा के लिए किए गए ये ऐतिहासिक कार्य क्षेत्र की तस्वीर बदल देंगे। किसानों, युवाओं और आमजन को इस बजट से सीधा लाभ मिलेगा। बजट में की गई घोषणाओं के धरातल पर उतरने से सांगोद विधानसभा क्षेत्र विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा और क्षेत्र की आधारभूत संरचना सुदृढ़ होगी। मैं इस जन-कल्याणकारी बजट के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।-ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर

ओटीएस योजना की अवधि मार्च तक बढ़ी, 371 ऋणियों को 845.26 लाख की राहत

कोटा सहकारी भूमि विकास बैंक की बैठक में 1250.69 लाख की वसूली सुनिश्चित

कोटा। कोटा सहकारी भूमि विकास बैंक लि. के संचालक मंडल की बैठक बुधवार को प्रधान कार्यालय में बैंक अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता (ओटीएस) योजना 2025-26 की अवधि 31 मार्च 2026 तक बढ़ाए जाने के निर्णय का स्वागत किया गया।

बैठक में 16 नए कृषको सदस्यता एवं 12 किसानो को 46.40 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। संचालक मंडल ने योजना की अवधि बढ़ाने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला एवं सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक के प्रति आभार व्यक्त किया।

अध्यक्ष चैन सिंह राठौड़ ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा बजट वर्ष 2025-26 में घोषित 200 करोड़ रुपये की मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत ओटीएस योजना भूमि विकास बैंकों के अवधिपार ऋणियों को मुख्यधारा में लाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रही है।

उन्होंने बताया कि 10 फरवरी 2026 तक बैंक द्वारा योजना के अंतर्गत 371 ऋणियों को 845.26 लाख रुपये की ब्याज राहत प्रदान की जा चुकी है तथा 1250.69 लाख रुपये की वसूली सुनिश्चित की गई है।

श्री राठौड़ ने आंशिक राशि जमा कर चुके एवं पूर्णतः पात्र वंचित ऋणी सदस्यों से अपील की कि वे 31 मार्च 2026 से पूर्व मूलधन एवं चालू ब्याज जमा कर योजना का लाभ उठाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में योजना के पुनः लागू होने की संभावना नहीं है।

अध्यक्ष ने शाखा प्रबंधकों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र ऋणी योजना से वंचित न रहे और शत-प्रतिशत प्रकरणों में राहत सुनिश्चित की जाए। कमजोर आर्थिक स्थिति वाले ऋणियों को पुनः ऋण देकर मुख्यधारा में जोड़ा जाए।

बैंक सचिव ऋतु सपरा ने बताया कि 1 अप्रैल 2025 से 10 फरवरी 2026 तक की प्रगति में शाखा रामगंजमंडी प्रथम तथा शाखा सांगोद द्वितीय स्थान पर रही है। उन्होंने सभी शाखा प्रबंधकों को 31 मार्च 2026 तक शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

साथ ही जो ऋणी योजना का लाभ लेने में रुचि नहीं ले रहे हैं, उनके विरुद्ध राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम, 2001 की धारा 99/100/103 के अंतर्गत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में उप रजिस्ट्रार सहकारिता विभाग राजेश कुमार मीणा, संयुक्त निदेशक कृषि विभाग डॉ. अतिश कुमार शर्मा, बैंक उपाध्यक्ष भंवर सिंह हाड़ा तथा संचालक, निहाल सिंह राठौड़, डॉ. प्राची दीक्षित, राधाकिशन मीणा, मुकेश मीणा एवं बैंक सचिव ऋतु सपरा आदि उपस्थित रहे।