Friday, July 3, 2026
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ट्रंप ने फिर बढ़ाई भारत की टेंशन, रूस से तेल खरीद पर लगाएगा प्रतिबंध

नई दिल्‍ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की टेंशन फिर बढ़ा दी है। ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ईरान के साथ मिडिल ईस्‍ट संघर्ष खत्म करने के समझौते के बाद होर्मुज स्‍ट्रेट से कच्चे तेल की सप्लाई फिर से शुरू हो गई है।

ऐसे में वॉशिंगटन जल्द ही रूसी तेल शिपमेंट पर फिर से प्रतिबंध लगाने की स्थिति में होगा। भारत अपनी जरूरत का आधे से ज्‍यादा क्रूड रूस से इंपोर्ट कर रहा है। ऐसे में अगर रूस पर प्रतिबंध लगते हैं तो उसका भारत पर असर पड़ना लाजिमी है।

फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने कहा, ‘जल्द ही हम ऐसा (रूस पर सैंक्‍शन) कर पाएंगे क्योंकि ईरान के साथ समझौते के बाद होर्मुज स्‍ट्रेट से तेल का प्रवाह हो रहा है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब G7 नेता यूक्रेन पर हमले को लेकर मॉस्को पर दबाव बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा कर रहे थे। इस दौरान रूस के ऊर्जा क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाने जैसे उपायों पर भी विचार किया जा रहा था।

प्रतिबंधों में छूट से दबाव हुआ था कम
अमेरिका ने पहले रूसी तेल के कुछ ऐसे शिपमेंट के लिए अस्थायी रूप से प्रतिबंधों में छूट दी थी। उसे बढ़ाया भी था। यह छूट उन खेपों के लिए थी जो पहले से ही समंदर में थे। साथ ही जिनकी आवाजाही जारी रहनी थी। इस कदम ने रूस के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे कुछ यूरोपीय सहयोगियों के बीच चिंता पैदा कर दी थी। मार्च में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के बाद अमेरिका ने रूसी तेल शिपमेंट पर कुछ प्रतिबंधों में ढील दी थी। बाद में यूक्रेन युद्ध जारी रहने के कारण इस छूट को बढ़ा दिया गया था।

यह छूट तब दी गई थी जब ग्‍लोबल क्रूड ऑयल के बाजारों को पश्चिम एशिया में संघर्ष और ऊर्जा के लिए अहम रास्ते ‘होर्मुज स्‍ट्रेट’ के आसपास रुकावटों के कारण सप्लाई से जुड़ी चिंताओं का सामना करना पड़ रहा था।

रूस पर जेलेंस्की ने लगाया यह आरोप
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि G7 नेता यूक्रेन का समर्थन करने में एकजुट हैं। उनका मानना है कि कीव युद्धविराम के लिए बातचीत को तैयार है। साथ ही, उन्होंने रूस पर शांति के प्रति गंभीर इरादा न दिखाने का आरोप लगाया। जेलेंस्की ने कहा, ‘आज पूरा ‘सेवन’ (G7 समूह) सर्वसम्मति से यूक्रेन का समर्थन करता है।’ G7 की ये चर्चाएं ऊर्जा सुरक्षा और प्रतिबंधों को लागू करने को लेकर व्यापक चिंताओं के बीच भी हुईं। यूरोपीय नेता रूस के तेल और गैस से होने वाली कमाई के खिलाफ सख्त उपायों की मांग कर रहे हैं। कारण कि यह मॉस्को के युद्ध प्रयासों के लिए फंडिंग का एक बड़ा स्रोत बना हुआ है।

भारत के लिए इसलिए बढ़ी टेंशन
भारत के नजरिए से यह चिंता का विषय है। कारण है कि रूस अभी भारत का सबसे बड़ा क्रूड ऑयल सप्‍लायर है। भारत अपनी जरूरत का 53% कच्चा तेल अकेले रूस से आयात कर रहा है।

अगर अमेरिका रूसी तेल पर दोबारा कड़े प्रतिबंध लागू करता है तो भारत के लिए रूस से सस्ता तेल खरीदना मुश्किल हो जाएगा। यही नहीं, भारतीय रिफाइनरियों को ‘सेकेंडरी सैंक्‍शंस’ का खतरा झेलना पड़ सकता है।

इसके चलते भारत को अन्य महंगे विकल्पों की ओर रुख करना पड़ सकता है। इससे देश का आयात बिल बढ़ेगा। घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतें और महंगाई बढ़ने का जोखिम पैदा हो जाएगा।

कच्चा तेल 80 डॉलर प्रति बैरल के नीचे, क्या भारत में घट गए पेट्रोल-डीजल के दाम

नई दिल्ली। होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) फिर से खोलने के अमेरिका और ईरान के बीच सुलह (U.S.-Iran agreement) का फायदा दिखा। होर्मुज में जहाजों की आवाजाही शुरू होने का असर यह दिखा कि बीते एक मार्च के बाद पहली बार कच्चे तेल का दाम 80 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे आ गया।

हालांकि, भारत में पेट्रोल-डीजल बेचने वाली सरकारी तेल कंपनियों ने बुधवार, 17 जून 2026 को भी दाम में कोई बदलाव नहीं किया। यहां इस साल 25 मई के बाद दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

पिछले महीने 4 बार बढ़े हैं दाम
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव बीतने के बाद ही पेट्रोलियम कंपनियों ने बीते मई महीने में चार बार दाम बढ़ा चुकी है। ऐसा महज 11 दिनों में हुआ है। सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों ने सबसे पहले 15 मई 2026 को पेट्रोल 3 रुपये और डीजल 3.29 पैसे महंगा किया था।

इसके बाद 19 मई को पेट्रोल 87 पैसे तो डीजल 91 पैसे, 23 मई 2026 को पेट्रोल 87 पैसे तो डीजल 91 पैसे और 25 मई 2026 को पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये महंगा किया था। उसके बाद दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

4 महानगरों में पेट्रोल का दाम
तेल कंपनियों की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली में आज पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। कोलकाता में इसकी कीमत 113.51 रुपये, मुंबई में 111.21 रुपये और चेन्नई में 107.77 रुपये है।

डीजल की कीमत
सरकारी ऑयल कंपनियों के मुताबिक बुधवार को दिल्ली में डीजल का प्रति लीटर दाम 95.20 रुपये है। कोलकाता में यह 99.02 रुपये, मुंबई में 97.83 रुपये और चेन्नई में 99.55 रुपये प्रति लीटर है।

विद्या भारती साधकों का संगठन, राष्ट्र निर्माण इसका लक्ष्य: झा

कोटा। विद्या भारती शिक्षा संस्थान कोटा द्वारा आयोजित नवीन आचार्य एवं आधारभूत विषय प्रशिक्षण वर्ग के बौद्धिक सत्र का आयोजन मंगलवार को स्वामी विवेकानंद विद्या निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय महावीर नगर तृतीय कोटा में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में विद्या भारती चित्तौड़ प्रांत निरीक्षक नवीन कुमार जी झा, जिला अध्यक्ष महावीर प्रसाद गौतम उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता नवीन कुमार झा ने अपने उद्बोधन में विद्या भारती के लक्ष्य, कार्यपद्धति एवं भारतीय शिक्षा की गौरवशाली परंपरा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्या भारती को समझने के लिए भारत की प्राचीन शिक्षा व्यवस्था और उसके ऐतिहासिक स्वरूप को जानना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि अंग्रेजी शासनकाल में भारतीय शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने के सुनियोजित प्रयास किए गए, जिसके परिणामस्वरूप शिक्षा का सामाजिक और राष्ट्र केंद्रित स्वरूप प्रभावित हुआ।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के पश्चात भी शिक्षा व्यवस्था में अपेक्षित परिवर्तन नहीं हो सके, जबकि विद्या भारती भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभाव और जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा प्रदान करने का कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि आज देशभर के 679 जिलों में विद्या भारती का कार्य विस्तार है तथा 22 हजार से अधिक विद्यालयों में 35 लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। एक लाख 63 हजार से अधिक आचार्य-दीदी शिक्षा एवं संस्कारों का दायित्व निभा रहे हैं। विद्या भारती सीमांत, जनजातीय एवं पिछड़े क्षेत्रों में भी शिक्षा का प्रकाश पहुंचाने का कार्य कर रही है।

पूर्व छात्र परिषद, संस्कृति बोध परियोजना, बालिका शिक्षा, कौशल एवं तकनीकी शिक्षा सहित विभिन्न प्रकल्पों के माध्यम से राष्ट्रहित में कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में अतिथियों का उपरणा ओढ़ाकर एवं श्री फल देकर स्वागत किया गया।

इस अवसर पर जिला सचिव सतीश कुमार जी गौतम सह जिला सचिव डॉक्टर महेश शर्मा एवं जिले के प्रधानाचार्य, प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ

NCDEX पर 6 फीसदी तेजी का सर्किट लगने से कोटा मंडी में धनिया 300 रुपये उछला

कोटा। Kota Mandi Price Today: एनसीडीईएक्स पर वायदा तेज रहने से भामाशाह अनाज मंडी में मंगलवार को धनिया 300 रुपये उछल गया। देसावरी मांग से लहसुन 500 रुपये तेज़ रहा।

कारोबारी सूत्रों के अनुसार मंगलवार को एनसीडीईएक्स पर जून का धनिया वायदा 6 फीसदी तेजी के सर्किट के साथ 13970 रुपये, अगस्त वायदा 700 रुपये उछल कर 14230 रुपये और अक्टूबर वायदा भी छह फीसदी तेजी के सर्किट के साथ 846 रुपये चढ़कर 14970 रुपये पर बंद हुआ।

लिवाली के अभाव में सोयाबीन 200 रुपये और सरसों रुपये 100 मंदी बिकी। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब 60 हजार कट्टे और लहसुन की 12000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे

गेहूं नया मिल लस्टर 2300 से 2350, गेहूं एवरेज टुकड़ी 2375 से 2475, बेस्ट टुकड़ी 2500 से 2575, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1700 से 1900, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 2100 से 2350 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3201, धान (1509) 3400 से 4200, धान (1847) 3200 से 4001, धान (1718-1885) 3800 से 4550, धान (पूसा-1) 3000 से 4100, धान (1401-1886) 3600 से 4150, धान दागी 1500 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 6000 से 6750, सोयाबीन बेस्ट क्वालिटी 6750 से 6801, सरसो 7200 से 7600, अलसी 8000 से 8550, तिल्ली 7000 से 9500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 5000 से 7500, उड़द 4500 से 6800, चना 5200 से 5550, चना मौसमी नया 5100 से 5550, चना पेप्सी 5100 से 5701, चना डंकी पुराना 4000 से 4600, चना काबुली 5500 से 7000 रुपये प्रति क्विंटल।

लहसुन 5000 से17000, ऊटी लहसुन 15000 से 18500, मैथी नयी 5800 से 6400, धनिया बादामी 11500 से 12000, धनिया ईगल 12500 से 12800, धनिया रंगदार 13000 से 14500 रुपये प्रति क्विंटल।

मॉक ड्रिल के माध्यम से कोटा के होटलों में दिया अग्नि से सुरक्षा एवं बचाव का प्रशिक्षण

कोटा। Fire safety in hotels: होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन द्वारा आज फायर सेफ्टी विशेषज्ञों एवं अग्निशमन कंपनियों के सहयोग से छावनी स्थित एक होटल पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य होटल एवं रेस्टोरेंट क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा आग लगने की स्थिति में प्रभावी बचाव एवं नियंत्रण संबंधी प्रशिक्षण प्रदान करना था।

होटल फेडरेशन राजस्थान ऑफ कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी एवं महासचिव संदीप पाडिया ने बताया कि कार्यशाला में मॉडल एवं मॉक ड्रिल के माध्यम से होटल एवं रेस्टोरेंट में आग लगने की स्थिति में तत्काल किए जाने वाले बचाव कार्यों, आग बुझाने के प्रयासों तथा आवश्यक सावधानियों की समस्त कर्मचारियों को विस्तृत जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के दौरान होटल स्टाफ को यह भी बताया गया कि आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित निकासी (इवैक्यूएशन) किस प्रकार की जानी चाहिए।कार्यक्रम में अग्निशमन उपकरणों के सही उपयोग, उनकी विशेषताओं तथा रखरखाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी उपलब्ध कराई गई।

मॉक ड्रिल के माध्यम से होटल कर्मचारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार किया गया।अशोक माहेश्वरी एवं संदीप पाडिया ने बताया कि होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान, कोटा डिवीजन द्वारा कोटा के सभी होटलों में चरणबद्ध रूप से ऐसे अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

उन्होंने सभी होटल संचालकों से आह्वान किया कि वे अपने प्रतिष्ठानों में आवश्यक अग्निशमन उपकरण अनिवार्य रूप से स्थापित करें तथा स्टाफ को नियमित रूप से सुरक्षा एवं बचाव संबंधी प्रशिक्षण दिलाएं, जिससे किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।

उन्होंने बताया कि अधिकांश अग्निकांड शॉर्ट सर्किट एवं विद्युत संबंधी खामियों के कारण होते हैं। इसलिए होटल संचालकों को समय-समय पर बिजली के पैनल, वायरिंग, फिटिंग एवं अन्य विद्युत उपकरणों की तकनीकी जांच करवानी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी घटना से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।

भगवा यात्रा निकाल महाराणा प्रताप के शौर्य और बलिदान को किया याद

कोटा। मेवाड़ के गौरव, राष्ट्रनायक एवं अदम्य शौर्य के प्रतीक महाराणा प्रताप की जयंती बोरखेड़ा क्षेत्र में मंगलवार को श्रद्धा और उत्साह के वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित भगवा रैली में सैकड़ों सर्व समाज के प्रबुद्ध जन, महिला एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

महाराणा प्रताप स्मारक समिति के संयोजक शंभू सिंह कानावत के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में लोग देवली रोड स्थित उत्सव मैरिज गार्डन में एकत्रित हुए।

यहां से महाराणा प्रताप एवं देशभक्ति गीतों की गूंज के बीच भगवा दुपट्टा धारण किए युवाओं और नागरिकों का विशाल समूह रैली के रूप में रवाना हुआ। महाराणा प्रताप के चित्र को पुष्पों से सुसज्जित वाहन पर आकर्षक झांकी के रूप में सजाया गया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

समिति संरक्षक महावीर प्रसाद नायक ने बताया कि रैली मार्ग में विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। देशभक्ति और वीरता के नारों से वातावरण गुंजायमान रहा।

रैली महाराणा प्रताप सर्कल पहुंची, जहां महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण कर 51 दीपों से महाआरती की गई तथा भव्य आतिशबाजी के साथ जयंती समारोह का समापन हुआ।

संरक्षक महावीर प्रसाद नायक एवं अध्यक्ष मनोज गोस्वामी ने बताया कि रैली व उपस्थित जनसमूह के लिए अल्पाहार, फल एवं शीतल पेयजल की व्यवस्था भी की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संयोजक शंभू सिंह कानावत, सुमेर सिंह तथा समिति अध्यक्ष मनोज गोस्वामी ने महाराणा प्रताप के आदर्शों को वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए उनके जीवन से राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और त्याग की प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

आयोजन में सह संयोजक राधेश्याम कुशवाह, देवेन्द्र राठौड़, चंद्रबली प्रसाद, कुलदीप कुशवाह, देवराम वर्मा, दौलत मेघवाल, सुरेन्द्र गौड़, प्रेम सहाय वर्मा, अनु गोस्वामी, लक्ष्मण चौधरी, महावीर शेखावत, विशाल लश्करी, दीपक कुशवाह, संतोष गहलोत, लोकेश शर्मा, हनुमान सिंह हाड़ा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

महेश नवमी महोत्सव: 21 को ‘नवरंग’ एवं 22 जून को ‘नवसृजन’ कार्यक्रम होंगे

कोटा। माहेश्वरी समाज के तत्वावधान में आयोजित महेश नवमी महोत्सव के अंतर्गत मंगलवार को विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया।

मुख्य समन्वयक महेश अजमेरा ने बताया कि 16 जून को बास्केटबॉल एवं वॉलीबॉल प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं, जिनमें 16 से 40 वर्ष आयु वर्ग के महिला एवं पुरुष खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के उत्साह और खेल भावना ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

महिला मंडल अध्यक्ष सरिता मोहता एवं श्वेता माहेश्वरी ने बताया कि महेश नवमी महोत्सव के तहत 21 जून को ‘नवरंग’ तथा 22 जून को ‘नवसृजन’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इन सांस्कृतिक आयोजनों की तैयारियां महिला मंडल द्वारा जोर-शोर से की जा रही हैं। समाज अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला ने तैयारियों का जायजा लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि ‘नवरंग’ कार्यक्रम में हरा, केसरिया, सफेद सहित नौ रंगों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपराओं को विभिन्न नृत्य प्रस्तुतियों के जरिए प्रदर्शित किया जाएगा।

वहीं ‘नवसृजन’ कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं पर आधारित विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। इसमें मंडना प्रतियोगिता, क्रोशिया प्रतियोगिता, किटी पार्टी आधारित गतिविधियां तथा जीरो ऑयल कुकिंग प्रतियोगिता प्रमुख आकर्षण रहेंगी।

इस अवसर पर समाज के मंत्री बिट्ठलदास मूंदड़ा, पूर्वी राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष महेशचंद अजमेरा, सहमंत्री एवं खेल समन्वयक घनश्याम मूंदड़ा, उपाध्यक्ष नंदकिशोर काल्या, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार शारदा, जिला अध्यक्ष सुरेशचंद्र काबरा सहित अनेक पदाधिकारी एवं समाजबंधु उपस्थित रहे।

Chana Price: चना की कीमतों में सीमित उतार-चढ़ाव जारी रहने का अनुमान

मुम्बई। Chana Price: एक तरफ प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण थोक मंडियों में चना की आपूर्ति कम हो रही है तो दूसरी ओर इसकी मांग भी कमजोर देखी जा रही है। इसके फलस्वरूप सीमित उतार-चढ़ाव के साथ एक निश्चित सीमा में स्थिर बना हुआ है और निकट भविष्य में बाजार की इस स्थिति में भारी बदलाव होना मुश्किल लगता है।

एक अग्रणी व्यापारिक संस्था- इंडिया पल्सेस एंड ग्रेन्स एसोसिएशन के अनुसार अगले कुछ दिनों तक चना तथा उड़द का भाव या तो स्थिर या कुछ मजबूत रह सकता है और तुवर की कीमतों में भी ज्यादा बदलाव आना मुश्किल लगता है। मिलर्स और व्यापारी केवल अपनी तात्कालिक जरूरतों के लायक दलहन की खरीद कर रहे हैं। आवक कम होने से दाम में नरमी आने की संभावना भी ज्यादा नहीं है।

चना दाल तथा बेसन में मांग कमजोर देखी जा रही है और मानसून की गति सुस्त बनी हुई है। सरकारी एजेंसियों- नैफेड तथा एनसीसीएफ के पास चना का विशाल स्टॉक मौजूद है। इससे बाजार पर कुछ हद तक मनोवैज्ञानिक दबाव बना हुआ है। आपूर्ति एवं उपलब्धता में कमी आने तथा कीमत तेज होने पर चना के इस सरकारी स्टॉक का इस्तेमाल किया जा सकता है।

विदेशों से देशी चना एवं पीली मटर का आयात कम हो रहा है। नीचे मूल्य पर चना की खरीदारी बढ़ सकती है मगर दाम बढ़ते ही कारोबार सुस्त पड़ सकता है। सरकारी एजेंसियों द्वारा 2025-26 के रबी सीजन में करीब 21 लाख टन चना खरीदा गया।

फिलहाल चना का अधिकांश स्टॉक उत्पादकों एवं सरकारी एजेंसियों के पास मौजूद है जबकि मिलर्स एवं व्यापारियों के पास इसका सीमित स्टॉक बचा हुआ है। थोक मंडी भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य के आसपास चल रहा है।

आगामी समय में चना का भाव घरेलू मांग, किसानों की बिक्री, सरकार की विपणन नीति और आयात का ‘पड़ता’ जैसे कारकों पर निर्भर करेगा। पिछले सप्ताह मध्य प्रदेश की इंदौर मंडी में चना का दाम 6000 से 6100 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। ऑस्ट्रेलिया में उत्पादन काफी घटने की संभावना है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की अग्रणी शक्ति बन रहा है: बंसल

कोटा। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारह वर्षों की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डालते कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की अग्रणी शक्ति बन रहा है। उन्होंने इसे देश उत्थान और विकास के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वाभिमान के नवोदय का ऐतिहासिक कालखंड बताया।

बंसल मंगलवार को कोटा में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में देश ने विश्वास, विकास और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित किए हैं। भारत इस दौरान विश्व की नई आर्थिक एवं समरिक शक्ति बन कर उभरा है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014, 2019 और 2024 में लगातार प्राप्त जनसमर्थन इस बात का प्रमाण है कि देश की जनता ने भाजपा सरकार की नीतियों और नेतृत्व पर अपना अटूट विश्वास जताया है। सरकार ने किसानों, गरीबों, महिलाओं और युवाओं को केंद्र में रखकर कार्य किया है, जिसका परिणाम आज देश के समग्र विकास के रूप में सामने है।

बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की पहली फाइल पर हस्ताक्षर से ही सरकार ने किसान कल्याण को अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी थी।श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर, पंचतीर्थ, जनजातीय गौरव दिवस, स्टेच्यू ऑफ यूनिटी, कर्तव्य पथ और नई संसद भवन जैसे प्रयासों ने देश की सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव को नई ऊर्जा प्रदान की है।

उन्होंने कहा कि जी-20 की सफल अध्यक्षता, वैक्सीन मैत्री, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तथा वैश्विक मंचों पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा ने विश्व में भारत की साख को अभूतपूर्व ऊंचाई प्रदान की है। 

उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और आतंकवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्यवाहियों ने मजबूत नेतृत्व का परिचय दिया है, जबकि स्वच्छ भारत, हर घर तिरंगा, फिट इंडिया और ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियानों ने जनभागीदारी का नया अध्याय लिखा है।

विकास के क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए श्री बंसल ने कहा कि पिछले वर्षों में लगभग 4 लाख किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण हुआ है तथा राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क 91 हजार किलोमीटर से बढ़कर लगभग 1.46 लाख किलोमीटर तक पहुंच गया है। चिनाब ब्रिज, अटल टनल और पंबन ब्रिज जैसी परियोजनाएं देश की नई विकास गाथा लिख रही हैं।

रेलवे के 99 प्रतिशत से अधिक ब्रॉडगेज नेटवर्क का विद्युतीकरण किया गया है तथा 1337 से अधिक रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया गया है। देश में 164 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं और मेट्रो नेटवर्क 1095 किलोमीटर से अधिक हो चुका है। इसी प्रकार हवाई अड्डों की संख्या 74 से बढ़कर 164 से अधिक हो गई है।”

कृषि और ग्रामीण विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश खाद्यान्न उत्पादन में लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है और भारत विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश बन चुका है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 109 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि सूक्ष्म सिंचाई के दायरे में लाई गई है।

डिजिटल और आर्थिक क्षेत्र में परिवर्तन का उल्लेख करते हुए बंसल ने कहा कि डिजिटल साक्षरता अभियान से 6 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं। जीएसटी संग्रह 22 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। डीबीटी के माध्यम से 51 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाई गई है।

यूपीआई लेनदेन में अभूतपूर्व वृद्धि के कारण भारत डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में विश्व का अग्रणी देश बना है और आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है।”

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने के लिए 12 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में छह गुना वृद्धि हुई है और भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता देश बन चुका है। रक्षा उत्पादन और रक्षा निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि स्टार्टअप की संख्या 500 से बढ़कर 2.06 लाख से अधिक हो गई है।

जनकल्याण के क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बंसल ने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 4.31 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है। लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं तथा 81 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेशन के तहत 58 करोड़ से अधिक जनधन खाते खोले गए हैं, जबकि मुद्रा योजना के तहत 57.79 करोड़ से अधिक ऋण स्वीकृत किए गए हैं। आयकर छूट सीमा बढ़ाकर 12.75 लाख रुपये तक की गई है।”

उन्होंने कहा कि किसान कल्याण के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 4.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों के खातों में सीधे हस्तांतरित की गई है तथा किसान क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से करोड़ों किसानों को सस्ता ऋण उपलब्ध कराया गया है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान भारत योजना के तहत 60 करोड़ से अधिक हेल्थ कार्ड जारी किए गए हैं। 23 नए एम्स एवं मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी दी गई है तथा मिशन इंद्रधनुष के माध्यम से 5.4 करोड़ से अधिक बच्चों का टीकाकरण किया गया है।

उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 11 करोड़ महिलाओं को लाभ मिला है, लखपति दीदी योजना से 3 करोड़ से अधिक महिलाएं लाभान्वित हुई हैं तथा सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 4.5 करोड़ से अधिक खाते खोले गए हैं।

उन्होंने कहा कि आवास, जल और स्वच्छता के क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4 करोड़ से अधिक पक्के घर बनाए गए हैं। जल जीवन मिशन के माध्यम से 16 करोड़ से अधिक घरों तक नल से जल पहुंचाया गया है।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया है तथा सौभाग्य योजना के माध्यम से सभी घरों तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया गया है।

वार्ता का संचालन अरविन्द सिसोदिया ने किया। पत्रकार वार्ता के प्रारंभ में भाजपा शहर जिला अध्यक्ष राकेश जैन ने राष्ट्रीय  महामंत्री सुनील बंसल का स्वागत किया।

इस दौरान मंच पर भाजपा कोटा शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन, शिक्षा एवं पंचायती राज्य मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर, विधायक संदीप शर्मा, विधायक कल्पना देवी,  मीडिया विभाग की कोटा संभाग प्रभारी ज्योति खंडेलवाल, भाजपा जिला प्रभारी अजीत मेहता, पूर्व विधायक चन्द्रकान्ता मेघवाल, कार्यक्रम के प्रदेश संयोजक रघुनाथ नरेडी अग्रवाल, कोटा शहर सह प्रभारी स्नेहा कंबोज मौजूद रहे।

ऑर्गेनिक फ़ूड जैसे नाम से बिकने वाले 14 खाद्य ब्रांडों को नोटिस जारी

नई दिल्ली। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) भ्रामक ब्रांड नाम एवं उत्पाद के दावे की शिकायत को देखते हुए 14 फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को नोटिस जारी किया है।

इनमें से कुछ ब्रांडों के नाम अटपटे हैं तो कुछ नाम में ऑर्गेनिक शब्द जुड़े हुए हैं जबकि वे ब्रांड सामान्य किस्म के खाद्य उत्पादों के हैं। एक ब्रांड नाम लोटा वाटर का है।

समझा जाता है कि खाद्य व्यावसाय से जुडी कुछ फर्में आम उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए अपने उत्पादों का ब्रांड नाम ऐसा रखती हैं जो कई बार भ्रामक प्रतीत होता है।

स्वास्थ्य एवं स्वाद के लिए हेल्दी या टेस्टी शब्द का उपयोग तो ब्रांड नाम में अक्सर होता है जो सैद्धांतिक रूप से गलत नहीं है लेकिन कठिनाई तब होती है जब ये ब्रांड अपने नाम के अनुरूप गुण या विशेषता की कसौटी पर खरा नहीं उतरते हैं।

खाद्य उत्पादों के कारोबार में असंख्य कंपनियां संलग्न हैं और मार्केट में इनके ब्रांडों की भरमार है। फिलहाल 14 ब्रांडों की पहचान करके उसकी संचालन कंपनियों को नोटिस जारी किया गया है जबकि आगे इस सूची में कुछ और नाम भी जुड़ने की संभावना है।