Paper leak Case: दोषियों को दंड देने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित होगा: पीएम मोदी

0
9

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे धरना प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने युवाओं के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई का संकेत दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने पेपर लीक मामलों में दोषियों को कठोर दंड देने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट्स गठित करने का फैसला लिया है। यह घोषणा उनके आधिकारिक एक्स पोस्ट के माध्यम से की गई, जिसमें उन्होंने कहा कि युवाओं के हित और भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा।

इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”

पुलिस का लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले
बता दें कि पीएम मोदी का यह बयान ऐसे समय आया है जब 20 जुलाई के ‘संसद चलो’ मार्च के बाद प्रदर्शनकारी लगातार तीसरे दिन जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं। उस दौरान दिल्ली पुलिस ने संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े थे। सीजेपी ने पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाया है, जबकि दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों द्वारा सुरक्षा व्यवस्था तोड़ने की कोशिश के बाद कार्रवाई की गई थी। नेट-यूजी पेपर लीक मामले को लेकर छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं। राहुल गांधी समेत पूरे विपक्ष ने इसका विरोध किया और संसद में हंगामा किया। इस बीच केंद्र पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ बातचीत कर रही है।

क्या बोले थे सोनम वांगचुक
पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बुधवार को कहा कि अगर केंद्र सरकार उन्हें यह भरोसा दिलाए कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कोई बल प्रयोग नहीं किया जाएगा और न ही उनके खिलाफ कोई प्राथमिकी या अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, तो वह अपना आमरण अनशन समाप्त कर देंगे। वांगचुक ने कहा कि भले ही अनशन के दौरान उनका वजन लगभग 11 किलोग्राम कम हो गया है, फिर भी वह अपने काम पर लौटना चाहते हैं।