पेपर लीक मामले को लेकर हंगामा, संसद की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित

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नई दिल्ली। NEET पेपर लीक को लेकर संसद के भीतर सत्ता और विपक्ष आमने-सामने हैं, तो जंतर-मंतर पर CJP का आंदोलन भी लगातार जारी है। विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच राज्यसभा-लोकसभा की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित कर दी गई है। इससे पहले लोकसभा में एक बार फिर कार्यवाही शुरू हुई थी, लेकिन विपक्षी दलों की ओर से हंगामा जारी रहा।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों से कहा है कि वह पेपर लीक पर चर्चा के लिए तैयार है। उधर, संगठन ने साफ कर दिया है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले आंदोलन खत्म नहीं होगा, जबकि बुधवार रात प्रदर्शन के दौरान हुई पत्थरबाजी में 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए।

संसद के मकर द्वार पर एनडीए (NDA) और इंडिया (INDIA) गठबंधन के सांसद नीट (NEET) पेपर लीक और अन्य मुद्दों पर भारी हंगामे के कारण आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों की ओर से की गई नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के चलते लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

सोनम वांगचुक ने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील की है, वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘युवाओं का हित और उनका उज्ज्वल भविष्य मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता भी है और संकल्प भी। प्रधानमंत्री जी द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट्स के गठन से पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ त्वरित सुनवाई और कठोर कार्रवाई का निर्णय इसी का प्रतिबिंब है। पेपर लीक के कारण युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह महत्वपूर्ण कदम मील का पत्थर साबित होगा।

युवाओं के भविष्य पर राजनीति नहीं होनी चाहिए: किरेन रिजिजू
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘आज हमने उम्मीद किया था कि हम NEET पेपर लीक पर चर्चा करेंगे। कल हमने विपक्ष के नेताओं से बातचीत किया, कांग्रेस पार्टी से भी किया और सबने कहा कि एक रास्ता ढूंढते हैं लेकिन बाद में जाते-जाते उन्होंने फिर से शर्त लगाना शुरू किया…. आज पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि छात्रों की जिंदगी और उनकी सुरक्षा के लिए कदम उठा रहे हैं उसमें कोई ढील नहीं होगा… आज मैं राजनीतिक पार्टियों से अपील करता हूं कि वे चर्चा को पटरी से उतारने के लिए कोई शर्त न रखें। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि यह राजनीति करने का समय नहीं है, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का समय है।