कोटा। उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल के कनकपुरा यार्ड में इंटरलॉकिंग एवं प्री-इंटरलॉकिंग कार्य किए जाने के कारण कोटा मंडल से गुजरने वाली ट्रेने परिवर्तित मार्ग से गुजरेगी
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 12978 अजमेर–एर्नाकुलम एक्सप्रेस 15 मई को अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया अजमेर–चंदेरिया–रतलाम मार्ग से संचालित की जाएगी तथा यह गाड़ी मार्ग में बिजयनगर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, नीमच एवं मंदसौर स्टेशनों पर ठहराव लेते हुए चलेगी।
इसी तरह गाड़ी संख्या 22674 मान्नारगुड़ी–जोधपुर एक्सप्रेस 4 मई को अपने निर्धारित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग वाया जयपुर–रींगस–चूरू–डेगाना मार्ग से संचालित की जाएगी तथा यह गाड़ी मार्ग में रींगस, सीकर, चूरू एवं रतनगढ़ स्टेशनों पर ठहराव लेते हुए चलेगी।
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पूर्व गाड़ियों की स्थिति, समय एवं ठहराव की अद्यतन जानकारी के लिए रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट www.enquiry.indianrail.gov.in अथवा एनटीईएस मोबाइल ऐप का उपयोग करें।
कोटा। Car rally: जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (JITO ) कोटा लेडीज विंग की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च को नेशनल कार रैली का आयोजन किया जाएगा। रैली का उद्देश्य थैलेसीमिया उन्मूलन और कैंसर के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना है।
लेडीज विंग की चेयरपर्सन मंजु लुंकड़ ने बताया कि रैली के उपरांत महिलाओं और आमजन के लिए चिकित्सकों का टॉक शो आयोजित किया जाएगा, जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टर कैंसर और थैलेसीमिया की रोकथाम, समय पर जांच तथा उपचार के संबंध में जानकारी देंगे।
उन्होने बताया कि 8 मार्च को भारत देश के विभिन्न प्रदेशो 100 से अधिक चेप्टर रैली का आयोजन करेगे। प्रोग्राम संयोजिका प्रीति जैन तथा सह संयोजिका नेहा जैन ने बताया कि कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन शहर पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने किया।
लेडीज विंग की चीफ सेक्रेटरी रेखा जैन के अनुसार रैली 8 मार्च को प्रातः 6:30 बजे श्री उम्मेद क्लब से प्रारंभ होगी। रैली का मार्ग उम्मेद क्लब से जेडीबी, कोटड़ी, एरोड्रम चौराहा, कॉमर्स कॉलेज, केशवपुरा, सीएडी, टीलेश्वर महादेव, जीएम प्लाजा और अग्रसेन सर्किल होते हुए पुनः उम्मेद क्लब तक रहेगा।
प्रोग्राम संयोजिका प्रीति जैन तथा सह संयोजिका नेहा जैन ने बताया कि रैली के समापन पर डॉ. रतना जैन, डॉ. पी.एस. झा, आशीमा विजय और डॉ. परवीन शंकर झा कैंसर एवं थैलेसीमिया से बचाव, समय पर जांच और उपचार के विषय में उपस्थितजनों को संबोधित करेंगे।
कोटा के चेयरमैन पंकज सेठी और चीफ सेक्रेटरी नरेंद्र जैन ने बताया कि कि रैली का उद्देश्य महिलाओं सहित समाज के विभिन्न वर्गों में स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देना तथा नियमित चिकित्सा जांच के प्रति प्रेरित करना है।
कार्यक्रम की तैयारियों में कपिल जैन,निखिल जैन, नेहा जैन, चित्रा बागरेचा, सुमन मुनोत, नीरा जैन, पिंकी बागरेचा, सोनिया सांखला, मीना जैन और अनीता जैन सहित लेडीज विंग की सदस्याएं सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं। वहीं यूथ विंग से सिद्धार्थ जैन और ईशान गोधा सहित अन्य सदस्य भी व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे हैं। चेयरपर्सन मंजु लुंकड़ ने बताया कि रैली में भाग लेने के लिए अब तक 100 से अधिक महिलाओं ने पंजीकरण कराया है।
नई दिल्ली। दो हफ़्ते तक कमज़ोर रहने के बाद सोयाबीन प्लांट डिलीवरी की कीमतों में आखिरकार 28 फरवरी-6 मार्च, 2026 के हफ़्ते में ₹100-200 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई। इससे किसानों को कुछ राहत मिली।
प्लांट डिलीवरी भाव समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान, सोयाबीन प्लांट डिलीवरी की कीमतें मध्य प्रदेश में ₹5300-5500 प्रति क्विंटल, महाराष्ट्र में 5500-5700 प्रति क्विंटल और राजस्थान में 5300-5800 प्रति क्विंटल तक पहुंच गईं।
सोयाबीन रिफाइंड तेल सोयाबीन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण रिफाइंड सोयाबीन तेल की कीमत में भी 4 प्रति kg तक का सुधार हुआ। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई प्लांट में कीमतें 15-40 प्रति 10 kg तक बढ़ गईं।
कोटा में कीमत 10 रुपये बढ़कर 1390 रुपये प्रति 10 kg, मुंबई में 10 रुपये बढ़कर 1350 रुपये प्रति 10 kg, कांडला में 5 रुपये बढ़कर 1345 रुपये प्रति 10 kg और हल्दिया में 25 रुपये बढ़कर 1365 रुपये प्रति 10 kg हो गई।
सोया डीओसी का भाव सोया DOC की डिमांड मज़बूत रही, जिससे महाराष्ट्र के कई प्लांट्स ने इसकी सेलिंग प्राइस 1500-2000 रुपये प्रति टन बढ़ा दी। नतीजतन, महाराष्ट्र में सोया DOC की कीमत बढ़कर 40,000-44,000 रुपये प्रति टन हो गई।
कोटा। Kota Mandi Price Today:भामाशाह अनाज मंडी में शनिवार को मिलर्स की लिवाली निकलने से धान 150 रुपये, सोयाबीन 130 रुपये और सरसों 100 रुपये उछल गई। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब सवा लाख कट्टे और लहसुन की 2000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-
गेहूं 2250 से 2350, गेहूं नया 2200 से 2250, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1550, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ 2000 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल।
धान सुगन्धा 2800 से 3101, धान (1509) 3200 से 3900, धान (1847) 3200 से 3601, धान (1718-1885) 3900 से 4250, धान (पूसा-1) 3600 से 4100, धान (1401-1846) 3800 से 4200, धान दागी 1500 से 3400 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन 4000 से 5400, सरसों 5200 से 6300, अलसी 6000 से 6700, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 6500, उड़द 4500 से 8000, चना देशी 4700 से 4901, चना मौसमी 4700 से 4800, चना पेप्सी 4800 से 4901, चना डंकी 3500 से 4500, चना काबुली 5500 से 7500, नया चना 4500 से 4950 रुपये प्रति क्विंटल।
नया लहसुन 3300 से 8000, मैथी 4000 से 5100, धनिया बादामी 7500 से 9000, धनिया ईगल 9200 से 9500, धनिया नया गीला 6700 से 9500, धनिया रंगदार 10000 से 11000 रुपये प्रति क्विंटल।
हाड़ौती की उड़ान: शंभूपुरा में कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास
कोटा। हाड़ौती क्षेत्र के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना शनिवार को औपचारिक रूप से जमीन पर उतर आई। वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नवंबर 2023 में जब वे कोटा आए थे, तब उन्होंने वादा किया था कि कोटा का एयरपोर्ट केवल सपना बनकर नहीं रहेगा, बल्कि उसे साकार किया जाएगा।
आज वही क्षण आ गया है, जब कोटा एयरपोर्ट का निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट की स्थापना हाड़ौती के विकास के नए द्वार खोलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि आज का दिन पूरे हाड़ौती के लिए नई आशा और उपलब्धि का दिन है।
करीब डेढ़ हजार करोड़ रुपए से बनने जा रहा यह आधुनिक एयरपोर्ट पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति देने वाला है। मैं कोटा और पूरे हाड़ौती क्षेत्र के लोगों को एयरपोर्ट के इस शिलान्यास कार्यक्रम में बहुत शुभकामनाएं देता हूं।
पीएम मोदी ने कहा कि अजमेर यात्रा के कुछ ही दिनों बाद आज कोटा से जुड़े इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को शुरू करने का अवसर मिल रहा है। एक ही हफ्ते में राजस्थान के इन दो बड़े कार्यक्रमों का बड़ा संदेश है। यह बताते हैं कि आज राजस्थान बहुत तेज गति से आगे बढ़ रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि अब तक कोटा के लोगों को जयपुर जाकर फ्लाइट पकड़नी पड़ती थी। इसमें काफी समय भी लगता था और असुविधा भी होती थी। अब स्थिति बदलने जा रही है। अब कोटा समेत पूरे इलाके में यात्रा भी आसान होगी और व्यापार भी तेजी से बढ़ेगा।
कोटा के शंभूपुरा में शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और उड्यन मंत्री के राम मोहन नायडू ने शनिवार को शंभूपुरा में कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास किया।
कोटा-बून्दी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शनिवार को शिलान्यास एवं भूमि पूजन हुआ। देखिए कैसा होगा आपका अपना नया एयरपोर्ट… pic.twitter.com/KOwrn8iP49
क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए नया इंजन – बिरला समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कोटा-बूंदी एयरपोर्ट केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि पूरे हाड़ौती क्षेत्र की आर्थिक आकांक्षाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उद्योग, व्यापार और पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधि इस बात को महसूस करते रहे हैं कि बेहतर हवाई कनेक्टिविटी के बिना क्षेत्र की संभावनाएं पूरी तरह सामने नहीं आ पातीं।
उन्होंने कहा कि कोटा देश-विदेश में अपनी पहचान बनाने वाला शहर है, यहां उद्योग है, उर्वर कृषि क्षेत्र है, और सबसे बढ़कर देश का प्रमुख शिक्षा केंद्र है। लाखों विद्यार्थी हर साल यहां आते हैं, लेकिन हवाई कनेक्टिविटी के अभाव में शहर तक पहुंचना उनके लिए समय-साध्य और कठिन बना रहता था।
एयरपोर्ट बनने के बाद यह स्थिति बदलेगी और कोटा न केवल देश के प्रमुख शहरों से बल्कि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से भी अधिक सहजता से जुड़ सकेगा।
एयरपोर्ट के पास ही उद्योगों के लिए 600 हेक्टेयर जमीन औद्योगिक विकास के लिए रीको को दी गई है। जहां आने वाले दिनों में नए उद्योग स्थापित होंगे। ट्रिपल आईटी के विस्तार के साथ ही कोटा आईटी का नया हब भी बनेगा।
कोटा-बूंदी निश्चित ही देश का सबसे तेजी से विकसित होता क्षेत्र बनेगा। चम्बल और परवन जैसी हमेशा पानी से भरी रहने वाली नदियों के किनारे रहकर भी इस इलाके के हजारों गांवों में पर्याप्त पानी नहीं था। आज हर घर तक पीने का पानी और हर खेत तक सिंचाई के लिए हजारों करोड़ से कार्य हो रहे है।
कोटा बूंदी की उड़ान में नहीं आने देंगे कोई रुकावट – सीएम मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को विशेष प्राथमिकता दी और प्रशासनिक, आर्थिक तथा भूमि संबंधी बाधाओं को तेजी से दूर किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान तेजी से विकसित हो रहे राज्यों में शामिल है और बुनियादी ढांचे के मजबूत होने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलती है। प्रदेश में सरकार आते ही सिर्फ तीन महीने में एयरपोर्ट के रास्ते में आ रही सारी अड़चनें खत्म कर दीं। आगे भी किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं आने देंगे।
दो साल में पूरा करेंगे निर्माण – नायडू केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि कोटा-बूंदी में एयरपोर्ट की स्थापना का काम काफी पहले शुरू हो जाता, लेकिन केंद्र सरकार जितनी तेजी से निर्णय ले रही थी, राजस्थान सरकार उतना ही डिले कर रही थी। भजनलाल शर्मा जब मुख्यमंत्री बने तब जाकर उन्होंने सिर्फ तीन महीने में सारी क्लीयरेंस दिलवा दी। नायडू ने कहा कि अब हमारा लक्ष्य है कि किसी भी सूरत में कोटा बूंदी एयरपोर्ट का काम दो साल में पूरा करवाएंगे। बनाना है दो साल में मतलब बनाना ही पड़ेगा इसे। उन्होंने कहा कि कई एयरलाइंस पहले से ही कोटा से उड़ान भरने के लिए तैयार बैठी हैं। इसलिए कनेक्टिविटी की कोई परेशानी नहीं होगी।
पुराना हवाई अड्डा भी यथावत रहेगा इसके साथ ही पुराना हवाई अड्डा भी यथावत रहेगा और उस जमीन पर फ्लाइंग ट्रेनिगं सेंटर खोलेंगे। नायडू ने कहा कि मोदी सरकार 40 दिन में एक एयरपोर्ट खोल रही है और एक एयरपोर्ट विकास के हजारों नए रास्ते खोलता है। एक फ्लाइट सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार देती है। एयरपोर्ट बनने के बाद रोजगार और उद्योग के लिए देश भर से लोग आएंगे।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने पिछली सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कोटा एयरपोर्ट और पेयजल परियोजनाएं क्षेत्र की पुरानी मांग थी। जिन्हें कांग्रेस सरकार ने 5 साल तक रोके रखा। उन्होंने खुलासा किया कि कांग्रेस के शासन में चार बार टेंडर हुए और 40% तक ‘अबोव रेट’ आई थी, लेकिन भजनलाल सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के कारण इस बार टेंडर 9 से 15 प्रतिशत की वाजिब रेट पर हुए हैं।
मंत्री नागर ने कहा कि कांग्रेस ने जल जीवन मिशन में जो भ्रष्टाचार और ‘वाटर लीकेज’ किया था। उसकी परतें अब खुल रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि अब डबल इंजन की सरकार ने रेल और सड़क के बाद एयर कनेक्टिविटी की राह भी प्रशस्त कर दी है, जिससे निवेश बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं को अपनी ही जमीन पर रोजगार के अवसर मिलेंगे।
विधायक संदीप शर्मा ने इस अवसर पर पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह एयरपोर्ट 5 साल पहले ही शुरू हो सकता था, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री और पिछली सरकार ने इसमें कई रोड़े अटकाए। उन्होंने कहा कि “स्पीकर साहब ओम बिरला ने संकल्पित होकर एयरपोर्ट की जमीन को वन भूमि से मुक्त कराया, जिससे कांटों की राह फूलों का हार बनी।” विधायक शर्मा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि सरकार बनते ही 6 महीने में 140 करोड़ रुपये जमा कराकर एयरपोर्ट की राह सुगम की गई।
नई दिल्ली। ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है। इससे भारत समेत कई देशों को क्रूड ऑयल और गैस की दिक्कत हो सकती है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य से आपूर्ति बाधित होने की आशंका के बीच भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए नए विकल्प तलाश रहा है। सरकारी सूत्रों के अनुसार ऑस्ट्रेलिया, कनाडा समेत कई देशों ने भारत को अतिरिक्त गैस सप्लाई की पेशकश की है।
सूत्रों ने कहा मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण भारत की कच्चे तेल की आपूर्ति अब किसी एक समुद्री मार्ग पर निर्भर नहीं है। एक ही समुद्री मार्ग पर निर्भरता के दिन अब लद चुके हैं। भारत जितना तेल आयात करता है, उसका करीब आधा हिस्सा हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। बाकी का क्रूड ऑयल अन्य मार्गों से आता है, जो अभी प्रभावित नहीं हैं।
कई जगह से आयात भारत अपनी जरूरत का क्रूड ऑयल और गैस कई देशों से खरीदता है। इनमें ये प्रमुख हैं:
रूस
पश्चिम अफ्रीका
अमेरिका महाद्वीप
मध्य एशिया
खाड़ी क्षेत्र के बाहर के मिडिल ईस्ट देश
अमेरिका और यूएई के साथ नए समझौते भारत ने हाल ही में अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे साझेदार देशों के साथ भी नई ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्थाएं की हैं। इसका मकसद है कि लंबी अवधि के लिए स्थिर सप्लाई सुनिश्चित हो सके। पिछले दस वर्षों में भारत ने अपनी तेल आपूर्ति के स्रोत 27 देशों से बढ़ाकर 40 देशों तक कर दिए हैं, जो छह महाद्वीपों में फैले हुए हैं।
भारत में पेट्रोल की कीमतों में कम बढ़ोतरी वैश्विक संकट के कारण पिछले कुछ दिनों में क्रूड ऑयल की कीमत करीब 15 फीसदी बढ़ गई है। इसके बावजूद भारत में ईंधन कीमतों में अपेक्षाकृत कम वृद्धि हुई है। पाकिस्तान में पेट्रोल कीमतें लगभग 55% बढ़ गई हैं। वहीं जर्मनी में 22%, फ्रांस में 19% और अमेरिका में 11% से ज्यादा उछाल आया है। जबकि भारत में इसी अवधि में पेट्रोल कीमतों में 1% से भी कम बढ़ोतरी हुई है।
नई दिल्ली। Withdraw Money QR Code UPI: आपको पता है कि आप ATM से UPI के जरिए भी पैसे निकाले जा सकते हैं। इसका मतलब है कि ATM से पैसे निकालने के लिए डेबिट कार्ड का पास होना जरूरी नहीं है।
दरअसल अब ज्यादातर बैंकों ने अपने ATM में QR Code Scan या UPI Money का ऑप्शन देना शुरू कर दिया है। UPI के जरिए ATM से पैसा निकालना न सिर्फ आसान है बल्कि यह कार्ड क्लोनिंग और स्किमिंग जैसे बड़े साइबर खतरों से भी सुरक्षित रखता है। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका पता होना चाहिए।
UPI से कैश निकालने के कई फायदे हैं। अगर आपके पास कार्ड न हो या आप उसे घर भूल गए हों, तो भी आप जरूरत पड़ने पर आसानी से ATM से कैश निकाल सकते हैं। यह प्रोसेस न सिर्फ तेज है बल्कि आसान भी है, क्योंकि आपको बार-बार कार्ड डालने या पिन छुपाकर टाइप करने का झंझट नहीं रहता। बस एक QR कोड स्कैन करते ही आपका काम हो जाता है।
इसकी वजह से आपको फिजिकल डेबिट कार्ड साथ रखने की जरूरत नहीं रहती।
इससे कार्ड के खोने या चोरी होने का डर भी खत्म हो जाता है।
यह नई तकनीक आपको ‘कार्ड क्लोनिंग’ और ‘स्किमिंग’ जैसे खतरनाक साइबर फ्रॉड से भी बचाती है।
कैसे निकालें UPI से कैश
इसके लिए सबसे पहले एटीएम मशीन के पास जाएं और वहां स्क्रीन पर दिख रहे ‘UPI Cash Withdrawal’ के ऑप्शन को चुनें।
अब ATM मशीन पर वह राशि टाइप करें जिसे आप निकालना चाहते हैं।
इसके बाद ATM मशीन पर एक QR कोड दिखाई देगा, उसे UPI ऐप के जरिए स्कैन करें। याद रहे कि इस QR कोड का इस्तेमाल एक ही बार किया जा सकता है।
अपब अपने फोन पर UPI PIN डालें।
PIN डालते ही आपको ATM मशीन से पैसे मिल जाएंगे।
ध्यान रखने वाली बातें
ATM से UPI के जरिए कैश निकालते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:
ATM में UPI फीचर उपलब्ध हो। इसे आप मशीन में कैश निकालने के लिए दिए गए ऑप्शन से समझ सकते हैं। इसके अलावा, आपके पास अपना फोन और फोन में कोई चालू UPI ऐप होनी चाहिए। इसके साथ ही ऐप अपडेटेड भी हो। आपके फोन का इंटरनेट काम कर रहा हो। आपको अपना UPI PIN याद हो। इस फीचर का इस्तेमाल कर आप 5000 से 10000 रुपये तक ही निकाल सकते हैं।
नई दिल्ली। लेनोवो एक धांसू स्मार्टफोन लाने की तैयारी में है। एक नई लीक से पता चलता है कि लेनोवो अपने आने वाले स्मार्टफोन के लिए कुछ अनोखे हार्डवेयर की टेस्टिंग कर सकता है।
पॉपुलर टिप्स्टर डिजिटल चैट स्टेशन के वीबो पोस्ट के मुताबिक, लेनोवो अभी अपने अगले फोन के लिए 200-मेगापिक्सेल के बड़े सेंसर वाले पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरे की टेस्टिंग कर रहा है। इस फोन का केवल कैमरा ही दमदार नहीं है, इसमें बड़ा डिस्प्ले भी मिलेगा, जो मार्केट में उपलब्ध कई मॉडल्स से काफी बड़ा होगा।
लीक में आगे कहा गया है कि लेनोवो कथित तौर पर 1.5K एलसीडी पैनल पर काम कर रहा है, हालांकि डेवलपमेंट धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। कंपनी डिस्प्ले के मामले में कुछ हटके करने की तैयारी में है। टिप्स्टर ने इसे “बड़ी स्क्रीन वाला डिजाइन” बताया है। कहा जा रहा है कि, लेनोवो ने लगभग 7.5 इंच के चौड़े, फ्लैट डिस्प्ले की टेस्टिंग शुरू कर दी है।
इस साइज की स्क्रीन अपकमिंग फोन को ट्रेडिशनल स्मार्टफोन और छोटे टैबलेट के बीच कहीं रखेगी, जिससे पता चलता है कि लेनोवो उन यूजर्स के लिए एक नई कैटेगरी या खास डिवाइस के साथ एक्सपेरिमेंट कर रहा है जो बड़े डिस्प्ले पसंद करते हैं।
पोस्ट के नीचे कमेंट्स में, कुछ यूजर्स ने स्मार्टफोन मार्केट में लेनोवो की पोजीशन पर भी चर्चा की। एक यूजर ने कहा कि ब्रांड के फोन उतने पॉपुलर नहीं लगते जितने 2021 के आसपास थे, जब क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 870 और क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 888 जैसे चिप्स वाले डिवाइस को बड़े पैमाने पर मजबूत वैल्यू ऑप्शन माना जाता था।
डिजिटल चैट स्टेशन ने जवाब में कहा कि लेनोवो को रियलमी और रेडमी जैसी कंपनियों के साथ कीमत पर मुकाबला करने में मुश्किल हो रही है। इन ब्रांड्स की एग्रेसिव प्राइसिंग ने लेनोवो के लिए मिड-रेंज मार्केट को और मुश्किल बना दिया है।
टिप्स्टर ने यह भी साफ किया कि अभी डेवलपमेंट की प्रोग्रेस “एवरेज” है, और कहा कि इन नए डिजाइनों को मास प्रोडक्शन में लाने की दिशा में अभी कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
बता दें कि, लेनोवो के सब-ब्रांड मोटोरोला ने MWC 2026 में अपना पहला बुक-स्टाइल फोल्डेबल फोन पेश किया। Razr Fold नाम के इस फोन में 8.1-इंच 2K LTPO इनर स्क्रीन और 6.6-इंच आउटर स्क्रीन है। यह क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 8 जेन 5 मोबाइल प्लेटफॉर्म पर चलता है, जिसमें तीन 50-मेगापिक्सेल कैमरे लगे हैं, और यह मोटो पेन अल्ट्रा स्टाइलस को सपोर्ट करता है।
नई दिल्ली। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर अब ममता बनर्जी की टीएमसी भी सहमत हो गई है। सूत्रों की मानें तो टीएमसी इस अविश्वास प्रस्ताव में विपक्ष का साथ देने को तैयार है। इससे पहले पार्टी ने अविश्वास प्रस्ताव पर विपक्ष का साथ देने से इनकार कर दिया था।
लोकसभा ने ओम बिरला को अध्यक्ष पद से हटाने से संबंधित प्रस्ताव पेश करने के लिए विपक्षी सदस्यों के एक नोटिस को सोमवार के लिए सूचीबद्ध किया है। पीठासीन सभापति द्वारा बुलाए जाने पर सदन के 50 सदस्यों को खड़ा होना होगा और फिर नोटिस स्वीकृत माना जाएगा। इसके बाद प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान होगा। यदि 50 सदस्य नोटिस के समर्थन में खड़े नहीं होते हैं, तो प्रस्ताव पेश नहीं किया जा सकता है।
आगामी सोमवार के लिए तय एजेंडा पेपर के अनुसार, यह प्रस्ताव ही दिन के कामकाज के रूप में सूचीबद्ध एकमात्र विषय है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने लोकसभा सदस्यों को इस मुद्दे पर विचार के समय सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है। सदन में संख्या बल सरकार के पक्ष में काफी अधिक है, जिससे यह लगभग तय माना जा रहा है कि प्रस्ताव पराजित हो जाएगा।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने हाल ही में बताया था कि यह प्रस्ताव 9 मार्च को सदन के समक्ष आएगा । नोटिस तीन कांग्रेस सदस्यों मोहम्मद जावेद, के. सुरेश और मल्लू रवि द्वारा पेश किया जाएगा। प्रस्तावित प्रस्ताव में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को बोलने की अनुमति नहीं देने और “विपक्ष की महिला सांसदों के खिलाफ अनुचित आरोप लगाने” के लिए अध्यक्ष के आचरण पर सवाल उठाया गया है।
इसमें यह भी कहा गया है कि लोक महत्व के मुद्दे उठाने पर आठ विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया, जबकि सत्तापक्ष के सदस्यों द्वारा पूर्व प्रधानमंत्रियों के खिलाफ की गई “अत्यंत आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियों” पर उन्हें नहीं टोका गया। प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि विपक्ष को लगता है कि बिरला अब सदन के सभी पक्षों का विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक निष्पक्षता नहीं बरत रहे हैं। उनके पक्षपातपूर्ण रवैये से सदस्यों के अधिकारों की अनदेखी हो रही है और ऐसी व्यवस्थाएं दी जा रही हैं जो इन अधिकारों को कमजोर करते हैं।
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि बिरला “सभी विवादास्पद मामलों में खुले तौर पर सत्तारूढ़ दल का पक्ष लेते हैं” और यह सब सदन के सुचारु संचालन तथा जनता की चिंताओं और शिकायतों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए गंभीर खतरा है। इसलिए उन्हें पद से हटाने का प्रस्ताव रखा गया है।
संविधान के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष नोटिस पर विचार किए जाने के दौरान सदन में उपस्थित रह सकते हैं। वह प्रस्ताव पर अपना पक्ष रख सकते हैं और मतदान भी कर सकते हैं, लेकिन जब इस विषय पर चर्चा होगी तब वे कार्यवाही की अध्यक्षता नहीं कर सकते। इस दौरान सदन में उनके बैठने को लेकर हालांकि नियम स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन वे संभवतः सत्तापक्ष की प्रमुख पंक्तियों में बैठ सकते हैं।
तेहरान। चीन के बाद भारतीय कार्गो जहाज भी होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने लगे हैं। ट्रैकिंग डेटा से पता चला है कि भारत के दो कार्गो जहाज पुष्पक और अब परिमल इस व्यापारिक मार्ग से पूरी रफ्तार के साथ गुजर रहे हैं।
इससे पहले ईरान ने सिर्फ चीन के कार्गो जहाजों को ही इस रास्ते से गुजरने की मंजूरी दी थी। लेकिन अब जबकि दो भारतीय जहाज इस रास्ते में हैं तो ऐसा लग रहा है कि भारत और ईरान के बीच कोई समझौता हो गया है या फिर ये दोनों जहाज अपने रिस्क पर इस रास्ते से गुजर रहे हैं।
होर्मुज से भारतीय जहाजों के गुजरने की रिपोर्ट उस वक्त आई है जब भारत और ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर से टेलीफोन पर बात की थी। इसके अलावा ईरान के उप-विदेश मंत्री सईद खतीबज़ादेह भी नई दिल्ली पहुंचे और उन्होंने भारतीय अधिकारियों के साथ विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की थी।
होर्मुज स्ट्रेट से उस वक्त भारतीय कार्गो जहाज गुजर रहे हैं जब ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने चेतावनी देते हुए कहा है कि वो अमेरिका का इंतजार कर रहे हैं। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा है कि वे US सेना के होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों को एस्कॉर्ट करने का इंतजार कर रहे हैं।
अमेरिका ने कहा है कि वो इस व्यापारिक मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षा प्रदान करेगा। इसी को लेकर IRGC ने ये नई चेतावनी जारी की है। समाचार एजेंसी AFP की रिपोर्ट के मुताबिक IRGC ने चेतावनी देते हुए कहा है कि “हमारी सलाह है कि कोई भी फैसला लेने से पहले अमेरिकी 1987 में अमेरिकी सुपरटैंकर ब्रिजटन में लगी आग को याद करें।”
दूसरी तरफ पहले पुष्पक और अब परिमल को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते देखा जा रहा है। इस व्यापारिक मार्ग को फिलहाल ‘मौत का मुंह’ कहा जा रहा है। इसीलिए माना जा रहा है कि या तो ईरान के साथ भारत का कोई सीक्रेट समझौता हो गया है या फिर इन दोनों जहाजों ने बहुत बड़ा रिस्क लिया है।
ईरान समर्थित हूती विद्रोही इन समुद्री रास्तों में जहाजों पर हमले कर रहे हैं ऐसे में हो सकता है कि ईरान ने भारत को आश्वासन दिया हो कि “भारतीय झंडे” वाले जहाजों को निशाना नहीं बनाया जाएगा। यही वजह है कि ये जहाज बिना डरे वहां से निकल रहे हैं।
भारत और ईरान के बीच गुपचुप समझौता भारत और ईरान के विदेश मंत्रियों की उस वक्त बात हुई है जब अमेरिका ने श्रीलंका के पास IRIS डेना नाम के युद्धपोत पर हमला कर उसे डुबो दिया। ये जहाज भारतीय नौसेना के साथ एक युद्धाभ्यास के बाद लौट रहा था। इसे ईरान के समुद्र तट से करीब 2,000 मील दूर इंटरनेशनल पानी में बिना किसी पहले चेतावनी के निशाना बनाया गया था। इस हमले के बाद भारत ने हिंद महासाग में फंसे दूसरे जहाजों को शरण देना शुरू कर दिया है।