Friday, July 17, 2026
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Jeera Price: उत्पादन में कमी की खबर से जीरा का भाव मजबूत रहने के आसार

राजकोट। बिजाई क्षेत्र में कमी आने तथा मौसम की हालत पूरी तरह अनुकूल नहीं रहने से चालू वर्ष के दौरान जीरा का घरेलू उत्पादन कुछ घटने की संभावना है। पिछला बकाया स्टॉक भी ज्यादा नहीं है इलसिए कुल उपलब्धता सीमित रहेगी। ऐसी स्थिति में यदि घरेलू एवं निर्यात मांग बेहतर रही तो जीरा का भाव आगामी महीनों में मजबूत रह सकता है।

पश्चिम एशिया में फैली अशांति के कारण उस क्षेत्र में भारतीय जीरे का निर्यात शिपमेंट प्रभावित होने लगा है जिससे घरेलू बाजार मूल्य पर दबाव देखा जा रहा है। कुछ इलाकों में जीरा की अगैती बिजाई वाली नई फसल की कटाई-तैयारी एवं मंडियों में आवक भी शुरू हो गई है जबकि आगामी सप्ताहों में इसकी रफ्तार तेज होती जाएगी।

नए माल की आपूर्ति का प्रेशर जारी रहने तक जीरे की कीमतों में ज्यादा तेजी आना मुश्किल लगता है लेकिन आवक का दबाव घटने पर दाम में सुधार आना संभव है। तब तक पश्चिम एशिया में भी स्थिति सामान्य हो जाने की उम्मीद है।

एक अग्रणी व्यापारिक संस्था- फेडरेशन ऑफ इंडियन स्पाइस स्टैक होल्डर्स (फिस्स) ने जीरा का घरेलू उत्पादन पिछले साल के 5.38 लाख टन से करीब 5 प्रतिशत घटकर इस वर्ष 5.13 लाख टन रह जाने का अनुमान लगाया है दूसरे शब्दों में कहा जाए

तो फेडरेशन ने जीरा का उत्पादन पिछले साल के 97.93 लाख बोरी से गिरकर चालू वर्ष में 93.29 लाख बोरी पर अटक जाने की संभावना व्यक्त की है। मौजूदा गर्म एवं शुष्क मौसम जीरे की फसल के लिए अनुकूल नहीं माना जा रहा है। इससे दाने की क्वालिटी प्रभावित हो सकती है।

राजस्थान विधानसभा में डिस्टर्ब एरिया बिल पास, जानिए क्यों पड़ी इसकी जरूरत

जयपुर। राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को चर्चा के बाद डिस्टर्ब एरिया बिल-2026 पारित कर दिया गया। इस कानून के तहत सरकार दंगा प्रभावित क्षेत्रों को “डिस्टर्ब एरिया” घोषित कर सकेगी। बिल का आधिकारिक नाम द राजस्थान प्रोहिबिशन ऑफ ट्रांसफर ऑफ इमूवेबल प्रॉपर्टी एंड प्रोविजन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ टेनेंट्स फ्रॉम एविक्शन फ्रॉम प्रिमाइसेज इन डिस्टर्ब्ड एरियाज बिल, 2026 है।

बिल के प्रावधानों के अनुसार, यदि किसी क्षेत्र, कॉलोनी या वार्ड में दंगों या जनसंख्या असंतुलन के कारण तनाव की स्थिति बनती है, तो उसे डिस्टर्ब एरिया घोषित किया जा सकेगा। ऐसे क्षेत्र में एडीएम या एसडीएम की अनुमति के बिना किसी भी संपत्ति की खरीद-फरोख्त या रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी। बिना अनुमति संपत्ति का हस्तांतरण होने पर उसे अमान्य घोषित किया जा सकेगा।

कानून में यह भी प्रावधान है कि किसी समुदाय विशेष की जनसंख्या में तेजी से वृद्धि या क्षेत्र की जनसांख्यिकी में बदलाव भी डिस्टर्ब एरिया घोषित करने का कारण बन सकता है।

बाजार मूल्य से कम में बिक्री नहीं
डिस्टर्ब एरिया में संपत्ति का ट्रांसफर तभी संभव होगा, जब एडीएम से मंजूरी मिल जाए। प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि संपत्ति बाजार दर से कम कीमत पर न बेची जाए और किसी प्रकार के दबाव में लेन-देन न हो। एसडीएम को ऐसे मामलों में आवेदन मिलने के तीन महीने के भीतर निर्णय लेना होगा, हालांकि आवश्यकता पड़ने पर यह अवधि बढ़ाई जा सकती है।

नियम तोड़ने पर सख्त सजा
कानून के उल्लंघन को गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध माना गया है। दोषी पाए जाने पर तीन से पांच साल तक की जेल और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

बैंक और वित्तीय संस्थानों को छूट
यदि संपत्ति बैंक या वित्तीय संस्थान के पास गिरवी रखी गई है, तो इस कानून के प्रावधान लागू नहीं होंगे। ऐसे मामलों में बैंक और एनबीएफसी गिरवी संपत्तियों की नीलामी कर सकेंगे।

सरकार का पक्ष
कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि यदि दंगे नहीं होंगे तो किसी क्षेत्र को डिस्टर्ब एरिया घोषित करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। उनका कहना है कि यह कानून कमजोर लोगों को दबाव में संपत्ति बेचने से बचाने के लिए बनाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में कुछ इलाके ऐसे हैं, जहां बाहरी लोगों का प्रवेश तक मुश्किल है और ऐसे क्षेत्रों की संख्या बढ़ रही है।

कांग्रेस का विरोध
बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति करते हुए गुजरात मॉडल लागू करने की कोशिश कर रही है। डोटासरा ने कहा कि संपत्ति खरीद-फरोख्त का अधिकार संविधान से मिला है और इस पर नियंत्रण भ्रष्टाचार को बढ़ावा देगा। उन्होंने सवाल उठाया कि डिस्टर्ब एरिया घोषित करने के मानदंड और “समुदाय विशेष” की परिभाषा स्पष्ट क्यों नहीं की गई है। डोटासरा ने कहा कि यदि 2028 में कांग्रेस सत्ता में आती है तो इस कानून को समाप्त कर दिया जाएगा। उनके अनुसार यह बिल शांत क्षेत्रों को भी विवादित बना सकता है और इससे राज्य की गंगा-जमुनी संस्कृति को नुकसान पहुंचेगा।

ट्रंप के सरेंडर अल्टीमेटम पर ईरान बोला, हमें कम आंकने की भूल मत करना

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि ईरान के साथ “बिना शर्त सरेंडर” के अलावा कोई डील नहीं होगी। उन्होंने यह बात ईरान के खिलाफ अमेरिकी-इजरायली हमले शुरू करने के एक हफ्ते बाद कही है।

ट्रंप ने यह भी कहा है कि वह ईरान में एक स्वीकार्य और महान नेता का चुनाव भी करेंगे। उन्होंने ईरान को विनाश के कगार से वापस लाकर एक बेहतर और मजबूत देश बनाने का वादा भी किया है। हालांकि, ट्रंप इससे पहले भी ईरान को धमकी देते रहे हैं। उन्होंने कहा है कि ईरान से बातचीत का समय अब खत्म हो चुका है।

ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, ईरान के साथ बिना शर्त आत्मसमर्पण के अलावा कोई समझौता नहीं होगा! उसके बाद, एक महान और स्वीकार्य नेता के चयन के बाद, हम और हमारे कई अद्भुत और बहादुर सहयोगी और साझेदार ईरान को विनाश के कगार से वापस लाने के लिए अथक प्रयास करेंगे।

उसे आर्थिक रूप से पहले से कहीं अधिक बड़ा, बेहतर और मजबूत बनाएंगे। ईरान का भविष्य उज्ज्वल होगा। “ईरान को फिर से महान बनाओ (MIGA!)।” इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद! राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप।”

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने शुक्रवार को कहा कि कुछ देशों ने अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे झगड़े में बीच-बचाव की कोश‍िश शुरू कर दी है। उन्‍होंने कहा क‍ि हम भी शांत‍ि पसंद करते हैं, लेक‍िन अपनी इज्‍जत और स्‍वतंत्रता के साथ। हमने पिछले हफ्ते सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को खो द‍िया। शायद कुछ लोगों ने हमें कम आंक ल‍िया है।

मध्यस्थता की कोशिशों पर बोला ईरान
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्‍ट क‍रते हुए ल‍िखा, ”कुछ देशों ने बीच-बचाव की कोशिशें शुरू कर दी हैं। साफ-साफ कह दूं कि हम इस इलाके में हमेशा शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं, फिर भी हमें अपने देश की इज्जत और आजादी की रक्षा करने में कोई हिचकिचाहट नहीं है। बीच-बचाव उन लोगों पर होना चाहिए, जिन्होंने ईरानी लोगों को कम आंका और इस झगड़े को भड़काया।

Dubai Gold: ईरान युद्ध के चलते दुबई में भारी ड‍िस्‍काउंट पर बिकने लगा सोना

नई दिल्‍ली। Dubai Gold Discount: दुबई में सोना भारी डिस्काउंट पर मिलने लगा है। इसकी वजह मिडिल ईस्‍ट में छिड़ी जंग है। इसके चलते फ्लाइट्स रुक गई हैं। सप्लायरों की सोने-चांदी को मुख्य ट्रेडिंग हब से बाहर ले जाने की क्षमता में रुकावट आई है। कई खरीदार नए ऑर्डर देने से पीछे हट गए हैं।

कारण है कि वे बहुत ज्‍यादा शिपिंग और इंश्योरेंस कॉस्ट देने को तैयार नहीं हैं। वहीं, जल्दी डिलीवरी की कोई गारंटी नहीं है। नतीजतन, स्टोरेज और फंडिंग के लिए अनिश्चित समय तक पेमेंट करने के बजाय ट्रेडर्स लंदन में ग्लोबल बेंचमार्क पर 30 डॉलर प्रति औंस तक का डिस्काउंट देने लगे हैं। ब्‍लूमबर्ग ने ऐसा मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से बताया।

लोगों ने कहा कि शुक्रवार को कई शिपमेंट फंसे रहे। हालांकि, इस हफ्ते के बीच से दुबई से निकलने वाली फ्लाइट्स में कुछ सोना-चांदी लोड किया गया था।

क्‍यों आ गया दुबई पर संकट

  • संयुक्‍त अरब अमीरात और खासकर दुबई पूरे एशिया में खरीदारों के लिए बुलियन रिफाइन और एक्सपोर्ट करने का महत्वपूर्ण सेंटर है।
  • स्विट्जरलैंड, ब्रिटेन और कई अफ्रीकी देशों से शिपमेंट के लिए एक रास्ता भी है।
  • ईरान की मिसाइलों की बौछार की वजह से इसका एयरस्पेस बंद कर दिया गया है।
  • तेहरान के साथ अमेरिका-इजरायली युद्ध सातवें दिन भी जारी है।
  • इसके हल का कोई संकेत नहीं दिख रहा है।

कैसे ट्रांसपोर्ट होता है सोना

  • सोना आमतौर पर पैसेंजर एयरक्राफ्ट के कार्गो होल्ड में ट्रांसपोर्ट किया जाता है।
  • यूएई से फ्लाइट्स पर बहुत ज्‍यादा रोक है।
  • इसके बावजूद ट्रेडर्स और लॉजिस्टिक्स फर्म सऊदी अरब और ओमान जैसे देशों के एयरपोर्ट्स तक ज्‍यादा कीमत वाले कार्गो को जमीन के रास्ते ट्रांसपोर्ट करने में हिचकिचा रहे हैं।
  • कारण है कि इसमें रिस्क और मुश्किलें शामिल हैं, खासकर जमीनी बॉर्डर पार करते समय।

भारत से है कनेक्‍शन

  • भारत के सबसे बड़े गोल्ड डीलर्स में से एक ऑगमोंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड की रिसर्च हेड रेनिशा चैनानी ने कहा:
  • कई कार्गो शिपमेंट में देरी हुई है या वे फंस गए हैं।
  • इससे भारत में फिजिकल बुलियन की अवेलेबिलिटी में शॉर्ट-टर्म किल्‍लत आई है।
  • भारत दुबई से भेजे जाने वाले सोने के सबसे बड़े कंज्यूमर्स में से एक है।
  • भारत में खरीदार इंतजार कर सकते हैं।
  • शॉर्ट-टर्म डिमांड तुलनात्मक रूप से कम है।
  • जनवरी में इम्पोर्ट की बड़ी मात्रा से इन्वेंट्री बढ़ गई है।

LPG Cylinder Price: घरेलू एवं कमर्शियल दोनों गैस सिलेंडर के दाम बढ़े

नई दिल्ली। इजरायल और ईरान (Iran-Israel) युद्ध के चलते कच्चे तेल (Crude Oil) की आवाजाही ठहर सी गई है। ऐसे में भारत की सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों (Govt Oil Companies) ने सभी तरह के गैस सिलेंडरों के दाम में वृद्धि की घोषणा की है।

आज यानी 7 मार्च 2026 से 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं 19 किलो वाले कॉमर्शियल या हलवाई सिलेंडर के दाम में तो 115.50 रुपये की तगड़ी बढ़ोतरी कर दी गई है।

सिलेंडर का नया दाम
देश की सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (IOC, HPCL, BPCL) ने एलपीजी या Liquified Petroleum Gas के सिलेंडरों के दाम में जो बढ़ोतरी की है, वह आज से प्रभावी हो गई है। अब दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों (14.2 KG) की कीमत पहले के 853 रुपये से 60 रुपये बढ़ कर 913 रुपये जबकि कॉमर्शियल गैस सिलेंडर (19 KG) की कीमत पहले के 1768.50 रुपये से 115.50 रुपये बढ़ कर 1883 रुपये हो गई है।

तीन महीने में 303.50 रुपये महंगा
कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम तो छह दिन पहले यानी एक मार्च को ही 28 रुपये बढ़ाए गए थे। इससे एक महीने पहले यानी पहली फरवरी से इसके दाम में 49 रुपये और पहली जनवरी से इसके दाम में 111 रुपये की भारी बढ़ोतरी की गई थी। मतलब कि तीन ही महीने में यह 303.50 रुपये महंगा हो गया है।

देश के चार महानगरों में दाम
सरकारी कंपनी इंडियन ऑयल (IOC) की वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली में अब 19 किलो वाले हलवाई या कामर्शियल सिलेंडर का दाम 1883.00 रुपये का हो गया है। कोलकाता में आज से 19 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1990.00 रुपये हो गई है। मुंबई में यह 1835.00 रुपये में मिलेगा। दक्षिण भारत के चेन्नई में इसका रेट बढ़ा कर 2043.50 रुपये किया गया है। यदि घरेलू गैस सिलेंडर की बात करें तो अब दिल्ली में इसका नया दाम 913 रुपये, कोलकाता में 939 रुपये, मुंबई में 912.50 रुपये और चेन्नई में 928.50 रुपये किया गया है।

यमुना जी को 200 मीटर लंबी चुनरी अर्पित करेंगे अग्रवाल समाज के श्रद्धालु

कोटा। अग्रवाल समाज द्वारा धर्म एवं आस्था से जुड़े विशेष कार्यक्रम के तहत 13 मार्च को मथुरा में यमुना जी को 200 मीटर लंबी चुनरी अर्पित की जाएगी।

कोटा अग्रवाल वेलफेयर सोसायटी के चेयरमैन डॉ. आर.के. राजवंशी एवं जिला अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल ने बताया कि इस आयोजन में यमुना नदी में 15 नौकाओं की सहायता से चुनरी अर्पित की जाएगी। यह कार्यक्रम श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में संपन्न होगा।

कार्यक्रम संयोजक सुनील निमोदया एवं अनीता मित्तल ने जानकारी दी कि 12 मार्च को कोटा से 35 अग्रबंधुओं का दल मथुरा के लिए रवाना होगा। यह दल मथुरा, वृंदावन, बरसाना सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का भ्रमण करेगा।

संरक्षक जगदीश अग्रवाल एवं महिला जिलाध्यक्ष रूचि अग्रवाल ने बताया कि यात्रा के दौरान श्रद्धालु मथुरा के प्रमुख मंदिरों के दर्शन भी करेंगे। 12 मार्च को सुबह ट्रेन द्वारा कोटा से मथुरा पहुंचने के बाद वहां बस द्वारा विभिन्न तीर्थ स्थलों का भ्रमण किया जाएगा। यात्रा पूर्ण होने के बाद 13 मार्च की रात्रि में सभी श्रद्धालु ट्रेन के माध्यम से कोटा वापस लौटेंगे।

कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट एवं दो पेयजल परियोजनाओं का शिलान्यास आज

लोकसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री एवं नागरिक उड्डयन मंत्री की मौजूदगी में होगा कार्यक्रम

कोटा। कोटा-बूंदी ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का भूमि पूजन एवं शिलान्यास शनिवार को दोपहर करीब 1 बजे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा एवं केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू करेंगे। साथ ही नौनेरा एवं परवन-अकावद पेयजल परियोजना का भी भूमि पूजन होगा।

बूंदी जिले में शंभूपुरा स्थित ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट स्थल पर ही महत्वाकांक्षी नौनेरा तथा परवन-अकावद वृहद पेयजल परियोजना के लिए भी भूमि पूजन किया जाएगा। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, पीएचईडी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी, नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री, कोटा जिले के प्रभारी मंत्री गौतम कुमार दक, ऊर्जा मंत्री एवं बूंदी जिले के प्रभारी मंत्री हीरालाल नागर, विधायक संदीप शर्मा, लाडपुरा विधायक कल्पना देवी, शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन, ग्रामीण जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी शामिल होंगे।

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने शुक्रवार को कार्यक्रम स्थल न्यू ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कार्यक्रम के लिए बनाए गए तीन विशाल डोम में आमजन के बैठने की व्यवस्था, शिलान्यास एवं भूमि पूजन कार्यक्रम की तैयारियों, कार्यक्रम स्थल पर पार्किंग एवं वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली।

ऊर्जा मंत्री नागर ने वीवीआईपी सुरक्षा व्यवस्था, आमजन के लिए पीने के पानी एवं अन्य व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। दौरे में श्री नागर के साथ शहर जिला अध्यक्ष राकेश जैन, संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल, आईजी कोटा रेंज आरपी गोयल, कोटा कलक्टर पीयूष समारिया, बूंदी कलक्टर अक्षय गोदारा, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, पीडब्ल्यूडी, केडीए, नगर निगम एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

1507 करोड की लागत से बनेगा एयरपोर्ट
कोटा-बूंदी ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का निर्माण 1507 करोड़ की लागत से होगा। इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट में 1000 यात्री की क्षमता होगी। इसमें 20,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल का टर्मिनल बनेगा। 3200 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे तैयार होगा। साथ ही, ए-321 श्रेणी के विमानों की पार्किंग के लिए बनेंगे 7 एप्रन बे भी बनाए जाएंगे।

नौनेरा वृहद पेयजल परियोजना
जल जीवन मिशन के अन्तर्गत 1661.14 करोड की नौनेरा वृहद पेयजल परियोजना से कोटा एंव बूंदी जिलों के 749 गांवों एवं 6 कस्बों (कोटा जिले के 384 ग्राम एवं 03 कस्बे और बूंदी जिले के 365 ग्राम एवं 03 कस्बे) के 1 लाख 13 हजार 287 परिवारों को हर घर जल उपलब्ध करवाया जाएगा।

वर्तमान में नौनेरा वृहद पेयजल परियोजना को 4 कार्यकारी पैकेजों में विभक्त किया गया है। प्रथम पैकेज का 207.38 करोड का कार्यादेश 4 दिसम्बर 2025 को जारी किया गया। इस पैकेज के अन्तर्गत लोकसभा क्षेत्र कोटा-बूंदी एवं कोटा जिले के विधानसभा क्षेत्र लाडपुरा, पीपल्दा, सांगोद तथा बूंदी जिले के विधानसभा क्षेत्र केशोरायपाटन एवं बूंदी के 749 ग्राम व 6 शहरों को पेयजल से लाभान्वित किया जाएगा।

इस पैकेज के अन्तर्गत इन्टेक वेल, रॉ-वॉटर राईजिंग मैन, तीन डब्ल्यू.टी.पी, तीन सी. डब्ल्यू आर का निर्माण कार्य प्रस्तावित है। द्वितीय पैकेज के 200.52 करोड़ का कार्यादेश 4 दिसम्बर 2025 को जारी किया गया। इस पैकेज के अन्तर्गत के अन्तर्गत लोकसभा क्षेत्र कोटा-बूंदी तथा विधानसभा क्षेत्र पीपल्दा के 165 गांवों (ब्लॉक इटावा के 165) एवं 01 कस्बे को लाभान्वित किया जाएगा।

पैकेज के अन्तर्गत 4 मध्यवर्ती पम्प हाउस, 287.05 कि.मी. क्लीयर वाटर राईजिग मेन पाइप लाइन, 279.25 कि.मी. कलस्टर ड्रिस्ट्रिब्यूशन मेन लाइन 456.29 कि.मी. ग्रामीण वितरण पाइप लाइन, 33 ई. एस. आर., 26,836 घरेलू जल सम्बन्ध, तीन सी.डब्ल्यू.आर. का निर्माण कार्य प्रस्तावित है।

तृतीय पैकेज का 264.96 करोड का कार्यादेश 4 दिसम्बर 2025 को जारी किया गया। इस पैकेज के अन्तर्गत लोकसभा क्षेत्र कोटा-बूंदी एवं विधानसभा क्षेत्र लाडपुरा के 61 ग्राम एवं एक शहर, विधानसभा पीपल्दा के 78 ग्राम एवं एक शहर तथा विधानसभा क्षेत्र सांगोद के 80 ग्राम सहित कुल 219 ग्रामों एवं 02 कस्बों (ब्लॉक लाडपुरा के 61 ग्राम व एक कस्बे तथा ब्लॉक सुल्तानपुर के 158 ग्राम व एक कस्बे) को लाभान्वित किया जाना प्रस्तावित है।

पैकेज के अन्तर्गत 03 मध्यवर्ती पम्प हाउस, 346.58 कि.मी. क्लीयर वाटर राईजिग मेन पाइप लाइन, 353.84 कि.मी. कलस्टर ड्रिस्ट्रिब्यूशन मेन लाइन, 592.10 कि.मी. ग्रामीण वितरण पाइप लाइन, 35 ई.एस. आर., 34212 घरेलू जल सम्बन्ध, दो सी.डब्ल्यू.आर. का निर्माण कार्य प्रस्तावित है।

चतुर्थ पैकेज का कार्यादेश 4 दिसम्बर 2025 को 476.50 करोड का जारी किया गया। इसमें लोकसभा क्षेत्र कोटा-बूंदी एवं विधानसभा क्षेत्र बूंदी के 94 ग्राम एवं विधानसभा क्षेत्र केशोरायपाटन के 271 गांव एवं तीन शहर कुल 365 ग्राम एवं 03 कस्बे (ब्लॉक बूंदी के 48 ग्राम, ब्लॉक केशोरायपाटन के 182, ब्लॉक नैनवा के 89 एवं ब्लॉक तालेडा के 46 एवं 03 कस्बे) को लाभान्वित किया जाना प्रस्तावित है।

पैकेज के अन्तर्गत 07 मध्यवर्ती पम्प हाउस, 719.25 कि.मी. क्लीयर वाटर राईजिग मेन पाइप लाइन, 546.06 कि.मी. कलस्टर ड्रिस्ट्रिब्यूशन मेन लाइन, 926.52 कि.मी. ग्रामीण वितरण पाइप लाइन, 69 ई.एस.आर., 52239 घरेलू जल सम्बन्ध, 6 सी.डब्ल्यू.आर. इत्यादि का निर्माण कार्य प्रस्तावित है।

परवन-अकावद वृहद पेयजल परियोजना
जल जीवन मिशन के अन्तर्गत बारां, कोटा एवं झालावाड जिलों के 1402 गांवों एवं 276 ढाणियों के 1 लाख 52 हजार 437 परिवारों को हर घर जल उपलब्ध करवाने के लिए परवन अकावद वृहद पेयजल परियोजना में 3523.16 करोड रूपए की स्वीकृति जारी की गई। परवन अकावद वृहद पेयजल परियोजना को 05 कार्यकारी पैकेजों में विभक्त किया गया है। पैकेज प्रथम का 236.01 करोड़ रुपये का कार्यादेश 10 सितम्बर 2025 को जारी किया गया। पैकेज में लोकसभा क्षेत्र झालावाड-बारां एवं जिला झालावाड के विधानसभा क्षेत्र मनोहर थाना, विधानसभा क्षेत्र खानपुर, एवं जिला बारां के विधानसभा क्षेत्र छबडा, विधानसभा क्षेत्र बारां-अटरु, विधानसभा क्षेत्र अन्ता, विधानसभा क्षेत्र किशनगंज एवं लोकसभा क्षेत्र कोटा-बून्दी, कोटा जिले के विधानसभा क्षेत्र सांगोद के कुल 1402 ग्राम एवं एक शहर को पेयजल से लाभान्वित किया जाएगा। इसमें 02 इन्टेक वेल निर्माण, जल शोधन संयंत्र, ट्रांसमिशन लाइन इत्यादि का निर्माण कार्य शामिल है।

Forex: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 728 अरब डॉलर के रिकॉर्ड ऊंचाई पर

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 27 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह में 4.885 अरब डॉलर की प्रभावशाली वृद्धि के साथ अब तक के उच्चतम स्तर 728.494 अरब डॉलर पर पहुंच गया है।

यह अभूतपूर्व वृद्धि देश की मजबूत आर्थिक स्थिति और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश के प्रति निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार वैश्विक स्तर पर मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बावजूद इस सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार के प्रमुख घटकों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।

  • स्वर्ण भंडार: गोल्ड रिजर्व का मूल्य 4.141 अरब डॉलर बढ़कर 131.630 अरब डॉलर हो गया है। यह वृद्धि सोने को एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में वैश्विक स्तर पर बढ़ती स्वीकार्यता को इंगित करती है।
  • विदेशी मुद्रा अस्तियां: विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक, फॉरेन करेंसी एसेट्स, 56.1 करोड़ डॉलर बढ़कर 573.125 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। एफसीए में डॉलर के साथ-साथ जापानी येन, यूरो और ब्रिटिश पाउंड जैसी प्रमुख वैश्विक मुद्राओं का भंडार शामिल होता है, जिनका मूल्य डॉलर में मापा जाता है।
    विशेष आहरण अधिकार: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की ओर से जारी विशेष आहरण अधिकारका मूल्य 2.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.866 अरब डॉलर हो गया है।
    रिजर्व पोजीशन: भारत की आईएमएफ में रिजर्व पोजीशन भी 15.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.873 अरब डॉलर हो गई है।
    यह ध्यान देने योग्य है कि इससे पहले विदेशी मुद्रा भंडार का उच्चतम स्तर फरवरी के मध्य में 725.727 अरब डॉलर दर्ज किया गया था।

हाड़ोती को पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए आमजन को आगे आना होगा: आयुक्त

होटल फेडरेशन आफ राजस्थान कोटा डिवीजन का होली मिलन एवं सम्मान समारोह

कोटा। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन द्वारा गुरुवार की शाम को होली मिलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए संभागीय आयुक्त अनिल अग्रवाल ने कहा कि पिछले एक वर्ष से कोटा महोत्सव एवं कोटा हाड़ोती ट्रैवल मार्ट के आयोजन से हाड़ोती क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर एक पहचान मिली है।

उन्होंने कहा कि दिसंबर 2024 में आयोजित कोटा महोत्सव के बाद धीरे-धीरे हाड़ोती में पर्यटकों की आवाजाही में तेजी से विस्तार हुआ है। एवं 2026 में आयोजित कोटा हाड़ोती ट्रैवल मार्ट व कोटा महोत्सव के सफल आयोजन से हाड़ोती का प्रचार प्रसार राष्ट्रीय स्तर पर हुआ है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में कोटा के अर्थव्यवस्था में आए तो गतिरोध को दूर करने के लिए हाड़ोती को पर्यटन के मानचित्र पर लाने के लिए आमजन को भी आगे आना होगा।

जिला कलेक्टर पीयूष समारिया ने कहा कि कोटा महोत्सव एवं कोटा हाड़ोती ट्रेवल मार्ट पर्यटन के दृष्टिकोण को लेकर आयोजित कर रहे हैं। ऐसे आयोजन से पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत एवं ऐतिहासिक धरोहर के साथ-साथ हमारी क्षेत्रीय प्रतिभावान कलाकारों को भी एक मंच मिलता है।

उन्होंने कहा कि जिस तरह के आयोजन कोटा महोत्सव में हुए वह बेहद आकर्षण का केंद्र रहे .खासकर हेरिटेज वॉक और चंबल महा आरती का आयोजन जिसमें हजारों की संख्या में आमजनों ने भाग लिया। सभी कोटा वासियों ने हर आयोजन में अपनी भागीदारी निभाई।

अतिरिक्त जिला कलेक्टर कृष्णा शुक्ला ने कहा कि कोटा को पर्यटन मानचित्र पर आगे किस तरह लाया जाए और इसी दृष्टिकोण से कोटा महोत्सव का आयोजन हुआ।

कोटा महोत्सव की शुरुआत जनसहभागिता से होटल फेडरेशन आफ राजस्थान, कोटा व्यापार महासंघ, पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन, कोटा ग्रेन एण्ड सीड्स मर्चेंट एसोसिएशन, कोटा व्हीकल डीलर्स एसोसिएशन सहित कई अन्य संस्थाओं का इस आयोजन में सहयोग रहा।

जिससे इस आयोजन को भरपूर सफलता मिली। इसके परिणाम स्वरूप कोटा हाड़ोती ट्रेवल मार्ट कोटा शहर को मिला जिसमें पूरे देश के 26 राज्यों के टूर ऑपरेटर्स इस ट्रेवल में आए जिनके माध्यम से हाड़ोती के पर्यटन स्थलों का प्रचार प्रसार कर एक नई डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने का अवसर मिला।

वर्ष 2026 में कोटा महोत्सव का आयोजन हुआ जो भव्य एवं सफल रहा। अब यह आयोजन हर वर्ष होगा। उन्होंने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी विभागों संस्थाओं का भी हार्दिक आभार प्रकट किया।

कोटा विकास प्राधिकरण की आयुक्त ममता तिवारी ने कहा कि कोटा महोत्सव की सफलता के पीछे यहां के जन-जन का जुड़ाव रहा है। व्यापार, उद्योग व कई संस्थाएं एवं आमजनों ने भाग लेकर इस आयोजन को अपार सफलता प्रदान की है।

होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन के मुख्य सलाहकार अनिल मूंदड़ा, कोषाध्यक्ष अंकुर गुप्ता एवं सचिव कोशल बंसल ने बताया कि समारोह में कोटा महोत्सव एवं कोटा हाड़ोती ट्रेवल मार्ट में सहयोग और मार्गदर्शन देने वाले सभी अधिकारियों का माला दुपट्टा एवं स्मृति चिन्ह देकरअभिनंदन किया गया।

इनके अलावा कोटा हाड़ोती ट्रेवल मार्ट एवं कोटा महोत्सव में सहयोग देने वाली 100 से अधिक कोटा व्यापार महासंघ की संस्थाओं एवं होटल फेडरेशन आफ राजस्थान कोटा डिवीजन के सदस्यों को प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो एवं दुपट्टा पहनाकर उनका भी सम्मान किया गया।

समारोह में चंबल फिल्म फेस्टिवल के निदेशक कपिल सिद्धार्थ, लाइन प्रोड्यूसर सुभाष सोरल, ट्यूर एजेन्ट निमेष पाराशर सहित कई कई संस्थाओं के पदाधिकारी एवं पर्यटन से जुड़े लोग मौजूद थे। इस अवसर पर भारत इंग्लैंड के सेमीफाइनल मैच का लाइव प्रसारण भी किया गया।

होटल फेडरेशन आफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी एवं महासचिव संदीप पाडिया ने बताया कि समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (सिटी) अनिल सिंघल, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (सीलिंग) कृष्णा शुक्ला, वीणा कैसेट के चेयरमेन केसी मालू, मुख्य वन संरक्षक सुगनाराम जाट, वन विभाग के डीएफओ अनुराग भटनागर मौजूद थे।

इनकी भी रही उपस्थिति
कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन, दी एसएसआई एसोसियशन के संस्थापक अध्यक्ष गोविंदराम मित्तल, पूर्व अध्यक्ष मनीष माहेश्वरी, देवेंद्र कुमार जैन, जम्बु कुमार जैन, लघु उद्योग भारती के प्रांतीय सचिव अचल पोद्दार, हाड़ोती कोटा स्टोन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष राजेश गुप्ता, कोटा व्हीकल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम भाटिया, कोटा व्यापार महासंघ की 170 संस्थाओं के अध्यक्ष एवं महामंत्री, होटल फेडरेशन की कोटा, बूंदी, बांरा एवं झालावाड़ जिले के सदस्य एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Kota Mandi: लिवाली कमजोर रहने से कोटा मंडी में सरसों 100 रुपये लुढ़की

एनसीडेक्स पर अप्रैल का धनिया वायदा 202 रुपये गिरा

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में शुक्रवार को ऊंचे भाव पर लिवाली कमजोर रहने से सरसों 100 रुपये लुढ़क गई। आवक की कमी से लहसुन 1000 रुपये उछल गया। एनसीडेक्स पर अप्रैल का धनिया वायदा 202 रुपये टूटकर 11480 रुपये, मई वायदा 242 रुपये गिरकर 11572 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब एक लाख कट्टे और लहसुन की 2000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं 2250 से 2370, गेहूं नया 2200 से 2255, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1550, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ 2000 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3001, धान (1509) 3200 से 3750, धान (1847) 3200 से 3501, धान (1718-1885) 3900 से 4000, धान (पूसा-1) 3600 से 4000, धान (1401-1846) 3800 से 4100, धान दागी 1500 से 3200 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 4000 से 5325, सरसों 5200 से 6200, अलसी 6000 से 6700, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 6500, उड़द 4500 से 8000 चना देशी 4700 से 4901, चना मौसमी 4700 से 4800, चना पेप्सी 4800 से 4901, चना डंकी 3500 से 4500, चना काबुली 5500 से 7500, नया चना 4500 से 4900 रुपये प्रति क्विंटल।

नया लहसुन 3300 से 8000, मैथी 4000 से 5100, धनिया बादामी 7500 से 9000, धनिया ईगल 9200 से 9500, धनिया नया गीला 6700 से 9500, धनिया रंगदार 10000 से 11000 रुपये प्रति क्विंटल।