Friday, July 17, 2026
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पश्चिम एशिया संघर्ष से भारत के 11.8 अरब डॉलर के कृषि निर्यात पर खतरा: GTRI

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर अब भारत के कृषि और खाद्य उत्पादों के निर्यात पर भी पड़ने लगा है। थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) के अनुसार, इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण शिपिंग रूट प्रभावित हो रहे हैं, बीमा लागत बढ़ रही है और लॉजिस्टिक्स को लेकर अनिश्चितता पैदा हो रही है। इससे भारत के लगभग 11.8 अरब डॉलर के निर्यात पर खतरा मंडरा रहा है।

जीटीआरआई के मुताबिक, वर्ष 2025 में भारत ने पश्चिम एशिया को करीब 11.8 अरब डॉलर के कृषि और खाद्य उत्पाद निर्यात किए थे। इसमें अनाज, फल-सब्जियां, डेयरी उत्पाद और मसाले जैसे सामान शामिल हैं। यह भारत के कुल कृषि निर्यात का लगभग 21.8 प्रतिशत हिस्सा है।

रिपोर्ट के अनुसार, भौगोलिक नजदीकी और बड़ी भारतीय प्रवासी आबादी के कारण खाड़ी क्षेत्र लंबे समय से भारत के खाद्य उत्पादों का प्रमुख बाजार रहा है।लेकिन मौजूदा संघर्ष के कारण समुद्री मार्गों में बाधा, बीमा प्रीमियम में वृद्धि और सप्लाई चेन में अनिश्चितता पैदा हो रही है।

क्या कहते हैं आंकड़े
आंकड़ों के अनुसार, भारत ने 2025 में पश्चिम एशिया को अनाज, फल-सब्जियां और मसालों की करीब 7.48 अरब डॉलर की आपूर्ति की, जो इस श्रेणी के भारत के कुल वैश्विक निर्यात का 29.2 प्रतिशत है। इसमें चावल, केले, प्याज, दालें, मेवे, कॉफी, चाय और कई तरह के मसाले प्रमुख हैं।

चावल निर्यात पर सबसे ज्यादा असर
जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि सबसे ज्यादा असर चावल के निर्यात पर पड़ सकता है। भारत ने 2025 में पश्चिम एशिया को 4.43 अरब डॉलर का चावल निर्यात किया था, जो देश के कुल चावल निर्यात का 36.7 प्रतिशत है। इससे पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के किसानों पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है।

इसके अलावा भारत ने पिछले वर्ष पश्चिम एशिया को 396.5 मिलियन डॉलर के केले और 111 मिलियन डॉलर के प्याज-लहसुन का निर्यात किया। वहीं जायफल, जावित्री और इलायची जैसे मसालों का निर्यात 295.5 मिलियन डॉलर, जीरा-धनिया जैसे स्पाइस सीड्स का 163 मिलियन डॉलर और अदरक-हल्दी का 173 मिलियन डॉलर रहा।

रिपोर्ट के अनुसार, कॉफी का निर्यात 240.7 मिलियन डॉलर और चाय का 410.1 मिलियन डॉलर रहा। इसके अलावा प्रोसेस्ड फूड, चीनी और कोको उत्पादों का निर्यात 1.35 अरब डॉलर तथा मछली, मांस और प्रोसेस्ड उत्पादों का निर्यात 1.81 अरब डॉलर रहा।

डेयरी उत्पाद पर भी मंडरा रहा खतरा
GTRI ने यह भी बताया कि भारत ने 2025 में पश्चिम एशिया को 281.1 मिलियन डॉलर के डेयरी उत्पाद निर्यात किए, जो भारत के कुल डेयरी निर्यात का 28.9 प्रतिशत है। वहीं शराब और गैर-शराब पेय पदार्थों का निर्यात 197.5 मिलियन डॉलर रहा, जो इस श्रेणी के कुल निर्यात का 43.3 प्रतिशत है।

थिंक टैंक के अनुसार, पिछले एक दशक में भारत के कृषि निर्यात की पश्चिम एशियाई बाजारों पर निर्भरता काफी बढ़ गई है। ऐसे में अगर क्षेत्र में तनाव लंबा खिंचता है तो इसका असर भारत के किसानों, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और निर्यातकों पर पड़ सकता है।

iPhone Air 30 हजार रुपये सस्ता हुआ, जानिए कीमत और ऑफर

नई दिल्ली। अगर आप आईफोन खरीदने का प्लान कर रहे हैं, तो सेल में एक धांसू डील आपका इंतजार कर रही है। अमेजन सेल में ऐप्पल का सबसे पतला आईफोन मॉडल iPhone Air इस समय सबसे बड़े डिस्काउंट पर मिल रहा है।

सेल में मिल रहे फ्लैट डिस्काउंट और बैंक ऑफर का लाभ लेकर इसे करीब 30,000 रुपये तक कम में किया जा सकता है। अमेजन इलेक्ट्रॉनिक्स प्रीमियर लीग सेल 12 मार्च तक चलेगी। इससे पहले की ऑफर समाप्त हो जाए, तुरंत इसका फायदा उठा लीजिए। चलिए डिटेल में जानते हैं डील के बारे में सबकुछ…

भारत में लॉन्च के समय iPhone Air के 256GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 1,19,900 रुपये थी। इसके 512GB वेरिएंट की कीमत 1,39,900 रुपये और 1TB वेरिएंट की कीमत 1,59,900 रुपये थी। लेकिन अब इसे खरीदने के लिए इतने पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है।

अमेजन इलेक्ट्रॉनिक्स प्रीमियर लीग सेल में यह आईफोन कीमत में बड़ी कटौती के साथ मिल रहा है। दरअसल, अमेजन सेल में फोन का 256GB स्टोरेज वाला मॉडल केवल 93,499 रुपये कीमत के साथ मिल रहा है।

अमेजन ने टीज किया है कि सभी ऑफर के बाद इसे 90,499 रुपये की प्रभावी कीमत में खरीदा जा सकेगा, यानी लॉन्च प्राइस से पूरे 29,401 रुपये कम में। ऑफर फोन के सभी कलर वेरिएंट – लाइट गोल्ड, स्पेस ब्लैक, क्लाउड व्हाइट और स्काई ब्लू पर मिल रहा है। अमेजन फोन पर तगड़ा एक्सचेंज बोनस भी ऑफर कर रहा है।

iPhone Air की खासियत
आईफोन एयर क्लाउड व्हाइट, लाइट गोल्ड, स्काई ब्लू और स्पेस ब्लैक फिनिश में आता है। दावा किया गया है कि यह अब तक का सबसे पतला आईफोन मॉडल है, जिसका प्रोफाइल 5.6 एमएम है और इसका वजन 165 ग्राम है। ऐप्पल ने डिवाइस के आगे और पीछे दोनों तरफ सिरेमिक शील्ड 2 प्रोटेक्शन का इस्तेमाल किया है।

आईफोन एयर एक ई-सिम ओनली डिवाइस है जो iOS 26 पर चलता है और इसमें 6.5-इंच का सुपर रेटिना XDR OLED डिस्प्ले है जिसमें 120 हर्ट्ज तक रिफ्रेश रेट, 3000 निट्स पीक ब्राइटनेस और प्रोमोशन फीचर्स हैं। यह बिन्ड A19 प्रो चिप से लैस है जिसमें छह-कोर सीपीयू, पांच-कोर जीपीयू और 16-कोर न्यूरल इंजन है, साथ ही सेकंड-जेनरेशन डायनामिक कैशिंग और ऐप्पल इंटेलिजेंस फीचर्स के लिए सपोर्ट भी है।

ऐप्पल का सबसे पतला स्मार्टफोन 48-मेगापिक्सेल फ्यूजन मेन कैमरे के साथ आता है जिसमें सेंसर-शिफ्ट OIS और 2X टेलीफोटो क्षमता है। सामने की तरफ, इसमें 18-मेगापिक्सेल का सेंटर स्टेज कैमरा है, जो बाकी आईफोन 17 लाइनअप जैसा ही है।

कनेक्टिविटी को ऐप्पल की नई N1 चिप से अपग्रेड किया गया है, जो वाई-फाई 7 और ब्लूटूथ 6 को सपोर्ट करती है, साथ ही तेज नेटवर्किंग के लिए ज्यादा कुशल C1X मॉडेम भी है। ऐप्पल का दावा है कि इसकी बैटरी पूरे दिन चलेगी, जो 27 घंटे तक वीडियो प्लेबैक और 30 मिनट में 50 प्रतिशत चार्जिंग देती है।

Stock Market: अगले सप्ताह शेयर बाजार की चाल कैसी रहेगी, जानिए एक्सपर्ट की राय

नई दिल्ली। Stock Market This Week : घरेलू शेयर बाजारों में बीते सप्ताह रही बड़ी गिरावट के बाद आने वाले सप्ताह में एक बार फिर पश्चिम एशिया संकट का दबाव हावी रह सकता है।

अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में गत 28 मार्च को ईरान पर किये गये हमले और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई के कारण पश्चिम एशिया में स्थिति काफी बिगड़ गयी है। कच्चे तेल की कीमत आसमान छू रही है, वैश्विक व्यापार की आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है और अनिश्चितता अपने चरम पर है। यदि सैन्य टकराव कम होने की खबर नहीं आती है तो बाजार और गिर सकता है।

पिछले सप्ताह 03 मार्च को होली के अवकाश के कारण शेयर बाजारों में चार दिन ही कारोबार हुआ। गुरुवार को छोड़कर अन्य तीन दिन बाजार में बिकवाली हावी रही। पूरे सप्ताह के दौरान बीएसई का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 2,368.29 अंक (2.91 प्रतिशत) टूटकर सप्ताहांत पर 78,918.90 अंक पर बंद हुआ। यह 17 अप्रैल 2025 के बाद का इसका निचला स्तर है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 728.20 अंक यानी 2.89 फीसदी गिरकर 24,450.45 अंक पर आ गया जो 29 अगस्त 2025 के बाद का निचला स्तर है। मझौली और छोटी कंपनियों पर भी दबाव रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 2.77 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 2.54 प्रतिशत गिर गया। बैंकिंग सेक्टर पर सबसे अधिक दबाव रहा। ज्यादा दबाव वाले अन्य सेक्टर रियलटी, वित्त, मीडिया, ऑटो और तेल एवं गैस शामिल हैं।

सेंसेक्स की कंपनियों में निजी विमान सेवा कंपनी इंडिगो का शेयर सबसे अधिक 8.68 प्रतिशत की साप्ताहिक गिरावट में रहा। एलएंडटी का शेयर 7.75 प्रतिशत, टाटा स्टील का 6.52, बजाज फिनसर्व का 6.20, इटरनल का 5.80 और अल्ट्राटेक सीमेंट का 5.47 प्रतिशत टूट गया।

एक्सिस बैंक में 4.91 फीसदी, भारतीय स्टेट बैंक में 4.86, मारुति सुजुकी में 4.84, हिंदुस्तान यूनीलिवर में 4.80, आईसीआईसीआई बैंक में 4.76, बजाज फाइनेंस में 4.67, ट्रेंट में 4.55 और एशियन पेंट्स में 4.06 प्रतिशत की गिरावट रही।

सप्ताह के दौरान कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर 3.70 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक का 3.41, टीसीएस का 2.99, अडानी पोर्ट्स का 2.90, एचसीएल टेक्नोलॉजीज का 2.40 और टाइटन का 2.03 प्रतिशत फिसल गया।

महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर 1.95 प्रतिशत, टेक महिंद्रा का 1.86, आईटीसी का 1.23, भारती एयरटेल का 0.44 और एनटीपीसी का 0.37 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। बीईएल में सबसे अधिक 5.38 प्रतिशत की साप्ताहिक तेजी रही। सनफार्मा में 3.50 फीसदी, रिलायंस इंडस्ट्रीज में 0.78, इंफोसिस में 0.64 और पावरग्रिड में 0.15 प्रतिशत की बढ़त रही।

सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों में से 8 का Market Cap 2.81 लाख करोड़ घटा

नई दिल्ली। Market Cap: पिछले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में आई तेज गिरावट का असर देश की सबसे बड़ी कंपनियों के बाजार मूल्य पर भी साफ दिखाई दिया। शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 8 कंपनियों के संयुक्त बाजार पूंजीकरण में कुल 2,81,581.53 करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई। इस गिरावट में सबसे ज्यादा नुकसान देश के सबसे बड़े सार्वजनिक बैंक State Bank of India को उठाना पड़ा।

सप्ताह के दौरान निवेशकों की धारणा कमजोर रहने से प्रमुख कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। इसी का असर बाजार पूंजीकरण पर भी पड़ा। इस अवधि में बीएसई सेंसेक्स में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। बीते सप्ताह सेंसेक्स 2,368.29 अंक यानी 2.91 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ।

कमजोर वैश्विक संकेतों का बाजार पर असर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। अजीत मिश्रा, जो रेलिगेयर ब्रोकिंग में में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और रिसर्च प्रमुख हैं, ने कहा कि अवकाश के कारण छोटा रहा यह कारोबारी सप्ताह बाजार के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। वैश्विक परिस्थितियों और ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी ने निवेशकों के भरोसे को प्रभावित किया, जिससे शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई।

एसबीआई को सबसे बड़ा नुकसान
सबसे अधिक गिरावट स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बाजार पूंजीकरण में दर्ज की गई। कंपनी का मार्केट कैप 53,952.96 करोड़ रुपये घटकर 10,55,567.27 करोड़ रुपये रह गया।

इसके अलावा प्रमुख निजी बैंक आईसीआईसीआई बैंक का बाजार मूल्य 46,936.82 करोड़ रुपये घटकर 9,40,049.82 करोड़ रुपये पर आ गया। वहीं देश के सबसे बड़े निजी बैंकएचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप भी 46,552.3 करोड़ रुपये घटकर 13,19,107.08 करोड़ रुपये रह गया।

इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टूब्रो को भी भारी झटका लगा। कंपनी का बाजार पूंजीकरण 45,629.03 करोड़ रुपये घटकर 5,43,208.36 करोड़ रुपये पर आ गया।

अन्य कंपनियों के बाजार मूल्य में भी गिरावट
वित्तीय सेवा क्षेत्र की कंपनी बजाज फाइनेंस का बाजार पूंजीकरण 28,934.56 करोड़ रुपये घटकर 5,91,136.03 करोड़ रुपये रह गया। इसी तरह आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का मार्केट कैप 28,492.44 करोड़ रुपये घटकर 9,25,380.15 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

एफएमसीजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर का बाजार मूल्य 26,350.67 करोड़ रुपये घटकर 5,23,042.51 करोड़ रुपये रह गया। वहीं टेलीकॉम सेक्टर की बड़ी कंपनी भारती एयरटेल के बाजार पूंजीकरण में 4,732.75 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई और यह 10,67,120.50 करोड़ रुपये पर आ गया।

रिलायंस और इन्फोसिस को मिला फायदा
हालांकि बाजार में गिरावट के बीच दो कंपनियां ऐसी रहीं जिनका बाजार मूल्य बढ़ा। देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 14,750.39 करोड़ रुपये बढ़कर 19,01,583.05 करोड़ रुपये हो गया।

आईटी क्षेत्र की दूसरी बड़ी कंपनी Infosys का बाजार पूंजीकरण भी 3,459.99 करोड़ रुपये बढ़कर 5,30,546.54 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची
ताजा आंकड़ों के अनुसार भारत की सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में पहले स्थान पर रिलायंस इंडस्ट्रीज बनी हुई है। इसके बाद क्रमशः एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टूब्रो, इंफोसिस और हिंदुस्तान यूनिलीवर शामिल हैं।

सैमसंग का बेस्ट सेलिंग वॉटरप्रूफ फोन 18200 रुपये सस्ता हुआ, जानिए ऑफर्स

नई दिल्ली। सैमसंग का फोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो अब देर करने से कोई फायदा है। कंपनी का पिछले साल का बेस्टसेलिंग फोन Samsung Galaxy S24 FE लॉन्च प्राइस से करीब 18200 रुपये सस्ता हो गया है।

लॉन्च के समय फोन के 8जीबी रैम और 128जीबी के इंटरनल स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 59999 रुपये थी। अब यह वेरिएंट 18209 रुपये के प्राइसकट के बाद 41790 रुपये का मिल रहा है। फोन पर कंपनी 2089 रुपये तक का कैशबैक भी दिया जा रहा है। आप इस फोन को 39300 रुपये तक के एक्सचेंज बोनस के साथ भी खरीद सकते हैं।

ध्यान रहे कि एक्सचेंज ऑफर में मिलने वाला अडिशनल डिस्काउंट आपके पुराने फोन की कंडीशन, ब्रैंड और कंपनी की एक्सचेंज पॉलिसी पर निर्भर करेगा। सैमसंग का यह IP68 रेटिंग वाली वॉटरप्रूफिंग और 50 मेगापिक्सल के मेन कैमरा जैसे शानदार फीचर्स के साथ आता है। आइए डीटेल में जानते हैं इस फोन के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स के बारे में।

फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स
गैलेक्सी S सीरीज के इस फोन में कंपनी 6.7 इंच का फुल एचडी+ AMOLED डिस्प्ले दे रही है। यह डिस्प्ले 120Hz के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इस डिस्प्ले का पीक ब्राइटनेस लेवल 1900 निट्स का है। डिस्प्ले प्रोटेक्शन के लिए इसमें आपको गोरिल्ला ग्लास विक्टस+ मिलेगा।

फोन 8जीबी रैम और 256जीबी तक के इंटरनल स्टोरेज ऑप्शन में आता है। प्रोसेसर के तौर पर फोन में आपको Exynos 2400e मिलेगा। फोटोग्राफी के लिए फोन में 50 मेगापिक्सल का मेन कैमरा दिया गया है। इसके अलावा आपको इसमें 12 मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइड सेंसर और एक 8 मेगापिक्सल का टेलिफोटो कैमरा देखने को मिलेगा।

सेल्फी के लिए इसमें 10 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। फोन में दी गई बैटरी 4700mAh की है। यह बैटरी 25 वॉट की वायर्ड चार्जिंग को सपोर्ट करती है। बायोमेट्रिक सिक्योरिटी के लिए इसमें इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है। फोन IP68 डस्ट और वॉटर रेजिस्टेंट रेटिंग के साथ आता है। दमदार साउंड के लिए फोन में आपको डॉल्बी ऐटमॉस भी मिलेगा। ओएस की जहां तक बात है, तो फोन ऐंड्रॉयड 14 पर बेस्ड OneUI 6.1.1 पर काम करता है।

कनेक्टिविटी के लिए आपको इस फोन में 5G SA/NSA, 4G VoLTE, Wi-Fi 6E 802.11ax (2.4/5GHz), ब्लूटूथ 5.3, GPS + GLONASS, USB 3.1 और NFC जैसे ऑप्शन देखने को मिलेंगे। फोन के डाइमेंशन 77.3 X 162.0 X 8.0mm हैं। वहीं, इसका वजन 213 ग्राम है। सैमसंग का यह फोन ब्लू, ग्रेफाइट और मिंट कलर ऑप्शन में आता है।

Mustard Price: मिलर्स की घटे भावों पर लिवाली से सरसों में तेज़ी आई

नई दिल्ली। Mustard Price: सरसों के नए बीजों की आवक बड़े उत्पादक राज्यों में ज़ोर पकड़ने लगी है। कीमतें पहले दबाव में थीं, ज़्यादातर बाज़ारों में 6,500 रुपये प्रति क्विंटल से नीचे आ गईं। नतीजतन, व्यापारियों और तेल मिल मालिकों की सरसों के बीज खरीदने में दिलचस्पी बढ़ने से, 28 फरवरी से 6 मार्च के हफ़्ते में तिलहन की कीमत में 200-300 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई।

42% कंडीशन सरसों
इस हफ़्ते, दिल्ली और जयपुर में 42% कंडीशन वाले सरसों के बीज की कीमत 50 रुपये बढ़कर 6,450 और 6,700 रुपये प्रति क्विंटल हो गई। गुजरात और हरियाणा के बाज़ारों में औसत क्वालिटी वाले सरसों के बीज की कीमत कम उतार-चढ़ाव के साथ काफ़ी स्थिर रही, लेकिन मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 200 बढ़कर 6,200 रुपये प्रति क्विंटल हो गई।

उत्तर प्रदेश के हापुड़ बाजार में 100 रुपये की गिरावट आई। हालांकि, राजस्थान में मिला-जुला ट्रेंड देखा गया। खैरथल, निवाई और टोंक में सरसों की कीमतों में 250 प्रति क्विंटल और बूंदी में 375 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई। कोलकाता में भी 100 रुपये की बढ़ोतरी देखी गई।

सरसों का तेल
सरसों के तेल में तेज़ी शायद इसके तेल की कीमतों को दिखाती है, और इसकी कीमतें भी 1 से 3 प्रति किलो बढ़ गईं। दिल्ली में एक्सपेलर तेल की कीमतें 30 रुपये बढ़कर 1,350 रुपये प्रति 10 किलो हो गईं। राजस्थान के गंगा नगर में कीमतें 40 रुपये बढ़कर 1,330 रुपये प्रति 10 किलो हो गईं। सामान्य ट्रेडिंग के बीच सरसों खली और DOC की कीमतें या तो स्थिर रहीं या थोड़ी बढ़ गईं।

Turmeric Price: स्टॉक की कमी से हल्दी की भविष्य में कीमतें बढ़ने की उम्मीद

नई दिल्ली। Turmeric Price: इस हफ़्ते हल्दी की कीमतों में गिरावट आई है। पश्चिम एशिया में अशांति की वजह से एक्सपोर्ट डिमांड पर असर पड़ रहा है, वहीं प्रोडक्शन सेंटर्स पर नई हल्दी की आवक भी बढ़ रही है, जिससे फ्यूचर्स कीमतें कम हो रही हैं, जिसका असर स्पॉट मार्केट पर पड़ा है।

हालांकि रिपोर्ट्स से पता चलता है कि इस सीज़न में देश में हल्दी का प्रोडक्शन पिछले साल से ज़्यादा होगा, लेकिन कम स्टॉक होने की वजह से भविष्य में कीमतें बढ़ने की उम्मीद है। मौजूदा हालात को देखते हुए, जल्द ही कीमतों में बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं है, लेकिन अगर एक्सपोर्ट डिमांड निकलती है तो आने वाले दिनों में मार्केट में ज़रूर तेज़ी आएगी।

गौरतलब है कि मौजूदा सीजन में हल्दी की बुआई उत्पादक केंद्रों में 30-35 प्रतिशत ज्यादा एरिया में हुई थी, लेकिन खराब मौसम के कारण प्रोडक्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ेगा। मिली जानकारी के मुताबिक, मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में देश में हल्दी का प्रोडक्शन 80-85 लाख बैग होने का अनुमान है, जबकि पिछले साल यह 72-75 लाख बैग था। 2024 में प्रोडक्शन 50-55 लाख बैग होने का अनुमान है।

अभी निज़ामाबाद और सांगली मार्केट में आवक ज़ोरों पर है। निज़ामाबाद में 40-45 हज़ार बैग और सांगली में 18-20 हज़ार बैग आ रहे हैं। इरोड में भी 5-6 हज़ार बैग और मराठवाड़ा इलाके में आवक शुरू हो गई है। महीने के आखिर तक मराठवाड़ा इलाके में आवक का दबाव बढ़ने की उम्मीद है।

तेजी-मंदी
इस हफ़्ते हल्दी की कीमतों में 3-5 प्रति किग्रा की गिरावट आई है। फ्यूचर्स में, अप्रैल की कीमत 15,350 रुपये पर खुली और हफ़्ते के आखिर में 14,680 रुपये पर बंद हुई। मई की कीमत हफ़्ते के आखिर में 14812 रुपये पर बंद हुई, जबकि हफ़्ते की शुरुआत में कीमत 15110 रुपये पर खुली थी। इरोड मार्केट में, बेल की कीमत 141 रुपये से घटकर 136 रुपये पर बोली गई। निज़ामाबाद मार्केट में भी बेल की कीमत 125 रुपये पर बोली गई।

हफ्ते के आखिर में हल्दी का भाव 5 रुपये प्रति kg कम हो गया। दूसरे मार्केट में भी कीमतें निचले लेवल पर थीं। सूत्रों का कहना है कि हालांकि मौजूदा सीजन में हल्दी की कीमतों में अच्छी बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है, और मई-जून के बाद कीमतें धीरे-धीरे बढ़ने लगेंगी। उत्पादक केंद्रों से बुरी खबर और लोकल डिमांड कम होने की वजह से दिल्ली मार्केट में हल्दी का बेल भाव घटकर 148/150 रुपये पर आ गया, जो जनवरी महीने में 160/162 रुपये पर बोला जा रहा था।

निर्यात
चालू फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के पहले नौ महीनों में हल्दी का एक्सपोर्ट पिछले साल के मुकाबले 4 परसेंट बढ़ा, जबकि रेवेन्यू 1 परसेंट बढ़ा। स्पाइसेस बोर्ड के जारी डेटा के मुताबिक, अप्रैल-दिसंबर 2025 में हल्दी का एक्सपोर्ट 1,42,386 टन हुआ, जिससे 2,257.64 करोड़ (लगभग $1.8 बिलियन) की कमाई हुई। अप्रैल-दिसंबर 2024 में 1,36,921 टन एक्सपोर्ट हुआ, जिससे 2,234.58 करोड़ (लगभग $1.8 बिलियन) की कमाई हुई। 2024-25 के दौरान कुल हल्दी का एक्सपोर्ट 1,76,325 टन हुआ। हालांकि, सूत्रों का मानना ​​है कि मौजूदा हालात को देखते हुए 2025-26 के दौरान एक्सपोर्ट पिछले साल के मुकाबले कम रहेगा। 2020-21 के दौरान हल्दी का रिकॉर्ड एक्सपोर्ट 1,83,868 टन हुआ था।

स्पीकर बिरला की तारीफ विपक्ष को नहीं पच रही, जानिए क्या बोला पीएम मोदी ने

कोटा। लोकसभा में स्पीकर के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर 9 मार्च को होने वाली बहस से ठीक दो दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोटा के मंच से ऐसा बयान दिया, जिसने राष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।

कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के शिलान्यास समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की कार्यशैली की खुलकर प्रशंसा की और उन्हें एक ऐसे शिक्षक के रूप में बताया जो अनुशासनहीन छात्रों के बीच भी पूरी कक्षा को संभाल लेते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान केवल प्रशंसा भर नहीं, बल्कि संसद में होने वाली बहस से पहले दिया गया एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश भी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि ओम बिरला का व्यक्तित्व और उनका कामकाज संसदीय लोकतंत्र की गरिमा को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि बिरला ऐसे शिक्षक की तरह हैं जो कक्षा में मौजूद हर छात्र को साथ लेकर चलते हैं, चाहे कुछ छात्र अनुशासनहीन क्यों न हों।

पीएम ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के रूप में बिरला ने हमेशा पक्ष और प्रतिपक्ष से ऊपर उठकर काम किया है और संविधान की मर्यादाओं को सर्वोपरि रखा है। उन्होंने यह भी कहा कि बिरला सभी सांसदों का सम्मान करते हैं और सदन में कई बार उठने वाली तीखी टिप्पणियों और कड़वे शब्दों को भी धैर्य और मुस्कान के साथ स्वीकार करते हैं।

उत्पाती छात्रों की टिप्पणी से विपक्ष पर तंज
प्रधानमंत्री की टिप्पणी में एक राजनीतिक संकेत भी छिपा हुआ माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि कभी-कभी कुछ घरानों के अहंकारी और उत्पाती छात्र भी कक्षा में आ जाते हैं, लेकिन तब भी बिरला सदन के मुखिया के रूप में सभी को संभाल लेते हैं और किसी को अपमानित नहीं करते। संसद के हालिया घटनाक्रम को देखते हुए राजनीतिक गलियारों में इस बयान को विपक्ष के आक्रामक रवैये पर बिना नाम लिए किया गया तंज माना जा रहा है। माना जा रहा है कि पीएम ने इस टिप्पणी के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि सदन में अनुशासन बनाए रखने की जिम्मेदारी स्पीकर निभा रहे हैं और सरकार उनके साथ खड़ी है।

अविश्वास प्रस्ताव से पहले ‘सपोर्ट सिग्नल’
दरअसल, संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले ही दिन विपक्ष द्वारा लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा प्रस्तावित है। ऐसे में बहस से पहले प्रधानमंत्री का सार्वजनिक मंच से स्पीकर की प्रशंसा करना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि इससे एनडीए खेमे के भीतर भी एक स्पष्ट संदेश गया है कि सरकार स्पीकर के समर्थन में मजबूती से खड़ी है। इस बयान को कई लोग ‘बिरला कवच’ के रूप में देख रहे हैं, जो बहस से पहले राजनीतिक माहौल को प्रभावित कर सकता है।

हाड़ौती के विकास में बिरला की भूमिका का जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कोटा और हाड़ौती क्षेत्र के विकास में ओम बिरला की भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बिरला लगातार प्रयास करते रहे हैं। पीएम ने ट्रिपल आईटी के नए कैंपस, सड़क परियोजनाओं और अन्य विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि बिरला की प्राथमिकता हमेशा यह रही है कि कोटा और आसपास के क्षेत्रों में युवाओं को बेहतर अवसर मिलें और लोगों का जीवन स्तर सुधरे।

कोटा-बूंदी एयरपोर्ट को बताया विकास का नया अध्याय
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने करीब 1500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को हाड़ौती क्षेत्र की प्रगति का नया अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि अब तक कोटा और आसपास के लोगों को हवाई यात्रा के लिए जयपुर या अन्य शहरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन एयरपोर्ट बनने के बाद क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे व्यापार, उद्योग और पर्यटन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

विकास मंच से दिया संसदीय राजनीति का संदेश
राजनीतिक नजरिए से देखें तो कोटा के विकास कार्यक्रम के मंच से दिया गया प्रधानमंत्री का यह बयान महज औपचारिक प्रशंसा नहीं माना जा रहा। संसद में प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव की बहस से ठीक पहले आया यह बयान इस बात का संकेत देता है कि स्पीकर को लेकर उठे विवाद के बीच केंद्र सरकार उनका खुलकर समर्थन करती दिखाई देगी। ऐसे में कोटा से आया यह संदेश अब संसद की आगामी बहस में भी चर्चा का विषय बन सकता है।

कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के आसपास विकास का रोडमैप तैयार करें: मुख्यमंत्री

कोटा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास करने के बाद अधिकारियों की बैठक ली और एयरपोर्ट निर्माण से लेकर इसके आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने रीको के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि एयरपोर्ट के दो वर्षों के निर्माण काल के दौरान ही इसके आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक विकास का ठोस रोडमैप तैयार कर लिया जाए।

उन्होंने कोटा और बूंदी के जिला कलक्टरों को निर्देश दिए कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान हुए निवेश एमओयू की समीक्षा हो। साथ ही, नियमित मॉनिटरिंग कर उन्हें जल्द से जल्द धरातल पर उतारने का काम किया जाए।

मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट से कोटा और बूंदी शहर की कनेक्टिविटी को और भी सुगम और विश्वस्तरीय बनाने के लिए संभावनाएं तलाशने को कहा। साथ ही, लालसोट-दौसा मेगा हाईवे के चौड़ाईकरण के प्रस्ताव पर कार्य करने के भी निर्देश दिए, ताकि यातायात सुगम हो और क्षेत्र में पर्यटन विकास को मजबूती मिले।

उन्होंने कहा कि ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के आसपास के संपूर्ण क्षेत्र में हर प्रकार के विकास की संभावनाएं तलाशी जाएं, ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार और व्यापार के नए अवसर मिल सकें।

बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट के निर्माण कार्यों की नियमित रूप से कड़ी मॉनिटरिंग की जाए। निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखा जावे ताकि यह प्रोजेक्ट भविष्य की कसौटियों पर पूरी तरह खरा उतरे।

बैठक में केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, विधायक संदीप शर्मा, कल्पना देवी, हरिमोहन शर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, संभागीय आयुक्त एवं कोटा और बूंदी के कलक्टर भी मौजूद रहे।

एरोसिटी का निर्माण भी इसके साथ शुरू किया जाए
इससे पहले होटल फेडरेशन राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी एवं कैट के कोटा जिला अध्यक्ष अनिल मूंदड़ा ने कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के शिलान्यास समारोह में हेलीपैड पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं केंद्रीय उडड्यन मंत्री किंजारपू राममोहन नायडू का स्वागत किया।

कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन महासचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि कोटा व्यापार महासंघ कई वर्षो से कोटा में हवाई सेवा एवं नये हवाई अड्डे की स्थापना की मांग करता रहा है जो आज पूरी हुई है। 2 वर्ष की समय सीमा में ही इसका निर्माण करके इसे शुरू किया जाना चाहिए।

महासचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के पास प्रस्तावित एरोसिटी का निर्माण भी इसके साथ शुरू किया जाना चाहिए, ताकि यहां पर समस्त प्रोजेक्ट के निर्माण की गतिविधियां भी शुरू हो सके।

कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट हाड़ौती क्षेत्र के विकास को देगा नई गति: पीएम मोदी

कोटा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट शिलान्यास समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह अजमेर की धरती से हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया था। इसी कार्यक्रम में राजस्थान के 21 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे थे।

उन्होंने कहा कि अब कोटा से जुड़े इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को शुरू करने का अवसर मिला है। एक ही सप्ताह में राजस्थान में विकास के दो बड़े कार्यक्रमों का होना बड़ा संदेश है। श्री मोदी ने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, किसानों व माता-बहनों के लिए योजनाओं पर राजस्थान में तेजी से काम हो रहा है।

आज का दिन कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ सहित पूरे हाड़ौती क्षेत्र के लिए एक नई आशा और एक नई उपलब्धि का दिन है। डेढ़ हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने जा रहा कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति देगा।

उन्होंने कहा कि नवंबर 2023 में कोटा की जनता से वादा किया था कि यहां बनने वाले एयरपोर्ट को साकार करके दिखाया जाएगा। अब तक कोटा के लोगों को जयपुर या जोधपुर से फ्लाइट लेनी पड़ती थी। इसमें समय लगता था और असुविधा भी होती थी, लेकिन अब स्थिति बदलने जा रही है। जब यह एयरपोर्ट शुरू होगा तो कोटा समेत आस-पास के पूरे इलाके में यात्रा भी आसान होगी और व्यापार भी बढ़ेगा।

नवीन एयरपोर्ट संभावनाओं को बढ़ाने वाला
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोटा केवल शिक्षा का ही नहीं, बल्कि ऊर्जा का भी बड़ा केन्द्र है। कोटा में न्यूक्लियर, कोयला, गैस सहित पानी से बिजली का उत्पादन होता है। हाड़ौती की यह धरती अपनी धरोहरों के लिए भी प्रसिद्ध है। कोटा कचौरी का जायका, कोटा डोरिया के साथ ही कोटा स्टोन एवं सेंड स्टोन की चमक ने दुनियाभर में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि यहां के धनिया, बूंदी के बासमती चावल की महक अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंची है। यह क्षेत्र अपने परिश्रम, उत्पादन और संभावनाओं के लिए जाना जाता है। कोटा का नया एयरपोर्ट यहां की संभावनाओं को बढ़ाने का काम करेगा।

हाड़ौती की धरती उद्यम एवं आस्था का केन्द्र
श्री मोदी ने कहा कि कोटा और हाड़ौती की धरती उद्यम और आस्था का भी केन्द्र है। सदियों से देश-दुनिया के श्रद्धालु श्री मथुराधीश जी की पावन पीठ, केशवरायपाटन के तीर्थ, खड़े गणेश जी और गोदावरी बालाजी धाम के दर्शन के लिए आते रहते हैं। गरड़िया महादेव से दिखने वाला चंबल का दृश्य मंत्रमुग्ध कर देता है। मुकुंदरा हिल्स और रामगढ़ विषधारी जैसे वन्यजीव अभयारण्य इस पूरे क्षेत्र को वाइल्ड लाइफ टूरिज्म का बड़ा केन्द्र बनाते हैं। हवाई कनेक्टिविटी बढ़ने से देश-दुनिया के पर्यटक यहां आएंगे। इसका सीधा लाभ यहां के युवाओं, व्यापारियों और अर्थव्यवस्था को मिलेगा।

कोटा बनेगा एग्रो बेस्ड इंडस्ट्री का बड़ा केन्द्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोटा कनेक्टिविटी के क्षेत्र में सभी दिशाओं में आगे बढ़ रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कोटा के दोनों प्रमुख रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे कोटा-बूंदी से गुजर रहा है। अब दिल्ली, वडोदरा और मुंबई जैसे बड़े शहरों की दूरी महज कुछ घंटों की रह गई है। बेहतर सड़क और रेल कनेक्टिविटी के कारण यहां नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं। विशेष रूप से एग्रो बेस्ड इंडस्ट्री के लिए यह क्षेत्र बड़ा केन्द्र बनेगा। रेल और सड़क के बाद हवाई कनेक्टिविटी का नया अध्याय कोटा के विकास को गति देगा। कोटा एयरपोर्ट पूरे हाड़ौती क्षेत्र और आसपास के जिलों के लिए प्रगति के नए अवसर लेकर आएगा।

अब एयरपोर्ट्स की संख्या 160 से अधिक
श्री मोदी ने कहा कि जब कनेक्टिविटी बढ़ती है तो विकास की संभावनाओं में नई तेजी आती है। पिछले 11 वर्षों में देश के अलग-अलग हिस्सों में बने एयरपोर्ट्स ने विकास को नई गति दी है। वर्ष 2014 से पहले देश में करीब 70 एयरपोर्ट ही बने थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 160 से ज्यादा हो गई है। नए एयरपोर्ट्स ने हवाई यात्रा को आसान बनाया है।

पर्यटन को बढ़ावा दिया है और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए हैं तथा क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार दी है। दिल्ली के आस-पास के क्षेत्रों में नए एयरपोर्ट्स शुरू हुए हैं। हिसार, हिंडन, जेवर में नया एयरपोर्ट बना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब राज्य सरकार और केन्द्र सरकार मिलकर कार्य करती है, नीयत साफ होती है और संकल्प मजबूत होता है, तब विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाती है। आज राजस्थान में यही हो रहा है। विकसित राजस्थान की मजबूत नींव विकसित भारत के संकल्प को ताकत दे रही है।