Friday, July 17, 2026
Home Blog Page 212

युद्ध खत्म करने के ट्रंप के संकेत से 100 डॉलर के नीचे आया कच्चा तेल

नई दिल्ली। US-Iran ceasefire: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यह संकेत देने के बाद कि ईरान में युद्ध जल्द ही समाप्त हो जाएगा, कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड 91.55 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमत में 10% तक की गिरावट आई और यह 85.02 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है।

यह गिरावट सोमवार को हुए उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र के बाद आई है, जब तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का दायरा महामारी के दौरान कीमतों के नकारात्मक होने के बाद सबसे ज्यादा था। बता दें मिडिल ईस्ट में जारी तनाव ने ग्लोबल एनर्जी माार्केट्स को हिलाकर रख दिया है और मुद्रास्फीति संकट को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

ब्लूमबर्ग के मुताबिक फ्लोरिडा में एक संवाददाता सम्मेलन में ट्रंप ने कहा कि वह तेल से संबंधित प्रतिबंधों में छूट देने और होर्मुज स्ट्रेट्स से टैंकरों को एस्कॉर्ट करने के लिए अमेरिकी नौसेना को तैनात करने की योजना बना रहे हैं।

ट्रंप ने सोमवार देर रात पत्रकारों से कहा, “हम तेल की कीमतों को कम रखना चाहते हैं।” उन्होंने कहा, “इस संकट की वजह से कीमतें कृत्रिम रूप से बढ़ गई थीं,” साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यह संघर्ष इस सप्ताह के अंत तक खत्म होगा।

सोमवार को तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई थीं, जब फारस की खाड़ी के प्रमुख उत्पादक देशों को होर्मुज के प्रभावी रूप से बंद होने के कारण उत्पादन कम करने के लिए मजबूर होना पड़ा था। यह संकरे जलमार्ग आमतौर पर वैश्विक कच्चे तेल के प्रवाह का पांचवां हिस्सा संभालता है। हालांकि, बाद में सत्र में कीमतों में गिरावट आई क्योंकि, दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं ने आपातकालीन भंडार जारी करने के प्रयास पर विचार किया।

ट्रंप पर अतिरिक्त दबाव
यह संघर्ष अब अपने दूसरे सप्ताह में है और इसमें एक दर्जन से अधिक देश शामिल हो गए हैं, जिससे तेल, प्राकृतिक गैस और गैसोइल जैसे उत्पादों सहित ऊर्जा की कीमतों में भारी उछाल आया है। अमेरिका में खुदरा पेट्रोल की कीमतें अगस्त 2024 के बाद अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं, जिससे ट्रंप पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने टैंकरों को एस्कॉर्ट करने या तेल संबंधी प्रतिबंधों में छूट देने की योजना पर अतिरिक्त जानकारी नहीं दी, सिवाय इसके कि उन्होंने सोमवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ फोन पर इस विषय पर चर्चा की थी। पिछले सप्ताह, ट्रंप प्रशासन ने भारत के लिए रूसी कच्चे तेल की अपनी खरीद में अस्थायी रूप से वृद्धि करने का रास्ता साफ कर दिया, जो इस व्यापार पर महीनों से चल रहे दबाव से उलट था।

बाजार की नजरें होर्मुज पर
बाजार की नजरें होर्मुज से टैंकरों के आवागमन को फिर से शुरू होते देखने पर टिकी हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से कई जहाजों पर हमले के कारण अधिकांश जहाजों ने इस जलमार्ग से बचना शुरू कर दिया है। फिर भी, हाल के दिनों में सऊदी कच्चा तेल ले जाने वाला एक टैंकर वहां से गुजरा, जबकि ईरान ने इस मार्ग से बड़ी मात्रा में तेल भेजना जारी रखा है।

होर्मुज के बंद होने के कारण
भंडारण तेजी से भर जाने के कारण सऊदी अरब, इराक, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात ने उत्पादन कम कर दिया है। मध्य पूर्व से कच्चे तेल और तेल उत्पादों के प्रवाह पर पड़े इस संकट के कारण रिफाइनरियों ने कुछ कार्यों और आपूर्ति को रोक दिया है, और एशियाई ऊर्जा खरीदारों ने मूल रूप से अन्य क्षेत्रों के लिए जाने वाले ईंधन शिपमेंट को लुभाने के लिए प्रतिस्पर्धियों से आगे बढ़कर बोली लगाई है।

दुश्मन जब तक पक्के तौर पर हार नहीं जाता, तब तक लड़ाई जारी रहेगी: ट्रंप

वॉशिंगटन। अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ उनकी लड़ाई लगभग ‘पूरी’ हो चुकी है। ट्रंप ने कहा कि जब तक दुश्मन पूरी तरह और पक्के तौर पर हार नहीं जाता, तब तक लड़ाई जारी रहेगी।

उन्होंने कहा कई अमेरिकी सेना उनके शुरुआती चार से पांच हफ्ते के अंदाजे वाले टाइम फ्रेम से काफी आगे है और जल्दी ही अमेरिका को जीत मिलेगी। अब ईरान के पास कोई नेवी, कोई एयरफोर्स और कोई कम्युनिकेशन नहीं है। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के चुने जाने पर भी ट्रंप ने प्रतिक्रिया दी है।

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘हम कई मायनों में पहले ही जीत हासिल कर चुके हैं लेकिन अभी उतनी नहीं जितनी चाहिए। युद्ध तब तक जारी रहेगा जब तक ईरान निर्णायक रूप से नहीं हार जाता है। हम लगातार आगे बढ़ रहे हैं और युद्ध जल्द ही खत्म हो जाएगा। ट्रंप ने बताया कि रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी बातचीत हुई। ट्रंप ने कहा कि पुतिन ईरान लड़ाई में ‘मदद’ करना चाहते हैं।’

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान न्यूक्लियर हथियारों के लिए एक नई साइट पर काम शुरू कर रहा था। ईरान बैलिस्टिक मिसाइल के खतरे का इस्तेमाल करके उन्हें न्यूक्लियर हथियार हासिल करने से रोकना नामुमकिन बनाना चाहता था। हम यह हमला नहीं करते तो ईरान मिडिल ईस्ट पर कब्जा कर लेता।

अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई के ईरान के नए सुप्रीम लीडर बनने पर ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि इससे समस्याएं और ज्यादा बढ़ेंगी। मैं उन लोगों की पसंद देखकर निराश हुआ हूं। मुझे लगता है कि मोजबता को सुप्रीम लीडर चुनकर ईरान ने बहुत बड़ी गलती कर दी है।

ईरान में भीषण लड़ाई जारी
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल की सेना मिलकर ईरान के खिलाफ बड़े हमले कर रही हैं। इन हमलों की वजह से ईरान की नेवी खत्म हो गई है क्योंकि उनके 46 जहाजों को मार दिया है। हालांकि हम तब तक इसे नहीं रोकेंगे, जब तक दुश्मन पूरी तरह और पक्के तौर पर हार नहीं जाता है।

इजरायल और अमेरिका के ईरान पर 28 फरवरी को शुरू किए गए हमलों के बाद ये लड़ाई शुरू हुई है। अमेरिका और इजरायल की ओर ईरान में भीषण बमबारी हो रही हैं। वहीं ईरान ने इजरायल के साथ-साथ अमेरिका के खाड़ी देशों में स्थित सैन्य अड्डों पर लगातार हमले किए हैं। इस युद्ध का 10 से ज्यादा देशों में सीधा असर है।

पन्नाधाय के जन्मोत्सव पर वीरांगना कन्या संस्कार केंद्र ने लिया राष्ट्र सेवा का संकल्प

कोटा। श्रीमद्भगवत गीता शक्तिपीठ केंद्र कुरुक्षेत्र एवं अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली के तत्वावधान में वीरांगना कन्या संस्कार केंद्र द्वारा सम्पूर्ण राजस्थान में ‘राज्य माता पन्नाधाय’ का जन्म दिन उत्साहपूर्वक मनाया गया। कोटा के गीता भवन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर वीरांगना महिला सम्मान समारोह में महिलाओं और बालिकाओं ने राष्ट्र भक्ति की अनूठी मिसाल पेश की।

राष्ट्र भक्ति के साथ वीरांगना सम्मान
कार्यक्रम के दौरान केंद्र द्वारा सम्पूर्ण राजस्थान की माता-बहनों को राष्ट्र के प्रति समर्पित होने की शपथ दिलाई गई। उपस्थित जनसमूह ने संकल्प लिया कि जिस प्रकार राष्ट्र हमें सब कुछ देता है, उसी प्रकार हम भी अपनी संतान को राष्ट्र के लिए जीने और मरने की शिक्षा देंगे। इस अवसर पर सभी को ‘गीता’ भेंट कर सम्मानित किया गया।

मुख्य आकर्षण और घोषणाएं

  • आदर्श पन्नाधाय: वक्ताओं ने कहा कि राजस्थान की महान विभूति माता पन्नाधाय को हमें अपना आदर्श मानना चाहिए।
  • राजकीय अवकाश की मांग: केंद्र द्वारा यह आह्वान किया गया कि 8 मार्च को राजकीय अवकाश के साथ इसे ‘वीरांगना सम्मान समारोह’ के रूप में मनाया जाए।
  • भव्य भविष्य की नींव: राष्ट्रीय संगठन महामंत्री राजश्री सिंह ने संतों की गरिमामयी उपस्थिति में संकल्प दिलाया कि 8 मार्च 2027 को वीरंगना कन्या संस्कार केंद्र इसे और भी भव्य एवं दिव्य रूप में मनाएगा।

गीता सत्संग समिति की कुंती मूंदड़ा ने बताया कि इस अभियान को राजस्थान के सभी स्वयंसेवी संगठनों और शिक्षण संस्थाओं के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ी में त्याग और राष्ट्रवाद के संस्कार रोपित किए जा सकें।

लंगा ग्रुप के कलाकारों के पारंपरिक राजस्थानी गीतों की तान पर झूमे रोटेरियन

कोटा। रोटरी क्लब कोटा द्वारा रोड नंबर 1 स्थित उत्सव वाटिका’ में ‘होली हंगामा’ (होली मिलन समारोह) का भव्य आयोजन किया गया। इस उत्सव में परंपरा, मनोरंजन और राष्ट्रभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। जहाँ 600 से अधिक सदस्यों ने सपरिवार सहभागिता की।

​कार्यक्रम का आगाज आधुनिक जीवनशैली पर कटाक्ष करती एक हास्य नाटिका से हुआ। मोबाइल रील के बढ़ते चलन पर आधारित इस प्रस्तुति ने दर्शकों को लोटपोट कर दिया। इसके पश्चात, लंगा ग्रुप के कलाकारों ने पारंपरिक राजस्थानी गीतों की ऐसी तान छेड़ी कि पूरा पांडाल झूम उठा। लोक गीतों की मधुर धुन पर सदस्यों ने जमकर नृत्य किया और एक-दूसरे पर फूलों की वर्षा कर प्रेम और सद्भाव की ‘फूलों वाली होली’ खेली।

​इस वर्ष होली का आनंद तब दोगुना हो गया जब कार्यक्रम स्थल पर लगी बड़ी स्क्रीन पर सदस्यों ने T20 वर्ल्ड कप का फाइनल मैच लाइव देखा। जैसे ही भारत ने जीत दर्ज की। पूरा वाटिका परिसर ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा। इस ऐतिहासिक जीत की खुशी में क्लब द्वारा सामूहिक उत्सव मनाते हुए शानदार आतिशबाजी की गई।

​क्लब अध्यक्ष मनोज सोनी और सचिव नीरज अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व प्रांतपाल प्रद्युमन पाटनी, प्रांतपाल प्रज्ञा मेहता सहित कई वरिष्ठ सदस्यों और पदाधिकारियों ने शिरकत की। प्रोजेक्ट चेयरमैन अभिषेक मित्तल और उनकी टीम ने आयोजन की व्यवस्थाओं में अतुलनीय सहयोग दिया।

‘इफेक्टिव पब्लिक स्पीकिंग’ कार्यशाला में युवाओं ने सीखे मंच पर बोलने के गुर

कोटा। जेसीआई कोटा स्टार के तत्वावधान में सोमवार को व्यक्तित्व विकास के लिए एक विशेष ‘इफेक्टिव पब्लिक स्पीकिंग कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।कार्यक्रम में प्रशिक्षकों ने सैद्धांतिक जानकारी और व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से मंच संचालन और प्रभावी वक्तृत्व कला की बारीकियों से भी रूबरू कराया।

​जेसीआई कोटा स्टार के अध्यक्ष मनीष गुप्ता और चेयरपर्सन दीप्ति गुप्ता ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों के भीतर से स्टेज और माइक के डर को समाप्त कर उन्हें एक आत्मविश्वासी वक्ता के रूप में तैयार करना था। मुख्य प्रशिक्षण पायलट सीए योगेश चांडक, को-पायलट सीए मोहित जैन और निशा जोशी द्वारा दिया गया।

प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को बॉडी लैंग्वेज, आवाज़ के उतार-चढ़ाव और शब्दों के चयन से किसी भी सभा को मंत्रमुग्ध करने के गुर सिखाए। कार्यशाला के दौरान कईं ऐसे सत्र आयोजित किए गए जहाँ प्रतिभागियों को सीधे माइक पर बोलने का अवसर दिया गया। जिससे उनके मन में व्याप्त स्टेज का भय दूर हुआ और उनमें नेतृत्व क्षमता का विकास हुआ।

​कार्यक्रम का कुशल संचालन ईपीएस चेयरमैन एडवोकेट धर्मेंद्र अग्रवाल द्वारा किया गया। कार्यक्रम निदेशक गौरव अग्रवाल ने बताया कि इस विशेष सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में पवन चित्तौड़ा उपस्थित रहे। जबकि समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में नम्रता जोशी ने शिरकत की।

चित्तौड़ा ने जेसीआई के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में सार्वजनिक रूप से अपनी बात प्रभावी ढंग से रखना सफलता की पहली सीढ़ी है। इस अवसर पर संस्था के पूर्व अध्यक्ष संजय गोयल, रवि गर्ग और तनुज खंडेलवाल ने भी अपने अनुभव साझा किए और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।

पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में पूर्व चेयरपर्स जेसीआई सेन विभूति जैन का विशेष मार्गदर्शन और सहयोग रहा। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को उनकी सक्रिय भागीदारी के लिए सम्मानित किया गया।

किसानों और दुग्ध उत्पादकों के हित में कार्य करने के लिए राठौड़ दिल्ली में सम्मानित

नई दिल्ली/कोटा। किसानों एवं पशुपालकों के हितों में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ तथा कोटा सहकारी भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष चैनसिंह राठौड़ को नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने उन्हें प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।

केंद्रीय मंत्री मंडाविया ने कहा कि देश के विकास में जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले ऐसे जनप्रतिनिधि और सहकारिता से जुड़े कार्यकर्ता ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प के वास्तविक सारथी हैं।

उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा किसानों और पशुपालकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में ऐसे समर्पित व्यक्तित्वों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

चैनसिंह राठौड़ ने बताया कि राजस्थान के 24 दुग्ध संघों में से कोटा-बूंदी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ का चयन इस सम्मान के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य के संघ में वे स एकमात्र प्रतिनिधि रहे, जिन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुआ है।

सोमवार कोटा आगमन पर राठौड़ के सम्मानित होने पर कोटा सहकारी भूमि विकास बैंक में राठौड़ स्वागत किया गया, जहां उपाध्यक्ष भंवर सिंह हाड़ा तथा संचालक निहाल सिंह राठौड़, राधाकिशन मीणा, मुकेश मीणा, जगदीश प्रसाद मीणा, जगदीश शर्मा, बाबूलाल बैरवा, मांगीलाल मेहरा एवं बैंक सचिव ऋतु सपरा (उप रजिस्ट्रार) ने पुष्प गुच्छ भेंटकर व माला पहनाकर स्वागत किया।

राठौड़ ने इस सम्मान को क्षेत्र के किसानों, दुग्ध उत्पादकों तथा सहकारिता से जुड़े सभी कार्यकर्ताओं की सामूहिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें और अधिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है।

राठौड़ ने विश्वास व्यक्त किया कि सहकारिता की भावना को मजबूत करते हुए दुग्ध उत्पादकों और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने तथा ग्रामीण विकास को गति देने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि कोटा-बूंदी क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने, पशुपालकों को उचित मूल्य दिलाने और सहकारी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में संघ लगातार कार्य कर रहा है, जिसका लाभ हजारों किसानों को मिल रहा है।

विपक्ष ने स्पीकर बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव से खींच लिए हाथ, जानिए क्यों

नई दिल्ली। No confidence motion: लोकसभा में बजट सत्र के दूसरे हिस्से की शुरुआत सोमवार को हुई, जहां विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को अचानक छोड़ दिया है। विपक्षी गठबंधन INDIA ने पहले फरवरी में बिरला पर पक्षपातपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाते हुए नोटिस दिया था, लेकिन संख्याबल की कमी के कारण अब उन्होंने रणनीति बदल ली।

हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने बिरला के खिलाफ पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन का ऐलान किया है। सूत्रों ने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष को उनके पद से हटाए जाने वाले प्रस्ताव का टीएमसी समर्थन करेगी। साथ ही वह बिरला के खिलाफ वोटिंग भी करेगी।

विपक्ष ने सोमवार को ईरान-इजरायल युद्ध के प्रभाव पर केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया। विपक्षी सांसदों ने नारे लगाए और प्लेकार्ड दिखाए, जिनमें लिखा था कि मध्य-पूर्व जल रहा है, भारतीय फंसे हुए हैं, तेल नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुकने का आरोप लगाया।

राहुल गांधी ने लोकसभा स्थगित होने के बाद कहा कि पश्चिम एशिया में हो रहा युद्ध भारत की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाएगा। स्टॉक मार्केट पहले ही प्रभावित हो चुका है और तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं।

उन्होंने मांग की कि इस मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए, क्योंकि यह जनता से जुड़ा सार्वजनिक मामला है। विपक्ष ने ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों और खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों भारतीयों की सुरक्षा पर जोर दिया, जहां रेमिटेंस अर्थव्यवस्था के लिए अहम हैं। ईरान-इजरायल संघर्ष 9वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इसमें 1200 से अधिक मौतें हो चुकी हैं, जिसमें बच्चे भी शामिल हैं।

युद्ध के कारण तेल की कीमतें चार साल में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया का 5वां हिस्सा ऊर्जा व्यापार होता है, उस पर खतरा मंडरा रहा है। विपक्ष ने सरकार से ईंधन संकट और महंगाई पर चर्चा की मांग की, लेकिन सरकार ने ऐसी कोई चर्चा से इनकार कर दिया।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में बयान दिया और लोकसभा में भी स्थिति बताई, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण सदन बार-बार स्थगित होता रहा। सरकार ने कहा कि पेट्रोलियम भंडार पर्याप्त हैं और रूसी क्रूड आय बढ़ाकर कमी पूरी की जा रही है, इसलिए ईंधन कीमतें नहीं बढ़ेंगी।

सरकार ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए राहुल गांधी को असफल विपक्ष का नेता कहा। पूर्व मंत्री अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि विपक्ष स्पीकर के खिलाफ बहस से भाग रहा है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और गृह मंत्री अमित शाह के अगले दिन बहस में शामिल होने की संभावना है।

विपक्ष ने माना कि उनके पास अविश्वास प्रस्ताव के लिए पर्याप्त संख्या नहीं है, इसलिए उन्होंने इसे बाद के लिए टाल दिया। यह रणनीतिक बदलाव विपक्ष की ओर से युद्ध के आर्थिक प्रभाव को प्रमुख मुद्दा बनाने की कोशिश दिखाता है, खासकर केरल विधानसभा चुनावों के मद्देनजर जहां खाड़ी से रेमिटेंस अहम हैं।

राजस्थान सरकार ने बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों की मासिक पेंशन बढ़ाई

जनवरी 2026 से मिलेगी बढ़ी हुई पेंशन, दो साल में 1000 से 1450 रुपये हुई

जयपुर। राजस्थान के लाखों बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों के लिए राज्य सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत मिलने वाली मासिक सहायता राशि में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है।

अब लाभार्थियों को 1300 रुपये की जगह 1450 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी। सरकार की ओर से जनवरी 2026 की पेंशन के बिल तैयार कर ईसीएस (ECS) के माध्यम से भुगतान के लिए भेज दिए गए हैं। ऐसे में अगले कुछ दिनों के भीतर बढ़ी हुई राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा होना शुरू हो जाएगी।

राज्य सरकार का कहना है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को सहारा देना प्राथमिकता है। इस फैसले से प्रदेश के लाखों परिवारों को राहत मिलेगी, जो रोजमर्रा के खर्चों के लिए इस पेंशन पर निर्भर रहते हैं।

दो साल में 1000 से 1450 रुपये तक पहुंची पेंशन
पिछले दो वर्षों में सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि में चरणबद्ध तरीके से बढ़ोतरी की है। वर्ष 2024 में पेंशन राशि 1000 रुपये से बढ़ाकर 1150 रुपये की गई थी। इसके बाद वर्ष 2025 में इसे बढ़ाकर 1250 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया। वहीं जनवरी 2026 में पहले इसे 1300 रुपये किया गया और अब एक और बढ़ोतरी करते हुए 1450 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।

इस तरह दो साल के भीतर पेंशन राशि में कुल 450 रुपये की बढ़ोतरी की जा चुकी है। सरकार का मानना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में यह अतिरिक्त सहायता आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

91 लाख से अधिक लाभार्थियों को मिलेगा सीधा फायदा
राजस्थान में इस समय सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से 91 लाख से अधिक लोग जुड़े हुए हैं। इनमें वृद्धजन, एकल नारी, विधवाएं, दिव्यांगजन और लघु व सीमांत किसान शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य इन वर्गों को आर्थिक मदद देने के साथ-साथ उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर उपलब्ध कराना भी है।

सरकार के मुताबिक पेंशन योजना समाज के उन वर्गों के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम कर रही है, जिनके पास नियमित आय का कोई स्थायी साधन नहीं है।

सत्यापन प्रक्रिया भी हुई आसान
पहले वार्षिक सत्यापन के दौरान बुजुर्गों और दिव्यांगों को कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब इस प्रक्रिया को भी सरल बना दिया गया है। लाभार्थी बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, मोबाइल ऐप या ओटीपी आधारित प्रणाली के जरिए अपना सत्यापन करा सकते हैं। यदि तकनीकी समस्या आती है तो भौतिक दस्तावेजों के माध्यम से भी सत्यापन की सुविधा उपलब्ध है।

अब 25 दिन के पहले बुक नहीं होगा घरेलू गैस सिलेंडर, सरकार का बड़ा फैसला

नई दिल्ली। LPG New Rule: ईरान में जारी युद्ध और वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका के बीच भारत में घरेलू एलपीजी सिलेंडर को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक अब घरेलू गैस सिलेंडर की अगली बुकिंग के लिए इंतजार की अवधि 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है। यह कदम मुख्य रूप से एलपीजी की जमाखोरी को रोकने के लिए उठाया गया है, ताकि संकट की स्थिति में भी सभी उपभोक्ताओं को गैस की पर्याप्त आपूर्ति मिलती रहे।

दरअसल हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल बाजार को लेकर चिंता बढ़ गई है। खबरों के मुताबिक ईरान ने अहम समुद्री रास्ते Strait of Hormuz को लेकर सख्त रुख अपनाया है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है।

हालांकि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा है कि यह रास्ता केवल अमेरिका, इज़राइल, यूरोप और उनके पश्चिमी सहयोगियों के जहाजों के लिए बंद रहेगा। इसके बावजूद वैश्विक बाजार में तेल सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल भारत में घबराने की कोई जरूरत नहीं है। देश में पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है। सूत्रों के मुताबिक पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन यानी एटीएफ की भी फिलहाल कोई कमी नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि भारत की स्थिति कई अन्य देशों की तुलना में बेहतर है।

सरकार ने एहतियात के तौर पर देश की सभी रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही कहा गया है कि फिलहाल घरेलू इस्तेमाल के लिए एलपीजी की सप्लाई को प्राथमिकता दी जाए।

यानी इंडस्ट्रियल या कमर्शियल इस्तेमाल के मुकाबले घरों में इस्तेमाल होने वाली गैस को ज्यादा महत्व दिया जाएगा, ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की दिक्कत न हो।

पेट्रोल-डीजल की कीमतें नहीं बढ़ेंगी
सूत्रों ने यह भी संकेत दिया है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने की संभावना कम है। उनका कहना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 130 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर नहीं जाती, तब तक घरेलू कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। फिलहाल उम्मीद की जा रही है कि कच्चे तेल की कीमत करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रह सकती है।

कुल मिलाकर सरकार का कहना है कि देश में ईंधन की सप्लाई फिलहाल पूरी तरह सामान्य है और किसी भी तरह की कमी की आशंका नहीं है। एलपीजी बुकिंग के नियमों में बदलाव को सिर्फ एहतियाती कदम के तौर पर देखा जा रहा है, ताकि आने वाले समय में अगर वैश्विक हालात और बिगड़ते हैं तो भी आम लोगों को गैस और ईंधन की उपलब्धता में परेशानी न हो।

गैस की किल्लत से बेंगलुरु के होटलों में रेस्टोरेंट सर्विस बंद

ईरान समेत मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध का असर अब भारत में भी नजर आने लगा है। सोमवार को बेंगलुरु होटल एसोसिएशन ने बड़ा फैसला लिया। इसके मुताबिक मंगलवार सुबह से बेंगलुरु के होटलों में रेस्टोरेंट सर्विस बंद हो जाएगी। यह फैसला कॉमर्शियल कुकिंग गैस की किल्लत के चलते लिया गया है। जानकारी में कहा गया है कि पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध के चलते गैस की सप्लाई लगभग ठप हो गई है।

Kota Mandi: मिलर्स की लिवाली से धान, सोयाबीन, सरसों और चने का भाव उछला

एनसीडीईएक्स पर धनिया का अप्रैल और मई वायदा तेज, हाजिर में मंदा

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में सोमवार को आवक की कमी से लहसुन 1000 रुपये क्विंटल ऊंचा बिका। मिलर्स की लिवाली से धान 100 रुपये, सोयाबीन 150 रुपये, सरसों 100 रुपये और चने का भाव 200 रुपये उछल गया।

कमजोर उठाव एवं नई फसल आने से धनिया 200 रुपये मंदा बिका। एनसीडीईएक्स पर धनिया का अप्रैल वायदा 140 रुपये तेज होकर 11608 रुपये और मई वायदा 158 बढ़कर 11730 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।

मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब डेढ़ लाख कट्टे और लहसुन की 2000 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं 2250 से 2400, गेहूं नया 2200 से 2400, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1600, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ 2000 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3101,धान (1509) 3200 से 4000, धान (1847) 3200 से 3701, धान (1718-1885) 3900 से 4350, धान (पूसा-1) 3600 4150, धान (1401-1846) 3800 से 4250, धान दागी 1500 से 3400 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 5000 से 5700, सरसों 5200 से 6300, अलसी 6000 से 6700, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 6500,उड़द 4500 से 8000, चना देशी 4700 से 5201, चना मौसमी 4700 से 5100, चना पेप्सी 4800 से 5201, चना डंकी 3500 से 4500, चना काबुली 5500 से 7500, नया चना 5000 से 5250 रुपये प्रति क्विंटल।

नया लहसुन 3300 से 10500, मैथी 4000 से 5100, धनिया बादामी 7500 से 9200, धनिया ईगल 9200 से 10000, धनिया नया गीला 7500 से 9500, धनिया रंगदार 10000 से 13000 रुपये प्रति क्विंटल।