Thursday, July 16, 2026
Home Blog Page 211

यशवंतपुर–बीकानेर–यशवंतपुर एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन का संचालन कल से

यह गाड़ी भवानी मंडी, रामगंज मंडी, कोटा जंक्शन एवं सवाई माधोपुर स्टेशनों से गुजरेगी

कोटा। यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन द्वारा यशवंतपुर–बीकानेर–यशवंतपुर के मध्य स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जा रहा है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 06543 (यशवंतपुर–बीकानेर) का संचालन 11 से 25.मार्च तक प्रत्येक बुधवार को कुल 3 फेरों के लिए किया जाएगा।

यह ट्रेन निर्धारित तिथियों में यशवंतपुर स्टेशन से 07.00 बजे प्रस्थान कर तीसरे दिन शुक्रवार को 00.03 बजे भवानी मंडी, 00.28 बजे रामगंज मंडी, 02.20 बजे कोटा जंक्शन तथा 04.10 बजे सवाई माधोपुर जंक्शन पर ठहराव लेते हुए 15.00 बजे बीकानेर पहुंचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 06544 (बीकानेर–यशवंतपुर) का संचालन 14 से 28 मार्च तक प्रत्येक शनिवार को 3 फेरों के लिए किया जाएगा। यह ट्रेन बीकानेर स्टेशन से 01.00 बजे प्रस्थान कर 11.10 बजे सवाई माधोपुर जंक्शन, 12.45 बजे कोटा जंक्शन, 13.48 बजे रामगंज मंडी तथा 14.13 बजे भवानी मंडी पर ठहराव लेते हुए तीसरे दिन सोमवार को प्रातः 04.00 बजे यशवंतपुर पहुंचेगी।

यह गाड़ी रास्ते में दोनों दिशाओं में यशवंतपुर जंक्शन, तुमकुर, अरसिकेरे जंक्शन, बिरूर जंक्शन, दावणगेरे, हरिहर, हावेरी, एसएसएस हुब्बल्ली जंक्शन, धारवाड़, बेलगावी, घाटप्रभा, मिराज जंक्शन, सांगली, किर्लोस्करवाड़ी, कराड, सतारा, पुणे जंक्शन, लोनावला, कल्याण जंक्शन, भिवंडी रोड, वसई रोड, वापी, वलसाड, सूरत, वडोदरा जंक्शन, गोधरा जंक्शन, दाहोद, बामनिया, रतलाम जंक्शन, नागदा जंक्शन, भवानी मंडी, रामगंज मंडी, कोटा जंक्शन, सवाई माधोपुर जंक्शन, दुर्गापुरा, जयपुर जंक्शन, रिंगस जंक्शन, सीकर जंक्शन, चूरू, रतनगढ़ जंक्शन तथा श्री डूंगरगढ़ स्टेशनों पर ठहराव लेकर गंतव्य को जाएगी।

इस विशेष ट्रेन में 5 सामान्य श्रेणी, 11 शयनयान श्रेणी, 3 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी एवं 2 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के डिब्बे सहित कुल 23 डिब्बे होंगे।

बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस में गौरव गोगोई की शाह ने की धुलाई

नई दिल्ली। लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान मंगलवार को कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू पर जोरदार हमला बोला।

उन्होंने कहा कि रिजिजू को भविष्य में विपक्ष के बोलते समय सबसे ज्यादा रुकावट डालने वाले संसदीय कार्यमंत्री के रूप में जाना जाएगा। इसपर अमित शाह ने उनसे सहमति तो व्यक्त की, लेकिन अपने अंदाज जमकर सुना दिया।

गौरव गोगोई के आरोपों पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने तो जवाब नहीं दिया, लेकिन गृहमंत्री अमित शाह ने यह कहकर गोगोई पर पलटवार किया कि देश ने इतना ‘गैर-जिम्मेदार विपक्ष’ कभी नहीं देखा था।

दरअसल, गौरव गोगोई ने लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कहा, ‘भविष्य में जब भी कभी संसदीय रिकॉर्ड देखे जाएंगे, उनपर रिसर्च होगा…ट्रांसक्रिप्ट देखे जाएंगे… तो ये भी एक रिसर्च होगा कि विपक्ष के बोलने में सबसे ज्यादा रुकावट डालने वाले संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू होंगे…स्टैटिस्टिक्स बोलेंगे..।’

इसपर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हें जवाब दिया, ‘मैं भी विधानसभा में पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर रह चुका हूं। उनको तभी खड़ा होना पड़ता है, जब पार्लियामेंट के नियमों से अलग कोई चीज होती है। ये बात सही है कि पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर होने के नाते सबसे ज्यादा इंटरप्ट किरेन रिजिजू ने किया है, मैं सहमत हूं….।’

लेकिन, इसके आगे शाह ने विपक्ष के आरोपों पर जोरदार पलटवार करते हुए उन्हें ही घेर लिया। गृहमंत्री ने कहा, ‘..लेकिन ऐसा गैर-जिम्मेदार विरोधी पक्ष भी कभी नहीं आया है…।’

कांग्रेस से बीजेपी में आई राधिका खेड़ा ने एक्स पर यह वीडियो ट्वीट किया और लिखा है,’कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई संसद में बहुत ओवर स्मार्ट बन रहे थे…फिर क्या था..
गृह मंत्री अमित शाह ने ऐसी बिना साबुन धुलाई की कि पूरी ओवर स्मार्टनेस हवा हो गई..।’

दरअसल, असम के जोरहाट से कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान फिर से पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अनपब्लिश किताब का हवाला देने लगे थे। इसपर बीजेपी सांसदों ने आपत्ति की और कहा कि स्पीकर इसपर बोलने की अनुमति से इनकार कर चुके हैं।

इसी हंगामें पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने दखल दिया और बोले कि बहस स्पीकर पर हो रही है। अगर विपक्ष अन्य मुद्दों पर बोलेगा, तब सत्तापक्ष के जवाब के समय भी उन्हें बाधा नहीं डालनी चाहिए।

किसानों का इंतजार खत्म, अब पीएम किसान की 22वीं किस्त इस दिन आएगी

नई दिल्ली। PM Kisan 22nd Installment Date: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना की 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे देशभर के करोड़ों किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है।

इस योजना के तहत किसानों को मिलने वाले ₹2,000 की अगली किस्त का डेट फाइनल हो गया है। इसकी आधिकारिक तारीख की घोषणा कर दी गई है। बता दें कि पीएम किसान की 22वीं किस्त होली से पहले आने की उम्मीद थी, लेकिन अब होली के बाद इसी सप्ताह इसे जारी कर दी जाएगी।

सरकार की तरफ से जारी आधिकारिक तारीख की घोषणा की गई है। पीएम किसान पोर्टल पर दी गई जानकारी के मुताबिक, यह किस्त 13 मार्च को जारी जाएगी। कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 मार्च 2026 को असम के गुवाहाटी से पीएम-किसान योजना की 22वीं किस्त जारी करेंगे। बता दें कि इससे पहले भी कई बार प्रधानमंत्री कार्यक्रम के दौरान ही किस्त जारी कर चुके हैं।

क्या है योजना
पीएम किसान योजना केंद्र सरकार की सबसे बड़ी किसान सहायता योजनाओं में से एक है। इस योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक मदद दी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में दी जाती है, यानी हर चार महीने में ₹2,000 सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजे जाते हैं। यह पैसा Direct Benefit Transfer (DBT) सिस्टम के जरिए सीधे खाते में जाता है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाती है।

कब आई थी 21वीं किस्त
पिछली यानी 21वीं किस्त 2025 के आखिर में जारी की गई थी। आमतौर पर हर चार महीने के अंतराल पर भुगतान होता है, इसलिए किसानों को उम्मीद थी कि फरवरी 2026 में 22वीं किस्त मिल जाएगी। लेकिन फरवरी खत्म होने और होली गुजरने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ है, जिससे किसानों के बीच इंतजार और चर्चा दोनों बढ़ गए हैं।

e-KYC की सलाह
हालांकि सभी रजिस्टर्ड किसानों को यह किस्त नहीं मिलती। जिन किसानों का e-KYC पूरा नहीं है, जिनकी जमीन का रिकॉर्ड वेरिफाई नहीं हुआ है या जिनके परिवार में कोई सरकारी नौकरी करता है या आयकर देता है, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलता। इसके अलावा अगर परिवार का कोई सदस्य ₹10,000 या उससे ज्यादा सरकारी पेंशन लेता है तो भी किस्त रुक सकती है। सरकार हर किस्त से पहले लाभार्थियों की सूची अपडेट करती है और अयोग्य लोगों के नाम हटा दिए जाते हैं।

किसानों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर लें। इसके लिए किसान आधिकारिक PM-Kisan वेबसाइट पर जाकर Beneficiary List में अपना नाम चेक कर सकते हैं। वेबसाइट पर राज्य, जिला, ब्लॉक और गांव की जानकारी भरकर सूची देखी जा सकती है। अगर नाम सूची में है और सभी जानकारी सही है, तो सरकार द्वारा किस्त जारी होते ही ₹2,000 सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाएंगे।

Stock Market: सेंसेक्स 640 अंक चढ़कर 78200 के पार और निफ्टी 24261 पर बंद

नई दिल्ली। Stock Market closed : कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और पुतिन-ट्रंप की बातचीत का असर है कि सेंसेक्स आज मंगलवार 10 मार्च 2026 को 0.82 प्रतिशत या फिर 639.82 अंक की तेजी के साथ 78,205.98 अंक पर और निफ्टी 0.97 प्रतिशत या पिर 233.55 अंक की गिरावट के बाद 24261.60 रुपये के लेवल पर बंद हुआ है।

सेंसेक्स की 30 में 24 कंपनियों के शेयरों में आज मंगलवार को तेजी दर्ज की गई है। सबसे अधिक उछाल महिंद्रा के शेयरों में देखने को मिली है। महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर 3.67 प्रतिशत की तेजी के साथ 3304.10 के स्तर पर बंद हुआ है। इंडिगो का शेयर 3.21 प्रतिशत की तेजी के साथ 4372 अंक पर बंद हुआ है। एशियन पेंट्स, मारुति, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक के शेयरों में भी आज उछाल दर्ज की गई है।

बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) मजबूती के साथ 78,375 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 78,526 अंक के हाई लेवल तक गया। अंत में 639.82 अंक या 0.82 प्रतिशत की बढ़त लेकर 78,205.98 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) 24,280 पर खुला और खुलते ही 24,300 के पार चला गया। शुरुआती कारोबार में इंडेक्स में थोड़ी सुस्ती रही लेकिन आखिरी एक घंटे में वापस मजबूती देखने को मिली। अंत में यह 233.55 अंक या 0.97 प्रतिशत बढ़कर 24,261.60 पर बंद हुआ।

एक्सपर्ट के अनुसार, आने वाले समय में वैश्विक ऊर्जा बाजार और भू-राजनीतिक घटनाक्रम ही बाजार की दिशा तय करने वाले मुख्य कारक रहेंगे। निवेशक खास तौर पर कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर नजर बनाए रखेंगे।

टॉप गेनर्स एंड लूजर्स
सेंसेक्स की कंपनियों में एम एंड एम, इंडिगो, एशियन पेंट्स, मारुति सुजुकी और आईसीआईसीआई बैंक सबसे ज्यादा बढ़त में रहने वाले शेयरों में रहे। वहीं, इंफोसिस, इटरनल, आरआईएल, भारती एयरटेल और टीसीएस प्रमुख रूप से गिरावट में रहे।

बड़े इंडेक्स की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 1.62 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग 2.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।

सेक्टर के लिहाज से निफ्टी ऑटो सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला इंडेक्स रहा। इसके अलावा निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (बैंक को छोड़कर) इंडेक्स में भी अच्छी बढ़त देखी गई। निफ्टी आईटी सबसे ज्यादा दबाव में रहा। निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स का प्रदर्शन भी कमजोर रहा।

देश में UCC लागू करने का सही समय, सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी

नई दिल्ली। Uniform Civil Code: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को समान नागरिक संहिता (UCC) पर महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि देश में अब इस विषय पर विचार करने का समय आ गया है। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शरीयत कानून की धाराओं को रद्द करने जैसे संवेदनशील मुद्दे पर अंतिम फैसला लेना विधायिका का अधिकार क्षेत्र है।

मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने की, जिसमें जॉयमाल्या बागची और आर. महादेवन भी शामिल थे। पीठ 1937 के मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) एप्लीकेशन एक्ट, 1937 की कुछ धाराओं को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें इन्हें मुस्लिम महिलाओं के प्रति भेदभावपूर्ण बताया गया है।

मुस्लिम महिलाओं के लिए कही ये बात
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि यदि न्यायालय शरियत कानून के उत्तराधिकार संबंधी प्रावधानों को रद्द कर देता है, तो इससे एक कानूनी खालीपन पैदा हो सकता है, क्योंकि मुस्लिम उत्तराधिकार को नियंत्रित करने वाला कोई अन्य स्पष्ट कानून मौजूद नहीं है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण से कहा कि सुधार की जल्दबाजी में ऐसा कदम उठाना उचित नहीं होगा जिससे महिलाओं को वर्तमान से भी कम अधिकार मिल जाएं। उन्होंने पूछा कि यदि 1937 का शरियत कानून समाप्त हो जाता है तो उसके स्थान पर क्या व्यवस्था लागू होगी।

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने भी कहा कि याचिका में भेदभाव का मुद्दा मजबूत है, लेकिन इस विषय पर निर्णय लेना संसद के लिए अधिक उपयुक्त होगा, क्योंकि संविधान के नीति-निर्देशक सिद्धांतों में समान नागरिक संहिता लागू करने का दायित्व विधायिका को दिया गया है।

अदालत ने यह भी कहा कि पहले भी कई बार न्यायालय संसद से समान नागरिक संहिता लागू करने पर विचार करने की सिफारिश कर चुका है। पीठ के अनुसार, सामाजिक और व्यक्तिगत कानूनों में व्यापक सुधार के लिए विधायी प्रक्रिया ही सबसे उपयुक्त रास्ता है।

इस दौरान अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने दलील दी कि अदालत यह घोषणा कर सकती है कि मुस्लिम महिलाओं को पुरुषों के बराबर उत्तराधिकार अधिकार मिलना चाहिए। उनका तर्क था कि यदि शरियत कानून की विवादित धाराएं हटाई जाती हैं तो ऐसे मामलों में भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम लागू किया जा सकता है।

राजस्थान में कमर्शियल LPG की बुकिंग बंद, होटल-रेस्टोरेंट का कारोबार प्रभावित

नई दिल्ली। राजस्थान में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर अचानक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने प्रदेशभर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की नई बुकिंग पर अस्थायी रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और सड़क किनारे खाने-पीने के स्टॉल चलाने वाले कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कंपनियों ने डिस्ट्रीब्यूटर्स को निर्देश दिया है कि फिलहाल कमर्शियल सिलेंडरों के नए ऑर्डर स्वीकार न किए जाएं।

कमर्शियल बुकिंग रोकने के निर्देश
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन फेडरेशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष दीपक गहलोत के अनुसार रविवार शाम को कंपनियों की ओर से आंतरिक एडवाइजरी जारी की गई। इसमें स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि सोमवार से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की नई बुकिंग या इंडेंट स्वीकार नहीं किए जाएं। बताया जा रहा है कि सीमित उपलब्धता के चलते कंपनियां फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता देना चाहती हैं।

हालांकि हालात ऐसे हैं कि घरेलू गैस उपभोक्ताओं को भी राहत नहीं मिल रही है। कई डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास फिलहाल सिलेंडरों का स्टॉक खत्म होने की स्थिति में है। जयपुर के एक गैस वितरक ने बताया कि उनके पास फिलहाल एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध नहीं हैं और नई सप्लाई आने में तीन से चार दिन लग सकते हैं। ऐसे में घरेलू उपभोक्ताओं को भी गैस रिफिल के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति वैश्विक ऊर्जा बाजार में आई उथल-पुथल का नतीजा है। ईरान से जुड़े अंतरराष्ट्रीय तनाव और संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ गया है। इसका असर एलपीजी की उपलब्धता और कीमतों पर भी पड़ा है। कंपनियां सीमित सप्लाई को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर घरेलू जरूरतों को पूरा करने की रणनीति पर काम कर रही हैं।

होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों की बढ़ी चिंता
कमर्शियल सिलेंडरों की बुकिंग बंद होने का सबसे ज्यादा असर होटल, रेस्टोरेंट और खानपान से जुड़े कारोबार पर पड़ने वाला है। उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि रोजमर्रा के संचालन के लिए एलपीजी उनके लिए बेहद जरूरी है। यदि सप्लाई में रुकावट जारी रही तो कारोबार पर सीधा असर पड़ेगा और ग्राहकों को सेवाएं देना मुश्किल हो जाएगा।

शादी सीजन के बीच बढ़ी मुश्किलें
इस समय प्रदेश में शादी-विवाह का सीजन चल रहा है और वीकेंड पर पर्यटन गतिविधियां भी तेज रहती हैं। ऐसे में होटल कारोबारियों की चिंता और बढ़ गई है। राजस्थान होटल फेडरेशन के सचिव रणविजय सिंह ने कहा कि यदि जल्द ही समाधान नहीं निकला तो मेहमानों की बुनियादी जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर होटल कारोबारी मंगलवार को मुख्यमंत्री से मिलने की योजना बना रहे हैं।

इंडक्शन चूल्हों की बढ़ी मांग
गैस सप्लाई में अनिश्चितता के चलते कई घरों में लोग अब वैकल्पिक इंतजामों पर विचार कर रहे हैं। कुछ परिवार अस्थायी रूप से इंडक्शन स्टोव या इलेक्ट्रिक कुकर का इस्तेमाल करने की योजना बना रहे हैं। यदि आने वाले दिनों में एलपीजी की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो प्रदेश में गैस संकट और गहरा सकता है।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस शुरू

नई दिल्ली। No confidence motion:  संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण का आज दूसरा दिन है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस अब शुरू हो गई है। पीठासीन अध्यक्ष ने चर्चा के लिए 10 घंटे का समय दिया है।

लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया। इस प्रस्ताव पर करीब 10 घंटे की बहस होगी। यह प्रस्ताव मुख्य रूप से कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों (INDIA गठबंधन) की ओर से लाया गया है।

इसमें ओम बिरला पर पक्षपातपूर्ण आचरण करने, विपक्षी सांसदों को बोलने से रोकने और सदन की कार्यवाही में निष्पक्षता न बरतने का आरोप लगाया गया है। प्रस्ताव को पेश करने वाले प्रमुख सांसदों में कांग्रेस के मोहम्मद जावेद, कोडिकुनिल सुरेश और मल्लू रवि शामिल हैं। विपक्ष ने फरवरी 2026 में ही इस प्रस्ताव का नोटिस दिया था, जिसमें लगभग 118 सांसदों के हस्ताक्षर थे।

लोकसभा में डिप्टी स्पीकर की नियुक्ति को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार ने पिछले कई वर्षों से डिप्टी स्पीकर का पद खाली रखा है, जिससे एक तरह का संवैधानिक खालीपन पैदा हो गया है।

उन्होंने कहा कि सदन को ऐसे सदस्य का चुनाव करना चाहिए जो अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाली बहस के दौरान कार्यवाही की अध्यक्षता कर सके। वहीं भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष की आपत्तियां पूरी तरह निराधार हैं और संसद की कार्यवाही तय नियमों के अनुसार चल रही है।

पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा कि स्पीकर का पद खाली नहीं है, इसलिए उन्हें कार्यवाही चलाने का अधिकार है। कई सदस्यों ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर उठाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें बाद में मौका दिया जाएगा।

लोकसभा में उपसभापति की अनुपस्थिति और सदन की कार्यप्रणाली पर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने गंभीर आरोप लगाए। स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन INDIA के लगभग 200 सांसद होने के बावजूद लोकसभा में अभी तक डिप्टी स्पीकर की नियुक्ति नहीं की गई है।

देश को यह जानना चाहिए कि सदन का संचालन कैसे हो रहा है। गोगोई ने आगे कहा कि सदन में माइक्रोफोन को हथियार बनाया जा रहा है। ट्रेजरी बेंच (सत्तापक्ष) के सदस्यों को बोलने का मौका दिया जाता है, लेकिन विपक्ष के सदस्यों, खासकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने के लिए माइक्रोफोन नहीं दिया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 बार नेता विपक्ष को नहीं बोलने दिया गया। चेयर पर बैठे जगदंबिका पाल ने इन आरोपों को सिर्फ बदनामी करार दिया, लेकिन गौरव गोगोई ने इसका खंडन करते हुए कहा कि ये महज आरोप नहीं हैं, बल्कि यही वह प्रस्ताव है जिस पर चर्चा हो रही है।

जगदंबिका पाल की अध्यक्षता पर सरकार का समर्थन
लोकसभा में स्पीकर को पद से हटाने के प्रस्ताव पर होने वाली चर्चा के दौरान जगदंबिका पाल की अध्यक्षता को सरकार का समर्थन मिला है। केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि जब स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव पेश किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में चेयरपर्सन के पैनल का कोई सदस्य सदन की अध्यक्षता कर सकता है और इसी आधार पर जगदंबिका पाल कार्यवाही चला रहे हैं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह बहस संविधान के अनुच्छेद 94 के तहत हो रही है, जिसमें लोकसभा स्पीकर को पद से हटाने का प्रस्ताव रखा गया है। नियमों के अनुसार, जब स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव चर्चा में होता है, तो स्पीकर स्वयं सदन की अध्यक्षता नहीं करते। ऐसे में डिप्टी स्पीकर या पैनल का कोई अन्य सदस्य कार्यवाही संचालित करता है।

रिजिजू की विपक्ष पर पलटवार
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष के सवालों पर तीखा पलटवार करते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि पुरानी संसद में एक बार हम लोग ‘अफजल गुरू को फांसी देना है’ का नारा लगाते हुए बीच में चले गए थे। उस वक्त हमारे नेता प्रतिपक्ष लाल कृष्ण आडवाणी ने हमें बहुत डांटा था और अपनी जगह से प्रोटेस्ट करने को कहा था। ये 2004 का नवंबर था। आज तो सभी लोग प्रधानमंत्री जी के आगे आ जाते हैं।

किरेन रिजिजू ने कहा कि कुछ लोग खुद को संविधान के ऊपर समझते हैं। खुद को ज्यादा ज्ञानी समझते हैं। राहुल गांधी ने कहा था कि मुझे इस सदन में बोलने नहीं दिया जाता। कांग्रेस में कई सीनियर लीडर हैं। उन्होंने राहुल को क्यों नहीं समझाया है। सदन में बोलने के लिए स्पीकर की परमिशन की जरूरत है। उसके बिना नहीं बोल सकते हैं। आप अपने आपको स्पीकर से बड़ा समझेंगे तो ये गलत है।

संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि हमें गर्व है कि हम उस लोकसभा के सदस्य हैं, जिसके स्पीकर ओम बिरला हैं। 64 देशों का फ्रेंडशिप ग्रुप बनाया है, इसकी अध्यक्षा ओम बिरला कर रहे हैं। पीएम मोदी का मार्गदर्शन है। विपक्ष ने निजी टिप्पणी की है। 18वीं लोकसभा में 93% से ज्यादा प्रोडक्टिविटी है। 321 सवाल पूछने का मौका सत्ता पक्ष को दिए हैं। 362 सवाल पूछने का मौका विपक्ष को दिया है स्पीकर सर ने।

64 देशों के फ्रेंडशिप ग्रुप के अध्यक्ष हैं बिरला
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि हमें गर्व है कि हम उस लोकसभा के सदस्य हैं, जिसके स्पीकर ओम बिरला हैं। 64 देशों का फ्रेंडशिप ग्रुप बनाया है, इसकी अध्यक्षता ओम बिरला कर रहे हैं। पीएम मोदी का मार्गदर्शन है। विपक्ष ने निजी टिप्पणी की है। 18वीं लोकसभा में 93% से ज्यादा प्रोडक्टिविटी है। 321 सवाल पूछने का मौका सत्ता पक्ष को दिए हैं। 362 सवाल पूछने का मौका विपक्ष को दिया है स्पीकर सर ने।

केंद्र कोविड वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स के लिए मुआवजा नीति बनाए, SC का आदेश

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र को कोविड-19 वैक्सीनेशन के बाद होने वाले गंभीर साइड इफेक्ट्स के लिए नो-फॉल्ट मुआवजा नीति बनाने का निर्देश दिया है।

जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि वैक्सीनेशन के बाद होने वाली साइड इफेक्ट्स की मॉनिटरिंग के लिए मौजूदा सिस्टम जारी रहेगा।

जस्टिस नाथ ने फैसला सुनाते हुए कहा, “टीकाकरण के बाद होने वाले साइड इफेक्ट्स के साइंटिफिक असेसमेंट के मौजूदा सिस्टम को देखते हुए कोर्ट द्वारा नियुक्त किसी अलग एक्सपर्ट बॉडी की जरूरत नहीं समझी जाती है।” बेंच ने साफ किया कि उसका फैसला किसी भी व्यक्ति को कानून में मौजूद दूसरे उपायों को अपनाने से नहीं रोकेगा।

कोर्ट ने और क्या कहा
कोर्ट ने कहा, “इसी तरह नो-फॉल्ट फ्रेमवर्क बनाने का मतलब यह नहीं निकाला जाएगा कि भारत संघ या किसी दूसरे प्राधिकरण ने अपनी जिम्मेदारी या गलती मान ली है।”

क्या है मामला
टॉप कोर्ट ने उन याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाया, जिनमें यह आरोप भी था कि 2021 में कोविशील्ड वैक्सीन की पहली डोज लेने के बाद दो महिलाओं की जान चली गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि वैक्सीनेशन के बाद दोनों को गंभीर साइड इफेक्ट हुए थे।

LPG सिलेंडरों की किल्लत के बाद सरकार ने देश में लगाया एस्मा

नई दिल्ली। LPG Crisis : देश में एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई में कमी आ गई है। ईरान में चल रही जंग के चलते ऐसी स्थिति पैदा हुई है। इससे निपटने के लिए मंगलवार को सरकार ने एस्मा लागू कर दिया। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि घरेलू गैस सिलेंडरों की कमी ना रहे।

इसके अलावा रिफाइनरीज को केंद्र सरकार ने आदेश दिया है कि वे एलपीजी का उत्पादन बढ़ा दें। इसके अलावा कॉर्मशियल सिलेंडरों की बजाय घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई में इजाफा किया जाए। सरकार ने अपने आदेश में बताया है कि किन सेक्टरों को 100 फीसदी सप्लाई जारी रहेगी और उसमें किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी।

आदेश के अनुसार सरकार ने कुछ सेक्टरों को प्राथमिकता में रखने को कहा है। इन्हें 100 फीसदी सप्लाई जारी रहेगी और किसी भी तरह की कटौती नहीं की जाएगी। इन सेक्टरों में पीएनजी, सीएनजी, एलपीजी और अन्य पाइपलाइन सेवाएं शामिल हैं।

आदेश में कहा गया है कि फर्टिलाइजर प्लांट्स को उनको होती रही सप्लाई का 70 फीसदी हिस्सा दिया जाए। इसके अलावा चाय उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग और अन्य औद्योगिक संस्थानों को भी उनके कोटे की 80 फीसदी तक सप्लाई जारी रखने का आदेश दिया गया है।

गैस डिस्ट्रिब्यूशन करने वाली कंपनियों से कहा गया है कि वे कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल जरूरतों के लिए 80 फीसदी तक गैस सप्लाई जारी रखें। इसके अलावा आदेश दिया गया है कि रिफाइनिंग कंपनियां उत्पादन में तेजी लाएं।

इसके अलावा एलपीजी की सप्लाई घरेलू सिलेंडरों के इस्तेमाल के लिए पहले की तरह जारी रखने को कहा गया है। सरकार का कहना है कि इस आदेश को सख्ती से लागू किया जाए। उत्पादन से लेकर ट्रांसपोर्ट तक में किसी तरह की कमी नहीं आनी चाहिए।

क्या है एस्मा
आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (Essential Commodities Act, 1955) जरूरी वस्तुओं के उत्पादन, आपूर्ति और वितरण को नियंत्रित करता है। इस कानून के जरिए जमाखोरी और कालाबाजारी को रोककर कीमतों को काबू में रखा जाता है। इसके तहत सरकार स्टॉक सीमा तय कर सकती है। आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत उल्लंघन करने पर अपराधी को 3 महीने से लेकर 7 साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं। यह कानून जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त सजा का प्रावधान करता है, जिसमें खाद्य पदार्थों से जुड़े अपराधों में कम से कम 3 महीने की अनिवार्य सजा हो सकती है।

घरेलू गैस सिलेंडरों की बुकिंग 25 दिन में
यही नहीं गैस सिलेंडरों की बुकिंग के लिए सरकार ने 25 दिन की तय सीमा भी लागू कर दी है। इसके तहत यदि आपने एक सिलेंडर ले लिया है तो अगले की बुकिंग 25 दिन के बाद ही कर पाएंगे। कुछ अरसे से ऐसी सीमा खत्म हो गई थी, लेकिन इसे लागू कर दिया गया है।

सोने में तूफानी तेजी, चांदी 12774 रुपये महंगी हुई, जानें आज का भाव

नई दिल्ली। Gold Silver Price Today : सर्राफा बाजार में मंगलवार 10 मार्च को को सोने-चांदी के रेट में बंपर तेजी दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार 999 प्यूरिटी वाला सोना 160436 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर आ मिल रहा है।

इससे पहले बीते मंगलवार को इसकी कीमत 158674 रुपये थी। यानी आज यह 1,762 रुपये महंगा हुआ है। 995 प्यूरिटी वाले के गोल्ड के भाव की बात करें तो आज यह 159794 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है और इसमें 1,755 रुपये की तेजी देखी गई है। बता दें कि सोमवार को इसकी कीमत 158039 रुपये थी।

वहीं, 916 प्यूरिटी वाला गोल्ड आज 146959 रुपये प्रति 10 गाम के भाव पर बिक रहा है। इसका पिछला बंद प्राइस 145345 रुपये प्रति 10 ग्राम था। यानी आज यह 1,614 रुपये महंगा हुआ है। वहीं, bullions.co.in के मुताबिक, आज 24 कैरेट के सोने के दाम में 1729 रुपये की बड़ी तेजी देखी गई है और यह 162,720 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है।

अगर चांदी की कीमत की बात करें तो आज एक किलो चांदी की कीमत 272830 रुपये है। इससे पहले बीते सोमवार को यह 260056 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रही थी। यानी आज चांदी के दाम में 12,774 रुपये प्रति किलो की बंपर तेजी देखी गई है। वहीं, बुलियंस.को पर चांदी 277,640 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रही है। इसमें 9720रुपये की तेजी दर्ज की गई है। बता दें कि आईबीजेए दिन में दो बार सोने- चांदी के रेट जारी करता है।