Thursday, July 16, 2026
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iQOO का नया फोन 7200mAh बैटरी और 50MP कैमरा के साथ लॉन्च, जानें कीमत

नई दिल्ली। Vivo से जुड़े ब्रैंड iQOO ने भारतीय बाजार में अपना नया स्मार्टफोन iQOO Z11x लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस डिवाइस को खासतौर पर कॉलेज जाने वाले स्टूडेंट्स और युवा यूजर्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया है।

यह स्मार्टफोन दमदार बैटरी, तेज प्रोसेसर और AI फीचर्स के साथ पेश किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका दमदार प्रोसेसर है। यह स्मार्टफोन MediaTek Dimensity 7400‑Turbo चिपसेट से लैस है।

iQOO Z11x में 7200mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जिसे इस सेगमेंट की सबसे बड़ी बैटरी बताया जा रहा है। इतनी बड़ी बैटरी के साथ यूजर्स पूरे दिन फोन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके साथ 44W FlashCharge सपोर्ट दिया गया है, जिससे फोन तेजी से चार्ज हो जाता है। कंपनी का दावा है कि इस फोन की बैटरी हेल्थ लगभग 6 साल तक बेहतर बनी रह सकती है, जो लंबे समय तक भरोसेमंद यूजेस ऑफर करती है।

डिजाइन और मजबूती के मामले में भी यह स्मार्टफोन कई खास फीचर्स के साथ आता है। iQOO Z11x में IP68 और IP69+ रेटिंग दी गई है, जिससे यह धूल और पानी से सुरक्षित रहता है। इसके अलावा इसमें मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी भी दी गई है, जो इसे रोजमर्रा के उपयोग में ज्यादा टिकाऊ बनाती है। कंपनी ने इसे ऐसे यूजर्स के लिए डिजाइन किया है, जो अपने फोन का इस्तेमाल दिनभर अलग-अलग परिस्थितियों में करते हैं।

फोटोग्राफी के लिए इस स्मार्टफोन में 50MP का Sony AI-powered मेन कैमरा दिया गया है, जो बेहतर फोटो और वीडियो कैप्चर करने में मदद करता है। खास बात यह है कि इस फोन के फ्रंट और रियर दोनों कैमरों से 4K वीडियो रिकॉर्डिंग की जा सकती है। iQOO Z11x में नया OriginOS 6 ऑपरेटिंग सिस्टम दिया गया है। यह सिस्टम कई AI-आधारित फीचर्स के साथ आता है, जो फोन के इस्तेमाल को ज्यादा स्मार्ट और पर्सनलाइज्ड बनाते हैं।

कंपनी का कहना है कि यह ऑपरेटिंग सिस्टम लंबे समय तक स्मूद परफॉर्मेंस देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसके साथ ही स्मार्टफोन में 2 साल के OS अपडेट और 4 साल के सिक्योरिटी अपडेट भी मिलेंगे।

ये रही कीमत और ऑफर्स
कीमत की बात करें तो iQOO Z11x को भारत में तीन वेरिएंट में लॉन्च किया गया है। इसका 6GB + 128GB वेरिएंट 18,999 रुपये में उपलब्ध है, जबकि ऑफर्स के साथ इसका इफेक्टिव प्राइस 17,499 रुपये हो जाता है।

वहीं 8GB + 128GB वेरिएंट 20,999 रुपये और 8GB + 256GB वेरिएंट 22,999 रुपये में लॉन्च किया गया है। बैंक ऑफर्स के बाद इनकी कीमत क्रम से 18,999 रुपये और 20,999 रुपये रह जाती है।

फोन Prismatic Green और Titan Black जैसे दो कलर ऑप्शन में उपलब्ध होगा। इसकी बिक्री 16 मार्च 2026 को दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। ग्राहक इसे Amazon, iQOO की आधिकारिक वेबसाइट, चुनिंदा vivo एक्सक्लूसिव स्टोर्स और अन्य रिटेल आउटलेट्स से खरीद सकेंगे। लॉन्च ऑफर्स के तहत SBI और Axis बैंक क्रेडिट कार्ड पर 2000 रुपये तक का इंस्टेंट डिस्काउंट और 6 महीने तक नो-कॉस्ट EMI का विकल्प भी दिया जा रहा है।

TVS का सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर ऑर्बिटर V1 लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स

नई दिल्ली। देश की नंबर-1 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी TVS मोटर्स ने ऑर्बिटर का एक नया वैरिएंट पेश किया है। कंपनी ने इसे ऑर्बिटर V1 का नाम दिया है। यह स्कूटर छोटी 1.8kWh बैटरी से चलता है।

अब यह ब्रांड के EV लाइन-अप में सबसे सस्ता ऑप्शन है। वहीं, कंपनी ने अपने EV पोर्टफोलियो में बैटरी-एज-ए-सर्विस (BaaS) भी शुरू किया है, जिससे कस्टमर्स को एक नया और फ्लेक्सिबल ओनरशिप मॉडल मिला है। ऑर्बिटर V1 बैटरी-एज-ए-सर्विस के साथ इसकी एक्स-शोरूम कीमत 49,999 रुपए (PM ई-ड्राइव सहित) से शुरू होती है।

TVS ऑर्बिटर V1 में 1.8kWh बैटरी पैक है जो 86km की IDC रेंज देता है। ओरिजिनल ऑर्बिटर जिसे अब ऑर्बिटर V2 कहा जाता है, वो 3.1kWh बैटरी के साथ आता है जिसकी IDC रेंज 158km है। हालांकि, छोटे बैटरी पैक का मतलब है कि रेंज का आंकड़ा काफी कम है। इसका मतलब यह भी है कि चार्जिंग टाइम कम हो गया है। इसे 0-80% चार्ज होने में 2 घंटे और 20 मिनट लगेंगे। जबकि ऑर्बिटर V2 की बैटरी को चार्ज होने में 4 घंटे और 10 मिनट लगते हैं।

ऑर्बिटर V1 में जो कुछ भी है, वह ऑर्बिटर V2 से बिना किसी बदलाव के लिया गया लगता है। इसमें 14-इंच का फ्रंट और 12-इंच का रियर व्हील सेटअप, LCD क्लस्टर शामिल है, जो एक मोबाइल ऐप के साथ, टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन, ओवर-द-एयर अपडेट और सेफ्टी अलर्ट देता है, जिसमें एंटी-थेफ्ट, क्रैश और जियो-फेंसिंग नोटिफिकेशन शामिल हैं। वहीं, इसमें ईको और पावर मोड, हिल-होल्ड असिस्ट, पार्किंग असिस्ट (रिवर्स फंक्शन) और क्रूज कंट्रोल का एक्सेस भी है। इसमें 845mm लंबी फ्लैट सीट और 34 लीटर का अंडरसीट स्टोरेज भी एक जैसा है।

टेक्नोलॉजी और कनेक्टिविटी

  • प्रोएक्टिव सेफ्टी: क्रैश, फॉल, एंटी-थेफ्ट, जियो-फेंसिंग, और टाइम-फेंसिंग अलर्ट
  • ऑलवेज कंट्रोल: मोबाइल ऐप से दूर से बैटरी चार्ज और ओडोमीटर चेक करें
  • स्मार्ट नेविगेशन: कस्टमाइजेबल सेटिंग्स के साथ टर्न-बाय-टर्न गाइडेंस
  • कनेक्टेड रहें: LCD डिजिटल क्लस्टर पर कॉल, SMS, और पर्सनलाइज्ड अलर्ट
  • राइडर कॉन्फिडेंस: हिल होल्ड असिस्ट, क्रूज कंट्रोल और पार्किंग असिस्ट
  • हमेशा अप-टू-डेट: आसान OTA अपडेट
  • डुअल राइड मोड: रेंज और सेफ्टी के लिए रीजेनरेटिव ब्रेकिंग के साथ इको और पावर

15000 रुपए सस्ता
TVS ने अपने EV स्कूटर पोर्टफोलियो में बैटरी-एज-ए-सर्विस (BaaS) ऑप्शन भी पेश किया है, जिससे कस्टमर बैटरी की पूरी कीमत पहले देने के बजाय बैटरी के इस्तेमाल के लिए सब्सक्राइब कर सकते हैं। TVS का कहना है कि प्लान 862 रुपए प्रति महीने (3 साल से ज्यादा) से शुरू होते हैं, और सब्सक्रिप्शन में 5 साल या 70,000km तक की एक्सटेंडेड वारंटी और अनलिमिटेड मंथली इस्तेमाल शामिल है। जो कस्टमर्स बिना BaaS वाले TVS ऑर्बिटर V1 को लेते हैं उन्हें 84,500 रुपए (एक्स-शोरूम) खर्च करने होंगे। ये ऑर्बिटर V2 से लगभग 15,000 रुपए सस्ता है।

Mustard: सरसों का उत्पादन 133 लाख टन से ज्यादा होने का अनुमान

नई दिल्ली। Mustard Production: केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने दूसरा अग्रिम अनुमान जारी किया है उससे पता चलता है कि सरसों की पैदावार में 7 लाख टन से ज्यादा की वृद्धि हो सकती है। नई फसल की कटाई पहले ही शुरू हो चुकी है।

मंत्रालय के मुताबिक 2025-26 के मौजूदा रबी सीजन में सरसों का घरेलू उत्पादन बढ़कर 133.31 लाख टन पर पहुंच सकता है जो 2024-25 सीजन के उत्पादन 126.67 लाख टन से ज्यादा मगर 139 लाख टन के नियत लक्ष्य से कम है।

मंत्रालय के अनुसार इससे पूर्व सरसों का घरेलू उत्पादन 2023-24 के सीजन में 132.59 लाख टन, 2022-23 में 126.43 लाख टन और 2021-22 के सीजन में 119.63 लाख टन दर्ज किया गया था। उल्लेखनीय है कि उद्योग-व्यापार क्षेत्र का सरसों उत्पादन आंकड़ा सरकारी अनुमान से छोटा होता है।

सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पिछले साल के 5950 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर इस बार 6200 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में नई सरसों की जोरदार आवक हो रही है और सरकारी खरीद के अभाव में इसकी कीमतों पर दबाव पड़ने लगा है। इससे किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। मार्च माह के दौरान देश भर की मंडियों में 10 लाख टन से ज्यादा सरसों आ सकती है।

हालांकि रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहन फसल- सरसों के उत्पादन का व्यापारिक आंकड़ा 14-15 मार्च को भरतपुर में आयोजित होने वाले तिलहन-तेल सेमिनार में आमने आएगा।

Stock Market: सेंसेक्स 829 अंक टूटकर 76034 पर बंद, निफ्टी 23700 के नीचे

नई दिल्ली। Stock Market Closed 12 March 2026: भारतीय शेयर बाजार गुरुवार 12 मार्च 2026 को लाल निशान पर बंद हुआ। बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी में करीब एक प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 829.29 अंक या 1.08 प्रतिशत गिरकर 76,034.42 पर बंद हुआ। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 227.70 अंक या 0.95 प्रतिशत गिरकर 23,639.15 पर बंद हुआ।

तेल की कीमतों में अस्थिरता से निवेशकों की जोखिम लेने की प्रवृत्ति पर लगातार नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 8 प्रतिशत से जायदा बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। इससे निवेशकों की बैचनी और बढ़ गई। वहीं, आईईए ने कहा है कि ईरान युद्ध के कारण तेल बाजार में अब तक की सबसे बड़ी उथल-पुथल मची है। इस खबर का बाजार के सेंटीमेंट्स पर नेगेटिव असर पड़ा।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 76,369 अंक पर खुला। खुलते ही इंडेक्स में गिरावट बढ़ गई। कारोबार के दौरान यह 75,871 अंक तक फिसल गया था। अंत में 829.29 अंक या 1.08 प्रतिशत की गिरावट लेकर 76,034.42 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी गिरावट के साथ 23,674.85 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 23,556 अंक के इंट्रा-डे लो तक गया। अंत में 227.70 अंक या 0.95 प्रतिशत गिरकर 23,639 पर बंद हुआ।

जेईई मेन 2026 सेशन 2 के लिए आवेदन विंडो हुई ओपन, कल आखिरी तारीख

नई दिल्ली। JEE Main 2026 Session 2: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने उन छात्रों को एक बार फिर राहत दी है जो तकनीकी कारणों या किसी अन्य वजह से जेईई मेन 2026 (JEE Main 2026) के दूसरे सत्र के लिए आवेदन नहीं कर पाए थे।

एनटीए ने घोषणा की है कि सेशन 2 के लिए ऑनलाइन आवेदन की विंडो एक बार फिर से खोल दी गई है। यह उन उम्मीदवारों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो देश के प्रतिष्ठित आईआईटी (IIT), एनआईटी (NIT) और अन्य तकनीकी संस्थानों में एडमिशन पाना चाहते हैं।

इच्छुक और पात्र उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन और आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण तिथियां और समय सीमा
एनटीए के आधिकारिक नोटिस के अनुसार, यह सुविधा बहुत ही सीमित समय के लिए उपलब्ध कराई गई है। एनटीए ने स्पष्ट किया है कि यह आवेदन का अंतिम अवसर हो सकता है, इसलिए छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय की तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए जल्द से जल्द अपना फॉर्म सबमिट कर दें।

  • विंडो खुलने की तिथि: 12 मार्च 2026 से
  • आवेदन की अंतिम तिथि: 13 मार्च 2026 (रात 9 बजे तक)
  • आवेदन शुल्क भुगतान: उम्मीदवारों को निर्धारित समय के भीतर ऑनलाइन मोड (क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग या यूपीआई) के माध्यम से परीक्षा शुल्क जमा करना होगा।

क्यों जरूरी है सत्र-2 का आवेदन
जेईई मेन सत्र-2 उन छात्रों के लिए एक दूसरा और महत्वपूर्ण अवसर है जो अपनी रैंक में सुधार करना चाहते हैं या सत्र-1 की परीक्षा में किसी कारणवश बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। यह परीक्षा न केवल आईआईटी (IITs) और एनआईटी (NITs) जैसे टॉप संस्थानों में प्रवेश के लिए जेईई एडवांस्ड हेतु पात्रता निर्धारित करती है, बल्कि यह देश के कई अन्य केंद्रीय और तकनीकी विश्वविद्यालयों में दाखिले का आधार भी है।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का तरीका
आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है। उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके अपना फॉर्म भर सकते हैं:

  1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.ac.in पर जाएं।
  2. होमपेज पर दिए गए ‘JEE Main 2026 Session 2 Registration’ लिंक पर क्लिक करें।
  3. यदि आपने पहले रजिस्ट्रेशन नहीं किया है, तो ‘New Registration’ पर जाएं। यदि आप पहले से रजिस्टर्ड हैं, तो सीधे अपने एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड से लॉग-इन करें।
  4. आवेदन फॉर्म में अपनी शैक्षणिक योग्यता, व्यक्तिगत विवरण और परीक्षा केंद्र का चुनाव सावधानीपूर्वक भरें।
  5. अपनी नई फोटो और फोटो स्कैन करके अपलोड करें।
  6. अंत में, निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड के माध्यम से करें।
  7. फॉर्म सबमिट करने के बाद उसका एक प्रिंटआउट अपने पास संभाल कर रखें, क्योंकि इसकी आवश्यकता काउंसलिंग के दौरान पड़ सकती है।

महत्वपूर्ण सुझाव और सावधानियां
एनटीए ने स्पष्ट किया है कि आवेदन फॉर्म भरते समय मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी वही दें, जिसे आप पूरी एडमिशन प्रक्रिया के दौरान उपयोग कर सकें। गलत जानकारी भरने या अधूरा फॉर्म सबमिट करने पर आवेदन रद्द किया जा सकता है। परीक्षा से जुड़ी किसी भी अपडेट के लिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे सोशल मीडिया की अफवाहों के बजाय केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही नजर रखें। यदि आवेदन प्रक्रिया के दौरान तकनीकी समस्या आती है, तो आप एनटीए के हेल्पडेस्क पर ईमेल या फोन के जरिए संपर्क कर सकते हैं। समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी स्थिति में आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

तैयारी के लिए शेष समय का उपयोग
सत्र-2 की परीक्षा आने वाले अप्रैल 2026 महीने में आयोजित होने वाली है। जिन छात्रों ने सत्र-1 दिया है, वे अपनी पिछली गलतियों का विश्लेषण करें और कमजोर विषयों पर अधिक ध्यान दें। पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास और मॉक टेस्ट देना आपकी तैयारी को मजबूती देगा।

अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद बोले ओम बिरला, सदन से ऊपर नहीं हैं नेता प्रतिपक्ष

नई दिल्ली। लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला पर विपक्ष के द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। इसपर दो दिनों तक सुनवाई हुई। इसके बाद संसद ने इसे ध्वनि मत से खारिज कर दिया। इसके बाद आज उन्होंने पहली बार संसद को संबोधित किया।

इस दौरान उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सही नहीं है, उन्होंने सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, सभी को बराबर मौका दिया। उन्होंने कहा कि जब कोई सांसद संसद की मर्यादा को भंग करते हैं तो तब उन्हें कठोर कदम उठाते हैं।

आपको बता दें कि ओम बिरला इस पूरे अविश्वास प्रस्ताव की कार्रवाई के दौरान खुद को स्पीकर की कुर्सी से दूर रखा था। आज जब वह बोल रहे थे तो उन्होंने हर उन आरोपों के जवाब देने की कोशिश की, जो उनके खिलाफ लगाए गए थे।

ओम बिरला ने कहा, ‘सबको बराबर बोलने का मौका दिया। अविश्वास प्रस्ताव पर दो दिनों तक चर्चा हुई। यह 140 करोड़ जनता का सदन है। सदन को नियमों से चलाने की कोशिश की। निष्पक्षता का ध्यान रखा। मेरे पर विपक्ष की आवाज दबाने के आरोप लगे।

संसदीय व्यवस्था में मेरा अटूट भरोसा रहा है। सदन में सहमति और असहमति की परंपरा रही है। मैंने प्रत्येक सदस्य की बात को गंभीरता से सुना। मैं समर्थन और आलोचना करने वाले सभी सांसदों का आभार प्रकट करता हूं। यह आसन किसी व्यक्ति का नहीं है।’

निष्पक्षता से चलाया संसद
अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने कहा, मैंने हमेशा यह प्रयास किया है कि लोकसभा में प्रत्येक सदस्य नियमों के अनुसार अपने विचार रखें, इसके लिए सभी को समय देने का प्रयास किया है। मैंने हमेशा यह प्रयास किया कि सदन की कार्यवाही निष्पक्षता, अनुशासन, संतुलन और नियमों के साथ संचालित हो। मैंने अपने नैतिक कर्तव्य का पालन करते हुए अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिए जाने के साथ ही लोकसभा की कार्यवाही के संचालन से खुद को अलग कर लिया।

सदन से ऊपर नहीं नेता प्रतिपक्ष
ओम बिरला ने कहा, ”कुछ सदस्यों का मानना था कि नेता प्रतिपक्ष सदन से ऊपर हैं और किसी भी विषय पर बोल सकते हैं, लेकिन ऐसा विशेषाधिकार किसी को नहीं है और चाहे प्रधानमंत्री हों, मंत्री हों, विपक्ष के नेता हों या अन्य सदस्य, सभी को नियम के अनुसार ही बोलने का अधिकार है। ये नियम सदन ने ही बनाए हैं और मुझे विरासत में मिले हैं।”

स्पीकर ने कहा कि सदन द्वारा मुझ पर व्यक्त किए गए विश्वास के लिए सभी का आभार व्यक्त करता हूं, इस विश्वास को अपनी जिम्मेदारी मानते हुए पूरी निष्ठा, निष्पक्षता और संवैधानिक मर्यादा के साथ निभाऊंगा।

Crude Oil: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते भारत पहुंचा कच्चे तेल से भरा जहाज

नई दिल्ली। Crude Oil Import: अमेरिका-इजरायल और ईरान जंग शुरू होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते तेल से भरा पहला टैंकर भारत पहुंचा है। सऊदी अरब का कच्चा तेल ले जा रहा लाइबेरिया के झंडे वाला एक टैंकर मुंबई पोर्ट पर पहुंचा है। इसे भारतीय चला रहा था।

यह भारत आने वाला पहला जहाज़ है जो सुरक्षित रूप से इस रास्ते से गुज़रा है, जहां अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमला करने के बाद से समुद्री आवाजाही लगभग बंद हो गई है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक लाइबेरिया के झंडे वाला शेनलॉन्ग स्वेज़मैक्स 1 मार्च को सऊदी पोर्ट रास तनुरा से कच्चा तेल भर करके दो दिन बाद रवाना हुआ। मैरीटाइम डेटा फर्म लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस और टैंकरट्रैकर्स के मुताबिक, इसकी आखिरी सिग्नल लोकेशन 8 मार्च को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के अंदर थी।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान की पहरेदारी
यह जहाज ऐसे समय भारत पहुंचा है जब ईरान ने कई मर्चेंट शिप पर हमला किया है और चीन जाने वाले शिप के अलावा किसी और को वॉटर चैनल से तेल नहीं जाने देने की धमकी दी है। इससे दुनिया के सबसे जरूरी ट्रेड रूट में से एक बंद हो गया है। दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा क्रूड ऑयल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरता है।

बड़ी सावधानी के साथ मुंबई पहुंचा जहाज
इस मामले से जुड़े एक शख्स ने बताया कि मुंबई की तरफ जा रहा यह जहां बड़ी सावधानी से चल रहा था। जहाज ने खतरनाक रास्ते पर चलते समय पता लगने से बचने के लिए अपने ट्रांसपोंडर और AIS यानी ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम को बंद कर दिया था। इससे जहाज को ट्रैक नहीं किया जा सका।

जहाज से तेल उतारने का काम शुरू
पोर्ट अधिकारियों ने बताया कि जहाज बुधवार दोपहर 1 बजे मुंबई पोर्ट पर पहुंचा और शाम 6.06 बजे उसे खाली किया गया। मुंबई पोर्ट अथॉरिटी (MbPA) के डिप्टी कंजर्वेटर प्रवीण सिंह ने कहा, “जहाज शेनलॉन्ग 1,35,335 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर आया है। यह जवाहर द्वीप पर रोका गया है। जहाज से कच्चा माल उतारना शुरू कर दिया गया है।” कच्चा तेल पूर्वी मुंबई में माहुल की रिफाइनरियों में जाएगा।

UNSC में ईरान के खिलाफ उतरा भारत तो 135 देशों ने किया समर्थन

न्यूयॉर्क। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में उस प्रस्ताव को स्पॉन्सर किया है, जिसमें खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों और जॉर्डन पर ईरान द्वारा किए गए भयानक हमलों की कड़ी निंदा की गई है। इस प्रस्ताव में ईरान से सभी हमलों को तुरंत रोकने की मांग की गई है और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की उसकी धमकियों की आलोचना की गई है।

15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद ने बुधवार को इस प्रस्ताव को अपनाया। इसके पक्ष में 13 वोट पड़े और विरोध में शून्य। वीटो शक्ति वाले स्थायी सदस्य चीन और रूस ने मतदान से दूरी बनाए रखी। वर्तमान में UNSC की अध्यक्षता अमेरिका के पास है।

सह-प्रायोजक देश: बहरीन के नेतृत्व वाले इस प्रस्ताव का कुल 135 देशों ने सह-प्रायोजन किया। इनमें भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान, पाकिस्तान, सऊदी अरब, यूएई, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे कई प्रमुख देश शामिल हैं। इन देशों ने यूएन में खुलकर ईरान की ‘दादागिरी’ के खिलाफ आवाज उठाई है।

प्रस्ताव में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और जॉर्डन की क्षेत्रीय अखंडता, संप्रभुता और राजनीतिक स्वतंत्रता का पुरजोर समर्थन किया गया है। इन देशों पर ईरान के हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और वैश्विक शांति व सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बताया गया है।

ईरान से मांग की गई है कि वह GCC देशों और जॉर्डन के खिलाफ अपने हमले तुरंत बंद करे और प्रॉक्सी (छद्म गुटों) के इस्तेमाल सहित सभी उकसावे वाली कार्रवाइयों को बिना किसी शर्त के रोके। प्रस्ताव में अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन अधिकारों का सम्मान करने पर जोर दिया गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने या बाब अल-मंडेब में समुद्री सुरक्षा को खतरे में डालने वाली ईरान की किसी भी धमकी या कार्रवाई की निंदा की गई है।

रिहायशी इलाकों और नागरिक संपत्तियों पर हुए हमलों, और उसके परिणामस्वरूप हुई नागरिकों की मौत की भी निंदा की गई। ईरान से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत अपने दायित्वों का पालन करने का आग्रह किया गया है।

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी प्रतिनिधि राजदूत माइक वाल्ट्ज ने इस प्रस्ताव के पारित होने को ईरान की क्रूरता के खिलाफ खाड़ी देशों का स्पष्ट और कड़ा संदेश बताया। उन्होंने कहा कि ईरानी शासन नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है, जो निंदनीय है। वाल्ट्ज ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जिक्र करते हुए कहा कि ट्रंप और उनकी टीम ने कूटनीतिक बातचीत के हर संभव प्रयास किए और शांति चाही। लेकिन ईरान ने केवल मिसाइलें, ड्रोन और परमाणु हथियारों का रास्ता चुना।

वाल्ट्ज ने चेतावनी देते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने यहां अपनी ‘रेड लाइन’ खींच दी है। ईरान ने इसे एक बार फिर पार किया है, और अब उसे दुनिया के सामने परिणामों का सामना करना पड़ रहा है।

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत अमीर सईद इरावनी ने सुरक्षा परिषद की इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण, गैरकानूनी और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि गलतफहमी में न रहें: आज यह ईरान है; कल कोई भी अन्य संप्रभु देश हो सकता है। इरावनी ने दावा किया कि 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद से अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमलों में भारी तबाही हुई है। उनके अनुसार 1348 से अधिक नागरिक मारे गए हैं (जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं)। 17,000 से अधिक नागरिक घायल हुए हैं।

19734 नागरिक स्थलों (जिसमें 16,191 घर, अस्पताल, स्कूल और ऊर्जा ढांचा शामिल है) को नष्ट या क्षतिग्रस्त किया गया है। उन्होंने इन हमलों को युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध करार दिया।

ईरानी दूत ने कहा कि उनके रक्षात्मक अभियान केवल क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं, न कि क्षेत्रीय देशों की संप्रभुता को। उन्होंने इसका ठीकरा इज़राइल पर फोड़ते हुए कहा कि इज़राइल ने अमेरिका को एक क्षेत्रीय संघर्ष में खींच लिया है।

ईरान के हमले में अमेरिकी तेल टैंकर बना आग का गोला, सुसाइड बोट से मारी टक्कर

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हमलों के चलते कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर के पार

न्यूयार्क। ईरान ने एक अमेरिकी तेल टैंकर पर हमला किया है, जिसमें एक भारतीय नागरिक की मौत की खबर है। ईरान ने यह एक सुसाइड बोट की मदद से किया है।

यह हमला इराक के पास हुआ। सेफसी विष्णु (Safesea Vishnu) नाम का यह तेल टैंकर खोर अल जुबैर पोर्ट जा रहा था। इसी दौरान इस पर हमला हुआ। यह इलाका इराक की ही जल सीमा में आता है। यह शायद पहला वाकया है, जब ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग में किसी भारतीय की मौत हुई है। कल एक भारतीय के दुबई में ड्रोन अटैक के चलते जख्मी होने की खबर भी आई थी।

तेल टैंकर पर हमले में मारे गए भारतीय का नाम अब तक सामने नहीं आया है। सूत्रों का कहना है कि इस तेल टैंकर में कुल 28 लोग सवार थे। एक भारतीय की मौत हो गई है। इसके अलावा 27 क्रू मेंबरों और अन्य कर्मचारियों को बसरा में सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है।

अब तक मिली जानकारी के अनुसार ईरान ने कुल दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया, जिनमें से एक सेफसी विष्णु में सवार भारतीय की मौत हुई है। इस मामले में तेल टैंकर का संचालने करने वाली कंपनी का बयान भी आया है, उसने भारतीय नागरिक के मारे जाने पर दुख जाहिर किया है।

इसके अलावा भारत सरकार से भी कंपनी ने अपील की है कि वह हमले की निंदा करे। तेल टैंकर और जहाजों में सवार लोगों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाए।

दरअसल भारत के लिए चिंता की बात इसलिए है क्योंकि समंदर में चलने वाले सभी जहाजों में सवार लोगों में लगभग 15 फीसदी भारतीय ही होते हैं। ऐसे में ईरान के हमलों में भारतीयों के भी निशाना बनने की आशंकाएं हैं। यह स्थिति खतरनाक है क्योंकि ईरान लगातार हमले कर रहा है। एक तरफ वह इराक तक अटैक कर रहा है तो वहीं स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी वह ऐक्टिव है। उसका कहना है कि इस अहम गलियारे से वह तेल की एक बूंद की भी सप्लाई नहीं होने देगा।

बता दें कि ईरान के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हमलों के चलते कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर के पार फिर से पहुंच गई है। इसके अलावा सप्लाई का संकट पैदा होने से भारत समेत कई देशों में एलपीजी की भी किल्लत देखी जा रही है।

हालात ऐसे हैं कि कच्चे तेल की कीमत वैश्विक बाजार में 200 डॉलर प्रति बैरल तक जाने की चर्चाएं हैं। यही नहीं शेयर बाजारों में लगातार मंदी का दौर जारी है। जानकारों को लगता है कि यदि युद्ध नहीं थमा तो निवेशकों का भरोसा कायम नहीं होगा और बाजार ऐसे ही लुढ़कते रहेंगे। आज भी भारत का बीएसई सेंसेक्स करीब 1000 अंकों की गिरावट के साथ खुला है।

यूएस-ईरान युद्ध के बीच MCX पर सोने-चांदी की कीमतें धड़ाम

नई दिल्ली। Gold Silver Rate Today: अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों ने ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को कमजोर कर दिया है। वहीं, मध्य पूर्व में जारी युद्ध ने तेल की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है।

इन दोनों वजहों ने मिलकर सोने (Gold) की कीमतों पर दबाव बनाया है। सुबह 9:15 बजे के आसपास एमसीएक्स पर सोना अप्रैल वायदा 0.10% गिरकर 1,61,660 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। उस समय एमसीएक्स चांदी मई वायदा 0.57% गिरकर ₹2,66,969 प्रति किलोग्राम पर थी।

दूसरी ओर ब्लूमबर्ग के मुताबिक सिंगापुर में सुबह 8:05 बजे सोने की कीमत (स्पॉट गोल्ड) 0.9% गिरकर 5,132.76 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। वहीं, चांदी 1.5% गिरकर 84.44 डॉलर पर आ गई।

दूसरी ओर, प्लैटिनम में 1% और पैलेडियम में 0.8% की गिरावट दर्ज की गई। ब्लूमबर्ग डॉलर स्पॉट इंडेक्स भी 0.2% की मजबूती के साथ बढ़त पर रहा।

हालांकि, साल की शुरुआत में अमेरिका का मुख्य महंगाई आंकड़ा नियंत्रित दिख रहा था, लेकिन अब भविष्य को लेकर बढ़ती महंगाई की आशंकाओं ने फेडरल रिजर्व के लिए ब्याज दरों में कटौती की संभावना को कम कर दिया है। इस उम्मीद से डॉलर को मजबूती मिली है और डॉलर इंडेक्स में 0.3% की बढ़त देखी गई। वहीं, यूरोपीय यूनियन ने भी आगाह किया है कि इस साल उसकी महंगाई दर 3% के पार जा सकती है, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई की चिंता और गहरा गई है।

क्या सोने की रैली ने लिया है अस्थायी ब्रेक
ब्लूमबर्ग ने मेलबर्न की वैंटेज मार्केट्स की विश्लेषक हेबे चेन के हवाले से बताया है कि सोने का यह गिरना ‘हार मानने’ की तरह नहीं, बल्कि एक ‘ठहराव’ की तरह लग रहा है। उनका कहना है, “बढ़ती महंगाई की उम्मीदों ने डॉलर को फिर से मजबूत किया है और निकट भविष्य में फेड द्वारा दरों में कटौती की संभावनाओं को टाल दिया है। ऐसे में निवेशकों ने फिलहाल सोने से किनारा कर लिया है, क्योंकि बाजार एक समय में सिर्फ एक ही सुरक्षित निवेश को जगह दे सकता है।”