Thursday, July 16, 2026
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विकास कार्यों में लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा: नागर

कोटा। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने गुरुवार को इन्द्र विहार स्थित अपने आवास पर विभिन्न सरकारी विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, शिक्षा विभाग, समग्र शिक्षा अभियान (समसा), जिला परिषद्, पंचायत समिति, सार्वजनिक निर्माण विभाग और जल संसाधन विभाग के अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान मंत्री नागर ने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ फील्ड में रहकर मॉनिटरिंग करने और कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए पाबंद किया।

बैठक के दौरान ऊर्जा मंत्री ने सांगोद के सौंदर्यकरण और पर्यटन की दृष्टि से एक बड़ा निर्देश दिया। उन्होंने सांगोद नगर पालिका अधिशासी अधिकारी ईओ को निर्देशित किया कि उजाड़ नदी के किनारे रिवर फ्रंट विकसित करने के लिए उपयुक्त जगह की तलाश शुरू करें। उन्होंने कहा कि रिवर फ्रंट बनने से न केवल शहर की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों को भ्रमण और मनोरंजन के लिए एक बेहतर स्थान मिल सकेगा। इसके लिए उन्होंने जल्द से जल्द प्रस्ताव तैयार करने को कहा।

पेयजल संकट के लिए करें अग्रिम प्रबंध
​आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए ऊर्जा मंत्री ने पेयजल आपूर्ति को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गर्मी में पानी की किल्लत न हो। इसके लिए अभी से व्यापक प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन के माध्यम से पानी की उपलब्धता नहीं है, वहां आवश्यकतानुसार टैंकरों से जलापूर्ति की योजना बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, उन्होंने नए ट्यूबवेल और हैंडपंप की संभावना तलाशने की बात कही।ताकि भूजल स्रोतों का बेहतर उपयोग हो सके। मंत्री ने नौनेरा और अकावद पेयजल परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। मंत्री नागर ने जोर दिया कि सिंचाई और पीने का पानी वितरण प्रणाली के अंतिम छोर तक पहुंचना चाहिए।

​समसा का चार्ज पीडब्ल्यूडी को दें
​बैठक में शिक्षा विभाग और ‘समसा’ के कार्यों पर चर्चा करते हुए मंत्री नागर ने एक बड़ा प्रशासनिक निर्देश दिया। उन्होंने जिला कलेक्टर से बात कर ‘समसा’ के निर्माण कार्यों का चार्ज सार्वजनिक निर्माण विभाग को सौंपने की प्रक्रिया पर चर्चा की। ताकि निर्माण की गुणवत्ता और गति में सुधार हो सके। उन्होंने क्षेत्र के जर्जर स्कूलों और सरकारी भवनों की सूची तत्काल तैयार करने के निर्देश दिए ताकि केंद्र और राज्य सरकार को मरम्मत एवं नए निर्माण हेतु प्रस्ताव भेजे जा सकें। इसके अलावा, उन्होंने सड़कों के निर्माण में तकनीकी सुधार की बात करते हुए कहा कि ग्रेवल की जगह ‘जीएस’ का उपयोग किया जा सकता है।

​विकास कार्यों में हो जनभागीदारी
​ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य करते समय स्थानीय ग्रामीणों को भी शामिल करें। ग्रामीणों से उनकी प्राथमिकता पूछकर ही प्रोजेक्ट तैयार किए जाएं। ताकि सरकारी धन का सही उपयोग हो सके। फसल कटाई के सीजन को देखते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि जो विकास कार्य या सड़कों का काम फसलों की वजह से रुका हुआ था, उन्हें अब तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए। खेतों के रास्तों और ग्रामीण सड़कों के सुदृढ़ीकरण एवं नवीनीकरण के लिए उन्होंने ‘जीरामजी’ के माध्यम से भी नए प्रोजेक्ट्स की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा।

फायर ब्रिगेड की तैनाती के निर्देश दिए
आगामी ग्रीष्म ऋतु में आगजनी की घटनाओं की आशंका को देखते हुए ऊर्जा मंत्री ने जन सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने चीफ फायर ऑफिसर राकेश व्यास को कड़े निर्देश दिए कि सांगोद, कनवास, बपावर, देवली, दीगोद और सिमलिया जैसे प्रमुख केंद्रों पर तुरंत फायर ब्रिगेड (दमकल) की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मंत्री नागर ने कहा कि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में आग लगने पर दूर से दमकल आने में समय लगता है। जिससे भारी नुकसान होता है। ऐसे में इन क्षेत्रों में दमकल की तैनाती से त्वरित राहत मिल सकेगी।

गैस संकट पर विपक्ष को जवाब
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मंत्री हीरालाल नागर ने देश में चल रही गैस की किल्लत पर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की समस्या है। जिसका समाधान निकालने के लिए केंद्र सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष केवल भ्रम फैलाने का काम कर रहा है। जबकि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत हर चुनौती का सामना करने के लिए सक्षम है। उन्होंने आश्वस्त किया कि गैस की वैकल्पिक व्यवस्था कर ली गई है और कहीं भी बड़ी कमी नहीं होने दी जाएगी। विशेष रूप से कोटा के हॉस्टल्स में गैस सप्लाई न रोकने के भी निर्देश दिए गए हैं। ताकि स्टूडेंट्स को परेशानी न हों।

रसोई गैस और बिजली की दरों में वृद्धि सरकार तुरंत वापस ले: नंदवाना

कोटा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के सचिव शिवकान्त नंदवाना ने गुरुवार को एक बयान जारी करते हुए रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये की वृद्धि और बिजली बिलों में 1 रुपये प्रति यूनिट रेगुलेटरी चार्ज बढ़ाए जाने के निर्णय की तीखी आलोचना की है।

उन्होंने इस फैसले को आम जनता के साथ विश्वासघात करार देते हुए कहा कि महंगाई की दोहरी मार झेल रहे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी असहनीय और पूरी तरह से अस्वीकार्य है।

​नंदवाना ने कहा कि रसोई गैस आज के समय में हर घर की बुनियादी जरूरत है। इसकी कीमतों में एकाएक की गई इस वृद्धि से न केवल रसोई का बजट बिगड़ेगा, बल्कि इसका सबसे बुरा प्रभाव समाज के मजदूर, किसान और निम्न आय वर्ग के लोगों पर पड़ेगा।

उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ जनता को राहत देने के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनकी जेबों पर डाका डाला जा रहा है। महंगाई पहले से ही चरम पर है और ऐसे में गैस के दाम बढ़ाना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।

पीसीसी सचिव नंदवाना ने कहा कि बढ़ी हुई कीमतों के साथ-साथ वर्तमान में गैस सिलेंडरों की भारी अनुपलब्धता ने संकट को और गहरा कर दिया है। लोगों को बुकिंग के बाद कई-कई दिनों तक सिलेंडर के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। जिससे घरों में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है।

उन्होंने कहा कि इस कुप्रबंधन की सबसे ज्यादा मार महिलाओं पर पड़ रही है। जिनका घरेलू कामकाज पूरी तरह बाधित हो गया है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जब कीमतें बढ़ाई जा रही हैं, तो आपूर्ति सुनिश्चित करने में सिस्टम विफल क्यों है?

​नंदवाना ने कहा कि बिजली की दरों में रेगुलेटरी चार्ज के नाम पर की गई बढ़ोतरी पर आपत्ति जताते हुए शिवकान्त नंदवाना ने कहा कि प्रति यूनिट 1 रुपये की वृद्धि कोई छोटी राशि नहीं है। यह घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे दुकानदारों और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगी।

उन्होंने कहा कि बिजली की लागत बढ़ने से बाजार में वस्तुओं के दाम भी बढ़ेंगे। जिससे महंगाई का एक नया चक्र शुरू होगा। सरकार की ये नीतियां आम आदमी के जीवन को सुगम बनाने के बजाय और अधिक कठिन बना रही हैं।

​नंदवाना ने सरकार को चेतावनी देते हुए मांग की है कि बिजली और गैस की बढ़ी हुई दरों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को अपने इस जनविरोधी निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रदेश में रसोई गैस की कालाबाजारी रुके।

उन्होंने कहा कि समय पर पर्याप्त मात्रा में सिलेंडरों की आपूर्ति हो। यदि सरकार ने समय रहते राहत प्रदान नहीं की, तो जनता के हितों की रक्षा के लिए कांग्रेस की ओर से सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

गैस की किल्लत से व्यवसायियों को हो रही परेशानियों से प्रशासन को अवगत कराया

कोटा। होटल फेडरेशन आफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष एवं कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी एवं कैट के जिला अध्यक्ष अनिल मूंदड़ा ने गुरुवार को अतिरिक्त जिला कलेक्टर (सीलिंग) कृष्णा शुक्ला से भेंट कर कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह ठप्प होने को लेकर उत्पन्न गंभीर स्थितियों से अवगत कराया।

माहेश्वरी ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर को बताया कि कोटा में होटल, रेस्टोरेंट व्यवसाय, कैटरिंग व्यवसाय, हॉस्टल व्यवसाय एवं मैस व्यवसाय छोटे-छोटे चाय नाश्ता खोमचे वाले कचौड़ी नमकीन के व्यवसाइयों की दुकानों पर गैस पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है। आगे इन सभी को अपना व्यवसाय चलाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

माहेश्वरी ने बताया कि शहर में इलेक्ट्रिक भट्टिया, डीजल गैस भट्टियो का स्टाक भी पूरी तरह से खत्म हो गया है। वर्तमान में इन सभी प्रतिष्ठानों में स्टाफ जो बाहर से आकर यहां काम कर रहा है, उनके खाना बनाने की गैस तक भी खत्म हो चुकी है।

वर्तमान में चल रहे शादी विवाह में कैटरिंग व्यवसाइयों के पास गैस की अनुपलब्धता से विकट स्थिति खड़ी हो गई है। कोटा मे हजारो लाखो छात्र-छात्राए हॉस्टलों में निवास कर रहे हैं। उनके सामने भी भोजन की समस्या का संकट खड़ा हो गया है। आने वाला समय और विकट परिस्थितियों का होगा।

माहेश्वरी में अतिरिक्त जिला कलेक्टर से आग्रह किया कि उनके द्वारा गैस कंपनियों से संपर्क किए जाने पर उन्होंने पूरी तरह गैस सिलेंडर देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास कमर्शियल सिलेंडर का स्टॉक खत्म हो चुका है। आगे की सप्लाई आने की संभावना बिल्कुल भी नहीं दिख रही है।

होटल फेडरेशन आफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी महासचिव एवं संदीप पाडिया ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि इन परिस्थितियों को पूरी तरह से उभारने के लिए जिला प्रशासन कमर्शियल सिलेंडरों की उपलब्धता करवाये। अतिरिक्त जिला कलेक्टर शुक्ला ने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन सिलेंडरों की उपलब्धता प्रदान करने के पूरे प्रयास कर रहा है।

पुरी–श्रीगंगानगर–पुरी एक्सप्रेस का संचालन बीरपुरूषोत्तमपुर स्टेशन से होगा

कोटा। पूर्व तट रेलवे के खुर्दा रोड मंडल में पुरी स्टेशन पर चल रहे प्लेटफॉर्म उन्नयन कार्य के कारण कोटा मंडल से होकर गुजरने वाली गाड़ी संख्या 20472/20471 पुरी–श्रीगंगानगर–पुरी एक्सप्रेस का संचालन निर्धारित तिथियों पर पुरी स्टेशन के स्थान पर बीर पुरूषोत्तमपुर रेलवे स्टेशन से किया जाएगा।

  1. गाड़ी संख्या 20472 पुरी–श्रीगंगानगर एक्सप्रेस 11, 18 एवं 25 मार्च, 1, 8, 15, 22 एवं 29 अप्रैल तथा 6 एवं 13 मई को पुरी के स्थान पर बीर पुरूषोत्तमपुर रेलवे स्टेशन से प्रस्थान करेगी।
  2. गाड़ी संख्या 20471 श्रीगंगानगर–पुरी एक्सप्रेस 15, 22 एवं 29 मार्च, 5, 12, 19 एवं 26 अप्रैल तथा 3 एवं 10 मई को पुरी के स्थान पर बीर पुरूषोत्तमपुर रेलवे स्टेशन तक ही संचालित की जाएगी। उक्त तिथियों पर इन ट्रेनों का पुरी स्टेशन से प्रस्थान तथा पुरी स्टेशन पर समापन नहीं होगा।

महाराष्ट्र की मंडियों में नई किशमिश की आवक शुरू होने से भाव गिरे

नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्य महाराष्ट्र की मंडियों में नए किशमिश की आवक शुरू हो गई है। नए मालों की आवक शुरू हो जाने के कारण कीमतों में लगातार मंदा दर्ज किया जा रहा है। विगत एक माह के दौरान किशमिश के दामों में लगभग 90 से 100 रुपए प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई है।

वर्तमान में सांगली, तासगांव मंडी में नए किशमिश का भाव 310 से 330 रुपए प्रति किलो पर आ गया है जबकि फरवरी माह के शुरू में भाव 400 से 420 रुपए चल रहा था।

इस वर्ष पैदावार में वृद्धि होने के अनुमानों के चलते मार्च-अप्रैल माह में मंडियों में किशमिश के भाव 300 से 325 रुपए बन जाने चाहिए। वर्तमान में तासगांव एवं सांगली मंडी में किशमिश की आवक 40 मोटर के आसपास चल रही है।

आगामी दिनों में आवक में वृद्धि होने के पश्चात अभी कीमतों में ओर गिरावट संभव है। सूत्रों का कहना है कि विदेशों में हालात अच्छे नहीं होने के कारण इस वर्ष अंगूर का निर्यात भी प्रभावित होगा। जिस कारण किशमिश उत्पादन पूर्वानुमानों की तुलना में ओर वृद्धि संभव है।

व्यापारियों से मिली जानकारी के अनुसार चालू सीजन के दौरान प्रमुख उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में किशमिश का उत्पादन 17/18 हजार गाड़ी (प्रत्येक गाड़ी 10 टन) होने के अनुमान लगाए जा रहे है। जबकि वर्ष 2025 में उत्पादन 15/16 हजार गाड़ी एवं वर्ष 2024 में 18/20 हजार गाड़ी का रहा था। वर्ष 2023 में उत्पादन 22/24 हजार गाड़ी माना गया था।

गत सीजन में पैदावार में कमी आने के कारण किशमिश की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी दर्ज की गई थी। और मंडियों में 450 से 460 रुपए का रिकॉर्ड भाव आ गया था। उल्लेखनीय है कि फरवरी- 2025 में नई फसल की आवक के समय मंडियों में किशमिश के भाव 210 से 220 रुपए प्रति किलो चल रहे थे। जबकि वर्तमान में भाव घटकर 310 से 330 रुपए पर आ गए है।

व्यापारियों का कहना है कि किशमिश की वर्तमान कीमतों में तेजी की संभावना नहीं है। आगामी दिनों में नए मालों की आवक बढ़ने पर कीमतों में मन्दा संभव है।

सूत्रों का कहना है कि नए मालों की आवक बढ़ने पर अप्रैल में मंडियों में किशमिश के भाव 280/300 रुपए बनने के पूर्वानुमान लगाए जा रहे हैं। बशर्तें आगामी दिनों में मौसम फसल के अनुकूल रहे।

चालू सीजन के दौरान कीमतों में रिकॉर्ड तेजी आने के कारण किशमिश का निर्यात बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अप्रैल-दिसम्बर 2025 के दौरान केवल 6309 टन किशमिश का निर्यात होने के समाचार है। जबकि वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान निर्यात 46738 टन का रहा था। वर्ष 2023-24 में निर्यात 47750 टन का हुआ था।

Kota Mandi: चने की नई फसल की आवक शुरू, ऊपर में 5250 रुपये बिका

एनसीडीईएक्स पर धनिया वायदा 160 रुपये गिरकर 11244 रुपये पर बंद

कोटा। Kota Mandi Price Today: भामाशाह अनाज मंडी में गुरुवार को घटे भाव पर लिवाली निकलने से गेहूं 25 रुपये, सोयाबीन 100 रुपये, सरसों धनिया के भाव 150 रुपये उछल गया। लहसुन 500 ऊंचा बिका। चने की नई फसल आने से चना 50 रुपये मंदा बिका। नया चना ऊपर में 5250 रुपये बिका।

कारोबारी सूत्रों के अनुसार एनसीडीईएक्स पर अप्रैल का धनिया वायदा 160 रुपये गिरकर 11244 रुपये और मई वायदा 162 टूटकर 11430 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। मंडी में सभी कृषि जिंसों की मिलाकर करीब 1.30 लाख कट्टे और लहसुन की 2500 कट्टे की आवक रही। जिंसों के भाव रुपये प्रति क्विंटल इस प्रकार रहे-

गेहूं पुराने 2270 से 2451, गेहूं नया 2300 से 2531, ज्वार शंकर 1700 से 2300, ज्वार सफेद 2800 से 5000, बाजरा 1800 से 2050, मक्का लाल 1400 से 1600, मक्का सफेद 1600 से 2200, जौ नया 1900 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल।

धान सुगन्धा 2800 से 3001, धान (1509) 3200 से 3950, धान (1847) 3200 से 3851, धान (1718-1885) 3900 से 4250, धान (पूसा-1) 3600 से 4000, धान (1401-1846) 3800 से 4100, धान दागी 1500 से 3500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 5000 से 5520, सरसों 5700 से 6400, अलसी 6000 से 6700, तिल्ली 7000 से 8500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 6000 से 6500, उड़द 4500 से 8200, चना देशी पुराना 4700 से 5051, चना मौसमी 4700 से 5000, चना पेप्सी 4800 से 5051, चना डंकी 3500 से 4500, चना काबुली 5500 से 7500, नया चना 4800 से 5250 रुपये प्रति क्विंटल।

नया लहसुन 3500 से 13000, मैथी 4000 से 5100, धनिया बादामी 7500 से 9200, धनिया ईगल 9500 से 10800, धनिया नया गीला 7500 से 9500, धनिया रंगदार 10000 से 13000 रुपये प्रति क्विंटल।

iQOO का नया फोन 7200mAh बैटरी और 50MP कैमरा के साथ लॉन्च, जानें कीमत

नई दिल्ली। Vivo से जुड़े ब्रैंड iQOO ने भारतीय बाजार में अपना नया स्मार्टफोन iQOO Z11x लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस डिवाइस को खासतौर पर कॉलेज जाने वाले स्टूडेंट्स और युवा यूजर्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया है।

यह स्मार्टफोन दमदार बैटरी, तेज प्रोसेसर और AI फीचर्स के साथ पेश किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका दमदार प्रोसेसर है। यह स्मार्टफोन MediaTek Dimensity 7400‑Turbo चिपसेट से लैस है।

iQOO Z11x में 7200mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जिसे इस सेगमेंट की सबसे बड़ी बैटरी बताया जा रहा है। इतनी बड़ी बैटरी के साथ यूजर्स पूरे दिन फोन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके साथ 44W FlashCharge सपोर्ट दिया गया है, जिससे फोन तेजी से चार्ज हो जाता है। कंपनी का दावा है कि इस फोन की बैटरी हेल्थ लगभग 6 साल तक बेहतर बनी रह सकती है, जो लंबे समय तक भरोसेमंद यूजेस ऑफर करती है।

डिजाइन और मजबूती के मामले में भी यह स्मार्टफोन कई खास फीचर्स के साथ आता है। iQOO Z11x में IP68 और IP69+ रेटिंग दी गई है, जिससे यह धूल और पानी से सुरक्षित रहता है। इसके अलावा इसमें मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी भी दी गई है, जो इसे रोजमर्रा के उपयोग में ज्यादा टिकाऊ बनाती है। कंपनी ने इसे ऐसे यूजर्स के लिए डिजाइन किया है, जो अपने फोन का इस्तेमाल दिनभर अलग-अलग परिस्थितियों में करते हैं।

फोटोग्राफी के लिए इस स्मार्टफोन में 50MP का Sony AI-powered मेन कैमरा दिया गया है, जो बेहतर फोटो और वीडियो कैप्चर करने में मदद करता है। खास बात यह है कि इस फोन के फ्रंट और रियर दोनों कैमरों से 4K वीडियो रिकॉर्डिंग की जा सकती है। iQOO Z11x में नया OriginOS 6 ऑपरेटिंग सिस्टम दिया गया है। यह सिस्टम कई AI-आधारित फीचर्स के साथ आता है, जो फोन के इस्तेमाल को ज्यादा स्मार्ट और पर्सनलाइज्ड बनाते हैं।

कंपनी का कहना है कि यह ऑपरेटिंग सिस्टम लंबे समय तक स्मूद परफॉर्मेंस देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसके साथ ही स्मार्टफोन में 2 साल के OS अपडेट और 4 साल के सिक्योरिटी अपडेट भी मिलेंगे।

ये रही कीमत और ऑफर्स
कीमत की बात करें तो iQOO Z11x को भारत में तीन वेरिएंट में लॉन्च किया गया है। इसका 6GB + 128GB वेरिएंट 18,999 रुपये में उपलब्ध है, जबकि ऑफर्स के साथ इसका इफेक्टिव प्राइस 17,499 रुपये हो जाता है।

वहीं 8GB + 128GB वेरिएंट 20,999 रुपये और 8GB + 256GB वेरिएंट 22,999 रुपये में लॉन्च किया गया है। बैंक ऑफर्स के बाद इनकी कीमत क्रम से 18,999 रुपये और 20,999 रुपये रह जाती है।

फोन Prismatic Green और Titan Black जैसे दो कलर ऑप्शन में उपलब्ध होगा। इसकी बिक्री 16 मार्च 2026 को दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। ग्राहक इसे Amazon, iQOO की आधिकारिक वेबसाइट, चुनिंदा vivo एक्सक्लूसिव स्टोर्स और अन्य रिटेल आउटलेट्स से खरीद सकेंगे। लॉन्च ऑफर्स के तहत SBI और Axis बैंक क्रेडिट कार्ड पर 2000 रुपये तक का इंस्टेंट डिस्काउंट और 6 महीने तक नो-कॉस्ट EMI का विकल्प भी दिया जा रहा है।

TVS का सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर ऑर्बिटर V1 लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स

नई दिल्ली। देश की नंबर-1 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी TVS मोटर्स ने ऑर्बिटर का एक नया वैरिएंट पेश किया है। कंपनी ने इसे ऑर्बिटर V1 का नाम दिया है। यह स्कूटर छोटी 1.8kWh बैटरी से चलता है।

अब यह ब्रांड के EV लाइन-अप में सबसे सस्ता ऑप्शन है। वहीं, कंपनी ने अपने EV पोर्टफोलियो में बैटरी-एज-ए-सर्विस (BaaS) भी शुरू किया है, जिससे कस्टमर्स को एक नया और फ्लेक्सिबल ओनरशिप मॉडल मिला है। ऑर्बिटर V1 बैटरी-एज-ए-सर्विस के साथ इसकी एक्स-शोरूम कीमत 49,999 रुपए (PM ई-ड्राइव सहित) से शुरू होती है।

TVS ऑर्बिटर V1 में 1.8kWh बैटरी पैक है जो 86km की IDC रेंज देता है। ओरिजिनल ऑर्बिटर जिसे अब ऑर्बिटर V2 कहा जाता है, वो 3.1kWh बैटरी के साथ आता है जिसकी IDC रेंज 158km है। हालांकि, छोटे बैटरी पैक का मतलब है कि रेंज का आंकड़ा काफी कम है। इसका मतलब यह भी है कि चार्जिंग टाइम कम हो गया है। इसे 0-80% चार्ज होने में 2 घंटे और 20 मिनट लगेंगे। जबकि ऑर्बिटर V2 की बैटरी को चार्ज होने में 4 घंटे और 10 मिनट लगते हैं।

ऑर्बिटर V1 में जो कुछ भी है, वह ऑर्बिटर V2 से बिना किसी बदलाव के लिया गया लगता है। इसमें 14-इंच का फ्रंट और 12-इंच का रियर व्हील सेटअप, LCD क्लस्टर शामिल है, जो एक मोबाइल ऐप के साथ, टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन, ओवर-द-एयर अपडेट और सेफ्टी अलर्ट देता है, जिसमें एंटी-थेफ्ट, क्रैश और जियो-फेंसिंग नोटिफिकेशन शामिल हैं। वहीं, इसमें ईको और पावर मोड, हिल-होल्ड असिस्ट, पार्किंग असिस्ट (रिवर्स फंक्शन) और क्रूज कंट्रोल का एक्सेस भी है। इसमें 845mm लंबी फ्लैट सीट और 34 लीटर का अंडरसीट स्टोरेज भी एक जैसा है।

टेक्नोलॉजी और कनेक्टिविटी

  • प्रोएक्टिव सेफ्टी: क्रैश, फॉल, एंटी-थेफ्ट, जियो-फेंसिंग, और टाइम-फेंसिंग अलर्ट
  • ऑलवेज कंट्रोल: मोबाइल ऐप से दूर से बैटरी चार्ज और ओडोमीटर चेक करें
  • स्मार्ट नेविगेशन: कस्टमाइजेबल सेटिंग्स के साथ टर्न-बाय-टर्न गाइडेंस
  • कनेक्टेड रहें: LCD डिजिटल क्लस्टर पर कॉल, SMS, और पर्सनलाइज्ड अलर्ट
  • राइडर कॉन्फिडेंस: हिल होल्ड असिस्ट, क्रूज कंट्रोल और पार्किंग असिस्ट
  • हमेशा अप-टू-डेट: आसान OTA अपडेट
  • डुअल राइड मोड: रेंज और सेफ्टी के लिए रीजेनरेटिव ब्रेकिंग के साथ इको और पावर

15000 रुपए सस्ता
TVS ने अपने EV स्कूटर पोर्टफोलियो में बैटरी-एज-ए-सर्विस (BaaS) ऑप्शन भी पेश किया है, जिससे कस्टमर बैटरी की पूरी कीमत पहले देने के बजाय बैटरी के इस्तेमाल के लिए सब्सक्राइब कर सकते हैं। TVS का कहना है कि प्लान 862 रुपए प्रति महीने (3 साल से ज्यादा) से शुरू होते हैं, और सब्सक्रिप्शन में 5 साल या 70,000km तक की एक्सटेंडेड वारंटी और अनलिमिटेड मंथली इस्तेमाल शामिल है। जो कस्टमर्स बिना BaaS वाले TVS ऑर्बिटर V1 को लेते हैं उन्हें 84,500 रुपए (एक्स-शोरूम) खर्च करने होंगे। ये ऑर्बिटर V2 से लगभग 15,000 रुपए सस्ता है।

Mustard: सरसों का उत्पादन 133 लाख टन से ज्यादा होने का अनुमान

नई दिल्ली। Mustard Production: केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने दूसरा अग्रिम अनुमान जारी किया है उससे पता चलता है कि सरसों की पैदावार में 7 लाख टन से ज्यादा की वृद्धि हो सकती है। नई फसल की कटाई पहले ही शुरू हो चुकी है।

मंत्रालय के मुताबिक 2025-26 के मौजूदा रबी सीजन में सरसों का घरेलू उत्पादन बढ़कर 133.31 लाख टन पर पहुंच सकता है जो 2024-25 सीजन के उत्पादन 126.67 लाख टन से ज्यादा मगर 139 लाख टन के नियत लक्ष्य से कम है।

मंत्रालय के अनुसार इससे पूर्व सरसों का घरेलू उत्पादन 2023-24 के सीजन में 132.59 लाख टन, 2022-23 में 126.43 लाख टन और 2021-22 के सीजन में 119.63 लाख टन दर्ज किया गया था। उल्लेखनीय है कि उद्योग-व्यापार क्षेत्र का सरसों उत्पादन आंकड़ा सरकारी अनुमान से छोटा होता है।

सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पिछले साल के 5950 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर इस बार 6200 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में नई सरसों की जोरदार आवक हो रही है और सरकारी खरीद के अभाव में इसकी कीमतों पर दबाव पड़ने लगा है। इससे किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। मार्च माह के दौरान देश भर की मंडियों में 10 लाख टन से ज्यादा सरसों आ सकती है।

हालांकि रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहन फसल- सरसों के उत्पादन का व्यापारिक आंकड़ा 14-15 मार्च को भरतपुर में आयोजित होने वाले तिलहन-तेल सेमिनार में आमने आएगा।

Stock Market: सेंसेक्स 829 अंक टूटकर 76034 पर बंद, निफ्टी 23700 के नीचे

नई दिल्ली। Stock Market Closed 12 March 2026: भारतीय शेयर बाजार गुरुवार 12 मार्च 2026 को लाल निशान पर बंद हुआ। बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी में करीब एक प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 829.29 अंक या 1.08 प्रतिशत गिरकर 76,034.42 पर बंद हुआ। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 227.70 अंक या 0.95 प्रतिशत गिरकर 23,639.15 पर बंद हुआ।

तेल की कीमतों में अस्थिरता से निवेशकों की जोखिम लेने की प्रवृत्ति पर लगातार नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 8 प्रतिशत से जायदा बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। इससे निवेशकों की बैचनी और बढ़ गई। वहीं, आईईए ने कहा है कि ईरान युद्ध के कारण तेल बाजार में अब तक की सबसे बड़ी उथल-पुथल मची है। इस खबर का बाजार के सेंटीमेंट्स पर नेगेटिव असर पड़ा।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 76,369 अंक पर खुला। खुलते ही इंडेक्स में गिरावट बढ़ गई। कारोबार के दौरान यह 75,871 अंक तक फिसल गया था। अंत में 829.29 अंक या 1.08 प्रतिशत की गिरावट लेकर 76,034.42 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी गिरावट के साथ 23,674.85 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 23,556 अंक के इंट्रा-डे लो तक गया। अंत में 227.70 अंक या 0.95 प्रतिशत गिरकर 23,639 पर बंद हुआ।