Thursday, July 9, 2026
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Infosys Result: इंफोसिस टॉप-10 से बाहर हुई, निवेशकों के 2 लाख करोड़ रुपये डूबे

नई दिल्ली। देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस के लिए 2026 का साल किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है। कंपनी का मार्केट कैप इस साल अबतक 2 लाख करोड़ रुपये घट चुका है। जिसकी वजह से मार्केट कैप के लिहाज से इंफोसिस देश की सबसे बड़ी 10 कंपनियों की लिस्ट से बाहर हो गई है।

इंफोसिस के शेयरों में आज बुधवार को 2 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है। जिसकी वजह से यह स्टॉक 1178 रुपये के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया है। इंफोसिस का मार्केट कैप 4.76 लाख करोड़ रुपये है। मौजूदा समय में यह देश की 11वीं सबसे वैल्यूएबल कंपनी है।

बता दें, इंफोसिस के शेयरों की कीमतों में इस साल अबतक 29 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। 2025 के अंत में इंफोसिस का मार्केट कैप 6.8 लाख करोड़ रुपये था। सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी शेयर बाजार की टॉप 10 कंपनियों में अपनी जगह बनाने में सफल रही है। एलआईसी का मार्केट कैप 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का है।

टॉप 10 वैल्यूएबल कंपनियां

  1. रिलायंस इंडस्ट्रीज – 19.02 लाख करोड़ रुपये
  2. एचडीएफसी बैंक – 12.08 लाख करोड़ रुपये
  3. भारती एयरटेल – 11.41 लाख करोड़ रुपये
  4. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया – 10.09 लाख करोड़ रुपये
  5. आईसीआईसीआई बैंक – 9.21 लाख करोड़ रुपये
  6. टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज – 8.96 लाख करोड़ रुपये
  7. बजाज फाइनेंस – 5.73 लाख करोड़ रुपये
  8. लार्सन एंड टुब्रो – 5.60 लाख करोड़ रुपये
  9. हिंदुस्तान यूनिलीवर – 5.41 लाख करोड़ रुपये
  10. लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया – 5.19 लाख करोड़ रुपये

इंफोसिस के तिमाही नतीजे
आईटी कंपनी ने दी जानकारी में बताया है कि चौथी तिमाही के दौरान कुल रेवन्यू 46402 करोड़ रुपये रहा है। जोकि तिमाही दर तिमाही के आधार पर 2 प्रतिशत अधिक है। वहीं, सालाना आधार पर 13.40 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 27.80 प्रतिशत बढ़ा है। इस बार यह 8501 करोड़ रुपये रहा है। जोकि अनुमान से अधिक है।

बीते 1 साल में कैसा रहा
पिछले 6 महीने में इस आईटी कंपनी के शेयरों की कीमतों में 22 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। वहीं, एक साल में इंफोसिस के शेयरों का भाव 21 प्रतिशत गिरा है। बता दें, 5 साल में यह स्टॉक 13.30 प्रतिशत निगेटिवट रिटर्न दिया है।

कोटा के सिटी मॉल में भीषण आग से मचा हड़कंप, लोग घबराकर बाहर भागे

कोटा। शहर के झालावाड़ रोड पर स्थित सिटी मॉल में बुधवार सुबह अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग मॉल की दूसरी मंजिल पर उस समय भड़की जब अधिकांश दुकानें बंद थीं।

घटना की सूचना सुबह करीब 10:30 बजे मिली, जिसके महज 10 मिनट के भीतर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। आग बुझाने के लिए कोटा शहर के विभिन्न इलाकों जैसे सब्जी मंडी, श्रीनाथपुरम, भामाशाह मंडी के साथ-साथ कोटा थर्मल और डीसीएम से भी दमकलें मंगाई गईं। कुल 12 से अधिक दमकल वाहन लगातार आग बुझाने में जुटे रहे।

दमकल विभाग के अनुसार आग मॉल के ऊपरी हिस्से में बर्गर किंग रेस्टोरेंट के पास लगी, जिसके बाद तेजी से धुआं और लपटें फैल गईं। आग लगने के करीब डेढ़ घंटे बाद स्थिति पर काबू पा लिया गया, हालांकि अभी भी दूसरे फ्लोर पर भारी मात्रा में धुआं मौजूद है।

लोग घबराकर बाहर भागे
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने तुरंत मॉल को खाली कराया। मॉल में मौजूद लोग घबराकर बाहर भागते नजर आए, जबकि कुछ लोग घटना का वीडियो बनाते भी देखे गए। आसपास के क्षेत्र में करीब 1 से 2 किलोमीटर तक धुआं फैल गया, जिससे लोगों को दूर हटाया गया। सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम सहित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया। फिलहाल मॉल में एंट्री बंद कर दी गई है।

जिला कलेक्टर पीयूष समारिया ने बताया कि आग की सूचना सुबह लगभग 10:30 बजे मिली थी, जिसके बाद तुरंत फायर, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। उन्होंने कहा कि आग पर लगभग नियंत्रण पा लिया गया है और अब तक किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।

कोचिंग सेंटर को खाली कराया
फिजिक्स वाला कोचिंग सेंटर कोटा इंचार्ज दिनेश जैन का कहना है कि वह जब अपने ऑफिस में मौजूद थे, करीब 10:30 के आसपास कुछ जलने की बदबू आई थी। उन्होंने बाहर आकर देखा तो पास में सिटी मॉल से आग की लपटें उठ रही थी। इसके बाद उन्होंने तत्काल एक्शन लेते हुए बिल्डिंग को खाली करना शुरू कर दिया। सभी बच्चों को क्लास और टेस्ट देते समय ही बाहर निकाला गया है, ताकि कोई दुर्घटना नहीं हो और बच्चों को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचे।

मॉल फिलहाल बंद, सुरक्षा जांच जारी
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण एसी में शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण की जांच जारी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल सुरक्षा कारणों से सिटी मॉल को बंद रखा गया है और सुरक्षा जांच व ड्रिल के बाद ही इसे दोबारा खोला जाएगा।

Samman Nidhi: पीएम किसान की 23वीं किस्त क्या इस महीने आएगी, जानिए अपडेट

नई दिल्ली। PM Kisan Samman Nidhi : देश के करोड़ों किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़ी एक अहम जानकारी सामने आई है। इस योजना के तहत किसानों को हर साल ₹6000 की आर्थिक सहायता दी जाती है, जिसे तीन बराबर किस्तों में ₹2000-₹2000 करके सीधे बैंक खातों में भेजा जाता है। यह पूरी प्रक्रिया Direct Benefit Transfer (DBT) के जरिए होती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।

हाल ही में सरकार ने पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त जारी की थी। 13 मार्च 2026 को जारी इस किस्त के तहत करीब 9 करोड़ से ज्यादा किसानों के खातों में ₹2000 ट्रांसफर किए गए थे। इसके बाद अब किसानों को अगली यानी 23वीं किस्त का इंतजार है।

सरकारी नियमों के अनुसार पीएम किसान योजना की किस्तें हर चार महीने के अंतराल पर जारी की जाती हैं। इसी आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि 23वीं किस्त जुलाई 2026 में किसानों के खातों में आ सकती है। हालांकि अभी तक सरकार की ओर से किसी भी तरह की आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की गई है।

आमतौर पर किस्त जारी होने से कुछ दिन पहले ही सरकार इसकी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करती है।

किन किसानों को मिलेगा लाभ?
पीएम किसान योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलता है जो कुछ जरूरी शर्तों को पूरा करते हैं। इनमें सबसे जरूरी है कि किसान के पास खेती योग्य जमीन हो और उसका नाम सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज हो।

ऐसे करें अपना स्टेटस चेक
किसान यह भी आसानी से जांच सकते हैं कि उनकी किस्त आएगी या नहीं। इसके लिए उन्हें पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।

  • स्टेटस चेक करने के लिए वेबसाइट पर Farmers Corner में जाएं
  • Know Your Status विकल्प पर क्लिक करें
  • रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा भरें
  • इसके बाद किसान अपनी सभी जानकारी देख सकते हैं, जैसे eKYC, आधार लिंकिंग और भूमि रिकॉर्ड सही है या नहीं।

ईडी ने अनिल अंबानी की 3035 करोड़ की संपत्तियां कुर्क की, फार्म हाउस भी जब्त

नई दिल्ली। Anil Ambani ED Action: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) बैंक धोखाधड़ी मामले में अनिल अंबानी ग्रुप की 3034.90 करोड़ रुपये की अतिरिक्त संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की हैं। इसके साथ ही रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप (RAAG) से जुड़े मामलों में कुल जब्त संपत्तियों का मूल्य 19,344 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

ईडी ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) की धारा 5 के तहत की गई है, ताकि संपत्तियों के बिखराव को रोका जा सके और बैंकों व आम जनता के हितों की रक्षा हो सके। यह जांच सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) की जांच के तहत की जा रही है, जिसमें बैंक और सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग तथा मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप शामिल हैं।

जांच के अनुसार RCom और उसकी समूह कंपनियों ने घरेलू और विदेशी ऋणदाताओं से भारी कर्ज लिया था, जिसमें से कुल 40,185 करोड़ रुपये अभी भी बकाया हैं। ईडी ने यह जांच सीबीआई द्वारा दर्ज की गई उन एफआईआर के आधार पर शुरू की थी, जो भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा और LIC की शिकायतों पर अनिल अंबानी और अन्य के खिलाफ दर्ज की गई थीं।

कौन-सी संपत्तियां हुईं कुर्क?

  • ईडी की जांच में प्रमोटर समूह की कई महत्वपूर्ण संपत्तियों का खुलासा हुआ, जिन्हें अब कुर्क कर लिया गया है:
  • मुंबई: उषा किरण बिल्डिंग में स्थित एक फ्लैट।
  • खंडाला (पुणे): एक फार्महाउस।
  • साणंद (अहमदाबाद): जमीन का एक बड़ा हिस्सा।
  • शेयर्स: रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के 7.71 करोड़ शेयर, जो RiseE Infinity Pvt Ltd के पास थे।

जांच में सामने आया कि अनिल अंबानी परिवार ने ‘RiseE Trust’ बनाया था ताकि संपत्तियों को उनके व्यक्तिगत ऋणों (Personal Guarantees) से बचाया जा सके। ईडी के अनुसार इन संपत्तियों का उद्देश्य परिवार का लाभ था, न कि उन बैंकों का पैसा चुकाना जिनका कर्ज NPA हो गया है।

आगे क्या होगा?
PMLA की धारा 8 के तहत जब्त की गई संपत्तियों को अंततः उन बैंकों और संस्थानों को वापस लौटाया जा सकता है जिन्हें वित्तीय नुकसान हुआ है। ईडी ने अपने बयान में कहा कि वह वित्तीय प्रणाली की रक्षा करने और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए सार्वजनिक धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। फिलहाल, इस मामले में जांच अभी जारी है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खुलेगा; ट्रंप ने दी चेतावनी, ईरान की बढ़ रहीं मुश्किलें

वाशिंगटन। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया भर में ईंधन सप्लाई के लिए सबसे अहम समुद्री रास्ता है। हालांकि यह रास्ता बीते 2 महीने से अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुई जंग से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जहाजों की आवाजाही ठप है और कई देशों में ईंधन की कमी से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं।

दूसरी तरफ अब खबर है कि यह रास्ता अभी लंबे समय तक बंद रह सकता है। इसकी वजह है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नया प्लान। एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि ट्रंप ईरान को लंबा झटका देने की प्लानिंग कर रहे हैं और इसके लिए वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को हथियार बनाएंगे।

यह खबर वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के हवाले से सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने होर्मुज में लंबे समय तक घेराबंदी की योजना बनाई है। ट्रंप ने इसके लिए अपने अधिकारियों को ‘लॉन्ग-टर्म सीज’ के लिए तैयार रहने को भी कहा है।

खबर है कि ट्रंप ने इससे पहले दो अन्य विकल्पों पर विचार किया था। इसके तहत या तो अमेरिका ईरान पर फिर से हमले शुरू कर देता या फिर युद्ध को हमेशा के लिए खत्म कर देता। हालांकि इन दोनों ही विकल्पों में अमेरिका को ज्यादा जोखिम दिखा। इसीलिए अब ट्रंप ने नाकेबंदी जारी रखते हुए ईरान पर आर्थिक दबाव बनाने का फैसला किया है।

दरअसल अमेरिका ईरान के तेल निर्यात को प्रभावित कर उसे गहरी चोट देने की कोशिश कर रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ईरान के तेल निर्यात के लिए बेहद अहम है और इस रास्ते से ईरान के तेल टैंकरों की आवाजाही को सीमित कर अमेरिका इसी लाइफलाइन को काटने की कोशिश में है।

अमेरिका ने जब से यहां नाकेबंदी लगाई है तब से ईरान का निर्यात तेजी से घटा है और इसका असर अब उसकी अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि यह रणनीति सीधे युद्ध से बचते हुए ईरान पर दबाव बनाए रखने का एक संतुलित तरीका है।

निर्यात बंद होने के बाद अब खबर है कि ईरान के पास इतना तेल जमा हो गया है कि रखने की ही जगह नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के पास अब सिर्फ 12 से 22 दिन का ही तेल रखने की जगह बची है।

जैसे ही स्टोरेज खत्म हो होएगा, ईरान को मजबूरी में उत्पादन कम करना पड़ सकता है, जिससे ईरानी सरकार की आमदनी पर सीधा असर पड़ेगा। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि ईरान अब कई असामान्य कदम भी उठा रहा है। ईरान ने अपने पुराने और लंबे समय से बंद पड़े टैंकरों को फिर से इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।

ईरान ने दिया है नया प्रस्ताव
ईरान ने कई मौकों पर अमेरिका को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की सीधी चेतावनी दी है। ईरान ने हाल ही में अमेरिका एक को नया प्रस्ताव भी भेजा है। इस प्रस्ताव में ईरान ने कहा है कि अमेरिका अगर नाकेबंदी को खोल देता है तो ईरान भी प्रतिबंधों को हटा देगा और इसके बाद एक अस्थाई युद्ध विराम प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है। ईरान का कहना है कि स्थिति सामान्य होने पर ही रास्ते ईरान परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर बातचीत करेगा।

एमसीएक्स पर सोना 1500 रुपये महंगा; चांदी मजबूत, जानिए आज के भाव

नई दिल्‍ली। सोने और चांदी की कीमत में आज तेजी आई है। एमसीएक्स पर शुरुआती कारोबार में सोना 1,500 रुपये महंगा हो गया जबकि चांदी की कीमत में 1,000 रुपये की तेजी आई। 5 जून की डिलीवरी वाला सोना पिछले सत्र में 1,50,027 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था और आज यह 1,50,720 रुपये पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह 1,500 रुपये की तेजी के साथ 1,51,527 रुपये तक उछला। सुबह 9.15 बजे यह 47 रुपये की गिरावट के साथ 1,49,980 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।

चांदी की कीमत में मामूली तेजी आई है। 3 जुलाई की डिलीवरी वाली चांदी पिछले सत्र में 2,42,763 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी और आज 2,43,589 रुपये पर खुली। शुरुआती कारोबार में यह 2,43,800 रुपये तक उछली। सुबह 9.20 बजे यह 437 रुपये यानी 0.18 फीसदी की तेजी के साथ 2,43,200 रुपये पर ट्रेड कर रही थी।

सर्राफा बाजार में भी सोने और चांदी की कीमत में मामूली गिरावट आई है। 24 कैरेट वाला सोना 10 रुपये की गिरावट के साथ 1,50,920 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। 22 कैरेट वाला गोल्ड भी 10 रुपये की गिरावट के साथ 138340 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। 18 कैरेट सोना भी 10 रुपये नीचे 1,13,190 रुपये पर है। चांदी भी 100 रुपये की गिरावट के साथ 2,59,900 रुपये प्रति किलो पर है।

विधायक ललित मीणा से पर्यटन विकास के लिए बारां में पर्यटन कार्यालय खोलने की मांग

कोटा/ बारां। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान, इकाई बारां के पदाधिकारियों ने मंगलवार को विधायक ललित मीणा से भेंट कर बारां जिले में पर्यटन विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की। साथ ही बारां जिले में पर्यटन कार्यालय खोले जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान ईकाई बांरा के अध्यक्ष हरीओम अग्रवाल ने बताया कि होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान के अध्यक्ष हुसैन खान एवं कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी के मार्गदर्शन से बांरा में पर्यटन विकास को लेकर यह बैठक रखी गई थी। ताकि बारां जिले के पर्यटन स्थलों का समुचित विकास एवं प्रचार-प्रसार किया जा सके।

साथ ही शाहाबाद, रामगढ़, नाहरगढ़, तपस्वी जी की बगीची तथा शाहाबाद के जंगल, जिन्हें “राजस्थान का कश्मीर” कहा जाता है, के संरक्षण एवं विकास पर विशेष चर्चा की।प्रतिनिधिमंडल ने चार विलास खंभा के विकास, कुंडाखो एवं कन्यादेह पर्यटन स्थलों के उन्नयन तथा रामगढ़ क्षेत्र में ग्रेटर इंपैक्ट के तहत ट्रैक निर्माण के प्रस्ताव भी रखे। शाहाबाद क्षेत्र में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए भी सुझाव प्रस्तुत किए गए।

इस अवसर पर विधायक ललित मीणा ने डीएफओ से दूरभाष पर वार्ता कर निर्देश दिए कि होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान बांरा ईकाई जिले के पर्यटन विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों में पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी प्रकार की समस्या आती है तो उन्हें अवगत कराया जाए। ताकि राज्य सरकार एवं उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी जी के समक्ष इस विषय को प्रस्तुत कर उसका समाधान कराया जा सके।

40 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय ट्रेवल एजेंट आज करेंगे कोटा-बूंदी के पर्यटन स्थलों का भ्रमण

कोटा। होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान कोटा डिवीजन की टीम द्वारा 26 से 28 अप्रैल को जयपुर के सीतापुरा में आयोजित दी ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाजार में हाडोती के पर्यटन स्थलों का प्रचार किया।

होटल फेडरेशन आफ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने बताया कि हाड़ोती के पर्यटन स्थलों की जानकारी और विवरण को प्रस्तुत करने के बाद वहां आए टूर ऑपरेटर हाड़ोती के पर्यटन स्थलों को देखकर आश्चर्य चकित हुए।

फेडरेशन की टीम द्वारा कोटा के चंबल रिवर फ्रंट, सिटी पार्क, गडरिया महादेव, चंबल सफारी, बूंदी के रामगढ़ विषधारी अभ्यारण्य, तारागढ़ दुर्ग, 84 खभों की छतरी, नवल सागर, झालावाड़ का गागरोन दुर्ग, कोलवी की गुफाएं, मुकुंदरा अभ्यारण्य, रामगढ़ का भण्डदेवड़ा मंदिर आदि के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध करवाई।

इसके बाद टूर ऑपरेटर के द्वारा कोटा एवं बूंदी के पर्यटन स्थलों को भ्रमण करने की इच्छा जाहिर की। करीब 40 से अधिक अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटरों का एक दल 29 अप्रैल को दोपहर 1:00 बजे बूंदी पहुंचेंगा, जहां पर होटल फेडरेशन आफ राजस्थान कोटा डिवीजन की टीम द्वारा उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। बूंदी के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करवाते हुए शाम को कोटा के पर्यटन स्थलों का भी भ्रमण करवाया जाएगा।

माहेश्वरी ने कहा कि होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष हुसैन खान एवं सचिव रणविजय सिंह के नेतृत्व में होटल फेडरेशन की एक टीम ने हाड़ोती के पर्यटन विकास को दृष्टिगत रखते हुए भारतीय पर्यटन मंत्रालय के सचिव भुवनेश कुमार का स्वागत करते हुए हाडोती के पर्यटन के प्रचार प्रसार एवं प्रमोशन का आग्रह किया और हाडोती के पर्यटन स्थलों के भ्रमण हेतु हाड़ोती में आने का आमंत्रण दिया। भारतीय पर्यटन मंत्रालय की योजना के तहत 26 राज्यों के टूर ऑपरेटर को फेम टूर के माध्यम से हाड़ोती के पर्यटन स्थलों का भ्रमण का कार्यक्रम बनाए जाने का भी आग्रह किया।

कोटा डिवीजन के अध्यक्ष माहेश्वरी एवं सवाई माधोपुर इकाई के अध्यक्ष हाजी अहतशामुद्दीन ने भारतीय पर्यटन मंत्रालय के सचिव भुवनेश कुमार से आग्रह किया कि राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली, भरतपुर,मथुरा, आगरा, रणथंभोर एवं कोटा का एक विशेष पैकेज टूर बनाया जाए, क्योंकि यह सभी क्षेत्र पर्यटन के दृष्टिकोण से परिपूर्ण है।

निश्चित ही राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। इस अवसर पर माहेश्वरी ने भारतीय पर्यटन मंत्रालय के सचिव को जनवरी 2027 में प्रस्तावित कोटा हाड़ोती ट्रैवल मार्ट का निमंत्रण देते हुए उनका आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर भारतीय पर्यटन मंत्रालय के सचिव ने कहा कि हम राष्ट्रीय स्तर पर जिस क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाएं हैं और अभी तक विकसित नहीं हुए हैं उनको विकसित करने का भरपूर सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

राजस्थान में बिना OTP नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर, 1 मई से लागू होंगे नए नियम

जयपुर। राजस्थान के लाखों उपभोक्ताओं के लिए 1 मई 2026 से नए नियम लागू होने जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने सब्सिडी वाले सिलेंडरों के दुरुपयोग पर रोक लगाने और वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह बदलाव किए हैं। इन नियमों का सबसे अधिक असर प्रदेश के शहरी इलाकों जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर, अलवर, बीकानेर और भरतपुर में देखने को मिलेगा।

सबसे बड़ा बदलाव LPG सिलेंडर की डिलीवरी प्रक्रिया में किया गया है। अब हर डिलीवरी OTP आधारित होगी। यानी जैसे ही आपका सिलेंडर डिलीवरी के लिए निकलेगा, आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक वन टाइम पासवर्ड (OTP) भेजा जाएगा। यह OTP डिलीवरी एजेंट को बताना अनिवार्य होगा।

नई व्यवस्था के तहत डिलीवरी एजेंट को OTP बताए बिना सिलेंडर नहीं दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस सिस्टम से फर्जी डिलीवरी, चोरी और सब्सिडी के गलत इस्तेमाल पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।

बुकिंग अंतराल अब 25 दिन
सिलेंडर बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब शहरी क्षेत्रों में दो बुकिंग के बीच कम से कम 25 दिन का अंतर रखना अनिवार्य होगा। इससे पहले यह अवधि 21 दिन थी।

ग्रामीण इलाकों में बढ़ सकता है अंतराल
सरकार के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में यह बुकिंग अंतराल और अधिक रखा जा सकता है। हालांकि इसकी अंतिम अवधि स्थानीय स्तर पर तय की जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं को पहले से प्लानिंग करनी होगी।

E-KYC अनिवार्य
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) से जुड़ी महिलाओं के लिए भी नए निर्देश जारी किए गए हैं। योजना की लाभार्थी महिलाओं को हर वित्तीय वर्ष में कम से कम एक बार आधार आधारित ई-केवाईसी (E-KYC) कराना अनिवार्य होगा।

LPG सप्लाई हो सकती है प्रभावित
जिन शहरी क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को PNG अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। तय समय सीमा में PNG कनेक्शन नहीं लेने पर LPG सप्लाई पर असर पड़ सकता है।

मध्यम वर्ग पर सबसे ज्यादा असर
विशेषज्ञों के अनुसार, इन नए नियमों का सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ेगा, जो नियमित रूप से LPG सिलेंडर पर निर्भर हैं। उन्हें अब गैस उपयोग और बुकिंग की बेहतर योजना बनानी होगी।

मोबाइल नंबर अपडेट रखना जरूरी
OTP आधारित सिस्टम लागू होने के बाद उपभोक्ताओं के लिए यह बेहद जरूरी हो गया है कि उनका रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर सही और अपडेट हो, ताकि डिलीवरी के समय कोई परेशानी न हो।

MyLPG ऐप से करें तैयारी
सरकार ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे MyLPG ऐप डाउनलोड करें और समय रहते अपनी E-KYC प्रक्रिया पूरी कर लें। इससे भविष्य में किसी भी तरह की दिक्कत से बचा जा सकेगा।

Stock Market: सेंसेक्स 1072 अंक उछल कर 77959 पर, ऑटो स्टॉक्स चमके

नई दिल्ली। Stock Market Opened,29 April, 2026: शेयर मार्केट में अब तेजी का तूफान है। सेंसेक्स 1072 अंक ऊपर 77959 पर है। निफ्टी भी 325 अंकों की उछाल के साथ 24321 के लेवल पर पहुंच गया है। एनएसई पर कुल 119 स्टॉक्स 52 हफ्त के हाई और 11 लो पर हैं। कुल 85 स्टॉक्स में अपर और 38 में लोअर सर्किट लगा है।  

बैंक निफ्टी 1.13 पर्सेंअ ऊपर है। मिड कैप और स्मॉल कैप इंडेक्स भी हरे निशान पर हैं। निफ्टी ऑटो इंडेक्स और रियल्टी में क्रमश: 2.25 और 2.54 पर्सेंट की धुआंधर तेजी है। आईटी इंडेक्स भी 1.47 पर्सेंट चढ़ा हुआ है। पीएसयू बैंक, प्राइवेट बैंक भी हरे निशान पर हैं। केवल मीडिया इंडेक्स ही लाल है।

सुबह शेयर मार्केट की शुरुआत उम्मीद से ऊपर हुई है। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 358 अंकों की बढ़त के साथ 77245 पर खुला। जबकि, एनएसई के 50 शेयरों वाले सूचकांक निफ्टी ने तेजी के शतक के साथ बुधवार के कारोबार की शुरुआत की। निफ्टी 101 अंक ऊपर 24,096 पर खुला।

ग्लोबल मार्केट के संकेत

  • एशियाई बाजार
    एशियाई बाजारों में बुधवार को मिलाजुला रुख देखने को मिला। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 0.39% की गिरावट आई, जबकि कोस्डैक ने फ्लैट कारोबार किया। हांगकांग के हैंगसेंग फ्यूचर्स ने हल्की बढ़त का संकेत दिया, वहीं जापान का बाजार अवकाश के चलते बंद रहा।
  • गिफ्ट निफ्टी टुडे
    गिफ्ट निफ्टी 24,089 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से लगभग 20 अंक का प्रीमियम था, जो भारतीय शेयर बाजार के सूचकांकों के लिए सपाट शुरुआत का संकेत देता है।
  • वॉल स्ट्रीट में गिरावट
    अमेरिकी बाजारों में मंगलवार को कमजोरी देखने को मिली। नैस्डैक कंपोजिट को एक महीने की सबसे बड़ी गिरावट का सामना करना पड़ा। जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 25.86 अंक या 0.05% गिरकर 49,141.93 पर आ गया, जबकि एसएंडपी 500 35.11 अंक या 0.49% गिरकर 7,138.80 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 223.30 अंक या 0.90% की गिरावट के साथ 24,663.80 पर बंद हुआ।
  • OPEC से UAE का बाहर होना
    भू-राजनीतिक मोर्चे पर अमेरिका-ईरान तनाव बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने लंबी नाकेबंदी के संकेत दिए हैं, जिससे ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। इसी बीच OPEC से यूएई के बाहर होने की घोषणा ने तेल बाजार को और अस्थिर कर दिया है।

कच्चा तेल $111 के पार
ब्रेंट कच्चा तेल इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर 0.36 प्रतिशत बढ़कर 111.6 डॉलर प्रति बैरल हो गया। अमेरिका-ईरान वार्ता अटकी हुई है और इसके चलते होर्मुज़ स्ट्रेट के खुलने में देरी हो रही है। यह स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम रास्ता है, जहां बाधा से बाजार पर असर पड़ता है। इसी बीच, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने 1 मई से पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) से बाहर निकलने की घोषणा कर दी है।