नई दिल्ली। देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस के लिए 2026 का साल किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है। कंपनी का मार्केट कैप इस साल अबतक 2 लाख करोड़ रुपये घट चुका है। जिसकी वजह से मार्केट कैप के लिहाज से इंफोसिस देश की सबसे बड़ी 10 कंपनियों की लिस्ट से बाहर हो गई है।
इंफोसिस के शेयरों में आज बुधवार को 2 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है। जिसकी वजह से यह स्टॉक 1178 रुपये के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया है। इंफोसिस का मार्केट कैप 4.76 लाख करोड़ रुपये है। मौजूदा समय में यह देश की 11वीं सबसे वैल्यूएबल कंपनी है।
बता दें, इंफोसिस के शेयरों की कीमतों में इस साल अबतक 29 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। 2025 के अंत में इंफोसिस का मार्केट कैप 6.8 लाख करोड़ रुपये था। सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी शेयर बाजार की टॉप 10 कंपनियों में अपनी जगह बनाने में सफल रही है। एलआईसी का मार्केट कैप 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का है।
टॉप 10 वैल्यूएबल कंपनियां
- रिलायंस इंडस्ट्रीज – 19.02 लाख करोड़ रुपये
- एचडीएफसी बैंक – 12.08 लाख करोड़ रुपये
- भारती एयरटेल – 11.41 लाख करोड़ रुपये
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया – 10.09 लाख करोड़ रुपये
- आईसीआईसीआई बैंक – 9.21 लाख करोड़ रुपये
- टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज – 8.96 लाख करोड़ रुपये
- बजाज फाइनेंस – 5.73 लाख करोड़ रुपये
- लार्सन एंड टुब्रो – 5.60 लाख करोड़ रुपये
- हिंदुस्तान यूनिलीवर – 5.41 लाख करोड़ रुपये
- लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया – 5.19 लाख करोड़ रुपये
इंफोसिस के तिमाही नतीजे
आईटी कंपनी ने दी जानकारी में बताया है कि चौथी तिमाही के दौरान कुल रेवन्यू 46402 करोड़ रुपये रहा है। जोकि तिमाही दर तिमाही के आधार पर 2 प्रतिशत अधिक है। वहीं, सालाना आधार पर 13.40 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 27.80 प्रतिशत बढ़ा है। इस बार यह 8501 करोड़ रुपये रहा है। जोकि अनुमान से अधिक है।
बीते 1 साल में कैसा रहा
पिछले 6 महीने में इस आईटी कंपनी के शेयरों की कीमतों में 22 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। वहीं, एक साल में इंफोसिस के शेयरों का भाव 21 प्रतिशत गिरा है। बता दें, 5 साल में यह स्टॉक 13.30 प्रतिशत निगेटिवट रिटर्न दिया है।

