होर्मुज समझौते से क्रूड ऑयल में तेजी, कीमतें फिर 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब

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नई दिल्ली। ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर हुए अस्थायी समझौते से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया

अंतरराष्ट्रीय बाजार में गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त देखने को मिली। लगातार तीन दिन की गिरावट के बाद तेल की कीमतें संभली हैं। इसकी बड़ी वजह ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही को लेकर हुआ एक अस्थायी समझौता है। इससे बाजार को उम्मीद है कि इस अहम रास्ते से तेल की सप्लाई पहले के मुकाबले आसान हो सकती है।

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड (अक्टूबर 2026) 79.88 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। इसमें 0.43 डॉलर यानी 0.54 फीसदी की बढ़त रही। कारोबार के दौरान इसका हाई 80.34 डॉलर और निचला स्तर 78.55 डॉलर रहा।

वहीं, WTI क्रूड (सितंबर 2026) 75.61 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इसमें 0.39 डॉलर यानी 0.52 फीसदी की तेजी रही। दिन में इसका भाव 74.64 डॉलर से 76.02 डॉलर प्रति बैरल के बीच रहा।

ईरान और ओमान ने होरमुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए एक अस्थायी शिपिंग रूट पर सहमति बनाई है। यह व्यवस्था अगले दो से चार महीने तक लागू रह सकती है। हालांकि, ईरान ने साफ कर दिया है कि इसका मतलब यह नहीं है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खोल दिया गया है।

उधर, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान के साथ बड़ा समझौता होने की संभावना बढ़ रही है। हालांकि, बाजार अभी भी पूरी तरह आश्वस्त नहीं है और निवेशक आगे की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

तनाव अभी खत्म नहीं हुआ
एक तरफ शिपिंग को लेकर राहत की खबर है, तो दूसरी तरफ पश्चिम एशिया में तनाव अभी भी बना हुआ है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने अदन की खाड़ी में सऊदी अरब के एक तेल टैंकर को निशाना बनाया है।

इसके साथ ही उन्होंने लाल सागर से गुजरने वाले दूसरे जहाजों को भी चेतावनी दी है। यही वजह है कि बाजार को अब भी डर है कि अगर हालात बिगड़ते हैं, तो तेल की सप्लाई और शिपिंग पर असर पड़ सकता है।