सरकार ने तीन कल्याणकारी योजनाओं से इंदिरा गांधी का नाम हटाकर प्रधानमंत्री किया

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को तीन कल्याणकारी योजनाओं का नाम बदलने को मंजूरी दी। इन योजनाओं के नाम से ‘इंदिरा गांधी’ शब्द हटाकर ‘प्रधानमंत्री’ जोड़ा गया है। साथ ही, ‘राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम’ (NSAP) को 2030-31 तक बढ़ा दिया गया है, जिसके लिए कुल 53,428 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

इंदिरा गांधी के नाम वाली तीन योजनाओं के नाम बदले

  • द इकनॉमिक टाइम्स की एक खबर के अनुसार, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 53,428 करोड़ रुपये के बजट वाली इस योजना से 3.2 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा, जिनमें बुजुर्ग, विधवाएं और दिव्यांगजन शामिल हैं। इनमें तीन योजनाएं ऐसी हैं, जिनके नाम से इंदिरा गांधी शब्द हटाकर प्रधानमंत्री किया गया है।
  • ‘ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना ‘ (IGNOAPS) को अब ‘ प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना ‘ कहा जाएगा। इसी तरह, ‘ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना ‘ (IGNWPS) का नाम बदलकर ‘ प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना ‘ कर दिया गया है, जबकि ‘इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगजन पेंशन योजना’ (IGNDPS) को अब ‘प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना’ के नाम से जाना जाएगा।

इन योजनाओं के भी नाम बदले गए

  • मंत्रिमंडल ने इस कार्यक्रम और इसके अंतर्गत आने वाली योजनाओं के नाम बदलने के साथ-साथ ‘दिव्यांगजन पेंशन योजना’ के लिए पात्रता मानदंड, कवरेज और सहायता राशि में भी बदलाव को मंजूरी दी है।
  • वरिष्ठ नागरिकों और विधवाओं के लिए पेंशन योजनाएं और ‘परिवार लाभ योजना’ अपने मौजूदा स्वरूप में ही जारी रहेंगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल के अनुसार, अब NSAP को ‘प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना’ के नाम से जाना जाएगा। इसके अंतर्गत आने वाली अन्य योजनाओं के नाम भी बदल दिए गए हैं।

दिव्यांगता का मानक घटाकर 40 फीसदी किया गया
संशोधित नियमों के तहत, दिव्यांगजन पेंशन योजना में 0-79 वर्ष की आयु के लाभार्थियों को ₹375 और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों को ₹625 की सहायता दी जाएगी। इस योजना के तहत दिव्यांगता का मानक (बेंचमार्क) पहले के 80% से घटाकर 40% कर दिया गया है।