कोटा। कर्मयोगी सेवा संस्थान के जिला मुख्यालय रोटेदा रोड स्थित गुरु धाम कॉलोनी में आयोजित 27वें वार्षिक श्राद्ध तर्पण कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को चतुर्दशी का श्राद्ध विशेष भाव एवं श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। इस दिन का तर्पण देश-दुनिया में कोरोना महामारी से अकाल काल-कवलित हुए दिवंगतों की आत्मशांति के लिए समर्पित किया गया।
इसके साथ ही प्राकृतिक त्रासदियों, विशेष रूप से नेपाल में आई हालिया त्रासदी एवं मानवीय भूलों के कारण जान गंवाने वाले अज्ञात मृतकों की आत्मा की शांति हेतु भी ईश्वर से प्रार्थना की गई। संस्थान के संस्थापक राजाराम जैन ‘कर्मयोगी’ एवं अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि चतुर्दशी के श्राद्ध में एक विशेष और अनुकरणीय प्रसंग देखने को मिला।
संस्थान के संस्थापक राजाराम जैन ‘कर्मयोगी’ ने बताया कि 16 दिवसीय श्राद्ध तर्पण महायज्ञ का समापन शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या के श्राद्ध के साथ होगा। अमावस्या का श्राद्ध मुख्य रूप से भूले-बिसरे दिवंगत आत्माओं की शांति तथा आर्थिक अभाव के कारण जिन परिवारों के श्राद्ध संपन्न नहीं हो पाते, उन सभी पितरों की तृप्ति के लिए समर्पित रहेगा। शनिवार सायंकाल आम भंडारे और भव्य दीपदान कार्यक्रम के साथ इस 16 दिवसीय धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन का विधिवत समापन किया जाएगा।
गुप्ता दम्पत्ति ने जीते-जी किया पिंडदान: कोटा विकास प्राधिकरण से वरिष्ठ लिपिक पद से सेवानिवृत्त एवं कोटा जिला वैश्य महासम्मेलन के कोषाध्यक्ष सत्यप्रकाश गुप्ता ने अपनी पत्नी मंगला गुप्ता के साथ उपस्थित होकर जीते-जी स्वयं का पिंडदान व श्राद्ध तर्पण संपन्न करवाया। उल्लेखनीय है कि गुप्ता दंपत्ति समाज सेवा और राष्ट्र कल्याण के प्रति सदैव समर्पित रहे हैं। सत्यप्रकाश गुप्ता एवं उनकी पत्नी ने 8 दिसंबर 2025 को मेडिकल कॉलेज में देहदान का संकल्प पत्र भरकर प्रक्रिया पूर्ण की थी।

