नई दिल्ली। प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले करोड़ों लोगों के लिए अच्छी खबर है। उनके प्रॉविडेंट फंड (EPF) की नई वेतन सीमा ₹25,000 लागू हो गई है। इसके बढ़ने से वर्कर्स को रिटायरमेंट के समय ज्यादा फायदे मिलेंगे। इसमें रिटायरमेंट पर मिलने वाली EPS पेंशन भी शामिल है। नई वेतन सीमा के तहत अधिकतम पेंशन ₹12,500 पहुंच जाएगी जो अभी 7,500 रुपये है। जानिए किसे होगा इसका फायदा।
EPS पेंशन की गणना पेंशन योग्य सैलरी और EPS में योगदान किए गए सर्विस के सालों की संख्या के आधार पर की जाती है। पेंशन योग्य सैलरी और सर्विस के साल जितने अधिक होंगे, आपकी मासिक पेंशन उतनी ही ज्यादा होगी। पेंशन योग्य सैलरी की गणना नौकरी छोड़ने के समय पिछले 60 महीनों में मिली औसत सैलरी के आधार पर की जाती है।
कितनी मिलेगी पेंशन
₹25,000 की नई वेतन सीमा अभी लागू हुई है, इसलिए ज्यादा फायदा पाने के लिए वर्कर्स को नई वेतन सीमा के तहत 5 साल का योगदान पूरा करना होगा। अगर आपकी सर्विस की अवधि 33 साल है और पेंशन योग्य सैलरी ₹25,000 की वेतन सीमा के बराबर है, तो आपकी अनुमानित मासिक EPS पेंशन ₹12,500 होगी।
EPS 2026 स्कीम के अनुसार, 20 साल की सर्विस पूरी होने पर आपकी सर्विस के सालों में बोनस के तौर पर दो साल और जोड़े जाएंगे। यानी 33 साल सर्विस करने पर पेंशन की गणना करने के लिए आपकी सर्विस 35 साल मानी जाएगी। ₹15,000 की वेज सीलिंग के तहत, 33 साल की सर्विस के लिए आपकी पेंशन ₹7,500 होती।
| सेवा अवधि | EPS पेंशन (पुरानी) — वेतन सीमा ₹15,000 | EPS पेंशन (नई) — वेतन सीमा ₹25,000 |
|---|---|---|
| 10 वर्ष | ₹2,143 | ₹3,571 |
| 15 वर्ष | ₹3,214 | ₹5,357 |
| 20 वर्ष | ₹4,714 | ₹7,857 |
| 25 वर्ष | ₹5,786 | ₹9,643 |
| 30 वर्ष | ₹6,857 | ₹11,429 |
| 33 वर्ष | ₹7,500 | ₹12,500 |
बढ़ जाएगा कंट्रीब्यूशन
पुरानी वेतन सीमा ₹15,000 का 8.33%, यानी ₹1,250, उनके नियोक्ता के EPS योगदान से काटा जा रहा था। नई सीमा के साथ यह योगदान बढ़कर ₹2,083 हो जाएगा। EPF वेतन सीमा बढ़ाने के सरकार के फैसले के बाद कंपनियों को ₹25,000 या उससे कम बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों को भी EPF के अलावा EPS सदस्य भी बनना होगा। हालाकि, उन्हें EPS पेंशन तभी मिल सकती है जब वे 10 साल की पेंशन योग्य सेवा पूरी कर लें।
5 साल में रिटायर हुए तो…
हालांकि, जो कर्मचारी अगले 5 सालों में रिटायर होने वाले हैं, उन्हें ज्यादा EPS पेंशन का सिर्फ कुछ हिस्सा ही मिलेगा। नई वेज सीलिंग (वेतन सीमा) के तहत मिलने वाला फायदा इस बात पर निर्भर करेगा कि उन्होंने नई वेज सीलिंग के तहत कितने महीनों तक योगदान दिया है।

