नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। ब्रेंट क्रूड करीब 0.8 फीसदी गिरकर 105.79 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं अमेरिकी WTI क्रूड करीब 1.5 फीसदी की गिरावट के साथ 93.14 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया है।
हालांकि, कच्चे तेल में यह गिरावट एक दिन पहले आई तेज तेजी के बाद देखने को मिली है। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड 3.4 फीसदी चढ़कर 106.60 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था। WTI भी 2.7 फीसदी बढ़कर 94.61 डॉलर पर पहुंच गया था।
कारोबार के दौरान दोनों बेंचमार्क में एक समय करीब 5 फीसदी तक की तेजी आई थी। हूती विद्रोहियों के सऊदी अरब पर मिसाइल हमलों के बाद तेल की सप्लाई प्रभावित होने की चिंता बढ़ने से कीमतों में यह उछाल आया था।
इससे पहले कच्चे तेल में कई दिनों तक गिरावट देखने को मिली थी। WTI गुरुवार की तेजी से पहले लगातार छह कारोबारी सत्रों में करीब 13 फीसदी टूट चुका था। वहीं मंगलवार को ब्रेंट 97.36 डॉलर प्रति बैरल तक गिर गया था, जो 8 सितंबर के बाद इसका सबसे निचला स्तर था। सऊदी अरब से तेल सप्लाई बेहतर होने और अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत की उम्मीद से कीमतों पर दबाव पड़ा था।
आज क्यों घट रहा कच्चा तेल
शुक्रवार को कीमतों में गिरावट की बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की उम्मीद है। न्यूयॉर्क में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच ऐसे संभावित रास्ते पर बातचीत चल रही है, जिसमें ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलना और अमेरिका की ओर से ईरान पर आर्थिक दबाव कम करना शामिल हो सकता है। अगर इस दिशा में प्रगति होती है तो तेल की सप्लाई को लेकर चिंता कम हो सकती है।

