नई दिल्ली। Stock Market Crash: सप्ताह के चौथे दिन गुरुवार को शेयर बाजार में हाहाकार मच गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,247.71 अंक टूटकर 73,580.54 अंक पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 383.70 अंक के नुकसान के साथ 23,063.10 अंक पर ठहरा।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सूचकांक सेंसेक्स गुरुवार को इंट्राडे के दौरान 1200 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 73,563.92 प्वाइंट पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का सूचकांक निफ्टी भी 380 प्वाइंट से ज्यादा की गिरावट के साथ 23,061.15 अंक पर पहुंच गया। मार्केट में इस प्रकार की गिरावट से निवेशकों के चार लाख करोड़ रुपये स्वाहा यानी कि डूब गए।
वैश्विक बाजार के कमजोर रुझानों के साथ ही बैंक और एनबीएफसी स्टॉक्स में तेज बिकवाली ने इनवेस्टर सेंटीमेंट पर असर डाला है। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स में शामिल सभी 30 कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली है। बजाज फाइनेंस के शेयरों में सबसे ज्यादा 6 पर्सेंट से अधिक की गिरावट आई है। वहीं, एक्सिस बैंक के शेयर 5 पर्सेंट से अधिक लुढ़क गए हैं।
सेंसेक्स के टॉप गेनर्स और लूजर्स
| सेंसेक्स के टॉप गेनर्स | सेंसेक्स के टॉप लूजर्स |
| एनटीपीसी (0.00%- नाममात्र बढ़त) | बजाज फाइनेंस (5.47%) |
| एनटीपीसी के अलावा कोई हरे निशान (बढ़त) में नहीं दिखा। | एक्सिस बैंक (4.67%) |
| – | बजाज फिनसर्व (4.06%) |
| – | इंडिगो (2.78%) |
| – | ट्रेंट (2.75%) |
निफ्टी के टॉप गेनर्स और लूजर्स
| निफ्टी के टॉप गेनर्स | निफ्टी के टॉप लूजर्स |
| सिप्ला (1.16%) | एचडीएफसी लाइफ (6.16%) |
| ओएनजीसी (0.89%) | बजाज फाइनेंस (5.87%) |
| एनटीपीसी (0.18%) | एक्सिस बैंक (4.56%) |
| – | बजाज फिनसर्व (4.56%) |
| – | अडानी इंटरप्राइजेज (3.11%) |
शेयर बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण
19 साल की ऊंचाई पर पहुंची बॉन्ड यील्ड्स यूएस
2007 के बाद से अपने हाइएस्ट लेवल पर पहुंच गई है। बॉन्ड यील्ड्स 19 साल की ऊंचाई पर जा पहुंची है। वहीं, 2 साल वाली ट्रेजरी यील्ड्स कुछ समय के लिए 4.9 पर्सेंट के पार पहुंच गई और यह मई 2024 के बाद अपने उच्चतम स्तर पर जा पहुंची। बेंचमार्क 10 ईयर यील्ड 13.89 बेसिस प्वाइंट्स बढ़कर 5.106 पर्सेंट पहुंच गई है।
क्रूड के दाम फिर 100 डॉलर के पार
क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) के दाम फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा पहुंचे हैं। क्रूड ऑयल 102 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बुधवार को यह 99 डॉलर प्रति बैरल के नीचे जा पहुंचा था। लड़ाई खत्म करने के तरीकों को लेकर फिलहाल ईरान और अमेरिका के बीच मतभेद बने हुए हैं। ईरान के राष्ट्रपति ने यूएन जनरल असेंबली में कहा कि तेहरान कभी भी अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुकेगा।
कमजोर वैश्विक रुझान
यूएस इक्विटीज में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान तेज गिरावट आई है। बिजनेस एक्टिविटीज उम्मीद से ज्यादा मजबूत रही हैं, जिससे इस बात को बल मिला है कि यूएस फेडरल रिजर्व को मोनेटरी पॉलिसी और सख्त करनी पड़ सकती है। हांगकांग के हैंगसेंग में 0.5 पर्सेंट और शंघाई कंपोजिट में 0.4 पर्सेंट की गिरावट देखने को मिली है।
इंडिया Vix में उछाल और रुपये में गिरावट
वोलैटिलिटी इंडेक्स 21 पर्सेंट से ज्यादा के उछाल के साथ 12.56 पर पहुंच गया है। इंडिया Vix में उछाल मार्केट वोलैटिलिटी की ज्यादा उम्मीदें और निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ने की ओर इशारा करता है। डॉलर के मुकाबले रुपये में भी कमजोर देखने को मिली है। डॉलर के मुकाबले रुपया 11 पैसे टूटकर 95.84 पर पहुंच गया है।

