Kota Dussehra: शरद पूर्णिमा की चांदनी में तृप्ति शाक्य आज बहाएंगी भजनों की बयार

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कोटा। दशहरा मेला 2026 के अंतर्गत रविवार को शरद पूर्णिमा की चांदनी रात में 8:30 बजे ‘विजय श्री रंगमंच’ पर भजन संध्या आयोजित की जाएगी। महापौर अनुसुइया गोस्वामी ने बताया कि देश की जानी-मानी पार्श्व और भजन गायिका “कभी राम बनके, कभी श्याम बनके…” फेम तृप्ति शाक्य अपनी मधुर एवं मनमोहक प्रस्तुतियों से उपस्थित श्रोताओं को भक्ति रस में सराबोर करेंगी।

तृप्ति शाक्य भारतीय संगीत जगत का एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने अपनी सुमधुर आवाज से दुनियाभर के संगीत प्रेमियों के दिलों में एक खास जगह बनाई है। उनकी कला की सबसे बड़ी विशेषता उनकी बहुभाषी दक्षता है। वह हिंदी और भोजपुरी के साथ-साथ बंगाली, राजस्थानी, पंजाबी, संस्कृत और नेपाली सहित कुल 7 भाषाओं में गाने में पूरी तरह पारंगत हैं।

अपने अब तक के समृद्ध संगीत सफर में उनके 700 से अधिक ऑडियो और वीडियो एल्बम रिलीज हो चुके हैं। जो उनकी अटूट मेहनत और कला के प्रति समर्पण को दर्शाते हैं।
उन्होंने न केवल स्वतंत्र संगीत और भजनों में अपनी छाप छोड़ी है, बल्कि कई चर्चित फिल्मों में भी अपनी सुरीली आवाज का जादू बिखेरा है।

तृप्ति शाक्य ने ‘साजन चले ससुराल’ (1996), ‘बारूद’ (2011), ‘जान तेरे नाम’ (2012), ‘गुलामी’ (2015), और ‘कुटुंब: द फैमिली’ (2017) जैसी फिल्मों में पार्श्व गायन किया है।इसके अलावा, जनवरी 2024 में अयोध्या में ऐतिहासिक राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के पावन अवसर पर उनके द्वारा गाए गए भक्ति गीत ‘अवध करे अभिनंदन..’, ‘राज तिलक होगा..’ और ‘राम आए हैं..’ देश-विदेश में राम भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय हुए थे।