राजसी परंपरा, शोभायात्रा और सांस्कृतिक वैभव के साथ आज होगा कोटा में रावण दहन

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गढ़ पैलेस में सजेगा पारंपरिक दरीखाना, निकलेगी भगवान लक्ष्मीनारायण की सवारी

​कोटा। 133वें राष्ट्रीय मेला दशहरा 2026 के अंतर्गत मंगलवार को कोटा की ऐतिहासिक और रियासतकालीन परंपराओं के साथ बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक ‘रावण दहन’ कार्यक्रम दशहरा मैदान स्थित विजयश्री रंगमंच के सामने आयोजित किया जाएगा। महापौर अनुसुईया गोस्वामी ने बताया कि पंचांग एवं तय मुहूर्त के अनुसार रात 7:31 बजे से 8:31 बजे के मध्य रावण दहन किया जाएगा।

रावण दहन के पश्चात मेला परिसर में भव्य आतिशी नजारे देखने को मिलेंगे। लंका दहन के दौरान ‘सोने की लंका’ के जलने का सजीव दृश्य प्रस्तुत किया जाएगा। आसमान में रंगीन अशर्फियों की छटा और गूंजने वाले पटाखों की आवाज से पूरा दशहरा मैदान जगमगा उठेगा।
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​महापौर अनुसुईया गोस्वामी ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि दशहरा महोत्सव की शुरुआत गढ़ पैलेस से होने वाले पारंपरिक आयोजनों के साथ होगी। गढ़ पैलेस में पारंपरिक ‘दरीखाना’ सजाया जाएगा। जिसमें हाड़ौती क्षेत्र के पूर्व ठिकानों के प्रतिनिधि अपनी पारंपरिक और राजसी वेशभूषा में सजे-धजे उपस्थित रहेंगे।

दरीखाने में भगवान लक्ष्मीनारायण जी की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके उपरांत, तय शुभ मुहूर्तानुसार शाम 6:31 बजे गढ़ पैलेस से राजसी वैभव, ठाट-बाट और लवाजमे के साथ भगवान लक्ष्मीनारायण जी की भव्य सवारी रवाना होगी। यह सवारी गढ़ पैलेस से प्रस्थान कर किशोरपुरा दरवाजे से होती हुई सीधे दशहरा मैदान स्थित विजयश्री रंगमंच पहुंचेगी।

​शोभायात्रा में सबसे आगे घुड़सवार चलेंगे। हाथी पर सवार भगवान लक्ष्मीनारायण जी का विमान रहेगा। साथ ही बग्घियों में प्रभु श्री राम और लक्ष्मण की सवारी सजीव झांकियों के साथ निकलेगी। यात्रा में सुग्रीव, अंगद, विभीषण, नल-नील, जामवंत, बाहुबली हनुमान, मेघनाद और रावण समेत विभिन्न पौराणिक पात्रों की सजीव झांकियां शामिल होंगी।

विभिन्न प्रदेशों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी
​शोभायात्रा को अलौकिक रूप देने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से आए सांस्कृतिक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।आर्मी बैंड, पुलिस बैंड, तुरही और मधुर स्वर लहरियां बिखेरते विभिन्न बैंड चलेंगे। राजस्थान का कच्ची घोड़ी नृत्य, कजरी नृत्य, उदयपुर की आदिवासी भील जनजाति का सांस्कृतिक युद्ध नृत्य, अरुणाचल प्रदेश का लोक ‘टप्पू’ युद्ध नृत्य, पश्चिम बंगाल का प्रसिद्ध छाऊ लोक नृत्य, केरल का कुम्माटी काली माता मुखौटा लोक नृत्य तथा सहरिया जनजाति के नृत्य भी देखने को मिलेंगे। खप्पर लेकर चलती काली माता, रावण और जटायु के बीच युद्ध का दृश्य, पैदल वानर सेना और रावण की पैदल रक्षा सेना के बीच युद्ध, ढोल-ताशे, सुसज्जित ऊंट, ऊंटगाड़ी में बजते युद्ध के नगाड़े और घोड़ा बग्घियां भी शोभायात्रा में शामिल होंगे।

पूर्व महाराव द्वारा अमृत कलश का भेदन
​मेला अधिकारी आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि शोभायात्रा के दशहरा मैदान पहुंचने पर रियासतकालीन परंपराओं का निर्वहन करते हुए विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। मैदान में विधि-विधान के साथ ज्वारा पूजन और सीता जी के पाने का पूजन किया जाएगा। इन धार्मिक अनुष्ठानों के पूरा होने के बाद, पूर्व महाराव इज्येराज सिंह नाभि कलश में तीर चलाकर अमृत कलश को फोड़ेंगे, जिसके तुरंत पश्चात रावण दहन का कार्यक्रम आरंभ होगा।

यह होंगे अतिथि
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोक सभा अध्यक्ष ओम कृष्ण बिरला होंगे। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, विधायक शांति धारीवाल, संदीप शर्मा व कल्पना देवी, इण्डियन रेडक्रॉस सोसायटी के प्रदेशाध्यक्ष राजेश बिरला, भाजपा शहर जिला अध्यक्ष राकेश जैन आदि अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

यह होंगे मेले के प्रमुख आकर्षण

  • 22 अक्टूबर को सिंधी कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक रॉकस्टार नील प्रस्तुति देंगे
  • 23 अक्टूबर को पर्यटन विभाग का कार्यक्रम होगा
  • 24 अक्टूबर को प्रसिद्ध गायक सुरेश वाडकऱ देशभक्ति गीतों की प्रस्तुतियां देंगे
  • 25 अक्टूबर को तृप्ति शाक्य की भजन संध्या
  • 26 अक्टूबर को एक शाम पुराने गीतों के नाम
  • 27 अक्टूबर को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन
  • 28 अक्टूबर को लाफ्टर शो
  • 29 अक्टूबर को राजस्थानी कवि सम्मेलन
  • 30 अक्टूबर को बालिका वर्ग का बाल प्रतिभा कार्यक्रम
  • 30 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक लेजर शो
  • 31 अक्टूबर को भोजपुरी कार्यक्रम
  • 4 नवंबर को मीका सिंह की स्टार नाइट
  • 5 नवम्बर को आतिशबाजी के साथ मेले का समापन

कुश्ती दंगल में दांव पेंच आजमाएंगे राज्य भर के पहलवान
मेले के दौरान इस वर्ष भी कुश्ती दंगल का आयोजन 1 और 2 नवम्बर को होगा, जिसमें राज्य भर से आए पहलवाल दमखम दिखाएंगे। इसके अलावा 22 अक्टूबर को कुकिंग प्रतियोगिता, 24 अक्टूबर को मलखंभ प्रदर्शन, 27 अक्टूबर को रंगोली, मांडना, मेहंदी प्रतियोगिता और साफा एवं पाग प्रतियोगिता, 28 अक्टूबर को बेस्ट ब्राइडल मेकअप प्रतियोगिता तथा 3 नवम्बर को गतका प्रदर्शन कार्यक्रम होगा।