मुंबई। Jio प्लेटफॉर्म्स ने लिस्टिंग से पहले ही इतिहास रचते हुए तीन नए रिकॉर्ड बना लिए हैं। कंपनी का 30,213 करोड़ रुपये का ऑफर भारत के इतिहास का सबसे बड़ा इश्यू है। यह खुलने के बाद केवल 100 मिनट के भीतर पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। बड़े आईपीओ में यह सबसे तेजी से भरने वाला आईपीओ है।
इसके साथ ही, एंकर निवेशकों की ओर से लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड मांग भी देखने को मिली।जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के IPO का QIBs पोर्शन 28 मिनट के भीतर ही करीब दोगुना सब्सक्राइब हो गया।
कुल आईपीओ को 57 फीसदी बोलियां मिल चुकी हैं। शेयरहोल्डर रिजर्वेशन पोर्शन को 0.19 गुना, कर्मचारियों के लिए रिजर्व पोर्शन को 0.23 गुना, रिटेल कैटगरी में 0.09 गुना, गैर-संस्थागत निवेशक पोर्शन को 0.12 गुना बोलियां मिली हैं।
Jio में हिस्सेदारी की वैल्यू 6.8 लाख करोड़ रुपये
Jio के प्रस्तावित IPO वैल्यूएशन के हिसाब से, Jio Platforms में रिलायंस इंडस्ट्रीज की 66.4% हिस्सेदारी की वैल्यू लगभग 6.8 लाख करोड़ रुपये है। हालांकि, संभव है कि RIL के शेयरों में यह वैल्यू पूरी तरह से न दिखे। Jio की लिस्टिंग से वैल्यूएशन में पारदर्शिता आ सकती है। लेकिन इसमें कितना रीरेटिंग होगा, इस पर सबकी नजर रहेगी।
आईपीओ डिटेल
जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ 21 अक्टूबर को खुल गया है। 23 अक्टूबर को बंद होगा। इसके तहत नए शेयर जारी कर करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य है। इसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से शेयरों की बिक्री (ओएफएस) का कोई हिस्सा नहीं है। कंपनी ने इश्यू के लिए प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया है। कीमत के उच्च स्तर पर जियो का मूल्यांकन करीब 108 अरब डॉलर बैठता है।
जियो प्लेटफॉर्म्स ने आईपीओ से पहले अपर प्राइस बैंड पर 212 एंकर यानी बड़े निवेशकों को 8,109.85 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए हैं। कंपनी के शेयरों के लिए संस्थागत निवेशकों की बोली का आंकड़ा 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है, जो एंकर निवेशकों के लिए रखे गए शेयरों की तुलना में 30 गुना से अधिक है।
कितना चल रहा है GMP
IPO खुलने से पहले जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) लगभग 260 रुपये चल रहा था। यह 1,119 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड पर लगभग 23.24% का प्रीमियम दिखा रहा है। इस प्रीमियम के हिसाब से, शेयर की संभावित लिस्टिंग कीमत लगभग 1,379 रुपये प्रति शेयर बैठती है। हालांकि, ग्रे मार्केट की कीमतें अनौपचारिक होती हैं, जो मांग के साथ बदलती रहती हैं और इनसे लिस्टिंग पर मुनाफा मिलने की कोई गारंटी नहीं होती।

