कोटा। कोटा कर्मचारी सहकारी समिति लिमिटेड संख्या 108 की 106वीं आमसभा रविवार को बालाजी नगर स्थित केडीए ऑडिटोरियम में आयोजित हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ सहकार गान और ध्वजारोहण के साथ हुआ।
आमसभा में सदस्यों को 10 प्रतिशत लाभांश और 12 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि एवं यात्रा व्यय को 200 से बढाकर 300 रुपये करने की घोषणा की गई। इस अवसर पर 251 वरिष्ठ सदस्यों का सम्मान किया गया तथा निशुल्क नेत्र जांच एवं चिकित्सा शिविर में 595 लोगों ने सेवाएं प्राप्त कीं।

समिति के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ सहकार नेता स्वर्गीय श्रीकृष्ण बिरला को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, कोटा नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला, विधायक संदीप शर्मा, कल्पना देवी, डॉ. अमिता बिरला, महापौर अनुसूइया गोस्वामी, उपमहापौर विवेक राजवंशी, सरस डेयरी अध्यक्ष चेनसिंह राठौड़, भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन, हितकारी विद्यालय सहकारी समिति अध्यक्ष सूरज बिरला, कोटा महिला नागरिक सहकारी बैंक अध्यक्ष मंजू बिरला, अध्यक्ष डा.मीनू बिरला, सचिव विमल जैन ने सतरंगी सहकार ध्वज फहराकर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि सौ वर्ष से अधिक पुरानी संस्था का एक भी रुपया एनपीए नहीं होना उसकी वित्तीय अनुशासन व्यवस्था और सदस्यों के विश्वास को दर्शाता है। सहकारी संस्थाओं की प्रगति का आधार आपसी विश्वास होता है।
राजेश कृष्ण बिरला ने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि साझा हितों, लोकतांत्रिक प्रबंधन, आर्थिक स्वावलंबन और सामाजिक एकता पर आधारित एक मिशन है। सहकारी संस्थाओं का संचालन इस भावना से होना चाहिए कि सदस्यों के हितों की रक्षा के साथ संस्था की प्रगति सुनिश्चित हो।
समाजसेवी डॉ. अमिता बिरला ने समिति की प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वरिष्ठ सदस्य संस्था की अमूल्य पूंजी हैं। उनके अनुभवों और सुझावों का उपयोग संस्था को और आगे ले जाने में किया जाना चाहिए। उन्होंने विकास की संभावनाओं से जुड़े कई सुझाव भी प्रस्तुत किए।
विधायक कल्पना देवी और संदीप शर्मा ने कहा कि पांच हजार से अधिक सदस्यों वाली संस्था का लंबे समय तक सुचारु संचालन करना, लाभ की स्थिति बनाए रखना और जरूरत के समय सदस्यों के साथ खड़े रहना निरंतर प्रयासों और कुशल प्रबंधन का परिणाम है।
महापौर अनुसूइया गोस्वामी और उपमहापौर विवेक राजवंशी ने कहा कि सहकारिता का मूल मंत्र है, सब एक के लिए और एक सबके लिए। समिति ने अपने लंबे कार्यकाल में सहकारिता के इन सिद्धांतों के अनुरूप कार्य करते हुए सदस्यों को एक साझा मंच उपलब्ध कराया है।
श्रीकृष्ण बिरला के योगदान को किया याद
समिति की अध्यक्ष डॉ. मीनू बिरला ने अपने संबोधन की शुरुआत वर्ष 1920 में समिति की नींव रखने वाले स्वर्गीय गजाधर प्रसाद को स्मरण करते हुए की। उन्होंने संस्था को वटवृक्ष के रूप में विकसित करने में पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ सहकार नेता स्वर्गीय श्रीकृष्ण बिरला के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि बाबूजी ने अपने परिश्रम, लगन और समर्पण से संस्था को सींचा। उनके कार्यकाल में बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार हुआ, संस्था के भवन का विकास हुआ और कामकाज को कंप्यूटरीकृत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।
डॉ. मीनू ने कहा कि बदलते समय के साथ सेवाओं को आधुनिक बनाना प्राथमिकता है। सॉफ्टवेयर अपडेट का कार्य पूरा होने के बाद कंप्यूटरीकृत कार्यप्रणाली शुरू हो गई है। किस्तों के भुगतान की ऑनलाइन व्यवस्था भी शुरू कर दी गई है, जिससे सदस्यों को सुविधाजनक और पारदर्शी सेवाएं मिल सकेंगी।
227.74 करोड़ रुपये की कार्यशील पूंजी
अध्यक्ष डॉ. मीनू ने समिति की वित्तीय उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि 31 मार्च 2026 तक समिति के सदस्यों की संख्या बढ़कर 5,195 हो गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में समिति ने 1.64 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध लाभ अर्जित किया। समिति की कार्यशील पूंजी 227.74 करोड़ रुपये, कोष 10.12 करोड़ रुपये, जमा हिस्सा 7.67 करोड़ रुपये और जमा अमानतें 183.69 करोड़ रुपये तक पहुंच गई हैं।

