सीमित आपूर्ति व व्यापारियों के स्टॉक होल्डिंग के कारण धनिया के दामों में मजबूती

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नई दिल्ली। सीमित आपूर्ति और व्यापारियों के स्टॉक होल्डिंग के कारण धनिया के दामों में मजबूती आ रही है। प्रमुख मंडियों में आवक घटने से उपलब्धता कम हुई है, जबकि व्यापारी पहले के निचले स्तर पर खरीदे गए स्टॉक को रोककर रखे हुए हैं, जिससे बाजार में तेजी बनी है। हालांकि, घरेलू खरीदारों और प्रोसेसर्स की ओर से बढ़ी कीमतों पर प्रतिरोध देखने को मिल रहा है, जो आगे की तेजी को सीमित कर सकता है।

प्रमुख व्यापारिक केंद्रों पर धनिया की आवक में काफी कमी आई है। व्यापारियों ने पहले के कम दामों पर खरीदा गया स्टॉक रोक रखा है, जिससे स्पॉट मार्केट में उपलब्धता सीमित हो गई है और यह वर्तमान कीमतों में मजबूती का मुख्य कारण है।

घरेलू मांग, विशेषकर फूड़ प्रोसेसिंग और मसाला मिश्रण उद्योग से, मौसमी रूप से अच्छी बनी हुई है। हालांकि, कीमतों में वृद्धि के कारण खरीदार अब अधिक सतर्क हो गए हैं। पिछले वर्ष की तुलना में भारतीय मंडी कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी ने प्रोसेसर्स और निर्यातकों को अधिक कीमत संवेदनशील बना दिया है।

कम आवक, व्यापारियों द्वारा उच्च स्तर पर स्टॉक होल्डिंग और घरेलू खपत में मजबूती ये तीनों कारक निकट अबधि में कीमतों के लिए मजबूत आधार प्रदान कर रहे है। भारतीय धनिया की निर्यात प्रतिस्थर्धा अभी भी ठीक बनी हुई है, हालांकि अन्य मूल देशों, जैसे मिस्र, से कम कीमतों पर विकल्प उपलब्ध हैं। (मिस्र 99.9% शुद्धता FOB काहिरा वर्तमान में 1.10 यूरो, जो पहले 1.15 यूरो था।)

राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे प्रमुख धनिया उत्पादक क्षेत्रों में मानसून से रबी बुवाई की स्थिति की ओर परिवर्तन हो रहा है। पिछले कुछ दिनों में किसी बड़े प्रतिकूल मौसम की रिपोर्ट नहीं है। लेकिन यदि बुवाई के दौरान देर से बारिश या नमी की कमी होती है, तो इससे क्षेत्रफल पर असर पड़ सकता है और 2027 की फसल पर प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल, बाजार में मजबूती मुख्य रूप से आ रही है।

धनिया की कीमतें बढ़ रही हैं क्योंकि सप्लाई कम होने और ट्रेडर्स के स्टॉक रखने से खास भारतीय बाज़ारों में उपलब्धता कम हो गई है, जबकि खरीदार ऊंचे लेवल का विरोध करने लगे हैं। आवक में कमी और ट्रेडर्स के पहले के निचले लेवल पर एक्टिव स्टॉक जमा करने से स्पॉट उपलब्धता कम हो गई है और हाल की कीमतों में बढ़ोतरी को सहारा मिला है। हालांकि, इस तेजी को घरेलू खरीदारों और प्रोसेसर से विरोध का सामना करना पड़ रहा है, जो जल्द ही इसकी और तेजी को रोक सकता है।

बड़े ट्रेडिंग सेंटर्स में धनिया की आवक में काफ़ी कमी आई है, और ट्रेडर्स पहले कम कीमतों पर जमा किया हुआ स्टॉक अपने पास रखे हुए हैं। इस स्टॉकहोल्डिंग ने स्पॉट अवेलेबिलिटी को कम कर दिया है और यही मौजूदा कीमत में मज़बूती का मुख्य कारण है।

घरेलू डिमांड, खासकर फ़ूड प्रोसेसिंग और मसालों के मिक्सचर से, सीज़नल तौर पर मज़बूत बनी हुई है। हालांकि, कीमतों में बढ़ोतरी से नई खरीदारी पर असर पड़ रहा है, क्योंकि भारतीय मंडी में रेफरेंस कीमतों में साल-दर-साल अच्छी बढ़ोतरी के बाद प्रोसेसर और एक्सपोर्टर कीमतों को लेकर ज़्यादा सेंसिटिव हो गए हैं, जो अब कुछ डेटासेट में पिछले साल के लेवल से दोगुने से भी ज़्यादा हैं।

शॉर्ट-टर्म फंडामेंटल्स मजबूत हो रहे हैं, जिसे कम आवक, ट्रेडर्स के बीच स्टॉक ओनरशिप का एक जगह होना और घरेलू स्तर पर मजबूत खरीद से सपोर्ट मिल रहा है। भारतीय धनिया की एक्सपोर्ट कॉम्पिटिटिवनेस काफी अच्छी बनी हुई है।