नई दिल्ली। त्योहारी सीजन से पहले म्युचुअल फंड के जरिए सोने में निवेश करने वालों को बड़ा झटका लगा है। करीब 17 म्युचुअल फंड कंपनियों ने गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (Gold ETF) के फंड ऑफ फंड्स (FoF) में नए निवेश पर अस्थायी रोक लगा दी है।
यह रोक शुक्रवार,16 अक्टूबर से लागू हो गई है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के कहने पर यह कदम उठाया गया है। हालांकि, नियामक ने अब तक इसकी वजह सार्वजनिक नहीं की है।
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्युचुअल फंड, एचडीएफसी म्युचुअल फंड, आदित्य बिड़ला सन लाइफ म्युचुअल फंड, इनवेस्को इंडिया म्युचुअल फंड, डीएसपी म्युचुअल फंड और टाटा म्युचुअल फंड ने निवेशकों को इसकी जानकारी देते हुए नोटिस जारी किए हैं। हालांकि, कंपनियों ने अपने नोटिस में रोक की वजह नहीं बताई है। निवेशकों को अपनी इकाइयां बेचकर पैसा निकालने की छूट जारी है।
ये पाबंदियां गोल्ड ईटीएफ के फंड ऑफ फंड्स (FoF) पर लागू होंगी। इनमें एकमुश्त नए निवेश, नई सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) रजिस्ट्रेशन और पहले से चल रही एसआईपी में अतिरिक्त निवेश पर रोक शामिल है। इसमें एसआईपी की रकम बढ़ाकर निवेश करना भी शामिल है। कुछ फंड कंपनियों ने एक योजना से दूसरी योजना में निवेश की रकम स्थानांतरित करने और नई सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) शुरू करने पर भी रोक लगाई है।
एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs) की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, पाबंदियां लागू होने से पहले रजिस्टर की गई मौजूदा एसआईपी और एसटीपी की किस्तें पहले की तरह जारी रहेंगी। निवेशक अपनी इकाइयां बेचकर पैसा निकाल सकेंगे। एक योजना से दूसरी योजना में निवेश की रकम स्थानांतरित करने की सुविधा भी जारी रहेगी।
ये पाबंदियां अस्थायी हैं और अगले आदेश तक लागू रहेंगी।
फंड हाउसों ने क्या कहा
टाटा म्युचुअल फंड ने कहा कि 16 अक्टूबर से टाटा गोल्ड ईटीएफ फंड ऑफ फंड्स में एकमुश्त नए और अतिरिक्त निवेश, एक योजना से दूसरी योजना में निवेश की रकम स्थानांतरित करने, एसआईपी में अतिरिक्त निवेश करने और नई सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) व सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) शुरू करने पर अस्थायी रोक रहेगी।
फंड हाउस ने कहा, “पाबंदी लागू होने की तारीख से पहले रजिस्टर की गई मौजूदा एसआईपी और एसटीपी की किस्तें पहले की तरह जारी रहेंगी। इनका भुगतान संबंधित दिन के लागू नेट एसेट वैल्यू (NAV) के आधार पर किया जाएगा।”
डीएसपी म्युचुअल फंड ने 15 अक्टूबर को जारी अपने नोटिस में कहा कि 15 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे की समयसीमा के बाद मिले आवेदन रद्द किए जा सकते हैं। ऐसे मामलों में निवेशकों को उनकी आवेदन राशि वापस कर दी जाएगी। फंड हाउस ने यह भी कहा कि 15 अक्टूबर या उससे पहले रजिस्टर किए गए एसआईपी और एसटीपी के तहत होने वाले नियमित लेनदेन पहले की तरह जारी रहेंगे।

