नई दिल्ली। चलती ट्रेन में मोबाइल फोन पर तेज आवाज में गाना बजाना अब महंगा पड़ेगा। यदि आपने स्पीकर पर गाना, वीडियो या रील चलाकर दूसरों को परेशान किया तो आपके ऊपर कार्रवाई हो कसती है। आप ऐसा करते हुए पकड़ लिए गए तो हो सकता है कि आपके ऊपर 1,000 रुपये का जुर्माना हो जाए। यही नहीं, आपको ट्रेन से भी उतार दिया जाएगा। आप यदि स्टेशन में ऐसा कर रहे हैं तो आपको स्टेशन परिसर से बाहर किया जा सकता है।
मोबाइल फोन पर तेज आवाज में संगीत सुनने वाले यदि चेतावनी के बावजूद भी नहीं मानते हैं तो उन्हें जेल की हवा खानी भी पड़ सकती है। रेलवे ने जिस कानून के तहत ऐसी कार्रवाई करने का फैसला किया है, उसमें बार बार ऐसा करने पर छह महीने तक की जेल की सजा हो सकती है। साथ्र ही 5,000 रुपये तक का जुर्माना भी लग सकता है।
दक्षिण रेलवे ने जन विश्वास अधिनियम के तहत संशोधित रेलवे अधिनियम की धारा 145(2)(a) के तहत ऐसा करने वालों पर कार्रवाई करने का फैसला किया है। अधिकारियों ने बताया कि सदर्न रेलवे के अलावा अन्य जोन और यहां तक कि मेट्रो प्रणाली भी इस तरह के व्यवहार को रोकने के लिए इस प्रावधान को लागू कर सकती है। जिससे अन्य यात्रियों की सुविधा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
कानून के अनुसार, मेट्रो रेल में उपद्रव करने पर जुर्माना भी लगता है और ऐसे व्यक्तियों को कोच से हटाया जा सकता है। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 270 सार्वजनिक उपद्रव को एक ऐसे कार्य के रूप में परिभाषित करती है जो सार्वजनिक अधिकार का उपयोग करने वाले लोगों को सामान्य चोट, खतरा, रुकावट या परेशानी का कारण बनता है और इसलिए यह एक अपराध है।
क्या है दक्षिणी रेलवे का सर्कुलर
इस महीने अपने सभी मंडलों को जारी किए गए तथा रेलवे बोर्ड को चिह्नित एक सर्कुलर में, साउर्दर्न रेलवे ने रेलवे स्टेशनों पर और ट्रेनों के अंदर स्पीकर के माध्यम से यात्रियों द्वारा संगीत या ऑडियो बजाने की समस्या को रेखांकित किया और इसे उपद्रव बताया है।
सर्कुलर में मोबाइल फोन के उपयोग पर जुलाई 2012 में जारी रेलवे बोर्ड के निर्देश का भी उल्लेख किया गया। बोर्ड ने कोचों के भीतर जोर से बोलना, लंबी बातचीत करना और आपत्तिजनक रिंगटोन की आवाज जैसी समस्याओं को रेखांकित किया था तथा सभी जोनों को ऐसी प्रथाओं के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए कहा था।
यात्रियों की सुविधा का खास ख्याल
साउर्दर्न जोन (दक्षिणी रेलवे) के आधिकारिक संचार में कहा गया, “हाल के दिनों में, व्यापक मोबाइल इंटरनेट पहुंच के आने के साथ, सार्वजनिक स्थानों पर स्पीकर मोड में वीडियो और अन्य सामग्री बजाना बहुत प्रचलित हो गया है। वर्तमान परिदृश्य में, यह सुनिश्चित करने के लिए तत्काल व्यवस्था करने की आवश्यकता है कि यात्रा करने वाले यात्रियों को कोई असुविधा न हो।
इसने अपने मंडलों को निर्देश दिया है कि वे यात्रियों को प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के बारे में शिक्षित करें और यात्रा के दौरान या रेलवे परिसर में स्पीकर मोड में संगीत या वीडियो बजाने या जोर-जोर से बातचीत करने से हतोत्साहित करें।

