कोटा। देश की तीनों सशस्त्र सेनाओं थल सेना, नौसेना एवं वायु सेना से सेवानिवृत्त शीघ्र सेवानिवृत्त होने वाले सैनिकों के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ कास्ट अकाउंटेंटस ऑफ इंडिया द्वारा सर्टिफिकेट इन अकाउंटिंग टेक्नीशियन (CAT) पाठ्यक्रम प्रारंभ किया गया है।
यह पाठ्यक्रम डीजीआर के तहत सेवानिवृत्त सैनिकों के भविष्य को सशक्त एवं सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। चेयरमैन राजेंद्र नाटाणी ने बताया कि सीएमए भवन कोटा में इस बैच की कक्षाएं चलाई जा रही हैं।
मुख्य अतिथि कर्नल अभिजीत साने एवं गेस्ट ऑफ हॉनर रीजनल काउंसिल सदस्य एवं पूर्व नॉर्थन रीजन चेयरमेन सीएमए सत्यनारायण मित्तल की उपस्थिति में इस कोर्स का शुभारंभ किया गया। कर्नल साने ने रक्षा विभाग द्वारा सीएमए इंस्टीट्यूट के साथ बनाये गए कैट कोर्स से सभी अभ्यर्थियों को अवगत करवाया।
सीएमए सत्यनारायण मित्तल ने रिटायरमेंट के बाद फाइनेंस एवं अकाउंट सेक्टर में अपना भविष्य बनाने की सोच रहे सभी अभ्यर्थियों को इस कोर्स का महत्व बताया तथा इस कोर्स के बाद प्लेसमेंट की योजनाओं पर प्रकाश डाला।
कोटा सीएमए चैप्टर में अब तक 36 सैनिकों का पंजीकरण हो चुका है। यह एक नियमित पाठ्यक्रम होगा, जिसकी अवधि चार माह रहेगी। पाठ्यक्रम पूर्ण करने के उपरांत सेवानिवृत्त सैनिक बैंक, निजी संस्थानों में लेखाकार के रूप में कार्य कर सकेंगे। इच्छुक अभ्यर्थी स्वयं का स्वतंत्र प्रैक्टिस भी प्रारंभ कर सकते हैं।
इस पाठ्यक्रम में केवल सेना से संबंधित कार्मिकों को ही प्रवेश दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम द इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के विभिन्न चैप्टरों के माध्यम से, रक्षा मंत्रालय के साथ किए गए समझौता ज्ञापन (MoU) के अंतर्गत देश के विभिन्न शहरों में संचालित किया जा रहा है।
चेयरमेन राजेन्द्र नाटाणी ने बताया कि यह पहल सेवानिवृत्त सैनिकों को व्यावसायिक कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगी। मंच का संचालन सेक्रेटरी सीएमए मुकुट बिहारी ने किया। इस अवसर पर सीएमए राजीव अग्रवाल, सीएमए पूर्वा अग्रवाल एवं फैकल्टी मेंबर्स आदि उपस्थित रहे।

