किशोर सागर की सुंदरता में चार चांद लगाने वाले घोड़े बदहाली के शिकार

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कोटा। पर्यटन के प्रमुख केंद्र किशोर सागर तालाब की सुंदरता में चार चांद लगाने वाले घोड़े आज कोटा विकास प्राधिकरण एवं पर्यटन विभाग की उपेक्षा के शिकार हो गए हैं। तालाब के मध्य दौड़ते हुए प्रतीत होने वाले ये आकर्षक शिल्प वर्षों से शहर की पहचान बने हुए हैं और हर आने वाले पर्यटक का सहज ही ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

किंतु लंबे समय से नियमित सफाई और रखरखाव नहीं होने के कारण इनकी चमक फीकी पड़ गई है। टीम जीवनदाता के संरक्षक एवं संयोजक भुवनेश गुप्ता ने प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए कहा कि कृत्रिम घोड़ों पर कबूतरों की बीट की मोटी परत जम चुकी है, जिससे उनका मूल रंग भी बदल गया है और उनकी खूबसूरती पर दाग लग गया है।

उन्होंने कहा कि जिस शिल्प को देखकर पर्यटक शहर की प्रशंसा करते थे, आज वही उपेक्षा की कहानी बयां कर रहा है। एक ओर प्रशासन कोटा को पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने के लिए विभिन्न सौंदर्यीकरण कार्य कर रहा है, वहीं दूसरी ओर शहर की पहचान बन चुके इन प्रतीकात्मक शिल्पों की अनदेखी विकास के दावों के विपरीत नजर आती है।

उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि यदि समय-समय पर इनकी सफाई और रंग-रोगन कराया जाए तो किशोर सागर की सुंदरता फिर से अपनी पुरानी आभा प्राप्त कर सकती है।