नई दिल्ली। देश में कम बारिश के कारण आगामी चीनी सीजन में चीनी उत्पादन कम रहने की आशंका जताई जा रही है जिससे भारत निर्यात की जगह आयात करने राह पर है। ऐसे समय में भारतीय चीनी निर्यातकों के लिए अमेरिका से की अच्छी खबर आयी है।
अमेरिका ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत के कच्ची गन्ने की चीनी निर्यात कोटे में 542 मीट्रिक टन रॉ वैल्यू (MTRV) की बढ़ोतरी की है। इससे भारत का कम शुल्क वाला कुल कोटा 9,148 एमटीआरवी हो गया है। इससे भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में तय मात्रा तक कम शुल्क पर चीनी भेजने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कच्ची गन्ने की चीनी के बचे हुए कोटे का देशवार आवंटन जारी किया है। अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) की फॉरेन एग्रीकल्चरल सर्विस के अनुसार, कुल इन-कोटा मात्रा 11,17,195 MTRV निर्धारित की गई है।
यह विश्व व्यापार संगठन (WTO) समझौते के तहत अमेरिका की न्यूनतम प्रतिबद्धता को पूरा करती है। अमेरिका ने इससे पहले 24 जुलाई 2026 को विभिन्न व्यापारिक साझेदारों के बीच 10,61,202 MTRV का प्रारंभिक आवंटन किया था। अब USTR ने बची हुई 55,993 MTRV मात्रा का भी आवंटन कर दिया है।
टैरिफ रेट कोटा के तहत कम शुल्क पर निर्यात
TRQ व्यवस्था के तहत निर्धारित देशों को एक निश्चित मात्रा में कच्ची गन्ना चीनी अमेरिका में अपेक्षाकृत कम शुल्क दर पर भेजने की अनुमति होती है। निर्धारित कोटे से अधिक मात्रा में होने वाले आयात पर काफी अधिक शुल्क लगाया जाता है। भारत को जुलाई में प्रारंभिक रूप से 8,606 MTRV का कोटा मिला था। नवीनतम आवंटन में अतिरिक्त 542 MTRV मिलने के बाद वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत का कुल कोटा 9,148 MTRV हो गया है।
1 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा नया वित्त वर्ष
अतिरिक्त आवंटन से वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान भारतीय चीनी निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में तरजीही पहुंच के लिए अधिक मात्रा उपलब्ध होगी। यह वित्त वर्ष 1 अक्टूबर 2026 से 30 सितंबर 2027 तक चलेगा। पात्र निर्यात आवश्यक कोटा पात्रता और मूल देश से संबंधित दस्तावेज पूरे करने की शर्त पर कम शुल्क दर पर अमेरिका में प्रवेश कर सकेंगे।
भारत के लिए कच्ची गन्ना चीनी का मूल WTO आवंटन 8,606 MTRV, यानी 9,486 शॉर्ट टन, है। यह WTO प्रतिबद्धताओं के तहत ऐतिहासिक व्यापार हिस्सेदारी के आधार पर निर्धारित है। नवीनतम अतिरिक्त आवंटन इस मूल कोटे से अधिक उपलब्ध कराई गई मात्रा है।
यातक देशों के लिए प्रमाणपत्र जरूरी
भारत समेत शुद्ध चीनी आयातक देशों के लिए अमेरिका को निर्यात की जाने वाली चीनी के मूल देश की पुष्टि और कोटा पात्रता प्रमाणित करने वाले वैध प्रमाणपत्र आवश्यक हैं। भारत की व्यापक चीनी निर्यात नीति घरेलू आपूर्ति की स्थिति और लागू नियमों के अधीन बनी रहेगी।
अमेरिकी TRQ आवंटन की प्रक्रिया भारत में संबंधित प्राधिकरणों के माध्यम से अलग से संचालित होती है, जिसमें विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) और कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) शामिल हैं।उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, भारत से अमेरिका को चीनी और कन्फेक्शनरी उत्पादों का निर्यात लगभग 30.54 मिलियन डॉलर मूल्य का रहा है।

