कच्चे तेल के दाम छह हफ्ते के उच्चतम स्तर पर, ब्रेंट क्रूड की कीमत 95 डॉलर के पार

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नई दिल्ली। कच्चे तेल की कीमतें बुधवार को लगभग छह हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं और ब्रेंट क्रूड की कीमत 95 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गईं। इसकी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण पश्चिम एशिया से आपूर्ति में रुकावट की आशंका और यमन में ईरान समर्थित हूती मिलिशिया द्वारा जहाजों को दी जा रही धमकियां थीं।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2.23 डॉलर यानी 2.45 फीसदी बढ़कर 93.24 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया जबकि इससे पहले यह सत्र के दौरान 95.47 डॉलर के उच्चस्तर पर पहुंच गया था। यूएस वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट क्रूड 2.18 डॉलर यानी 2.18 फीसदी बढ़कर 86.18 डॉलर पर पहुंच गया। दोनों बेंचमार्क 11 जून के बाद से अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचे।

आपूर्ति को लेकर बढ़ते जोखिमों के कारण ब्रेंट क्रूड का तीन महीने का टाइम स्प्रेड बढ़कर 10.89 डॉलर प्रति बैरल हो गया। यह 22 मई के बाद से सबसे ज्यादा है। आपूर्ति के जोखिम के कारण बैकवार्डेशन की स्थिति और बढ़ गई है। बैकवार्डेशन तब होता है जब तुरंत मिलने वाले क्रूड के दाम बाद की तारीख वाले क्रूड से ज्यादा होते हैं, जो आम तौर पर निकट भविष्य में आपूर्ति की कमी का संकेत देता है।

अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने ईरान पर लगातार 11वीं रात हमले किए। ये अमेरिकी हमले कुवैती सेना के उस बयान के कुछ ही देर बाद हुए, जिसमें कहा गया था कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ईरानी ड्रोनों को रोक रहे हैं।

होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण को लेकर फिर से शुरू हुए टकराव के साथ-साथ ईरान समर्थक हूती विद्रोहियों ने युद्ध में नया मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने बाब अल-मंदेब स्ट्रेट में सऊदी तेल ले जाने वाले जहाजों को निशाना बनाने की धमकी दी है और सऊदी अरब की नौसैनिक घेराबंदी की घोषणा की है।

यूरोपीय संघ की नौसेना एस्पिड्स ने बुधवार को कहा कि इजरायल, अमेरिका या सऊदी अरब से जुड़े जहाजों पर यमन के ईरान-समर्थक हूती मिलिशिया के हमलों का ख़तरा ज्यादा है।