नई दिल्ली। कमजोर मानसून और खरीफ सीजन में तुवर की सुस्त बुवाई ने बाजार में तेजी का माहौल बना दिया है। पिछले एक महीने में अरहर के थोक भाव करीब 5% बढ़ चुके हैं, जबकि तुवर दाल भी 300–350 रुपये प्रति क्विंटल महंगी हो गई है। यदि बारिश में जल्द बड़ा सुधार नहीं हुआ तो कीमतों में और तेजी आ सकती है।
बाजार को सबसे बड़ा समर्थन म्यांमार और अफ्रीकी देशों से महंगे आयात, बंदरगाहों पर सीमित स्टॉक और रुपये की कमजोरी से मिल रहा है। साथ ही, त्योहारी सीजन से पहले दाल मिलों की बढ़ती खरीदारी भी कीमतों को मजबूती दे रही है।
ताजा सरकारी आंकड़ों में अरहर की बुवाई पिछले वर्ष की तुलना में करीब 18% घटकर 24.80 लाख हेक्टेयर रह गई है। कमजोर मानसून के कारण उत्पादन को लेकर चिंता बढ़ी है, जिससे आगे भी बाजार में तेजी बनी रह सकती है।
निकट अवधि में अरहर के भाव 8,600 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच सकते हैं। यदि यह स्तर मजबूती से पार होता है, तो बाजार में 9,000–9,200 रुपये प्रति क्विंटल तक की तेजी से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल बाजार की नजर मानसून की प्रगति और आने वाले दिनों में बुवाई की रफ्तार पर रहेगी।

