Wednesday, June 24, 2026
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राज्य बिजली बिल का कैश पेमेंट लेना बन्द करें , केंद्र ने राज्यों से कहा,

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा है कि वे बिजली बिल के भुगतान कैश में लेना बंद करें और डिजिटल मोड की ओर बढ़ें। अगर ऐसा हो गया तो कैशलेस इकॉनमी की दिशा में यह एक बड़ी छलांग होगी क्योंकि हर साल लाखों करोड़ रुपये की बिजली कंज्यूम की जाती है।

पावर सेक्रेटरी पीके पुजारी ने बताया कि केंद्रीय बिजली मंत्रालय ने राज्यों की डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों से कहा है कि वे ऑनलाइन और डिजिटल पेमेंट मैकेनिज्म बनाएं और मजबूत करें। इससे शहरी इलाकों से कैश पेमेंट बंद करने की शुरुआत हो सकेगी और धीरे-धीरे सभी इलेक्ट्रिसिटी कंज्यूमर्स को इसके दायरे में लिया जाए।

सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के पास उपलब्ध डेटा के अनुसार, अप्रैल 2016 से इस साल मार्च तक राज्यों को 1,134,63.10 करोड़ यूनिट बिजली सप्लाई की गई। अगर 3 रुपये प्रति यूनिट का टैरिफ भी रखकर गणना की जाए तो डिजिटल पेमेंट मैकेनिज्म पर शिफ्ट होने से 340,389 करोड़ रुपये जेनरेट हो सकते हैं।

पुजारी ने कहा, ‘पावर सेक्टर में मनी कलेक्शन मुख्य रूप से डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों के जरिए होता है। हमने राज्यों से कहा है कि वे ऐसे उपाय करें जिससे कंज्यूमर्स ई-पेमेंट्स के जरिए भुगतान करें। ऐसा नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड्स या क्रेडिट कार्ड्स से हो सकता है।’ पावर मिनिस्ट्री इसी सप्ताह कैशलेस इलेक्ट्रिसिटी बिल पेमेंट को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा करेगी।

एलन के मेगा ओरियंटेशन में 12 हजार से अधिक छात्र और अभिभावक शामिल

कोटा| नीट लागू होने के साथ ही कोटा में मेडिकल की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों की संख्या डेढ़ गुना हो गई है। बड़ी संख्या में देश के लगभग सभी राज्यों से विद्यार्थियों का आना जारी है। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट में सोमवार को मेडिकल प्री नर्चर बैच के तीन ओरियंटेशन हुए, जिसमें 12 हजार से अधिक विद्यार्थियों और अभिभावकों ने भाग लिया। 

गत वर्ष तक जहां कोटा में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले 50 से 55 हजार तक विद्यार्थी थे, यह संख्या इस वर्ष 80 हजार तक पहुंचने का अनुमान है। कोटा आने वाले विद्यार्थियों में दक्षिण पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्यों के विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ने लगी है। सोमवार से शुरू हुए बैच के ओरियंटेशन में संस्था के निदेशक बृजेश माहेश्वरी ने कहा कि कोटा देश में एकमात्र शहर है जहां मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी सबसे बेहतर हो रही है।

उन्होंने कहा कि दो साल तक आप एक ऋषि की तरह तपस्या शुरू कर दें। पढ़ाई में मन लगा लें, पूरी तरह से जुट जाएं। ऐसे पढ़ाई करें कि दूसरा कोई काम नजर ही नहीं आए। संकल्प कर लें कि अच्छे नंबर से पास होना है। हमें बच्चों को आगे बढ़ाना है, दूसरे से तुलना कर पीछे नहीं धकेलना है। निदेशक नवीन माहेश्वरी ने पलक मुच्छाल के खुशी वाली खुशी वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि हर विद्यार्थी खुशियां बांटना सीखे।

 

पीएम ने की जीएसटी तैयारियों की समीक्षा

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वित्त मंत्रालय द्वारा वस्तु एवं सेवा कर :जीएसटी: को लागू करने को लेकर की गई तैयारियों तथा नोटबंदी के बाद कालेधन के खिलाफ अभियान की समीक्षा की।

 राजस्व विभाग के साथ बैठक में मोदी ने जीएसटी को लेकर तैयारियों का जायजा लिया। इसे आजादी के बाद का सबसे बड़ा कर सुधार कहा जा रहा है। सरकार का इरादा जीएसटी को एक जुलाई से लागू करने का है। इस समीक्षा बैठक में वित्त मंत्री अरण जेटली, राजस्व सचिव हसमुख अधिया और राजस्व विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

समझा जाता है कि इस बैठक में पिछले साल नवंबर में नोटबंदी के बाद कर माफी योजना के तहत बेहिसाबी धन को लेकर की गई घोषणाओं पर भी विचार विमर्श हुआ। बैठक में  कालेधन के खिलाफ अभियान, ऑपरेशन स्वच्छ धन तथा कर माफी योजना प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना :पीएमजीकेवाई: की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

राजस्व विभाग ने बैठक में कालेधन धन की घोषणा और उसके बाद जुटाए गए कर के साथ देशभर में  छापेमारी के दौरान जब्त संपत्ति पर भी रिपोर्ट कार्ड पेश किया। सरकार जिस तरीके से कालेधन पर ध्यान दे रही है उसे देखते हुए समझा जाता है कि बैठक में  कर अपवंचना करने वाले लोगों के खिलाफ कर विभाग द्वारा किए जा रहे उपायों पर भी बैठक में चर्चा हुई।

 

मोबाइल टावर के विकिरण की माप बताने वाला तरंग संचार पोर्टल लांच

नई दिल्ली। अब आप पोर्टल के जरिये अपने इलाके में मोबाइल टावर से निकलने वाले विकिरण का पता लगा सकते हैं। दूरसंचार विभाग ने इसके लिए “तरंग संचार” पोर्टल तैयार किया है।संचारमंत्री मनोज सिन्हा ने मंगलवार को इसे लांच किया।

इस अवसर पर सिन्हा ने कहा कि यह पोर्टल मोबाइल टावर से निकलने वाली तरंगों के बारे में व्याप्त मिथ्या धारणाओं को तोड़ने का काम करेगा।यह ग्राहकों को एक माउस के क्लिक पर किसी क्षेत्र में कार्यरत तमाम टावरों के बारे में जानकारी देगा। यह बताएगा कि किसी खास टावर से निकलने वाली तरंगें सरकार की ओर से तय मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों ही ग्वालियर के एक 42 वर्षीय मरीज की मांग पर उसके इलाके से मोबाइल टावर हटाने का आदेश दिया था।मरीज का दावा था कि इस टावर से निकलने वाली घातक तरंगों के कारण ही उसे कैंसर हुआ है। कोर्ट के इस आदेश के बाद मोबाइल टावरों से उत्सर्जित होने वाले विकिरण को लेकर जारी बहस नए सिरे से तेज हो गई थी।

धनिया 14 महीने के निचले स्तर के करीब

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महीनेभर में करीब 1500 रुपये टूटा

कोटा। अप्रैल की शुरुआत में एकतरफा तेजी के बाद अब धनिया के बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है, कमोडिटी एक्सचेंज NCDEX पर महीनेभर में धनिया का भाव करीब 1,500 रुपये घट गया है । धनिया के भाव  14 महीने के निचले स्तर के करीब  आ गया। 

अप्रैल की शुरुआत में NCDEX पर नजदीकी वायदा सौदे के लिए धनिया का भाव 7,900 रुपये प्रति क्विंटल तक चला गया था लेकिन अब भाव घटकर 6,450 रुपये तक आ गया है। मार्च में धनिया की कीमतों ने 6,410 रुपये का निचला स्तर छुआ था जो करीब 13 महीने में सबसे कम भाव था।

NCDEX पर कमोडिटीज में भारी बिकवाली,  3 से 4 फीसदी तक गिरावट

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हल्दी का भाव 4 फीसदी लुढ़का, धनिया में भी करीब इतनी ही गिरावट

मुंबई। कमोडिटी एक्सचेंज NCDEX पर मंगलवार को सभी कमोडिटीज में भारी बिकवाली देखने को मिली है, कुछ कमोडिटीज में 3 फीसदी और कुछ में 4 फीसदी का निचला सर्किट लगा है, कुछ कमोडिटीज का भाव डेढ़ साल तो कुछ का तीन साल के निचले स्तर तक आ गया है।

पूरे बाजार में आचानक आई गिरावट से कारोबारियों हड़कंप मचा हुआ है। कारोबारी जानना चाहते हैं कि पूरे बाजार में अचानक इतनी ज्यादा गिरावट क्यों आई है? लेन -देन न्यूज़ ने इस गिरावट के पीछे कमोडिटी एक्सचेंज NCDEX के अधिकारियों से बात की लेकिन अधिकारियों का कहना है न तो सरकार की तरफ से और न ही एक्सचेंज की तरफ से कोई ऐसा नियम जारी हुआ है जिस वजह से बाजार में बिकवाली को बढ़ावा मिले।

मंगलवार को NCDEX पर हल्दी का भाव 4 फीसदी लुढ़का, धनिया में भी करीब इतनी ही गिरावट देखने को मिली, इसके अलावा ग्वार और जीरा में 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है, कैस्टरसीड और मक्का में ढाई फीसदी, कपासखल में 2 फीसदी, बारले डेढ़ फीसदी और अन्य ज्यादातर कमोडिटीज में एक से डेढ़ फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। 

इन्फोसिस देगी दस हजार अमेरिकियों को नौकरी

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एच1बी वीजा पर सख्ती का असर 

मुंबई। भारतीय आईटी कंपनी इन्फोसिस ने अगले दो वर्षों में दस हजार अमेरिकियों को नौकरी देने का ऐलान किया है। इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एच1बी वीजा पर सख्ती का असर माना जा रहा है। 

इन्फोसिस अमेरिका में चार प्रौद्योगिकी और नवोन्मेष प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना भी करेगी। इन्फोसिस के सीईओ विशाल सिक्का ने मंगलवार को कहा कि पहला नवोन्मेष केंद्र इस साल अगस्त में इंडियाना में खुलेगा।

इस केंद्र में 2021 तक अमेरिकियों को दो हजार रोजगार मिलेंगे। तीन अन्य केंद्रों के लिए जगहों का भी जल्द चयन होगा। इन केंद्रों के जरिये कंपनी को वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र, विनिर्माण, स्वास्थ्य देखभाल, खुदरा कारोबार और ऊर्जा क्षेत्र में ग्राहकों के साथ नजदीकी से काम करने में भी मदद मिलेगी। 

 उत्तरी अमेरिका बड़ा बाजार

उत्तरी अमेरिका का आईटी बाजार इन्फोसिस के लिए काफी महत्वपूर्ण है। वर्ष 2016-17 में कंपनी के राजस्व में उत्तरी अमेरिका का 60 प्रतिशत से अधिक योगदान रहा है। हालांकि सिक्का ने स्पष्ट किया कि फैसले की एकमात्र वजह वीजा के कड़े नियम ही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल के दौरान आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस और वर्चुअल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल काफी बढ़ा है। पुरानी परियोजनाओं को भी अब ज्यादा स्वचालित बनाया जा रहा है। 

पांच देशों की सख्ती दिखी

अमेरिका के अलावा ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन और सिंगापुर ने आईटी पेशेवरों के लिए वीजा नियमों में कठोरता बरती है। इसका असर भारतीय आईटी पेशेवरों पर पड़ा है। 

इन्फोसिस -टीसीएस पर लगाया था आरोप

अमेरिका ने हाल ही में इन्फोसिस, विप्रो और टीसीएस पर एच1बी वीजा का बड़ा कोटा हथियाने का आरोप लगाया था। व्हाइट हाउस ने कहा था कि ज्यादा से ज्यादा आवेदन कर ये कंपनियां एच1बी वीजा का ज्यादातर कोटा हथिया लेती हैं। हालांकि इन कंपनियों ने कहा था कि एच1बी वीजा में उनका हिस्सा महज 8-9 फीसदी ही है। भारत और अमेरिकी आईटी कंपनियां एच1बी वीजा के जरिये बड़ी संखया में भारतीय पेशेवरों को नौकरियां देती हैं। 

आईसीआईसीआई ने किए 100 डिजीटल विलेज‘ राष्ट्र को समर्पित

राजस्थान के 11 गांवों को डिजीटल विलेज में बदला

नई दिल्ली। आईसीआईसीआई समूह ने आज नई दिल्ली में आयोजित समारोह में 100 ‘आईसीआईसीआई डिजीटल विलेजेस‘ ग्रामीण भारत को और अधिक सशक्त बनाने के प्रयास के तहत राष्ट्र को समर्पित किए। इस अवसर पर आयोजित ‘आईसीआईसीआई रूरल समिट ‘सशक्त गांव, समृद्ध भारत‘ का केन्द्रीय वित्त, रक्षा एवं कॉरपोरेट मामलात के मंत्री, अरूण जेटली ने उद्घाटन किया।

बैंक ने गत नवम्बर मेंं 100 गांवों को डिजीलीकृत करने को वादा किया गया था। इस कार्यक्रम के तहत शुरू से अंत तक के लेनदेन तथा अन्य व्यावसायिक गतिविधियों का डिजीटलाइजेशन,ग्रामीणों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देना, ऋण सुविधा का विस्तार करना तथा ग्रामीणों की पहुंच बाजार तक बना कर उनके लिए स्थाई आजीविका के संसाधन उपलब्ध करवाना है।

इस अवसर पर आईसीआईसीआई बैंक की प्रबन्ध निदेशक  चंदा कोचर ने कहा ‘‘आईसीआईसीआई ग्रुप का हमेशा प्रयास रहा है कि किसी भी राष्ट्र की नींव उसके गांवों के समृद्ध होने से और मजबूत होती है। इसी क्रम में हमारा नजरिया ‘सशक्त गांव, समृद्ध भारत‘ रखा गया, जिसके तहत पूरे देश के 100 गावों का 100 दिनों के भीतर कायाकल्प किया। 

कोचर ने कहा कि हमारा इरादा गांवों की संख्या का दिसम्बर, 2017 तक विस्तार कर अन्य 500 गांवों को और इनमें शामिल करना है। इस प्रक्रिया से हम अतिरिक्त 50,000 और व्यक्तियों को प्रशिक्षित करेंगे जिसका प्रभाव 12.5 लाख जिन्दगियों पर पड़ेगा। ‘‘यह 100 विशेष गांव देश में चारां तरफ है, इन गांवों के रहने वाले अब बैंकिंग और भुगतान लेनदेन के लिए डिजीटल चैनल्स का उपयोग कर सकेंगे।

उन्होंने कहा किपूरे भारत के 17 राज्यों को 100 गांवों को ‘आईसीआईसीआई डिजीटल विलेज‘ के रूप में बदला गया है। इनमें गुजरात में 16, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश प्रत्येक में 14, तमिलनाडु और कर्नाटक में क्रमशः 12 तथा राजस्थान में 11 तथा शेष अन्य हैं।

दुकानों की नीलामी की तो व्यापारी अदालत जाएंगे

-दशहरा मेला व्यापार महासंघ की चेतावनी 

कोटा । दशहरा मेला व्यापार महासंघ ने कहा है कि नीलामी पद्धति से दुकानों के आवंटन को गलत बताते हुए कहा कि नगर निगम प्रशासन इस कदम को वापस ले अन्यथा महासंघ अदालत का दरवाजा खटखटाएगा।

मंगलवार को पत्रकार वार्ता में  महासंघ के अध्यक्ष सुनील वैष्णव ने बताया कि दशहरा मैदान को प्रगति मैदान बनाने का काम चल रहा है लेकिन कोटा की शान इस दशहरा मेला से नगर निगम अधिक से अधिक राजस्व कमाने का प्रयास कर रहा है जो कि इस मेले को मंहगा कर देगा।

पूर्व में कोटा मे उद्योग मेला लगता था , लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के गलत निर्णय से नीलामी प्रकिया की गई और आज हालत है कि उद्योग मेला भरना बंद हो गया। वैष्णव ने बताया के पूर्व में आयुक्त शिवप्रसाद नकाते ने कहा था कि गई दीपावली के पश्चात कमेटी बना कर मेले के प्रारूप पर चर्चा की जाएगी।

दुर्भाग्य से 5 माह बाद भी कोई बैठक या चर्चा तक नहीं है। उन्होंने व्यापारियों पर दुकानों को शिकमी किराएदारों को देने के आरोप का खंडन करते हुए कहा कि नगर निगम पहले तो शिकमी दुकानदारों की परिभाषा बताए। 1 या 2 प्रतिशत शिकमी दुकानदार होते हैं। हमारे महासंघ में 350 से 400 दुकानदार है जिनमें से कोई शिकमी नहीं है।

वैष्णव ने बताया कि निगम प्रशासन तो सभी दुकानदारों को शिकमी बनाने के प्रयास में है। राष्ट्रीय मेले में दुकानदारों को सुविधा देना नगर निगम और न्यास का नैतिक दायित्व है। उनसे केवल राजस्व कमाना गलत हैं वैसे भी कई प्रकार टेक्स व्यापारियों से वसूल लिया जाता है। पहले भी डस्टबिन के नाम से 500- 500 रूपए वसूले गए और डस्टबिन भी नहीं दिया गया।

वैष्णव ने बताया कि पहले हम वार्ता करने का प्रयास करेंगे। वार्ता में बात नहीं बनी तो मेले का बहिष्कार किया जा सकता है। महासंघ ने व्यपारियों से शपथ पत्र भरवाने में भी गलत बातों पर हस्ताक्षर करा लिए जाते है। निगम की कार्यशाला में भी हमने विरोध दर्ज कराया था। महासंघ में मेले के 9 मार्केट है और 400 के लगभग सदस्य है।

कोटा व्यापार महासंघ का समर्थन

उन्होंने बताया कि पहले जन प्रतिनिधियां और पार्षदों के साथ बैठक की जाएगी। कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने भी हमारी बातों का समर्थन किया है। पूर्व पार्षद नरेंद्र बिरला को महासंघ का संरक्षक बनाया गया है। मंगलवार को महासंघ के पदाधिकारियों की बैठक भी आयोजित की गई।

यूजीसी नेट 2017 की आंसर की और ओएमआर शीट जारी

नई दिल्ली। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन ने नैशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (यूजीसी नेट) 2017 की आंसर की और ओएमआर शीट जारी कर दी है। यह परीक्षा 22 जनवरी 2017 को ली गई थी। यह आंसर की यूजीसी नेट के लिए बनाई गई सीबीएसई की ऑफिशल साइट cbsenet.nic.in पर उपलब्ध है।

यूजीसी की ओर से सीबीएसई द्वारा ली गई इस परीक्षा में कुल 7.94 लाख लोगों ने भाग लिया था। परीक्षा देने वाले उम्मीदवार 8 मई तक अपनी आंसर की और ओएमआर शीट चेक कर सकते हैं। किसी भी सवाल के जवाब पर दावा करने के लिए उम्मीदवार प्रति प्रश्न 1000 रुपये देखर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं।

आप इस तरह यूजीसी नेट 2017 की आंसर की डाउनलोड कर सकते हैं-

  • सबसे पहले यूजीसी नेट की ऑफिशल वेबसाइट cbsenet.nic.in पर लॉगइन करें।
  • होमपेज पर दी गई आंसर की लिंक पर क्लिक करें।
  • अपना ऐप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड डालिए
  • .ओएमआर शीट और आंसर की का प्रिंट आउट लें।

आंसर की के लिए यहाँ पर क्लिक करें