Thursday, June 25, 2026
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NEET के लिए गाइडलाइंस जारी, आधी बांह की शर्ट के साथ सैंडल पहन सकेंगे छात्र

महिला कैंडिडेट्स के लिए कपड़ों में बड़े बटन लगाना, ब्रोच और हाई हील के जूते पहनने पर रोक 

नई दिल्ली।  रविवार  7 मई को होने वाले नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी NEET के एग्जाम के लिए CBSE कोई चांस नहीं लेना चाहती। परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थी किसी अनुचित तरीके का इस्तेमाल न करें इस आशंका के मद्देनजर बोर्ड ने कई जरूरी गाइडलाइंस जारी की है।

इसमें सबसे हैरान करने वाला फैसला यह है कि परीक्षार्थियों को अपने परीक्षा केंद्र पर पेन और पेन्सिल ले जाने पर बैन लगा दिया गया है।इसके अलावा कैंडिडेट्स के लिए स्पेशल ड्रेस कोड जारी किया गया है जिसे उन्हें फॉलो करना जरूरी है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि परीक्षार्थी किसी भी कपड़े का इस्तेमाल चीटिंग करने के लिए न कर सकें।

एग्जाम में शामिल हो रहे पुरुष स्टूडेंट्स को कुर्ता पैजामा और जूता पहनने से मना किया गया है। उनके लिए जो ड्रेस कोड जारी किया गया है उसके मुताबिक पुरुष स्टूडेंट्स लाइट कलर की जींस, ट्राउजर और हाफ स्लीव की शर्ट के साथ सैंडल या चप्पल पहन सकते हैं। जबकि महिला कैंडिडेट्स के लिए कपड़ों में बड़े बटन लगाना, ब्रोच और हाई हील के जूते पहनना मना  है।

सेंसेक्स 231 अंक उछल कर 30,126 के स्तर पर बंद

मुंबई। गुरुवार को शेयर बाजार में रिकॉर्ड क्लोजिंग देखने को मिली है। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 231 अंक की तेजी के साथ 30,126 के स्तर पर और निफ्टी 48 अंक की तेजी के साथ पहली बार 9360 के स्तर पर बंद हुआ है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मिडकैप इंडेक्स में 0.56 फीसद और स्मॉलकैप में आधे फीसद तक की तेजी हुई है।

बैंक निफ्टी की रिकॉर्ड क्लोजिंग

सेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो बैंक निफ्टी गुरुवार के कारोबार में रिकॉर्ड हाई पर बंद हुआ है।फाइनेंशियल सर्विस (1.53 फीसद) और एफएमसीजी (1.13 फीसद) की बढ़त के साथ बंद हुए हैं। वहीं, निफ्टी ऑटो (0.60 फीसद), आईटी (0.24 फीसद), मेटल (0.79 फीसद) और फार्मा (0.03 फीसद) की कमजोरी के साथ बंद हुए है।

ICICI बैंक में करीब 10 फीसद तक की बढ़त

दिग्गज शेयर्स की बात करें तो निफ्टी में शुमार शेयर्स में से 26 हरे निशान में और 24 गिरावट और एक बिना किसी परिवर्तन के कारोबार कर बंद हुआ है। सबसे ज्यादा तेजी आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, ग्रासिम और अदानीपोर्ट्स के शेयर्स में हुई है। वहीं गिरावट एचसीएलटेक, हिंडाल्को, टाटा मोटर्स, बीपीसीएल और आईओसी के शेयर्स में हुई है।

अमेरिकी फेड की दरों में कोई बदलाव नहीं

अमेरिकी फेड की दरों में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। अमेरिका में ब्याज दर बिना बदलाव के 0.75 फीसद से एक फीसद पर बरकरार रहेगी, जबकि डिस्काउंट रेट बिना बदलाव के 1.50 फीसद पर बरकरार है। बुधवार के कारोबारी सत्र में अमेरिकी बाजारों में निचले स्तर से अच्छा सुधार देखने को मिला है।

जून महीने में दरें बढ़ने की उम्मीद से बैंक शेयर्स में उछाल देखने को मिला है। अमेरिकी बाजार के प्रमुख सूचकांक डाओ जोंस 0.04 फीसद की बढ़त के साथ 20957 के स्तर पर और एमएंडपी500 0.13 फीसद की कमजोरी के साथ 2388 के स्तर पर और नैस्डैक 0.37 फीसद की कमजोरी के साथ 6072 के स्तर पर कारोबार कर बंद हुआ है।

वैश्विक बाजार से से मिल रहे मिले जुले संकेत

अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिल रहे मिले जुले संकेतों के बीच एशियाई बाजार में जापान का निक्केई 0.70 फीसद की बढ़त के साथ 19445 के स्तर पर और कोरिया का कोस्पी 0.64 फीसद की बढ़त के साथ 2233 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

चीन का शांघाई 0.08 फीसद की कमजोरी के साथ 3133 के स्तर पर और हैंगसैंग 0.53 फीसद की कमजोरी के साथ 24564 के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।बैंकिंग सेक्टर में खरीदारीसेक्टोरियल इंडेक्स की बात करें तो सभी सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे है। सबसे ज्यादा खरीदारी बैंकिंग सेक्टर में देखने को मिल रहा है।

वहीं, ऑटो (0.30 फीसद), फाइनेंशिल सर्विस (0.58 फीसद), एफएमसीजी (0.45 फीसद), आईटी (0.31 फीसद), मेटल (0.18 फीसद), फार्मा (0.06 फीसद) और रियल्टी (0.29 फीसद) की बढ़त देखने को मिल रही है।

ICICI बैंक का शेयर 6 फीसद उछला

दिग्गज शेयर्स की बात करें तो निफ्टी में शुमार शेयर्स में से 32 हरे निशान में, 18 गिरावट के साथ और एक बिना परिवर्तन के कारोबार कर रहे है। सबसे ज्यादा तेजी आईसीआईसीआई बैंक, इंडिया बुल्स हाउसिंग फाइनेंस, अदानीपोर्ट्स, बैंक ऑफ बड़ौदा और ग्रासिम के शेयर्स में देखने को मिल रही है। वहीं, गिरावट हिंडाल्को, सिप्ला, आईओसी, एचडीएफसी बैंक और कोटक बैंक के शेयर्स में हुई है।

आईसीआईसीआई बैंक का मुनाफा करीब 3 गुना

बढ़ावित्त वर्ष 2017 की चौथी तिमाही (जनवरी से मार्च) में ICICI बैंक का मुनाफा करीब तीन गुना बढ़कर 2025 करोड़ रुपये रहा है। बीते वित्त वर्ष की समान अवधि में आईसीआईसीआई बैंक का मुनाफा 701.9 करोड़ रुपये रहा था। वित्त वर्ष 2017 की चौथी तिमाही में आईसीआईसीआई बैक की ब्याज आय 10.3 फीसद बढ़कर 5962 करोड़ रुपये रही है।

रुपये में देखा जाए तो तिमाही आधार पर जनवरी से मार्च तिमाही में बैंक का ग्रॉस एनपीए 38085 करोड़ रुपये से बढ़कर 42551.5 करोड़ रुपये हो गया है। तिमाही आधार पर चौथी तिमाही में बैंक का नेट एनपीए 20154.9 करोड़ रुपये से बढ़कर 25451 करोड़ रुपये हो गया है। चौथी तिमाही में 5378 करोड़ रुपये के नये एनपीए हुए हैं।

स्वच्छता सर्वेक्षण में कोटा फिर पिछड़ा, मध्य प्रदेश का इंदौर पहले नंबर पर

स्वच्छता सर्वेक्षण में राजस्थान का एक भी शहर टॉप टेन में  भी शामिल नहीं 

कोटा। इस साल के स्वच्छता सर्वेक्षण के नतीजों में कोटा फिर पिछड़ गया है। सफाई के मामले में इस बार मध्य प्रदेश का इंदौर पहले नंबर पर और भोपाल दूसरे नंबर पर रहा है, जबकि तीसरा नंबर विशाखापट्टनम का आया है। कोटा सिटी देश भर में पिछड़  कर  ३४१ नंबर पर रहा है।

इस लिस्ट में गुजरात के सूरत को चौथा स्थान मिला है जबकि पिछली बार टॉप पर रहने वाला मैसूर शहर इस बार पांचवें नंबर पर खिसक गया है। इस बार देश के कुल 434 शहरों ने स्वच्छता सर्वेक्षण में हिस्सा लिया था।

सफाई के मामले में टॉप पर रहने वाले 50 शहरों में गुजरात के 12 और मध्य प्रदेश के 11 शहर हैं। वहीं, इस लिस्ट में महाराष्ट्र के तीन और तमिलनाडु के चार शहर हैं। दिल्ली का एनडीएमसी इलाका भी टॉप फिफ्टी में है लेकिन दिल्ली के बाकी तीनों नगर निगम टॉप 50 तो क्या टॉप 100 में भी जगह नहीं बना सके।

यूपी का भी महज एक ही शहर वाराणसी ही इस लिस्ट में टॉप फिफ्टी में रहा है। बिहार, राजस्थान और पंजाब का कोई भी शहर इतना साफ नहीं पाया गया कि वह टॉप फिफ्टी में हो। हरियाणा का भी कोई शहर टॉप फिफ्टी में जगह नहीं पा सका है।सबसे फिसड्डी शहरों  की  लिस्ट में सबसे नीचे के 50 शहरों में से 25 अकेले यूपी से हैं जबकि बिहार से नौ, राजस्थान, पंजाब से पांच-पांच शहर हैं।

स्वच्छता सर्वेक्षण में टॉप फाइव 

  1. इंदौर, 2. भोपाल, 3. विशाखापत्तनम, 4 .सूरत, 5. मैसूर

राजस्थान के शहरों की स्थिति

209  जोधपुर, 215  जयपुर 226 अजमेर, 285 ब्यावर. 300 सुजानगढ़, 301 चित्तौड़गढ़ 310 उदयपुर, 319 बीकानेर, 329 टोंक, 332 हनुमानगढ़,  341 कोटा, 354 बाराँ, 358 सवाई माधोपुर, 359 गंगानगर, 364 अलवर,367 हिंडौन, 384 नागौर, 387 धौलपुर, 402 झालावाड़ , 403 भिवाड़ी, 405 चूरू, 419 नम्बर पर किशनगढ़ शामिल है ।

 

फिर बढ़ेगा ट्रेनों का किराया, 10% तक बढ़ोतरी संभव

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बजट से पहले सरकार ने रेल किराये में 14 फीसदी की बढ़ोतरी की…

नई दिल्ली । आने वाले दिनों में रेल किराया बढ़ सकता है। इस इजाफे के लिए रेलवे के सामने पांच तरह के प्रस्ताव आए हैं। इन प्रस्तावों में हर महीने एक फीसदी किराया बढ़ाने से लेकर एकमुश्त दस फीसदी किराया बढ़ाने की सिफारिश की गई है। हालांकि, किराया किस फॉर्म्युले पर बढ़ाया जाए, इस पर आखिरी फैसला रेलमंत्री सुरेश प्रभु ही लेंगे।

प्रस्तावों में राजधानी, शताब्दी और दुरंतो ट्रेनों में फ्लेक्सी फेयर को खत्म करने या घटाने के लिए भी कहा गया है। रेलवे बोर्ड के एक टॉप अफसर ने कहा, ‘बोर्ड के सामने किराया बढ़ाने से संबंधित पांच प्रस्ताव आए हैं। इसका मकसद है कि रेलवे के यात्री किरायों से होने वाली आमदनी में बढ़ोतरी की जाए। हालांकि अभी इस मामले में फैसला नहीं लिया गया है।’

1. हर महीने 1% किराया बढ़े
रेलवे सूत्रों का कहना है कि इस बात पर विचार किया जा रहा है कि एकमुश्त किराया बढ़ाने के बजाय यह नियम बना दिया जाए कि हर महीने किराये में एक फीसदी बढ़ोतरी होगी। इससे यात्रियों की जेब पर एक ही झटके में बोझ नहीं बढ़ेगा। साथ ही रेलवे की आलोचना भी नहीं होगी। इसका फायदा यह होगा कि साल भर में किराया बढ़ोतरी लगभग 15 फीसदी तक हो जाएगी।

2. फ्लेक्सी फेयर बंद हो
एक प्रस्ताव फ्लेक्सी फेयर हटाने का भी है। हालांकि रेलवे को इससे सालाना लगभग छह सौ करोड़ का फायदा हो रहा है। लेकिन इस वजह से उसे नाराजगी भी झेलनी पड़ रही है। बोर्ड के सूत्रों का कहना है कि फ्लेक्सी फेयर को पूरी तरह से हटाया या फिर उसे कम किया जा सकता है। यानी दस फीसदी सीटों पर दस फीसदी किराया बढ़ाने की जगह पांच फीसदी बढ़ोतरी की जाए।

3. एकमुश्त 10% बढ़े
तीसरा प्रस्ताव है कि अगर फ्लेक्सी फेयर खत्म किया जाता है तो सभी तरह की ट्रेनों की सभी श्रेणियों में दस फीसदी किराया बढ़ा दिया जाए। रेलवे को अभी यात्री किराये से लगभग 45 हजार करोड़ रुपये की आमदनी होती है। अगर दस फीसदी किराया बढ़ता है तो साढ़े चार हजार करोड़ की अतिरिक्त कमाई होगी। एक प्रस्ताव के मुताबिक, किराया पांच फीसदी तक बढ़ाने की भी सिफारिश की गई है।

4. सेकंड क्लास अलग
एक प्रस्ताव यह भी है कि सेकंड क्लास के यात्रियों पर बोझ न डाला जाए। पीएम नरेंद्र मोदी लगातार गरीब कल्याण की बात कर रहे हैं। ऐसे में रेलवे नहीं चाहता कि ऐसा नजर आए कि वह गरीबों को नजरंदाज कर रहा है। हालांकि रेलवे में एक राय यह भी है कि सेकंड क्लास में भले ही बेहद कम किराया बढ़ाया जाए लेकिन इसमें भी बढ़ोतरी होनी चाहिए।

5. थर्ड एसी को बख्शा जाए
रेलवे के आंकड़ों को देखें तो उसे थर्ड एसी के अलावा हर क्लास में घाटा होता है। मसलन, एसी चेयरकार में उसका हर पैसेंजर पर खर्च एक रुपये 13 पैसे प्रति किमी. आता है। लेकिन आमदनी एक रुपये चार पैसे ही होती है। वहीं थर्ड एसी में यही खर्च 93 पैसे होता है और आमदनी एक रुपये चार पैसे। इसलिए थर्ड एसी छोड़कर बाकी क्लास से कमाई करने का तरीका निकालने की चर्चा है।

टोयोटा ने इनोवा व फॉर्च्‍यूनर की 2 % कीमत बढ़ाई

टोयोटो फॉर्च्‍यूनर

मुंबई। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (केटीएम) ने अपने सबसे लोकप्रिय मॉडल इनोवा क्रिस्टा और फॉर्च्यूनर की कीमत दो फीसद तक बढ़ा दी है। यह मूल्य वृद्धि मई से प्रभावी हो गई है।कंपनी के अनुसार उसने कच्चे माल की कीमत बढ़ने की वजह से मूल्य में बढ़ोतरी का कदम उठाया है।

हालांकि कंपनी ने भारत में अपने दूसरे मॉडलों की कीमत नहीं बढ़ाई है। कंपनी के सीनियर वाइस-प्रेसीडेंट (सेल्स व मार्केटिंग) एन. राजा ने कहा कि कच्चे माल खासकर मेटल की कीमत बढ़ने की वजह से हम चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। हमने इसका वित्तीय भार ग्र्राहकों पर डालने का फैसला किया है। हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए

महिंद्रा ने ब्रिटेन में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री रोकी

मुंबई। महिंद्रा एंड महिंद्रा ने ब्रिटेन के बाजार से इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री बंद कर दी है। ब्रेक्जिट के बाद कंपनी की बिक्री कम होने के बाद यह फैसला किया गया। कंपनी ने एक साल पहले ही ब्रिटेन के बाजार में प्रवेश किया था।

कंपनी के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि ब्रेक्जिट के तुरंत बाद कंपनी की इलेक्ट्रिक कार ई2ओ की बिक्री अपेक्षित नहीं रही। कंपनी के बिक्री के जो लक्ष्य तय किये थे, वे पूरे नहीं हो पाये।कंपनी ने छोटी इलेक्ट्रिक कार ई2ओ की बिक्री पिछले साल अप्रैल में शुरू की थी।

इस कार की कीमत 15,995 पाउंड (करीब 15 लाख रुपये) रखी गई थी।कंपनी के अनुसार वह घरेलू बाजार पर फोकस बनाये रखेगी। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। भारत में जिस तरह के बदलाव हो रहे हैं, उससे उम्मीद है कि यहां तेजी से मांग बढ़ेगी।

जगुआर एक्सई डीजल कार की बुकिंग शुरू

मुंबई। जगुआर लैंड रोवर इंडिया ने अपनी 2.0 लीटर डीजल वेरिएंट जगुआर एक्सई कार की बुकिंग शुरू कर दी है। इसकी बुकिंग कोई भी देश में मौजूद 24 आधिकारिक रिटेलर्स के जरिए कर सकता है। इसकी जानकारी जगुआर ने एक आधिकारिक स्टेटमेंट के तहत दी। 

आलीशान इंटीरियर के साथ आ रही इस शानदार कार के इस नए वेरिएंट में 2.0 लीटर का डीजल इंजन लगा है जो कि 132 केवी की शक्ति देता है। गौरतलब है कि इसका पेट्रोल वेरिएंट फरवरी 2016 से ही बिक्री पर है। इस पेट्रोल इंजन की क्षमता भी 2 लीटर की है। 

सोशल मीडिया की लत बना रही मानसिक रोगी

-फेसबुक चेक ना करने पर क्या आपको भी होती है बेचैनी ?

दिनेश माहेश्वरी
कोटा। सोशल मीडिया की लत आपको मानसिक रोगी बना रही है. आज आपके कितने सोशल मीडिया अकाउंट हैं? फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट, वीचैट। व्हाट्सऐप और भी कई। आप इन्हें दिन में कितनी बार चेक करते हैं। नए मैसेज, लाइक्स, रिप्लाई या कमेंट को देखने के लिए आप ये सोशल मीडिया अकाउंट कई बार खोलते होंगे।

कई बार ऐसा होता है कि आपको मौका नहीं मिलता कि आप फेसबुक या ट्विटर की फीड चेक कर सकें।। ऐसे में आपको टेंशन हो जाती होगी। वैसे आप अकेले नहीं हैं। पूरी दुनिया में बहुत से ऐसे लोग हैं जिन्हें सोशल मीडिया की लत लग गई है। वो अगर सोशल मीडिया अकाउंट चेक नहीं करते तो बेचैन हो जाते हैं।

मनोवैज्ञानिक इसे अब एक लत, एक बीमारी मानने लगे हैं। सोशल मीडिया की लत के शिकार लोग अब बाकायदा इससे पीछा छुड़ाने के लिए विशेषज्ञों की मदद ले रहे हैं। इसे ‘डिजिटल डिटॉक्स’ का नाम दिया गया है। यानी डिजिटल जहर से मुक्ति। आपको मेल चेक करने की बीमारी तो नहीं हो गई?  ये लत छुड़ाने के लिए लोग तरह-तरह के नुस्खे आजमा रहे हैं।

एक्सपर्ट इस काम में सोशल मीडिया की लत के शिकार लोगों की मदद कर रहे हैं।अमेरिका में तो कई मनोवैज्ञानिक इसके लिए डेढ़ सौ डॉलर प्रति घंटे यानी दस हजार रुपए या इससे ज्यादा फीस वसूल रहे हैं। लंबे सेशन के लिए तो पांच सौ डॉलर प्रति घंटे तक की फीस ले रहे हैं। मामला ही इतना गंभीर है।

आज सोशल मीडिया की लोगों को ऐसी लत लग रही है, जो शराब या दूसरे नशे की लत से भी भयानक है। अमेरिका के न्यूपोर्ट बीच शहर में ऐसी सेवाएं देने वाली पामेला रटलेज कहती हैं कि वो लोगों को तमाम तरह के सबक सिखाती हैं। उन्हें तैराकी सिखाती हैं। ड्राइविंग सिखाती हैं। मगर होता ये है कि लोग सब काम छोड़कर फोन लेकर सोशल मीडिया पर एक्टिव हो जाते हैं।

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में माना, आधार का डाटा हुआ लीक

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में यह स्वीकार किया कि आधार कार्ड धारकों का डाटा लीक हुआ है। हालांकि सरकार ने कहा कि यह लीक भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूएडीएआई) की ओर से नहीं हुआ है। साथ ही सरकार ने कहा कि जो लोग जानबूझकर आधार नहीं बनवा रहे हैं वे वास्तव में एक तरह से अपराध कर रहे हैं।

केंद्र सरकार की ओर से पैरवी कर रहे वकील ने न्यायमूर्ति एके सिकरी की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कहा कि कुछ सरकारी विभागों से आधार कार्ड धारकों का डाटा लीक हुआ है। ऐसा संभवत: पारदर्शिता बनाने के क्रम में हुआ होगा।

न्यायमूर्ति सिकरी ने बुधवार को अखबारों में छपी आधार डाटा लीक होने संबंधी खबरों के बारे में जानना चाहा। इस पर सरकार के वकील ने बताया कि इसमें गलती हो सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ पहचान पत्र ‘हनुमान’ और कुत्तों के नाम पर बन गए होंगे लेकिन आधार सबसे प्रमाणिक बायोमैट्रिक सिस्टम है। वैसे कोई भी सिस्टम फुलप्रूफ नहीं है।

इस पर याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने कहा कि केंद्र सरकार का सिर्फ यह कहना पर्याप्त नहीं है कि यूएडीएआई की ओर से डाटा लीक नहीं हो रहा है। एक आम नागरिक सभी सरकारी अथॉरिटी व विभागों को सरकार का ही हिस्सा समझता है। उल्लेखनीय है कि मंगलवार को अटॉर्नी जनरल ने पीठ के समक्ष कहा था कि आधार पूरी तरह से सुरक्षित है।

आधार के जरिए व्यक्ति की पहचान के साथ-साथ छेड़छाड़ नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड फर्जी तरीके से नहीं बनवाया जा सकता। अब तक सरकार को आधार में किसी तरह के फर्जीवाड़े का पता नहीं चला है।  उन्होंने कहा कि काले धन और आतंकी फंड पर लगाम लगाने में आधार बेहतर कारगर है।

मालूम हो कि शीर्ष अदालत पैन कार्ड बनवाने और आयकर रिटर्न भरने के लिए आधार को अनिवार्य बनाने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही है।

 

 

राशन की चीनी पर सब्सिडी पुनर्बहाल

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नयी दिल्ली। सरकार ने बुधवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत अंत्योदय (एएवाई ) श्रेणी के 2.5 करोड़ परिवारों को सस्ते दर पर एक किलो चीनी सुलभ करने के लिए राज्यों को दी जाने वाली सब्सिडी को फिर से बहाल करने का फैसला किया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाले आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में आज यहां इस संदर्भ में फैसला किया गया। इस दी जाने वाली सब्सिडी को मार्च 2017 से बंद कर दिया गया था। केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय के साथ साथ कुछ राज्य कम से कम अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) के दायरे में आने वाले परिवारों के लिए इसे जारी रखने को इच्छुक थे।

 राशन की दुकानों के जरिये एएवाई के दायरे में आने वाले परिवारों को एक किलो चीनी बेचने के लिए राज्य सरकारों को दी जाने वाली 18.50 रपये प्रति किलो की सब्सिडी को वापस बहाल करने के प्रस्ताव को सीसीईए ने मंजूरी प्रदान की। करीब तीन लाख टन चीनी की आपूर्ति करने के लिए केन्द्र सरकार पर करीब 550 करोड़ रुपए का सब्सिडी बोझ आयेगा।

वर्ष 2017 के बजट में सरकार ने चीनी पर दी जाने वाली सब्सिडी को खत्म कर दिया था और पिछले दावों के निपटान के लिए 200 करोड़
रुपए  ही दिये गये थे। पिछले वित्तवर्ष में इस योजना के लिए 4,500 करोड़ रुपए आवंटित किये गये जिसमें बीपीएल परिवारों को भी शामिल किया गया था। इस योजना के तहत राज्य सरकारें थोक बिक्री दर पर खुले बाजार से चीनी खरीदती हैं और इसे पीडीएस के जरिये 13.50
रुपए  किलो की सब्सिडी प्राप्त दर पर बेचती हैं।