Wednesday, July 8, 2026
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जीएसटीएन पर 24 से इनवॉयस अपलोड कर सकेंगे व्यापारी

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इनवॉयस अपलोड करने में असुविधा न हो, इसके लिए जीएसटीएन अपने पोर्टल पर वीडियो डालेगी।

नई दिल्ली । जीएसटीएन पोर्टल इनवॉयस अपलोड करने के लिए 24 जुलाई से तैयार हो जाएगा। इससे व्यापारी अपनी बिक्री और खरीदारी के इनवॉयस पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे।

एक जुलाई के बाद जनरेट हुए इनवॉयस को इस पर डाला जाना है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के आइटी नेटवर्क की देखरेख कर रही कंपनी जीएसटी नेटवर्क यानी जीएसटीएन के चेयरमैन नवीन कुमार ने यह जानकारी दी।

नवीन कुमार ने बताया कि 24 जुलाई से पोर्टल पर इनवॉयस अपलोड करने की सुविधा शुरू करने की योजना है। इससे व्यापारी रोजाना या साप्ताहिक आधार पर इनवॉयस अपलोड कर सकेंगे। इससे उन्हें महीने के अंत में इनवॉयस अपलोड करने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।

इनवॉयस बगैर टैक्स क्रेडिट नहीं
जीएसटी के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) का दावा करने के लिए 200 रुपये और उससे ज्यादा के लेनदेन के इनवॉयस जारी करने हैं। रखरखाव हाथ से भी कर रहे हैं तो इन इनवॉयस का रिकॉर्ड क्रम से रखना है। जीएसटीएन ने पिछले महीने व्यापारियों की खातिर इनवॉयस का लेखाजोखा रखने के लिए ऑफलाइन एक्सेल फॉर्मेट लांच किया था। वे 24 जुलाई से ये एक्सेल शीट पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं।

वीडियो से दी जाएगी मदद
कुमार ने बताया कि इनवॉयस अपलोड करने में असुविधा न हो, इसके लिए जीएसटीएन अपने पोर्टल पर वीडियो डालेगी। इसके अलावा कॉल सेंटर हेल्प डेस्क भी बनाई गई है। यह डेस्क नई टैक्स व्यवस्था से जुड़े व्यापारियों के सभी सवालों के जवाब देगी। अब तक 69 लाख से ज्यादा एक्साइज, वैट और सर्विस टैक्स असेसी जीएसटीएन पोर्टल पर आ चुके हैं।

जीएसटी लागू होने के बाद आज काउंसिल की पहली बैठक

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वित्त मंत्री की अध्यक्षता में पहली बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी वित्त मंत्रियों की मीटिंग

नई दिल्ली। जीएसटी काउंसिल की 19वीं बैठकसोमवारको होगी। नई टैक्स व्यवस्था लागू होने के बाद काउंसिल की यह पहली बैठक है। इसमें अब तक की स्थिति का जायजा लिया जाएगा।

इंडस्ट्री की मांगों पर भी विचार हो सकता है। जीएसटी के खिलाफ गुजरात के कपड़ा व्यापारी हड़ताल पर हैं। कई राज्यों में इनकी हड़ताल की योजना थी, जो अभी टल गई है।

निर्यातकों और दूसरे उद्योग संगठनों की तरफ से भी कई सवाल आए हैं। इनमें से कुछ पर सरकार स्पष्टीकरण दे चुकी है। इनमें पुरानी ज्वैलरी, कार और दूसरी पुरानी चीजों पर स्पष्टीकरण भी शामिल है। वित्त मंत्री की अध्यक्षता में काउंसिल की यह मीटिंग पहली बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी।

अब तक की 18 बैठकों में राज्यों के वित्त मंतरी खुद पहुंचे थे। 30 जून की बैठक में तय हुआ था कि अगली मीटिंग 5 अगस्त को होगी। लेकिन स्थिति का जायजा लेने के लिए तारीख पहले की गई है। इस बीच खबर है कि जीएसटी में सिगरेट के दाम घटे तो सरकार इन पर सेस बढ़ा सकती है।

इन पर 28% टैक्स और लंबाई के हिसाब से सेस लगाया गया है। यह औसतन 8% बनता है। सिगरेट पर पहले एडिशनल एक्साइज भी लगता था। इसके खत्म होने से कुल टैक्स कम हो गया है। सिगरेट कंपनियों ने अभी तक दाम संशोधित नहीं किए हैं।

बैंकों की संख्या 21 से घटाकर 12 करने पर जुटी सरकार

सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों को समाहित कर उनकी संख्या घटा सकती है सरकार

नई दिल्ली। सरकार वैश्विक आकार के 3-4 बैंक तैयार करने के लक्ष्य के साथ बैंकों के विलय के अजेंडे पर काम कर रही है। वह सरकारी स्वामित्व वाले बैंकों की संख्या 21 से घटाकर करीब 12 करने पर जुटी है।

एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि बैंकों का विलय कर अगले कुछ सालों में उनकी संख्या 10-12 तक लाई जाएगी।

उन्होंने बताया कि तीन स्तरीय ढांचे के तहत देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के आकार के कम से कम 3-4 बैंक होंगे। उनके मुताबिक पंजाब ऐंड सिंध बैंक और आंध्रा बैंक जैसे कुछ क्षेत्र विशेष के बैंक अपनी स्वतंत्र पहचान के साथ बने रहेंगे इसके अलावा मझौले आकार के कुछ बैंक भी अस्तित्व में रहेंगे।

पिछले महीने वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय की दिशा में सक्रियता से काम कर रही है लेकिन उन्होंने ब्योरा देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि यह मूल्य से जुड़ी संवेदनशील सूचना है।

एसबीआई के सफल विलय से उत्साहित वित्त मंत्रालय इस वित्त वर्ष के आखिर तक सार्वजनिक क्षेत्र के बैकिंग में ऐसे अन्य प्रस्ताव को मंजूरी देने पर गौर कर रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि फंसे कर्ज की स्थिति तब तक नियंत्रण में आ जाएगी।

रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर सी. रंगराजन ने कहा, ‘इस प्रणाली में कुछ बड़ी बैंक होंगे, कुछ छोटे और लोकल बैंक होंगे।’ उन्होंने कहा कि इस प्रणाली में विविधता की जरूरत होगी।

नाम जाहिर न करने की शर्त पर एक अन्य अधिकारी ने बताया कि एक संभावित विकल्प तो यह हो सकता है कि पंजाब नैशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ोदा, कैनरा बैंक और बैंक ऑफ इंडिया ऐसे बैंकों की तलाश करना शुरू कर सकते हैं जो अधिग्रहण के लिए तैयार हैं। बैंकों के समायोजन में उसके कर्ज, ह्यूमन रिसोर्स, भौगोलिक स्थिति आदि फैक्टर्स को ध्यान में रखा जाएगा।

गौरतलब है कि कुछ माह पहले सरकार ने एसबीआई में उसके पांच सहयोगी बैंकों और भारतीय महिला बैंक का विलय किया था। इसके बाद से स्टेट बैंक देश का सबसे बड़ा और दुनिया के शीर्ष 50 बैंकों जगह बनाने में कामयाब रहा है।

IIFA 2017: टाइगर की गर्लफ्रेंड दिशा पटानी बनीं बेस्ट न्यूकमर

दिलजीत दो सांझ को बेस्ट डेब्यू एक्टर मेल का खिताब मिला

नई दिल्ली। आईफा अवॉर्ड्स 2017 की अनाउंसमेंट शुरू हो चुकी हैं। जिसमें टाइगर की गर्लफ्रेंड दिशा पटानी को फिल्म एम एस धोनी-द अनटोल्ड स्टोरी के लिए बेस्ट डेब्यू एक्ट्रेस की ट्रॉफी मिली है। इसी फिल्म के लिए अनुपम खेर को भी बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का खिताब मिला है। 

उड़ता पंजाब से करियर शुरू करने वाले एक्टर दिलजीत दो सांझ को बेस्ट डेब्यू एक्टर मेल का खिताब मिला। नीरजा फेम जिम सरभ को अपनी दमदार एक्टिंग के लिए बेस्ट परफॉर्मेंस इन निगेटिल रोल का अवॉर्ड मिला।

आलिया भट्ट और शाहिद कपूर को उनकी फिल्म उड़ता पंजाब के लिए बेस्ट ऐक्टर और बेस्ट ऐक्ट्रेस के अवॉर्ड से नवाजा गया। बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर का अवॉर्ड फिल्म ‘एयर लिफ्ट’ के लिए तुलसी कुमार को दिया गया। वहीं फिल्म उड़ता पंजाब के लिए कनिका कपूर को बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर का अवॉर्ड दिया गया। बॉलिवुड सेंसेशन आलिया भट्ट को मिंत्रा स्टाइल आइकॉन अवॉर्ड से नवाजा गया।

 आईफा के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर लगातार इस इवेंट से जुड़ी तस्वीरें शेयर की जा रही हैं। इसके अलावा कई सेलेब्रिटीज भी अपने फैन्स के लिए लगातार इवेंट से जुड़े अपडेट दे रहे हैं। इस साल आईफा अवॉर्ड्स का आयोजन अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में किया गया है। बॉलीवुड सेलेब्रिटीज भी कई दिनों पहले से ही न्यूयॉर्क पहुंच कर अपने जलवे बिखेर रहे हैं। 

इन्हें मिला अवार्ड 
बेस्ट फ़िल्म अवार्ड – सोनम कपूर ( नीरजा )
बेस्ट एक्टर – शाहिद कपूर (उड़ता पंजाब)
बेस्ट एक्ट्रेस – आलिया भट्ट (उड़ता पंजाब)
बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर – अनुपम खेर (एम एस धोनी : द अनटोल्ड स्टोरी)
ए आर रहमान को यहां 25 साल के म्यूज़िकल कॉन्ट्रिब्यूशन के अवार्ड से सम्मानित किया गया।
बेस्ट फीमेल डेब्यू एक्टर अवार्ड – दिशा पटानी (एम एस धोनी : द अनटोल्ड स्टोरी)
बेस्ट मेल डेब्यू एक्टर अवार्ड – दिलजीत दोसांझ (उड़ता पंजाब)
वुमेन ऑफ़ द इयर – तापसी पन्नू
स्टाइल आइकॉन अवार्ड – आलिया भट्ट
बेस्ट फीमेल प्लेब्लैक सिंगर – कनिका कपूर (उड़ता पंजाब), तुलसी कुमार (एयरलिफ्ट)
बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर – अमित मिश्रा (ऐ दिल है मुश्किल)
बेस्ट एक्टर इन नेगेटिव रोल – जिम सराभ (नीरजा)
बेस्ट कॉमिक एक्टर – वरुण धवन (डिशूम)
बेस्ट लिरिक्स – अमित भट्टाचार्य (चन्ना मेरेया – ऐ दिल है मुश्किल)
बेस्ट म्युज़िक डायरेक्टर – प्रीतम (ऐ दिल है मुश्किल

 

जनधन खातों में जमाराशि 64 हजार 564 करोड़ रुपए तक पहुंची

नयी दिल्ली। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जन धन खातों में जमा राशि 64 हजार 564 करोड़ रुपये की नयी ऊंचाई पर पहुंच गयी है और इसमें से 300 करोड़ रुपए तो नोटबंदी के पहले सात महीने में ही जमा किए गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रमुख योजनाओं में एक समझी जाने वाली प्रधानमंत्री जन धन योजना वित्तीय समावेशन की प्रमुख पहल है। इसका उद्देश्य अब तक बैंकिंग सेवाओं से वंचित लोगों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली के दायरे में लाना है।इस योजना के तहत शून्य शेष सुविधा वाले खाते खोले जाते हैं।

आरटीआई आवेदन पर वित्त मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। इसके अनुसार 14 जून, 2017 तक 28.9 करोड़ जनधन खाते थे। इनमें से 23.27 करोड़ खाते सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में जबकि 4.7 करोड़ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में और 92.7 लाख निजी बैंकों में हैं।

मंत्रालय का कहना है कि इन खातों में कुल 64 हजार 564 करोड़ रुपये जमा है। उनमें 50 हजार 800 करोड़ रुपये सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के जनधन खातों में हैं जबकि 11 हजार  683.42 करोड़ रुपये क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और 2,080.62 करोड़ रुपये निजी बैंकों में हैं।

सोलह नवंबर, 2016 तक इस योजना के तहत 25.58 करोड करोड़ खाते खुलवाए गए थे जिनमें 64 हजार 252.15 करोड़ रुपये थे। वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी थी।

यानी सोलह नवंबर, 2016 से लेकर 14 जून, 2017 के बीच करीब 311.93 करोड़ रुपये जमा कराये गये। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल आठ नवंबर को 500 और 1000 रुपये के मौजूदा नोटों का चलन बंद करने की घोषणा की थी।

जीएसटी नेटवर्क में आने वाले खामियों से जूझ रहे कारोबारी

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नेटवर्क प्रणाली में कुछ व्यावहारिक समस्यायें आ रहीं हैं जिनका समाधान होना जरूरी है।

नयी दिल्ली। देश में अप्रत्यक्ष कर क्षेत्र की नई प्रणाली माल एवं सेवाकर (जीएसटी) को लागू हुये एक पखवाड़ा बीत चुका है लेकिन कारोबारी जीएसटी नेटवर्क में आने वाले खामियों से जूझ रहे हैं।

अप्रत्यक्ष कर क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को नेटवर्क में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं को दूर करने के लिये बड़े पैमाने पर सुविधा केन्द्रों की शुरुआत करनी होगी जहां उद्यमी और कारोबारियों को होने वाली समस्या का समाधान हो सके।

जीएसटी प्रणाली को चलाने वाले जीएसटी नेटवर्क यानी जीएसटीएन में पंजीकरण कराने, पंजीकरण में किसी तरह की गलती को सुधारने, पहले किये गये पंजीकरण को रद्द कराने, अस्थायी पंजीकरण को स्थायी बनाने और पहले सेवाकर में पंजीकरण प्राप्त कारोबारियों को जीएसटी में स्थानांतरण करने में आ रही दिक्कतों सहित कई तरह की समस्यायें हैं जो कारोबारियों के समक्ष इस नई व्यवस्था में आ रही हैं।

पीएचडी वाणिज्य एवं उद्योग मंडी की अप्रत्यक्ष कर समिति के अध्यक्ष बिमल जैन ने कहा, ‘‘यह अच्छी बात है कि जीएसटी लागू होने में जैसी परेशानियों की आशंका थी उतनी नहीं है लेकिन नेटवर्क प्रणाली में कुछ व्यावहारिक समस्यायें आ रहीं हैं जिनका समाधान होना जरूरी है।

हेल्प डेस्क बनाये गये हैं लेकिन उनसे भी नेटवर्क की समस्यायें दूर करने में काफी समय लग रहा है। नेटवर्क में आपने यदि पहली बार में कुछ गलत भर दिया है तो उसे ठीक करने में समस्या आ रही है। नेटवर्क ‘संशोधन’ नहीं कर रहा है। इसमें प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है।

’’ शेयर बाजार में निवेश संबंधी हर तरह की जानकारी उपलब्ध कराने वाले विशेष पोर्टल  के संस्थापक और सीईओ कौशलेन्द्र सिहं सेंगर ने LEN-DEN NEWS से बातचीत में कहा, ‘‘ सेवाओं के क्षेत्र में नया पंजीकरण लेना है तो पांच-सात दिन में मिल रहा है, वास्तविक दिक्कत पुराने सेवाकर पंजीकरण को जीएसटी में स्थानांतरित कराने में आ रही है। पास-वर्ड इसमें रिसेट नहीं हो पा रहा है। नया करने में दिक्कत है।’’

जीएसटी के बाद एफपीआई ने भारतीय बाजार में लगाए 11 हजार करोड़

निवेशक एक जुलाई को बिना किसी अड़चन या दिक्कत के जीएसटी लागू होने से उत्साहित हैं।

नई दिल्ली। देशभर में एक जुलाई से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू हो गया है। इसके बाद विदेशी निवेशकों की ओर से भारतीय बाजारों में निवेश बढ़ गया है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने एक जुलाई के पहले दो हफ्तों के दौरान भारतीय पूंजी बाजार में करीब 11 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया है।

एफपीआई ने फरवरी से जून के दौरान भारतीय बाजार में 1.62 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है। इससे पहले एफपीआई ने जनवरी के दौरान निवेश करने की जगह भारतीय बाजार में लगाए हुए 3,496 करोड़ रुपए निकाल लिये थे।

दिनेश रोहिरा, 5 नान्स डॉट कॉम के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने एफपीआई का भारतीय पूंजी बाजार के प्रति आकर्षण बढ़ने का कारण अर्थव्यवस्था में तेजी को बताया है। साथ ही इसके निवेशक एक जुलाई को बिना किसी अड़चन या दिक्कत के जीएसटी लागू होने से उत्साहित हैं।

हालांकि उन्होंने बताया है कि आगामी वैश्विक वृहद आर्थिक आंकड़े पर हाल के घटनाक्रम से कुछ विकासशील देशों में स्थिति में सुधार के संकेत मिलते हैं। यह भारतीय बाजार के लिए बाधा खड़ी कर सकते हैं क्योंकि एफपीआई अपना निवेश गंतव्य बदल सकते हैं।

लेकिन जुलाई के पहले 2 हफ्तों के दौरान विदेशी निवेशकों की ओर से बढ़े निवेश से सोमवार को भारतीय शेयर बाजार को समर्थन मिल सकता है। बीते सप्ताह शेयर बाजार ने ऑल टाइम हाई लेवल छुए हैं। सोमवार के कारोबारी सत्र में इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है। जानकरी के लिए बता दें शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी ने रिकॉर्ड हाई छुआ था। 

जीएसटी रिटर्न भरने पर नहीं होगी पिछले रिकॉर्ड की जांच: जावड़ेकर

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जीएसटी लागू होने से इंस्पेक्टर राज भी समाप्त हो गया है।

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने व्यापारियों की उन आशंकाओं को खारिज किया है कि जीएसटी रिटर्न भरना शुरू करने पर पिछले रिकॉर्ड की जांच शुरू हो जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जीएसटी में ऐसा नहीं होगा।

हालांकि उन्होंने कहा कि व्यापारी जीएसटी लागू होने के बाद कारोबार की नई पारी शुरू करें और पूरी ईमानदारी से टैक्स भरें। यहां जीएसटी पर आयोजित एक कार्यक्रम में जावड़ेकर ने व्यापारिक संगठनों की आशंकाओं को दूर करने का प्रयास किया।

उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसे सवाल आ रहे हैं कि अगर व्यापारी जीएसटी के तहत टैक्स भरना शुरू कर देते हैं और रिटर्न भरने लगते हैं तो उनके पिछले वर्षो का रिकॉर्ड भी खुल जाएगा और उसकी जांच शुरू हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होगा।

अब व्यापारी नये सिरे से कारोबार शुरू करें और ईमानदारी से टैक्स भरकर देश के विकास में सहयोग करें। जावड़ेकर ने जीएसटी को सहकारी संघवाद का अच्छा उदाहरण बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने एक राष्ट्र- एक टैक्स लागू करके आर्थिक एकीकरण किया है। पहले कारोबारियों और उद्यमियों को चोर समझा जाता था। जीएसटी लागू होने से इंस्पेक्टर राज भी समाप्त हो गया है।

कानूनी सेवाओं पर टैक्स पहले की तरह क्लाइंट को भरना:
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अधिवक्ताओं द्वारा दी जाने वाली कानूनी सेवाओं पर जीएसटी लागू होगा लेकिन यह टैक्स भरने की जिम्मेदारी क्लाइंट पर होगी।

दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पष्टीकरण मांगा था कि क्या अधिवक्ताओं और लॉ फर्मो पर रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म के तहत जीएसटी लगेगा। इस पर सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम्स ने कहा कि जीएसटी के दौर में विधिक सेवाओं पर कराधान में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 

ज्यादा होशियार बनेंगे तो संकट में आएंगे, व्यापारियों से बोले जेटली

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ईमानदारी से जीएसटी भरने वालों को कोई दिक्कत नहीं होगी। 

नई दिल्ली । केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी अपनाने में आनाकानी कर रहे व्यापारियों और उद्यमियों से दो टूक कहा है कि ज्यादा होशियार बनेंगे तो संकट में आएंगे। जबकि ईमानदारी से जीएसटी भरने वालों को कोई दिक्कत नहीं होगी। वित्त मंत्री ने जीएसटी को लेकर व्यापारियों की दिक्कतें भी सुनीं। लुधियाना के उद्योग प्रतिनिधियों ने कई सुझाव दिये।

यहां एक कार्यक्रम में हिस्से लेने आये जेटली ने कहा कि व्यापारियों को कभी जीएसटी के कार्यालय में नहीं बुलाया जाएगा। व्यापारियों को ऑनलाइन रिटर्न भरना होगा और ऑनलाइन ही असेसमेंट करवाना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जीएसटी की प्रणाली ही ऐसी है कि ज्यादा होशियार बनने वाले खुद-ब- खुद संकट में आ जाएंगे।

पंजाब के प्रमुख कारपोरेट घरानों के साथ लंच के दौरान जेटली ने चर्चा की। वित्तमंत्री ने हर पहलू को गंभीरता से सुना और उन्हें पूरी डिटेल की प्रजेंटेशन देने के लिए कहा। इस दौरान प्लाईवुड, स्टील, साइकिल और शॉल इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने जीएसटी को लेकर बात की।

कई उद्यमियों ने जीएसटी के स्लैब का मुद्दा उठाया तो कई ने निर्यात में संभावित दिक्कतों की बात की। प्रमुख उद्योगपति एस. पी. ओसवाल ने जीएसटी में यार्न की विभिन्न कैटागरी पर टैक्स लगाए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि कॉटन और मैनमेड में भारी अंतर है। इससे धागा मिलों में असमंजस की स्थिति है।

सरकार को इसे आसान करके एकल टैक्स प्रणाली अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय बाजार में मैनमेड धागों का अधिक इस्तेमाल होता है। इस पर टैक्स ज्यादा है। इस पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। एवन साइकिल के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर ओंकार सिंह पाहवा ने एक्सपोर्ट के लिए ड्यूटी ड्रॉ बैक बढ़ाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि जीएसटी के दायरे में आने के बाद अगर एक्सपोर्ट में ड्यूटी ड्रॉ बैक नहीं बढ़ाया गया तो हम बुरी तरह से पिछड़ जाएंगे। उद्योगपति अशोक जुनेजा ने प्लाईवुड पर जीएसटी की दर 28 फीसद से घटाकर 18 फीसद करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह कृषि आधारित उत्पाद है। इस पर इतना टैक्स लगने से इंडस्ट्री नहीं चल पाएगी।

शॉल इंडस्ट्री ने आयात शुल्क बढ़ाने की मांग की। अगर इसी तरह आयात बढ़ता रहा तो घरेलू शॉल उद्योग बुरी तरह प्रभावित होगा। इस दौरान वित्त मंत्री ने उद्योगपतियों से बात करके जल्दी ही विस्तृत प्रजेंटेशन देने को कहा ताकि समस्याएं दूर की जा सकें। उन्होंने कहा किअगर इसमें कुछ खामियां रह गई हैं तो हम पुनर्विचार कर सकते हैं। 

कोटा में खुलेंगे दस जीएसटी सुविधा केंद्र- केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री मेघवाल ने कहा

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केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री मेघवाल से कपडा व्यापारियों को आश्वासन मिलने के बाद 15 दिन से बंद कोटा का कपडा बाजार शनिवार से खुल गया।

कोटा।. केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने कहा कि जीएसटी को लेकर किसी व्यापारी को परशान होने की जरूरत नहीं। शुरू में दिक्कतें आएंगी, लेकिन कुछ समय में सब कुछ ठीक हो जाएगा। इसके लिए कोटा में 10 जीएसटी सुविधा केंद्र खोले जाएंगे। 

केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री मेघवाल शनिवार को केन्द्रीय राजस्व भवन के सभा कक्ष में जीएसटी से संबंधित केन्द्र एवं राज्य के अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि जीएसटी केंद्र सुबह 10 से 5 बजे तक चलेंगे। इसके लिए तकनीकी कर्मचारी हम देंगे। इससे अधिक भी खोलने हो तो बता देना हम ज्यादा भी खोल देंगे।

उन्होंने कहा कि जीएसटी से किसी को परेशानी नहीं हो इसके लिए पूरे देश में समीक्षा की जा रही है। 40 मंत्री लगातार लोगों व्यापारियों से मिल रहे हैं। कोटा में भी बिनोला खल, कोटा स्टोन, सैंड स्टोन, कोचिंग, कपड़ा और अन्य मुद्दों पर व्यापारी और अधिकारियों से बात की गई है। कपड़ा व्यापारियों ने आंदोलन खत्म करने की बात कही है। 

कोटा स्टोन के स्लैब वाले मसले पर चर्चा कर लोकल लेवल पर निपटा लिया जाएगा। कोचिंग पर भी बात की जाएगी। खादी पर टैक्स लगाने को लेकर जीएसटी काउंसिल चर्चा कर रही है। इससे सबको फायदा ही होने वाला है, किसी को कोई नुकसान नहीं होगा। कोई विसंगति है तो उसे दूर किया जाएगा।

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को ज्ञापन सौंपते कपडा व्यापारी।

मंत्री के आश्वासन के बाद कपड़ा कारोबारियों ने तोड़ा आंदोलन
राजस्थान कपड़ा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष गिर्राज न्याती के नेतृत्व में व्यापारी केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल से मिले। मंत्री के आश्वासन के बाद कपड़ा कारोबारियों नेेे आंदोलन समाप्त कर बाजार खोल दिए।

न्याती ने मंत्री अर्जुनराम मेघवाल को बताया कि 70 साल से कोई टैक्स नहीं था। व्यापारी टैक्स के भी खिलाफ नहीं थे, लेकिन इसमें समय नहीं दिया गया। लंबा समय देते तो व्यापारी तैयार होते। पूरे देश में आंदोलन चल रहा है।

व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन ने कहा कि कोटा में 15 दिन से कारोबार बंद करके बैठे हैं, ऐसे में आश्वासन मिल जाए तो वे आंदोलन यहीं खत्म कर सकते हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि मैं खुद आश्वासन दे रहा हूं। उनके लिए कोई अच्छा रास्ता निकालेंगे। इसके बाद न्याती ने उनके सामने ही बाजार खोलने का ऐलान किया।

कोटा स्टोन पर टैक्स क्लियर नहीं
हाड़ौती कोटा स्टोन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के महासचिव मुकेश त्यागी के नेतृत्व में व्यापारियों ने मंत्री से कहा कि अभी तक कोटा स्टोन पर जीएसटी तय नहीं हो पाया है। हम 5 फीसदी का बिल बनाकर काम करने लगे हैं, लेकिन ट्रकों को आगे रोका जा रहा है। 

कोटा पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष तरुमीत सिंह बेदी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल मिला। इसमें कहा गया कि पेट्रोलियम पदार्थ को मुक्त है, लेकिन लुबरीकेंट ऑयल को जीएसटी में शामिल किया गया है। सचिव अशोक गुप्ता ने कहा कि इससे देश में 56 हजार पेट्रोल पंप वालों पर असर पड़ेगा।

खल -चूरी एसोसिएशन के दीपक गुप्ता ने कहा कि बिनौला की खल सीधे पशु्ओं के लिए ही जाती है। ऐसे में इस पर 5 फीसदी टैक्स लगाना गलत है।