Friday, July 10, 2026
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रेलवे स्टेशनों पर 33% स्टॉल्स अब महिलाओं को

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कोटा| नई कैटरिंग पॉलिसी में सभी रेलवे स्टेशनों पर 33 फीसदी स्टॉल महिलाओं को दिए जाएंगे। साथ ही सभी बेस किचन रेलवे के अधीन होंगे। जिसके तहत सभी पेंट्रीकार सर्विस कॉन्ट्रेक्ट आईआरसीटीसी को दी जाएगी।

कैटरिंग सर्विसेज में स्वयं सहायता समूह को भी जोड़े जाने की योजना है। सभी रेलवे स्टेशनों पर दूध के स्टॉल्स भी लगाए जाएंगे। रेलवे नई कैटरिंग पॉलिसी से ट्रेनों के पेंट्रीकार में खाने की गुणवत्ता सुधारने का प्रयास किया गया है। पॉलिसी के तहत ट्रेनों में खाना नहीं पकेगा।

आईआरसीटीसी अपने बेस किचन में खाना तैयार करवाएगी, फिर आउटसोसिंग प्रोफेशनल कंपनियों के जरिए यात्रियों को पहुंचाएगी। आईआरसीटीसी यात्रियों को पौष्टिक गुणवत्तापूर्ण खाना उपलब्ध करवाएगी। पेंट्रीकार पर आईआरसीटीसी की जिम्मेदारी होगी। आईआरसीटीसी ही ठेका देगी।

उसकी मॉनिटरिंग करेगी। रेलवे के वाणिज्य विभाग के कर्मचारी निरीक्षण तो कर सकेंगे, लेकिन रिपोर्ट तैयार कर संबंधित रेलवे आईआरसीटीसी को भेजेंगे। उन्हें ही जुर्माना तय करना होगा। जुर्माना रेलवे नहीं कर सकेगी।

 

 

RBI ने बैंकों से दरों में और कटौती करने को कहा

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नीतिगत दरों में कटौती का पूरा लाभ नहीं देने को लेकर बैंकों को दोष देते हुए बुधवार को कहा कि वह कोष की सीमांत लागत आधारित ब्याज दर प्रणाली (MCLR) से असंतुष्ट है।

उसने कहा कि वह बाजार आधारित नया मानक पर विचार कर रहा है ताकि ग्राहकों को दरों में कटौती का बेहतर तरीके से लाभ मिल सके। शीर्ष बैंक ने कहा कि बैंकों के लिए कुछ सेगमेंट्स में ब्याज दरों में कटौती की और गुंजाइश है।

केंद्रीय बैंक की 2017-18 की तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद रिजर्व बैंक के डेप्युटी गवर्नर विरल आचार्य ने संवाददाताओं से कहा, ‘ग्राहको को नीतिगत दर में कटौती का लाभ बेहतर तरीके से देने को लेकर अप्रैल 2016 में पेश MCLR का अनुभव पूरी तरह संतोषजनक नहीं है।

आचार्य ने कहा कि रिजर्व बैंक ने MCLR सिस्टम के विभिन्न पहलुओं के अध्ययन और बैंक ब्याज दर को सीधे बाजार को निर्धारित करने वाले मानकों से जोड़ने की संभावना तलाशने को लेकर आंतरिक अध्ययन समूह गठित किया है। उन्होंने कहा कि समूह इस साल 24 सितंबर तक अपनी रिपोर्ट दे देगा।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि MCLR आधारित ब्याज दर के जरिये बढ़ा हुआ लाभ देने के मामले में अप्रैल 2016 में पुरानी व्यवस्था आधार दर की जगह लाई गई यह प्रणाली सकारात्मक रही।

उल्लेखनीय है कि MCLR पेश किये जाने और ब्याज दरों में कटौती के बाावजूद रिजर्व बैंक बार-बार बैंकों से यह शिकायत करता रहा है कि उसने नीतिगत दर में कटौती का पूरा लाभ ग्राहकों को देने व आर्थिक वृद्धि के लिए धीमे पड़े निजी निवेश को गति देने में मदद के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए।

आचार्य ने यह भी कहा कि फंसे कर्ज NPA के मोर्चे पर जारी समाधान प्रक्रिया से ग्राहकों को दर में कटौती का बेहतर तरीके से लाभ दिया जा सकेगा क्योंकि बैंक की बैंलस शीट पर दबाव कम होगा।

 

 

इंडिगो की एनिवर्सरी पर 1,111 रुपए का खास एयर फेयर ऑफर

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नई दिल्ली। घरेलू विमान सेवा इंडिगो एयरलाइंस अपनी 11वीं सालगिरह मना रही है। यही वजह है कि इंडिगो बहुत लुभावने ऑफर लेकर आ रही है।

हाल ही में कंपनी ने एक बयान में कहा है कि कंपनी 5 दिन की स्पेशल सेल शुरू कर रही है। कंपनी ने अपनी स्पेशल सेल में एयर फेयर की शुरुआत 1,111 रुपए से की है। 

ये ऑफर 2 अगस्त से 6 अगस्त तक ही वैलिड है। इस ऑफर का ट्रेवल पीरियड 21 अगस्त से अगले साल 24 मार्च है। ये ऑफर पहले आओ पहले पाओ के आधार पर होगा और नॉन रिफंडडेबल है। एयरलाइंस ने यह भी जानकारी दी है।

दरअसल  इंडिगो के प्रेजिडेंट आदित्य घोष का कहना है कि भारत में इंडिगो को 11 साल पूरे हो गए हैं। एयरलाइंस 12वें साल में नई उपलब्धियां पाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

यही वजह है कि इंडिगो ने यह स्पेशल सेल ऑफर दिया है। किस जगह से किस जगह के लिए ऑफर दिया जा रहा है। इसकी जानकारी के लिए आप एयरलाइंस की वेबसाइट पर जा सकते हैं।

अब 2 क्लिक में बुक करें तत्काल टिकट

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नई दिल्ली। अब यात्री रेलवे के तत्काल कोटा का टिकट पहले बुक करके उसका पेमेंट बाद में कर सकेंगे। यह सेवा केवल सामान्य टिकटों की बुकिंग के लिए उपलब्ध थी, अब तत्काल बुकिंग के लिए भी उपलब्ध होगी। इसकी मदद से दो क्लिक से टिकट बुक कर सकते हैं।

इसके तहत आइआरसीटीसी वेबसाइट-एप के उपयोगकर्ता अपने घर पर टिकट की डिलीवरी का विकल्प चुनकर कैश, डेबिट या क्रेडिट कार्ड के जरिये भुगतान कर सकेंगे।आइआरसीटीसी के ‘पे-ऑन डिलीवरी’ पेमेंट प्रोवाइडर एण्डुरिल टेक्नोलॉजिस प्राइवेट लि. ने मंगलवार को यह ऐलान किया है।

कुछ सेकेंड में हो जाएगी बुकिंग
आइआरसीटीसी रोजाना 1 लाख 30 हजार टिकटें बुक करने का काम करता है। इनमें से ज्यादातर टिकट तत्काल के लिए बुकिंग शुरू होने के कुछ ही मिनटों में बुक हो जाती हैं।

अब तक उपयोगकर्ता टिकट कन्फर्म होने से पहले स्टैंडर्ड ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के जरिए भुगतान करते थे। इस प्रक्रिया में देरी भी हो जाती थी, जिसके चलते कई बार उपयोगकर्ता कन्फर्म टिकट बुक नहीं करवा पाते थे।

पे ऑन डिलीवरी’ सेवा से पेमेंट गेटवे के उपयोग की जरूरत नहीं पड़ती और इससे कुछ ही सेकेंड में टिकट बुकिंग हो जाती है। 

मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुराग बाजपेयी ने कहा, तत्काल टिकटों के लिए पे ऑन डिलीवरी उन लाखों रेल यात्रियों के लिए बहुत फायदेमंद होगी, जिन्हें तत्काल कोटा के तहत बुकिंग करवाने की जरूरत होती है।

 

नीतिगत दर में कटौती से निजी निवेश बढ़ेगा – पटेल

मुंबई। रिजर्व बेंक के गवर्नर उर्जति पटेल ने आज कहा कि मुद्रास्फीति के वर्तमान रिकार्ड निचले स्तर से आगे चल कर चढ़ने के आसार हैं। बावजूद इसके केंद्रीय बैंक ने निजी निवेश को उभारने तथा कंपनियों के कमजोर बही-खातें के बीच फंसे कर्ज की बढ़ती समस्या के समाधान के लक्ष्य के साथ अपनी नीतिगत दर में चौथाई प्रतिशत में कटौती कर इसे साढे छह साल के निम्न स्तर पर ला दिया है।

रेपो दर में दस महीने के बाद कोई कटौती हुई है और यह प्रतिशत 0.25 अंक कम कर 6 प्रतिशत पर लायी गयी है। पटेल के पिछले साल सितंबर में कार्यकाल संभालने के बाद यह दूसरा मौका है जब नीतिगत दर में कटौती की गयी है।इससे पहले, पिछले साल अक्तूबर में अपनी पहली मौद्रिक नीति समीक्षा में पटेल ने 0.25 प्रतिशत की कटौती की थी।

मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद होने वाली संवाददाता सम्मेलन में पटेल ने कहा, इस साल की शेष अवधि में मुद्रास्फीति के मौजूदा निम्न स्तर जून में 1.54 से उुपर आने की आशंका है। इसको देखते हुए मौद्रिक नीति समिति एमपीसी ने तटस्थ रूख को बनाये रखा।

उन्होंने कहा, कंपनियों में फंसे बड़े कर्ज के समाधान तथा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में नई पूंजी डालने के लिये सरकार तथा आरबीआई मिलकर काम कर रहे हैं। पटेल ने कहा कि इन प्रयासों से अंतत: मांग बढ़ने के साथ उत्पादक क्षेत्रों में ण प्रवाह बढ़ाने में मदद मिलनी चाहिए।

मौद्रिक नीति दस्तावेज में एमपीसी सदस्यों के अलग-अलग विचार के बारे में उन्होंने कहा, एमपीसी निर्णय जून के तटस्थ रूख के समान है। इतना ही नहीं यह आर्थकि वृद्धि को गति देते हुए दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ 4 प्रतिशत के मध्यम अवधि के लक्ष्य के अनुरूप है।

पटेल ने कहा, आखिर व्यक्तिगत रूप से सदस्यों ने जून की तुलना में अपना विचार क्यों बदला, मुझो लगता है कि किया गया उपाय संतुलित है। यह बताता है कि आखिर क्यों हमने 0.25 प्रतिशत की कटौती की। जून में यथास्थिति की तुलना में हमारे पास काफी आंकड़े थे।

केंद्रीय कर्मचारियों के भो तथा जीएसटी के क्रियान्वयन को लेकर जो कुछ अनिश्चितताएं थी, उसका समाधान हो गया है और खाद्य तथा ईंधन को छोड़कर मुद्रास्फीति में उल्लेखनीय कमी हुई है। रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर विरल बी आचार्य ने कहा कि रिजर्व बैंक के लिये इस समय बैंलेंस शीट की दोहरी समस्या का समाधान करना प्राथमिकता बनी हुई है और इससे निजी निवेश को नई जान फूंकने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा, हमारे आकलन के अनुसार निवेश में नरमी का कारण कर्ज का बढ़ना है। डिप्टी गवर्नर एन एस विनाथन ने कहा कि रिजर्व बैंक एनपीए गैर-निष्पादित परिसपंाि की समस्या के समाधान के लिये नये उपायों पर काम कर रहा है। इस समस्या के समाधान के लिये 12 बड़े चूककर्ताओं की पहचान पहले ही की जा चुकी है।

सोने में गिरावट जारी, 29450 रुपए 10 ग्राम रहा

नई दिल्ली । दिल्ली के सर्राफा बाजार में लगातार दूसरे दिन सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक बाजार में सुस्ती के कारण सोना 80 रुपये कमजोर होकर 29450 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। वहीं, घरेलू बाजार में घटती मांग के चलते चांदी में भी कमजोरी देखने को मिली है। चांदी 320 रुपये गिरकर 39180 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने चांदी की कीमतों में गिरावट कमजोर वैश्विक रुझान और डॉलर में आई मजबूती के चलते देखने को मिली है। वहीं, सिंगापुर में गोल्ड 0.16 फीसद कमजोर होकर 1266.20 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.36 फीसद कमजोर होकर 16.63 डॉलर प्रति किलोग्राम औंस के स्तर पर आ गई है।

देश की राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 80 रुपये कमजोर होकर क्रमश: 29450 रुपये और 29300 रुपये प्रति10 ग्राम हो पर आ गया है। जानकारी के लिए बता दें कि बीते सत्र में सोने में 120 रुपये की गिरावट दर्ज की गई थी।

हालांकि गिन्नी के भाव 24500 रुपये प्रति आठ ग्राम पर बरकरार हैं। इसी तरह चांदी भी 320 रुपये गिरकर 39180 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। साप्ताहिक आधारित डिलिवरी 310 रुपये कमजोर होकर 38275 रुपये किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। चांदी के सिक्के 72000 रुपये लिवाल और 73000 रुपये बिकवाल प्रति सैंकड़ा पर बरकरार है।

रेपो रेट में कटौती फिर भी रिकॉर्ड स्तर से फिसले BSEऔर NIFTY

नई दिल्ली । BSE सेंसेक्स आज 98 अंक टूटकर रिकॉर्ड स्तर से फिसलकर 32,477 अंक पर आ गया। रिजर्व बैंक द्वारा रेपो दर में चौथाई प्रतिशत की कटौती करने के फैसले से भी निवेशकों में उत्साह का संचार नहीं हो पाया।  नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 33.15 अंक के नुकसान से रिकार्ड स्तर से फिसलकर 10,081.50 अंक पर आ गया।

ब्रोकरों ने कहा कि रेपो दर को घटाकर 6 प्रतिशत पर लाने का केंद्रीय बैंक का निर्णय बाजार उम्मीदों के अनुरूप रहा। अक्तूबर, 2016 के बाद यह नीतिगत दरों में पहली कटौती है। अब ब्याज दरें छह साल के निचले स्तर पर आ गई हैं।

बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स सुबह के कारोबार में रिकॉर्ड स्तर से नीचे आने के बाद 32,394.89 अंक के निचले स्तर तक आया। अंत में सेंसेक्स 98.43 अंक या 0.30 प्रतिशत के नुकसान से 32,476.74 अंक पर बंद हुआ।

वहीं नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी 10,137.85 अंक के नए उच्चस्तर को छूने के बाद एक समय 10,054.20 अंक के निचले स्तर तक आया। अंत में निफ्टी 33.15 अंक या 0.33 प्रतिशत के नुकसान से 10,081.50 अंक पर बंद हुआ।

ब्याज दरों में कटौती से 30 लाख के लोन पर 1.26 लाख की सेविंग

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कमी से घर लेने वालों के लिए कम से कम 1.26 लाख रुपये की सेविंग होगी। आरबीआई ने रेपो रेट में 0.25 बेसिस पाइंट की कमी कर दी है। पहले जहां आरबीआई की यह दर 6.25 फीसदी थी, वहीं अब यह घटकर 6 फीसदी हो गई है। 

इतनी होगी लोन में सेविंग
अगर आपका बैंक 8.25 फीसदी की दर से 30 लाख रुपये के लोन पर केवल 3134873 रुपये देने होंगे। वहीं अभी 8.5 फीसदी की दर से होम लोन की ईएमआई पर 3248327 रुपये देने पड़ रहे हैं। इस हिसाब से पूरे लोन पर 1.14 लाख रुपये की सेविंग होगी।  

SBI लोन तो यह होगी EMI
अगर आपने एसबीआई से होम लोन लिया है और वो 8.35 फीसदी की दर से इंटरेस्ट चार्ज कर रहा है तो फिर 30 साल के लिए 20 लाख रुपये के लोन पर फिलहाल 15166 रुपये हर महीने ईएमआई के तौर पर दे रहे होंगे। इसके अलावा आपको पूरे लोन पर 34,59,818 दे रहे होंगे। 

वहीं अब अगर एसबीआई इंटरेस्ट रेट को घटाकर के 8.10 करता है तो फिर लोन की हर महीने ईएमआई 14,814.95 हो जाएगी। वहीं पूरे लोन अमाउंट पर 33,33,382 रुपये देने होंगे। इस हिसाब से आपको हर महीने 352 रुपये की बचत होगी। इसके अलावा पूरे लोन पर 126436 रुपये की सेविंग होगी।  

आरबीआई ने की रेपो रेट में 0.25 फीसद कटौती

नई दिल्ली । सस्ते कर्ज की उम्मीद लगाए बैठे लोगों के लिए खुशखबरी है। भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को रेपो रेट में चौथाई फीसद (0.25 फीसद) की कटौती कर दी है। अब रेपो रेट 6.25 फीसद से घटकर 6 फीसद पर आ गई है। वहीं रिवर्स रेपो में भी चौथाई फीसद की कटौती की गई है। रिवर्स रेपो 0.25 फीसद घटकर 5.75 फीसद हो गई है।

 एमपीसी के चार सदस्यों ने बैठक में रेपो रेट को 25 बेसिस प्वाइंट कम करने के पक्ष में वोट दिया था जबकि एक ने 50 बेसिस प्वाइंट की कटौती के पक्ष में वोट किया। वहीं एक सदस्य का कहना था कि रेपो रेट को अपरिवर्तित रखा जाए। 

भारतीय रिजर्व बैंक के रेपो रेट में चौथाई फीसद (की कटौती से सस्ते कर्ज की उम्मीद जगी है 

आरबीआई ने महंगाई दर के अनुमान को कम कर 4 फीसद कर दिया है। वहीं वित्त वर्ष 2018 के लिए जीवीए अनुमान 7.3 फीसद पर बरकरार रखा गया है। वहीं बैंक दर को 6.5 फीसद से घटाकर 6.25 फीसद कर दिया गया है।

आरबीआई की ओर से की गई ब्याज दरों में कटौती नवंबर 2010 के बाद का निचला स्तर है। नियंत्रण में आ चुकी महंगाई दर ने केंद्रीय बैंक को रेट कट की गुंजाइश दी थी ताकि इकोनॉमी को बूस्ट दिया जा सके।

अनुमान के मुताबिक रहा एमपीसी का फैसला
बुधवार को जारी किए गए एमपीसी के नतीजे अनुमान के मुताबिक ही रहे। नियंत्रण में आ चुकी महंगाई दर को देखते हुए उद्योग चैंबर के साथ साथ बैंक ऑफ अमेरिकी मेरिल लिंच ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि एमपीसी अगली बैठक में रेपो रेट चौथाई फीसद तक की कटौती कर सकता है।

भारतीय स्टेट बैंक की रिपोर्ट में भी इससे मिलती-जुलती बात कही थी। वहीं, उद्योग चैंबरों का भी मानना था कि रिजर्व बैंक के लिए ब्याज दरों में कटौती करने का यह सही मौका है। सीआइआइ का कहना था कि घटती महंगाई के चलते आरबीआइ को ब्याज दर में कटौती का सिलसिला फिर से शुरू करना चाहिए।

डॉलर के मुकाबले रुपया दो वर्षों के उच्चतम स्तर पर

नई दिल्ली । आरबीआई की मौद्रिक समीक्षा नीति से पहले भारतीय रुपए ने करीब दो साल बाद डॉलर के मुकाबले 64 के स्तर को तोड़ दिया है। बुधवार को रुपया 5 पैसे की मजबूती के साथ 64.12 पर खुला था।

रुपया दिन के कारोबार में 63.82 के स्तर पर पहुंच गया, यह स्तर पहले 10 अगस्त 2015 को देखा गया था। दिन के करीब 12 बजकर 39 मिनट पर रुपया 63.85 प्रति डॉलर पर कारोबार करता दिखा, जो कि मंगलवार की क्लोजिंग के मुकाबले 0.34 फीसद की बढ़त है। मंगलवार को रुपया 64.08 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

जानिए रुपए की मजबूती से आम आदमी को कौन से 4 बड़े फायदे होंगे।

सस्ता होगा विदेश घूमना: रुपए के मजबूत होने से वो लोग खुश हो सकते हैं जिन्हें विदेश की सैर करना काफी भाता है। क्योंकि अब रुपए के मजबूत होने से आपको हवाई किराए के लिए पहले के मुकाबले थोड़े कम पैसे खर्च करने होंगे।

मान लीजिये अगर आप न्यूयॉर्क की हवाई सैर के लिए 3000 डॉलर की टिकट भारत में खरीद रहे हैं तो अब आपको कम भारतीय रुपए खर्च करने होंगे।

विदेश में बच्चों की पढ़ाई होगी सस्ती: अगर आपके बच्चे विदेश में पढ़ाई कर रहे हैं तो रुपए का मजबूत होना आपके लिए एक अच्छी खबर है। क्योंकि अब आपको पहले के मुकाबले थोड़े कम पैसे भेजने होंगे।

मान लीजिए अगर आपका बच्चा अमेरिका में पढ़ाई कर रहा है, तो अभी तक आपको डॉलर के हिसाब से ही भारतीय रुपए भेजने पड़ते थे। यानी अगर डॉलर मजबूत है तो आप ज्यादा रुपए भेजते थे, लेकिन अब आपको डॉलर के कमजोर (रुपए के मजबूत) होने से कम रुपए भेजने होंगे। 

क्रूड ऑयल होगा सस्ता तो थमेगी महंगाई: डॉलर के कमजोर होने से क्रूड ऑयल सस्ता हो सकता है। यानी जो देश कच्चे तेल का आयात करते हैं, उन्हें अब पहले के मुकाबले (डॉलर के मुकाबले) कम रुपए खर्च करने होंगे।

भारत जैसे देश के लिहाज से देखा जाए तो अगर क्रूड आयल सस्ता होगा तो सीधे तौर पर महंगाई थमने की संभावना बढ़ेगी। आम उपभोक्ताओं के खाने-पीने और अन्य जरूरी सामानों की आपूर्ति परिवहन माध्यम से की जाती है, इसलिए महंगाई थम सकती है।

डॉलर में होने वाले सभी पेमेंट सस्ते हो जाएंगे: वहीं अगर डॉलर कमजोर होता है तो डॉलर के मुकाबले भारत जिन भी मदों में पेमेंट करता है वह भी सस्ता हो जाएगा। यानी यह भी भारत के लिए एक राहत भरी खबर है।