बालोतरा में 79,459 करोड़ रुपये की लागत की पचपदरा रिफाइनरी का लोकार्पण
जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान दौरे के दौरान जोधपुर के नए एयरपोर्ट टर्मिनल और करीब 79,459 करोड़ रुपये की लागत से विकसित पचपदरा रिफाइनरी का लोकार्पण किया। इस परियोजना से प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति मिलने के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। चलिए जानते हैं पीएम मोदी के भाषण की पांच बड़ी बातें।
आज का दिन पूरे मरुधरा के लिए ऐतिहासिक रहा। यह दिन प्रदेश के लिए विकास की नई सौगातें लेकर आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने राजस्थान दौरे के दौरान जोधपुर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल और करीब 79,459 करोड़ रुपये की लागत से विकसित पचपदरा रिफाइनरी का लोकार्पण किया।
इसके साथ ही रिफाइनरी से जुड़े पेट्रोकेमिकल जोन के विकास की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है। इस रिफाइनरी से निकलने वाले उप-उत्पादों (बाय-प्रोडक्ट्स) पर आधारित प्लास्टिक उद्योग स्थापित किए जाएंगे।
बता दें कि नया एयरपोर्ट टर्मिनल ‘उड़ान’ परियोजना के तहत लगभग 480 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इससे मारवाड़ की समृद्ध विरासत और आधुनिक बुनियादी ढांचे के इस अनूठे संगम में देश-विदेश से आने वाले यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी।
पचपदरा रिफाइनरी से जुड़ी खास बातें
करीब 79,459 करोड़ रुपये की लागत से विकसित पचपदरा रिफाइनरी देश की सबसे बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में शामिल है। इसके निर्माण के लिए 1.5 करोड़ घन मीटर मिट्टी की खुदाई की गई, जो लगभग 15 हजार ओलंपिक आकार के स्विमिंग पूलों को भरने के बराबर है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यह खुदाई मिस्र के गीजा पिरामिड के निर्माण में हुई खुदाई से लगभग छह गुना अधिक है। चलिए यहां बता रहे हैं आज के कार्यक्रम से जुड़ी पीएम मोदी के भाषण की पांच बड़ी बातें।
राजस्थान की धरती ने हमें स्वाभिमान की सीख दी
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि राजस्थान की धरती के कण-कण ने हमें स्वाभिमान की सीख दी है। यह रिफाइनरी यहां हजारों लोगों के लिए रोजगार का माध्यम बनेगी। आज का दिन इस बात का साक्षी है कि भाजपा की सरकारें केवल परियोजनाओं का शिलान्यास करके उन्हें अधूरा नहीं छोड़तीं, बल्कि उन्हें समय पर पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत करती हैं। दो माह पहले यहां हुई दुर्घटना के बावजूद इतनी जल्दी परियोजना का कार्य पूरा होना बड़ी उपलब्धि है। नया भारत अपने संकल्पों से न पीछे हटता है और न ही अपनी विकास यात्रा की रफ्तार कम करता है। आज राजस्थान विकास के कई नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
छोटे-छोटे क्षेत्रों को भी हवाई सेवाओं से जोड़ा जाएगा
प्रधानमंत्री ने कहा कि जोधपुर का नया एयरपोर्ट टर्मिनल सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। यह टर्मिनल मारवाड़ के विकास को नई गति देगा। उन्होंने बताया कि आज जोधपुर से ही नई उड़ान योजना की शुरुआत की गई है, जिसके तहत दूर-दराज के छोटे-छोटे क्षेत्रों को भी हवाई सेवाओं से जोड़ा जाएगा। साथ ही शेखावाटी क्षेत्र के जल संकट के समाधान के लिए भी व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आज राजस्थान के 54 हजार युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र भी वितरित किए गए हैं।
युद्ध के बीच नहीं प्रभावित होने दी घरेलू गैस की कामतें
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस युद्ध ने 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट को जन्म दिया। लेकिन 21वीं सदी के नए भारत का संकल्प इस संकट पर भारी पड़ा। हमने हर स्तर पर सही और समयबद्ध फैसले लिए, संकट का सटीक आकलन किया और प्रभावी रणनीति तैयार की। उन्होंने कहा कि इन संवेदनशील निर्णयों का महत्व आने वाला इतिहास अवश्य दर्ज करेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपनी जरूरत की लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी का आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है। युद्ध और तनाव के कारण आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया था। ऐसे समय में राजस्थान की धरती से मिली संघर्ष की प्रेरणा के साथ सरकार ने देश में ही एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्णय लिया।
उन्होंने बताया कि सिर्फ सात दिनों में 54 हजार मीट्रिक टन अतिरिक्त एलपीजी का उत्पादन बढ़ाया गया। साथ ही एलपीजी पर अतिरिक्त दबाव कम करने के लिए बड़ी संख्या में पीएनजी कनेक्शन दिए गए। लगभग 11 लाख नए पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराए गए, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं पर बोझ न पड़े। प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि समय पर यह कदम नहीं उठाए जाते तो घरेलू रसोई गैस सिलिंडर की कीमत संकट के दौरान 2,000 रुपये तक पहुंच सकती थी, लेकिन सरकार ने प्रभावी प्रबंधन के जरिए इसकी कीमत करीब 950 रुपये के आसपास बनाए रखी।
हमने किसानों को 300 रुपये में दी यूरिया
पीएम मोदी ने कहा कि यूक्रेन युद्ध के कारण खाद का गंभीर संकट पैदा हो गया था। एक बोरी यूरिया की कीमत 3,000 रुपये से भी ऊपर पहुंच गई थी। इसके बावजूद हमने देश के किसानों को यूरिया मात्र 300 रुपये में उपलब्ध कराया। इसके लिए सरकार ने खजाने से लाखों करोड़ रुपये की सब्सिडी दी। आयात के रास्ते भी बंद थे। दुनिया के कई देशों में डीजल- पेट्रोल की कीमतों में 40 से 50 प्रतिशत तक का इजाफा हो गया। कई देशों में तो डीजल-पेट्रोल कोटे में मिलने लग गया। लेकिन भारत में एक दिन भी ऐसे हालात नहीं हुए। अफवाएं बहुत फैलाई गई।
भारत की दूसरे देशों के साथ दोस्ती बहुत काम आई
पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध के इसी समय में भारत की दूसरे देशों के साथ दोस्ती बहुत काम आई। जब ये संकट शुरू हुआ था, उससे पहले भारत 25-26 देशों से ईंधन का आयात करता था। लेकिन संकट के समय भारत की रणनीति का जलवा दिख गया। दूसरे देशों के साथ हमारे अच्छे संबंध इस संकट की घड़ी में बहुत काम आए।

