Wednesday, July 8, 2026
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कॉलेज शिक्षा और इग्नू के बनाए कोर्सेज से बदलेगी युवाओं की तकदीर

इग्नू व आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा के सहयोग से राजकीय महाविद्यालयों में शुरू होंगे 16 नए कोर्सेज -किरण माहेश्वरी  

जयपुर। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने कहा कि प्रदेश के कॉलेजों में अध्ययनरत छात्रों को अध्ययन के दौरान ही कौशल विकास के ऎसे खास कोर्सेज करवाए जाएंगे ताकि स्नातक होते ही वे आत्मनिर्भर और स्वालंबी बन सकें। ऎसे कोर्सेज प्रदेश के युवाओं की तकदीर बदल देंगे।

माहेश्वरी मंगलवार को इग्नू व आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा राजस्थान के संयुक्त तत्वाधान में संचालित परियोजना एवं प्राचार्यों व समन्वयकों की एक दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि भारत में पहली बार राजस्थान में ऎसा अनूठा प्रयोग हो रहा है।

इसके तहत कॉलेज शिक्षा विभाग, इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) की मदद से प्रदेश की सभी राजकीय महाविद्यालयों में 16 ऎसे सर्टीफिकेट और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की शुरूआत कर रहा है, जिनको करने से न केवल छात्रों के लिए रोजगार की संभावना बढ़ेगी बल्कि उनमें उद्यमिता का विकास होगा। ये कोर्सेज सभी महाविद्यालयों में 1 अक्टूबर से प्रारंभ होंगे।

कॉलेजों में कोर्सेज बेहतर तरीके से संचालित हो सकें इसके लिए प्रदेश के महाविद्यालयों के प्राचार्यों को एक दिवसीय प्रशिक्षण भी आज की कार्यशाला में दिया गया। प्रदेश के 219 महाविद्यालयों में 4 लाख से ज्यादा छात्र अध्यनरत हैं।

कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय ने सभी महाविद्यालयों को 16 (12 सर्टिफिकेट और 4 डिप्लोमा कोर्सेज) में से उद्योगों की मांग और छात्रों की पसंद के अनुसार इनमें से 5 कोर्स शुरू कर दिए हैं।

अब तक 94 कॉलेजों में 5646 से ज्यादा विद्यार्थियों ने इन कोर्सेज के लिए पंजीकरण भी करवा लिया है। ये कोर्सेज अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्र-छात्राओं के अलावा सभी वर्ग की छात्रओं के लिए निशुल्क रहेंगे जबकि सामान्य वर्ग के लिए बेहद कम शुल्क पर उपलब्ध कराए जाएंगे।

इग्नू के कुलपति प्रोफेसर रवीन्द्र कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा बेहतरीन कोर्स संचालित किए जा रहे हैं और आगे भी विभाग की मांग के आधार पर नए कोर्स भी डिजाइन किए जा सकेंगे।

उन्होंने बताया कि इग्नू के पाठ्यक्रम स्तरीय और बेहतरीन तरीके से बनाए हुए हैं। इस अवसर पर सेटेलाइट से चलने वाले ज्ञान सरिता की भी विधिवत रूप से शुरूआत की, इससे देश भर में कहीं भी छात्र ऑनलाइन शिक्षा ले सकेंगे।

इससे पहले अतिरिक्त मुख्य सचिव राजहंस उपाध्याय ने कहा कि प्रदेश के छात्रोें के लिए यह बेहतरीन अवसर है कि वे पढ़ाई के साथ पसंदानुसार करियर का चुनाव कर सकें।

उन्होंने कहा कि यह प्रयास छात्रों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। कॉलेज शिक्षा आयुक्त आशुतोष पेंडणेकर ने कहा कि कौशल विकास को सामान्य शिक्षा से जोड़ने का कदम अभूतपूर्व है, यह छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए बेहतरीन प्लेटफॉर्म साबित होगा।

ये कोर्सेज होंगे प्रारंभ
सभी महाविद्यालयों में फूड एंड न्यूट्रिशन, कम्यूनिकेशन एंड आईटी स्किल्स, टूरिज्म स्टडी, ऑर्गनिक फार्मिंग, इंफोर्मेेशन टेक्नोलॉजी, बिजनेस स्किल्स, वाटर हार्वेस्टिंग, एनजीओ मैनेजमेंट, एंटप्रेन्योरशिप, लैब टैक्नीक्स, बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग-फाइनेंस एंड अकाउंटिंग, फूड सेफ्टी, वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स फ्रॉम फ्रू्रट एंड वेजीटेबल्स और इंफोर्मेशन सिक्योरिटी जैसे कुछ अन्य कोर्सेज में से छात्र किसी को भी चुन सकेंगे।

कार्यशाला में इग्नू के क्षेत्रीय सेवा प्रभाग के निदेशक डॉ. वी. वेणूगोपाल रेड्डी व उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारीगण के सहित सभी महाविद्यालयों के प्राचार्य और नोडल ऑफिसर उपस्थित रहे।

खाद्य विभाग ने की अनियमिता के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही

4 डीएसओ 10 ईओ-आई निलंबित, 3 जिलों में 12 राशन डीलर्स के लाइसेंस रद्द करने की कार्यवाही, एफआईआर दर्ज

जयपुर । खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री  बाबू लाल वर्मा के निर्देश पर विभाग द्वारा राशन वितरण के कार्य में अनिमियताएं पाये जाने पर कड़ी कार्यवाही करते हुए मंगलवार को 4 जिला रसद अधिकारियों एवं 10 प्रवर्तन अधिकारी एवं प्रवर्तन निरीक्षकों को निलंबित करने की कार्रवाई करते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य सरकार किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नही करेंगी।

इन सभी अधिकारियों के विरूद्ध प्राप्त शिकायतों की जांच विचाराधीन है। विभाग द्वारा भीलवाडा जिले में 1, उदयपुर जिले में 1 एवं जयपुर में 10 राशन की दुकानदारों के लाइसेंस निलंबित कर दिये गये हैं तथा इन सभी राशन डीलर्स के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने की कार्यवाही भी की जायेंगी। विभाग द्वारा पहली बार इतने वृहद स्तर पर कार्यवाही की गई है।

मुख्यमंत्री वसुंधराराजे ने कहा है कि राशन के गेहूं पर पहला और आखिरी हक गरीब का है, इसमें जो भी कोई गड़बड़ी करेगा और दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने राशन के कालाबाजारियों के खिलाफ मुख्य सचिव और खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को तुरंत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। गरीबों का गेहूं बाजार में बिकने के मामले को चिंताजनक मानते हुए राजे ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली व्यवस्था को एक माह में ऑनलाइन किए जाने के निर्देश दिए हैं। 

व्यवस्था में पारदर्शिता के लिए उठाये कदम
 राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप  प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने, कालाबाजारी रोकने व लक्षित लाभार्थियों तक राशन सामग्री की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अनेक कदम उठाये गये है। इसके तहत  कम्प्यूटरीकरण का कार्य किया गया है ।

इस व्यवस्था पर पूर्ण निगरानी के साथ ही मुख्यालय द्वारा एवं अन्तर जिलों से टीमों का गठन कर सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए नियमित रूप से जांच भी की जा रही है। 

पोस मशीन से शत-प्रतिशत खाद्यान वितरण
पोस मशीन के माध्यम से बायोमैट्रिक सत्यापन के बाद 100 प्रतिशत खाद्यान्न वितरण किया जा रहा हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत प्रदेश में कुल 4.20 करोड लाभार्थी हैं। इन लाभार्थियों के लिए 1.74 लाख मीट्रिक टन गेहूं का आवंटन प्रतिमाह किया जा रहा है।

लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत भारत सरकार के निर्देशानुसार डोर-स्टेप-डिलीवरी  प्रणाली प्रदेश में भी लागू है। इस प्रणाली के तहत भारतीय खाद्य निगम से गेहूं का उठाव कर सीधे ही उचित मूल्य दुकान (एफपीएस) तक पहुंचाया जाता है। 

अनियमितता पर कार्यवाही 
पोस मशीन लागू किये जाने के उपरांत समय-समय पर विभाग द्वारा जिलों में खाद्यान्न के उठाव व वितरण की जांच करवाई गई है, जिसमें जोधपुर, बीकानेर, हनुमानगढ, उदयपुर, करौली, सीकर, सवाई माधोपुर, बारां, झालावाड व गंगानगर जिले शामिल हैं।

इन जिलों में अब तक पाई गई अनियमितता के कारण, विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के तहत 108 उचित मूल्य दुकानदारों के प्राधिकृत पत्र (लाइसेंस) निलंबित किये गये है एवं 108 के ही विरूद्ध एफआईआर भी दर्ज करवायी गई है।

इसके साथ ही विभागीय अधिकारियों में 27 जिला रसद अधिकारियों, 5 प्रवर्तन अधिकारी व प्रवर्तन निरीक्षक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है एवं 3 प्रबंधक, खाद्य नागरिक आपूर्ति को भी निलंबित किया जा चुका है। आधार के दुरउपयोग की शिकायत मिलने पर 263 राशन डीलर्स के लाईसेन्स निलम्बन, 91 एफआई दर्ज एवं 63 लाईसेन्स निरस्त किये गये है।

पोस मशीनों के लिए टोल फ्री हैल्पलाईन भी
पोस मशीनों में आ रही समस्याओं के निराकरण हेतु विभाग द्वारा एक टोल फ्री हैल्पलाईन भी (1800-180-6127) शुरू की गई हैं।

इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए विभाग की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि 26 अक्टूबर 2017 तक प्रदेश के सभी अटल सेवा केन्द्रों, पंचायत समिति मुख्यालय, जिला परिषद मुख्यालय, शहरी क्षेत्रों में नगर पालिका, नगर परिषद एवं नगर निगम मुख्यालयों पर सनबोर्ड के माध्यम से इस हेल्पलाइन की जानकारी हर व्यक्ति तक पहुुंचाना सुनिश्चित किया जाए।   

‘कर्मचारियों में तनाव से हर साल होता 2.5 खरब डॉलर का नुकसान’

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कोटा। रोटरी क्लब राउंड टाउन की अोर से मंगलवार बूंदी रोड स्थित एक होटल में मल्टी डिस्ट्रिक मीट हुई। इसमें मेंटल हेल्थ एट वर्क प्लेस विषय पर वक्ताओं ने अपनी बात रखी। कॉन्फ्रेंस में मुख्य वक्ता वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डाॅ. एमएल अग्रवाल ने कहा कि विश्व मानसिक स्वास्थ्य संगठन ने इस वर्ष का यही नारा दिया है।

मानसिक स्वास्थ्य प्रबंधन नहीं होने और भेदभाव की नीति के कारण उत्पादकता पर बहुत अधिक असर पड़ता है। जिसकी वजह से विश्व में 2.5 खरब डालर के नुकसान का अनुमान लगाया गया है, जो 2030 तक 6 खरब अमरीकी डालर तक पहुंचने की उम्मीद है।

कार्यस्थल पर अवसाद की वजह से लोग काम बंद कर देते हैं और अवसाद के प्रकरण में औसतन 36 कार्य दिवस व्यर्थ कर दिए जाते हैं और 50 फीसदी अवसाद ग्रसित लोगों का इलाज नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि 43 फीसदी प्रबंधकों को बेहतर नीतियां चाहिए, लोगों को यह बताने में मुश्किल होता है। कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य समस्या है।

अवसाद और अन्य मानसिक बीमारियों से ग्रस्त लोगों में हमेशा भय बना रहता है कि कोई किसी को उनकी बीमारी के बारे में पता नहीं लग जाए, जिसकी वजह से वो अक्सर काम से अनुपस्थित रहने लग जाते हैं या अपनी पूर्ण क्षमता से कार्य नहीं करते है।

अतः इसके लिए आवश्यकता है नियोक्ता मानसिक रोगियों से भेदभाव की नीति करके स्टिग्मा को नहीं बढ़ाए और मानसिक स्वास्थ्य प्रबंधन कार्यस्थल पर करके अपनी उत्पादकता को बढ़ाए। एक सर्वे में माना गया है कि अगर नियोक्ता 1 डालर मानसिक स्वास्थ्य प्रबंधन पर खर्च करता है तो 4 डालर के उत्पादन में वृद्वि होती है।

अतः मानसिक स्वास्थ्य के बारे में प्राथमिकता से सोचा जाए। डाॅ. अरुणा अग्रवाल ने कहा कि बालिकाओं को किशोर अवस्था में इसके बारे में समझाना होगा।,

सीएम बिरला ने एनजीओ को इस कार्य में सबको मिल जुलकर कार्य करने के लिए का। कार्यक्रम में प्रद्युम्न पाटनी, राजेश अग्रवाल, प्रदीप सिंह गौड़, कांता मदनानी, राम गोपाल अग्रवाल, लक्ष्मण नैनानी, पीपी गुप्ता मौजूद थे। संचालक यज्ञदत्त हाड़ा ने किया।

सरकार भी उठाएगी आवश्यक कदम: विधायक हीरालाल नागर ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए सरकार भी आवश्यक कदम उठाएगी। इस काम में सामाजिक संस्थानों का पूरा सहयोग किया जाएगा।
काेर्स में लिया जाए यह विषय: कार्यक्रम में एडवोकेट भुवनेश शर्मा ने कहा कि इस विषय को दसवीं और बारहवीं कक्षा की किताबों में शामिल किया जाना चाहिए। मंच पर मौजूद लोगों ने बताया कि इसके बारे में सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेजा है।

क्लब अध्यक्ष विमल जैन ने बताया कि मल्टी डिस्ट्रिक मीट के मुख्य अतिथि विधायक हीरा लाल नागर थे। विशिष्ट अतिथि मेयर महेश विजय, पूर्व प्रांत पाल सत्यनारायण लाठी, सीएम बिरला थे।

टीम रक्तदाता ने बचाई 8 माह के बच्चे की जान

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कोटा। टीम रक्तदाता ने आज मेडिकल कॉलेज, कोटा में डेंगू पीड़ित 8 माह के बच्चे के लिए ओ पोजीटिव एसडीपी रक्तदान कर उसके परिवार को खुशियां लौटाई।

डेंगू पीड़ित आठ माह का बालक।

एसडीपी टीम रक्तदाता के संयोजक नीरज सिंह ने सूचना मिलते ही स्वयम रक्त दिया। पिछले दो माह में उन्होंने छठी बार एसडीपी रक्तदान किया। बच्चे के मामा हरीश यादव सोमवार रात से परेशान हो रहे थे।

क्योकि बच्चे की प्लेटलेट्स गिरकर मात्र 6000 रह गई थी, जिससे उसके नाक से ब्लीडिंग शुरू हो गई थी। उन्होंने टीम रक्तदाता के संयोजक हरजिंदर सिंह और कुशाल जैन से संपर्क किया।

एक अन्य मामले में टीम के सदस्यों ने श्योपुर निवासी इम्तियाज़ फ़ातेमा के लिए भी ए-नेगेटिव एसडीपी डोनेट करवाई। शिक्षक हेमराज ने ए-नेगेटिव एसडीपी दी। गौरतलब है कि इन दिनों डेंगू रोगियों को कोटा में टीम रक्तदाता द्वारा तुरन्त प्लेटलेट्स मुहैया कराने से परिजनों को बड़ी राहत मिल रही है।

कमजोर उठाव से धनिया ,उड़द और तिल्ली में गिरावट

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में मंगलवार को माल की आवक 1लाख बोरी की रही । लहसुन की आवक 20000 हजार कट्टे की रही । नई सोयाबीन की लगभग 60000 एवं नई धान की 5000 बोरी की आवक रहीं।

कमजोर उठाव से धनिया ,उड़द और तिल्ली में गिरावट धनिया 200 रुपए प्रति क्विंटल ,उडद हल्का 200रुपए प्रति क्विंटल, तिलली में 400रुपए प्रति क्विंटल मंदा रहा।

गेहूं मिल 1500से 1531 लोकवान 1600से 1700पीडी 1650 से 1700 टुकडी 1600से 1700 रुपए प्रति क्विंटल। धान सुगंधा 2000 से 2350 पूसा 1 2000 से 2300 पूसा4 (1121) 2000 से 2500 धान (1509) 2000 से 2400 सोयाबीन 2200 से 2731 सरसो 3200 से 3421 तिल्ली 5000 से 6500 रुपए प्रति क्विंटल।

मैथी 2000 से 2400 धनिया बादामी 3400 से3600 ईगल 3600 से 3800 रंगदार 4000 से 5000 मूंग 3500 से 4100 उडद नया 2400 से 3900 चना 5000 से 5200 चना काबुली 7000 से 10500 रुपए प्रति क्विंटल।

चना पेपसी 4800 से 5800 चना मौसमी 4800 से 5800 मसूर 3500 से 4000 ग्वार 2500से 3050 मक्का नई 1000 से 1200 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2000रुपए प्रति क्विंटल । लहसुन 800 से 4050 रुपए प्रति क्विंटल ।

त्यौहारी मांग से सोने की कीमत में तेजी जारी

नई दिल्ली/ कोटा।  दिल्ली सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। सकारात्मक वैश्विक संकेत और स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से बढ़ी खरीदारी के चलते सोना आज 145 रुपये बढ़कर 30765 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है।

वहीं चांदी भी इंडस्ट्रीयल यूनिट्स और सिक्का निर्माताओं की ओर से तेज उठान के चलते 290 रुपये बढ़कर 40,990 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई है।

बुलियन ट्रेडर्स का कहना है कि मजबूत वैश्विक संकेत के कारण सोना एक हफ्ते से भी अधिक समय के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। वहीं भू-राजनीतिक अनिश्चितता के चलते महंगी धातुएं निवेश के लिहाज से सेफ हैवेन के रूप में उभरी हैं, जिसके कारण सोने और चांदी की कीमतों में इजाफा हुआ है।

साथ ही घरेलू हाजिर बाजार में त्यौहारी सीजन की मांग को पूरा करने के लिए स्थानीय जौहरियों की ओर से लगातार खरीदारी ने भी कीमतों में इजाफा किया है।  वैश्विक रूप से सिंगापुर में सोना 0.26 फीसद के उछाल के साथ 1,287 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.50 फीसद के उछाल के साथ 17.04 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गई है।

वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाले सोने की कीमतें 145 रुपए के उछाल के साथ क्रमश: 30,765 रुपए और 30,615 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है। गिन्नी की कीमतें हालांकि 24700 रुपये आठ ग्राम के स्तर पर बरकरार रही है। 
कोटा सराफा
चांदी 40500 रुपए प्रति किलोग्राम। 
सोना केटबरी 30600 रुपए प्रति 10 ग्राम 35700 रुपए प्रति तोला। 
सोना शुद्ध 30750रुपए प्रति 10 ग्राम  35870 रुपए प्रति तोला। 

 

सेंसेक्स दो सप्ताह के उच्च स्तर 31,924.41 अंक पर बंद

मुंबई। बंबई शेयर बाजार का मानक सूचकांक 78 अंक की बढ़त के साथ दो सप्ताह के उच्च स्तर 31,924.41 अंक पर बंद हुआ। यह लगातार तीसरा दिन है तब जब बाजार में तेजी आयी। औषधि, तेल एवं गैस और बैंक शेयरों में तेजी रही।

कारोबारियों के अनुसार वैश्विक स्तर पर मजबूत रुख के बीच दूसरी तिमाही कंपनियों के वित्तीय नतीजे से पहले घरेलू विाीय संस्थानों की लिवाली तथा खुदरा निवेशकों का निवेश बढ़ने से बाजार में लगातार तीसरे दिन तेजी रही।

तीस शेयरों वाला सेंसेक्स मजबूती के साथ 31,910.82 अंक पर खुला और अंत में 77.52 अंक या 0.24 प्रतिशत लाभ के साथ 31,924.41 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 31,994.77 से 31,896.90 अंक के दायरे में रहा। 21 सितंबर के बाद यह सेंसेक्स का उच्च स्तर है। उस समय यह 32,370.04 अंक पर बंद हुआ था।

नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 28.20 अंक या 0.28 प्रतिशत की मजबूती के साथ 10,016.95 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 10,034 से 10,002.30 अंक के दायरे में रहा।

21 सितंबर के बाद पहली बार निफ्टी 10,000 अंक के पर पहुंचा है।आईटी, बिजली, स्वास्थ्य, पूंजीगत सामान, तेल एवं गैस, बैंक तथा वाहन क्षेत्रों की अगुवाई में यह तेजी आयी।

ईपीएफ दफ्तर में डिजिटल हस्ताक्षर के स्थान पर अब चलेंगे ई-सिग्नेचर

नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में अब डिजिटल हस्ताक्षर के स्थान पर ई-सिग्नेचर चलेंगे। यह प्रक्रिया शुरू करने के लिए ईपीएफओ कमिश्नर संजय केसरी ने मध्य प्रदेश के चार हजार से अधिक नियोक्ताओं को गाइडलाइन भेज दी है। इन सभी नियोक्ताओं से करीब ढाई लाख कर्मचारी संबद्ध हैं।

केसरी ने बताया कि जैसे आयकर विभाग में रिटर्न दाखिल करने के लिए ई-सिग्नेचर काम करता है। उसी तर्ज पर यह व्यवस्था शुरू की जा रही है। ईपीएफओ कमिश्नर संजय केसरी ने बताया कि जिस प्रकार आयकर विभाग में रिटर्न दाखिल करने के लिए ई-सिग्नेचर काम करता है। उसी तर्ज पर यह व्यवस्था शुरू की जा रही है।

डिजिटल सिग्नेचर में ‘जावा इंस्टॉलेशन, वर्जन कंट्रोल एवं ब्राउजर सेटिंग” जैसी तकनीकी औपचारिकताओं के चलते बड़ी दिक्कतें आ रही थीं। इसके लिए करीब 800 रुपए का डोंगल भी खरीदना पड़ता था, लेकिन अब ई-सिग्नेचर व्यवस्था में इसे ‘आधार” के साथ जोड़ दिया जाएगा।

नियोक्ता को एक बार रजिस्ट्रेशन के लिए ईपीएफओ दफ्तर आना होगा, यदि रजिस्ट्रेशन है तो जैसे ही ई-सिग्नेचर की प्रक्रिया शुरू करेंगे। तुरंत मोबाइल नंबर पर (वन टाइम पासवर्ड) ओटीपी आ जाएगा। सत्यापन के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में विभाग द्वारा सभी नियोक्ताओं को गाइडलाइन भेज दी गई है।

ईपीएफओ दिल्ली से भेजी गई अधिसूचना भी सभी को भेज रहे हैं। ईपीएफओ कमिश्नर ने बताया कि उनके यहां पंजीबद्ध करीब चार हजार से अधिक नियोक्ताओं को नई व्यवस्था से सुविधा हो जाएगी।

गुजरात के बाद महाराष्ट्र ने भी घटाए पेट्रोल-डीजल के दाम

नई दिल्ली। गुजरात के बाद महाराष्ट्र ने भी पेट्रोल और डीजल के दामों में कटौती कर दी है। महाराष्ट्र में पेट्रोल 2 रुपये और डीजल 1 रुपये सस्ता किया गया है।

डीजल-पेट्रोल की नई दरें मंगलवार मध्यरात्रि से लागू होंगी। बता दें कि इससे पहले गुजरात ने भी फ्यूल पर लगने वाले वैट में 4 प्रतिशत की कटौती की थी, जिसके बाद वहां पेट्रोल की कीमतों में 2.93 रुपये और डीजल की कीमत में 2.72 रुपये की कमी आई।

गौरतलब है कि बुधवार को केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी 2 रुपये कम कर ली थी। केंद्र ने राज्य सरकारों से भी अपील की थी कि वे वैट में कमी करें ताकि जनता को इसका फायदा हो।

इसके बाद महाराष्ट्र ने भी वैट कम करने को लेकर विचार करने को कहा था। महाराष्ट्र के वित्त मंत्री सुधीर मुंगनतीवार ने कहा था कि सरकार इस बारे में मंगलवार को ऐलान कर सकती है।

फिर से टाटा ग्रुप के हाथ आएगी एयर इंडिया की कमान?

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नई दिल्ली। आज से 85 साल पहले एयर इंडिया की स्थापना करने वाला टाटा ग्रुप को कंपनी का नियंत्रण छोड़ना पड़ा था लेकिन टाटा ग्रुप अब फिर से एयर इंडिया को अपना हिस्सा बनाना चाहता है।

अगर टाटा ग्रुप एयर इंडिया का अधिग्रहण कर लेता है तो वह एयर इंडिया का स्वामित्व उसके राष्ट्रीयकरण होने के 64 साल बाद पा लेगा। सरकार घाटे में चल रहे एयर इंडिया को बेचने की तैयारी में है।

टाटा सन्स ने टाटा एयरलाइंस की स्थापना 1932 में की थी। कराची से बॉम्बे की पहली फ्लाइट खुद जेआरडी टाटा ने उड़ाई थी। आजादी से पहले 1946 में टाटा एयरलाइंस सार्वजनिक कंपनी बन गई और इसका नाम बदलकर एयर इंडिया कर दिया गया।

प्लेन उड़ाना जेआरडी टाटा का जुनून था। कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक, जहाज उड़ाने के लिए क्वालिफाई करने वाले वह पहले भारतीय थे। वेबसाइट में बताया गया है, ‘हवाई जहाज उड़ाने का लाइसेंस उन्हें 1929 में मिला। भारत में कमर्शल एविएशन लाने वाले वह पहले व्यक्ति थे। 1948 में उन्होंने एयर इंडिया इंटरनैशनल की स्थापना की। 1978 तक वह एयर इंडिया की जिम्मेदारी संभाले रहे।’

1953 में जब सरकार ने ‘बैकडोर से’ (जैसा जेआरडी टाटा कहते हैं) एयर इंडिया का राष्ट्रीयकरण कर दिया तब वह दुनिया की श्रेष्ठ एयरलाइंस में थी। टाटा को जब पता चला कि तत्कालीन पीएम जवाहर लाल नेहरू ने एयर इंडिया का राष्ट्रीयकरण कर दिया है वह भी उनसे बिना बता किए तब उन्हें बड़ा झटका लगा।

हालांकि टाटा ने राष्ट्रीयकरण के बाद एयरलाइंस के चेयरमैन का पद संभाल लिया। उनके नेतृत्व में कंपनी 1977 तक अच्छा से संचालित होती रही। 1977 में पीएम मोरारजी देसाई ने टाटा को उनके पद से हटा दिया।

आज एयर इंडिया सरकार की बुरे संचालन और नाकामयाब बिजनस करने का जीता-जागता सबूत बन गई है। कंपनी पर भारी कर्ज है और यही कारण है कि सरकार इसका निजीकरण कर इससे छुटकारा पाना चाहती है। नरेंद्र मोदी सरकार 2014 में सत्ता संभालने के बाद से करीब 16 हजार करोड़ रुपये एयर इंडिया में लगा चुकी है।

क्या टाटा ग्रुप एयर इंडिया को केवल अपनी विरासत समझ खरीदना चाहता है? नहीं, भले ही कंपनी कर्जे में हो और संचालन संबंधी समस्याएं हो फिर भी इसकी वैल्यू काफी है।

डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन के डेटा के मुताबिक, एयर इंडिया की फ्लीट में 118 जहाज हैं और भारत से और भारत तक सबसे ज्यादा पैसेंजर्स को मंजिल तक पहुंचाता है। इसके अलावा कंपनी को दुनियाभर के बड़े एयरपोर्ट्स में पार्किंग स्लॉट्स मिले हुए हैं जिसमें न्यू यॉर्क, शिकागो और लंदन हैं।