Thursday, July 9, 2026
Home Blog Page 5662

वॉट्सऐप पर अब लीजिये मजा ग्रुप कॉलिंग फीचर का

0

नई दिल्ली। बहुत जल्द वॉट्सऐप में ग्रुप कॉलिंग का फीचर भी आने वाला है। मशहूर मेसेजिंग ऐप के लेटेस्ट iOS बीटा वर्जन में यह फीचर देखा गया है। ग्रुप वॉइस कॉलिंग का आना जहां तय माना जा रहा है, वहीं ग्रुप विडियो कॉलिंग का ज़िक्र सिर्फ एक ही जगह हुआ है।

जो भी हो, ग्रुप वॉइस कॉलिंग भी वॉट्सऐप पर आने वाला एक बहुत काम का फीचर होगा। उम्मीद जताई जा रही है कि ये फीचर वॉट्सऐप पर नए साल में आएंगे।

वॉट्सऐप के अपडेट्स पर नजर रखने वाली वेबसाइट WABetaInfo के मुताबिक, वॉट्सऐप के बीटा वर्जन 2.17.70 पर ये फीचर सबसे पहले देखे गए हैं। इस वेबसाइट ने रविवार को ट्वीट किया ‘2.17.70 iOS अपडेट में ग्रुप कॉल्स की तरफ इशारा मिला है।

पहले यह एक अंदरूनी खबर थी, लेकिन अब इसकी पुष्टि कर दी गई है।’ एक अन्य ट्वीट में कहा गया है, ‘ग्रुप वॉइस कॉल्स के कई दबे-छिपे रेफरेंस मिल रहे हैं लेकिन ग्रुप विडियो कॉलिंग के बारे में सिर्फ एक रेफरेंस मिला है। 

पहले भी खबर आई थी कि वॉट्सऐप ग्रुप वॉइस कॉलिंग पर काम कर रहा है और यह फीचर अगले साल तक रिलीज कर सकता है। ऐसा फीचर फेसबुक मेसेंजर पर पहले से मौजूद है।

इसके अलावा वॉट्सऐप वॉचर नाम की वेबसाइट ने भी खबर दी है, कि आईफोन के वॉट्सऐप वर्जन पर ग्रुप ऐडमिन्स को और ताकतें मिल सकती हैं जिसके तहत वह एक से ज्यादा ग्रुप मेम्बरों को एक बार में डिलीट कर सकेंगे।

ऐंड्ऱॉयड के लिए वॉट्सऐप के बीटा वर्जन 2.17.387 के तहत ऐडमिन के पास यह चुनने की ताकत होगी कि कौन ग्रुप मेम्बर ग्रुप का आइकन, नाम और डिस्क्रिप्शन बदल पाएगा और कौन नहीं। इसके अलावा ग्रुप बनाने वाले को डिलीट करना मुश्किल किया जाएगा। वॉट्सऐप पर भेजे जा चुके मेसेज रीकॉल करने वाला फीचर भी टेस्टिंग में है।

गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 100 रुपये बढ़ेगा

नयी दिल्ली। सरकार चालू वित्त वर्ष के लिए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को 100 रुपये बढ़ाकर 1,725 रुपये प्रति क्विंटल कर सकती है। सरकारी सूत्रों ने यह जानकारी दी।

इस संबंध में फैसला कल होने वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) के द्वारा लिए जाने की संभावना है। एमएसपी वह दर है जिस दर पर सरकार किसानों से उनकी उपज की खरीद करती है। मौजूदा समय में गेहूं का एमएसपी 1,625 रुपये प्रति क्विंटल है।

सूत्रों ने बताया, वर्ष 2018..19 के लिए गेहूं सहित रबी फसलों का एमएसपी कल होने वाली सीसीईए की बैठक के एजेंडे में शामिल है। वर्ष 2018..19 के लिए गेहूं के एमएसपी को 100 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाने का प्रस्ताव है।

गेहूं प्रमुख रबी फसल है जिसकी बुवाई इसी महीने से शुरू होती है। इस फसल का विपणन अगले वर्ष अप्रैल के बाद से शुरू होगा।

मंत्रिमंडलीय परिपत्र में कृषि मंत्रालय ने कृषि लागत एवं मूल्य आयोग की सिफारिशों के आधार पर सात रबी फसलों.. गेहूं, जौ, चना, मसूर, रेपसीड, सरसों और सूरजमुखी के लिए एमएसपी का प्रस्ताव किया है।

राजस्थान में होगी 2123 करोड़ रुपए से अधिक की समर्थन मूल्य पर खरीद

  • अब तक 126 करोड़ से अधिक की हो चुकी है खरीद

  • किसानों को किया 87 करोड़ से अधिक का भुगतान

जयपुर। राज्य में किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए समर्थन मूल्य पर दलहन एवं तिलहन की तीव्र गति से खरीद की जा रही है और अब तक 126 करोड़ 74 लाख रुपए से अधिक मूल्य की खरीद हो चुकी है।

खरीद के पेटे किसानों को त्वरित भुगतान की व्यवस्था की गई है और किसानों के खातों में 87 करोड़ रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर कर दी गई है। यह जानकारी रजिस्ट्रार एवं प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता अभय कुमार ने सोमवार को राजफैड में समर्थन मूल्य पर खरीद की समीक्षा करते हुए दी।

कुमार ने बताया कि राज्य के किसानों से 836.25 करोड़ रुपए के मूंग, 162 करोड़ रुपए के उड़द, 457.50 करोड़ रुपए की सोयाबीन एवं 667.50 करोड़ रुपए की मूंगफली की उपज को खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि इस बार राज्य में कुल 2 हजार 123 करोड़ 25 लाख रुपए मूल्य के दलहन एवं तिलहन की खरीद की जाएगी।

उन्होंने बताया कि अब तक 15 हजार 79 काश्तकारों से समर्थन मूल्य पर 126 करोड़ 74 लाख रुपए मूल्य की मूंग, उड़द, सोयाबीन एवं मूंगफली की खरीद की जा चुकी है। जिसमें से 10 हजार 804 किसानों को 87 करोड़ 33 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि इस बार से कृषि उपज की राशि को किसान परिवारों की महिला मुखिया के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जा रहा है।  कुमार ने बताया कि दीपावली के अवसर पर राज्य में 18 से 22 अक्टूबर तक खरीद केन्द्रों पर अवकाश रहने के कारण खरीद को स्थगित रखा था, परन्तु आज से सभी खरीद केन्द्रों पर पुनः खरीद आरम्भ हो गई है।

जिला कलक्टर करेंगे खरीद केन्द्रों का दौरा : प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि जिला कलक्टरों को जिले के खरीद केन्द्रों का दौरा कर व्यस्थाओं को दुरस्त रखने एवं किसानों की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि झालावाड़ जिला कलक्टर द्वारा कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग के मार्फत जिले के खरीद केन्द्रों पर काश्तकारों से सम्पर्क कर अपनी उपज को नैफेड के मानदण्डों के अनुसार तैयार कर लाने को कहा जिसके कारण झालावाड़ में काश्तकारों द्वारा लाई गई उपज का रिजेक्शन न के बराबर रहा है।

एक लाख 22 हजार से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन: उन्होंने बताया कि चारों उपजों के लिए 1 लाख 22 हजार 566 काश्तकारों द्वारा पंजीयन करवाया गया है तथा 75 हजार से अधिक पंजीयनकर्ता किसानों को उनकी उपज की तुलाई के लिए दिनांकों को आवंटन कर दिया गया है। शेष को दिनांक आवंटन की कार्यवाही की जा रही है।

उपज के रिजेक्शन की मिलेगी सूचना ऑनलाईन :प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि किसानों को उनकी उपज के रिजेक्शन के संबंध में ऑनलाईन सूचना देने के लिए व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए राष्ट्रीय सूचना केन्द्र के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि इससे खरीद प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता स्थापित होगी तथा किसान को उपज में एफएक्यू मापदण्डों के अनुसार रही कमी के बारे में पुख्ता जानकारी मिल सकेगी।

सरकार का यू-टर्न : अब भ्रष्ट लोकसेवकों को बचाने वाले विधेयक पर पुन: मंथन

जयपुर। भ्रष्ट लोकसेवकों को बचाने के लिए राजस्थान सरकार की ओर से लाए जा रहे सीआरपीसी संशोधन विधेयक-2017 पर राज्य सरकार ने यू-टर्न लिया है। अब सरकार विधेयक पर पुर्नविचार करेगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ केबिनेट मंत्रियों को सोमवार रात तलब किया और विधेयक पर पुर्नविचार के निर्देश दिए।

सूत्रों के मुताबिक अजमेर में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद शाम को ही मुख्यमंत्री जयपुर लौटी थी। जयपुर आते ही तत्काल करीब आधा दर्जन वरिष्ठ केबिनेट मंत्रियों को अपने सरकारी आवास 13 सिविल लाइंस पर तलब किया। मुख्यमंत्री ने नए अध्यादेश को लेकर मंत्रियों के साथ चर्चा की और इस पर पुर्नविचार के निर्देश दिए।

बैठक में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, पंचायत राज मंत्री राजेन्द्र राठौड़, सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्री अरूण चतुर्वेदी, परिवहन एवं सार्वजनिक निर्माण मंत्री यूनुस खान के अलावा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी भी मौजूद थे। बैठक करीब आधा घंटे चली। उल्लेखनीय है कि विधेयक के विरोध में सोमवार को सदन भी विपक्ष ने भारी हंगामा किया।

इस विधेयक का चौतरफा विरोध हो रहा है। विधानसभा में कांग्रेस सहित पूरे प्रतिपक्ष ने एकजुटता के साथ इस संशोधन को काला कानून करार दिया। सत्तापक्ष के विधायक घनश्याम तिवाडी और माणकचंद सुराणा ने भी इसका विरोध करते हुए सरकार पर आपातकाल जैसी स्थिति बनाने का आरोप लगाया।

चौतरफा विरोध को देखते हुए सरकार इस कानून को लेकर बैकफुट पर भी नजर आई। सरकार की तरफ से गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने संशोधन विधेयक को रखते हुए कहा कि यदि इसमें कोई खामियां होगी तो उसे दूर किया जाएगा।

कंपोजीशन स्कीम में कुछ और सेवाएं हो सकती हैं शामिल

0

नई दिल्ली। जीएसटी के तहत कंपोजीशन स्कीम में कुछ और सर्विसेज को शामिल किया जा सकता है। अभी सर्विस सेक्टर में सिर्फ रेस्त्रां कारोबारी को कंपोजीशन का विकल्प चुनने की इजाजत है। ज्यादा सेवाओं को इसके दायरे में लाने से छोटे कारोबारियों को आसानी होगी।

इसके अलावा कंपोजीशन कारोबारी से सामान खरीदने वाले को इनपुट टैक्स क्रेडिट की सुविधा भी मिल सकती है। अभी तो कंपोजीशन वालों को क्रेडिट मिलता है और उनसे सामान खरीदने वालों को। कंपोजीशन स्कीम को आकर्षक बनाने के लिए जीएसटी काउंसिल ने पिछली बैठक में मंत्री समूह बनाया था।

ज्यादा सर्विस प्रोवाइडर्स को इसके दायरे में लाने और इनपुट क्रेडिट देने का सुझाव इसी मंत्री समूह का है। सालाना एक करोड़ रुपए तक टर्नओवर वाले कारोबारी कंपोजीशन स्कीम चुन सकते हैं। ट्रेडर्स के लिए टर्नओवर पर 1%, मैन्युफैक्चरर के लिए 2% और रेस्त्रां के लिए 5% टैक्स का प्रावधान है।

कंपोजीशन कारोबारियों के लिए तिमाही रिटर्न फाइलिंग का नियम है। इन्हें तो रिटर्न में इनवॉयस की डिटेल्स भरनी पड़ती है और ही ग्राहक को टैक्स इनवॉयस देना पड़ता है।  एसी रेस्त्रां पर अभी 18% जीएसटी लगता है। सूत्रों के मुताबिक इसे भी घटाकर 12% किया जा सकता है। हालांकि इसके साथ इनपुट क्रेडिट का प्रावधान खत्म हो सकता है।

मंत्री समूह को इस पर विचार का जिम्मा भी दिया गया था। इसकी पहली बैठक 15 अक्टूबर को हुई थी। समूह 29 अक्टूबर की बैठक में अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप देगा। काउंसिल की अगली बैठक 9-10 नवंबर को गुवाहाटी में होनी है।

जॉबवर्क रिपोर्टिंग के लिए ऑफलाइन टूल
जीएसटी नेटवर्क ने जॉब वर्क की रिपोर्टिंग के लिए ऑफलाइन टूल लांच किया है। कोई कंपनी जॉब वर्क के लिए सामान भेजती है तो उसे हर तिमाही इसकी जानकारी आईटीसी-04 फॉर्म में देनी पड़ती है। जुलाई-सितंबर तिमाही की जानकारी ऑफलाइन टूल में भरकर अपलोड कर सकते हैं। डाउनलोड और अपलोड करते समय ही इंटरनेट की जरूरत पड़ेगी।

वरिष्ठ नागरिकों की पहली ट्रेन 4 को रामेश्वरम जाएगी, कोटा के 157 यात्री होंगे शामिल

कोटा। दीनदयाल उपाध्याय वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना के तहत 4 नवंबर को पहली ट्रेन दुर्गापुरा स्टेशन जयपुर से रामेश्वरम रवाना होगी। यह ट्रेन सवाईमाधोपुर कोटा से भी वरिष्ठ नागरिकों को लेकर जाएगी।

इसके लिए देवस्थान विभाग द्वारा चयनित आवेदकों को सवाईमाधोपुर स्टेशन पर शाम 4 बजे तथा कोटा स्टेशन पर शाम 7 बजे पहुंच जाना होगा। देवस्थान आयुक्त जितेंद्र कुमार उपाध्याय ने बताया कि यात्री को अपने साथ मूल चिकित्सा प्रमाण पत्र, मूल भामाशाह कार्ड अथवा मूल आधार कार्ड एक फोटो प्रति के साथ लाना होगा।

विभाग द्वारा संबंधित यात्रियों को इसकी सूचना एसएमएस से भी दी जाएगी। यात्रियों को 28 अक्टूबर से पूर्व अपना चिकित्सा प्रमाण पत्र विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा तथा यात्रा पर जाने की सहमति अथवा असहमति भी वेबसाइट पर अंकित करनी होगी।

उन्होंने बताया कि इस ट्रेन में कोटा के 157, बूंदी के 66, बारां के 127 एवं झालावाड़ के 127 यात्रियों सहित कुल 995 लोग रामेश्वरम जाएंगे।

मुहूर्त के सौदों में धनिया 5251 रुपये क्विंटल बिका

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में दीपावली के छह दिन के अवकाश के बाद सोमवार को धनिया के मुहूर्त के साथ कारोबार शुरू हुआ। धनिया ईगल क्वालिटी मुहूर्त के सौदों में 5251 रुपये क्विंटल बिका। जिसकी सबसे ऊँची बोली लगाकर राम सूरज – जुगल किशोर ने ख़रीदा।

इस मौके पर सांसद ओम बिरला, कोटा ग्रेन एण्ड सीड्स मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अविनाश राठी एवं कार्यकारिणी के अलावा हेमंत जैन , शिव कुमार, मनोज पतीरा, सज्जन कुमार जसवंत कुमार आदि मौजूद थे।

उड़द 200 सोयाबीन 50 रुपये प्रति क्विंटल मंदा रहा। धान 1121  200 रुपये प्रति क्विंटल तेज रहा ‌। लहसुन की आवक 5000 हजार कट्टे की रही । माल की कुल आवक 50 हजार बोरी की रहीं

गेहूं मिल 1500से 1575 लोकवान 1600से 1700 पीडी 1650 से 1700 टुकडी 1600से 1700 रुपये प्रति क्विंटल । धान सुगंधा 1800 से 2350 पूसा 1 2000 से 2400 पूसा4 (1121) 2000 से 2870 धान (1509) 2000 से 2600 रुपये प्रति क्विंटल ।

सोयाबीन 2200 से 2760 सरसो 3200 से 3550 तिल्ली 5000 से 6300 मैथी 2000 से 2400 धनिया बादामी 3400 से 3800 ईगल 3600 से 4000 रंगदार 4000 से 5000 रुपये प्रति क्विंटल ।

मूंग 3500 से 4000 उडद 2400 से 3800 चना 4500से 5000 चना काबुली 7000 से 10500 चना पेपसी 4800 से 5000 चना मौसमी 4800 से 5200 रुपये प्रति क्विंटल ।

मसूर 3300 से 3600 ग्वार 2500से 3050 मक्का नई 800 से 1200 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन 800 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल ।

जेईई-मेन ऑफलाइन परीक्षा 8 अप्रैल 2018 को

अरविंद, कोटा। इंजीनियरिंग की अंतरराष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा जेईई-मेन,2018 पेन-पेपर मोड में 8 अप्रैल 2018 को आयोजित की जाएगी। सीबीएसई द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, यह परीक्षा भारत के 104 शहरों के परीक्षा केंद्रों सहित 9 अन्य देशों श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल, सिंगापुर, बहरीन, दुबई, मस्कट, रियाद व शरजाह में भी होगी।

परीक्षा ऑनलाइन मोड में अप्रैल,2018 के मध्य में देश के सभी केंद्रों पर होगी, जिसकी तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी। परीक्षा में आवेदन के लिए 12वीं पास कर चुके या इस वर्ष 12वीं में अध्ययनरत विद्यार्थी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन दिसंबर,2017 से जनवरी अंत तक कर सकेंगे।

इसमें से चयनित 2 लाख 24 हजार परीक्षार्थी आईआईटी में एडमिशन के लिए 20 मई को जेईई-एडवांस्ड,2018 का ऑनलाइन पेपर देंगे। इस वर्ष जेईई-मेन में 11.98 लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने पंजीयन कराया था, उसमें से देश के 1781 परीक्षा केंद्रों पर 10 लाख 20 हजार ने पेपर-1 दिया था।

24,323 से अधिक सीटों के लिए परीक्षा
उल्लेखनीय है कि जेईई-मेन की रैंक के आधार पर देश के 31 एनआईटी, 24 ट्रिपल आईटी, 21 गवर्नमेंट वित्त पोषित संस्थानों की 24,323 सीटों पर प्रवेश दिए जाएंगे। जेईई-मेन,2018 का पेपर-1 ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों मोड में होगा, जबकि बीआर्क के लिए पेपर-2 केवल ऑनलाइन होगा।

3 घंटे के पेपर-1 में फिजिक्स, केमिस्ट्री व मैथ्स तीनां विषयों से बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। जबकि पेपर-2 में मैथ्स, एप्टीट्यूट टेस्ट व ड्राइंग टेस्ट पर आधारित प्रश्न होंगे।

कोटा में जेईई-एडवांस्ड का सेंटर खोला जाए
कोटा में जेईई-मेन के ऑनलाइन तथा ऑफलाइन सेंटर होते हैं लेकिन 2017 तक जेईई-एडवांस्ड का सेंटर नहीं रहा। 2018 में जेईई-एडवांस्ड केवल ऑनलाइन मोड में होने से कोटा में भी परीक्षा केंद्र बहाल करने की मांग उठाई जा रही है।

कोचिंग संचालकों का कहना है कि शिक्षा नगरी में जेईई-एडवांस्ड के सर्वाधिक परीक्षार्थी होते हैं, इसलिए इस वर्ष इसका ऑनलाइन सेंटर यहां घोषित किया जाए। जेईई-मेन, नीट, केट, नेट, क्लेट, सीपीटी सहित सभी प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं के सेंटर कोटा में पहले से हैं।

जीएसटी पर इस हफ्ते रिफंड क्लेम कर पाएंगे निर्यातक

0

नई दिल्ली । अगस्त और सितंबर महीने में जीएसटी का भुगतान करने वाले निर्यातक जल्द ही रिफंड क्लेम के लिए आवेदन कर पाएंगे। दरअसल जीएसटीएन पोर्टल इस हफ्ते रिफंड की प्रोसेसिंग के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन को लॉन्च कर देगा। यह जानकारी जीएसटीएन के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर प्रकाश कुमार ने दी है।

 जीएसटी नेटवर्क इस अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के आईटी ढांचे को देखने वाली कंपनी है। जीएसटीएन ने जीएसटीआर-3बी और जीएसटीआर-1 का मिलान करने के बाद 10 अक्टूबर से निर्यातकों को जुलाई माह के लिए किए गए एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) के भुगतान पर रिफंड जारी करना शुरू किया है।

अगस्त और सितंबर के लिए शुरुआती जीएसटीआर-3बी रिटर्न पहले ही दाखिल किया जा चुका है। हालांकि, जीएसटीआर-1 अभी तक दाखिल नहीं किया गया है। कुमार ने बताया, “अगस्त और सितंबर के लिए एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) रिफंड का दावा करने के लिए एक अलग ऑनलाइन एप जीएसटीएन पोर्टल पर इस सप्ताह उपलब्ध करा दी जाएगी।”

इसमें निर्यातक उन बिक्री आंकड़ों को रख सकते हैं और अपलोड कर सकते हैं जो जीएसटीआर-1 का हिस्सा हैं। इससे पहले उन्हें टेबल 6A में निर्यात का ब्यौरा देना होगा। निर्यातक के हस्ताक्षर के बाद यह टेबल खुद ही सीमा शुल्क विभाग के पास पहुंच जाएगी। 

जानकारी के मुताबिक इसके बाद सीमा शुल्क विभाग टेबल के बिल आंकड़ों तथा जीएसटीआर-3बी में कर भुगतान के आंकड़ों का मिलान करेगा। फिर रिफंड की राशि ईसीएस के जरिये निर्यातक के बैंक खाते में भेज दी जाएगी।

ऑनलाइन पेमेंट्स होंगी महंगी, लोग कैश पेमेंट को होंगे मजबूर

नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद सरकार भले ही ऑनलाइन पेमेंट्स को बढ़ावा दे रही हो लेकिन मोदी सरकार का अगला कदम लोगों को फिर से कैश पेमेंट करने पर मजबूर कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार ई-पेमेंट्स कंपनियों पर सेस लगाने पर विचार कर रही है।

अगर ऐसा हो जाता है तो हर ऑनलाइन पेमेंट पर ‘सिक्यॉरिटी फी’ देनी होगी जिससे डिजिटल पेमेंट महंगा पड़ेगा। जानकारी के अनुसार, वित्तीय सेवा विभाग आईटी मंत्रालय और गृह मंत्रालय के साथ मिलकर ऐसे प्रपोजल को तैयार कर रहे हैं।

ऑनलाइन पेमेंट्स पर सिक्यॉरिटी फी या सेस स्वच्छ भारत सेस जैसा ही होगा जिसका उपयोग डिजिटल ट्रांजैक्शंस के लिए बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए होगा। ऐनालिस्ट्स का मानना है कि देश डिजिटल पेमेंट्स सिक्यॉरिटी इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुधारने के लिए डिजिटल सेस लगा फंड तैयार करना सही तरीका नहीं है।

अभी भी यूजर्स डिजिटल ट्रांजैक्शंस पर कई तरह के चार्जेस देते हैं। कन्वीनियेंस फी, ट्रांजैक्शंस चार्जेस, प्लास्टिक कार्ड की कीमत, सालाना जॉइंनिंग फी और मर्चेंट फीस ऑनलाइन ट्रांजैक्शंस पर लगाई जाती है।

डिजिटल पेमेंट कंपनियां भी ऑनलाइन लेन-देन को सुरक्षित बनाने के लिए काफी पैसा खर्च कर रहे हैं। मॉर्गन स्टैनली की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का ई-कॉमर्स मार्केट 2026 तक 30 प्रतिशत की दर से बढ़ेगा। नैस्कॉम इंटरनेट काउंसिल के हेड ने बताया कि समस्या यह नहीं है कि इंटरनेट सुरक्षा के मामलों से निपटने के लिए पैसा नहीं है।