Thursday, July 9, 2026
Home Blog Page 5661

वैश्विक संकेत से सोने की गिरावट पर लगा ब्रेक

नई दिल्ली/कोटा । दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में तीन दिन लगातार गिरावट के बाद मंगलवार को बढ़त दर्ज की गई है। सकारात्मक वैश्विक संकेत और स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से बढ़ी खरीदारी के चलते सोना 60 रुपये की तेजी के साथ 30510 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है।

साथ ही इंडस्ट्रीयल यूनिट्स और सिक्का निर्माताओं की ओर से तेज उठान के चलते चांदी 100 रुपये बढ़कर 41 हजार रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है।

व्यापारियों का मानना है कि घरेलू हाजिर बाजार में स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से की गई खरीदारी, सकारात्मक वैश्विक संकेत और डॉलर में कमजोरी के चलते सोने की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। 

वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में बीते सत्र में सोना 0.16 फीसद की बढ़त के साथ 1282 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर और चांदी 0.32 फीसद की तेजी के साथ 17.05 डॉलर प्रति औंस का हो गया है।

देश की राजधानी दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 60 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 30510 रुपये और 30360 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है।

जानकारी के लिए बता दें कि बीते तीन सत्रों में सोने की कीमतों में 550 रुपये की गिरावट देखने को मिली है। गिन्नी हालांकि 24700 रुपये प्रति आठ ग्राम के स्तर पर बरकरार रही है।

इसी तरह चांदी तैयार 100 रुपये की तेजी के साथ 41000 रुपये प्रति किलो हो गई है। वहीं, दूसरी ओर साप्ताहिक आधारित डिलिवरी 805 रुपये कि कमजोरी के साथ 39905 रुपये प्रति किलो के स्तर पर आ गए हैं। 

कोटा सर्राफा
चांदी 40300 रुपये प्रति किलो।
सोना केटबरी 30500 रुपये प्रति दस ग्राम, 35580 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 30650 रुपये प्रति दस ग्राम, 35750 रुपये प्रति तोला।

वोडाफोन एवं माइक्रोमैक्स ने किया सबसे कम कीमत का 4जी स्मार्टफोन लॉन्च

0

मुम्बई। दूरसंचार सेवा प्रदाता वोडाफोन एवं माइक्रोमैक्स ने आज भारत के सबसे कम कीमत मात्र रु 999 के 4जी स्मार्टफोन का लॉन्च किया, जो वोडाफोन सुपरनेट 4जी कनेक्शन के साथ उपलब्ध होगा।

डेटा इस्तेमाल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वोडाफोन और माइक्रोमैक्स की आपसी साझेदारी में यह स्मार्टफोन हैं। सबसे किफ़ायती सेगमेन्ट में बेहतर कैमरा, बैटरी और डिस्प्ले के सथ ‘भारत 2 अल्ट्रा’ माइक्रोमैक्स की कामयाब 4जी स्मार्टफोन ‘भारत सीरीज़’ का नया स्मार्टफोन है ।

इस साझेदारी के तहत वोडाफोन के नए एवं मौजूदा उपभोक्ताओं को रु 2,899 की कीमत पर माइक्रोमैक्स भारत-2 अल्ट्रा स्मार्टफोन खरीदना होगा और 36 महीनों के लिए कम से कम रु 150 प्रतिमाह का रीचार्ज कराना होगा।

18 महीने खत्म होने पर उपयोगकर्ता को अपने वोडाफोन एम-पैसा वॉलेट में रु 900 कैशबैक मिलेगा और अगले 18 महीने बाद फिर से रु 1,000 कैशबैक मिलेगा।इस कैशबैक का इस्तेमाल उपभोक्ता डिजिटल लेनदेन अथवा नकद निकासी के लिए कर सकते हैं।

इस मौके पर माइक्रोमैक्स के सह-संस्थापक राहुल शर्मा ने कहा, ‘‘ वोडाफोन के सथ यह साझेदारी निश्चित रूप से स्मार्टफोन के इस्तेमाल को बढ़ावा देगी और लोग अपने फीचर फोन को स्मार्टफोन में अपग्रेड करने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

वोडाफोन इण्डिया में एसोसिएट डायरेक्टर-कन्ज़्यूमर बिजनेस अवनीश खोसला ने कहा, ‘‘ माइक्रोमैक्स के साथ हम साझेदारी में कम कीमत पर 4जी स्मार्टफोन लेकर आए हैं। जो लाखों उपभोक्ताओं की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने में मदद करेगी, ।’’

गेंहू का MSP बढ़कर 1,735 रुपए प्रति क्विंटल हुआ

पिछले सीजन में चना व मसूर का एमएसपी चार हजार रुपये प्रति क्विंटल था, इसे देखते हुए चना व मसूर की एमएसपी 200 रुपये तक बढ़ाई गई है।

नई दिल्ली। बुवाई शुरु होने के साथ ही सरकार गेहूं समेत रबी सीजन की सभी फसलों के समर्थन मूल्य का ऐलान किया है। रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 110 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि करने का फैसला किया गया है। इसी तरह दलहन की खेती को प्रोत्साहित करने के लिहाज से सरकार दालों का समर्थन मूल्य 200 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है।

कृषि मंत्रालय की ओर से तैयार कैबिनेट नोट को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंगलवार को हुई बैठक में मंजूरी दे दी गई। कैबिनेट की बैठक में सरकार देश के किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि का तोहफा दिया है। कृषि लागत व मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिशों के आधार पर कृषि मंत्रालय ने प्रस्ताव तैयार किया था, जिसे कैबिनेट में मंजूर कर लिया गया।

गेहूं के एमएसपी में 110 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। पिछले साल के मुकाबले छह फीसद है। जबकि दलहन फसलों को लेकर सरकार ने किसानों का पूरा ध्यान रखा है। कैबिनेट के मसौदे में दलहन के मूल्य में 200 से अधिक की वृद्धि की गई है।

तथ्य यह है कि पिछले साल के रबी सीजन में गेहूं का एमएसपी 1625 रुपये प्रति क्विंटल था, जिसमें 110 रुपये की वृद्धि हो सकती है। इस तरह चालू सीजन में गेहूं का एमएसपी 1735 प्रति क्विंटल हो गई है। दलहन की फसल में पिछले साल 450 रुपये से लेकर 550 रुपये तक की वृद्धि की गई थी।

नतीजा यह रहा कि दलहन फसलों की पैदावार ने नई ऊंचाइयों को छू लिया। हालांकि इससे किसानों को अपेक्षित कीमतें नहीं मिल पाई। लेकिन देश में चना की कीमतें अरहर जैसी दाल के बराबर बोली जाने लगी है। पिछले सीजन में चना व मसूर का एमएसपी चार हजार रुपये प्रति क्विंटल था। इसे देखते हुए चना व मसूर की एमएसपी 200 रुपये तक बढ़ाई गई है।

मार्च में ही होंगी सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं

नई दिल्ली। सीबीएसई ने वर्ष 2018 में होने वाली 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं फरवरी में कराने का इरादा टाल दिया है। फिलहाल पिछले सत्र के परीक्षा कार्यक्रम के तहत इस बार भी मार्च में ही परीक्षाएं करवाई जाएंगी।

बोर्ड के अधिकारियों का तर्क है कि जल्दबाजी में मूल्यांकन पर असर न पड़े, इसलिए यह फैसला लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार इस बार करीब 27 लाख छात्र सीबीएसई के एग्जाम में शामिल होंगे।

सीबीएसई ने मानव संसाधन मंत्रालय को पत्र लिखा था कि बोर्ड परीक्षा फरवरी में ही कराई जाए, जिससे जल्दी रिजल्ट आ जाए और छात्र-छात्राएं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल हो सकें। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा था कि इस बार बोर्ड परीक्षाएं फरवरी में करवाई जा सकती हैं।

सूत्रों के अनुसार कई दौर की मीटिंग के बाद बोर्ड ने अपना फैसला बदल दिया है। हालांकि परीक्षाएं जल्दी पूरी करवाने के लिए दो पालियों में परीक्षा करवाने का फैसला अमल में लाया जा सकता है।

फिर से 10वीं में लागू होगी बोर्ड परीक्षा की प्रक्रिया
सीबीएसई के कोऑर्डिनेटर जावेद आलम ने बताया, ‘पिछले तीन-चार साल से सीबीएसई में दसवीं में बोर्ड परीक्षा समाप्त कर दी गई थी। इस बार फिर से 10वीं के लिए बोर्ड अनिवार्य कर दिया गया है।

ऐसे में बोर्ड के छात्रों की संख्या बढ़ेगी। उनकी तैयारी के लिए भी सीबीएसई को समय चाहिए। इसके अलावा बाकी कक्षाओं की परीक्षाएं भी करवानी हैं। इसकी वजह से बोर्ड परीक्षा मार्च में करवाने पर सहमति बनी है।’

ताकि मूल्यांकन में न हो गड़बड़ी
जानकारों के मुताबिक बोर्ड इस बार फरवरी में परीक्षा कराने का खाका तैयार करने में जुट गया था। फिर चर्चा हुई कि पिछली बार जब मार्च में परीक्षा हुई तब उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्याकंन में गड़बड़ी सामने आई थी। इसी वजह से परीक्षाएं फरवरी में करवाने का इरादा बन रहा था।

हालांकि बोर्ड के कुछ अधिकारियों का मानना था कि फरवरी में फाइनल एग्जाम के हिसाब से तैयारियां पूरी नहीं हैं। कोर्स पूरा करना है, उसके बाद प्रैक्टिकल होने हैं। ऐसे में बोर्ड के अधिकारियों ने एकमत होकर मार्च में ही परीक्षा करवाने की सहमति दी।

विजय माल्या ने 20 कंपनियों के जरिए की थी हेराफेरी

0

मुंबई। देश के कई सरकारी बैंकों से करीब 9,000 करोड़ रुपये का कर्ज न चुकाने वाले विजय माल्या ने किस तरह से इस बड़ी रकम को ठिकाने लगाया, इसे लेकर नित नए खुलासे हो रहे हैं।

शराब कारोबारी विजय माल्या ने इसके लिए कई फर्जी कंपनियां बनाई थीं, जिनके जरिए उसने रकम का हेरफेर किया।ईडी के मुताबिक पूर्व शराब कारोबारी माल्या ने कथित तौर पर इन शेल कंपनियों के जरिए सीक्रट फाइनैंशल ट्रांजैक्शंस किए और मनी लॉन्ड्रिंग की।

कोलकाता में ब्रिटिश काल की इमारत पर लगे मार्बल पत्थर पर कंपनी का नाम और पता ‘फार्मा ट्रेडिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड-2, मिंटो पार्क, कोलकाता- 700027’ लिखा है। लेकिन, जब आप भीतर जाते हैं तो गार्ड्स बताते हैं कि यहां कोई ऑफिस ही नहीं है।

इन विसंगतियों से पता चलता है कि प्रवर्तन निदेशालय के लिए किस तरह से माल्या की शेल कंपनियों के खिलाफ जांच का आधार बनता है। माल्या को देश का सबसे हाईप्रोफाइल विलफुल डिफॉल्टर माना जाता है। माल्या ने किंगफिशर एयरलाइंस के नाम पर लिए गए कर्ज को इन कंपनियों के जरिए माल्या ने ठिकाने का लगाने का काम किया।

ईडी की चार्जशीट में हैं इन कंपनियों के नाम
ईडी के मुताबिक फार्मा ट्रेडिंग कंपनी उन 20 फर्मों में से एक है, जो रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज और कॉर्पोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री के रेकॉर्ड्स में दर्ज हैं। लेकिन, इनमें से किसी का भी कोई ऐक्टिव बिजनस ऑपरेशन, स्टाफ, एसेट्स या ऑफिस नहीं हैं। इन सभी कंपनियों का माल्या ने कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग के लिए इस्तेमाल किया।

माल्या की ओर से गठित ये सभी 20 कंपनियां इसी साल जून में ईडी की ओर से तैयार की गई चार्जशीट का भी हिस्सा हैं। ईडी का दावा है कि माल्या ने भारत ही नहीं बल्कि यूके, फ्रांस, अमेरिका, सिंगापुर, मॉरीशस और यूएई जैसे देशों में भी एक दर्जन के करीब फर्जी कंपनियां खड़ी की थीं।

इन कंपनियों के जरिए माल्या ने किया गोलमाल
माल्या की जिन 20 शेल कंपनियों की बात की जा रही है, उनमें फार्मा ट्रेडिंग कंपनी, जेम इन्वेस्टमेंट ऐंड ट्रेडिंग, कामस्को इंडस्ट्रीज, माल्या प्राइवेट लिमिटेड, एमएस ऐपसटिक्स टेक्नॉलजीज, विलोरा कंसल्टिंग, पीए डेटा सेंटर रिसोर्स जैसी कंपनियां शामिल हैं।

जीएसटी रिटर्न लेट भरने वालों के लिए खुशखबरी, लेट फीस होगी वापस

0

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जीएसटी रिटर्न को लेकर कारोबारियों को खुश होने का मौका दिया है। मंगलवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अगस्त-सितंबर महीने के जीएसटी रिटर्न भरने में देरी पर लगने वाली लेट फीस को माफ करने का ऐलान किया। अरुण जेटली ने यह जानकारी ट्विटर के माध्यम से दी।

उन्होंने मंगलवार दोपहर को किए अपने ट्वीट में लिखा, ‘टैक्सपेयर्स की सुविधा के लिए अगस्त-सितंबर महीने में जीएसटी रिटर्न फाइल करने में देरी करने वालों की लेट फीस माफ की जा रही है। पैसे टैक्सपेयर्स के लेजर में क्रेडिट कर दिए जाएंगे।’ इससे पहले सरकार ने जुलाई माह में जीएसटी रिटर्न भरने में देरी करने वालों की लेट फीस माफ कर दी थी।

इसके साथ ही सरकार ने जीएसटी रिटर्न भरने की अंतिम तारीख भी बढ़ा दी थी। जीएसटी कानून के अनुसार, देरी से रिटर्न फाइल करने या देर से कर भुगतान करने पर केंद्रीय जीएसटी के तहत 100 रुपये प्रतिदिन का शुल्क लगता है। राज्य जीएसटी के तहत भी इसी तरह का प्रावधान किया गया है।

बैकफुट पर वसुंधरा राजे: भ्रष्ट अफसरों को बचाने वाला बिल ठंडे बस्ते में

 हंगामें के बाद वसुंधरा राजे ने विवादित अध्यादेश को सिलेक्ट कमिटी को भेजा

जयपुर। राजस्थान विधानसभा के अंदर और बाहर सियासी बवाल के बाद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने विवादित अध्यादेश को सिलेक्ट कमिटी को भेज दिया है। विपक्ष के हंगामे के बाद राजे को बैकफुट पर जाना पड़ा। बताया जा रहा है कि राजे ने कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्रियों से इस मसले पर बातचीत के बाद यह फैसला लिया।

राजस्थान हाई कोर्ट में दो जनहित याचिकाएं दायर होने और विधानसभा में मचे हंगामें के बाद सोमवार शाम को वसुंधरा राजे ने चार वरिष्ठ मंत्रियों और बीजेपी चीफ अशोक परनामी को ‘विवादित’ और ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ कहे जा रहे आदेश पर चर्चा करने के लिए बुलाया था।

इस आदेश को लेकर सरकार को लगातार विपक्ष और पार्टी के भीतर ही आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। बता दें कि बीजेपी को दो विधायक भी इसे ‘काला कानून’ मान रहे थे। सूत्रों के अनुसार, सोमवार शाम को वसुंधरा सरकारी अफसरों से भी मिलीं और जनता और मीडिया के बीच इस आदेश को लेकर बन रही धारणा और छवि पर भी विचार किया। सूत्रों के हवाले से कैबिनेट मिनिस्टर्स राजेंद्र राठौड़, गुलाबचंद कटारिया, अरुण चतुर्वेदी और युनुस खान ने राजे से मुख्यमंत्री आवास पर मुलाकात की।

इस अध्यादेश के तहत राजस्थान में अब पूर्व व वर्तमान जजों, अफसरों, सरकारी कर्मचारियों और बाबुओं के खिलाफ पुलिस या अदालत में शिकायत करना आसान नहीं होगा। ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कराने के लिए सरकार की मंजूरी अनिवार्य होगी।

इस विधेयक का विपक्षी कांग्रेस के अलावा सत्तारूढ़ बीजेपी के भी दो विधायक भी विरोध कर रहे थे। सोमवार को बिल के विधानसभा में पेश किए जाने के बाद जबर्दस्त हंगामा शुरू हो गया था, जिसके बाद विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई थी।

क्या है अध्यादेश?
गौरतलब है कि राजस्थान सरकार ने एक अध्यादेश जारी कर दंड प्रक्रिया संहिता व भारतीय दंड संहिता में संशोधन किया है, जिसके तहत राज्य सरकार की मंजूरी के बिना शिकायत पर जांच के आदेश देने और जिसके खिलाफ मामला लंबित है, उसकी पहचान सार्वजनिक करने पर रोक लगा दी गई है।

अध्यादेश के अनुसार, राज्य सरकार की मंजूरी नहीं मिलने तक जिसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाना है, उसकी तस्वीर, नाम, पता और परिवार की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकेगी। इसकी अनदेखी करने पर 2 साल की कैद और जुर्माने का प्रावधान किया गया है। 7 सितम्बर को जारी अध्यादेश के अनुसार, सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत अदालत शिकायत पर सीधे जांच का आदेश नहीं दे पाएगी। अदालत, राज्य सरकार से अनुमति मिलने के बाद ही जांच के आदेश दे सकेगी।

मुंबई में 120 से 180 रुपये किलो तक बिकी सब्जियां

मुंबई। दिवाली के बाद सब्जी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। मुंबई की बात करें तो कुछ सब्जियों के दाम 120 रुपये से लेकर 180 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं।

कुछ वेंडर्स का कहना है कि बेमौसम बारिश के चलते ऐसा हुआ है, वहीं कुछ कारोबारियों के मुताबिक दिवाली के दौरान किसानों की ओर से फसल न भेजने की वजह से यह स्थिति हुई है। बांद्रा के पाली मार्केट में हरी मटर 280 रुपये प्रति किलो तक के भाव में बिक रही है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

पाली मार्केट में लल्लू ब्रदर्स के मालिक ने कहा, ‘प्याज 60 रुपये किलो, शिमला मिर्च 120, बीन्स 160 रुपये किलो, फूल गोभी 120 रुपये किलो और परवल भी 120 रुपये किलो तक में बिक रहा है।’ अंधेरी पश्चिम के म्युनिसिपल मार्केट में रेट कुछ नरम हैं। वेंडर इकबाल शेख ने बताया कि यहां मटर 200 रुपये किलो मिल रही है।

इसके अलावा फूल गोभी, शिमला मिर्च और परवल जैसी चीजें 120 रुपये किलो के रेट में उपलब्ध हैं। वहीं, प्याज के दाम भी 40 रुपये किलो तक हैं। शेख ने बताया, ‘कीमतों में इजाफे का दौर दिवाली पर शुरू हुआ क्योंकि किसानों ने अपनी फसल दिवाली के चलते नहीं भेजी।

रविवार को हमने पिछले स्टॉक को ही बेचा, जिससे कीमतें 150 से लेकर 200 रुपये तक पहुंच गईं। हालांकि सोमवार को नई खेप आने से कीमत 120 रुपये तक आ गई है।’

बेमौसम बरसात से फसल चौपट होना भी एक वजह
वाशी स्थित एपीएमसी की थोक सब्जी मंडी में पुणे जिले से आए एक किसान संजय बोडके ने बताया कि मॉनसून के बाद हुई बेमौसम बारिश ने फसल को चौपट कर दिया है। इ

सी तरह, अहमदनगर जिले से आए पुंडलीक खडपे ने बताया कि किसानों की लगाई टमाटर, फूल व पत्ता गोभी, भिंडी, बैंगन सहित अन्य सब्जियों की करीब 60 फीसदी फसल खेत में ही खराब गई। यही स्थिति नासिक, धुलिया और पश्चिम महाराष्ट्र के अन्य जिले के किसानों की है।

सेंसेक्स 131 अंक की बढ़त के साथ खुला , निफ्टी में भी दिखी तेजी

मुंबई। दिवाली के बाद शेयर बाजार में आई तेजी मंगलवार को भी जारी है। सेंसेक्स 131 अंकों की बढ़त के साथ 32,630 के स्तर पर खुला है। निफ्टी भी 10,200 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

इस बढ़त का सबसे ज्यादा फायदा फाइनैंशल कंपनी इंडिया बुल्स को मिला है। इसके अलावा वेदांता, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस और सारेगामा जैसी कंपनियों के शेयरों में भी तेज इजाफा हुआ है।

इन्फोसिस, एचडीएफसी बैंक, एशियन पेंट्स, अंबुजा सीमेंट्स, जी एंटरटेनमेंट, कैन होम्स, एबीबी, रैमंड, और आईसीआईसीआई के तिमागी नतीजे मंगलवार को घोषित हो सकते हैं। ऐसे में दिन भर के कारोबार में ट्रेडर्स की इन कंपनियों के शेयरों पर नजर रहेगी।

दिलचस्प बात यह है कि कर्ज के संकट से जूझ रही भूषण स्टील के शेयरों में भी तेजी दिखी है। जानकारों का मानना है कि इसकी वजह आर्सेलर मित्तल की ओर से कंपनी के अधिग्रहण में रुचि दिखाना भी हो सकता है।

इससे पहले सोमवार को सेंसेक्स 117 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुआ था। हालांकि निफ्टी 10,200 के स्तर से नीचे बंद हुआ था। लेकिन, मंगलवार को इसने 10,200 के स्तर को पार कर लिया है।

मोबाइल कंपनियों के ग्राहक घटे, बाजार भागीदारी में एयरटेल शीर्ष पर

0

सितंबर महीने में वोडाफोन की ग्राहक संख्या लगभग सात लाख और आइडिया की ग्राहक संख्या लगभग नौ लाख कम हुई,  इसी तरह एयरसेल व टेलीनोर के ग्राहकों की संख्या भी क्रमश: 3.94 लाख व 9.37 लाख घटी

नई दिल्ली। सितंबर महीने में एयरटेल को छोड़कर सभी प्रमुख पुरानी मोबाइल कंपनियों के ग्राहकों की संख्या कुल मिला कर 19 लाख से ज्यादा घटी है। देश में मोबाइल ग्राहकों की कुल संख्या सितंबर महीने के आखिर में कुल मिलाकर 94.66 करोड़ रही जो कि अगस्त की तुलना में 19.33 लाख की गिरावट दिखाती है।

सेल्यूलर आपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) का कहना है कि समूचे देश में मोबाइल ग्राहकों की संख्या सितंबर महीने में 94,66,09,770 रही जो कि अगस्त महीने में 94,85,43,107 रही थी।  

संगठन के अनुसार सितंबर के इन आंकड़ों में रिलायंस जियो और मुंबई तथा दिल्ली में सेवा दे रही सरकारी क्षेत्र की एमटीएनएल के ग्राहकों की अगस्त महीने की संख्या के घट बढ़ को शामिल नहीं किया गया है।

आंकड़ों के अनुसार मोबाइल ग्राहकों की संख्या के लिहाज से सितंबर महीने में भारती एयरटेल 29.80 प्रतिशत बाजार भागीदारी के साथ शीर्ष पर रही। इस दौरान उसके ग्राहकों की संख्या लगभग 10 लाख बढ़कर 28.20 करोड़ हो गई।

वहीं वोडाफोन 20.74 करोड़ ग्राहकों के साथ दूसरे और 19 करोड़ ग्राहकों के साथ आइडिया तीसरे स्थान पर रही। रोचक तो यह है कि आलोच्य महीने में पुरानी दूरसंचार कंपनियों में केवल एयरटेल के ही ग्राहक बढ़े।

बाकी प्रमुख पुरानी कंपनियों की संख्या कम हुई। सीओएआई के अनुसार सितंबर महीने में वोडाफोन की ग्राहक संख्या लगभग सात लाख और आइडिया की ग्राहक संख्या लगभग नौ लाख कम हुई। इसी तरह एयरसेल व टेलीनोर के ग्राहकों की संख्या भी क्रमश: 3.94 लाख व 9.37 लाख घटी। 

सीओएआई के इन आंकड़ों में सितंबर महीने में रिलांयस जियो की बाजार भागीदारी 12.85 करोड़ ग्राहकों (अगस्त के आंकड़े के आधार पर) के साथ 13.58 प्रतिशत बताई गई। जियो और एमटीएनएल के सितंबर महीने की ग्राहक संख्या में परिवर्तन को इसमें शामिल नहीं किया गया है।