Friday, July 10, 2026
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सरकार के पैकेज से झूम उठा बाजार, सेंसेक्स पहली बार 33 हजार के पार

नई दिल्ली । बाजार के लिए बुधवार का दिन वाकई बेहद अहम साबित हुआ। शेयर बाजार को बंपर शुरुआत मिली है। 450 अंकों की बढ़त के साथ सेंसेक्स 33,086 तक पहुंचा, वहीं निफ्टी ने भी 10,300 को पार कर नया रेकॉर्ड बनाया है।
बताया जा रहा है कि मंगलवार को अर्थव्यवस्था की सुस्ती को लेकर घिरी सरकार द्वारा बैंकों और सड़कों के सहारे आर्थिक गतिविधियों को तेजी देने के ऐलान के बाद बाजार उत्साह में नजर आ रहा है।

बुधवार को बाजार खुलने के साथ ही पीएसयू बैंक इंडेक्स 22 प्रतिशत चढ़ गया। एसबीआई, पीएनबी, एचडीएफसी समेत कई बैंकों के शेयर काफी ऊपर ट्रेंड कर रहे थे। ऐसे में साफ नजर आ रहा है कि मार्केट की यह खुशी वित्त मंत्री द्वारा की गई घोषणाओं की वजह से है।

मंगलवार को सरकार ने 6.90 लाख करोड़ रुपये के रोड प्रॉजेक्ट्स की घोषणा के साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए 2.11 लाख करोड़ रुपये के कैपिटलाइजेशन प्लान को मंजूरी दी।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इन दो महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी देने के साथ ही यह भी दावा किया कि अर्थव्यवस्था की बुनियाद बहुत मजबूत है। इसे साबित करने के लिए वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेजेंटेशन भी दिया।

वित्त मंत्री ने कहा कि निवेश, नौकरियों, ग्रोथ के लिए बैंकों को मजबूत बनाया जा रहा है। इसके लिए सार्वजनिक बैंकों के खातिर कैपिटलाइजेशन प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत 1.35 लाख करोड़ रुपये के बॉन्ड जारी किए जाएंगे।

76 हजार करोड़ रुपये बजटीय सहायता और बाजार से दिए जाएंगे। 18 हजार करोड़ रुपये इंद्रधनुष योजना के तहत दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पहले अंधाधुंध कर्ज देते समय बैंकों की सही तस्वीर नहीं पेश की जा रही थी।

इच्छाधारी नागिन मौनी पर चला अब “ब्रह्मास्त्र”

मुंबई। छोटे पर्दे पर नागिन का किरदार निभाकर मशहूर हुईं मौनी रॉय का फ़िल्म करियर भी रफ़्तार पकड़ने लगा है। अक्षय कुमार के साथ गोल्ड के बाद ख़बर है कि मौनी अब ब्रह्मास्त्र में नज़र आने वाली हैं। 

अयान मुखर्जी निर्देशित इस फ़िल्म में रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और अमिताभ बच्चन लीड रोल्स में दिखने वाले हैं। इस फ़िल्म का निर्माण करण जौहर की कंपनी कर रही है। ब्रह्मास्त्र एक सुपर हीरो फ़िल्म है। ब्रह्मास्त्र तीन फ़िल्मों की सीरीज़ होगी। पहला भाग 15 अगस्त 2019 को रिलीज़ होगा।

ब्रह्मास्त्र में रणबीर कपूर का किरदार सुपर पॉवर्स से लैस दिखाया जाएगा। इसके लिए रणबीर घुड़सवारी और जिमनास्टिक की ट्रेनिंग लेने वाले हैं। रणबीर फ़िलहाल संजय दत्त की बायोपिक फ़िल्म की शूटिंग कर रहे हैं।  

गोल्ड में मौनी अक्षय कुमार की पत्नी के रोल में हैं। रीमा कागती निर्देशित फ़िल्म की कहानी 1948 के ओलंपिक खेलों में भारतीय हॉकी टीम को मिले गोल्ड पर आधारित है। मौनी के लिए इन दोनों फ़िल्मों का हिस्सा बनना काफ़ी ख़ास रहेगा। 
 
मौनी ने अपनी करियर 2007 में छोटे पर्दे के चर्चित शो क्योंकि सास भी कभी बहू थी से शुरू किया था। इस शो में उन्होंने कृष्णा तुलसी का रोल निभाया था। इसके बाद देवों के देव महादेव में भी मौनी सती के यादगार रोल में नज़र आयी थी। इस शो के महादेव मोहित रैना के साथ मौनी को रिलेशनशिप में माना जाता है।

मौनी को छोटे पर्दे पर नागिन से शोहरत मिली, जिसमें उन्होंने इच्छाधारी नागिन का किरदार प्ले किया था। इस शो ने मौनी को घर-घर पहुंचा दिया था। मौनी ने कई रिएलिटी शोज़ में भी हिस्सा लिया है। बिग बॉस से भी वो जुड़ी रही हैं। कभी अपने शो को प्रमोट करने मौनी बिग बॉस में गयीं तो कभी परफॉर्म करने। 

नई फसल आने के बाद प्याज की कीमतें कम होंगी

नयी दिल्ली। सरकार ने आज कहा कि एक सप्ताह में खरीफ फसल की नई आवक पर्याप्त रूप से बढ़ने के बाद प्याज कीमतों में कमी आएगी।

राष्ट्रीय राजधानी में प्याज की कीमत भारी वृद्धि के साथ 50 रुपये प्रति किग्रा हो गयी है जो कुछ सप्ताह पहले 20 रुपये प्रति किग्रा थी। उपभोक्ता मामलों के विभाग ने सभी संबंधित अंशधारकों के साथ प्याज की उपलब्धता स्थिति और कीमत के बारे में समीक्षा की।

कृषि मंत्रालय के साथ साथ व्यापार संगठनों ने सूचित किया कि आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे उत्पादक क्षेत्रों में बाजार में खरीफ प्याज का आना शुरू हो गया है। एक सरकारी बयान में कहा गया है, खरीफ प्याज का उत्पादन करने वाले क्षेत्रों में कीमतें नरम पड़ने लगी हैं।

बैठक में यह भी बताया गया कि हाल की बरसात ने प्याज की खड़ी फसलों को प्रभावित नहीं किया है। उत्पादक क्षेत्रों से खरीफ प्याज की आपूर्ति दिल्ली भी पहुंचना शुरू हो गई है। बयान में कहा गया है, खरीफ फसल की आवक एक सप्ताह के भीतर पर्याप्त रूप से बढ़ने की उम्मीद है।

IRCTC की नई वेबसाइट, ऐप के जरिए तेजी से होगी टिकट बुक

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नई दिल्ली। रेलवे जल्द ही अपनी एक नई वेबसाइट और ऐंड्रॉयड आधारित IRCTC मोबाइल ऐप लॉन्च करने की तैयारी में है जिससे तेजी और आसानी से टिकट बुकिंग कराना सुनिश्चित हो सके और पैसेंजर्स अपनी यात्रा बेहतर तरीके से प्लान कर सकें।

नई वेबसाइट में आसान लॉग-इन और नैविगेशन सुविधा होगी। साथ ही अब टिकट बुकिंग के समय ‘टाइम आउट’ होने जैसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। नए फीचर्स के तहत पैसेंजर्स को कनफर्म टिकट उपलब्ध होने की तारीख बताई जाएगी ताकि वे आसानी से अपनी यात्रा प्लान करें।

इसके अलावा तत्काल जैसी सेवाओं के दुरुपयोग को भी कम करने की कोशिश की जाएगी। यात्रियों को रियल टाइम आधारित ट्रेन के आने और जाने का समय बताने के लिए एसएमएस अलर्ट भी भेजे जाएंगे। यात्रा के दौरान किसी भी तरह की देरी होने पर भी पैसेंजर्स को मोबाइल फोन पर टेक्स्ट अलर्ट भेजे जाएंगे।

उन्हें देरी की वजह, ट्रेन के अगले स्टेशन और अपने गंतव्य तक पहुंचने का समय भी बताया जाएगा। नए फीचर्स को इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) की मदद से शामिल किया जाएगा ताकि यात्रियों को सैटलाइट के इस्तेमाल से ट्रेन की वास्तवकि लोकेशन बताई जा सके।

एक अधिकारी के मुताबिक,’इसकी मदद से रियल टाइम पर कोई भी ट्रेन का लोकेशन ट्रैक किया जा सकेगा।’ मौजूदा समय में लोकल स्टेशन अधिकारी ही ट्रेन के आने-जाने का समय बताते हैं।

ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए ठहराव का समय घटाया

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कोटा । पश्चिम मध्य रेलवे जोन से गुजरने वाली 32 ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए रेलवे यात्रियों के लिए मुश्किल भरा फार्मूला निकाला है। इन ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए रेलवे ने जंक्शन पर इनके ठहराव का समय घटा दिया है।

कई ट्रेनें तो सिर्फ एक मिनट के लिए ही ठहरेंगी। जिसके चलते बुजुर्ग, महिला और बच्चों का कोच में चढ़ पाना तक मुश्किल हो जाएगा।

32 ट्रेनों की बढ़ेगी रफ्तार
पश्चिम मध्य रेलवे में एक नवम्बर से नई समय सारणी लागू होने के साथ ही करीब 32 ट्रेनों की रफ्तार में इजाफा होगा। इससे यात्रा का समय तो घट जाएगा, लेकिन मुसाफिरों की मुश्किलें जरूर बढ़ जाएंगी।

कोटा रेल मंडल से गुजरने वाली 12 मेल एक्सप्रेस ट्रेनें अभी अधिकतम 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही, उनकी रफ्तार बढ़ाकर 120 किमी प्रतिघंटे हो जाएगी, लेकिन स्पीड बढ़ाने के लिए रेलवे स्टेशन पर उनके ठहरने का समय घटा दिया गया है। जिसके चलते कई ट्रेनें स्टेशनों पर एक मिनट से ज्यादा नहीं ठहर सकेंगी।

यात्रियों को होगी मुश्किल
रेलगाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने के लिए स्टेशन पर ठहराव घटाने के रेलवे के फार्मूले का कोटा जंक्शन से यात्रा शुरू करने वाले यात्रियों पर इतना असर पड़ेगा कि जो ट्रेनें दो मिनट ठहरती थीं वह महज एक मिनट ही ठहर पाएंगी।

वहीं जिन ट्रेनों का ठहराव 3 मिनट का था उसे घटा कर 2 मिनट और 5 मिनट के ठहराव वाली ट्रेनों का स्टॉपेज घटाकर 3 मिनट कर दिया गया है। रेलवे के इस फैसले पर यात्रियों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं, कि एक मिनट में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं कोच में कैसे चढ़ पाएंगे।

 

ट्रेन संख्या – ट्रेन – स्टेशन और ठहराव
12059 – कोटा-निजामुद्दीन एक्सप्रेस – बयाना 1 मिनट
12060 – निजामुद्दीन-कोटा एक्सप्रेस – भरतपुर 3 मि, बयाना -1 मिनट और सवाईमाधोपुर जक्शन पर 3 मिनट
12473 – अहमदाबाद- वैष्णोदेवी एक्प्रेस – शामगढ़ और रामगंजमंडी 1 मिनट
12475/77 – हापा जामनगर एक्सप्रेस – शामगढ़, रामगंजमंडी और भरतपुर- 1 मिनट
12903/12904- मुम्बई सेन्ट्रल-अमृतसर-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस – भरतपुर 2 मिनट
12926 – अमृतसर-बांद्राटर्मिनस एक्सप्रेस – भरतपुर 3 मिनट
12941 – भावनगर-आसनसोल एक्सप्रेस- भवानीमंडी और रामगंजमंडी पर 1 मिनट
12968/70/76- जयपुर-चेन्नई/कोयम्बटूर/मैसूर एक्सप्रेस – शामगढ़ स्टेशन पर 1 मिनट
19023 – मुम्बई सेन्ट्रल-फिरोजपुर एक्सप्रेस – शामगढ़ और रामगंजमंडी पर 2 मिनट
19024 – फिरोजपुर-मुम्बई सेन्ट्रल एक्सप्रेस- बयाना, सवाईमाधोपुर 2 और भरतपुर 3 मिनट
19038/40- गोरखपुर/मुजफ्फरपुर-बांद्राटर्मिनस एक्सप्रेस- शामगढ़ 2 मिनट
19061- बांद्राटर्मिनस-रामनगर एक्सप्रेस – शामगढ़ 1 मिनट
18244- भगत की कोठी-बिलासपुर एक्सप्रेस – शामगढ़ 2 मिनट
59356 – मथुरा-रतलाम पैसेंजर – रामगंजमंडी 3 मिनट

भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने वाले काले कानून के खिलाफ कोटा में फूटा जन आक्रोष

कोटा।  राजस्थान सरकार द्वारा भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने के लिए लाए जा रहे सीआरपीसी में संशोधन विधेयक के खिलाफ कोटा अभिभाषक परिषद की ओर से मंगलवार को न्यायिक कार्य स्थगित रख विरोध जताया गया।

कचहरी के बाहर वकीलों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अदालत चौराहे पर मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन किया। साथ ही राज्यपाल के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन भी सौंपा।

संशोधन बिल को बताया काला कानून
अभिभाषक परिषद के अध्यक्ष नवीन शर्मा व महासचिव महेश कुमार गौतम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में वकील अदालत परिसर में एकत्र हुए। यहां से राज्य सरकार व मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अदालत चौराहे पर पहुंचे। वकीलों ने सीआरपीसी में संशोधन को काला कानून बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की।

वकीलों ने एक दसरे का हाथ पकड़कर अदालत चौराहे पर मानव श्रृंखला बनाई। इसके बाद सभी वकील कलक्ट्री पहुंचे। वरिष्ठ वकीलों के एक प्रतिनिधि मंडल ने संशोधन को निरस्त करने की मांग करते हुए राज्यपाल के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन भी सौंपा।

भ्रष्टाचार को मिलेगा बढ़ावा
परिषद के अध्यक्ष नवीन शर्मा ने बताया कि सरकार जो विधेयक लाने जा रही है उससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। इसके विरोध में परिषद की ओर से मंगलवार को न्यायिक कार्य स्थगित रखा गया। राज्य सरकार भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने की गरज से सीआरपीसी की धारा 156(3) में संशोधन करके भ्रष्ट लोक सेवकों को संरक्षण प्रदान कर रही है।

साथ ही धारा 228 में बी क्लोज जोड़कर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन कर रही है। इसलिए वकील अपने सामाजिक दायित्व को ध्यान में रखते हुए इस संशोधन विधेयक का विरोध कर रहे हैं। शर्मा ने बताया कि यदि सरकार ने विधेयक को वापस नहीं लिया तो वकील उग्र आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन में कई वरिष्ठ और महिला वकील भी शामिल हुई।

आवक की कमी से उड़द और तिल्ली 200 रुपये क्विंटल तेज बिकी

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में मंगलवार को माल की कुल आवक 50 हजार बोरी की रहीं। लहसुन की आवक 5000 हजार कट्टे की रही । आवक की कमी से उड़द 200 और तिल्ली 200 रुपये प्रति क्विंटल तेज रहे। गेहूं मिल 1500से 1575 लोकवान 1600 से 1700 पीडी 1650 से 1700 टुकडी 1600 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल के रहे। 

धान सुगंधा 1800 से 2300 पूसा 1 2000 से 2400 पूसा4 (1121) 2000 से 2850 धान (1509) 2000 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल के रहे। सोयाबीन 2200 से 2750 सरसो 3200 से 3550 तिल्ली 5000 से 6500 रुपये प्रति क्विंटल के रहे

मैथी 2000 से 2400 धनिया बादामी 3400 से 3800 ईगल 3600 से 4000 रंगदार 4000 से 5000 रुपये प्रति क्विंटल के रहे। मूंग 3500 से 4000 उडद 2400 से 4000 चना 4500 से 5000 चना काबुली 7000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल के रहे।

चना पेपसी 4800 से 5000 चना मौसमी 4800 से 5200 मसूर 3300 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल के रहे। ग्वार 2500से 3050 मक्का नई 800 से 1200 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल के रहे। लहसुन 800 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल के रहे। ।

बैंकिंग और इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए 9 लाख करोड़ के एलान

नई दिल्ली। मोदी सरकार ने बैंकिंग और इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए मंगलवार को बड़े एलान किए। सरकार पब्लिक बैंकिंग सेक्टर में 2.11 लाख करोड़ रुपए इन्वेस्ट करेगी। वहीं, देशभर में हाईवेज बनाने पर 6.92 लाख करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें से भारतमाला प्रोजेक्ट पर 5.35 लाख करोड़ खर्च होंगे और 34,800 किमी रोड बनाई जाएगी।

फाइनेंस मिनिस्ट्री ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह दावा जरूर किया कि देश में इकोनॉमी की हालत बेहतर है। लेकिन आंकड़ों के जरिए यह भी बताया कि बैंकों की नॉन परफॉर्मिंग असेट्स (NPA) दो साल में 4.55 लाख करोड़ रुपए बढ़कर अब 7.33 लाख करोड़ रुपए हो गई है। इसी वजह से बैंकिंग सेक्टर को और मदद की जरूरत है।

सरकार ने क्यों अचानक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई?
 इसकी वजह साफ नहीं है, लेकिन गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों का बुधवार को एलान हो सकता है। वहीं, इकोनॉमी पर राहुल गांधी समेत विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। 8 नवंबर को नोटबंदी का एक साल पूरा होने पर विपक्ष काला दिवस भी मनाने जा रहा है। माना जा रहा है कि इन्हीं वजहों से सरकार ने ये प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इकोनॉमी से जुड़े एलान किए।

सरकार कितने लाख करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट कर रही है?
 इन्फ्रास्ट्रक्चर और बैंकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा इन्वेस्टमेंट होगा। इनमें से 6.92 लाख करोड़ सड़कों के लिए इन्वेस्ट होंगे। 2.11 लाख करोड़ रुपए की मदद पब्लिक सेक्टर बैंकों को दी जाएगी। 1.85 लाख करोड़ रुपए शहरी आवास, 1.26 लाख करोड़ रुपए ग्रामीण आवास पर खर्च होंगे।

फाइनेंस सेक्रेटरी अशोक लवासा ने एक सवाल के जवाब में कहा- यहां बताए गए सेक्टर्स में इन्वेस्टमेंट के अलावा सरकार और भी योजनाओं पर पैसा खर्च कर रही है। तीन से पांच साल में यह इन्वेस्टमेंट 14 लाख करोड़ रुपए के आसपास होगा।

सरकार को बैंकिंग सेक्टर के लिए क्यों मदद करनी पड़ी?
 मार्च 2015 में बैंकों का NPA 2.78 लाख करोड़ रुपए था। यह जून 2017 में बढ़कर 7.33 लाख करोड़ रुपए हो गया। NPA दो साल में 4.55 लाख करोड़ रुपए बढ़ा। बैंकों की मदद के लिए सरकार ने साढ़े तीन साल में 58,848 करोड़ रुपए का कैपिटल इन्फ्यूजन किया।

सरकार ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर के लिए और भी मदद की दरकार थी। इसलिए बैंकों को मौजूदा हालात से उबारने, उन्हें मजबूत करने और NPAs से निपटने के मकसद से सरकार ने पब्लिक सेक्टर बैंकों को 2 लाख 11 हजार करोड़ रुपए की अभूतपूर्व मदद देने का फैसला किया है।

फाइनेंस मिनिस्ट्री ने बताया कि इसमें से 1.35 लाख करोड़ रुपए रीकैप बॉन्ड्स के रूप में दिए जाएंगे। वहीं, 76 हजार करोड़ रुपए की मदद बजटरी सपोर्ट और मार्केट रेजिंग के रूप में मिलेगी। उम्मीद है कि इससे नौकरियों के मौके बढ़ेंगे। ग्रोथ बढ़ेगी और इन्वेस्टमेंट्स बढ़ाने में मदद मिलेगी।

सड़कों के लिए कितना खर्च होगा?
कुल 6.92 लाख करोड़। बड़ा हिस्सा भारतमाला पर खर्च होगा। 7 फेज में 5.35 लाख करोड़ की लागत से 34,800 किमी रोड बनाई जाएगी। 14 करोड़ लोगों के लिए रोजगार के मौके भी उपलब्ध होंगे। नॉर्थ ईस्ट में बिजनेस बूस्ट के लिए रोड बनेंगी। बॉर्डर और इंटरनेशनल कनेक्टिविटी को भी इम्प्रूव किया जाएगा।

राहुल गांधी के बारे में क्या बोले जेटली?
राहुल ने जीएसटी को गब्बर सिंह टैक्स कहा था। इस पर सवाल पूछा गया तो अरुण जेटली बोले- जिन लोगों को 2जी और कोलगेट की आदत पड़ी हुई थी। उन्हें यह सब कानूनी और सही नहीं लगेगा।

इकोनॉमी की हालत पर क्या कहता है सरकार का रिव्यू?
 इकोनॉमिक अफेयर्स सेक्रेटरी सुभाष गर्ग ने कहा, “जीडीपी ग्रोथ मीडिया के लिए चर्चा का विषय रहा है। रियल जीडीपी ग्रोथ 7.5 फीसदी रही। 2015-16 में 8.2 फीसदी थी। यह बेहतर नहीं होगी, ऐसा सोचने की कोई वजह नहीं है। क्योंकि इन्वेस्टमेंट और फॉरेन रिजर्व की कमी नहीं है।”

इनफ़ोसिस को सितंबर तिमाही में 3726 करोड़ का मुनाफा

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नई दिल्ली । देश की प्रमुख आईटी कंपनियों में से एक इन्फोसिस ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने वित्त वर्ष 18 के लिए रेवेन्यू गाइडेंस को कम कर दिया है।

इसे 6.5%-8.5% से घटाकर 5.5%-6.5% कर दिया गया है। वहीं कंपनी में सीईओ की तलाश अब भी जारी है। गौरतलब है कि विशाल सिक्का के इस्तीफे के बाद से ही कंपनी को इस पद के लिए उम्मीदवार की तलाश है।

क्या रहे नतीजे: कंपनी ने मंगलवार को जारी किए गए नतीजों में सालाना आधार पर 7 फीसद के उछाल के साथ सितंबर तिमाही में 3726 करोड़ रुपए का मुनाफा दर्ज किया है। आपको बता दें कि देश की इस प्रमुख आईटी कंपनी ने बीते साल की समान अवधि में 3,606 करोड़ रुपए का मुनाफा दर्ज किया था।

अगर डॉलर के टर्म में बात करें तो आईटी दिग्गज के राजस्व में 2.9 फीसद का उछाल देखा गया है जबकि तिमाही आधार पर रेवेन्यू ग्रोथ 5.4 फीसद की रही है। कंपनी ने बीएसई फाइलिंग में बताया कि अनुक्रमिक आधार पर लाभ में 3.4 फीसद की बढ़ोतरी हुई है। आपको बता दें कि कंपनी में नंदन निलेकणि की वापसी के बाद ये पहली तिमाही की

एचडीएफसी बैंक के मुनाफे में 20% की बढ़ोतरी
वित्त वर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही में एचडीएफसी बैंक का मुनाफा 20 फीसद बढ़कर 4151 करोड़ रुपये हो गया है। आपको बता दें कि वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में एचडीएफसी बैंक का मुनाफा 3455.3 करोड़ रुपये रहा था।

वहीं वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में एचडीएफसी बैंक की ब्याज आय 22 फीसद बढ़कर 9752 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2017 की दूसरी तिमाही में एचडीएफसी बैंक की ब्याज आय 7993.6 करोड़ रुपये रही थी।

इसके साथ ही तिमाही दर तिमाही आधार पर दूसरी तिमाही में एचडीएफसी बैंक का ग्रॉस एनपीए 1.24 फीसद से बढ़कर 1.26 फीसद रहा है। तिमाही आधार पर जुलाई-सितंबर तिमाही में एचडीएफसी बैंक का नेट एनपीए 0.44 फीसदी से घटकर 0.43 फीसदी रहा है।

जीएसटी कलेक्शन सितंबर में 92150 करोड़ रुपये रहा

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नई दिल्ली । सरकार ने सितंबर महीने में वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) के रूप में 42.91 लाख कारोबारी इकाइयों से 92150 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह प्राप्त किया है।

वित्त मंत्रालय ने बुधवार को बताया है कि सितंबर में केंद्रीय जीएसटी के तहत 14,042 करोड़ रुपये और राज्य जीएसटी के तहत 21172 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। इस दौरान एकीकृत जीएसटी संग्रह 48,948 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा है।

इसमें 23951 करोड़ रुपये आयात (इंपोर्ट) से हासिल हुए हैं। मंत्रालय ने अपने बयान में बताया है कि 23 अक्टूबर, 2017 तक विभन्न मदों के तहत जीएसटी का कुल राजस्व संग्रह 92150 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा है।

वहीं, मुआवजा सेस की बात करें तो इसके तहत संग्रह 7988 करोड़ रुपये रहा है। इसमें 722 करोड़ रुपये आयात से मिआवजा सेस के तौर पर हासिल हुआ है।

23 अक्टूबर तक 42.91 लाख कारोबारी इकाइयों मे सितंबर महीने के लिए जीएसटीआर-3बी रिटर्न फाइल किया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जुलाई महीने के लिए जीएसटी राजस्व संग्रह 95 हजार करोड़ रुपये था।

वहीं अगस्त महीने के लिए यह 91 हजार करोड़ रुपये रहा था। जानकारी के लिए बता दें कि जुलाई में जीएसटी लागू होने के बाद से सितंबर तीसरा महीना है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाग करीब एक दर्जन से ज्यादा कर इसमें समाहित हो गए हैं।