Friday, July 10, 2026
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कमजोर उठाव से उड़द 200 रुपये प्रति क्विंटल मंदा

‌कोटा। भामाशाह अनाज मंडी बुधवार को लहसुन की आवक 5000 हजार कट्टे की रही । माल की कुल आवक 60हजार बोरी की रहीं। कमजोर उठाव से उड़द 200 रुपये प्रति क्विंटल मंदा रहा। गेहूं मिल 1500 से 1575 लोकवान 1600 से 1700 पीडी 1650 से 1700 टुकडी 1600 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल के भाव रहे।

धान सुगंधा 1800 से 2300 पूसा 1 2000 से 2400 पूसा4 (1121) 2000 से 2850 धान (1509) 2000 से 2500 रुपये प्रति क्विंटल के भाव रहे। सोयाबीन 2200 से 2750 सरसो 3200 से 3550 तिल्ली 5000 से 6500 मैथी 2000 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल के भाव रहे।

धनिया बादामी 3400 से 3800 ईगल 3600 से 4000 रंगदार 4000 से 5000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव रहे। मूंग 3500 से 4000 उडद 2400 से 3800 चना 4500से 5000 चना काबुली 7000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल के भाव रहे।

चना पेपसी 4800 से 5000 चना मौसमी 4800 से 5200 मसूर 3300 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल रहे। ग्वार 2500 से 3050 मक्का नई 800 से 1200 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन 800 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव रहे।

10 शहरों में 8.7 फीसद तक बढ़े प्रॉपर्टी के दाम: आरबीआई

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नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में आवास की औसत कीमतों में 8.7 फीसद की बढ़ोतरी हुई है। यह इजाफा देश के 10 प्रमुख शहरों में 1 साल पहले की तुलना में हुआ है। हालांकि बीती तिमाही के मुकाबले यह ग्रोथ कम रही है, तब एनुअल ग्रोथ 10.4 फीसद रही थी।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने हाल ही में इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए हाउसिंग प्राइज इंडेक्स (एचपीआई) को जारी किया है। यह 10 शहरों में आवास पंजीकरण प्राधिकरणों से प्राप्त लेन-देन के आंकड़ों पर आधारित है। इन दस शहरों में मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि, कोलकाता,बैंगलुरू,लखनऊ, अहमदाबाद, जयपुर और कानपुर शामिल हैं।

आरबीआई की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि ऑल इंडिया एचपीआई ने सालाना आधार पर 8.7 फीसद की ग्रोथ दिखाई है। बीती तिमाही में यह 10.4 फीसद रही थी और एक साल पहले 7.3 फीसद रही थी। आरबीआई ने बताया कि चेन्नई और कोच्चि को छोड़कर अन्य सभी शहरों ने आवास मूल्य में वृद्धि दर्ज की है।

कहां बढ़े सबसे ज्यादा दाम:
प्रॉपर्टी के दाम में सबसे ज्यादा इजाफा कानपुर में हुआ जो कि 18.2 फीसद का रहा, जबकि सबसे ज्यादा गिरावट चेन्नई में रही जो कि 11.2 फीसद की थी। यह शहरवार आवासीय कीमतों में विभिन्नता के संकेत देता है। वहीं तिमाही आधार पर ऑल इंडिया हाउसिंग इंडेक्स ने 3.8 फीसद का उछाल दर्ज किया है। 10 शहरों में से आठ शहरों ने हालिया तिमाही में इजाफा दर्ज किया है।

अगले तीन साल में बनेंगे 20 मिलियन अफोर्डेबल हाउस, सरकार का दावा

नई दिल्ली । सरकार का कहना है कि यूनीवर्सल अफोर्डेबल स्कीम निर्माण उद्योग को बूस्ट देने का काम करेगी। जानकारी के मुताबिक मार्च 2019 तक प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत शहरों में 1.2 करोड़ घरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी 1.2 करोड़ घरों का निर्माण किया जाना है।

वित्त सचिव अशोक लवासा ने पत्रकारों को बताया कि यूनीवर्सल अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम निर्माण उद्योग को बूस्ट देने का काम करेगी। उन्होंने यह बात केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की मौजूदगी में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दी जिसे केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के ठीक बाद आयोजित किया गया था।

लवासा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत जिन 1.02 करोड़ यूनिट्स का निर्माण किया जाना है उस पर अगले तीन सालों में होने वाला खर्चा 1,85,069 करोड़ रुपए होगा।

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत जिन 1.02 करोड़ घरों का निर्माण किया जाना है उसकी कुल लागत 1,26,795 करोड़ रुपए होगी जिसे केंद्र और राज्य मिलकर मार्च 2019 तक वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि इनमें से 51 लाख यूनिट्स इसी साल तैयार हो जाएंगी।

आपको बता दें कि सरकार ने बीते माह अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए पीपीपी (प्राइवेट-पब्लिक-पार्टनरशिप) पॉलिसी की घोषणा की थी जो कि निजी जमीन पर निजी बिल्डरों की ओर से बनाए जाने वाले प्रत्येक घर को 2.50 लाख रुपये तक की केंद्रीय सहायता प्रदान करने की अनुमति देती है।

सरकार ने नवंबर 2016 में ग्रामीण क्षेत्रों में “सभी के लिए आवास” योजना शुरू की थी जिसके तहत सरकार ने 2022 तक हर ग्रामीण परिवार के लिए पर्यावरण के अनुकूल और सुरक्षित घर प्रदान करने का प्रस्ताव रखा गया है।

मांग घटने से सोना कमजोर, चांदी 300 रुपये टूटी

नई दिल्ली/ कोटा । दिल्ली के सर्राफा बाजार मे सोने की कीमतों में मामूली कमजोरी दर्ज की गई है। कमजोर वैश्विक संकेत और स्थानीय ज्वैलर्स की ओर से घटी मांग के चलते सोना 10 रुपये गिरकर 30500 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है।  इसी तरह चांदी भी इंडस्ट्रीयल यूनिट्स और सिक्का निर्माताओं की ओर से कमजोर उठान के चलते 300 रुपये गिरकर 40700 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया है।

वैश्विक स्तर पर सुस्त रुझान के साथ साथ डॉलर की मजबूती ने महंगी धातु (सोना) की मांग को कमजोर कर दिया है और इसने खरीदारों के सेंटिमेंट को कमजोर किया है। वैश्विक स्तर पर सिंगापुर में सोना 0.30 फीसद की कमजोरी के साथ 1272.50 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.35 फीसद गिरकर 16.84 डॉलर प्रति औंस हो गया है।

दिल्ली में 99.9 फीसद और 99.5 फीसद शुद्धता वाला सोना 10 रुपये कमजोर होकर क्रमश: 30500 और 30350 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। बीते सत्र में सोने की कीमतों में 60 रुपये की तेजी देखने को मिली थी। गिन्नी के भाव हालांकि 24700 रुपये प्रति आठ ग्राम के स्तर पर बरकरार रहे हैं।

इसी तरह चांदी भी 300 रुपये कमजोर होकर 40700 रुपये प्रति किलोग्राम और साप्ताहिक आधारित डिलिवरी 270 रुपये कमजोर होकर 39635 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया है। चांदी के सिक्कों के भाव 74000 रुपये लिवाल और 75000 रुपये बिकवाल प्रति सैंकड़ा के स्तर पर बरकरार रहे हैं।

कोटा सर्राफा
चांदी 40100 रुपये प्रति किलो।
सोना केटबरी 30400 रुपये प्रति दस ग्राम, 35560 रुपये प्रति तोला।
सोना शुद्ध 30550 रुपये प्रति दस ग्राम,  35630 रुपये प्रति तोला।

रेकॉर्ड स्तर छूने के बाद सेंसेक्स 33,000 और निफ्टी 10,300 पर बंद

नई दिल्ली। सरकार द्वारा बैंकों ऐलान किए गए कैपिटलाइजेशन प्लान के बाद बाजार शानदार तेजी के साथ खुला और बंद हुआ। बुधवार को बाजार में जोरदार तेजी का दिन रहा और बैंकिंग शेयरों में शानदार खरीददारी हुई। सरकार के पैकेज का ही असर था कि निफ्टी 3.5 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ।

बुधवार को निफ्टी पहली बार 10,300 अंकों का आंकड़ा पार करने में कामयाब रहा और सेंसेक्स भी 33,000 अंकों को छू गया। पीएसयू बैंकिंग शेयर्स के लिए शानदार दिन रहा और एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, कैनरा बैंक के शेयर 30 फीसदी से ज्यादा चढ़े वहीं पीएनबी ने करीब 50 फीसदी की छलांग लगाई।

निफ्टी ने 10,340.55 का रेकॉर्ड उच्चतम स्तर बनाया, तो सेंसेक्स 33,117.33 का रेकॉर्ड उच्चतम स्तर बनाने में कामयाब हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मिलाजुला कारोबार देखने को मिला है।

बीएसई का मिडकैप इंडेक्स करीब 0.5 फीसदी बढ़कर बंद हुआ है, जबकि बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। निफ्टी का मिडकैप 100 इंडेक्स 1.5 फीसदी से ज्यादा मजबूत होकर बंद हुआ है। निफ्टी के स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.5 फीसदी से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई है।

रिजर्व बैंक ने आईडीएफसी बैंक पर लगाया दो करोड़ का जुर्माना

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने ऋण और अग्रिम के मामले में नियामकीय नियमों का उल्लंघन करने पर आईडीएफसी बैंक लिमिटेड पर दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। केंद्रीय बैंक ने एक विज्ञप्ति में कहा कि बैंक पर यह कार्रवाई नियामकीय अनुपालन में खामियों को लेकर की गई है।

इसका मकसद बैंक और उसके ग्राहकों के बीच किसी तरह के लेनदेन या करार की वैधता को गलत ठहराना नहीं है। रिजर्व बैंक ने कहा कि बैंक की वित्तीय हालत के बारे में उसकी 31 दिसंबर, 2016 तक की स्थिति रिपोर्ट से पता चलता है कि उसने ऋण और अग्रिम की मंजूरी तथा नवीनीकरण को लेकर कुछ निश्चित दिशानिर्देशों को पूरा नहीं किया है।

स्थिति रिपोर्ट के आधार पर बैंक को 7 अगस्त, 2017 को नोटिस जारी किया गया। बैंक के जवाब और मौखिक रूप से सुनवाई के बाद रिजर्व बैंक इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि इस बारे में उसके दिशानिर्देशों का अनुपालन नहीं हुआ है। इसी के चलते बैंक पर दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

वायरलेस कारोबार बंद करेगा रिलायंस कम्यूनिकेशन, जाएगी नौकरी

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नई दिल्ली। अनिल अंबानी के स्वामित्व वाला रिलायंस कम्यूनिकेशंस (आरकॉम) अपने वायरलेस बिजनस को जल्द ही बंद कर सकता है। सूत्रो के अनुसार कंपनी ने अपने कर्मचारियों के बता दिया है कि उनका 30 नवंबर उनका लास्ट वर्किंग डे होगा। कंपनी के इस फैसले के बाद रिलायंस की डीटीएच सेवा नवंबर में पूरी तरह से बंद हो जाएगी।

सूत्रों ने बताया, इस बारे में रिलायंस टेलिकॉम के एग्जिक्युटिव डायरेक्टर गुरदीप सिंह ने मंगलवार कोअपने कर्मचारियों को जानकारी दे दी है। गुरदीप ने बिजनस बंद करने की जानकारी देते हुए अपने कर्मचारियों से कहा,’ हम ऐसी स्थिति में खड़े हैं जहां हमें अपने वायरलेस बिजनस को बंद करना पड़ रहा है।

हमने इसे चलाने की हर संभव कोशिश की लेकिन अब इसे 30 दिन से ज्यादा चलाना हमारे लिए संभव नहीं है।’ इकनॉमिक टाइम्स इस ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। इस मुद्दे पर ईमेल से संपर्क करने पर रिलायंस कम्यूनिकेशंस ने खबर लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं दिया है।

इस ऑडियो क्लिप में गुरदीप सिंह ने आगे कहा, ‘वायरलेस सेवा बंद करने के बाद कंपनी आईएलडी वॉइस, कन्ज्यूमर वॉइस और 4G पोस्टपेड डोंगल सेवा को माइग्रेट कर सकती है, जबकि इनके अलावा कंपनी द्वारा चलाई जा रही सारी सेवाएं बंद हो जाएंगी।

हमारी डीटीएच सेवा का लाइसेंस 21 नवंबर को समाप्त हो जाएगा। हम इस रिन्यू नहीं करवाएंगे हैं।’ कंपनी रिलायंस जियो के मार्केट में आने से बढ़ी प्रतिस्पर्धा को अपने बिजनस बंद होने की मुख्य वजह मान रही है।

एक्सपर्ट्स के का कहना है कि कंपनी की रणनीति कम फायदे वाले 2G सर्विस बंद करके ज्यादा फायदे वाले 3G और 4G सर्विस पर फोकस करना चाहती है। बता दें कि घाटे में चल रही आरकॉम और सिस्टेमा श्याम के मर्जर को टेलिकॉम डिपार्टमेंट ने हाल ही मे मंजूरी दी है।

नई तकनीक से सुपरफास्ट हो जाएगा आपका इंटरनेट, जानें कैसे

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नई दिल्ली। आने वाले दिनों में इंटरनेट स्पीड में बड़ा इजाफा होने वाला है। वैज्ञानिकों ने एक नया हार्डवेयर बनाया है जो लगातार हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी मुहैया करा सकता है।

रिसर्चर्स की मानें तो यह नई तकनीक इंटरनेट की स्पीड को 10000 मेगाबाइट प्रति सेकेंड कर सकता है। इसके लिए ज्यादा कीमत चुकाने की भी जरुरत नहीं होगी।

नेचर कम्यूनिकेशन में प्रकाशित स्टडी के मुख्य रिसर्चर Sezer Erkilinc (यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन) ने बताया, “वर्ष 2025 तक अल्ट्रा-हाई डेफिनेशन वीडियो और ऑनलाइन गेमिंग जैसे कामों के लिए औसत इंटरनेट स्पीड मौजूदा स्पीड की 100 गुना चाहिए होगी।”

भविष्य में मोबाइल डिवासेज की संख्या में इजाफा होगा जो 5जी सर्विसेज को सपोर्ट करेंगी। ऐसे में आगे जाकर बैंडविड्थ प्रतिबंधों का अनुभव होने की काफी संभावना है। हमारी नई ऑप्टिकल रिसीवर तकनीक इस परेशानी से निजात पाने में मदद करेगी।”

वैज्ञानिकों ने एक ऐसा सिम्प्लीफाइड रिसीवर तैयार किया है जो ऑप्टिकल एक्सेस नेटवर्क (इंटरनेट यूजर्स को सर्विस प्रोवाइडर्स से कनेक्ट करने के लिए) के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

यूसीएल के Polina Bayvel ने कहा, “ऑप्टिकल फाइबर लिंक्स की क्षमता को बढ़ाने के लिए डाटा को अलग-अलग वेवलेंथ (wavelengths) से ट्रांसमिट किया जाता है। हम यूजर्स को एक ही बैंडविडथ शेयर कराने के बजाय हर यूजर को अलग-अलग वेवलेंथ मुहैया कराएंगे।”

केवाईसी पूरा करने के लिए वॉलेट कंपनियों की तैयारियां

बेंगलुरु। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) द्वारा प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (पीपीआई) लाइसेंस होल्डर्स, मोबाइल वॉलेट कंपनियों के लिए नो योर कस्टमर (केवाईसी) नॉर्म्स अनिवार्य बनाने के बाद अब इन कंपनियों ने नियमों को पूरा करने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।

कंपनियां नियमों पर एक वर्ष के भीतर ही अमल करना चाहती हैं। उदाहरण के लिए डिजिटल पेमेंट कंपनी मोबिक्विक ने कस्टमर्स के केवाईसी नॉर्म्स के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट रखा है। मोबिक्विक वॉलेट के फाउंडर बिपिन प्रीत सिंह ने कहा, ‘हमने अगले एक साल में 2 करोड़ केवाईसी वॉलेट का लक्ष्य रखा है।

हमें उम्मीद है कि एक कस्टमर्स के केवाईसी पर हमारा खर्च 50 रुपये के करीब आएगा। हमारे पास 6.5 करोड़ यूजर्स हैं। ऐसे में सभी कस्टमर्स के लिए केवाईसी की औपचारिकताएं एक साथ पूरी नहीं की जा सकतीं।’

इससे पहले देश की सबसे बड़ी वॉलेट कंपनी पेटीएम ने कहा था कि उसने कस्टमर्स के लिए केवाईसी नॉर्म्स का पालन करने के लिए 50 करोड़ डॉलर का बजट तैयार किया है। पेटीएम का लक्ष्य मौजूदा साल के अंत तक 50 करोड़ केवाईसी वॉलेट का लक्ष्य पूरा करने का है। मोबिक्विक की योजना एजेंट की संख्या बढ़ाने की है।

कंपनी तेजी से केवाईसी नियमों को पूरा करने के लिए एजेंटों की संख्या को 1,000 से बढ़ाकर 7,000 के करीब कर सकती है। कंपनी वन टाइम पासवर्ड के जरिए भी आधार बेस्ड केवाईसी नियमों को पूरा करने के लिए जोर देगी ।

ऑक्सीजन और इट्जकैश जैसी पेमेंट कंपनियां केवीईसी नियमों को पूरा करने के लिए रीटेल इन्फ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल कर सकती हैं। इट्जकैश के चीफ ग्रोथ ऑफिसर भाविक वासा ने कहा, ‘75,000 इट्ज कैश आउटलेट के जरिए पहले ही देशभर में हमारी मौजूदगी बड़े लेवल पर है।

हमने हाल में 40,000 और ऐसे आउटलेट्स का अधिग्रहण किया है, जहां रेमिटेंस ऐक्टिविटीज होती हैं। हमारे रीटेलर्स के पास बायोमीट्रिक की सुविधा है, जो कस्टमर्स की केवाईसी डीटेल्स जुटा सकते हैं।’ऑक्सीजन सर्विस को भी उम्मीद है कि वह बड़ी रीटेल मौजूदगी के चलते आसानी से केवाईसी नियमों को पूरा कर लेगी।

कंपनी ने माइक्रो एटीएम लगाए हैं जो कस्टमर्स की बायोमीट्रिक डीटेल हासिल कर सकते हैं। ऑक्सीजन सर्विसेज के चेयरमैन प्रमोद सक्सेना ने कहा, ‘केवीईसी नॉर्म्स को पूरा करने के लिए हमें रीटेलर्स को थोड़ा प्रोत्साहन देना पड़ सकता है, लेकिन इस पर बहुत खर्च नहीं आएगा।

‘ मोबिक्विक ने भी उम्मीद जताई है कि कन्ज्यूमर लेंडिंग प्लैटफॉर्म बजाज फिनसर्व और पब्लिक सेक्टर टेलिकॉम एंटिटी भारत संचार निगम लिमिटेड के साथ पाटर्नरशिप से वह सभी कस्टमर्स को केवाईसी के दायरे में ले आएगी।