Friday, July 10, 2026
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मुखौटा कंपनियों की संपत्ति हर जिले में खोजी जाएगी

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नई दिल्ली । मुखौटा कंपनियों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई अब आगे बढ़ने लगी है। जल्द ही इन कंपनियों और उनके प्रमोटरों को इसका असर दिखाई दे सकता है। दरअसल कंपनी मामलों के मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि वे अपंजीकृत की गई कंपनियों की संपत्तियों की पहचान जल्द से जल्द पूरा करें और जिला प्रशासन इनमें किसी तरह के लेनदेन पर प्रभावी रोक लगाये।

काले धन पर कार्रवाई तेज करते हुए मंत्रालय ने राज्यों से अपील की है कि अगर इन कंपनियों की संपत्तियों में कोई लेनदेन होता है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए।

मंत्रालय ने 2.25 लाख ऐसी कंपनियों का पंजीकरण रद कर दिया था जिनके द्वारा लंबे अरसे से कोई कारोबार नहीं किया जा रहा था और रिटर्न फाइलिंग में उल्लंघन किया जा रहा था। इन कंपनियों के निदेशकों को भी अयोग्य घोषित कर दिया गया है।

एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार कंपनी मामलों के राज्य मंत्री पी. पी. चौधरी ने एक बैठक में अपंजीकृत की गई करीब 2.09 लाख कंपनियों की संपत्तियों के मामले में कार्रवाई पर विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा की। बैठक में चौधरी ने राज्यों के प्रतिनिधियों से कहा कि तुरंत कार्रवाई की जाए और समयबद्ध तरीके से जानकारियां साझा की जाएं।

मंत्रालय ने पिछले 12 सितंबर को 2.09 लाख कंपनियों से संबंधित संपत्तियों की पहचान करने और नजर रखने के लिए पत्र भेजा था। अब ऐसी कंपनियों की संख्या बढ़कर 2.25 लाख हो गई है।

बैठक में इन कंपनियों से संबंधित राज्यवार जानकारियां प्रतिनिधियों के साथ साझा की गईं। मंत्री ने कहा कि अब पूरे देश में भूमि का रिकॉर्ड कंप्यूटराइज्ड हो चुका है।

ऐसे में जिला प्रशासन और केंद्र सरकार को जल्दी सूचना देना मुश्किल नहीं होगा। मंत्रालय के अनुसार चूंकि इन कंपनियों के नाम पंजीकरण की सूची से हटा दिये गये हैं। इस वजह से इन कंपनियों की संपत्तियों में कोई लेनदेन नहीं हो सकता है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के आदेश पर ही कोई लेनदेन वैध होगा।

ईपीएफ पर मिलेगा कितना ब्याज नंवबर में होगा फैसला

नई दिल्ली । रिटायरमेंट फंड बॉडी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के ट्रस्टी की एक अहम मीटिंग नवंबर में होने वाली है। इस बैठक में यह फैसला लिया जाना है कि इस वित्त वर्ष के लिए ईपीएफ जमा पर कितना ब्याज दिया जाएगा।

एक अधिकारिक सूत्र ने बताया, “कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) और श्रम मंत्री संतोष गंगवार की अध्यक्षता वाली ट्रस्टी के केंद्रीय बोर्ड की बैठक नवंबर में होनी है।”

मौजूदा समय म ईपीएफओ के 50 मिलियन सब्सक्राइबर्स हैं। आधिकारिक सूत्र के अनुसार वित्त वर्ष 2017-18 के लिए भविष्य निधि जमाराशियों पर ब्याज दर को ट्रस्टियों के समक्ष अनुमोदन के लिए पेश किए जाने की संभावना है।

आपको बता दें कि बीते साल दिसंबर में सीबीटी ने ईपीएफ पर मिलने वाली ब्याज दरों को कम कर 8.65 फीसद करने का फैसला किया था, जो कि वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान 8.8 फीसद रही थी। सूत्रों के मुताबिक 1 नवंबर को सीबीटी के एग्जीसक्यूसटिव बोर्ड की मीटिंग श्रम मंत्रालय में होगी।

इस मीटिंग में इस बात की समीक्षा की जाएगी कि ईपीएफओ के निवेश पर कितना रिटर्न मिला है और इसके आधार पर ईपीएफ पर कितना ब्या्ज दिया जा सकता है। एग्जीफक्यूंवि मीटिंग की सिफारिशों पर सीबीटी की बैठक में विचार किया जाएगा।

एक बार वित्त मंत्रालय सीबीटी की ओर से अनुमोदित ब्याज दर की पुष्टि करता है, तो उस वित्त वर्ष के लिए इसे ईपीएफओ सदस्यों के खाते में जमा कर दिया जाता है।

पीपीएफ जैसी विभिन्न बचत योजनाओं पर रिटर्न कम करने के मद्देनजर वित्त मंत्रालय ने श्रम मंत्रालय से ईपीएफ की ब्याज दर को तर्कसंगत बनाने के लिए कहा है।

वित्तीय पैकेज से एनपीए सेटलमेंट में मिलेगी मदद: एसबीआई चीफ

मुंबई। एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा है कि हाल में जिस रीकैपिटलाइजेशन (रीकैप) बॉन्ड का ऐलान किया गया है, उससे बैंकों को एनपीए के सेटलमेंट में मदद मिलेगी। बैंक सेटलमेंट के लिए कम पेमेंट को तैयार होंगे, जिससे नैशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (एनसीएलटी) में चल रहे बैंकरप्सी के मामले तेजी से सुलझाए जा सकेंगे।

सरकार के 2.11 लाख करोड़ रुपये के फंडिंग प्रोग्राम के ऐलान के बाद कुमार ने  बताया, ‘एसेट क्लासिफिकेशन के आधार पर काफी प्रविजनिंग पहले ही हो चुकी है। इसलिए हेयरकट (यानी लोन पर लॉस) इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी पर कितना कर्ज है और उसकी एंटरप्राइज वैल्यू कितनी है।’

उन्होंने कहा कि दिसंबर-जनवरी तक ये मामले सेटल होने लगेंगे। कुमार ने कहा कि ऐसी कई एसेट्स में बायर्स ने दिलचस्पी दिखाई है और जल्द ही उनके लिए बोली लगने लगेगी।

सरकार ने पब्लिक सेक्टर के बैंकों को 2.11 लाख करोड़ रुपये देने की घोषणा की है, जिसका लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। इनमें से 1.35 लाख करोड़ रुपये बॉन्ड के जरिये, 76000 करोड़ रुपये बजटरी सपॉर्ट और डिसइन्वेस्टमेंट के जरिये आएंगे। इससे बैंक स्ट्रेस्ड एसेट्स पर लॉस बर्दाश्त कर पाएंगे। माना जा रहा है कि बैंकिंग सेक्टर में 10 लाख करोड़ के स्ट्रेस्ड एसेट्स हैं।

सरकारी बैंकों की फंडिंग के बाद लोन ग्रोथ भी बढ़ने की उम्मीद की जा रही है, जिससे अर्थव्यवस्था को सपॉर्ट मिलेगा। कुमार ने कहा, ‘कंपनियों की बैलेंस शीट पर जो लॉस है, वह बैंकों की बैलेंस शीट में दिख रहा है। इसे मसले को सुलझाने के लिए बोल्ड स्टेप की जरूरत थी और सरकार ने ऐसा ही किया है।’

बैंकों के फंडिंग प्रोग्राम के चलते पिछले कुछ दिनों में सरकारी बैंकों के शेयर में जबरदस्त तेजी आई है। कुछ बैंकों के शेयर तो एक दिन में 50 पर्सेंट तक चढ़े थे। इससे शेयरहोल्डर्स की वेल्थ में 1 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है और बेंचमार्क इंडेक्स नए लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंच गए हैं। कुमार ने कहा कि वित्त मंत्रालय परफॉर्मेंस के आधार पर अपने बैंकों की फंडिंग कर सकता है, ताकि इस पैसे का सही इस्तेमाल हो सके।

उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि एक एमओयू साइन होगा, जिसमें बैंकों को आगे के बिजनस प्लान की जानकारी सरकार को देनी पड़ सकती है। उन्हें बताना होगा कि वे रिस्क को कैसे मैनेज करने जा रहे हैं और कॉर्पोरेट गवर्नेंस में सुधार के लिए उनके पास क्या प्लान है।’ सरकार बैंकों के लिए रिटर्न ऑन इक्विटी और रिटर्न ऑन एसेट्स के लक्ष्य तय कर सकती है।

33,200 के स्तर के पार खुला सेंसेक्स, निफ्टी में भी तेजी

मुबई। शेयर बाजार में बुधवार से ही जारी तेजी शुक्रवार को भी बनी हुई है। बुधवार को सेंसेक्स ने पहली बार 33,000 के स्तर को छुआ था। शुक्रवार को सेंसेक्स 111 अंकों की बढ़त के साथ 33,258 के स्तर पर खुला।

इसके अलावा निफ्टी भी 10,360 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। माना जा रहा है कि सरकार की ओर से हाइवे परियोजनाओं और बैंकों को मजबूती देने के ऐलान से बाजार में निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।

इससे पहले गुरुवार को भी नए रेकॉर्ड्स बनाते हुए बाजार में तेजी जारी रही। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने नए हाई को छूआ। एक्सपायरी के दिन बाजार ने उतार-चढ़ाव के बीच आखिरी आधे घंटे में ऐतिहासिक बढ़त दिखाई और नया ऑल टाइम हाई बनाया।

सेंसेक्स ने शतक लगाते हुए 33,151.26 का आंकड़ा छूने का रेकॉर्ड बनाया और निफ्टी ने भी नया हाई बनाते हुए 10,356 की ऊंचाई को छुआ। आज मिडकैप शेयरों में अच्छी खरीदारी का दिन रहा। हालांकि, बुधवार को शानदार तेजी दिखाने वाले बैंक शेयर गुरुवार को दबाव में नजर आए।

जीएसटी से पहले के स्टॉक पर कर लाभ दावे की अंतिम तिथि 30 नवंबर तक बढ़ी

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नयी दिल्ली। सरकार ने माल एवं सेवा कर जीएसटी प्रणाली लागू होने से पहले के स्टॉक पर कर लाभ का दावा करने की अंतिम तिथि एक महीने बढ़ाकर आज 30 नवंबर कर दी।

जीएसटी के लिए आधिकारिक सरकारी ट्विटर हैंडल जीएसटीएजीओआई से किये गये ट्वीट में कहा गया, जीएसटी ट्रान-1 फॉर्म के लिए अंतिम तिथि 30 नवंबर 2017 तक बढ़ा दी गयी है।

यह फॉर्म उन कारोबारियों के लिए है जिन्हें जीएसटी व्यवस्था लागू होने से पहले के उनके पास बकाया स्टॉक पर दिये गये कर का क्रेडिट दावा करना है।

इससे पहले जीएसटी परिषद ने हैदराबाद में हुई 21वीं बैठक में इसकी अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 अक्तूबर कर दी थी। परिषद ने कारोबारियों को फार्म में कोई गड़बड़ी होनें की स्थिति में उसमें संशोधन की अनुमति भी दी है।

जुलाई में जीएसटी लागू होने के बाद 95,000 करोड़ रुपये का कर वसूला गया जिसमें से करदाताओं ने 65,000 करोड़ रुपये का पुराने स्टॉक पर क्रेडिट का दावा किया। हालांकि, इसके बाद केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड ने एक करोड़ रुपये से अधिक के ऐसे दावों की जांच का आदेश दिया।

उपभोक्ताओं की मदद के लिए अब व्हाट्सअप सेवा भी शुरू

जयपुर। प्रदेश के राशन उपभोक्ताओं को एक बेहतर सुविधा प्रदान करते हुए राज्य सरकार के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलात विभाग ने राज्य उपभोक्ता हेल्पलाइन के तहत राशन उपभोक्ताओं की मदद करने के लिए हेल्पलाइन के रूप में एक व्हाट्सअप नं. 7230086030 भी शुरू कर दिया है।  

विभाग की ओर से जारी कार्यालय आदेश के मुताबिक कोई भी उपभोक्ता राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत खाद्य सूची में नाम को लेकर कोई परेशानी, पोस मशीन से लेने वाली अपनी राशन सामग्री, किसी भी तरह का उत्पाद खरीदते समय बाट एवं माप और किसी भी उत्पाद पर अंकित एक्सपाइरी डेट सम्बन्धी शिकायत दे सकते हैं। 

 क्वालिटी एवं एमआरपी से अधिक मूल्य वसूले जाने, एलपीजी गैस से संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए किसी भी समय कोई भी उपभोक्ता व्हाट्सअप नम्बर 7230086030 पर संदेश के जरिए सम्पर्क करते हुए भी अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।

इस नम्बर पर विभागीय स्तर पर संबंधित अधिकारी द्वारा उपभोक्ताओं की शिकायतों का तय समय में निस्तारण करने की कार्यवाही का पूर्ण प्रयास किया जाएगा। 

गौरतलब है कि विभाग की ओर से पोस मशीन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए जारी हेल्पलाइन नम्बर 1800-180-6127 समस्त कार्यदिवस पर प्रातः 8 से सांयकाल 8 बजे तक और उपभोक्ता हेल्पलाइन नम्बर 1800-180-6030 सोमवार से शनिवार (राजकीय अवकाश को छोडकर) प्रातः 10 से सांयकाल 5 बजे तक पहले से ही कार्यरत है। 

5 सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के पक्ष में 1.25 करोड़ मूलधन व ब्याज भुगतान के अवार्ड पारित

जयपुर । राजस्थान सूक्ष्म एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद की 34 वीं बैठक में 5 लघु उद्योगोें के पक्ष में एक करोड़ 25 लाख मूलधन व आरबीआई की ब्याजदर के तीन गुणा दर से भुगतान के अवार्ड पारित कर बड़ी राहत दी हैं।

आयुक्त कुंजी लाल मीणा की अध्यक्षता में आयोजित सुविधा परिषद की बैठक में 18 प्रकरणों में उभय पक्षकारों को आपसी सहमति से विवादों का निस्तारण का मौका दिया गया है। उन्होंने बताया कि 3 प्रकरण खारिज किए गए।

 गौरतलब है कि केन्द्र सरकार के एमएसएमईडी एक्ट 2006 के प्रावधानों के अनुसार सूक्ष्य एवं लघु उद्योगों से सामान प्राप्त करने वाले उद्योगों या संस्था को राशि का भुगतान 45 दिन नहीं होने की स्थिति में संबंधित पक्ष उद्योग आयुक्त की अध्यक्षता में गठित सूक्ष्य एवं लघु उद्यम सुविधा परिषद में वाद प्रस्तुत कर राहत प्राप्त कर सकते हैं।

एमएसएमईडी एक्ट 2006 के प्रावधानों के अनुसार 45 दिन में भुगतान नहीं करने वाले पक्ष को मूलधन एवं विलंबित अवधि की बैंक ब्याज दर की 3 गुणा दर से ब्याज का भुगतान करना होता है।

परिषद् की बैठक में उद्योग आयुक्त  कुंजी लाल मीणा के अलावा संयोजक राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति श्री एन.सी. उप्रेती, उद्योग संघों के प्रतिनिधि  ताराचंद गोयल व उद्योग, वित्त एवं वाणिज्य विशेषज्ञ  योगेश गौतम सदस्य है। एमएसएमई सुविधा परिषद की 34 वीं बैठक में राज्य की सूक्ष्म एवं लघु इकाइयों के 26 प्रकरणों पर विचार किया गया।

सुविधा परिषद के अध्यक्ष कुंजी लाल मीणा ने बताया कि सुविधा परिषद की नियतकालीन बैठक होने से राज्य की एमएसएमई इकाइयों को बड़ी राहत मिल रही हैं वहीं उभय पक्षों को आपसी समझाइश से भी प्रकरणों के निबटान का अवसर दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पिछली बैठक में 10 इकाइयों के पक्ष में 95 लाख रु. मूलधन व तीनगुणा ब्याज के अवार्ड पारित किए गए। उद्योग आयुक्त मीणा ने बताया कि सुविधा परिषद में आवेदन आने के बाद परिषद द्वारा नोटिस जारी करने से भी उद्योगों को बकाया राशि भुगतान प्राप्त होने लगा है।

परिषद की बैठक में उद्योग विभाग की और से अतिरिक्त निदेशक पीके जैन और उपनिदेशक एसएल पालीवाल व केएल स्वामी द्वारा प्रकरणों की विस्तार से जानकारी दी गई।

सेबी ने शेयरों के थोक सौदे के नियमों में संशोधन किया

नयी दिल्ली। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने थोक सौदे में शेयरों की बिक्री :ब्लॉक डील: की रूपरेखा आज संशोधित कर दी। उसने न्यूनतम ऑर्डर की सीमा बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दी है। साथ ही 15-15 मिनट की दो अलग ट्रेडिंग सुविधा उपलब्ध कराई है।

सेबी ने यह कदम बड़े सौदों की गोपनीयता सुनिश्चित करने और ऐसे सौदों में भाव स्थिर रखने के मद्देनजर ये कदम उठाये। थोक सौदे की सुविधा की शुरुआत बड़ी संख्या में शेयरों का सौदा करने के लिए खरीदारों और विक्रेताओं के मद्देनजर की गई है।

ऐसे सौदों के बारे में चर्चा अमूमन पहले ही कर ली जाती है। नये नियमों के तहत सेबी 15-15 मिनट के लिए सुबह और दोपहर में थोक सौदे की सुविधा उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा नियामक ने इस सुविधा के तहत होने वाले सौदे का न्यूनतम ऑर्डर बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया है।

मौजूदा समय यह सुविधा एकल लेन-देन में पांच करोड़ रुपये के लिए ही उपलब्ध है। सुबह वाली सुविधा 8:45 से नौ बजे तथा दोपहर वाली सुविधा 02:05 से 02:20 बजे तक के लिए होगी।

लिवाली निकलने से गेहूं 25, धान 100, सरसों 50 रुपये तेज बिकी

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में गुरुवार को लहसुन की आवक 8000 हजार कट्टे की रही । माल की कुल आवक 60 हजार बोरी की रहीं । लिवाली निकलने से गेहूं 25 रुपये,  धान 100 रुपये, सरसों 50 रुपये प्रति क्विंटल तेज बिका।कमजोर उठाव से उड़द 150 रुपये प्रति क्विंटल मंदा रहा। लहसुन 300 रुपये प्रति क्विंटल ऊँचा बिका। 

गेहूं मिल 1550 से 1590 लोकवान 1600से 1700 पीडी 1650 से 1700 टुकडी 1600से 1800 रुपये प्रति क्विंटल । धान सुगंधा 1800 से 2350 पूसा 1 2000 से 2400 पूसा4 (1121) 2000 से 3000 धान (1509) 2000 से 2600 रुपये प्रति क्विंटल। 

सोयाबीन 2200 से 2750 सरसो 3200 से 3600 तिल्ली 5000 से 6600 मैथी के 2000 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल के भाव रहे। धनिया बादामी 3400 से 3800 ईगल 3600 से 4000 रंगदार 4000 से 5000 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 3500 से 4000 उडद 2400 से 3650 चना 4500 से 5000 चना काबुली 7000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल के भाव रहे।

चना पेपसी 4800 से 5000 चना मौसमी 4800 से 5200 मसूर 3300 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल के भाव रहे। ग्वार 2500 से 3050 मक्का नई 800 से 1200 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल रहे। ।  लहसुन 1000 से 4700 रुपये प्रति क्विंटल रहे।  

राजस्थान में कलैण्डर वर्ष 2018 के 27 सार्वजनिक अवकाश घोषित

जयपुर। राज्य सरकार ने एक विज्ञप्ति जारी कर कलैण्डर वर्ष 2018(ग्रेगारियन) ई. शक संवत 1939-40 के दौरान सम्पूर्ण राज्य में सार्वजनिक तथा ऎच्छिक अवकाश की घोषणा कर दी है।

विज्ञप्ति के अनुसार 27 सार्वजनिक अवकाश होंगे, जिनमें 26 जनवरी, 2018 गणतन्त्र दिवस, 13 फरवरी महाशिवरात्रि, 01 मार्च होलिका दहन, 02 मार्च धूलण्डी, 19 मार्च चेटीचण्ड, 25 मार्च  रामनवमी, 29 मार्च श्री महावीर जयन्ती, 30 मार्च गुडफ्राइडे, 14 अप्रेल डा. अम्बेडकर जयन्ती, 16 जून ईदुलफितर, 16 जून महाराणा प्रताप जयन्ती, 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस, 22 अगस्त ईदुलजुहा का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।

26 अगस्त रक्षाबंधन, 03 सितम्बर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, 19 सितम्बर रामदेव जयन्ती व तेजा दशमी, 21 सितम्बर मोहर्रम (ताजिया), 02 अक्टूबर महात्मा गांधी जयन्ती, 10 अक्टूबर नवरात्र स्थापना, 17 अक्टूबर दुर्गाष्टमी, 19 अक्टूबर विजयदशमी,  07 नवम्बर दीपावली, 08 नवम्बर गोवर्धन पूजा, 09 नवम्बर भैया दोज, 21 नवम्बर बारावफात, 23 नवम्बर गुरुनानक जयन्ती तथा 25 दिसम्बर, 2018 को क्रिसमस डे का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।

इसी प्रकार 22 ऎच्छिक अवकाश घोषित किये गये हैं, जिनमें 01 जनवरी, 2018 क्रिश्चियन नव वर्ष दिवस, 24 जनवरी देवनारायण जयन्ती, 29 जनवरी विश्वकर्मा जयन्ती, 30 जनवरी स्वामी रामचरण जयन्ती, 31 जनवरी गुरु रविदास जयन्ती, 03 फरवरी गाडगे महाराज जयन्ती, 10 फरवरी महर्षि दयानन्द सरस्वती जयन्ती, 11 अप्रैल महात्मा ज्योतिबा फुल जयन्ती, 13 अप्रेल सैन जयन्ती, 14 अप्रेल बैशाखी का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।

18 अप्रेल परशुराम जयन्ती, 30 अप्रेल बुद्ध पूर्णिमा, 02 मई शब-ए-बारात, 15 जून जुमातुलविदा, 27 जुलाई गुरु पूर्णिमा, 02 सितम्बर थदडी, 13 सितम्बर गणेश चतुर्थी, 14 सितम्बर संवत्सरी, 29 सितम्बर अनन्त चतुर्दशी, 18 अक्टूबर महानवमी, 27 अक्टूबर करवा चौथ तथा 31 दिसम्बर, 2018 को पाश्र्वनाथ जयन्ती का ऎच्छिक अवकाश रहेगा। ऎच्छिक अवकाशों की सूची में से कोई भी दो अवकाश प्रत्येक कर्मचारी को चुनकर उपभोग करने की अनुज्ञा प्रदान की जावेगी।

वर्ष में समस्त शनिवार व रविवार का सामान्य सार्वजनिक अवकाश रहेगा तथा निगोशिएबल इन्स्ट्रूमेंट एक्ट की धाराओं के अन्तर्गत बैंक कर्मचारियों के लिए सार्वजनिक अवकाश वित्त (मार्गोपाय) विभाग द्वारा पृथक से प्रकाशित होगा।

स्थानीय मेला व त्यौहार आदि के उपलक्ष में प्रत्येक जिले में सम्बन्धित जिला कलक्टर एवं दिल्ली स्थित राजकीय कार्यालयों में प्रमुख आवासीय या आवासीय आयुक्त कार्यालय नई दिल्ली दो स्थानीय अवकाश घोषित करेंगे।

कोटा जिले में जन्माष्टमी के बाद आने वाला दिन स्वतः जन्माष्टमी के स्थान पर अवकाश के रूप में माना जायेगा। मुस्लिम अवकाश चन्द्रमा दिखायी देने पर निर्भर करेंगे तथा ये आदेश राजकीय कार्यालयों पर लागू होंगे।