Sunday, July 19, 2026
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RBI ने बैंकों के लेटर ऑफ अंडरटेकिंग जारी करने पर रोक लगाई

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंकों की तरफ से लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) और लेटर ऑफ कम्फर्ट (LoC) जारी करने पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है। बैंक ये LoU जारी करते थे जिनसे कंपनियों को भारत में सामान इम्पोर्ट करने के लिए कर्ज मिलता था।

आरबीआई ने देश का अब तक का सबसे बड़ा बैंकिंग फ्रॉड सामने आने के बाद यह कदम उठाया है। इस पीएनबी फ्रॉड में हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने LoU का गलत इस्तेमाल कर कर्ज लिया था। नीरव और उससे मामा मेहुल चौकसी के खिलाफ जांच एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं। मनी लॉन्ड्रिंग केस दर्ज होने से पहले ही विदेश भाग चुके हैं।

आरबीआई ने क्या कहा?
– रिजर्व बैंक ने नोटिफिकेशन जारी कर कहा है कि बैंकों के लिए मौजूदा गाइडलाइन्स को रिव्यू करने के बाद बिजनेस में इम्पोर्ट के लिए LoUs/LoCs के इस्तेमाल पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है। हालांकि, बैंक ने साफ किया कि देश में बिजनेस के लिए लेटर ऑफ क्रेडिट और बैंक गारंटी नियमों के तहत पहले की तरह लागू रहेगी।

पीएनबी केस में इसका कैसे गलत इस्तेमाल हुअा?
– पंजाब नेशनल बैंक ने फरवरी में सेबी और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को 11,421 करोड़ रुपए के घोटाले की जानकारी दी थी। घोटाला मुंबई की ब्रेडी हाउस ब्रांच में हुआ। इसकी शुरुआत 2011 से हुई थी।
– 7 साल में हजारों करोड़ की रकम 297 फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoUs) के जरिए विदेशी अकाउंट्स में ट्रांसफर की गई। अब यह घोटाला 12,672 करोड़ रुपए का हो चुका है।
– इसके मुख्य आरोपी हीरा कारोबारी नीरव मोदी और गीतांजलि ग्रुप्स के मालिक मेहुल चौकसी हैं। दोनों देश से बाहर हैं। पीएनबी के मुताबिक, तीन डायमंड कंपनियों डायमंड आर यूएस, सोलर एक्सपोर्ट्स और स्टेलर डायमंड्स ने 16 जनवरी को संपर्क किया। ये कंपनियां विदेशी सप्लायरों को पेमेंट के लिए शॉर्ट टर्म क्रेडिट चाहती थीं।
– बैंक ने कोड बेस्ड स्विफ्ट सिस्टम के जरिए LoU जारी किया। इसी आधार पर कंपनियां लोन लेती रहीं। पीएनबी के कुछ लोगों ने फर्जी तरीके से यह लेटर ऑफ अंडरटेकिंग दे दिया। नीरव मोदी की कंपनियों को 100% कैश मार्जिन भी नहीं देना पड़ा। पकड़ में आने से बचने के लिए पीएनबी के अधिकारियों ने इसकी एंट्री भी नहीं की।

क्या है LoU?
– लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) एक तरह की बैंक गारंटी है। कंपनी डिमांड बताकर बैंक को अप्रोच करती है। बैंक कोड बेस्ड स्विफ्ट सिस्टम के जरिए LoU जारी करता है। धोखाधड़ी के मामलों में अंतिम देनदारी LoU जारी करने वाले बैंक पर बनती है। LoU के आधार पर विदेश में दूसरे बैंकों से कर्ज लिया जा सकता है। मल्टीनेशनल कंपनियां इसका इस्तेमाल करती हैं।

JEE मेन्स में समान होगा फिजिक्स, केमेस्ट्री व मैथ्स का डिफिकल्टी लेवल

कोटा। जेईई मेन्स के एडमिट कार्ड जारी होने के बाद मेन्स की वेबसाइट पर सीबीएसई ने तीन अलग-अलग सर्कुलर जारी किए हैं। इस बार प्रश्नपत्रों को इस प्रकार तैयार किया गया है कि फिजिक्स, केमेस्ट्री और मैथ्स का डिफिकल्टी लेवल एक जैसा ही रहेगा।

प्रश्नपत्र में तीनों विषयों का पूरा सिलेबस कवर किया गया है। ऐसे में स्टूडेंट्स को हर टॉपिक पढ़ना होगा। किसी भी टॉपिक से सवाल पूछे जा सकते हैं। हर यूनिट से समान नंबर के सवाल पूछे जाएंगे। जेईई मेन्स ऑफलाइन एग्जाम 8 अप्रैल को होगा। पेपर वन के लिए सुबह 7 बजे से एंट्री मिलेगी। सुबह 9:20 बजे बुकलेट वितरित की जाएगी।

9:25 बजे आंसर शीट निकालने की इजाजत मिलेगी। साढ़े 9 बजे के बाद किसी को भी एंट्री नहीं दी जाएगी। एग्जाम 9:30 से 12:30 बजे तक होगा। पेपर टू के लिए 12:45 बजे से एंट्री मिलेगी। 2 बजे तक ही एंट्री दी जाएगी। इसके बाद पेपर शुरू होगा, जो 5 बजे तक चलेगा। 15 व 16 अप्रैल को ऑनलाइन एग्जाम में सुबह 7 बजे से एंट्री मिलेगी और साढ़े 9 बजे से पेपर होगा। सेकंड शिफ्ट का पेपर 2:30 बजे से शुरू होगा।

 एडमिट कार्ड के लिए बनाई हैल्पलाइन
सीबीएसई ने ई एडमिट कार्ड के संबंध में निर्देश जारी किए हैं। सीबीएसई ने एडमिट कार्ड डाउनलोडिंग में परेशानी होने पर हैल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। स्टूडेंट्स 7042399520, 7042399521, 7042399525 और 7042399526 पर वर्किंग डे पर सुबह 10 बजे से शाम साढ़े 5 बजे तक कॉल कर सकते हैं। डाक के माध्यम से एडमिट कार्ड नहीं भेजे जाएंगे।

कोटा में दो डॉक्टरों के यहां आयकर सर्वे

कोटा। इनकम टैक्स विभाग ने एडवांस टैक्स वसूलने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को शहर के दो नामी डॉक्टरों के यहां इनकम टैक्स विभाग की टीम ने सर्वे की कार्रवाई की।

जानकार सूत्रों के अनुसार तलवंडी में एक गेस्ट्रो एंट्रोलॉजिस्ट और दादाबाड़ी इलाके में एक फिजीशियन के यहां सर्वे दोपहर बाद शुरू हुआ जो देर रात तक जारी रहा। आयकर विभाग की टीम ने इनके अस्पताल और घर से दस्तावेज खंगाले।

इससे पहले इसी प्रकार इनकम टैक्स की टीमों ने एक बिल्डर, एक दलाल व एक ट्रैक्टर बनाने वालों के यहां कार्रवाई करते हुए 7 करोड़ की अघोषित आय का खुलासा किया था। डॉक्टरों के यहां की कार्रवाई की बुधवार को फाइनल रिपोर्ट आएगी।

NCDEX ने ग्वार सीड ऑप्शंस में पहला सेटलमेंट पूरा किया

मुंबई। ग्वार सीड में भारत के पहले एग्री कमोडिटी ऑप्शंस को लांच करने के बाद नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज लिमिटेड (NCDEX) , कमोडिटी के कारोबारों की सक्रिय भागीदारी का गवाह बना है।

एक्सचेंज ने ग्वार सीड में अपना पहला ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट 52000 मीट्रिक टन की ट्रेडिंग के बाद सफलतापूर्वक सेटल कर लिया है। लांच के दिन 8010 मीट्रिक टन की ट्रेडिंग हुई थी।  केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मकर संक्रांति के पावन पर्व पर ग्वार सीड में एग्री ऑप्शंस कॉन्ट्रेक्ट के आरंभ की घोषणा की थी।

कॉल एंड पुट ऑप्शंस का पहला सैट 28 फरवरी 2018 को 1130 मीट्रिक टन के साथ समाप्त हो गया था। फरवरी महीने की ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट में ओपन इंटरेस्ट पहले दिन के 4290 मीट्रिक टन से बढ़कर 23 फरवरी 2018 को 8710 मीट्रिक टन के चरम बिंदु पर पहुंच गया था। हर दिन के अंत में औसत ओपन इंटरेस्ट 6610 मीट्रिक टन था।

एग्री कमोडिटी ऑप्शंस का पहला सेटलमेंट होने पर NCDEX के प्रवक्ता ने कहा, “यह बहुत खुशी की बात है कि इतनी बड़़ी तादाद में सदस्यों ने एग्री कमोडिटी के सर्वप्रथम ग्वार सीड ऑप्शंस में सक्रियता से भाग लिया। एक्सचेंज में बढ़ती सहभागिता के साथ हमें विश्वास है कि 28 मार्च 2018 और 25 अप्रैल 2018 को समाप्त होने वाले ऑप्शंस भी कामयाब रहेंगे।

एक जिम्मेदार प्लैटफॉर्म के तौर पर हम कृषक समुदाय को सशक्त करने के लिए हमेशा समर्पित व कृत संकल्प रहे हैं और ऑप्शंस पेश करने से बड़े पैमाने पर उन्हें कमोडिटी बाजारों की मूल्य वसूली में मदद मिलेगी।“ किसानों के हाथ में इस किस्म का पहला और विशिष्ट हेजिंग टूल आ जाने से वे और ज्यादा सशक्त होंगे और इससे कमोडिटी बाजारों में किसानों की भागीदारी में वृद्धि होगी।

यह नया टूल सरल है जिससे कि कमॉडिटी बाजारों में किसानों की हेजिंग गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी और यह टूल किसानों के अनुकूल साबित होगा जिससे कमोडिटी ट्रेड में गहराई आएगी तथा उपज की बेहतर कीमतों के रूप में किसानों को फायदा होगा व साथ ही गिरावट का जोखिम भी सीमित हो जाएगा।

महंगाई गिरने के बावजूद कम नहीं होगी रेपो रेट

नई दिल्ली । फरवरी महीने के दौरान रिटेल महंगाई में आई नरमी के बावजूद इस बात की संभावना कम है कि भारतीय रिजर्व बैंक अपनी अगली एमपीसी (मौद्रिक नीति समिति) बैठक में नीतिगत दरों में कुछ बदलाव करे। यह बात एक ब्रोकरेज फर्म ने कही है।

गौरतलब है कि फरवरी महीने के दौरान सीपीआई आधारित महंगाई दर 4.44 फीसद रही है जो कि जनवरी महीने में 5.07 फीसद रही थी। अनाज के लिए बेहतर न्यूनतम न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) दिलाने के लिए बजट में किए गए वादे का जोखिम अगले वित्तीय वर्ष में मुद्रास्फीति को बढ़ा सकता है।

हालांकि सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के इकोनॉमिस्ट का मानना है कि अभी सर्वश्रेष्ठ स्थिति का आना बाकी है और आरबीआई के मुद्रास्फीति लक्ष्यों को 0.50 फीसद अंक तक कम किया जाएगा।

नीतिगत दरें तय करने वाले पैनल के लिए इसे एक “चुनौतीपूर्ण अवधि” करार देते हुए जापानी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने कहा कि बढ़ता एमएसपी एक जोखिम है और एक बार जब मुद्रास्फीति दूसरी तिमाही से बढ़ना शुरू करेगी, आरबीआई और भी आक्रामक रुख अपनाएगा।

उसने कहा, “हम मान रहे हैं कि आरबीआई साल 2018 में नीतिगत दरों को यथावत रखेगा क्योंकि बैंकिंग क्षेत्र के जोखिम अभी भी स्थायी विकास के लिए एक नकारात्मक पहलू है।”

वहीं प्रमुख घरेलू क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल का कहना है कि बीते दिन जारी हुए महंगाई के आंकड़ों ने थोड़ा सुधार दिखाया है, अगले छह महीनों तक आरबीआई की ओर से नीतिगत दरों में किसी भी बदलाव की संभावना नहीं है।

PNB स्कैमः सशर्त बैंकों के पैसे चुकाने को तैयार पंजाब नैशनल बैंक

नई दिल्ली। पीएनबी के एलओयू के आधार पर नीरव मोदी, मेहुल चौकसी और उनकी कंपनियों की तरफ से विभिन्न कंपनियों/संस्थाओं को हजारों करोड़ का भुगतान करने वाले बैंकों को पीएनबी पैसे चुकाने पर राजी हो गया है। बैंक का कहना है कि मार्च के अंत तक वह सभी लेंडर्स के पैसे का भुगतान कर देगा।

13,000 करोड़ रुपये के बैंकिंग फ्रॉड में फंसे पीएनबी ने हालांकि इसके लिए एक शर्त भी रखी है। मामले से जुड़े दो सीनियर अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी। मामले से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, ‘लेंडर बैंकों को पेमेंट करने के दौरान पीएनबी उन्हें एक लेटर सौंपेगा। 

इस लेटर के अनुसार अगर जांच में यह पाया जाता है कि पीएनबी के एलओयू पर पेमेंट करने वाले बैंकों ने जानबूझकर बुरी नीयत से अगर ऐसा किया है तो उन्हें पूरी राशि वापस लौटानी होगी।’

अधिकारी के अनुसार जैसे ही बैंक इस शर्त पर राजी हो जाएंगे पीएनबी उन्हें भुगतान कर देगा। इन बैंकों ने मोदी, मेहुल चौकसी और उनकी कंपनियों की तरफ से एलओयू के आधार पर अन्य कंपनियों को पेमेंट किया था। पीएनबी के सशर्त पैसे देने की घोषणा से यूको बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और इलाहाबाद बैंक जैसे बैंकों को राहत मिली है।

बिकवाली से सेंसेक्स 200 अंक टूटा, निफ्टी 10450 के नीचे

नई दिल्ली। लॉर्जकैप शेयरों में बिकवाली से शेयर बाजार में ऊपरी स्तरों से गिरावट रही। कारोबार के अंत में सेंसेक्स ऊपरी स्तरों से 200 अंक टूटकर 33856 के स्तर पर बंद हुआ। सोमवार के मुकाबले सेंसेक्स में 61 अंकों की गिरावट रही

वहीं, निफ्टी फ्लैट ।10421 के स्तर पर बंद हुआ। एचडीएफसी बैंक, आरआईएल, टीसीएस, इंफोसिस और आईटीसी में गिरावट रही। हालांकि पीएसयू बैंक शेयरों का प्रदर्शन बेहतर रहा है।

इसके पहले मार्केट की शुरूआत गिरावट के साथ हुई थी। लेकिन बैंकिंग शेयरों में तेजी के चलते बाजार में निचले स्तरों से अच्छी रिकवरी देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 34058 और निफ्टी ने 10458 का स्तर दिखाया। शुरू में सेंसेक्स 100 अंक टूटकर खुला था। निफ्टी भी 10400 के स्तर से नीचे आ गया था।

TCS में 6% तक की गिरावट
स्टेक सेल की खबरों से टाटा कंसल्टैंसी सर्विसेस (टीसीएस) के स्टॉक्स में 6 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी का स्टॉक बीएसई पर 5.46 फीसदी गिरकर 2,885 पर आ गया।

वहीं एनएसई पर कंपनी का शेयर लगभग 6 फीसदी टूटकर 2,872 रुपए पर आ गया। दरअसल एक दिन पहले ही खबर आई थी कि टाटा संस टीसीएस की लगभग 1.50 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर 8,200 करोड़ रुपए जुटाने की योजना बना रहा है।

बैंक शेयरों में अच्छी तेजी
मंगलवार के कारोबार में बैंक शेयरों का ट्रेंड अच्छा दिखा। कारोबार के दौरान बैंक निफ्टी 0.30 फीसदी मजबूत हुअा है। पीएसयू बैंक इंडेक्स में 2.33 फीसदी और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 0.22 फीसदी की तेजी रही है।

कारोबार के दौरान बैंक ऑफ इंडिया में 10.20 फीसदी आंध्रा बैंक में 6.54 फीसदी, बैंक ऑफ बड़ौदा में 5.98 फीसदी, यूनियन बैंक में 5.92 फीसदी, ओरिएंटल बैंक में 5.88 फीसदी, सिंडिकेट बैंक में 5.15 फीसदी, एलाहाबाद बैंक में 4.41 फीसदी, पीएनबी में 4.12 फीसदी, केनरा बैंक में 3.94 फीसदी, आईडीबीआई में 3.39 फीसदी, इंडियन बैंक में 3.38 फीसदी और एसबीआई में 2.19 फीसदी तक तेजी देखी गई।

इन शेयरों में तेजी
बाजार में कारोबार के इस दौरान विप्रो, भारती इंफ्राटेल, आईओसी, एचपीसीएल, बीपीसीएल, एसबीआई, भारती एयरटेल, सन फार्मा और आईसीआईसीआई बैंक में 2.5 फीसदी तक तेजी दिखी। वहीं, टीसीएस, एनटीपीसी, हिंडाल्को, वेदांता, ओएनजीसी, कोल इंडिया और टाटा स्टील में 0.5 से 5 फीसदी गिरावट दिख रही है।

मिडकैप में रिकवरी
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी हल्की खरीदारी दिख रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.5 फीसदी बढ़ा है, जबकि निफ्टी के मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.3 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 0.5 फीसदी तक मजबूत हुआ है।

मिडकैप शेयरों में बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक, ओबेरॉय रियल्टी, केनरा बैंक और इंडियन बैंक में तेजी है। वहीं, मिडकैप शेयरों में अदानी एंटरप्राइजेज, सेंट्रल बैंक, क्रिसिल, अपोलो हॉस्पिटल और बायोकॉन में गिरावट दिख रही है।

7 सेक्टर्स में जुलाई-सितंबर 2017 के क्वॉर्टर में नौकरियां चार गुना बढ़ीं

नई दिल्ली। देश में ऑर्गनाइज्ड सेक्टर के कुछ हिस्सों में रोजगार उपलब्ध कराने की रफ्तार बढ़ी है। लेबर ब्यूरो की ओर से सोमवार को जारी सातवें तिमाही रोजगार सर्वे डेटा के अनुसार, 2017 की जुलाई-सितंबर तिमाही में सात सेक्टर्स में 1.36 लाख नौकरियां क्रिएट हैं। यह आंकड़ा इससे पिछली तिमाही के मुकाबले दोगुने से अधिक और एक वर्ष पहले की तुलना में चार गुना से ज्यादा है।

ये आंकड़े 2013-14 की आर्थिक गणना पर आधारित हैं और इनमें 2014 के बाद बनी फर्में शामिल नहीं हैं। जुलाई-सितंबर 2017 के दौरान मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 89,000, एजुकेशन में 21,000, ट्रांसपॉर्ट में 20,000, ट्रेड में 14,000, हेल्थ में 11,000, अकॉमडेशन ऐंड रेस्ट्रॉन्ट में 2,000 और आईटी-बीपीओ में 1,000 नौकरियां पैदा हुई, जबकि कंस्ट्रक्शन सेक्टर में 22,000 नौकरियों का नुकसान हुआ। इन सेक्टर्स में 11,000 एंटरप्राइजेज काम कर रही हैं। ये सेक्टर देश की कुल ऑर्गनाइज्ड वर्कफोर्स में 81 पर्सेंट की हिस्सेदारी रखते हैं।

लेबर मिनिस्ट्री जल्द ही अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर में रोजगार का डेटा जुटाने का काम शुरू करने की योजना बना रही है। मिनिस्ट्री 10 से कम कर्मचारियों वाली यूनिट्स का तिमाही रोजगार एंटरप्राइज सर्वे पेश करना चाहती है। मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने बताया कि नीति आयोग ने इसका सुझाव दिया था।

आर्थिक गणना में देश में एंप्लॉयीज की संख्या लगभग 13 करोड़ होने की जानकारी दी गई थी। इसमें से 2.4 करोड़ ऑर्गनाइज्ड सेक्टर या 10 एंप्लॉयीज से अधिक वाली फर्मों में काम करते हैं। अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर में 10.6 करोड़ लोग हैं। अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर के सर्वे में कितने एंप्लॉयीज और कौन से सेक्टर्स को शामिल किया जाएगा, यह फैसला एक उच्च स्तरीय कमिटी करेगी।

अधिकारी ने कहा कि सरकार ने नए सर्वे के लिए अनुमति दे दी है। इसमें बड़ी संख्या में माइक्रो, स्मॉल ऐंड मीडियम एंटरप्राइसेज (एमएसएमई) को शामिल किया जाएगा। सर्वे अप्रैल में शुरू हो सकता है। पहले सर्वे का नतीजा अगले वर्ष सामने आएगा। यह सर्वे लेबर ब्यूरो के ऑर्गनाइज्ड सेक्टर के तिमाही रोजगार सर्वे के साथ जारी किया जाएगा।