Monday, July 20, 2026
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बीज निगम के अफसरों का घोटाला, 24.81 लाख का गेहूं गायब

कोटा। राजस्थान राज्य बीज निगम इकाई बारां के दो अधिकारी 24.81 लाख रुपए का गेहूं हजम कर गए। यह रॉ सीड निगम के वेयर हाउस से ग्रेडिंग के लिए प्लांट भेजा गया, लेकिन वहां इसे गायब कर दिया गया। गबन का मामला वर्ष 2013 का है। मामले में एसीबी ने दो अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

इस मामले की शिकायत ब्यूरो को वर्ष 2014 में कोटा के दादाबाड़ी निवासी मुरारीलाल खंडेलवाल ने की थी। शुरुआती जांच में सामने आए तथ्यों के बाद 23 दिसंबर, 2014 को एसीबी ने इस मामले में प्राथमिक जांच (पीई) दर्ज की और विस्तृत छानबीन के बाद जब गबन प्रमाणित पाया गया तो दो दिन पहले एसीबी मुख्यालय ने एफआईआर दर्ज कर ली।

एसीबी कोटा के एएसपी ठाकुर चंद्रशील ने बताया कि इस मामले में बारां इकाई के तत्कालीन प्लांट मैनेजर एनडी गौरी तथा बीज अधिकारी लोकेश कुमार सैनी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (1)(सी)(डी), 13 (2), भादसं की धारा 409 व 120 बी में प्रकरण दर्ज किया है।

जांच में सामने आए ये तथ्य
वेयर हाउस से 2013 में 13 से 19 नवंबर के बीच 10215 कट्टे (6405.80 क्विंटल) गेहूं ग्रेडिंग के लिए प्लांट पर भेजा गया। वहां सिर्फ 8063 कट्टे (5063.80 क्विंटल) गेहूं की ग्रेडिंग की गई। शेष 2152 कट्टे (1342 क्विंटल) गायब कर दिया गया, 1854 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से यह गेहूं 24.88 लाख का था।

इसी तरह 20-21 नवंबर तथा 27 दिसंबर को भेजे गए गेहूं में भी गबन सामने आया। अधिकारियों ने कुछ कट्टे बाद में मंगाकर गलती छिपाने का प्रयास किया, लेकिन इसके इंद्राज में भी गड़बड़ी छोड़ दी, जो जांच में सामने आ गई। पूरा मामला तब खुला, जब प्लांट के गेट पर गेहूं का इंद्राज पाया गया, लेकिन वहां के स्टॉक रजिस्टर में इंद्राज नहीं था।

मामले के शिकायतकर्ता मुरारी लाल खंडेलवाल ने बताया कि मैं पहले बीज निगम में ही ठेकेदारी करता था। जब मैंने ये गड़बड़ी देखी और निगम के उच्चाधिकारियों को बताई तो वे मेरे ही पीछे पड़ गए। मुझे लगा कि इसमें पूरा सिस्टम इन्वॉल्व है, इसलिए मैंने बीज निगम में काम करना ही छोड़ दिया और पूरे मामले की शिकायत तथ्यों के साथ एसीबी को दी। समय लगा, लेकिन मुझे उम्मीद थी कि भ्रष्ट अफसर नहीं बचेंगे।

मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी

नई दिल्ली। लोकसभा उपचुनावों में मिली सफलता के बाद विपक्ष अब सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी कर रहा है। वाईएसआर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है। हालांकि, अभी तक लोकसभा में सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस ने अपना रुख साफ नहीं किया है। पार्टी का कहना है कि वह शुक्रवार सुबह निर्णय लेगी।

वाईएसआर कांग्रेस के छह सांसदों की तरफ से वाईवी सुब्बा रेड्डी ने लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास का नोटिस दिया है। पर अभी तक यह साफ नहीं है कि वाईएसआर इस प्रस्ताव के समर्थन में पचास सांसदों का समर्थन जुटा पाती है या नहीं।

इस बीच, आंध्र प्रदेश को विशेष पैकेज नहीं मिलने से नाराज चल रही टीडीपी ने भी इस मुद्दे पर फैसला करने के लिए शुक्रवार को पोलित ब्यूरो की बैठक बुलाई है। वाईएसआर कांग्रेस ने आंध्र प्रदेश से जुड़े मुद्दे पर अविस्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है, ऐसे में टीडीपी पर इस प्रस्ताव का समर्थन करने का काफी दबाव है।

लेकिन प्रस्ताव का समर्थन करने से पहले टीडीपी को एनडीए से अलग होने का ऐलान करना पड़ेगा। क्योंकि, अभी तक टीडीपी ने सिर्फ केंद्रीय मंत्रिमंडल से अपने मंत्री हटाए हैं, पर उसने एनडीए से अलग होने का औपचारिक तौर पर कोई ऐलान नहीं किया है।

इस बीच, कांग्रेस ने गुरुवार को लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति का बहिष्कार किया। पार्टी का कहना है कि सरकार अलोकतांत्रिक रवैया अपना रही है और सदन पर अपनी मर्जी थोप रही है।

पार्टी नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि लोकसभा में वित्त विधेयक और विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों से संबंधित अनुदानों को बिना चर्चा के पारित कराया गया है। सरकार लोकतांत्रिक ढंग से आपसी सहमति से समाधान नहीं निकालना चाहती।

कोटा मंडी में नई मेथी की दस्तक, 3500 रुपये प्रति क्विंटल बिकी

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में गुरुवार को माल की कुल आवक 45 हजार बोरी की रही। लहसुन की आवक 2000 कट्टे की रही। लिवाली कमजोर रहने से सोयाबीन 50 रुपये और धान 1121 का भाव 75 रुपये क्विंटल मंदा रहा। मिलों की लिवाली निकलने से चना 100 रुपये क्विंटल उछल गया ।

 मंडी में नई मेथी की दस्तक हुई, जो  3500 रुपये प्रति क्विंटल बोली गई।मंडी में नए धनिये की 9000 बोरी की आवक हुई। एनसीडेक्स पर अप्रैल का धनिया वायदा 38 रुपये टूटकर 5353रुपये प्रति क्विंटल और मई वायदा 49 रुपये की नरमी पर 5430 रुपये प्रति क्विंटल पर बन हुआ।

गेहूं मिल 1600 से 1655 लोकवान नया 1600 से 1800 पीडी 1600 से 1750 टुकडी 1625 से 1750 गेहूं नया 1650 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल। धान सुगंधा 2600 से 2891 पूसा 1 2500 से 2825 पूसा-4 (1121) 2500 से 3311 धान (1509) 2000 से 3150 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन 2400 से 3620 सरसो 3100 से 3820 तिल्ली 6000 से 7000 रुपये प्रति क्विंटल।

मैथी 2000 से 3100 मैथी नई 3500 रुपये प्रति क्विंटल। धनिया बादामी नया 3800 से 4400 ईगल 4000 से 4600 रंगदार 5000 से 7500 धनिया पुराना 3000 से 4200 मैथी 2000 से 3100 मैथी नई 3500 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 3300 से 3800 उडद 2000 से 3251 चना 3200से 3500 चना काबुली 5000 से 6000 चना पेपसी 3300 से 3500 रुपये प्रति क्विंटल।

चना मौसमी 3000 से 3500 मसूर 3000 से 3450 ग्वार 3000से 3860 मक्का 1000 से 1250 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन नया 400 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल रहा।

चौतरफा बिकवाली से सेंसेक्स 150 अंक गिरकर बंद, निफ्टी 10400 के नीचे

नई दिल्ली। कारोबार के आखिरी घंटों में चौतरफा बिकवाली के दबाव में भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। दोपहर बाद पीएसयू बैंकों के साथ मेटल, एफएमसीजी, रियल्टी और ऑयल एंड गैस स्टॉक्स में कमजोरी से बाजार पर दबाव बना। जिससे कारोबार के अंत में सेंसेक्स 150 अंक गिरकर 33,686 अंक पर क्लोज हुआ।

वहीं निफ्टी 51 अंक टूटकर 10,360 अंक पर बंद हुआ। सेक्टरोल इंडेक्स में सबसे ज्यादा निफ्टी पीएसयू बैंक में गिरावट रही। हालांकि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में तेजी रही। कमजोर ग्लोबल संकेतों से गुरूवार को घरेलू शेयर बाजार की सपाट शुरुआत हुई थी। सपाट शुरुआत के बाद बाजार में उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला।

कारोबार के दौरान सेंसेक्स 33866.28 का हाई और 33637.28 का निचला स्तर गया। ऊपरी स्तर से सेंसेक्स में 229 प्वाइंट्स की गिरावट हुई। वहीं निफ्टी ने कारोबार के दौरान 10,420 के उच्चतम स्तर को छुआ था।

मिडकैप-स्मॉलकैप में तेजी
लार्जकैप के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में तेजी दिख रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.41 फीसदी बढ़ा है। वहीं बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.23 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है।
मिडकैप स्टॉक्स में आईडीबीआई, श्रीराम सिटी यूनियन, वक्रांगी, इंडियन होटल, सेंट्रल बैंक, कैनरा बैंक, ग्लैस्को, बैंक ऑफ इंडिया में बढ़त रही।

मेटल-रियल्टी इंडेक्स गिरे
– सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी एफएमसीजी, मेटल, प्राइवेट बैंक और रियल्टी इंडेक्स में गिरावट देखने को मिल रही है। हालांकि पीएसयू बैंक, आईटी, फार्मा और ऑटो इंडेक्स में बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। बैंक निफ्टी इंडेक्स 0.09 फीसदी की गिरावट के साथ 24,829.30 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

बीएसई ऑयल एंड गैस इंडेक्स 1.19% टूटा
– रुपए में कमजोरी और क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से ऑयल एंड गैस कंपनियों के स्टॉक्स में गिरावट से बीएसई का ऑयल एंड गैस इंडेक्स 1.19 फीसदी टूटा है। आईओसी, बीपीसीएल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, ओएनजीसी, आईओएल, आईजीएल, गेल, पेट्रोनेट औऱ रिलायंस इंडस्ट्रीज 3.62-0.40 फीसदी तक गिरे है।

अपडेट
01:24 PM
भारत डायनामिक्स IPO तीसरे दिन 57% सब्सक्राइब हुआ
– डिफेंस सेक्टर की सरकारी कंपनी भारत डायनामिक्स का आईपीओ तीसरे दिन दोपहर तक 57 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है। यह इश्यू 13 मार्च को खुला था। इश्यू का प्राइस बैंड 413-428 रुपए प्रति शेयर है। आईपीओ के जरिए कंपनी 960 करोड़ रुपए जुटाएगी। भारत डायनामिक्स के आईपीओ के तहत सरकार 22,451,953 इक्विटी शेयरों की बिक्री करेगी। सरकार कंपनी में अपनी 12 फीसदी हिस्सेदारी बेच रही है। इससे कंपनी को लिस्टिंग का भी फायदा मिल सकेगा।

11:20 AM
बोनस इश्यू की खबर से MMTC में 16% का उछाल
– गुरूवार के कारोबार में एमएमटीसी के स्टॉक्स में 14 फीसदी का उछाल देखने को मिला। कंपनी ने एक्सचेंज को बताया कि बोनस इश्यू के लिए 19 मार्च को बोर्ड की बैठक होगी। इस खबर से गुरूवार को बीएसई पर स्टॉक 15.84 फीसदी बढ़कर 59.95 रुपए के भाव पर पहुंच गया।

11:03 AM
बंधन बैंक का IPO सब्सक्रिप्शन के लिए खुला
– बंधन बैंक का इनिशल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) आज से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है और यह 19 मार्च तक खुला रहेगा। बंधन बैंक ने आईपीओ के लिए 370-375 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। बंधन बैंक की आईपीओ से 4,473 करोड़ रुपए जुटाने की योजना है।

10:13 AM
22 मार्च को खुलेगा ICICI Securities का IPO
– ICICI Securities के इनिशल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) का प्राइस बैंड तय हो गया है। आईसीआईसीआई बैंक ने कहा कि ICICI Securities के आईपीओ का प्राइस बैंड 519 से 520 रुपए प्रति शेयर तय किया गया है।

09:32 AM
आज ले खुल रहा है बंधन बैंक का IPO
– प्राइवेट सेक्टर लेंडर बंधन बैंक लिमिटेड का आईपीओ आज से खुल रहा है। बैंक का लक्ष्‍य इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग के जरिए मार्केट से 4473 करोड़ रुपए (688.6 मिलियन डॉलर) जुटाने का है। आईपीओ 15 मार्च से 19 मार्च तक खुला रहेगा।

09:29 AM
DII-FII ने की बिकवाली
– बुधवार के कारोबार में फॉरेन इन्वेस्टर्स के साथ डोमेस्टिक इन्वेस्टर्स ने घरेलू बाजार में बिकवाली की। फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने 258.98 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। वहीं डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने 432.03 करोड़ रुपए बाजार से निकाले।

09:26 AM
एशियाई बाजारों में गिरावट
– अमेरिकी बाजारों से मिले संकेतों से गुरूवार को एशियाई बाजारों में कमजोरी देखने को मिल रही है। सिंगापुर का एसजीएक्स निफ्टी इंडेक्स 0.19 फीसदी की गिरावट के साथ 10,410 अंक पर कारोबार कर रहा है। जापान का बाजार निक्केई 102 अंक टूटकर 21,674 अंक पर कारोबार कर रहा है। हालांकि हैंग सेंग 38 अंक की बढ़त के साथ 31,472 अंक पर कारोबार कर रहा है।
– कोरियाई बाजार का इंडेक्स कोस्पी सपाट है, जबकि ताइवान इंडेक्स 0.08 फीसदी की बढ़त के साथ 11,043 अंक पर कारोबार कर रहा है। शंघाई कम्पोजिट में 0.09 फीसदी की मामूली बढ़त दिख रही है। वहीं स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स 0.49 फीसदी टूटकर 3522 अंक पर कारोबार कर रहा है।

09:24 AM
रुपया 11 पैसे की गिरावट के साथ खुला
– सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन रुपए की कमजोर शुरुआत हुई। डॉलर के मुकाबले रुपया 11 पैसे की गिरावट के साथ 64.93 के स्तर पर खुला। हालांकि बुधवार को रुपए में मजबूती देखने को मिली थी। डॉलर के मुकाबले रुपया 7 पैसे की मजबूती के साथ 64.82 के स्तर पर बंद हुआ था।

09:24 AM
ट्रेड वार के डर से फिसले अमेरिकी बाजार
– बुधवार के कारोबार में डाओ जोंस 249 अंक की गिरावट के साथ 24,758 अंक पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 16 अंक टूटकर 2,749 अंक पर बंद हुआ। नैस्डैक 14 अंक गिरकर 7,497 अंक पर बंद हुआ।

प्राइवेट सेक्‍टर के कर्मचारियों को मिलेगी 20 लाख तक टैक्‍स फ्री ग्रेच्‍युटी

नई दिल्‍ली। लोकसभा ने बृहस्‍पतिवार को दो अहम बिल पेमेंट ऑफ ग्रेच्‍युटी अमेंडमेंट बिल और स्‍पेसिफिक रिलीफ अमेंडमेेंट बिल को मंजूरी दे दी है। ये दोनों बिल बिना बहस के पास हो गए। हालांकि विपक्षी सदस्‍यों ने इन बिलों पर बहस और मत विभाजन की मांग की थी। लेकिन विपक्ष के हंगामे के बीच बिल को बिना बहस के ही ध्‍वनिमत से पारित कर दिया गया।

पेमेंट ऑफ ग्रेच्‍युटी एक्‍ट में प्रावधान था कि प्राइवेट सेक्‍टर में काम करने वाले कर्मचारी को 10 लाख रुपए से ज्‍यादा ग्रेच्‍युटी नहीं दी जा सकती है। संशोधन के बाद अब प्राइवेट सेक्‍टर में काम करने वाले कर्मचारियों को 20 लाख रुपए तक टैक्‍स फ्री ग्रेच्‍युटी मिल सकेगी।

केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए पहले ही 20 लाख रुपए तक टैक्‍स फ्री ग्रेच्‍युटी का पावधान है। ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधि काफी लंबे समय से प्राइवेट सेक्‍टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए ग्रेच्‍युटी की सीमा 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 20 लाख रुपए करने की मांग कर रहे थे।

इसलिए नहीं हो सकी बहस
लोकसभा अध्‍यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदस्‍यों से कहा कि वे खासकर पेमेंट ऑफ ग्रेच्‍युटी अमेंडमेंट बिल पर डिबेट चाहती हैं। लेकिन विपक्षी सदस्‍यों के हंगामे और टीडीपी सदस्‍यों की नारेबाजी के बीच उन्‍होंने श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष कुमार गंगवार को बिल और अमेंडमेंट पेश करने की अनुमति दे दी।

आरएसपी सदस्‍य एनके प्रेमचंद्रन और कांग्रेस के दस्‍य अधीर रंजन चौधरी ने कटौती प्रस्‍ताव पेश किया लेकिन उनका प्रस्‍ताव ध्‍वनि मत से खारिज हो गया और सरकार की ओर से पेश किए गए अमेंडमेंट को स्‍वीकार कर लिया गया।

सरकार तय कर सकेगी अधिकतम मैटरनिटी लीव
बिल पास होने से अब सरकार तय कर सकेगी कि किसी कर्मचारी को अधिकतर कितनी मैटरनिटी लीव दी जा सकती है। 1991 एक्‍ट के तहत अधिकतम मैटरनिटी लीव को मैटरनिटी बेनेफिट अमेंडमेंट एक्‍ट 2017 के जरिए 12 सप्‍ताह से बढ़ाकर 26 सप्‍ताह तक कर दिया गया था। अब यह बिल केंद्र सरकार को यह अधिकार देता है कि वह अधिकतम मैटरनिटी लीव की संख्या तय कर सके।

अब शहरों में 70 की स्पीड पर भी नहीं कटेगा चालान, केंद्र ने दी मंजूरी

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नई दिल्ली। अब आप शहरी इलाके में यदि 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से कार चलाएंगे तो पुलिस आपका चालान नहीं काटेगी। केंद्र सरकार ने अपनी तरह के ऐसे पहले फैसले में शहरी इलाकों में कार की अधिकतम गति सीमा 70 किमी प्रति घंटा किए जाने को मंजूरी दी है। इससे पहले यह गति सीमा 60 किमी प्रति घंटा ही थी।

सरकार ने कार्गो करियर्स की गति को 60 किमी प्रति घंटा और टू-वीलर्स के लिए 50 किमी प्रति घंटा तक करने का आदेश दिया है। हालांकि राज्य सरकारें और स्थानीय प्रशासन सड़क पर चलने वाले अन्य वाहनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर कैटिगिरी में गति सीमा को घटाने का आदेश दे सकता है।

अब तक केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ही अलग-अलग श्रेणी के वाहनों की गति को तय करने का काम करता था। इसके अलावा कुछ ग्रे एरियाज तय किए जाते थे, जिनमें राज्य सरकारें भी अधिकतम गति की सीमा को निर्धारित नहीं कर सकती थीं।

फिलहाल स्थानीय प्रशासनों ने गति सीमा को 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक तय की है। सूत्रों ने बताया कि रिंग रोड्स की संख्या में इजाफा और शहरों में बाहरी सड़कों में इजाफा हुआ है। इसके चलते अब सड़क परिवहन मंत्रालय ने शहरी इलाकों में गति सीमा को बढ़ाने का आदेश दिया है।

एक अधिकारी ने कहा, ‘अब तक गति सीमा को घटाने का पूरा अधिकार राज्यों और स्थानीय एजेंसियों पर होता था। अब भी वे यह तय कर सकेंगे कि किस सड़क पर कितनी स्पीड से कौन सी गाड़ी चल सकेगी।’

‘5% ज्यादा स्पीड पर अब नहीं होगा ऐक्शन’
सड़क परिवहन मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक अधिकतम गति सीमा से 5 फीसदी अधिक स्पीड से चलने वाले वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस संबंध में जल्दी ही नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है।

शहरी क्षेत्रों में वाहनों की अधिकतम गति सीमा के इजाफे का फैसला ऐसे वक्त में लिया गया है, जब पूरे देश में सड़क हादसों पर लगाम के लिए अधिकतम गति सीमा को कम किए जाने की मांग की जा रही है।

PNB फ्रॉड : 9.9 करोड़ रुपये का एक और घोटाला

नई दिल्ली। PNB में एक और धोखाधड़ी पंजाब नैशनल बैंक ने अपनी ब्रांच में एक और धोखाधड़ी पकड़ी। करीब 9.9 करोड़ रुपये की नई धोखाधड़ी उसी ब्रांच में हुई जिससे नीरव मोदी की कंपनियों को LOUs जारी किया गया। मामले की शिकायत सीबीआई से कर दी गई है। 

पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) में एक और धोखाधड़ी का पता चला है। पीएनबी ने अपनी मुंबई की उसी शाखा से करीब 9.9 करोड़ रुपये की फर्जीवाड़े का पता लगाया है, जहां से नीरव मोदी और मेहुल चौकसी का मामला जुड़ा हुआ है। बैंक ने इसकी शिकायत पुलिस में कर दी है। 

सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) की वेबसाइट पर प्रकाशित कंप्लेंट के मुताबिक, नए फर्जीवाड़े में चांदरी पेपर ऐंड अलायड प्रॉडक्ट्स प्राइवेट लि. के अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई है।

सरकारी बैंकों के निजीकरण के पक्ष में हैं RBI गवर्नर?
गौरतलब है कि 14 फरवरी को पीएनबी की मुंबई स्थित ब्रैडी हाउस ब्रांच के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से जारी फर्जी लेटर ऑफ अंडरस्टैंडिंग्स (एलओयूज) के जरिए 11,200 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड का मामला सामने आने से देशभर में हड़कंप मच गया था। इसकी जानकारी पीएनबी की ओर से शेयर बाजार को दी गई रिपोर्ट से मिली थी। बाद में फर्जीवाड़े की रकम बढ़कर 13,000 करोड़ रुपये हो गई।

स्मार्ट सिटी टेस्ट में पुणे को 5 और बेंगलुरु को 3 अंक

नई दिल्ली। केंद्र सरकार पिछले चार सालों से शहरों को स्मार्ट बनाने की कवायद में जुटी है। लेकिन देश के ज्यादातर शहर स्मार्ट सिटी के पैमाने पर महज पासिंग मार्क्स ही बटोर पा रहे हैं। किसी भी शहर के पास 60% नंबर नहीं हैं।

बेंगलुरु स्थित सेंटर फॉर सिटिजनशिप एंड डेमोक्रेसी के सालाना इंडियाज सिटी सिस्टम-2018 सर्वे में सामने आया है कि 54% शहरी निकाय यानी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन इतनी भी कमाई नहीं कर पाते कि अपने स्टाफ को सैलरी दे सकें। कई शहरों के निकायों में तो 35% से ज्यादा पद खाली पड़े हैं।

इसके अलावा शहरों के सुधार और विकास का जिम्मा संभालने वाले अधिकारियों और कमिश्नरों का औसत कार्यकाल भी महज 10 महीने का ही है।

सर्वे में शामिल हुए 20 राज्य
– इस सर्वे में देश के 20 राज्यों के 23 शहर शामिल थे। सर्वे में शहरी प्रशासन से जुड़े नियम, कानून नीतियों और संस्थागत प्रक्रिया ढांचे को आधार बनाते हुए शहरों को रेटिंग दी गई।
– शहरी व्यवस्थाओं के मामले में फिलहाल पुणे टॉप पर है और बेंगलुरू सबसे निचले पायदान पर है।
– 10 के पैमाने पर पुणे ने 5.1 अंक हासिल किए हैं। वहीं बेंगलुरु को केवल तीन अंक मिले। दिल्ली इसमें छठे नंबर पर है। इस सर्वे में देश का कोई भी शहर 5 से ज्यादा अंक लाने में नाकाम रहा है।

1. पांच साल में बदल गए छह कमिश्नर
– रिपोर्ट के मुताबिक बीते पांच साल में पुणे, भुवनेश्वर, सूरत में तीन कमिश्नर बदले गए।
– तिरुअनंतपुरम में पांच साल में छह बार कमिश्नर बदले गए। वहीं निचले पायदान पर मौजूद शहरों में पटना में पांच सालों में 5 से ज्यादा कमिश्नर रहे, देहरादून में भी पांच साल में छह से ज्यादा कमिशनर बदले गए, वहीं, चेन्नई, बेंगलुरू और चंडीगढ में चार बार कमिशनर बदल गए।
2. मेयर का कार्यकाल भी सिर्फ 1 साल का
– नगर निगमों का मेयर का कार्यकाल भी एक बड़ी समस्या है।
– दिल्ली, बेंगलुरु, चंडीगढ़ जैसे शहरों में मेयर का कार्यकाल महज एक साल का है। यही वजह है कि दिल्ली का विकास सबसे ज्यादा प्रभावित रहता है।
– दिल्ली में तीन निगम है और तीनों नगर निगमों में मेयर हर साल चुने जाते हैं। चुनाव प्रक्रिया में ही दो महीने गुजर जाते हैं। वहीं मेयर को तीन से चार महीने कामकाज समझने में लग जाते हैं।
– छह महीने में जितनी फाइलें आगे बढ़ती हैं, उनमें से कई नए मेयर के आने के बाद कैंसिल भी हो जाते हैं।
सर्वे के मुताबिक, बेंगलुरु, चंडीगढ़ जैसे शहरों में मेयर का कार्यकाल महज एक साल का है। छह महीने में जितनी फाइलें आगे बढ़ती हैं, उनमें से कई नए मेयर के आने के बाद कैंसिल भी हो जाते हैं।
पांच बड़ी चुनौतियां जिनसे निपटना जरूरी
– सार्वजनिक जगह की आधुनिक प्लानिंग
– वित्तीय संसाधनों की कमी
– स्किल्ड मैनपावर होना
– शक्तिहीन मेयर, सिटी काउंसिल और सरकारी एजेंसियों में तालमेल की कमी
– लोगों की कम भागीदारी, पारदर्शिता की कमी
क्वालिटी लाइफ के लिए लगेगा लंबा वक्त
सेंटर फॉर सिटीजनशिप एंड डेमोक्रेसी के डिप्टी हेड अनिल नायर कहते हैं कि 23 शहरों में से 12 शहर के अंक 3 से 5 के बीच हैं। जबकि स्मार्ट सिटी के लिए किसी शहर के पास आठ से ज्यादा से अंक होने चाहिए। मतलब साफ है कि शहरों में क्वालिटी लाइफ के लिए अभी लोगों को लंबा इंतजार करना होगा।
– “अभी शहरों में प्रदूषण, आग की घटनाएं, बिल्डिंग गिरना, डेंगू जैसी बीमारियों का प्रकोप, कूड़े की समस्या और जलभराव की दिक्कतें आम हैं। सरकार के पास इन समस्याओं का समाधान निकालने के लिए एक्सपर्ट ही नहीं है।”
कमियां हैं, जल्दी ही दुरुस्त होगा सिस्टम
– केंद्रीय शहरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप पुरी कहते हैं कि मौजूदा सिस्टम में खामियां हैं, जिन्हें सुधारने की कवायद चल रही है। कई शहरों में तो सांस लेना भी दूभर होता जा रहा है।
– “स्मार्ट शहरों में राज्य सरकारों की भागीदारी भी अहम है। उन्हें भी अपने शहरों के बारे में सोचना होगा। केंद्र तो वित्तीय रूप से मदद करेगी ही लेकिन शहरों को भी अपने फंड खुद अर्जित करने होंगे।”

सेंसेक्स 50 अंक कमजोर, निफ्टी 10400 के नीचे

नई दिल्ली। ग्लोबल मार्केट से मिले संकेतों से गुरूवार को भारतीय शेयर बाजार की सपाट शुरुआत हुई। सेंसेक्स 8 अंक की बढ़त के साथ 33,843 अंक पर खुला, जबकि निफ्टी की शुरुआत 5 अंकों की गिरावट के साथ 10,405 अंक पर हुई। हैवीवेट आईसीआईसीआई बैंक, एचयूएल, एसबीआई, इंफोसिस, आईटीसी, एचडीएफसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और मारुति में गिरावट से सेंसेक्स 50 अंक फिसल गया।

मिडकैप-स्मॉलकैप में तेजी
लार्जकैप के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में तेजी दिख रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.41 फीसदी बढ़ा है। वहीं बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.23 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है।
मिडकैप स्टॉक्स में आईडीबीआई, श्रीराम सिटी यूनियन, वक्रांगी, इंडियन होटल, सेंट्रल बैंक, कैनरा बैंक, ग्लैस्को, बैंक ऑफ इंडिया में बढ़त रही।

मेटल-रियल्टी इंडेक्स गिरे, आईटी में तेजी
– सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी एफएमसीजी, मेटल, प्राइवेट बैंक और रियल्टी इंडेक्स में गिरावट देखने को मिल रही है। हालांकि पीएसयू बैंक, आईटी, फार्मा और ऑटो इंडेक्स में बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। बैंक निफ्टी इंडेक्स 0.09 फीसदी की गिरावट के साथ 24,829.30 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

बीएसई ऑयल एंड गैस इंडेक्स 1.19% टूटा
– रुपए में कमजोरी और क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से ऑयल एंड गैस कंपनियों के स्टॉक्स में गिरावट से बीएसई का ऑयल एंड गैस इंडेक्स 1.19 फीसदी टूटा है। आईओसी, बीपीसीएल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, ओएनजीसी, आईओएल, आईजीएल, गेल, पेट्रोनेट औऱ रिलायंस इंडस्ट्रीज 3.62-0.40 फीसदी तक गिरे है।

Update
09:32 AM
आज खुल रहा है बंधन बैंक का IPO
– प्राइवेट सेक्टर लेंडर बंधन बैंक लिमिटेड का आईपीओ आज से खुल रहा है। बैंक का लक्ष्‍य इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग के जरिए मार्केट से 4473 करोड़ रुपए (688.6 मिलियन डॉलर) जुटाने का है। आईपीओ 15 मार्च से 19 मार्च तक खुला रहेगा।
09:29 AM
DII-FII ने की बिकवाली
– बुधवार के कारोबार में फॉरेन इन्वेस्टर्स के साथ डोमेस्टिक इन्वेस्टर्स ने घरेलू बाजार में बिकवाली की। फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एफआईआई) ने 258.98 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। वहीं डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने 432.03 करोड़ रुपए बाजार से निकाले।
09:26 AM
एशियाई बाजारों में गिरावट
– अमेरिकी बाजारों से मिले संकेतों से गुरूवार को एशियाई बाजारों में कमजोरी देखने को मिल रही है। सिंगापुर का एसजीएक्स निफ्टी इंडेक्स 0.19 फीसदी की गिरावट के साथ 10,410 अंक पर कारोबार कर रहा है। जापान का बाजार निक्केई 102 अंक टूटकर 21,674 अंक पर कारोबार कर रहा है। हालांकि हैंग सेंग 38 अंक की बढ़त के साथ 31,472 अंक पर कारोबार कर रहा है।
– कोरियाई बाजार का इंडेक्स कोस्पी सपाट है, जबकि ताइवान इंडेक्स 0.08 फीसदी की बढ़त के साथ 11,043 अंक पर कारोबार कर रहा है। शंघाई कम्पोजिट में 0.09 फीसदी की मामूली बढ़त दिख रही है। वहीं स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स 0.49 फीसदी टूटकर 3522 अंक पर कारोबार कर रहा है।
09:24 AM
रुपया 11 पैसे की गिरावट के साथ खुला
– सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन रुपए की कमजोर शुरुआत हुई। डॉलर के मुकाबले रुपया 11 पैसे की गिरावट के साथ 64.93 के स्तर पर खुला। हालांकि बुधवार को रुपए में मजबूती देखने को मिली थी। डॉलर के मुकाबले रुपया 7 पैसे की मजबूती के साथ 64.82 के स्तर पर बंद हुआ था।
09:24 AM
ट्रेड वार के डर से फिसले अमेरिकी बाजार
– बुधवार के कारोबार में डाओ जोंस 249 अंक की गिरावट के साथ 24,758 अंक पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 16 अंक टूटकर 2,749 अंक पर बंद हुआ। नैस्डैक 14 अंक गिरकर 7,497 अंक पर बंद हुआ।

अमेरिका ने भारत की एक्सपोर्ट सब्सिडी को WTO में दी चुनौती

वॉशिंगटन। अमेरिका ने भारत की एक्सपोर्ट सब्सिडी स्कीम को विश्व व्यापार संगठन में यह कहते हुए चुनौती दी है कि ऐसी नीतियां अमेरिकी कार्मिकों के खिलाफ हैं। यूएस ट्रेड रेप्रिजेंटेटिव (यूएसटीआर) ने कहा कि भारत के कई प्रोग्राम भारतीय निर्यातकों को ऐसी सहूलियत देते हैं कि वे अमेरिका में अपना सामान सस्ते दामों पर बेच सकते हैं और यह अमेरिका के कार्मिकों और मैन्युफैक्चर्स के खिलाफ है।

यूएस ट्रेड रेप्रिजेंटेटिव के मुताबिक स्पेशल इकनॉमिक जोन, इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेअर टेक्नॉलजी पार्क और एक्सपोर्टर प्रमोशन कैपिटल गुड्स स्कीम सहित ऐसी आधा दर्जन प्रोग्राम इसमें शामिल हैं। ट्रेड रेप्रिजेंटेटिव रॉबर्ट लाइटहाइजर ने कहा, ‘यूएसटीआर अपने व्यापारिक सहयोगियों के साथ अमेरिका के व्यापारिक हितों को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

इसके लिए वह विश्व व्यापार संगठन सहित अन्य मंचों पर निष्पक्ष और पारस्परिक व्यापार को बढ़ावा देगा।’ बता दें कि लाइटहाइजर की तरफ से यह बयान उस समय आया है जबकि भारत के विदेश सचिव विजय गोखले अपनी पहली अमेरिकी यात्रा पर वहां पहुंचे हैं। उनका यूएसटीआर के साथ मिलने का कार्यक्रम भी पूर्वनिर्धारित है।

एक वक्तव्य में यूएसटीआर ने यह आरोप लगाया है कि भारत की नीतियां कुछ खास टैक्स और फी को माफ कर देती हैं जिससे भारतीय निर्यातकों को लाभ मिलता है। इन नीतियों से स्टील, दवाइयां, केमिक, इन्फर्मेशन टेक्नॉलजी प्रॉडक्ट्स, टेक्सटाइल आदि निर्यातकों को लाभ मिलता है।

भारत सरकार के दस्तावेजों के मुताबिक हर साल इन नीतियों से भारतीय निर्यातकों को 7 अरब डॉलर का लाभ होता है। यूएसटीआर के मुताबिक, ऐसी सब्सिडी स्कीम्स बाजार प्रतियोगिता में लाभार्थियों को अनुचित लाभ पहुंचा रही हैं। उन्होंने कहा कि कुछ खास विकासशील देशों को निर्यात में ऐसी सब्सिडी दिए जाने से छूट है।

इन देशों में 2015 तक भारत भी शामिल था लेकिन अब वह इनमें शामिल नहीं है और उसने अपनी एक्सपोर्ट सब्सिडी को वापस भी नहीं लिया है। यूएसटीआर का यह भी आरोप है कि भारत ने इन सब्सिडी को हटाने के बजाए इन प्रोग्राम को और ज्यादा बढ़ावा दिया है।

यूएसटीआ का आरोप है कि भारत ने 2015 के मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडिया स्कीम शुरू की थी जिसमें 8,000 से ज्यादा सामानों को शामिल किया गया है जिनकी संख्या इसके शुरू होने के समय इसकी आधी थी। इसी तरह साल 2000 से 2017 के बीच स्पेशल इकनॉमिक जोन से होने वाला एक्सपोर्ट 6,000 पर्सेंट बढ़ गया है।

साल 2016 में भारत से होने वाला 30 पर्सेंट एक्सपोर्ट स्पेशल इकनॉमिक जोन्स से हो रहा है जिसकी कीमत लगभग 82 अरब डॉलर है। यूएसटीआर ने यह भी कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक हार्टवेअर टेक्नॉलडी स्कीम जैसी सेक्टर स्पेसिफिक स्कीम्स के कारण साल 2000 से 2016 के बीच एक्सपोर्ट में 160 पर्सेंट का इजाफा हुआ है।

यूएसटीआर ने अपने वक्तव्य में कहा है कि विश्व व्यापार संगठन के नियमों के मुताबिक भारत और अमेरिका पहले आपसी विचार-विमर्श से इस मुद्दे को सुलझाएंगे लेकिन अगर ऐसा करने में दोनों देश असफल रहते हैं तो यूएसटीआर विश्व व्यापार संगठन के डिस्प्यूट सेटलमेंट पैनल से इस मामले की समीक्षा किए जाने का अनुरोध कर सकता है।