Tuesday, July 21, 2026
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एसएससी परीक्षा में हाइटेक नकल गिरोह पकड़ा, कोटा में 4 गिरफ्तार

कोटा/अजमेर। कर्मचारी चयन आयोग, नई दिल्ली द्वारा देशभर में आयोजित की जा रही कमांड हायर सैकंडरी लेवल (10+2) 2017 परीक्षा में हाईटेक गैंग द्वारा नकल के नया पैंतरा अपनाते हुए पेपर हल करवाने का सनसनीखेज मामला सामने आया हैं। जयपुर कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की तरह यहां बदमाशों ने कंप्यूटर को रिमोट एक्सेस पर नहीं लिया बल्कि जिस रूम में अभ्यर्थी पेपर दे रहे थे, उसी के बगल वाले दूसरे रूम से बैठकर बदमाशों ने नकल करवाने का काम किया।

इसके लिए बदमाशों ने कंप्यूटर एलसीडी और सीपीयू को जोड़ने वाली वीजीए केबल में स्पिलिट डिवाइस लगाकर अंजाम दिया। यानी इस नकल में भी रिमोट एक्सेस प्रणाली की तरह अभ्यर्थी सिर्फ कंप्यूटर स्क्रीन पर सामने परीक्षा देते नजर आ रहा था, लेकिन पेपर हल दीवार के पीछे बैठा व्यक्ति कर रहा था।

एसपी अंशुमन भौमिया ने बताया कि रेलवे कॉलोनी स्थित कोटा बाल विद्यालय में चल रहे प्रेरणा कोचिंग सेंटर पर अभ्यर्थियों से पैसा लेकर पेपर हल करवाने वाले चार बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दो मुख्य सरगना फिलहाल फरार हैं।

वहीं अजमेर में पुलिस कांस्टेबल भर्ती ऑनलाइन परीक्षा के कायड़ स्थित परीक्षा केंद्र अजमेर इन्फोटेक में भी अभ्यर्थियों से चार-चार लाख रुपए लेकर नकल कराने वाले हाइटेक नकल गिरोह ने एसएससी परीक्षा केंद्र पर भी गड़बड़ी कर कई अभ्यर्थियों को नकल कराई थी। जांच में खुलासा हुआ है।

स्कूल किराये पर लिया, दीवार में छेद से जोड़े कंप्यूटर
एसएससी की परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ होने से पूरे सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। कोटा शहर में इस परीक्षा के 6 सेंटर बनाए गए हैं। परीक्षा 4 मार्च से तीन पारियों में चल रही है, जो 25 मार्च तक चलेगी। परीक्षा करवाने वाली कंपनी सीफी ने परीक्षा सेंटरों और कंप्यूटर सिस्टम जांचने के लिए 3 मार्च को अचानक सेंटरों पर मॉकड्रिल करवा दी।

नकल रोकने के लिए कंपनी ने सभी कंप्यूटरों से वो सिस्टम हटा दिए, जिसके जरिए बदमाश वाई-फाई, पैन ड्राइव, जैसी डिवाइस के जरिए हाईटेक नकल करवा सकें। मॉकड्रिल के बाद हुए इस बदलाव से बदमाशों ने आनन-फानन में दीवार में गड्ढा किया। ताकि कंप्यूटर स्क्रीन और सीपीयू को जोड़ने वाली वीजीए केबल में स्पेलिटर डिवाइस लगाकर नकल करवाई जा सके।

इस स्कूल में सिलाई सिखाने का काम भी चलता है और यह गड्ढा उसी दीवार पर किया गया, जहां सिलाई मशीन चलती थी। अगर सीफी कंपनी ऐनवक्त पर मॉकड्रिल नहीं करवाती तो कोटा में जयपुर से भी बड़ा फर्जीवाड़ा हो सकता था।

जयपुर में फर्जी आईडी बना परीक्षा में बैठे, 3 गिरफ्तार : जयपुर के प्रतापनगर थाना इलाके में अपने साथी को एसएससी की परीक्षा पास कराने के लिए दो युवक फर्जी आईडी बनाकर परीक्षा देने आ गए। तीनों को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आराेपी विवेक और सतीश बिहार के तथा महेन्द्र उप्र का रहने वाला है।

पुलिस ने बताया कि वीआईटी कॉलेज में शनिवार को 10 से 11 एसएससी यूडीसी की परीक्षा चल रही थी। सतीश और महेन्द्र मिलकर विवेक को पास कराने के लिए आए थे। 

पूछताछ में सामने आया है कि बदमाशों ने 20-25 दिन पहले ही 50 हजार रुपयों में सेंटर के लिए स्कूल किराए पर लिया था। यहीं से ऑनलाइन पेपर हल करके सब्मिट करवाया जा रहा था। फिलहाल सिर्फ 3 अभ्यर्थियों को इस तरह नकल कराने की बात कबूली है। बदमाश एक अभ्यर्थी को नकल कराने के एवज में करीब 5 लाख रुपए ले रहे थे।

कोटा में पकड़े गए चारों बदमाश : पुलिस ने दयाराम शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा, रामबाबू गुर्जर, राहुल सिंह चार आरोपियों को शुक्रवार देर रात गिरफ्तार किया हैं। बदमाश मथुरा और हरियाणा के रहने वाले हैं, जो आईटी एक्सपर्ट हैं। सभी प्रेरणा कोचिंग सेंटर के कर्मचारी हैं। चारों को शनिवार को कोर्ट में पेश कर 21 मार्च तक पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया है।

लिवाली कमजोर रहने से धनिया 100 से 150 रुपये ढीला

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में शनिवार को लिवाली कमजोर रहने से धनिया 100 रुपये ढीला रहा , जबकि रामगंजमंडी में भाव 150 रुपये क्विंटल लुढ़क गया। आवक की कमी से उडद 50 रुपये और धान 25 रुपये क्विंटल रुपये तेज बोला गया। कमजोर उठाव से सरसों 25 रुपये क्विंटल मंदी रही। कोटा मंडी में 8000 और रामगंजमंडी में 25 हजार बोरी धनिया की आवक हुई। माल की कुल आवक 45 हजार बोरी और लहसुन की 3000 कट्टे की रही। 

गेहूं मिल 1600 से 1625 लोकवान नया 1600से 1800 पीडी 1600 से 1750 टुकडी 1625 से 1750 गेहूं नया 1650 से 2050 रुपये प्रति क्विंटल। धान सुगंधा 2600 से 2851 पूसा-1 2500 से 2825 पूसा-4 (1121) 2500 से 3325 धान (1509) 2000 से 3150 सोयाबीन 2400 से 3660 सरसो 3100 से 3800 तिल्ली 6000 से 7000 रुपये प्रति क्विंटल।

मैथी 2000 से 3100 मैथी नई 3550 धनिया बादामी नया 3800 से 4400 ईगल 4000 से 4600 रंगदार 5000 से 7500 धनिया पुराना 3000 से 4250 रुपये प्रति क्विंटल। मूंग 3300 से 3800 उडद 2000 से 3401 चना 3200 से 3550 चना काबुली 5000 से 6000 रुपये प्रति क्विंटल।

चना पेपसी 3300 से 3500 चना मौसमी 3000 से 3500 मसूर 3000 से 3450 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 3000से 3860 मक्का 1000 से 1250 जौ 1100 से 1200 ज्वार 1300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल। लहसुन नया 250 से 1800 रुपये प्रति क्विंटल रहा। 

जेसीआई कोटा स्टार ने सरकारी विद्यालय में आरओ सिस्टम लगाया

कोटा। जेसीआई कोटा स्टार की ओर से शनिवार को आदर्श राजकीय माध्यमिक विद्यालय रंगबाड़ी में आरओ सिस्टम भेंट किया गया। कार्यक्रम निदेशक गोपाल सोनी ने बताया कि विद्यालय मे बच्चों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए आरओ की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।

जेसीआई के ‘‘सुजल’’ कार्यक्रम के अंतर्गत आरओ सिस्टम लगाया है। यह विद्यालय संस्था द्वारा गोद ले रखा है। अध्यक्ष आशुतोष जैन ने बताया कि महिला दिवस पर इस विद्यालय की 51 बालिकाओ को पढ़ाई के लिये गोद लिया था। उन 51 बालिकाओं को स्कूल ड्रेस भी वितरित की गई है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जेसीआई इंडिया के उपाध्यक्ष मनीष खाटूवाला रहे। उन्होंने बच्चो प्रोत्साहित करते हुए कहा कि बच्चों को दिन में सपने देखने चाहिए और उन सपनों को पूरा करने के लिए पूरी जीवटता से प्रयास करना चाहिए। शाला प्रधान शकुंतला मेघवंशी ने धन्यवाद दिया।

इस अवसर पर जोन अध्यक्ष मेघना शक्तावत, उपाध्यक्ष जितेश, मनदीप, पूर्व अध्यक्ष संजय गोयल, मनोज जैन, सन्जय शर्मा, आशीष जैन, सचिव विशाल रस्तोगी, रवि गर्ग, चेयरपर्सन मोनिका जैन, पूर्व चेयरपर्सन सुनीता गोयल, दीप्ती गर्ग, रिचा रस्तोगी समेत कईं लोग उपस्थित थे।

भारत का जीएसटी दुनिया में सबसे जटिल कर प्रणाली: world Bank

नई दिल्ली। विश्व बैंक का कहना है कि भारत की वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली दुनिया की सबसे जटिल कर प्रणालियों में से एक है। इसमें न केवल सबसे उच्च कर दर शामिल है बल्कि इस प्रणाली में सबसे अधिक कर के स्लैब भी हैं। वर्ल्ड बैंक ने कहा है कि भारत उच्च मानक जीएसटी दर मामले में एशिया में पहले और चिली के बाद विश्व में दूसरे स्थान पर है।

वर्ल्ड बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा, “भारतीय जीएसटी प्रणाली में कर की दर दुनिया में सबसे अधिक है। भारत में उच्चतम जीएसटी दर 28 प्रतिशत है। यह 115 देशों में दूसरी सबसे ऊंची दर है, जहां जीएसटी (वैट) प्रणाली लागू है।” भारतीय जीएसटी प्रणाली को जो चीज और जटिल बनाती है वह विभिन्न श्रेणियों की वस्तुओं और सेवाओं पर लागू होने वाली अलग-अलग जीएसटी दरों की संख्या है।

पाकिस्तान और घाना की श्रेणी में भारत
विश्व बैंक ने बुधवार को इंडिया डेवलपमेंट अपडेट की छमाही रिपोर्ट जारी की थी। इसमें विश्व बैंक ने भारत में लागू जीएसटी को पाकिस्तान और घाना की श्रेणी में रखा है। रिपोर्ट के अनुसार 115 देशों में भारत में टैक्स रेट दूसरा सबसे ऊंचा है। रिपोर्ट में शामिल देशों में भारत की तरह ही अप्रत्यक्ष कर प्रणाली लागू है।

दुनिया के 49 देशों में जीएसटी के तहत एक और 28 देशों में दो स्लैब हैं। भारत समेत पांच देशों में इसके अंतर्गत पांच स्लैब बनाए गए हैं। भारत के अलावा इनमें इटली, लक्जम्बर्ग, पाकिस्तान और घाना जैसे देश शामिल हैं। भारत को छोड़कर चारों देशों की अर्थव्यवस्था चुनौतियों का सामना कर रही है।

टैक्स रेट कम करने की सलाह
विश्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में टैक्स रेट कम करने के साथ ही कानूनी प्रावधानों और प्रक्रियाओं को सरल बनाने की सलाह दी है। साथ ही विश्व बैंक ने टैक्स रिफंड की धीमी रफ्तार पर भी चिंता जताई है।

इसमें इसका असर पूंजी की उपलब्धता पर पड़ने की बात कही गई है। रिपोर्ट में कर प्रणाली के प्रावधानों को अमल में लाने पर होने वाले खर्च को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। विश्व बैंक ने अंतरराष्ट्रीय अनुभवों के आधार पर भविष्य में स्थिति में सुधार आने की उम्मीद जताई है।

जीएसटी में पांच स्लैब
भारत सरकार द्वारा 1 जुलाई, 2017 को अमल में लाए गए जीएसटी के ढांचे में पांच स्लैब (0, 5, 12, 18 और 28 %) बनाए गए हैं। सभी वस्तुओं और सेवाओं को इसी दायरे में रखा गया है। सरकार ने कई वस्तुओं और सेवाओं को जीएसटी के दायरे से बाहर भी रखा है और कुछ पर काफी कम टैक्स लगाए गए हैं।

जैसे सोने पर 3% तो कीमती पत्थरों पर 0.25 % की दर से कर लगाया गया है। वहीं, शराब, पेट्रोलियम उत्पाद, रीयल एस्टेट पर लगने वाला स्टाम्प ड्यूटी और बिजली बिल को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है।

सरकार का स्लैब घटाने का वादा
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 12 और 18 % वाले स्लैब को एक करने का वादा किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि कर अदा करने में सुधार और राजस्व में वृद्धि के बाद ही यह कदम उठाया जाएगा। पिछले साल नवंबर में जीएसटी काउंसिल की गुवाहाटी बैठक में 28 % के स्लैब को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया गया था।

पहले इसके दायरे में 228 वस्तुओं एवं सेवाओं को रखा गया था, जिसे 50 तक सीमित कर दिया गया।
रिपोर्ट में कर सुधार प्रस्तावित करने के शुरूआती दिनों की समस्याओं पर भी ध्यान दिया गया लेकिन यहां कहा गया है कि जीएसटी को लागू करने की प्रक्रिया की शुरुआत समझा जाना चाहिए अंत नहीं।

उन्होंने कहा, “उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया पर सक्रियता दिखाते हुए सरकार कायार्न्वयन चुनौतियों को लेकर बहुत सतर्कता बरत रही है और जीएसटी को अधिक सरल और कुशल बनाने के लिए कदम उठा रही है।”

विश्व बैंक के अनुसार, शुरुआत बाधाओं के बावजूद जीएसटी कर संबंधी अवरोधों से लेकर व्यापार अवरोधों पर दूरगामी प्रभाव डाल रहा है जो इसे लागू करने के प्राथमिक लक्ष्यों में से एक था।

पांच शहरों में ट्रायल पर चलेंगे 10 रुपए के प्‍लास्टिक नोट

नई दिल्‍ली। केंद्र सरकार ने स्‍पष्‍ट किया है कि 2000 रुपए का नोट बंद नहीं किया जाएगा। वहीं, 10 रुपए का प्‍लास्टिक नोट ट्रायल के तौर पर पांच शहरों में चलाया जाएगा। शुक्रवार को सरकार ने यह जानकारी लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में दी।

नहीं बंद होगा 2000 का नोट
मिनिस्‍टर ऑफ स्‍टेट फॉर फाइनेंस पी. राधाकृष्‍णन ने लिखित जवाब में बताया कि सरकार का कोई इरादा नहीं है कि 2000 रुपए के नोट को बंद किया जाए। ना ही, आगे भविष्‍य में यह नोट बंद करने का कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन है।

इन पांच शहरों में चलेगा प्‍लास्टिक नोट
हालांकि प्‍लास्टिक करेंसी शुरू करने से संबंधित पूछे गए दूसरे सवाल के जवाब में उन्‍होंने कहा कि यह निर्णय लिया गया है कि ट्रायल के तौर पर 10 रुपए का प्‍लास्टिक नोट पांच शहरों में शुरू किया जाए। यह ट्रायल जल्‍द ही कोच्‍ची, मैसूर, जयपुर, शिमला और भुवनेश्‍वर में किया जाएगा। हालांकि उन्‍होंने कोई निश्चित तारीख नहीं बताई। उन्‍होंने कहा कि ये नोट इंडियन प्रेस में ही छपेंगे।

नवंबर 2016 में हुए थे बंद
गौरतलब है कि 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के बाद देश में 500 और 1000 रुपए के नोट का चलन बंद कर दिया गया था। प्रधानमंत्री के मुताबिक, ब्‍लैकमनी की वजह से यह कदम उठाया गया। इसके बाद 500 और 2000 रुपए का नए नोट चलन में आए। तब से ही यह चर्चा जोरों पर है कि सरकार ब्‍लैकमनी पर फिर से अंकुश लगाने के लिए 2000 रुपए का नोट बंद कर सकती है।

 

ऑनलाइन व्यवस्था से किसान हो रहे परेशान, नहीं बेच पा रहे फसल

कोटा।  भामाशाह मंडी में गुरुवार से शुरू हुई चने की समर्थन मूल्य पर खरीद व्यवस्था से दर्जनों किसान नाराज दिखे। वह अव्यवस्थाओं से परेशान होकर अपनी उपज वापस घर ले गए। बार-बार सरकारी ऑनलाइन व्यवस्था को कोसते नजर आए। चना बेचने आए अन्य किसानों ने बताया कि सरकार की किसानों की उपज खरीदने की मंशा ही नहीं है।

भामाशाह कार्ड की अनिवार्यता : किसानों को ऑनलाइन पंजीयन में ऐसा उलझाकर रख दिया कि वह चाह कर भी उपज को समर्थन मूल्य पर नहीं बेच पा रहा। सबसे ज्यादा परेशानी बटाईदार किसानों को आ रही है। खेत मालिक द्वारा नकल गिरदावरी उपलब्ध कराने के बावजूद भी बटाईदार किसान की उपज की तुलाई नहीं की गई। वहीं ऑनलाइन पंजीयन में भामाशाह कार्ड की अनिवार्यता से कई किसान परेशान दिखे।

भामाशाह मंडी स्थित खरीद केंद्र पर चने की तुलवाई के लिए राजफैड ने बुधवार को 73 किसानों को मैसेज भेजे हैं। यह मैसेज रात को सोने के बाद किसानों के मोबाइल पर आए। ऐसे में कई किसान तो मैसेज पढ़ ही नहीं पाए। जिन किसानों ने रात को ही मैसेज पढ़ लिए थे, वे सुबह चना बेचने पहुंचे। मंडी में गुरुवार को करीब 20 से ज्यादा किसान उपज बेचने पहुंचे। इनमें से आठ दस किसानों का ही चना समर्थन मूल्य पर तुल पाया।

सरसों, गेहूं खरीद केंद्र पर पसरा सन्नाटा
भामाशाह मंडी में सरसों व गेहूं के खरीद केंद्र पर दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। एफसीआई ने गेहूं खरीद केंद्र पर सिर्फ बैनर लगाया। वहीं हैंडलिंग एजेंट ने टेबल कुर्सी लगवा दी, लेकिन गुरुवार को एक भी किसान उपज बेचने नहीं पहुंचा। सरसों उत्पादक किसानों को मैसेज नहीं मिलने के कारण वे खरीद केंद्र पर उपज बेचने नहीं पहुंचे।

मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर हंगामे से नहीं हुआ विचार

नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं देने को लेकर तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार सुबह एनडीए से अलग होने का एलान कर दिया। इसके कुछ ही घंटों बाद पार्टी ने लोकसभा में मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नोटिस दिया।

एक नोटिस वाईएसआर कांग्रेस की तरफ से भी दिया गया। हालांकि, हंगामे की वजह से इस पर विचार नहीं हो सका और कार्यवाही स्थगित हो गई। उधर, इस मुद्दे पर कांग्रेस और लेफ्ट टीडीपी के साथ नजर आ रही हैं।

मोदी सरकार के खिलाफ पहली बार अविश्वास प्रस्ताव
– 2014 में मोदी के सत्ता में आने के बाद पहली बार कोई पार्टी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाई है। इसे स्पीकर सुमित्रा महाजन ने स्वीकार नहीं किया और सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी। अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस टीडीपी के टी. नरसिम्हन और वाईएसआर कांग्रेस के वाई वी सुब्बा रेड्डी ने दिया था।
– सुमित्रा महाजन ने कहा- “प्रस्ताव को सदन के समक्ष रखने के लिए वह बाध्य है, लेकिन इसके लिए सदन को व्यवस्थित होना चाहिए। सदन का जो माहौल है, उसमें उनके लिए प्रस्ताव का समर्थन और विरोध करने वाले सदस्यों की गिनती करना संभव नहीं है।”
– बता दें कि इस दौरान अलग-अलग पार्टियों के सांसद सदन में हंगामा और नारेबाजी कर रहे थे। उधर, टीडीपी और वाईएसआर ने कहा कि वे सोमवार को फिर से अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस देंगे।इससे पहले यानी गुरुवार को वाईएसआर कांग्रेस ने लोकसभा सचिवालय को अविश्वास प्रस्ताव लाने को नोटिस सौंपा था।
कैसे लाया जाता है अविश्वास प्रस्ताव?
-संसद में सरकार के खिला‌फ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए कम से कम सदन के 50 सदस्यों के समर्थन की जरूरत होती है।
– टीडीपी नेता सीएम रमेश ने कहा, “सोमवार तक हम अलग-अलग पार्टियों के 54 सांसदों से हस्ताक्षर ले आएंगे और फिर प्रस्ताव को और दमदार तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।”
– अगर वाईएसआर कांग्रेस और टीडीपी के सांसद दोनों भी अविश्वास प्रस्ताव के लिए समर्थन दे दें तो भी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता, क्योंकि जहां टीडीपी के पास 16 सांसद हैं तो वहीं वाईएसआर कांग्रेस के पास 9 सांसद हैं। दोनों को मिलाकर आंकड़ा सिर्फ 25 पहुंचता है।

टीडीपी को किसका समर्थन?
– मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के मामले में टीडीपी के साथ कांग्रेस, एआईएमआईएम और लेफ्ट पार्टियां दिख रही हैं। कांग्रेस के पास इस वक्त 48 सीटें हैं। वहीं सीपीआई के पास 9 और एआईएमआईएम के पास भी 1 सीट है।
सरकार चिंतित क्यों नहीं है?
– एनडीए में दल- 56 हैं। कुल 314 सांसद हैं। इसमें बीजेपी के 275 सांसद हैं। इनमें स्पीकर सुमित्रा महाजन भी शामिल हैं।
– लोकसभा में कुल सीट 540 हैं। बहुमत के लिए 271 आंकड़ा चाहिए।
– संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार ने कहा, “हम हर चीज का सामना करने के लिए तैयार हैं। हमने हमेशा विपक्ष से बैंकिंग अनियमितताओं, विश्वास या अविश्वास प्रस्ताव समेत सभी मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद को चलने में सहयोग करने के लिए कहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पूरे देश को भरोसा है। सदन के पास भी पूर्ण विश्वास है, इसलिए कोई समस्या नहीं है। हम पूरी तरह से आश्वस्त हैं।”

रेल आरक्षण केंद्र बंद नहीं होंगे : सरकार ने राज्यसभा में बताया

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नई दिल्ली। रेल मंत्रालय ने शुक्रवार को इस बात से साफ इनकार किया कि रेल टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग बढ़ने के कारण आरक्षण केंद्रों को बंद करने पर विचार किया जा रहा है। रेल राज्य मंत्री राजेन गोहेन ने ए. विजय कुमार के एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी।

गोहेन से सवाल किया गया था कि क्या सरकार रेल टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग की संख्या के बढ़ने रहने के कारण आरक्षण केंद्रों को बंद करने का विचार रखती है। इसके जवाब में गोहेन ने कहा, ‘इस समय ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।’ उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2017-18 में फरवरी, 2018 तक के दौरान आरक्षण केंद्रों से 11,62,55,931 टिकट बुक किए गए, जबकि 2016-17 में यह संख्या 14,03,30,264 थी।

उन्होंने बताया कि अभी देशभर में कुल 3458 आरक्षण केंद्र काम कर रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ वक्त से यह खबर आ रही थी कि ऑनलाइन बुकिंग में भारी बढ़तरी की वजह से रेलवे अपने आरक्षण केंद्रों को बंद करने या उनकी संख्या कम करने के बारे में सोच रहा है।

सोना 200 रुपये और सस्ता, चांदी की चमक भी फीकी

नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख और स्थानीय आभूषण निर्माताओं की मांग की नरमी के चलते दिल्ली के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोना 200 रुपये और टूटकर 31,250 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। यह पिछले एक माह का सबसे निचला स्तर है। चांदी भाव भी 150 रुपये गिरकर 39,250 रुपये प्रति किलोग्राम रहा।

दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोना 99.9 फीसदी और 99.5 फीसदी शुद्धता का भाव में 200 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 31,250 रुपये और 31,100 रुपये प्रति 10 ग्राम रहे। गुरुवार को सोने की कीमत में 65 रुपये रुपये की गिरावट आई थी। हालांकि गिन्नी की कीमत 24,800 रुपये प्रति आठ ग्राम पर स्थिर बंद हुई।

चांदी तैयार के भाव 150 रुपये की गिरावट के साथ 39,250 रुपये प्रति किलोग्राम रह गए। जबकि साप्ताहिक आधार पर डिलीवरी वाली चांदी का भाव भी 210 रुपये टूटकर 38,560 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। चांदी सिक्कों के भाव में भी 1,000 रुपये प्रति सैकड़ा के हिसाब से गिरावट आई।

इसके भाव 73,000 रुपये लिवाली और 74,000 रुपये बिकवाली प्रति सैकड़ा दर्ज किए गए। बाजार में स्थानीय खुदरा विक्रेताओं और आभूषण निर्माताओं की कमजोर मांग से सोने का भाव गिरा। इसके अलावा विदेशी बाजारों में भी कमजोर रुख से कीमतों पर दबाव देखा गया।

क्योंकि निवेशकों को अगले हफ्ते होने वाली फेडरल रिजर्व की बैठक का इंतजार है एवं डॉलर के मजबूत होने से सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग भी घटी है। वैश्विक बाजार में न्यूयॉर्क में सोना 0.64 फीसदी टूटकर 1,315.70 डॉलर प्रति औंस रहा। चांदी 0.85 फीसदी गिरकर 16.37 डॉलर प्रति औंस रही।

कोटा सर्राफा
चांदी 39300 रुपये प्रति किलोग्राम।
केटबरी 31300 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 36500 रुपये प्रति तोला।
शुद्ध 31450 रुपये प्रति दस ग्राम, सोना 36680 रुपये प्रति तोला।

मिलों की लिवाली से चना 100 रुपये उछला, गेहूं में नरमी

कोटा। भामाशाह अनाज मंडी में शुक्रवार को माल की कुल आवक 45 हजार बोरी और लहसुन  की  आवक 2000  कट्टे की रही । गेहूं मिल क्वालिटी 25 रुपये मंदा रहा। आवक की कमी से सोयाबीन 50 रुपये तेज बिकी। मिलों की लिवाली से चना 100 रुपये उछल कर 3200 से 3550 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुँच गया।

आवक की कमी से उडद  100 रुपये ऊँचा बोला गया। कोटा मंडी में 9000और रामगंजमंडी में 25 हजार बोरी धनिया की आवक है। दोनों मंडियों में धनिया के भाव मामूली घाट बढ़ पर सामान्य रहे। 

गेहूं मिल  1600 से 1625 लोकवान  नया 1600से 1800 पीडी  1600 से 1750 टुकडी 1625 से 1750 गेहूं नया 1650 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल। धान सुगंधा  2600 से 2851 पूसा-1 2500 से 2825 पूसा 4  (1121) 2500 से  3300 धान (1509) 2000 से 3150 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन 2400 से 3660 सरसो 3100 से 3850 तिल्ली  6000 से 7000 मैथी 2000 से 3100 मैथी नई 3550 धनिया  बादामी नया 3800 से 4400 ईगल  4000 से 4600 रंगदार 5000 से 7500 रुपये प्रति क्विंटल।  धनिया पुराना 3000 से 4250 रुपये प्रति क्विंटल। 

मूंग  3300 से 3800 उडद  2000 से 3351 चना 3200 से 3550 चना काबुली 5000 से 6000 चना पेपसी 3300 से 3500 चना  मौसमी  3000 से 3500 मसूर 3000 से 3450 रुपये प्रति क्विंटल। ग्वार 3000 से 3860 मक्का 1000 से 1250 जौ 1100 से  1200 ज्वार 1300 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल।  लहसुन नया  250 से 1800 रुपये प्रति क्विंटल।